निबंधन संख्या पी0टी0-40
बिहार गजट
बिहार सरकार kjk प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, inLFkkiu, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं। 2-14 भाग-1-क—Lo;alsod xqYeksa के समादे"Vkओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और eq[rkjh परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-jkT;iky और dk;kZ/;kksa द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। ---
भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और mPp U;k;ky; के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और jkT; गजटों के उ(cid:7373)रण।
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भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची i"B
i"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:LFkkपित विधेयक,उDr विधान मंडल में उपLFkkपित या उपLFkkपित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और mDr विधान मंडल में पुर:LFkkपन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की T;ss"B अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:LFkkfir विधेयक, संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:LFkkiu के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---
भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, U;k;ky; सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं bR;kfnA ---
पूरक
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पूरक-क 15-16बिहार गजट, 18 मार्च 2020 2 भाग-1 नियुक्ति, inLFkkiu] बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं। —————
वाणिज्य-कर विभाग
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अधिसूचना
12 मार्च 2020
सं0 6/गो0-34-2/2001-616/वा0कर0--श्री षिवानन्द मिश्रा, प्रधान न्यायाधीष, परिवार न्यायालय, सीतामढ़ी को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अध्यक्ष, वाणिज्य-कर न्यायाधिकरण, बिहार, पटना के पद पर नियुक्त किया जाता है। यह नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम तीन वर्षो के लिए अथवा उनकी पैतृक सेवा में वार्द्धक्य सेवानिवृति की तिथि (जो पहले हो) तक के लिए होगी।
2. श्री षिवानन्द मिश्रा को अध्यक्ष, वाणिज्य-कर न्यायाधिकरण के पद पर नियुक्ति की अवधि में उन्हें अपने पैतृक सम्वर्ग कोटि के वेतनमान् में वेतन देय होगा।
3. श्री षिवानन्द मिश्रा को न्यायिक सेवा के पदाधिकारी होने के कारण राज्य सरकार द्वारा जो सुविधा न्यायिक पदाधिकारी को देय है, वहीं सुविधा इन्हें भी अनुमान्य होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, डा0 प्रतिमा, राज्य-कर आयुक्त-सह-सचिव।
------- गृह विभाग (विशेेष शाखा) ------ अधिसूचना 6 मार्च 2020 सं॰ एल/एच॰जी॰-14-20/2019-2240--मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना द्वारा प्राप्त प्रस्ताव के आलोक में जिला समादेष्टा के रिक्त पदों के विरूद्ध कार्यवहन हेतु निम्न निरीक्षकों को अपने ही वेतनमान में प्रभारी जिला समादेष्टा के रूप में पदस्थापित किया जाता है :-
| क्र॰ सं॰ | नाम/पदनाम/ वरीयता क्रमांक/गृह जिला | वर्तमान पदस्थापन | प्रभारी जिला समादेष्टा के जिला का नाम |
| 1 | श्री मनीष कुमार, निरीक्षक, वरीयता क्रमांक-14/38, पटना | मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना | बेगूसराय |
| 2 | श्री अमन कुमार सिंह, निरीक्षक, वरीयता क्रमांक-15/38, सारण | मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना | बेतिया, अतिरिक्त प्रभार-बगहा |
| 3 | श्री शशिकान्त प्रसाद, निरीक्षक वरीयता क्रमांक-33/38, सीतामढ़ी | मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना | समस्तीपुर |
| 4 | श्री नलिन कुमार सिन्हा, निरीक्षक, वरीयता क्रमांक-34/38, मुंगेर | बिहार गृह रक्षा वाहिनी, छपरा | शेखपुरा |
2. जिला समादेष्टा के इन रिक्त पदाें पर सीधी नियुक्ति/नियमित प्रोन्नति से भरे जाने अथवा अगले आदेश, इनमें से जो भी पहले हो, तक के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है। 3. उपरोक्त सभी निरीक्षक अपने नए पदस्थापित पद पर योगदान करते हुए विभाग को शीघ्र प्रतिवेदित करेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
ह॰विमलेश कुमार झा, अपर सचिव।
------ जल संसाधन विभाग ------
vf/klwpuk,a 10 Qjojh 2020 सं0 7/आई-5-1001/19-255--लोक निर्माण विभाग के परिपत्र सं0-11380 दिनांक 31.05.71 के अनुसरण में जल संसाधन विभाग के लिए गठित परीक्षा समिति की अनुशंसा के आलोक में जल संसाधन विभाग, बिहार/लघु जल3 बिहार गजट, 18 मार्च 2020 संसाधन विभाग, बिहार अंतर्गत निम्नांकित सहायक अभियंताओं (असैनिक) को दिनांक 05.01.2020 से 06.01.2020 तक आयोजित द्वितीय अर्द्धवार्षिक व्यवसायिक परीक्षा 2019 में उत्तीर्ण घोषित किया जाता हैः-
| क्र0सं0 | नाम/पदनाम | पदस्थापन | अनुक्रमांक | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | इ0 बब्बन कुमार सिंह, सहायक अभियंता | बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, दरभंगा। | 1 | उत्तीर्ण |
| 2 | इ0 कपिल देव शर्मा, अवर प्रमंडल पदाधिकारी | सोन नहर अवर प्रमंडल, बिक्रमगंज, रोहतास। | 3 | उत्तीर्ण |
| 3 | इ0 अरविन्द कुमार, सहायक अभियंता | सिंचाई प्रमण्डल, वीरपुर | 6 | उत्तीर्ण |
| 4 | इ0 अरविन्द कुमार चौधरी, सहायक अभियंता | लघु सिंचाई प्रमण्डल, नवादा। | 7 | उत्तीर्ण |
| 5 | इ0 उपेन्द्र नाथ राय, सहायक अभियंता | बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमण्डल, बक्सर। | 11 | उत्तीर्ण |
| 6 | इ0 सुमन कुमार सिंह, अवर प्रमंडल पदाधिकारी | बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमण्डल, जयनगर। | 12 | उत्तीर्ण |
| 7 | इ0 कपिल मुनी उपाध्याय, सहायक अभियंता | स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल-2, झंझारपुर (मधुबनी)। | 14 | उत्तीर्ण |
| 8 | इ0 जय प्रकाष ठाकुर, प्राक्कलन पदाधिकारी | स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल-2, बनमनखी, पूर्णिया । | 15 | उत्तीर्ण |
आदेश से, दीपक प्रधान, अवर सचिव (प्रबंधन)।
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29 जनवरी 2020
सं0 8/से0सं0-17-01/2019-296--कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग सम्प्रति सामान्य प्रशासन विभाग के कार्यालय आदेश संख्या-467 दिनांक-16.12.98 के आलोक में जल संसाधन विभाग, बिहार के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन बिहार अभियंत्रण सेवा संवर्ग-2 के निम्नांकित 70 (सत्तर) सहायक अभियंताओं (असैनिक) को स्तम्भ-5 में अंकित तिथि से सहायक अभियंता (असैनिक) के पद पर सेवा संपुष्ट की जाती है :-
| क्रमांक | पदाधिकारी का नाम ग ृह जिला/जन्म तिथि | आई0 डी0 संख्या | प्रथम प्रभार/ विनियमन की तिथि | सेवा संपुष्टि की तिथि | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 1 | श्री क्रांति कुमार शर्मा लखीसराय/10.02.1961 | 3626 | 08.08.1988 | 05.08.2015 | |
| 2 | श्री शशि रंजन कुमार समस्तीपुर/28.12.1988 | 5230 | 24.02.2014 | 29.11.2016 | |
| 3 | श्री नवीन कुमार नालन्दा/25.10.1985 | 5231 | 18.02.2014 | 26.09.2017 | |
| 4 | श्रीमती मौली श्री पटना/11.06.1985 | 5234 | 17.02.2014 | 17.02.2016 | |
| 5 | श्री शशि सिन्हा वैशाली/02.01.1984 | 5237 | 03.03.2014 | 03.03.2016 | |
| 6 | श्री चन्द्र शेखर कुमार रोहतास/10.03.1985 | 5243 | 11.03.2014 (अप0) | 12.03.2016 | |
| 7 | श्री चन्द्र भूषण कुमार समस्तीपुर/24.01.1985 | 5244 | 29.05.2015 | 29.05.2017 | |
| 8 | श्री चंदन कुमार पटना/01.04.1986 | 5250 | 08.03.2014 (अप0) | 09.03.2016 | |
| 9 | श्री अभिषेक कुमार पटना/05.01.1987 | 5251 | 14.02.2014 (अप0) | 15.02.2016 | |
| 10 | श्री मनीष कुमार पटना/14.12.1984 | 5252 | 14.02.2014 (अप0) | 26.09.2017 | |
| 11 | श्री नरोत्तम ठाकुर मुंगेर/03.02.1983 | 5260 | 30.06.2014 | 26.09.2017 | |
| 12 | श्री संजीव कुमार गया/28.04.1982 | 5264 | 18.02.2014 | 29.11.2016 | |
| 13 | श्री राज कमल वर्मा नालंदा/04.09.1985 | 5265 | 29.05.2015 | 29.05.2017 | |
| 14 | श्री सुमन सौरभ सारण/27.11.1988 | 5266 | 28.02.2014 (अप0) | 29.02.2016 | |
| 15 | श्री शाहिद कमाल पलामू (झारखंड)/06.06.1985 | 5270 | 15.02.2014 | 26.09.2017 | |
| 16 | श्री चन्दन कुमार मिश्र मधुबनी/31.12.1984 | 5273 | 05.03.2014 | 05.07.2017 | |
| 17 | श्री अभिनव आनन्द नालंदा/21.09.1984 | 5284 | 17.02.2014 | 17.02.2016 | |
| 18 | श्री राजीव भगत बाँका/14.02.1988 | 5285 | 05.03.2014 | 05.03.2016 | |
| 19 | श्री विक्रम कुमार जमुई/10.03.1985 | 5291 | 14.03.2014 | 21.12.2016 | |
| 20 | श्री पवन कुमार पटना/15.02.1983 | 5293 | 26.02.2014 | 26.09.2017 | |
| 21 | श्री मनीष कुमार पटना/14.01.1985 | 5298 | 15.02.2014 | 15.02.2016 | |
| 22 | श्री अजीत कुमार पटना/24.08.1980 | 5306 | 16.04.2014 | 16.04.2016 | |
| 23 | श्री रवि कुमार गुप्ता पूर्वी चम्पारण/25.06.1982 | 5307 | 03.03.2014 | 03.03.2016 | |
| 24 | श्री अनुपम विजय दरभंगा/06.03.1983 | 5311 | 17.02.2014 | 17.02.2016 | |
| 25 | श्री रंजन प्रकाश बेगुसराय/07.05.1982 | 5325 | 07.03.2014 | 07.03.2016 | |
| 26 | श्री पीयूष प्रकाश रोहतास/05.12.1989 | 5329 | 03.03.2014 | 03.03.2016 | |
| 27 | श्री बाल्मीकि प्रसाद नवादा/03.10.1976 | 5330 | 06.03.2014 | 26.09.2017 | |
| 28 | श्री पुष्कर पटना/05.07.1984 | 5333 | 18.02.2014 | 18.02.2016 | |
| 29 | श्री अजीत कुमार हजरा प0 चम्पारण/21.02.1985 | 5340 | 13.05.2014 | 13.05.2016 | |
| 30 | श्री आलोक कुमार पटना/16.02.1989 | 5341 | 25.02.2014 | 25.02.2016 | |
| 31 | श्री राजीव कुमार चौधरी सारण/23.01.1985 | 5345 | 17.02.2014 | 17.02.2016 | |
| 32 | श्री गजेन्द्र शर्मा गोपालगंज/16.11.1985 | 5347 | 15.02.2014 | 15.02.2016 | |
| 33 | श्री शिव बच्चन कुमार जहानाबाद/29.12.1987 | 5349 | 24.02.2014 | 29.11.2016 | |
| 34 | श्री पंकज कुमार लखीसराय/05.02.1985 | 5350 | 20.02.2014 | 21.12.2016 | |
| 35 | श्रीमती प्रतिभा कुमारी औरंगाबाद/03.09.1986 | 5351 | 14.02.2014 (अप0) | 15.02.2016 | |
| 36 | श्री नेमी शरण गया/30.09.1984 | 5354 | 24.02.2014 (अप0) | 25.02.2016 | |
| 37 | श्री नवल किशोर कुमार प0 चम्पारण/07.05.1987 | 5355 | 12.03.2014 | 12.03.2016 | |
| 38 | श्री संतोष कुमार प्रभाकर रोहतास/21.12.1981 | 5356 | 19.02.2014 | 19.02.2016 | |
| 39 | श्री विकास कुमार नालंदा/02.02.1987 | 5357 | 17.02.2014 (अप0) | 18.02.2016 | |
| 40 | श्री प्रवीण कुमार दरभं गा/10.02.1985 ं | 5367 | 05.03.2014 | 26.09.2017 | |
| 41 | श्री मिथिलेश कुमार राम सारण/17.11.1987 | 5370 | 18.02.2014 | 29.11.2016 | |
| 42 | श्री विशाल कुमार अरवल/02.12.1986 | 5373 | 01.03.2014 | 01.03.2016 | |
| 43 | श्री राकेश कुमार पटना/20.12.1974 | 5374 | 27.02.2014 (अप0) | 26.09.2017 | |
| 44 | मो0 आएत करीम भागलपुर/25.12.1989 | 5376 | 01.03.2014 | 01.03.2016 | |
| 45 | श्री आशीष कुमार पटना/21.09.1987 | 5384 | 17.02.2014 | 17.02.2016 | |
| 46 | श्री पवन कुमार दास कटिहार/05.10.1986 | 5388 | 18.02.2014 | 18.02.2016 | |
| 47 | श्री विनय कुमार पटना/01.05.1979 | 5389 | 20.02.2014 | 20.02.2016 | |
| 48 | मो0 इकबाल अनवर पटना/28.02.1983 | 5394 | 26.12.2014 | 26.12.2016 | |
| 49 | श्री सवे र्श कुमार सिंह भागलपुर/01.01.1979 | 5395 | 04.03.2014 | 27.07.2016 | |
| 50 | श्री तनय कुमार पटना/08.09.1985 | 5401 | 18.02.2014 | 29.11.2016 | |
| 51 | श्री विमलेन्द्र कुमार बेगुसराय/02.08.1986 | 5414 | 21.02.2014 | 21.02.2016 | |
| 52 | श्री आशीष प्रसाद पटना/20.11.1985 | 5421 | 21.02.2014 | 26.09.2017 | |
| 53 | श्री राजीव रंजन शेखपुरा/25.05.1983 | 5430 | 18.02.2014 | 18.02.2016 | |
| 54 | श्री राजकुमार प्रसाद नवादा/10.11.1973 | 5447 | 10.03.2014 | 29.11.2016 | |
| 55 | श्री रवि कांत दास शेखपुरा/02.08.1986 | 5455 | 19.02.2014 | 19.02.2016 | |
| 56 | श्री धीरेन्द्र कुमार नालंदा/20.12.1985 | 5459 | 15.02.2014 | 15.02.2016 | |
| 57 | श्री प्रभाकर रंजन पटना/30.12.1982 | 5460 | 15.02.2014 | 05.07.2017 | |
| 58 | श्री रवि रंजन सिन्हा पटना/25.06.1985 | 5464 | 21.02.2014 | 21.02.2016 | |
| 59 | श्री नीलोत्पल बिपिन कटिहार/17.02.1985 | 5466 | 18.02.2014 (अप0) | 26.09.2017 | |
| 60 | श्री उपेन्द्र कुमार पटना/01.03.1984 | 5467 | 15.02.2014 | 27.07.2016 | |
| 61 | श्री गौतम कुमार शेखपुरा/28.02.1986 | 5469 | 05.03.2014 | 29.11.2016 | |
| 62 | श्री विजय कुमार प्रिंस वैशाली/06.01.1984 | 5477 | 22.02.2014 | 26.09.2017 | |
| 63 | श्री कन्हैया प्रसाद भोजपुर/25.03.1971 | 5485 | 15.02.2014 | 21.12.2016 | |
| 64 | श्री रविकान्त कुमार नालंदा/05.02.1983 | 5486 | 15.02.2014 | 15.02.2016 | |
| 65 | श्री अखिलेश कुमार पटना/03.08.1973 | 5490 | 15.02.2014 | 15.02.2016 | |
| 66 | श्री प्रभात कुमार समस्तीपुर/12.12.1980 | 5491 | 20.02.2014 | 26.09.2017 | |
| 67 | श्री अमर प्रसाद पटना/08.12.1979 | 5493 | 15.02.2014 | 15.02.2016 | |
| 68 | श्री राजेश कुमार बांका/31.07.1983 | 5499 | 11.03.2014 | 13.12.2017 | |
| 69 | श्री संजीव कुमार वैशाली/01.03.1977 | 5500 | 18.02.2014 | 26.09.2017 | |
| 70 | श्री सुनील कुमार पटना/01.03.1977 | 5505 | 19.09.2014 | 26.09.2017 |
2. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार राज्यपाल के आदेश से, दीपक प्रधान, अवर सचिव (प्रबंधन)।
-------- समाहरणालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी (जिला स्थापना शाखा) ------- आदेश 16 जनवरी 2020 सं0 08--श्री रामाशीष कुमार, अंचल नाजिर-सह-प्रधान लिपिक, तत्कालीन घोड़ासहन, अंचल वर्तमान हरसिद्धि प्रखण्ड को अंचलाधिकारी, घोड़ासहन के पत्रांक-16 दिनांक 12.01.2016 द्वारा सूचित किया गया था कि श्री राजकिशोर दास, वल्द स्व0 चुलाई दास, ग्राम-घोड़ासहन एवं अन्य पाँच व्यक्तियों के साथ अंचल कार्यालय में अवस्थित कागजातों के साथ छेड-़छाड़ करते हुए पकड़ा गया । कागजातों के साथ छेड़-छाड़ करने के आरोप में श्री कुमार एवं अन्य छः व्यक्तियाें के विरूद्ध अंचलाधिकारी, घोड़ासहन द्वारा थाना में आई0पी0सी0 की धारा-447/467/ 468/ 471/ 472/ 406/ 409/420 एवं 120 (बी0) 34 के तहत् प्राथमिकी संख्या-273/15 दर्ज कराई गई। प्राथमिकी के आधार पर श्री रामाशीष कुमार, को दिनांक 02.08.2015 को गिरफ्तार कर कारानिरूद्ध किया गया। श्री कुमार द्वारा दिनांक 06.12.2015 को न्यायालय के आदेश से जमानत पर मुक्त होने के बाद दिनांक 07.12.2015 को अपना योगदान घोड़ासहन अंचल में दिया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के भाग IV के नियम 09 (02) (क) के आलोक में कारानिरूद्ध की अवधि दिनांक 02.08.2015 से दिनांक 06.12.2015 तक निलम्बित किया गया तथा श्री कुमार द्वारा जमानत पर मुक्त होने के पश्चात् दिनांक 07.12.2015 को दिये गये योगदान को उक्त नियमावली के नियम 09 (03) (1) के आलोक में स्वीकृत करते हुए दिनांक 07.12.2015 को इस कार्यालय के आदेश ज्ञापांक-216 दिनांक 16.03.2016 से निलम्बन मुक्त किया गया। श्री रामाशीष कुमार नाजीर-सह-प्रधान लिपिक घोड़ासहन अंचल पर बाहरी व्यक्तियाें के साथ मिलकर घोड़ासहन, अंचल में अवस्थित कागजातों के साथ छेड़-छाड़ करने जैसा गंभीर आरोप है तथा अंचलाधिकारी घोड़ासहन द्वारा इस कृत्य में शामिल ग्रामीण श्री राज किशोर दास एवं श्री जयमंगल राय के घर की तलाशी के क्रम में श्री कुमार के प्रभार से संबंधित अंचल कागजातों को जब्त भी किया गया है। ऐसी स्थिति में श्री कुमार के कार्यालय में. बने रहने से साक्ष्य के साथ छेड़-छाड़ करने एवं उन्हें विनष्ट करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में इस कार्यालय के आदेश ज्ञापांक-217 दिनांक 16.03.2016 से बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के भाग-V के नियम 09 (03) 11 के आलोक में श्री कुमार को दिनांक 08.12.2015 के प्रभाव से पुनः निलम्बित करते हुए उनका मुख्यालय फेनहारा अंचल निर्धारित किया गया तथा प्रपत्र ''क'' में आरोप पत्र गठित करते हुए अपर समाहर्त्ता (विभागीय जाँच), पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के संचालन पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी, घोड़ासहन को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। अपर समाहर्त्ता (विभागीय जाँच), पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के पत्रांक-20 दिनांक 02.02.2018 के द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन भेजा गया, जिसमें श्री कुमार के विरूद्ध आरोपित बिन्दुओं को सत्यापित नहीं पाने जाने तथा आरोप संख्या-1 एवं 2 के संबंध में दर्ज प्राथमिकी संख्या-273/2015 लंम्बित रहने के कारण माननीय न्यायालय के न्यायादेश के फलाफल पर अग्रेतर कार्रवाई करने की अनुशंसा की गई। श्री कुमार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी0डब्लू0जे0सी संख्या-10923/2016 दायर किया गया था, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 19.05.2017 को पारित आदेश द्वारा श्री कुमार के निलम्बन समाप्ति के आवेदन का निष्पादन नियमानुसार 4 सप्ताह के अन्दर करने का आदेश पारित किया गया। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में विभागीय कार्यवाही में प्राप्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य पर समीक्षोपरान्त असहमत होते हुए पुनः विभागीय कार्यवाही को संचालित करने का निदेश के साथ इस कार्यालय के आदेश ज्ञापांक-520 दिनांक 27.03.2018 से श्री कुमार को निलम्बन मुक्त करते हुए घोड़ासहन अंचल में पदस्थापन को बरकरार रखते हुए संग्रामपुर अंचल में प्रतिनियुक्त किया गया। पुनः इस कार्यालय के आदेश ज्ञापांक-679 दिनांक 08.05.2018 से विभागीय कार्यवाही को संचालित करने हेतु प्रभारी अपर समाहर्त्ता (विभागीय जाँच) पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को संचालन पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी घोड़ासहन को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्त्ता (विभागीय जाँच), पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के पत्रांक-32 दिनांक 06.08.2019 एवं अभिलेख सं0-02/2018-19 दिनांक 06.08.2019 से संचालन प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है जो निम्नवत हैः-बिहार गजट, 18 मार्च 2020 8
| क्र0 | आरोप का विवरण | आरोपी का स्पष्टीकरण | उपास्थपन पदाधिकारी का मंतव्य | स्ांचालन पदाधिकारी का मंतव्य एवं अनुशंसा |
| 1 | दिनांक 02.08.2015 को रविवारीय अवकाश होने के बावजूद आपके द्वारा अंचल कार्यालय खोला गया एवं अपने साथ 06 अन्य ग्रामीणों को भी कार्यालय में प्रवेश कराया गया। अंचला- धिकारी घोड़ासहन द्वारा कार्यालय में संधारित बी0पी0 एच0 टी0 पंजी ग्रामीणों के हाथ में पाई गयी। यह पंजी आपके प्रभार में है। अंचला -धिकारी द्वारा पंजी के अवलोकन के स्पष्ट हुआ कि इस पंजी में कई स्थानों पर अंकित प्रविष्टि को कलम से काटा गया है। आपका यह कृत सरकारी कागजात से छेड-़छाड़ करने एवं उसमें अंकित प्रविष्टियों को साजिश पूर्वक धोखाधड़ी क े इरादे से विनष्ट करने कर स्पष्ट प्रमाण है। (बी0पी0एच0टी0 प जी ं के काटे गये पृष्ठ) | दिनांक-02.08.15 को रविवारीय अवकाश होने के बावजूद भी अंचलाधिकारी क े द्वारा सरकारी लंबित कार्य को निष्पादन के लिए मौखिक आदेश के साथ दूरभाष से भी खबर दिया नहीं जाना चाहिए था। चूॅकि इनके द्वारा रविवारीय अवकाश का उलंधन किया गया है। रविवारीय अवकाश का स्मरण हो अथवा नहीं हो एक सोची-समझी साजिश तथा शड्यंत्र के तहत फसाने के उद्देश्य से आदेश दिया गया था। भवदीय को आदेश मौखिक हो अथवा या दूरभाष से हो, आदेश का पालन नहीं करने वाले कर्मी कोई भी हो लापरवाही एवं अनुशासनहीनता माना जाता है। उक्त तिथि को अंचल गार्ड एवं अंचलाधिकारी के समक्ष ही लंबित सरकारी कार्य किया जा रहा था। कुछ समय के बाद भवदीय बाहर गये और प ुनः कार्यालय म अन्य छः ं े े लोगो के साथ कार्यालय ं आए और अपने बेग से चाभी निकाल कर अपने गोदरेज में रखे बी0 पी0 पी0 एच0 टी0 प जी ं निकाल कर मेरे कलम के स्याही से मिलान करने लगे। जब उक्त पंजी मेें पूर्व से कटिंग थी। उक्त पंजी मेंरे प्रभार में नहीं है। बंदोबस्ती करने वाले सहायक के पास रहती है। कार्यालय के प्रधान होने के नाते इन्हें योगदान के दिन ही पंजी पर कटिंग की जानकारी दी गई थी तथा अपने पास गोदरेज में रखे थे और ग्रामीणों को कटिंग से अवगत कराया जा रहा | संबंधित लिपिक द्वारा स्पष्टीकरण में स्पष्ट नहीं किया गया ह ै कि व े रविवार को किस लंबित कार्य का सम्पादन कर रहे थे। बी0 पी0 पी0 एस0 टी0 पंजी अगर संबंधित सहायक के प्रभार में नहीं था तो आखिर किसके प्रभार में था इसका उल्लेख स्पष्टीकरण म ं े नहीं ह ै। पदाधिकारी द्वारा इस पंजी को अपने अलमीरा में रखा गया था तो स बंधित ं सहायक द्वारा इसकी सूचना किसी वरीय पदाधिकारी को दी गई या नहीं इसका भी उल्लेख इस स्पष्टीकरण में कही नहीं है। विदित हो कि कोई भी पदाधिकारी किसी भी पंजी का प्रभारग्राही नहीं होता ह ै। प जी में ं कटिंग अगर आरोपी द्वारा नहीं किया गया था या इनके प्रभार में यह पंजी नहीं था तो पदाधिकारी द्वारा इनके स्याही से मिलान कराने का औचित्य क्या था। इस प्रकार इनका स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं है अभियोग सत्य है। | आरोपी के विरूद्ध लगाये गये आरोप पर आरोपी केे द्वारा जवाब दिया गया है कि सरकारी कार्यो के निष्पादन ह तु े अंचल अधिकारी के द्वारा दूरभाष पर खबर दिया गया एवं लंबित कार्य का निष्पादन ं अंचल गार्ड एवं अ चल ं अधिकारी के समक्ष ही किया जा रहा था। कुछ समय के बाद छः लोगों के साथ अंचल- अधिकारी कार्यालय आये एवं अपने बैग से चाभी निकालकर अपने गोदरेज में रखे BPPHT पंजी निकाल कर मेरे कलम केे स्याही से मिलान करने लगे यह पंजी बन्दोवस्ती करने वाले लिपिक के पास रहती है। कार्यालय प्रधान होने के नाते इन्हें योगदान के दिन ही पंजी पर कटिंग की जानकारी दी गई थी प्राथमिकी में भी लंबित कार्य करने का उद्देश्य प्रविष्ट है। शड्यंत्र के तहत फंसाने का उल्लेख किया गया है, उप स्थापन पदाधिकारी के द्वारा अपने मंतव्य में उल्लेख किया गया है कि रविवार को किस लंबित कार्य का सम्पादन कर रहे थे एवं BPPHT पंजी आरोपी के प्रभार मे ं नहीं था तो किसके प्रभार में था इसका उल्लेख नहीं किया गया है। कोई पदाधिकारी किसी पंजी का प्रभारग्राही नहीं होता है। स्पष्टीकरण को संतोषप्रद नहीं माना गया है। अंचल अधिकारी विशेष कार्यवश विशेष परिस्थिति में सभी सहायकोें को रविवारीय अवकाश केे दिन कार्यालय खोलने का आदेश दे सकते है लेकिन इस संबंध मे आरोपी केे ं द्वारा कोई साक्ष्य प्रस्तुत |
| था। दर्ज प्राथमिकी में भी लंबित कार्य करने का उदेश्य प्रविष्ट है। इस प्रकार मुझें पर लगाये गए आरोप निराधार गलत है। क्योकि मुझसे आर्थिक लाभ नहीं मिलने के कारण शड्यंत्र के तहत मेरे छबि को ठेस पहु ँचाने का शड्यंत्र रचा गया था। मैं एक कर्मठ एवं सम्मानित हॅू। मुझें अब सरकारी सेवा मान तीन वर्ष शेष रह गये हैं तथा मेरा सेवा अवधि में प्रथम घटना है। | नहीं किया गया है। जहॉ तक BPPHT पंजी मे ं कटिंग होने का प्रश्न है तो आरोपी कार्यालय केे प्रधान लिपिक थे तो इस बात की जानकारी पूर्व से उन्हें थी तो अपने पदाधिकारी को लिखित रूप म अवगत ं े कराना चाहिए था लेकिन आरोपी के द्वारा BPPHT पंजी मेें कटिंग होने की पूर्व सूचना नहीं दी गई। आरोपी केे जबाब एंव उप स्थापन पदाधिकारी क े मंतव्य के परिशीलन से पता चलता है कि आरोपी के द्वारा रविवार को कार्यालय में खोलने एवं पंजी को अपने पास रखने एवं पंजी मे कटिंग का ं आरोप प्रमाणित है। | |||
| 2 | दिनांक- 02.08.2015 को आपके साथ अनाधिकृत रूप स े अंचल कार्यालय में उपस्थित ग्रामीण श्री राजकिशोर दास एवं श्री जयमंगल राय के घर की तलाशी अनुमण्डल पदाधिकारी, सिकरहना (ढ़ाका) द्वारा ली गयी। तालाशी के क्रम में आपके प्रभार से संबंधित अ चल ं कार्यालय के दस्तावेज इन लोगों के घर से बरामद ह ुए। इससे स्पष्ट है कि उक्त तिथि को अंचल में उपस्थित ग्रामीणों के साथ आपकी स लिप्तता ं ह ै एवं आपके द्वारा इनलोगों के साथ मिलकर अंचल कागजातों के साथ छेड़-छाड़ की जाती है। आपका यह कृत आपकी जालसाजी प्रवृति एवं नैतिक विहीनता का ज्वलंत उदाहरण है। (श्री राजकिशोर दास एवं श्री जयमंगल राय | अंचलाधिकारी द्वारा अनाधिकृत रूप से पंजी में पूर्व से कटिंग की मिलान करने हेतु प्रवेश कराया था। वहॉ अंचल गार्ड भी था। श्री राज किशोर दास प्रायः अंचल कार्यालय में जाकर उत्तराधिकारी से मिला करता था। चॅूकि कार्यालय मे ं सी0सी0टी0वी0 कैमरा का देखा जा सकता है। श्री दास एवं जयमंगल राय के घर से तालाशी अनुमंडल पदाधिकारी सिकरहना (ढ़ाका) द्वारा ली गई। तालाशी केेे क्रम में आपके प्रभार स े संबंधित दास्तावेज इन लोगो के घर से बरामद ं हुए। तालाशी के क्रम में अनुमंडल पदाधिकारी महोदय के सहयोग हेतु मैं भी साथ-साथ उन लोगो के घर गया था। मामला न्यायालय के अधीन है। चूॅकि बरामद दास्तावेज जप्ति सूचि के अवलोकन से भी प्रतित होता है। मेरे प्रभार से कोई संबंध साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी महोदय द्वारा किसी भी | इस स्पष्टीकरण में आरोपी द्वारा उल्लेख किया गया है कि अंचलाधिकारी के कक्ष में और कार्यालय में सी0सी0टी0वी0 कैमरा लगी हुई थी मेरे स्थानांतरण के पश्चात् से ही मेरे कक्ष मे ं या कार्यालय मे सी0सी0 ं टी0वी0 कैमरा लगा हुआ नहीं है। राजकिशोर दास के घर स े बरामद दास्तावेज अगर संबंधित सहायक की नहीं थी तो आखिर किस सहायक की थी इसकी जानकारी इस स्पष्टीकरण म ं े नहीं ह ै जबकि प्रधान सहायक होने केे नाते इन्हें इसकी जानकारी होनी चाहिए थी और इस बात का स्पष्ट उल्लेख आरोपित द्वारा किया जाना चाहिए था। स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं है। आरोप सत्य है। | आरोपी के विरूद्ध लगाये गये आरोप पर आरोपी के द्वारा समर्पित जवाब म ं े उल्लेख किया गया है कि अनुमंडल पदाधिकारी सिंकरहना के द्वारा तलाशी के क्रम मे उनके द्वारा ं सहयोग किया गया। मामला न्यायालय के अधीन है। आरोपी के जवाब पर उप स्थापन पदाधिकारी के मंतव्य में उल्लेख किया गया है कि राज किशोर दास के घर से बरामद कागजात आरोपी की नहीं थी तो किस लिपिक की थी इसका उल्लेख आरोपी के द्वारा अपने जवाब मेें नही किया गया है। प्रधान लिपिक होने के नाते इन्हें इसकी जानकारी होनी चाहिए थी। इसका उल्लेख अपने जवाब में नहीं किया गया है एवं आरोप को सत्य माना गया है। आरोपी के जवाब एवं उपस्थापन पदाधिकारी के मंतव्य से पता चलता है कि राज किशोर दास एवं जयमंगल राय के घर की तलाशी अनुमंडलपदाधिकारी सिकरहना के द्वारा लिया |
| के घर की तलाशी मे ं प्राप्त दस्तावेज की जप्ती सूची)। | अभियुक्त से स्वीकारोक्ती ब्यान नहीं लिया गया है। इस प ्रकार लगाए गए आरोप मनगढ़त निराधार है। | गया एवं कागजात प्राप्त होने पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई आरोपी द्वारा उनका कागजात नही होने का उल्लेख किया ह ै लेकिन जप्त कागजात किसका था उसका नाम नहीं दिया गया है। अतः यह आरोप प्रमाणित है। | ||
| 3 | अंचल निरीक्षक, घोड़ासहन द्वारा बनाये गये रिर्टन तथा नाजिर रसीद क े अनुसार वित्तीय वर्ष- 2014-15 की कुल राजस्व वसूली मो0- 15,21,169/ - रू0 है। परन्तु आपके द्वारा मात्र 11,87,328/ - रू0 ही चलान द्वारा कोषागार में जमा किया गया है। अवशेष राशि मो0- 3,33,841/- रू0 को जमा करने हेतु घोड़ासहन अ चल के ं ज्ञापांक-1038 दिनांक- 10.12.2015 तथा 1068 दिनांक-23.12.2015 द्वारा आपको स्मारित भी किया गया ह ै। परन्तु आपके स्तर से इस संबंध में न तो कोई जवाब दिया गया और न ही राशि जमा करने के संबंध में कोई कार्रवाई की गयी। आपका यह कृत वित्तीय अनियमितता , गबन, मनमाने ढ़ ग से कार्य ं करने की प्रवृति एवं कार्यालय प ्रधान क े निदेशो की अवहेलना ं का स्पष्ट प्रमाण है। | वित्तीय वर्ष- 2014-15 मेें से कुल राजस्व वसूली मो0 15,21,169,00 रु0 होता है। म रे े द्वारा कोषागार में चलान से मो0-11,87,320,00 रु0 जमा किया जा चुका है। शेष राशि मो0 3,33,841,00 रु0 जमा किया जाना था। किन्तु पूर्व मे प्रतिनियुक्त नोडल ं पदाधिकारी महोदय द्वारा भी निदेश दिया गया था कि किसी भी परिस्थिति में आर0टी0पी0एस0 का कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। उक्त परिस्थितिवश जिलाधिकारी महोदय, के आदेश ज्ञापांक- 102/आर0टी0पी0एस0 मोतिहारी दिनांक-05.06. 2012 केे द्वारा निर्गत पत्र सभी अंचलाधिकारी को आदेशित ह ै कि आर0टी0पी0एस0 काउंटर हेतु प्रयुक्त जेनरेटर के खराब होने अथवा अन्य अपरिहार्य कारणवश बंद होने की स्थिति मे अपने ं कार्यालय में राजस्व विभाग या अन्य स्त्रोत से उपलब्ध राशि से आर0टी0पी0एस0 के कार्याे का निष्पादन किया जाना है। इस प्रकार अवशेष व्यय की गई राशि मो0 3,33,841,00 रु0 तथा कोषागार में जमा राशि मो0 11,87,328,00 रु0 कुल मो0 15,21,169,00 रु0 मूलधन के बराबर होता है। वर्ष 2014-15 में आर0टी0पी0एस0 मद में प्राप्त आवटंन से मेरे द्वारा व्यय राशि का सामंजन करने के लिए विपत्र तैयार किया गया। किन्तु अंचलाधिकारी क े अहंकारीवश आनन-फानन में विपत्र मुझ से छिनकर प्रखंड कार्यालय क े सहायक श्री सुनिल कुमार मिश्रा को जबरन प्रभार दिला दिया गया। जिससे अवशेष राशि का सामंजन नहीं कराया जा सका था। जबकि उक्त उवशेष राशि का सामंजन करने का दायित्व उन्हें बनता है। जबकि पारित अभिश्रव सामंजन करने योग्य है। इस प्रकार इसमें लगाए आरोप मनगढ़ त है। ं ं | इस संबंध मे कार्यालय में ं उपलब्ध अभिश्रव एवं नाजीर से पुछ-ताछ करने पर बताया गया कि अभिश्रव उपलब्ध है जो समायोजित नहीं ह ै। स्पष्टीकरण सही है। | आरोपी के विरूद्ध लगाये गये आरोप के संबंध मे ं आरोपी के द्वारा अपने जवाब में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2014-15 मेें कुल राजस्व 15,21,169. 00 की वसूली हुई जिसमें 11,87,328.00 चालान से जमा करा दिया गया शेष राशि का RTPS कार्य को प्रभावी बनाये रखने मेे ं 3,33,841.00 में व्यय किया गया था जिसका समायोजन प्राप्त आंवटन मे ं से किया जाना था जो नही किया गया एवं नजारत के प्रभार से हटा दिया गया। उप स्थापन पदाधिकारी के द्वारा अपने मंतव्य मे ं उल्लेख किया गया है कि अभिश्रव उपलब्ध ह ै समायोजित नहीं है इस तरह आरोपी के जवाब एवं उप स्थापन पदाधिकारी के मंतव्य के परिशीलन से यह आरोप सत्य नहीं हैं। |
| 4 | उपर्युक्त कंडिका-03 में वर्णित राजस्व की अवशेष राशि मो0- 3,33,841/- रू0 एवं वित्तीय वर्ष- 2015-16 में प्राप्त राशि-3,16,517 /- रू0 आपके द्वारा कोषागार में जमा नहीं की गई है। राशि जमा नहीं करने के संबंध में पूछ-ताछ करने पर आपके द्वारा बताया गया कि इस पैसे का व्यय आर0टी0 पी0एस0 कार्य में किया गया है। नियमानुसार राजस्व मद में प्राप्त राशि को प्राप्ति के दूसरे दिन कोषागार में जमा करना है। इस राशि का विचलन नहीं करने का भी सरकार द्वारा निदेश निर्गत है। आपके द्वारा राजस्व मद की राशि का बिना सक्षम आदेश के अन्य मदो में विचलन करना आपके उद्दण्ड एवं मनमाने ढ़ ग से कार्य ं करने की प्रवृति को परलक्षित करता है। आपका उपर्युक्त कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली - 1976 के नियम 3(i) | वित्त्तीय वर्ष-2015-16 में मो0- 2,27,250/-रू0 आर0टी0 पी0 एस0 एवं चालक के पारिश्रमिक में गाड़ी, ईंधन, जेनरेटर, अग्निकांड, इत्यादि में नाजिर रसीद से प्राप्त आय स े अंचलाधिकारी महोदय के आदेश पर व्यय हुई है। उक्त पारित अभिश्रव अंचल नारिज श्री मिश्रा को मो0 17,75,476,00/रु0 लिये गये प्रभार मे निहीत है। ं तथा अग्निकांड का कुछ अभिश्रव अ चलाधिकारी ं महोदय द्वारा बनवाये गये इन्भेन्ट्री मे इधर से उधर ं हुआ है। इस प्रकार लगाए गए आरोप मनगढ़ंत एवं गलत है। | इन्भेन्ट्री मजिस्ट्रेट के सामने बनायी जाती है अतः इसमें हेरा-फेरी होने की कोई संभावना नहीं है। अतः अभिश्रव कम है तो इसकी सम्पूर्ण जिम्मेवारी संबंधित नाजीर / आरोपी की है। स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं है। आरोप सत्य है। | यह आरोप कंडिका 3 का पूरक है। एवं वित्तीय वर्ष-15-16 में प ्राप्त राशि- 3,16,517.00 को कोषागार में जमा नहीं कराने के संबंध में आरोपी द्वारा उल्लेख किया गया है कि वर्ष-2015-16 में मो0 3,27,250/ रु0 RTPS एवं चालक के पारिश्रमिक, गाड़ी ईंधन, ज नरेटर, े अग्निकांड आदि में व्यय हुआ। पारित अभिश्रव अंचल नाजीर सुनिल मिश्रा को 17,75,476/रु0 का प्रभार दिया गया यह अभिश्रव अंचल अधिकारी द्वारा बनाये गये इन्भेन्ट्री में इधर-उधर हुआ है। उप स्थापन पदाधिकारी से प्राप्त मंतव्य में उल्लेख किया गया है कि इन्भेन्ट्री मजिस्ट्रेट के सामने बनाई े जाती है अतएव हेरा-फेरी की कोई सम्भावना नहीं है। अभिश्रव कम होने की जिम्मेवारी आरोपी की है। इस तरह आरोपी के विरूद्ध लगाये गये आरोप उप स्थापन पदाधिकारी के द्वारा आरोपी क े े जवाब पर समर्पित म तव्य ं के परिशीलन से आरोपी केे विरूद्ध लगाया गया आरोप |
| (ii) और (iii) के प्रतिकूल है। (एपेन्डिक्स सी0 एवं वित्तीय वर्ष- 2015-16 की नाजिर रसीद) | प्रमाणित है। |
संचालन पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्त्ता (विभागीय जॉच) पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध लगाये गये आरोप को प्रमाणित पाये जाने पर इस कार्यालय के ज्ञापांक-919 दिनांक 19.08.2019 द्वारा श्री कुमार से द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गई। आरोपी कर्मी श्री कुमार द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित किया गया। कारण पृच्छा में उल्लेख किया गया है कि गोदरेज में रखे बी0पी0एच0टी0 पंजी में पूर्व से कटिंग थी, इसकी जानकारी इनके पूर्व के अंचलाधिकारी को भी थी उपस्थापन पदाधिकारी के योगदान के तीन दिनों पर इसकी जानकारी दी गई थी। श्री राजकिशोर दास तथा श्री जयमंगल राय दोनों आदमी पूर्व से किसी राजस्व कर्मचारी के साथ कार्य किया करता था। जिससे इनलोगों के घर से बरामद कागजात किसी राजस्व कर्मचारी से संबंधित है। इनके घर से बरामद कागजात से कोई संबंध नहीं है। उपस्थापन पदाधिकारी के ज्ञापांक-360 दिनांक 12.06.2016 के द्वारा निर्गत पत्र में काण्ड संख्या 273/15 कायम करने पूर्व अंचल नाजीर-सह- प्रधान सहायक से अंचलाधिकारी द्वारा स्पष्टीकरण नहीं पूछा गया है। अंचलाधिकारी द्वारा कार्यालय में उपलब्ध बी0पी0एच0टी0 पंजी ग्रामीणों के हाथ से पाई गई तो काण्ड संख्या-273/15 के जब्त सूची के साथ होना चाहिए था जो कार्यालय में उपलब्ध है। सरकारी कागजात में छेड़-छाड़ करने उसमें अंकित प्रविष्टियों को विनष्ट करने का आरोप निराधार बताया गया है। घोड़ासहन थाना काण्ड सं0-273/15 प्राथमिकी में दिनांक 02.08.2015 से घोड़ासहन थाना में जब्त किये गये कागजात किस कर्मी से संबंधित है, बताना संभव नहीं है। अलग से प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
उपस्थापन पदाधिकारी के ज्ञापांक-143 दिनांक 24.02.2016 द्वारा निर्गत पत्र का अवलोकन किया जाय। पूर्व अंचल नाजीर मनोहर लाल मंडल द्वारा एन0आर0 से दिनांक 23.08.2014 से 29.09.2014 तक कुल-1,45,380 (एक लाख पैतालीस हजार तीन सौ अस्सी) रू0 काटे गये किन्तु इनके द्वारा चालान से जमा राशि शून्य है। जिसका प्रभाव भी पड़ रहा है। उनका यह भी कथन है कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में एन0आर0 से राजस्व वसूली मो0-15,21,169=00 (पन्द्रह लाख एक्कीस हजार एक सौ उन्हत्तर) रू0 आदेशानुसार कोषागार चालान से 11,87,320=00 (ग्यारह लाख सतासी हजार तीन सौ बीस) रू0 जमा किया जा चुका है। शेष राशि जमा 3,33,841=00(तीन लाख तैतीस हजार आठ सौ एकतालीस) जो प्रशासनिकहीत एवं जनहित में आदेशानुसार व्यय किया था, निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी द्वारा मो0-333841=00 रूपये का अभिश्रव संतुष्ट होकर पारित किये गये हैं। पारित अभिश्रव सामंजन योग्य है। वित्तीय वर्ष-2015-16 में 2,27,250=00 रूपये आर0टी0पी0एस0 एवं चालक के पारिश्रमिक, गाड़ी, ईधंन, जरनेटर अग्नि काण्ड आपदा आदि पर नाजीर रसीद से प्राप्त आय से निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के आदेश से खर्च हुई है। उक्त पारित अभिश्रव अंचल नाजीर सुनील कुमार मिश्रा को मो0 1775476 रूपये का दिये गये प्रभार में निहित है। यह अभिश्रव अंचलाधिकारी द्वारा बनाये गये इंभेन्ट्री से इधर-उधर से अभिश्रव को खोज कर उपलब्ध करा दिया गया है। वित्तीय वर्ष-2015-16 में आर0टी0पी0एस0 मद में प्राप्त आवंटन 100000=00 (एक लाख) रूपये में से बिल न0.-88/2015-16 मो0-99980 एवं बिल न0-89/2015-16 द्वारा 18995 रूपये का विपत्र उनके द्वारा तैयार किया जा रहा था। उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा सरकारी कार्यो में बाधा डालते हुए विपत्र छीन कर श्री मिश्रा नाजीर को दे दिया गया जिस कारण राशि का समायोजन नहीं कराया गया है। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त संचालन प्रतिवेदन तथा आरोपी कर्मी श्री रामाशीष कुमार, नाजीर-सह- प्रधान लिपिक तत्कालीन घोड़ासहन अंचल, वर्त्तमान हरसिद्धि प्रखण्ड द्वारा समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा का अवलोकन किया। समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा अवलोकन के पश्चात् पाया गया कि श्री कुमार द्वारा संचालन पदाधिकारी के समक्ष विभागीय कार्यवाही के दौरान समर्पित अपने स्पष्टीकरण में जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है। उन्हीं तथ्यों को पुनः द्वितीय कारणपृच्छा में उल्लेख किया गया है। जो स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री कुमार के द्वारा समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा को अस्वीकृत किया जाता है।
संचालन पदाधिकारी ने अपने संचालन प्रतिवेदन में स्पष्ट उल्लेख किया है कि नजारत का इंभेन्ट्री मजिस्ट्रेट के सामने बनायी जाती है अतएव अभिश्रव में हेराफेरी की संभावना नहीं है अभिश्रव कम होने की जिम्मेवारी कर्मी की है। आरोपी कर्मी के विरूद्ध लगाये गये अरोप प्रमाणित पाये गये है। संचालन प्रतिवेदन में उल्लेखित तथ्यों से स्पष्ट होता है कि अरोपी श्री रामाशीष कुमार, नाजीर-सह-प्रधान लिपिक तत्कालीन घोड़ासहन अंचल वर्त्तमान हरसिद्धि प्रखण्ड द्वारा सरकारी कार्यो के निष्पादन में लापरवाही, सरकारी राशि का व्यय मनमाने ढंग से करते हुए कुल-6,50,358=00 (छःलाख पच्चास हजार तीन सौ अनठावन) रूपये के वित्तीय अनियमितता की गई है।
संचालन पदाधिकारी के संचालन प्रतिवेदन एवं आरोपी कर्मी का द्वितीय कारणपृच्छा के समीक्षोपरान्त श्री रामाशीष कुमार नाजीर-सह-प्रधान सहायक अंचल घोड़ासहन वर्तमान हरसिद्धि प्रखंड द्वारा सरकारी कार्यो के निष्पादन में लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता एवं मनमाने ढंग से कार्य करने एवं अभिश्रव की कमी तथा वित्तीय अनियमितता का आरोप प्रमाणित होता है। जो सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम 3 1 (I) (II) (III) के प्रतिकूल है। इन्हें दण्ड देना अनिवार्य हो गया है। अन्यथा भ्रष्टाचार एवं अराजकता को बढ़ावा मिलेगा तथा सरकारी कर्मियों में भी गलत संदेश जायेगी। अतएव उपरोक्त तथ्यों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक(वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील/संशोधन) नियमावली-2007 के नियम-14 (IX) में निहित प्रावधानों के तहत् शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं रमण कुमार, भा0प्र0से0,13 बिहार गजट, 18 मार्च 2020 जिलाधिकारी-सह-जिला दण्डाधिकारी, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी श्री रामाशीष कुमार नाजिर-सह-प्रधान लिपिक, तत्कालीन घोड़ासहन, अंचल वर्तमान हरसिद्धि प्रखण्ड को आदेश निर्गत तिथि से सेवा से बर्खास्तगी जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्ह्ता होगी का दण्ड अधिरोपित करता हूँ। साथ ही अंचलाधिकारी, घोड़ासहन को आदेश दिया जाता है कि गबन की सम्पूर्ण राशि वसूलने हेतु शीघ्र नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। श्री रामाशीष कुमार, नाजिर-सह-प्रधान लिपिक, अंचल तत्कालीन घोड़ासहन, अंचल वर्तमान हरसिद्धि प्रखण्ड के संबंध में पूर्ण विवरण निम्न प्रकार है :-
1. नाम - श्री रामाशीष कुमार 2. पिता का नाम - श्री शिवदयाल पासवान 3. पदनाम - लिपिक 4. जन्म तिथि - 17.02.1962 5. नियुक्ति की तिथि - 07.01.1985 6. वर्त्तमान वेतनमान - 9300-34800 GP-4800 7. स्थाई पता - ग्राम/पो0-राजोपट्टी थाना-सितामढ़ी, जिला- सितामढ़ी
आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, जिलाधिकारी।
-------- सं0 3/विविध-10130/2019-521 लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ------
सेवा में, महालेखाकार, बिहार, पटना।
पटना, दिनांक 13 मार्च 2020 विषयः- लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अन्तर्गत पूँजीगत व्यय (राज्य योजना) मद में पेयजल नमूनों की जाँच हेतु विभागीय स्वीकृत्यादेश ज्ञापांक-164 दिनांक-27.03.2000 एवं स्वीकृत्यादेश ज्ञापांक-343 दिनांक-31.03.2001 द्वारा कुल-33(तैतीस) जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं में सृजित 33 शोध सहायक (रसायनज्ञ) एवं 33 प्रयोगशाला सहायक अर्थात कुल-66 अस्थायी पदों जिसे विभागीय स्वीकृत्यादेष ज्ञापांक-653 दिनांक-26.06.2009 द्वारा स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय (गैर योजना) मद में स्थानान्तरित किया गया है एवं समय-समय पर अवधि विस्तार किया जाता रहा है, को स्थायीकरण की स्वीकृति के संबंध मेंं।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना के अंतर्गत पेयजल की गुणवत्ता को निर्धारित मानक के अनुरूप बनाये रखने एवं नियमित जाँच हेतु भारत सरकार की सहायता से पूँजीगत व्यय (राज्य योजना) मद के अंतर्गत विभागीय स्वीकृत्यादेश ज्ञापांक-164 दिनांक-27.03.2000 द्वारा 09 प्रयोगशाला एवं स्वीकृत्यादेश ज्ञापांक-343 दिनांक-31.03.2001 द्वारा 24 प्रयोगशाला अर्थात कुल-33 जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं में प्रत्येक प्रयोगशाला के लिए 01 शोध सहायक (रसायनज्ञ), 01 प्रयोगशाला सहायक एवं 01 प्रयोगशाला अटेंडेंट का अस्थायी पदों का सृजन किया गया था। 2. तत्पश्चात विभागीय स्वीकृत्यादेश ज्ञापांक-383 दिनांक-17.02.2005 द्वारा वित्तीय वर्ष- 2004-05, ज्ञापांक-3704 दिनांक-13.08.2005 द्वारा वित्तीय वर्ष-2005-06 ज्ञापांक-339 दिनांक-30.06.2006 द्वारा वित्तीय वर्ष-2006-07, ज्ञापांक-1549 दिनांक-09.10.2007 द्वारा वित्तीय वर्ष-2007-08, एवं ज्ञापांक-52(आ0) दिनांक-19.06.2008 द्वारा वर्ष-2008-09 तक पूँजीगत व्यय (राज्य योजना) मद में अवधि विस्तार किया जाता रहा है।
3. पूँजीगत व्यय (राज्य योजना) मद के अन्तर्गत लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग में पेयजल नमूनों की जाँच हेतु विभागीय स्वीकृत्यादेश संख्या-164 दिनांक-27.03.2000 एवं स्वीकृत्यादेश ज्ञापांक-343 दिनांक-31.03.2001 द्वारा कुल-33(तैतींस) जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं में सृजित अस्थायी पदों जिसे समय-समय पर अवधि विस्तार किया जाता रहा है एवं भविष्य में भी अनिष्चित काल तक बने रहने की पूर्ण संभावना को देखते हुये योजना प्राधिकृत समिति के अनुमोदनोपरान्त विभागीय स्वीकृत्यादेष सं0-653 दिनांक-26.06.2009 द्वारा उक्त सृजित अस्थायी पदों को स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय (गैर योजना) मद में स्थानान्तरित करते हुये अनुमानित वार्षिक व्यय-12873000/- मात्र के व्यय पर स्वीकृति प्रदान की गयी है।
4. विभागीय स्वीकृत्यादेश ज्ञापांक-1328 दिनांक-20.08.2019 द्वारा दिनांक-01.04.09 से 31.03.2019 तक उक्त पदों को अवधि विस्तार की घटनोत्तर स्वीकृति तथा वित्तीय वर्ष 2019-20 मेें अवधि विस्तार की स्वीकृति स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय (गैर योजना) में प्रदान की गयी है।
5. पूँजीगत व्यय (राज्य योजना) मद में सृजित 33 शोध सहायक (रसायनज्ञ) एवं 33 प्रयोगशाला सहायक अर्थात कुल-66 पदों को स्थायीकरण किये जाने पर कुल- 64598688/-(छः करोड़ पैतालीस लाख अंठानवे हजार छः सौ अठासी रूपये) मात्र का वार्षिक वित्तीय भार अनुमानित है, जिसका वहन जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं यथा-बक्सर, मधेपुरा, खगड़िया, अररिया, बांका, शेखपुरा, गया, शिवहर, सुपौल, किशनगंज एवं लखीसराय का व्यय गैर योजना (स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय) के14 बिहार गजट, 18 मार्च 2020 मुख्य शीर्ष-2215-जलापूर्ति तथा सफाई-उप मुख्य शीर्ष-01-जल पूर्ति-102-ग्रामीण जल पूर्ति कार्यक्रम-0001- ग्रामीण जलापूर्ति योजना (विपत्र कोड-36-2215011020001) से, बिहारशरीफ (नालंदा), नवादा, जहानाबाद, औरंगाबाद, कैमूर (भभूआ), सारण (छपरा), सिवान गोपालगंज, बेतिया, हाजीपुर (वैशाली), सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर, जमुई, पूर्णियां एवं कटिहार का व्यय गैर योजना (स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय) के मुख्य शीर्ष-2215-जलापूर्ति और सफाई- उप मुख्य शीर्ष-01-जल पूर्ति-102-ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रम-0002-हस्तचालित ट्युबवेल्स तालाब एवं कुएँ उच्च प्रवाही नलकूप (विपत्र कोड-36-2215011020002) से तथा भोजपुर (आरा), पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) एवं सहरसा का व्यय व्यय गैर योजना (स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय) के मुख्य शीर्ष-2215-शहरी जलापूर्ति तथा सफाई-उप मुख्य शीर्ष-01 जल पूर्ति-101-शहरी जलपूर्ति कार्यक्रम-0004-शहरी जलापूर्ति योजना (विपत्र कोड- 36-2215011010004) से किया जाता रहा है एवं भविष्य में भी उक्त मदों से व्यय भारित होगा।
6. अतएव कुल-33(तैतीस) जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं में सृजित 33 शोध सहायक (रसायनज्ञ) एवं 33 प्रयोगशाला सहायक अर्थात कुल-66 अस्थायी पदों को स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय में स्थायीकरण की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 7. विभाग के अन्तर्गत कुल 33 जिला स्तरीय प्रयोगशालाओं में अस्थायी रूप से सृजित 33 शोध सहायक (रसायनज्ञ) एवं 33 प्रयोगशाला सहायक अर्थात कुल-66 अस्थायी पदों को स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय में स्थायीकरण पर वित्तीय वर्ष-2020-21 में कुल- 64598688/- (छः करोड़ पैतालीस लाख अंठानवे हजार छः सौ अठासी रूपये) मात्र का वार्षिक व्यय (परिशिष्ट-I) होने की संभावना है। उपर्युक्त पदों के स्थायीकरण के प्रस्ताव पर प्रशासी पदवर्ग समिति एवं राज्य मंत्री परिषद् की स्वीकृति प्राप्त है।
आदेश से, दयाशंकर मिश्र, अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव।
परिशिष्ट-I लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अंतर्गत जिलास्तरीय प्रयोगशालाओं में सृजित कुल-33(तैतींस) शोध सहायक (रसायनज्ञ) एवं कुल-33(तैतींस) प्रयोगशाला सहायक अर्थात कुल-66 अस्थायी पदों के स्थायीकरण पर होने वाले अनुमानित व्यय की विवरणी :-
| क्र0 सं0 | कार्यालय का नाम | पद का नाम | कुल स्वीकृत पदों की संख्या | वेतनमान | औसत वेतन | मंहगाई भत्ता 12% | NaN |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | NaN |
| 1 | जिलास्तरीय प्रयोगशाला | शोध सहायक (रसायनज्ञ) | 33 | 35400-112400 (Level-6) | 74300 | 8916 | NaN |
| 2 | प्रयोगशाला सहायक | 33 | 25500-81100 (Level-4) | 53500 | 6420 | NaN | |
| मकान भत्ता 8% | चिकित्सा भत्ता | परिवहन भत्ता | प्रति व्यक्ति मासिक व्यय | प्रति व्यक्ति वर्षिक व्यय | कुल वार्षिक व्यय | NaN | |
| 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | NaN | |
| 5944 | 1000 | 90160 | 1081920 | 35703360 | NaN | ||
| 4280 | 1000 | 65200 | 782400 | 25819200 | NaN | ||
| वार्षिक व्यय की कुल राशि- | 61522560 | NaN | |||||
| उपर्युक्त स्थापनाओं के लिए यात्रा भत्ता एवं कार्यालय आकस्मिकता आदि पर व्यय @ 5% | 3076128 | NaN | |||||
| कुल- | 64598688 | NaN | |||||
| (छः करोड़ पैतालिस लाख अंठानवे हजार छः सौ अठासी रूपये) मात्र | NaN |
आदेश से, दयाशंकर मिश्र, अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 52—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in15 बिहार गजट, 18 मार्च 2020
बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी kjk प्रकाशित
—————
सं0 नि0को0 नवादा-02-128/2016-369 (15)/रा0, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ------ संकल्प 16 मार्च 2020
श्री शंभू शरण, तत्कालीन प्रभारी अंचल अधिकारी, कौआकोल, नवादा को निगरानी अन्वेषण ब्यूरों के धावादल द्वारा दिनांक 07.10.2016 को परिवादी श्री धर्मेन्द्र कुमार से 10,000/- (दस हजार) रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। श्री शरण के विरूद्ध निगरानी थाना कांड सं0-108/2016, दिनांक 07.10.2016 दर्ज किया गया, जिसकी सूचना पुलिस अधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरों, बिहार, पटना के पत्रांक-2436/अप0शा0, दिनांक 19.10.2016 से विभाग को प्राप्त हुआ। विभागीय आदेश सं0-2052, दिनांक 24.11.2016 द्वारा श्री शरण को हिरासत में लिये जाने की तिथि-07.10.2016 के प्रभाव से निलंबित किया गया तथा पुलिस अधीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरों, बिहार, पटना के पत्रांक-2467/अप0शा0, दिनांक 25.10.2016 से अभियोजन स्वीकृति हेतु किये गये अनुरोध के आलोक में विभागीय आदेश ज्ञापांक-2076, दिनांक 01.12.2016 द्वारा श्री शरण के विरूद्ध अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई।
2. समाहर्त्ता, नवादा के पत्रांक-713/रा0, दिनांक 29.04.2017 से उपलब्ध कराये गये आरोप प्रपत्र 'क' की छायाप्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-616, दिनांक 11.07.2017 द्वारा श्री शरण से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। श्री शरण का स्पष्टीकरण दिनांक 27.07.2017 विभाग को प्राप्त हुआ, जिसमें उनके द्वारा अपना बचाव बयान प्रस्तुत करते हुए कहा गया कि परिवादी श्री धर्मेन्द्र कुमार एवं गवाहों के मेल में आ कर निगरानी द्वारा उन्हें मार-पीट कर झूठा केस में फसाया गया है तथा उनके द्वारा लिखित बहस समर्पित करने के पूर्व कतिपय कागजातों की माँग की गयी। सम्यक् विचारोपरान्त मामले की जाँच हेतु अपर समाहर्त्ता, नवादा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त करते हुए विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) के प्रावधानों के तहत विभागीय आदेश सं0-833, दिनांक 28.08.2017 द्वारा श्री शरण के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई, जिसमें समाहर्त्ता, नवादा द्वारा समाहरणालय, नवादा के आदेश ज्ञापांक-1782/रा0, दिनांक 04.09.2017 से श्री विरेन्द्र कुमार, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, नवादा को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त करते हुए विभाग को सूचित किया गया।
3. श्री शरण द्वारा न्यायिक हिरासत से रिहा होकर प्रमण्डलीय आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमण्डल, गया में योगदान करने की तिथि 19.01.2017 के प्रभाव से इन्हें निलंबन मुक्त किया गया। यह मामला रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने, घोर कदाचार की श्रेणी में आने तथा सरकारी सेवक आचार संहिता के प्रतिकूल होने के कारण विभागीय आदेश सं0-855, दिनांक 28.11.2017 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9 की कंडिका-1 की उप कंडिका (क), (ग) एवं कंडिका-3 की उप कंडिका-(I), (II) में निहित प्रावधानों के तहत श्री शरण को योगदान की तिथि 19.01.2017 से पुनः निलंबित किया गया।
4. कालान्तर में अपर समाहर्त्ता, नवादा-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-03 मु0/रा0, दिनांक 18.07.2018 से जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें आरोपी पदाधिकारी के बचाव बयान एवं प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी द्वारा उपस्थापित किये गये साक्ष्य, कागजातों एवं अभिकथन के आधार पर श्री शरण के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों को पूर्णतः प्रमाणित दर्शाया गया। प्रमाणित आरोपों के संबंध में जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-899, दिनांक-08.10.2018 द्वारा श्री शरण से अभ्यावेदन (द्वितीय कारण-पृच्छा) की माँग की गयी। उक्त के आलोक में श्री शरण द्वारा अपना अभ्यावेदन (द्वितीय कारण-पृच्छा) दिनांक 01.11.2018 विभाग को समर्पित किया गया।
5. श्री शरण के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं प्रस्तुत द्वितीय कारण-पृच्छा के समीक्षोपरान्त पाया गया की आरोपी का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है तथा उनके पास से रिश्वत की राशि 10000/- (दस हजार) रूपये बरामद हुई है तथा आरोपी के विरूद्ध भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम, 1988 के महत्वपूर्ण घटक रिश्वत माँगने, ग्रहण करने एवं बरामद होने का साक्ष्य प्रमाणित पाया गया है, जिसके16 बिहार गजट, 18 मार्च 2020 संबंध में आरोपी द्वारा अपने बचाव पक्ष में किन्हीं विशिष्ट तथ्यों का उल्लेख नहीं किया गया है। उनका यह कृत्य उनके पदीय भ्रष्ट आचरण को प्रमाणित करता है।
6. सम्यक् विचारोपरान्त उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री शरण के विरूद्ध सरकारी सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी, का दण्ड विनिश्चित किया गया।
7. श्री शंभू शरण, तत्कालीन प्रभारी अंचल अधिकारी, कौआकोल, नवादा सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध प्रस्तावित दण्ड ''सरकारी सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी'' संबंधी संलेख पर विभागीय पत्रांक-187, दिनांक 27.01.2020 द्वारा राज्य मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति हेतु भेजा गया। राज्य मंत्रिपरिषद् की दिनांक 12.02.2020 को सम्पन्न बैठक में मद सं0-4 के रूप में सम्मिलित करते हुए उक्त दण्ड प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गयी। 10. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 (xi) के प्रावधानों के तहत श्री शंभू शरण, तत्कालीन प्रभारी अंचल अधिकारी, कौआकोल, नवादा सम्प्रति निलंबित मुख्यालय प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमंडल, गया को ''सरकारी सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी'', का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। श्री शंभू शरण से संबंधित ब्यौरे निम्नवत हैः-
1. नाम ः- श्री शंभू शरण
2. पिता का नाम ः- श्री बैजनाथ मिस्त्री 2. पदनाम ः- तत्कालीन प्रभारी अंचल अधिकारी, कौआकोल, नवादा सम्प्रति निलंबित मुख्यालय
प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमंडल, गया।
3. जन्म तिथि ः- 14.02.1962 4. सेवानिवृति की तिथि ः- 28.02.2022
5. स्थाई पता ः-ग्राम-जनकपुर, थाना-मुफसिल, जिला-गया।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कंचन कपूर, संयुक्त सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 52—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in