(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट
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सं॰ 2124— श्री रामजानकी श्री रामजानकी श्री रामजानकी श्री रामजानकी मंदिर ग्रामपो0- हरिनगर, था0- कुषेष्वर स्थान, जिला- दरभंगा मंदिर ग्रामपो0- हरिनगर, था0- कुषेष्वर स्थान, जिला- दरभंगा पर्षद के मंदिर ग्रामपो0- हरिनगर, था0- कुषेष्वर स्थान, जिला- दरभंगा मंदिर ग्रामपो0- हरिनगर, था0- कुषेष्वर स्थान, जिला- दरभंगा अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 4512/2019 है।
इस न्यास के संबंध मेें पर्षद में श्री कामेष्वर राम एवं अन्य द्वारा दिए गए आवेदन पत्र दि0- 07/10/16 में कुछ दबंग लोगों द्वारा न्यास सम्पत्ति के दुरूपयोग का आरोप लगाया गया, जिसके आलोक में अंचलाधिकारी, कुषेष्वर स्थान से पर्षदीय पत्रांक- 2583, दि0- 02/01/17 द्वारा एक प्रतिवेदन की मांग की गई। इसके अनुपालन में अंचलाधिकारी, कुषेष्वर स्थान ने पत्रांक- 280, दि0- 10/03/17 द्वारा प्रतिवेदित किया कि खाता सं0- 182 के विभिन्न खेसराओं में कुल 8.35 एकड़ भूमि मंदिर के नाम से है तथा खेसरा सं0- 340, रकबा- 14 डी0 में मंदिर अवस्थित है। उक्त भूमि पर महंत मिश्र परिवार के साथ रहते हैं तथा कुछ भूमि पर ग्रामीणों द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया गया है। बैरी मौजा के खाता सं0- 701 का रकबा- 3.05 एकड़ भूमि श्री राम जानकी के नाम इन्द्राज है। वर्तमान में मंदिर जीर्ण-षीर्ण अवस्था में है। उसकी देख-रेख व सुरक्षा-व्यवस्था करने वाला कोई नहीं है। न्यास सम्पत्तियो की सुरक्षा हेतु न्यास समिति के गठन के लिए आम सभा के माध्यम से 11 नामों की सूची भी पर्षद को प्राप्त हुई है।
उपरोक्त परिस्थिति में उक्त मंदिर के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक् विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।
अतः मैं अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत ''''''''अध्यअध्यअध्यअध्यक्षक्षक्षक्ष'''''''' धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत श्री रामजानकी मंदिर ग्रामपो0- हरिनगर, था0- कुषेष्वर स्थान, जिला- दरभंगा'' को प्राप्त हैको प्राप्त हैको प्राप्त हैको प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री रामजानकी मंदिर ग्रामपो0- हरिनगर, था0- कुषेष्वर स्थान, जिला- दरभंगा श्री रामजानकी मंदिर ग्रामपो0- हरिनगर, था0- कुषेष्वर स्थान, जिला- दरभंगा श्री रामजानकी मंदिर ग्रामपो0- हरिनगर, था0- कुषेष्वर स्थान, जिला- दरभंगा के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजना 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 12 मई 2020 2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा। 3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी। 6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। 11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
12. महंत मिश्र समिति के सदस्यों के साथ सहयोग कर मंदिर के पूजा-पाठ, राग-भोग आदि का कार्य दैनिक रूप से सम्पादित करें।
13. समिति को निर्देष दिया जाता है कि मंदिर और मंदिर की भूमि से होने वाली आय, जो बन्दोवस्ती आदि से प्राप्त होगी, उसमें से 2000/- रू0 प्रतिमाह महंत मिश्र को पुजारी के कार्य निष्पादन हेतु भुगतान किया जायेगा।
14. समिति को यह भी निर्देष दिया जाता है कि प्रषासन व सक्षम अधिकारियों के सम्पर्क कर शीघ्र अतिक्रमण मुक्त करने का प्रयास करें।
15151515.... न्यास समितिन्यास समितिन्यास समितिन्यास समिति////पदाधिकारीपदाधिकारीपदाधिकारीपदाधिकारी////सदस्य सदस्य सदस्य सदस्य को को को को न्यास की कोई भी न्यास की कोई भी न्यास की कोई भी न्यास की कोई भी सम्पत्तिसम्पत्तिसम्पत्तिसम्पत्ति////भूमिभूमिभूमिभूमि का का का का हस्तान्तरणहस्तान्तरणहस्तान्तरणहस्तान्तरण////बदलैनबदलैनबदलैनबदलैन////विक्रविक्रविक्रविक्रयययय//// न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। पट्टापट्टापट्टापट्टा////लीजलीजलीजलीज आदि पर देने या किसी प्रकार से आदि पर देने या किसी प्रकार से आदि पर देने या किसी प्रकार से आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तोअगर वे ऐसा करते हैं तोअगर वे ऐसा करते हैं तोअगर वे ऐसा करते हैं तो वहवहवहवह शुन्य वो अवैध होगा।शुन्य वो अवैध होगा।शुन्य वो अवैध होगा।शुन्य वो अवैध होगा। राजस्व अभिलेख में मंदिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर में प्रतिष्ठित देवता ''श्री राम जानकी मंदिर'' 16161616.... राजस्व अभिलेख में मंदिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर में प्रतिष्ठित देवता ''श्री राम जानकी मंदिर'' राजस्व अभिलेख में मंदिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर में प्रतिष्ठित देवता ''श्री राम जानकी मंदिर'' राजस्व अभिलेख में मंदिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर में प्रतिष्ठित देवता ''श्री राम जानकी मंदिर'' े नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा। के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष कके नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष कके नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष कके नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा। े नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा। े नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अचंलाधिकारी, कुषेष्वर स्थान, जिला- दरभंगा - पदेन अध्यक्ष 2. श्री विद्यानन्द झा पे0- स्व0 लक्ष्मीकांत झा, ग्रा0- हरिनगर, जिला- दरभंगा - उपाध्यक्ष 3. श्री सत्यनारायण मिश्र पे0- युगेष्वर मिश्र, ग्रा0 हरिनगर, जिला- दरभंगा - सचिव 4. श्री अर्थनारायण झा (उपसरपंच) पे0- स्व0 हरिवंष झा, ग्रा0- हरिनगर, दरभंगा - कोषाध्यक्ष 5. श्री दषरथ पंडित पे0- भैयन पंडित, ग्रा0- हरिनगर, जिला- दरभंगा - सदस्य 6. श्री विजय मुखिया पे0- स्व0 फोद्दार मुखिया, ग्रा0- हरिनगर, दरभंगा - सदस्य 7. श्री श्याम देव पासवान पे0- राम श्रृंगार हजारी, ग्रा0- हरिनगर, दरभंगा - सदस्य 8. श्री तारकेष्वर झा पे0- स्व0 मोहित झा, ग्रा0- हरिनगर, दरभंगा - सदस्य 9. श्री राम सोगारथ कमती पे0- स्व0 ठक्को कमती, ग्रा0- हरिनगर, दरभंगा - सदस्य 10. श्री त्रिवेणी कान्त झा पे0 स्व0 देव नारायण झा - सदस्य 11. श्री पंकज झा पे0- स्व0 कृपाल झा, ग्रा0- हरिनगर, दरभंगा - सदस्य
यह योजना तत्काल प्रभावी होगा और इसका कार्यकाल अस्थायी रूप से एक वर्ष या अगले आदेष, जो भी पहले हो तक लागु होगा।
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।