(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट
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27 fnlEcj 2019
सं॰ 2161— सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी ठाकुरबाड़ी श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी ठाकुरबाड़ी श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी ठाकुरबाड़ी श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी ठाकुरबाड़ी ग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेरग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेरग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेरग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेर पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 2559 है।
इस न्यास में सभी पक्षों को व्यक्तिगत रूप से एवं अधिवक्ता को सुनने के पश्चात् आदेष दि0- 26/12/2011 द्वारा उक्त मंदिर / न्यास को सार्वजनिक न्यास के रूप में घोषित किया जा चुका है। उक्त आदेष के विरूद्ध मा0 उच्च न्यायालय में सी0डब्ल्यु0जे0सी0 सं0- 9244/2012 दाखिल किया गया जो याची द्वारा वापस किए जाने की प्रार्थना पर दि0- 03/04/2013 को निरस्त की गयी। ततपष्चात् रामानन्द चौधरी द्वारा एक हकियत वाद सं0- 17/2014 दाखिल किया गया, जो अभी भी विचाराधीन है। उक्त हकियत वाद में किसी प्रकार का कोई अंतरिम आदेष नहीं है। उक्त मंदिर की कुछ भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराने हेतु महामहिम राज्यपाल को भी एक पत्र लिखा गया था। अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने के संंबंध में जिलाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी को भी दि0- 06/07/2013 को पत्र लिखा गया है तथा श्री प्रेम कुमार चौधरी द्वारा उक्त ठाकुरबाड़ी के सार्वजनिक आम सभा दि0- 01/04/2012 में उपस्थित लगभग 300 व्यक्तियों के हस्ताक्षर सहित 20 व्यक्तियों का प्रस्ताव पर्षद में उपलब्ध कराया गया जिसमें उल्लेख किया गया कि पूर्व में 07 सदस्यीय समिति का गठन किया गया था, जिसमें 06 सदस्यों की मृत्यु हो गयी है और एक मात्र सदस्य श्री शकुनी चौधरी जीवित हैं, जो काफी वृद्ध हो गये हैं और उक्त सार्वजनिक मंदिर के संचालन हेतु समिति का गठन किया जाए तथा 11 नामों का प्रस्ताव दिया गया जिनमें अधिकांष सदस्य वही थे, जो आम सभा द्वारा दि0- 01/04/2012 को प्रस्तावित किया गया था। मा0 राज्यपाल महोदय एवं पर्षद में प्राप्त पत्र दि0- 21/05/2013 तथा आम सभा दि0- 01/04/2012 एवं प्रेम कुमार चौधरी के उपरोक्त पत्र तथा धारा- 144 की आई0 पी0 सी0 में पारित आदेष के विरूद्ध अपराधिक मुकदमा निगरानी वाद सं0- 149/15 जो प्रेम कुमार चौधरी व अन्य द्वारा दिया गया था तथा अंचलाधिकारी के प्रतिवेदन दि0- 20/02/2019 से स्पष्ट होता है कि लगभग 09 एकड़ जमीन जिसके अधिकांष भाग पर अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा किया जा चुका है और किया जा रहा है। अतः इस धार्मिक सम्पत्ति की रक्षा हेतु न्यास समिति का गठन किए जाने की आवष्यकता प्रतीत होता है और आम सभा तथा प्रेम कुमार चौधरी द्वारा प्रस्तावित नामों की सूची का चरित्र-सत्यापन सबंधित थाना से दि0- 15/07/2017 को प्राप्त हो चुका है। अतः ऐसी स्थिति में थाना से चरित्र-सत्यापन प्राप्त 11 व्यक्तियों की न्यास समिति का गठन इस निर्देष के साथ करने का निर्णय लिया गया कि यह समिति अस्थायी रूप से एक वर्ष के लिए2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 12 मई 2020 गठित की जाती है और समिति हकियत वाद में पारित होने वाले आदेष से बाधित होगी। साथ ही समिति के सदस्य को निर्देष दिया जाता है कि मंदिर की अतिक्रमण की गई भूमि के संबंध में अविलम्ब कार्रवाई प्रारंभ करें।
अतः मैं अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत ''''''''अध्यक्षअध्यक्षअध्यक्षअध्यक्ष'''''''' न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत को प्राप्तको प्राप्तको प्राप्तको प्राप्त हैहैहैहै, का प्रयोग करते हुए ''श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी ठाकुरबाड़ी ग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेर श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी ठाकुरबाड़ी ग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेर'' के श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी ठाकुरबाड़ी ग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेर श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी ठाकुरबाड़ी ग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेर सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजनायोजनायोजनायोजना
1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, ग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेर ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, ग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेर'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, ग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेर ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, ग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेर संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, ग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेरग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेरग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेरग्रामपो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेर'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन करना होगा। 3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी। 6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी। 7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। 11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्यन्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्यन्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्यन्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्यों कोों कोों कोों को अधिनियम में वर्णित प्रावधानों के विरूद्धअधिनियम में वर्णित प्रावधानों के विरूद्धअधिनियम में वर्णित प्रावधानों के विरूद्धअधिनियम में वर्णित प्रावधानों के विरूद्ध न्यास की कोई भी न्यास की कोई भी न्यास की कोई भी न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमिसम्पत्ति/भूमिसम्पत्ति/भूमिसम्पत्ति/भूमि का का का का हस्तान्तरण/बदलैन /विक्रहस्तान्तरण/बदलैन /विक्रहस्तान्तरण/बदलैन /विक्रहस्तान्तरण/बदलैन /विक्रयययय/पट्टा/लीज/पट्टा/लीज/पट्टा/लीज/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्याआदि पर देने या किसी प्रकार से न्याआदि पर देने या किसी प्रकार से न्याआदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास स स स सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा। सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा। सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा। सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा। न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
13131313.... राजस्वराजस्वराजस्वराजस्व अभिलेख में मंदिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर में प्रतिष्ठित देवता श्री श्री 108 राधा अभिलेख में मंदिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर में प्रतिष्ठित देवता श्री श्री 108 राधा अभिलेख में मंदिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर में प्रतिष्ठित देवता श्री श्री 108 राधा अभिलेख में मंदिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर में प्रतिष्ठित देवता श्री श्री 108 राधा गोविन्दजी के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं गोविन्दजी के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं गोविन्दजी के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं गोविन्दजी के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा।होगा।होगा।होगा। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-
1. श्री प्रणव कुमार भारती, अधिवक्ता, पिता- स्व0 संगत राम सिंह, साकिन- ग्राम- पढ़भारा, था0- तारापुर, जिला- मुंगेर।
2. श्री प्रे्रम कुमार चौधरी पिता- स्व0 सुरेष प्रसाद चौधरी 3. श्री विवेकानन्द चौधरी पिता- श्री नरेष चौधरी 4. श्री सदानन्द राजहंस, पिता- स्व0 रसिक लाल राजहंस 5. श्री संजय वर्मा, पत्रकार पिता- श्री धीरेन्द्र मोहन दास 6. श्री शंभू चौधरी पिता- स्व0 लक्खी चौधरी 7. श्री दिनेष गुप्ता पिता- स्व0 सरयुग प्रसाद गुप्ता 8. श्री मुकेष कुमार साव पिता- श्री विजय साव 9. श्री आनन्दी पंडित पिता- स्व0 सिद्धेष्वर पंडित 10. श्री किषोर पोद्दार पिता- स्व0 भूटो पोद्दार 11. श्री वासुकी भगत पिता- स्व0 सीताराम भगत
सभी साकिन- तारापुर, पो0था0- तारापुर, जिला- मुंगेर- 813221.
3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 12 मई 2020उपरोक्त वर्णित अस्थायी न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से अगले 01 वर्ष का होगा। पर्षद का गठन हो जाने के पश्चात् समिति को स्थायी किए जाने पर विचार किया जायेगा। नवगठित न्यास समिति को निर्देष दिया जाता है कि समिति की प्रथम बैठक आहुत कर सर्वसम्मति से अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष का चयन कर पर्षद से अनुमोदन प्राप्त करें।
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।
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