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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 10 June 2020

Published 10 June 2020

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2020-06-10.21
Languages
English, Hindi

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निबंधन संख्या पी0टी0-40

बिहार गजट

बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-7 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। ---

भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण।

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भाग-4—बिहार अधिनियम ---

विषय-सूची पृष्ठ

पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---

भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। ---

पूरक

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पूरक-क 8-11बिहार गजट, 10 जून 2020 2 भाग-1 नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। —————

कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------- अधिसूचना 24 मार्च 2020

सं0 कारा/अस्पताल प्रबंधन-14-04/2020-2338--माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा Suo Motu writ Petition (c) No-1/2 (Contagion of Covid 19 Virus in Prisons) में दिनांक 23.03.2020 को पारित न्यायादेश का कार्यशील अंश निम्न प्रकार है :-

''We direct that each State/Union Territory shall constitute a High powered committee comprising of (i) Chairman of the State Legal Services Committee, (ii) the Principal Secretary (Home/Prison by whatever designation is known as, (iii) Director General of Prison(s), to determine which class of prisoners can be released on parole or an interim bail for such period as may be thought appropriate. For instance, the State/Union Territory could consider the release of prisoners who have been convicted or are undertrial for offences for which prescribed punishment is up to 7 years or less, with or without fine and the prisoner has been convicted for a lesser number of years than the maximum. It is made clear that we leave it open for the High Powered Committee to determine the category of prisoners who should be released as aforesaid, depending upon the nature of offence, the number of years to which he or she has been sentenced or the severity of the offence with which he/she is charged with and is facing trail or any other relevant factor, which the committee may consider appropriate. The Undertrial Review Committee contemplated by this court In re Inhuman Conditions in 1382 Prisons, (2016) 3 SCC 700, shall meet every week and take such decision in consultation with the concerned authority as per the said judgment. The High Powered Committee shall take into account the directions contained in para no.11 in Arnesh Kumar v. State of Bihar, (2014) 8 SCC 273." उक्त न्यायादेश के आलोक में राज्य की काराओं में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए बंदियों की कारामुक्ति एवं अन्य बिन्दुओं पर यथोचित निर्णय लेने हेतु निम्नवत्‌ उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाता है :- (i) अध्यक्ष, राज्य विधिक सेवा प्राधिकार - अध्यक्ष (ii) अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग - सदस्य (iii) महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ - सदस्य-सचिव

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ह0दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।

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वाणिज्य-कर विभाग

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अधिसूचनाएं

3 जून 2020

सं0 कौन/भी-401/2018-105/सी--बिहार वित्त सेवा के पदाधिकारी श्री शषिकान्त चतुर्वेदी (निलंबित), राज्य कर उपायुक्त को खगड़िया अंचल, खगड़िया के पदस्थापन काल में रूपये 1,00,000/- (एक लाख रूपये) रिष्वत लेते रंगेहाथ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के गठित धावादल द्वारा दिनांक 10.10.2018 को गिरफ्तार किया गया। माननीय निगरानी न्यायालय के आदेषानुसार श्री चतुर्वेदी को न्यायिक हिरासत में आदर्ष केन्द्रीय कारा बेउर, पटना भेज दिया गया। उक्त आरोप के लिये श्री चतुर्वेदी के विरूद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा निगरानी थाना काण्ड सं0-045/2018 दिनांक 10.10.2018 दर्ज किया गया है।3 बिहार गजट, 10 जून 2020 रिष्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़े जाने एवं न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के आरोप में विभागीय अधिसूचना सं0-353/सी दिनांक 14.02.2018 द्वारा कारानिरोध की तिथि 10.10.2018 के प्रभाव से श्री शषिकान्त चतुर्वेदी, तत्कालीन राज्य कर उपायुक्त, खगड़िया अंचल, खगड़िया को निलंबित कर दिया गया। न्यायिक हिरासत से रिहा होने के उपरान्त दिनांक 15.01.2020 को श्री शषिकान्त चतुर्वेदी (निलंबित), राज्य कर उपायुक्त द्वारा योगदान दिया गया।

श्री शषिकान्त चतुर्वेदी (निलंबित), राज्य कर उपायुक्त द्वारा दिये गये योगदान के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(3)(ii) के प्रावधानानुसार योगदान स्वीकार करते हुए अधिसूचना सं0- 104/सी दिनांक 03.06.2020 द्वारा योगदान देने की तिथि 15.01.2020 के प्रभाव से श्री चतुर्वेदी को निलंबन मुक्त किया गया।

चुँकि श्री चतुर्वेदी के विरूद्ध अनुषासनिक कार्यवाही लंबित है तथा श्री चतुर्वेदी के विरूद्ध आपराधिक मामला अन्वेषण, जाँच या विचारण के अधीन है और सक्षम प्राधिकार का यह समाधान हो गया है कि लोकहित में श्री चतुर्वेदी को निलंबित करना समीचीन है।

वर्णित परिपे्रक्ष्य में निम्नांकित निर्णय लिये जाते हैंः- (1) बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(क) एवं 9(1)(ग) के प्रावधानानुसार श्री शषिकान्त चतुर्वेदी, राज्य कर उपायुक्त को योगदान देने की तिथि 15.01.2020 के प्रभाव से पुनः निलंबित किया जाता है।

(2) निलंबन अवधि में श्री चतुर्वेदी का मुख्यालय राज्य कर अपर आयुक्त (प्रषासन), मगध प्रमंडल, गया का कार्यालय होगा।

(3) निलंबन अवधि में श्री चतुर्वेदी को जीवन निर्वाह भत्ता बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10 के प्रावधानानुसार अनुमान्य होगा।

प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अरूण कुमार मिश्रा, अपर सचिव।

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3 जून 2020

सं0 कौन/भी-401/2018-104/सी--बिहार वित्त सेवा के पदाधिकारी श्री शषिकान्त चतुर्वेदी (निलंबित), राज्य कर उपायुक्त को खगड़िया अंचल, खगड़िया के पदस्थापन काल में रूपये 1,00,000/- (एक लाख रूपये) रिष्वत लेते रंगेहाथ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के गठित धावादल द्वारा दिनांक 10.10.2018 को गिरफ्तार किया गया। माननीय निगरानी न्यायालय के आदेषानुसार श्री चतुर्वेदी को न्यायिक हिरासत में आदर्ष केन्द्रीय कारा बेउर, पटना भेज दिया गया। उक्त आरोप के लिये श्री चतुर्वेदी के विरूद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा निगरानी थाना काण्ड सं0-045/2018 दिनांक 10.10.2018 दर्ज किया गया।

रिष्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़े जाने एवं न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के आरोप में विभागीय अधिसूचना सं0-353/सी दिनांक 14.02.2018 द्वारा कारानिरोध की तिथि 10.10.2018 के प्रभाव से श्री शषिकान्त चतुर्वेदी, तत्कालीन राज्य कर उपायुक्त, खगड़िया अंचल, खगड़िया को निलंबित कर दिया गया। न्यायिक हिरासत से रिहा होने के उपरान्त दिनांक 15.01.2020 को श्री शषिकान्त चतुर्वेदी (निलंबित), राज्य कर उपायुक्त द्वारा योगदान दिया गया।

श्री शषिकान्त चतुर्वेदी (निलंबित), राज्य कर उपायुक्त द्वारा दिये गये योगदान के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(3)(ii) के प्रावधानानुसार योगदान स्वीकार करते हुए योगदान देने की तिथि 15.01.2020 से श्री चतुर्वेदी को निलंबन मुक्त किया जाता है।

प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अरूण कुमार मिश्रा, अपर सचिव।

---- कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ------ अधिसूचना 1 जून 2020

सं0 1/प03-01/2013-385--विभागीय अधिसूचना संख्या-1428 दिनांक 02.12.2019 के क्रम में श्री अरविन्द महाजन, सहायक संग्रहालयाध्यक्ष, छपरा संग्रहालय, छपरा को अपने कार्यों के अतिरिक्त क्षेत्रीय उपनिदेशक संग्रहालय, पटना के प्रभार की अवधि को दिनांक 01.04.2020 से 30.09.2020 तक के लिए विस्तारित किया जाता है।

2. प्रस्ताव में माननीय विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, तारानन्द महतो वियोगी, उप-सचिव।बिहार गजट, 10 जून 2020 4 गृह विभाग अभियोजन निदेशालय ------ अधिसूचना 4 मई 2020 सं0 अ0नि0 (01) 21/2019/स्था0-723--बिहार अभियोजन सेवा के निम्नांकित सहायक अभियोजन पदाधिकारियों को उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-6 में अंकित तिथि से सहायक अभियोजन पदाधिकारियों के पद पर सेवा सम्पुष्ट किया जाता हैः-

क्र0 सहायक अभियोजन पदाधिकारी का नाम वर्तमान पदस्थापन स्थान जन्म तिथि सेवानिवृति की तिथि सेवा में नियुक्ति की तिथि सम्पुष्टि की तिथि
1. 2. 3. 4. 5. 6.
1 श्री उपेन्द्र प्रताप नारायण बेतिया (प0 चम्पारण) 20.01.1978 31.01.2038 30.03.2017 30.03.2019
2 श्री मिथिलेश कुमार किशनगंज 10.01.1978 31.01.2038 31.03.2017 31.03.2019
3 श्री ओमकार नाथ हाजीपुर (वैशाली) 01.02.1983 31.01.2043 30.03.2017 30.03.2019
4 श्री सतीश कुमार बलिया (बेगूसराय) 05.01.1984 31.01.2044 31.03.2017 31.03.2019
5 श्री पुनीत कुमार श्रीवास्तव सासाराम (रोहतास) 26.07.1980 31.07.2040 26.09.2017 26.09.2019
6 श्री भृगुनाथ राय झंझारपुर (मधुबनी) 02.12.1979 31.12.2039 25.09.2017 25.09.2019
7 श्री राकेश सिंह बेगूसराय 29.06.1984 30.06.2044 30.10.2017 30.10.2019
8 श्रीमती शबनम जहाँ पटनासिटी 05.01.1973 31.01.2033 06.10.2017 06.10.2019
9 श्री संजीव कुमार तिवारी सासाराम (रोहतास) 23.07.1976 31.07.2036 26.09.2017 26.09.2019
10 श्री अजीत प्रताप सिंह पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी 02.08.1986 31.08.2046 05.10.2017 05.10.2019
11 श्री बालकृष्ण दुबे कैमूर (भभुआ) 10.07.1983 30.07.2043 04.10.2017 04.10.2019
12 श्री कमलेश चतुवे र्दी मधुबनी 30.03.1981 31.03.2041 03.10.2017 03.10.2019
13 श्री सतीश कुमार श्रीवास्तव बेतिया 10.03.1976 31.03.2036 17.10.2017 17.10.2019
14 श्री रंजीत कुमार किशनगंज 02.01.1976 31.01.2036 03.10.2017 03.10.2019
15 श्री पंकज दास हिलसा (नालंदा) 05.01.1984 31.01.2044 13.10.2017 13.10.2019
16 श्री जितेन्द्र कुमार रजक बेगूसराय 12.02.1978 28.02.2038 05.10.2017 05.10.2019
17 श्री सत्य प्रकाश शिवहर 20.07.1979 31.07.2039 24.10.2017 24.10.2019
18 श्री संजय कुमार ठाकुर रक्सौल (मोतिहारी) 08.05.1975 31.05.2035 26.09.2017 26.09.2019
19 श्री तोष कुमार रंजन डेहरी-ऑन-सोन 16.07.1983 31.07.2043 13.10.2017 13.10.2019
20 श्रीमती पूजा भारती बांका 29.08.1989 31.08.2049 06.10.2017 06.10.2019
21 श्री सुभाष चन्द्र मंडल गोपालगंज 26.02.1968 28.02.2028 03.10.2012 15.04.2019
2 2 श्रीमती पूजा गुप्ता पटना 13.08.1982 31.08.2042 12.03.2018 12.03.2020
23 कुमारी सुस्मिता सिन्हा पटना 15.02.1985 28.02.2045 12.03.2018 12.03.2020
24 श्री दीपक कुमार बक्सर 09.03.1977 31.03.2037 08.03.2018 08.03.2020
25 श्री रूपेश कुमार कैमूर (भभुआ) 15.02.1982 28.02.2042 09.03.2018 09.03.2020
26 श्री अरूण कुमार राव जहानाबाद 01.03.1979 28.02.2039 08.03.2018 08.03.2020
27 श्रीमती अर्चना सिंह जहानाबाद 06.10.1985 31.10.2045 12.03.2018 12.03.2020
28 श्री मंजय कुमार मधुप गोपालगंज 14.01.1979 31.01.2039 08.03.2018 08.03.2020
29 श्री आनन्द शंकर शर्मा गोपालगंज 22.05.1974 31.05.2034 28.03.2018 28.03.2020
30 श्री जैनेन्द्र कुमार शर्मा गोपालगंज 25.01.1987 31.01.2047 26.03.2018 26.03.2020
31 श्रीमती प्रीति कुमारी हाजीपुर(वैशाली) 19.03.1986 31.03.2046 14.03.2018 14.03.2020
32 श्री संतोष कुमार मण्डल सिकरहना (पूर्वी चम्पारण) 23.12.1975 23.12.2035 12.03.2018 12.03.2020
33 श्री राज शंकर सहनी बेतिया (प0 चम्पारण) 01.02.1979 31.01.2039 12.03.2018 12.03.2020
34 श्री अनीश कुमार बगहा (प0 चम्पारण) 26.10.1977 26.10.2037 07.03.2018 07.03.2020
35 श्री सौरभ शुभेन्दु शिवहर 20.02.1979 28.02.2039 04.04.2018 04.04.2020
36 श्री नृपेन्द्र नाथ मिश्र बेनीपुर (दरभंगा) 01.03.1977 31.03.2037 23.03.2018 23.03.2020
37 श्री आशीष कुमार पाण्डेय बिरौल (दरभंगा) 01.01.1983 31.12.2042 12.03.2018 12.03.2020
38 मो0 शाहनवाज अंसारी समस्तीपुर 12.02.1988 29.02.2048 12.03.2018 12.03.2020
39 श्रीमती उमा कुमारी भागलपुर 15.02.1990 28.02.2050 07.03.2018 07.03.2020
40 श्री लखन लाल तिवारी नवगछिया (भागलपुर) 15.12.1979 31.12.2039 14.03.2018 14.03.2020
41 श्री नरेश प्रसाद बांका 01.03.1977 28.02.2037 14.03.2018 14.03.2020
42 श्री राहुल कुमार सहनी बांका 07.12.1988 31.12.2048 07.03.2018 07.03.2020
43 श्री संजय कुमार सुमन बांका 01.03.1978 28.02.2038 09.03.2018 09.03.2020
44 श्री कुन्दन अमिताभ बांका 20.12.1980 31.12.2040 13.03.2018 13.03.2020
45 श्री फिरोज अहमद बलिया (बेगूसराय) 25.01.1983 31.01.2043 12.03.2018 12.03.2020
46 श्री झुन्नु कुमार साह गोगरी (खगड़िया) 10.11.1984 30.11.2044 07.03.2018 07.03.2020
47 श्री निलेश कुमार हिमांशु लखीसराय 28.03.1988 31.03.2048 07.03.2018 07.03.2020
48 श्री ज्ञानेन्द्र कुमार मधेपुरा 01.02.1982 31.01.2042 07.03.2018 07.03.2020
49 श्री सुशील कुमार शुक्ल मधेपुरा 05.07.1976 31.07.2036 09.03.2018 09.03.2020
50 श्री मृत्युंजय कुमार पंकज उदाकिशुनगंज (मधेपुरा) 05.04.1979 30.04.2039 09.03.2018 09.03.2020
51 श्री संजय कुमार सहरसा 02.08.1979 31.08.2039 08.03.2018 08.03.2020
52 श्री अजय कुमार सिंह पूर्णियाँ 24.04.1976 30.04.2036 26.03.2018 26.03.2020
53 श्री रविश कुमार पूर्णियाँ 01.03.1982 28.02.2042 09.03.2018 09.03.2020
54 श्री गोपाल प्रसाद पूर्णियाँ 15.12.1976 31.12.2036 12.03.2018 12.03.2020
55 इमरान अहमद अररिया 26.09.1988 30.09.2048 12.03.2018 12.03.2020
56 श्री कृष्ण मोहन दूबे अररिया 23.11.1981 30.11.2041 16.03.2018 16.03.2020
57 श्री रासबिहारी तिवारी कटिहार 31.12.1981 31.12.2041 12.03.2018 12.03.2020
58 श्री जितेन्द्र कुमार किशनगंज 01.01.1973 31.12.2032 08.03.2018 08.03.2020
59 श्री धीरेन्द्र किशोर शरण किशनगंज 05.12.1975 31.12.2035 09.03.2018 09.03.2020
60 श्री नितेश कुमार मझौल (बेगूसराय) 12.06.1977 30.06.2037 08.03.2018 08.03.2020
61 श्री रवि रंजन कुमार विरमित 16.11.1973 03.07.2017 03.07.2019
62 श्रीमती कुमारी रिंकु विरमित 13.07.1986 06.07.2017 06.07.2019
63 श्री आदित्य कुमार शर्मा विरमित 05.06.1984 11.10.2017 11.10.2019
64 श्री शैलेन्द्र कुमार विरमित 20.01.1980 07.03.2017 07.03.2019
65 श्री शैलेन्द्र कुमार विरमित 05.04.1970 04.03.2017 04.03.2019
66 श्री गोविन्द मोहन विरमित 18.07.1975 07.03.2017 07.03.2019
67 श्री रंजीत कुमार चौधरी विरमित 24.02.1980 31.03.2017 31.03.2019
68 कुमारी सावित्री विरमित 31.01.1982 28.03.2017 28.03.2019
69 श्रीमती मधु अग्रवाल विरमित 12.12.1976 04.03.2017 04.03.2019
70 श्री अमृत कुमार विरमित 15.01.1981 30.06.2017 30.06.2019
71 श्री चन्दन पासवान विरमित 21.04.1986 19.07.2017 19.07.2019
72 श्री रणधीर कुमार विरमित 15.10.1988 26.09.2017 26.09.2019
73 श्री मनोज कुमार तिवारी विरमित 20.07.1976 07.03.2017 07.03.2019
74 श्री मंजूर आलम विरमित 24.06.1981 29.03.2017 29.03.2019
5 बिहार गजट, 10 जून 2020 बिहार गजट, 10 जून 2020 6

इसमें अपर मुख्य सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेश से, सुधांशु कुमार चौबे, उप-सचिव।

------ गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ------ अधिसूचना 9 जून 2020 सं0 7/सी0सी0ए0-1024/2001(खंड-II)गृ0आ0-3876--बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1981 (7/81) के अध्याय-2 की धारा-12 (2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल, राज्य के सभी जिला दण्डाधिकारियों को उपर्युक्त अधिनियम की धारा-12 (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का अपने जिला के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत7 बिहार गजट, 10 जून 2020 गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के एतद्‌ विषयक अधिसूचना संख्या-2655, दिनांक 13.03.2020 के क्रम में अगले तीन महीनों के लिए अर्थात दिनांक 01.7.2020 से 30.09.2020 (एक जुलाई दो हजार बीस से तीस सितम्बर दो हजार बीस) तक प्रयोग करने की शक्ति प्रदान करते हैं।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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निर्वाचन विभाग

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अधिसूचनाएं

3 जून 2020

सं0 ई2-2-030/2010-07--श्री धीरज कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना द्वारा दिनांक 10.12.2019 से 25.12.2019 तक माँ की देख-भाल हेतु उपभोग किये गये कुल 16 (सोलह) दिनों के उपार्जित अवकाष की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, आलोक कुमार, उप-सचिव।

------- 3 जून 2020

सं0 ई2-2-36/2014-06--श्री कपिल शर्मा, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, सोनपुर, सारण द्वारा दिनांक 10.06. 2019 से 31.07.2019 तक चिकित्सीय अवकाष के रूप में उपभोग करने के फलस्वरूप श्री शर्मा को बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 240 एवं 248 के तहत कुल 52 (बावन) दिनों के उपार्जित अवकाष की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, आलोक कुमार, उप-सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 09—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.inबिहार गजट, 10 जून 2020 8

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित

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सं0 एल/एच॰जी॰-2005/2015- 3087 गृह विभाग (विषेष शाखा) ------ संकल्प 9 जून 2020 विभागीय संकल्प ज्ञापांक-12776, दिनांक 27.11.2019 द्वारा श्री अनुज कुमार, तत्कालीन जिला समादेष्टा, बोकारो, झारखंड सम्प्रति जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, भोजपुर को बोकारो (झारखंड) में पदस्थापन काल में शहरी गृह रक्षक के नामांकन में अनियमितता संबंधी प्रमाणित आरोप के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के तहत "संचयी प्रभाव से दो वेतनवृद्धियों पर रोक" का दण्ड संसूचित किया गया। 2. श्री कुमार द्वारा अपने कार्यालय के पत्रांक-07, दिनांक 03.01.2020 द्वारा उपर्युक्त दंडादेश के विरूद्ध पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित किया गया है।

3. श्री अनुज कुमार द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी की गहन समीक्षा की गई। श्री कुमार द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी में यह उल्लेख किया गया है कि सभी अभ्यर्थी, जो बिना वांछित शैक्षणिक प्रमाण पत्र के दौड़ में सम्मिलित किए गए थे, स्थानीय थे एवं बहाली तिथि खत्म होने के बाद उसी दिन शाम को शैक्षणिक प्रमाण पत्र संबंधित पदाधिकारी को समर्पित कर दिये गये। इस आधार पर वे चयन पर्षद के निर्णय में सहभागी होने तथा त्रुटि को समिति के संज्ञान में नहीं लाने के प्रमाणित आरोप से मुक्त नहीं हो सकते। श्री कुमार द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी में कोई ऐसा नया तथ्य नहीं दिया गया है, जिसके आधार पर उक्त दंडादेश पर पुनर्विचार किया जा सके। अतएव श्री अनुज कुमार, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, भोजपुर द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक-12776, दिनांक 27.11.2019 के द्वारा संसूचित दंडादेश के विरूद्ध समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकृत करते हुए पूर्व में संसूचित दंडादेश को यथावत्‌ बरकरार रखे जाने का निर्णय लिया गया है। आदेशः-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, विमलेश कुमार झा, अपर सचिव।

------ सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-13/2015--2116 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ----- संकल्प 16 मार्च 2020

श्री विनोद कुमार सिंह, अधीक्षक, मंडल कारा, शेखपुरा के विरूद्ध मंडल कारा, आरा में पदस्थापन के दौरान वित्तीय अनियमितता बरतने, आपूरक विषेष को लाभ पहुँचाने, सरकारी आदेष एवं विभागीय निर्देषों की अवहेलना करने के प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1275 दिनांक 25.02.2016 द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलंबनावस्था में शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर में संलग्न किया गया। साथ ही उक्त प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप के आलोक में उक्त विभागीय संकल्प द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी जिसके संचालन हेतु विभागीय जांच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।9 बिहार गजट, 10 जून 2020 2. उक्त विभागीय कार्यवाही के फलाफल के पश्चात्‌ प्रमाणित आरोपों के लिए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श प्राप्त कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5516 दिनांक 28.06.2019 द्वारा निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए श्री सिंह को निलंबन से मुक्त किया गया :-

''तीन (03) वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड ''। 3. अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 100 दिनांक 06.01.2020 द्वारा संसूचित किया गया कि श्री सिंह के ''निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा तथा इस अवधि की गणना पेंषन प्रदायी सेवा के रूप में की जायेगी''।

4. विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5516 दिनांक 28.06.2019 द्वारा संसूचित उपर्युक्त दंडादेष के विरूद्ध श्री सिंह द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि वे कैंसर रोग से ग्रस्त हो गये जिसकी चिकित्सा सदर अस्पताल, भोजपुर और दिल्ली एम्स में करायी जा रही है। ऐसी स्थिति में वे समय पर अपना स्पष्टीकरण विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को नहीं दे सके। तब विभागीय जाँच आयुक्त बिना किसी गवाह से बयान लिये ही आरोप को प्रमाणित मान कर अपना रिपोर्ट गृह विभाग (कारा) में भेज दिये और उसी रिपोर्ट से सहमत होकर विभागीय संकल्प संख्या-5516 दिनांक 28.06.2019 द्वारा संचयात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्धियों के रोक की सजा उन्हें दी गयी है। श्री सिंह का कहना है कि उनके विरूद्ध आरोप है कि वर्ष 2015-16 में चीनी की आपूर्ति के लिये आपूरक श्री सुमेष कुमार का नाम चयनित किया गया था, इसका भुगतान दूसरे आपूरक श्री अजय कुमार सिंह को किया गया जिन्हें दूसरी सामग्रियों की आपूर्ति में निविदा स्वीकृत हुई थी जो नियम विरूद्ध है, यह आरोप ही गलत है क्योंकि किसी की मात्र निविदा स्वीकृत हो जाने पर वह भुगतान का अधिकारी नहीं हो जाता है। किसी निविदादाता को भुगतान तभी होता है जब उनके द्वारा आपूर्ति की जाती है। जाँच के क्रम में परिवादी श्री सुमेष कुमार से पूछना चाहिए था कि वे कितनी चीनी आपूर्ति किये हैं कि उन्हें भुगतान किया जाता। श्री सिंह का कहना है कि क्रय समिति द्वारा स्वीकृत चीनी के आपूरक द्वारा निविदा शर्त पूरा नहीं करने पर उसी आपूरक से चीनी की आपूर्ति ली गयी जो क्रय समिति द्वारा स्वीकृत था, और उस समय निविदा शर्तों को पूरा कर चुके थे। स्वीकृत दर से ही आपूर्ति भी की गयी है। इसमें कोई राजस्व की क्षति नहीं हुई है। अतः चीनी के स्वीकृत आपूरक श्री सुमेष कुमार की निविदा रद्‌द करने की कार्रवाई नहीं की गयी थी। आपूरकों को सामग्री की आपूर्ति आदेश लिखित में निर्गत नहीं कर आवश्यकता की सूचना दूरभाष पर दिये जाने के संबंध में श्री सिंह का कहना है कि परिपाटी नियम से ऊपर नहीं है पर कभी-कभी परिस्थितिवष ऐसा करना पड़ता है। उक्त कारा की भौगोलिक स्थिति भी ठीक नहीं है। कारा के तीनों ओर से गैर सरकारी मकान है जहाँ से आये दिन मोबाईल तथा अन्य प्रतिबंधित सामग्रियाँ कारा में फेंके जाने की षिकायत मिलती थी जिसके चलते विषेष निगरानी की आवष्यकता पड़ती थी। ऐसी स्थिति में दूरभाष पर ही आपूरकों को सूचना दे दी जाती थी और पहले से ही यह परिपाटी थी और आजतक इस बिन्दु पर किसी आपूरक से षिकायत भी नहीं मिली है। राषन भंडार में रक्षित खाद्य एवं अन्य सामग्रियों के अद्यतन स्थिति से संबंधित कोई तालिका/बोर्ड नहीं टांगे जाने के संबंध में श्री सिंह का कहना है कि कारा हस्तक के किसी नियम या विभागीय निर्देष में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है कि राषन भण्डार के गेट पर एक बोर्ड भी टांगा जाना है जिससे स्पष्ट हो कि भण्डार में क्या-क्या सामग्रियाँ हैं। राषन भण्डार में गेहूँ नहीं पाये जाने के संबंध में श्री सिंह का कहना है कि बंदियों के खाने के लिये गेहूँ की आपूर्ति ली जाती थी और ठीकेदार के माध्यम से उसकी पीसाई की जाती थी। मील से ठेला द्वारा आंटा लाया जाता था। बहुत पहले कभी ऐसी घटना हुई कि ठेला में आंटे के अंदर फोल्ंिडग सीढ़ी रख दी गयी थी। इसका कोई रेकर्ड उन्हें देखने को नहीं मिला है। तब से उस कारा में आंटे की आपूर्ति ली जाती थी।

श्री सिंह का कहना है कि उनकेे विरूद्ध लगाये गये आरोपों की जाँच एकपक्षीय दृष्टिकोण से किया गया है। इसमें यह नहीं देखा गया है कि इतने कम सुरक्षा बल तथा इतने कम पदाधिकारी जैसे उपाधीक्षक तथा सहायक अधीक्षक से कैसे उक्त कारा में कार्यों का निष्पादन किया है। दण्डादेष में लिखा हुआ है कि विभागीय निर्देषों का उल्लंघन किया गया है, परन्तु इसमें यह नहीं बताया गया है कि कौन से विभागीय निर्देष का उल्लंघन किया गया है।

5. श्री सिंह के उपर्युक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री सिंह के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी-सह-विभागीय जांच आयुक्त द्वारा उन्हें बचाव बयान देने के लिए दिनांक 04.03.2016 से 12.06.2018 तक कई बार मौका दिया गया। परन्तु श्री सिंह ने संचालन पदाधिकारी के समक्ष कोई जवाब दायर नहीं किया गया जिससे स्पष्ट है कि आरोपोें के काट में उनके पास कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं था। फलस्वरूप संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध गठित आरोपों को प्रमाणित कर प्रतिवेदित किया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन की प्रति श्री सिंह को उपलब्ध कराते हुए उनसे द्वितीय कारण पृच्छा की गई थी, जिसके प्रतिउत्तर में उन्होंने अपना जवाब विभाग को समर्पित किया था जिस पर सम्यक्‌ विचारोपरान्त उनके विरूद्ध दण्ड अधिरोपित किया गया है।

श्री सिंह का यह कहना कि किसी आपूरक का मात्र निविदा स्वीकृत हो जाने पर वह भुगतान का अधिकारी नहीं हो जाता है। किन्तु वर्ष 2015-16 में जब चीनी की आपूर्ति के लिए आपूरक श्री सुमेश कुमार का नाम चयनित किया गया था तो दूसरे आपूरक श्री अजय कुमार सिंह से आपूर्ति लेना एवं भुगतान करना नियम विरूद्ध है। इस प्रकार निविदा में वित्तीय अनियमितता की गई है। आपूरकाें को सामाग्री का लिखित आपूर्ति आदेश न देकर दूरभाष पर दिये जाने के संबंध में श्री सिंह का यह कहना कि कभी-कभी परिस्थितिवश ऐसा करना पड़ता है, स्वीकार्य नहीं है। दूरभाष पर आपूर्ति की सूचना आपूरकों को दिया जाना नियमसंगत नहीं है। राशन भंडार में गेंहू नहीं पाये जाने के संबंध में श्री सिंह का यह कहना कि बहुत पहले10 बिहार गजट, 10 जून 2020 ठेला में आंटे के अन्दर फोल्ंिडग सीढ़ी बरामद हुई थी तबसे कारा में आंटे की आपूर्ति ली जाती थी। किन्तु ऐसी घटना का कोई रिकार्ड उनके द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया है। श्री सिंह का कहना है कि दण्डादेश में किस विभागीय निर्देश का उल्लंघन हुआ है, इसका जिक्र नहीं है। जबकि विभागीय पत्रांक 4871 दिनांक 26.10.2012 द्वारा स्पष्ट विभागीय निर्देश है कि दुग्धचूर्ण कॉम्फेड के निकटतम डेयरी से लिया जाना है तथा विभागीय पत्रांक 1395 दिनांक 03.03.2015 एवं 3804 दिनांक 26. 06.2008 द्वारा निर्गत विभागीय निर्देश में कारा निर्माणशाला से निर्मित होने वाले सामाग्रियों एवं खाद्य पदार्थों का उठाव एवं उसका भुगतान सुनिश्चित किये जाने का निदेश है, जिसका श्री सिंह द्वारा अनुपालन नहीं किया गया है। श्री सिंह द्वारा की गई वित्तीय अनियमितता, संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष तथा बिहार लोक सेवा आयोग के परामर्श के उपरांत समस्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें ''तीन (03) वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड'' दिया गया है।

6. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में श्री विनोद कुमार सिंह, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, आरा सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, शेखपुरा को दिया गया दण्ड आरोप की प्र—ति एवं गंभीरता के लिहाज से पूर्णतः उचित है। अतः उनका पुनर्विलोकन अभ्यावेदन स्वीकार करने योग्य नहीं है एवं इसे अस्वीकृत किया जाता है।

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।

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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-15/2019--2881

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संकल्प

5 मई 2020

चूँकि बिहार-राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि दिनांक 02.03.2019 को जिला प्रषासन, जहानाबाद द्वारा मंडल कारा, जहानाबाद में की गई औचक छापेमारी में 09 मोबाईल फोन, 03 सिम एवं अन्य प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी तथा पुनः दिनांक 30.05.2019 को जिला प्रषासन, जहानाबाद द्वारा कारा में की गई औचक छापेमारी में 05 मोबाईल फोन, 01 सिम, 08 मोबाईल चार्जर, 02 मोबाईल बैट्री सहित भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी की घटना में श्री राधे ष्याम सुमन, अधीक्षक, मंडल कारा, जहानाबाद द्वारा गंभीर लापरवाही एवं कर्त्तव्य के प्रति उदासीनता बरती गई है। श्री सुमन का यह कृत्य बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम 140, 796 (i), (ii), 870 (iii) एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1), (2) के विहित प्रावधानों के सर्वथा प्रतिकूल है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र में वर्णित है।

2. अतः यह निर्णय लिया गया है कि श्री राधे ष्याम सुमन, अधीक्षक, मंडल कारा, जहानाबाद के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में अंकित आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित की जाय।

3. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 (2) के तहत आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया को संचालन पदाधिकारी तथा अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, गया को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

4. श्री सुमन से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।

5. विभागीय कार्यवाही के संचालन के प्रस्ताव पर माननीय मुख्य (गृह) मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। 6. संचालन पदाधिकारी विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन निर्धारित अवधि के अन्दर समर्पित करेंगे। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।

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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-01/2018--3384

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संकल्प

2 जून 2020

श्री राम सुमेर शर्मा, तत्कालीन उपाधीक्षक, मंडल कारा, कटिहार सम्प्रति सेवानिवृा काराधीक्षक के विरूद्ध उनके मंडल कारा, कटिहार में उपाधीक्षक के पद पर पदस्थापन काल में दिनांक 30.08.2017 को बंदी के साथ मारपीट की हुई घटना का विडियो दिनांक 01.09.2017 को सोषल मीडिया में वायरल होने तथा दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाषित खबर एवं न्यूज चैनलों में प्रसारित घटना के प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1947 दिनांक-27.03.2018 द्वारा श्री शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलंबनावस्था में उन्हें केन्द्रीय कारा, मोतिहारी में संलग्न किया गया था। साथ ही उक्त प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप-पत्र के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-492011 बिहार गजट, 10 जून 2020 दिनांक-17.07.2018 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई थी, जिसके संचालन हेतु आयुक्त, पूर्णियाँ प्रमण्डल, पूर्णियाँ को संचालन पदाधिकारी तथा अधीक्षक, मंडल कारा, कटिहार को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

2. श्री शर्मा दिनांक 31.01.2019 को सेवानिवृा हो गये। फलस्वरूप अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1132 दिनांक-08.02.2019 द्वारा श्री शर्मा को उनकी सेवानिवृाि की तिथि 31.01.2019 के प्रभाव से निलंबन से मुक्त करते हुए उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के तहत सम्परिवर्तित किया गया ।

3. श्री शर्मा के विरूद्ध संस्थित उक्त विभागीय कार्यवाही के जांचोपरान्त संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, पूर्णियाँ के पत्रांक-1640 दिनांक-28.05.2019 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा उक्त जांच प्रतिवेदन के निष्कर्ष में अंकित किया गया है कि चूँकि आरोपी पदाधिकारी दिनांक 30.08.2017 को अपराह्‌न 12ः50 बजे तक प्रभार मुक्त हो चुके थे, अतः उक्त घटना के लिए आरोपी पदाधिकारी को जिम्मेवार नहीं ठहराया जा सकता। कारा में जो भी घटना घटित हुई है तथा निषिद्ध सामग्रियाँ पायी गयी है उसके लिए आरोपी पदाधिकारी को जिम्मेवार ठहराने हेतु प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी द्वारा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है जिससे आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित आरोप प्रमाणित हो सके। अतः आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध गठित आरोप किसी भी स्तर से प्रमाणित नहीं होता है। 4. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि आरोपों को प्रमाणित करने हेतु अभिलेख में कोई अन्य साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।

5. अतः संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष के आलोक में श्री राम सुमेर शर्मा, तत्कालीन उपाधीक्षक, मंडल कारा, कटिहार सम्प्रति सेवानिवृा काराधीक्षक को आरोप मुक्त करते हुए उनके विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है। उनकी निलम्बन अवधि कर्तव्य पर बितायी गयी अवधि तथा पेंशन प्रदायी सेवा के रूप में परिगणित की जायेगी। निलम्बन अवधि में उन्हें पूर्व में देय जीवन निर्वाह भत्ता का समायोजन कर उन्हें पूर्ण वेतन तथा भत्ते का भुगतान किये जाने का आदेष संसूचित किया जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 09—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 10 June 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2020-06-10.21/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2020-06-10.21.