(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट
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(स(cid:27)(cid:25) पटन(cid:4) 2(cid:30)(cid:31)) पटन(cid:4) म(cid:27)गलव(cid:4)र 12 मई 2020 fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn
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2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 12 मई 2020अतः मैं अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत ''अध्यक्ष'' को प्राप्त है ''अध्यक्ष'' को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''छोटी संगत, डुमरांव, जिला- बक्सरछोटी संगत, डुमरांव, जिला- बक्सरछोटी संगत, डुमरांव, जिला- बक्सरछोटी संगत, डुमरांव, जिला- बक्सर'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की ''अध्यक्ष'' को प्राप्त है ''अध्यक्ष'' को प्राप्त है सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''छोटी संगत न्यास योजना, डुमरांव, जिला- छोटी संगत न्यास योजना, डुमरांव, जिला- छोटी संगत न्यास योजना, डुमरांव, जिला- छोटी संगत न्यास योजना, डुमरांव, जिला- बक्सरबक्सरबक्सरबक्सर'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''छोटी संगत न्यास छोटी संगत न्यास छोटी संगत न्यास छोटी संगत न्यास समिति, डुमरांव, जिला- बक्सरसमिति, डुमरांव, जिला- बक्सरसमिति, डुमरांव, जिला- बक्सरसमिति, डुमरांव, जिला- बक्सर'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।