(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:467)नबंधन सं(cid:201)या
असाधारण अंक
असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
(cid:464)बहार सरकार
(cid:292)कािशत
14 आि(cid:435)न 1942 (श0)
(सं0 पटना 782) पटना
पटना मंगलवार 6 अ(cid:200)तूबर 2020
सं॰ 03/
03/NGRBA-03-01/2013-1698/न0वि0 एवं आ0वि0,
नगर विकास एवं आवास विभाग
———
संकल्प
21 flrEcj 2020
River Front Development Development 30%
घाट से नौजर घाट तक के 20 घाटों को विकसित करने से संबंधित है।
। यह पूर्वी भारत का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह शहर काफी तेजी से पटना बिहार राज्य की राजधानी है। यह पूर्वी भारत का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह शहर काफी तेजी से पटना बिहार राज्य की राजधानी है विकास कर रहा है। पटना शहर पवित्र गंगा नदी के उत्तरी तट पर अवस्थित है। गंगा नदी शहर के उत्तरी भाग के विकास कर रहा है। पटना शहर पवित्र गंगा नदी के उत्तरी तट पर अवस्थित है। गंगा नदी शहर के उत्तरी भाग के विकास कर रहा है। पटना शहर पवित्र गंगा नदी के उत्तरी तट पर अवस्थित है। गंगा नदी शहर के उत्तरी भाग के पष्चिम से पूर्व दिषा की ओर बहती है। बिहार में छठ जैसे अतिमहत्वपूर्ण पर्व के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु पष्चिम से पूर्व दिषा की ओर बहती है। बिहार में छठ जैसे अतिमहत्वपूर्ण पर्व के दौरान लाखों क पष्चिम से पूर्व दिषा की ओर बहती है। बिहार में छठ जैसे अतिमहत्वपूर्ण पर्व के दौरान लाखों क गंगा नदी घाट पर भगवान सूर्य की पूजा करने आते हैं। नदी के तट पर पुराने घाटों के जर्जर रहने के कारण पूजा के घाट पर भगवान सूर्य की पूजा करने आते हैं। नदी के तट पर पुराने घाटों के जर्जर रहने के कारण पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को काफी कठिनाई होती है। साथ ही, अन्य दिनों में भी नागरिकों को गंगा नदी के दर्षन एवं स्नान दौरान श्रद्धालुओं को काफी कठिनाई होती है। साथ ही, अन्य दिनों में भी नागरिकों को गंगा नदी के दर्षन एवं स्नान दौरान श्रद्धालुओं को काफी कठिनाई होती है। साथ ही, अन्य दिनों में भी नागरिकों को गंगा नदी के दर्षन एवं स्नान ठिनाई होती है। इन समस्याओं को दूर करने तथा गंगा नदी को गंदगी एवं प्रदूषण से बचाते हुए ठिनाई होती है। इन समस्याओं को दूर करने तथा गंगा नदी को गंदगी एवं प्रदूषण से बचाते हुए करने में काफी कठिनाई होती है। इन समस्याओं को दूर करने तथा गंगा नदी को गंदगी एवं प्रदूषण से बचाते हुए घाटों को साफ-सुथरा रखने के उद्देष्य से सरकार द्वारा पटना शहर में अवस्थित तट पर नदी के दक्षिण घाटों के साथ घाटों को साफ-सुथरा रखने के उद्देष्य से सरकार द्वारा पटना शहर में अवस्थित तट पर नदी के दक्षिण घाटों को साफ-सुथरा रखने के उद्देष्य से सरकार द्वारा पटना शहर में अवस्थित तट पर नदी के दक्षिण योजना पटना शहर में गंगा अन्य स्थानों को अत्याधुनिक तरीके से सुसज्जित तथा सुविधाजनक बनाया जाना है। यह योजना पटना शहर में गंगा अन्य स्थानों को अत्याधुनिक तरीके से सुसज्जित तथा सुि घाटों को विकसित करने से संबंधित है। घाटों को नदी के कलेक्टेरियट घाट से नौजर के माध्यम से एक दूसरे से जोड़ना है। इसके अतिरिक्त सामुदायिक भवन,सांस्कृतिक केन्द्र,पार्क Promenade के माध्यम से एक दूसरे से जोड़ना है। इसके अतिरिक्त सामुदायिक भवन,सांस्कृतिक केन्द्र,पार्क के माध्यम से एक दूसरे से जोड़ना है। इसके अतिरिक्त सामुदायिक भवन,सांस्कृतिक केन्द्र,पार्क एवं घाटों का विकास किया जाना है।
का विकास किया जाना है। NGRBA (National Ganga River Basin Authority) योजना के अधीन पटना शहर में योजना के अधीन पटना शहर में River NGRBA (National Ganga River Basin Authority) योजना के कार्यान्वयन हेतु भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अन्तर्गत Front Development योजना के कार्यान्वयन हेतु भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अन्तर्गत योजना के कार्यान्वयन हेतु भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अन्तर्गत Steering Committee द्वारा दिनांक National Mission for Clean Ganga (NMCG) की Empowered Steering Committee National Mission for Clean Ganga (NMCG)2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 6 अ(cid:200)तूबर 2020 20.11.12 एवं मंत्रालय के पत्र संख्या-T-03/2012-13/0162/NMCG-RFD Patna दिनांक 19.06.2013 के द्वारा योजना की प्रषासनिक एवं रूपये 24327.00 लाख (दो अरब तैतालीस करोड़ सताईस लाख रूपये) व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
| Sl. No. | Major Head | Quantity |
| 1 | Development of Ghats | 20 Nos. |
| 2 | Development of Promenades (6.6 KM) | 5Precinct |
| 3 | Community Cum Cultural Centers | 5 Nos. |
| 4 | Landscape work at Precinct Zones | 4 Precinct |
| 5 | City Level Parks | 2 Nos. |
| 6 | Crematorium Building | 1 No. |
विभागीय पत्रांक-SPUR-PMU/028/NGRBA/2010-11/67, दिनांक 09.07.2010 के द्वारा River Front Development at Patna के कार्यान्वयन की जिम्मेवारी बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) को प्रदान की गयी है।
River Front Development at Patna योजना पर पूर्व में सम्भावित कुल लागत रूपये 24327.00 लाख 8% सेन्टेज रूपये 1946.00 लाख अर्थात कुल रूपये 26273.00 लाख के व्यय की मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृति प्रदान की गयी थी। इस परियोजना के व्यय में केन्द्रांष एवं राज्यांष का अनुपात क्रमषः 70ः30 है। योजना दो वर्षों में पूर्ण किये जाने का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष कार्यक्रम निम्न रूपेण प्रस्तावित थाः-
| क्र0सं0 | वित्तीय वर्ष | व्यय (प्रतिषत में) | केन्द्रांष | राज्यांष | केन्द्रांष/राज्यांष की कुल राषि | सेन्टेज की राषि | वित्तीय वर्ष में कुल व्यय (स्तंभ 67) |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
| 1 | 2012-13 | 10% | 1702.89 | 729.81 | 2432.70 | 194.60 | 2627.30 |
| 2 | 2013-14 | 50% | 8514.45 | 3649.05 | 12163.50 | 973.00 | 13136.50 |
| 3 | 2014-15 | 40% | 6811.56 | 2919.24 | 9730.80 | 778.40 | 10509.20 |
| कुल- | 100% | 17028.90 | 7298.10 | 24327.00 | 1946.00 | 26273.00 |
River Front Development at Patna योजना कार्यान्वयन के दौरान कुछ अवयवों में वृद्धि होने के कारण पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार किये जाने की आवष्यक्ता पड़ी, यथाः-रौषन घाट से पथरी घाट के बीच स्थित विरासत संरचनाओं के संरक्षण हेतु प्रोमिनाड के Alignment में बदलाव के कारण गंगा नदी के जल अधिग्रहण क्षेत्र में Waterways Promenade का निर्माण सुनिष्चित किया गया। इस हेतु NMCG से प्राप्त निदेष के आलोक में Waterways Promenade के Design एवं Drawing को IIT, Patna से Vetting कराते हुए निर्माण कार्य, गुलबी घाट में शवदाहगृह के कारण elevated promenade का निर्माण कार्य, ईको सेन्टर भवन, कम्यूनिटी सेन्टर भवन के स्थलीय बदलाव के कारण Design एवं Drawing को IIT, Patna से Vetting के उपरान्त निर्माण कार्य,कृष्णा घाट से गाँधी घाट तक क्षतिग्रस्त 'पटना सुरक्षा दिवाल' (PTP Wall) के जीर्णोद्धार हेतु RCC Retaining Wall का निर्माण कार्य कराया जाना है।
योजना कार्यान्वयन अन्तर्गत कुल 20 घाटों में से 16 घाटों का कार्य पूरा कर लिया गया है, शेष 4 घाटों का निर्माण किया जाना है। प्रोमिनाड 6.6 कि0मी0 में से 5.5 कि0मी0 पूर्ण कर लिया गया है, वाटरवेज प्रोमिनाड का फिनिषिंग कार्य पूर्ण कर लिया गया है। गुलबी घाट में क्रिमिटोरिया एवं एलिभेटेड प्रोमिनाड का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। ए0भी0टी0, ईको सेन्टर एवं कम्यूनिटी-कम-कल्चरल सेंटर का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। कलेक्ट्रियट घाट से राजा घाट तक नाला निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। लैंडस्क्ेपींग, लाईटिंग/हाई मास्ट लाईट का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। घाटों का शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। साथ ही इस परियोजना के रख-रखाव एवं संचालन हेतु इसका हस्तांतरण पटना नगर निगम को किया जा चुका है।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 6 अ(cid:200)तूबर 2020 River Front Development at Patna योजना कार्यान्वयन हेतु Ministry of WR, RD & GR, Govt. Of India के अन्तर्गत National Mission for Clean Ganga (NMCG), के द्वारा दिनांक 26.02.2019 को Empowered Steering Commitee की 19 वीं बैठक में एवं मंत्रालय के पत्र संख्या-T-03/2012- 13/0162/NMCG-RFD Patna दिनांक-26.02.2019 के द्वारा योजना की पुनरीक्षित प्रषासनिक स्वीकृति एवं रूपये 33673.00 लाख (तीन अरब छत्तीस करोड़ तिहत्तर लाख रूपये) व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई। इस योजना का शेष कार्य माह मार्च 2021 तक पूरा कर लिया जाना संभावित है।
राजधानी पटना से गंगा नदी लगभग 99 कि0मी0 की लम्बाई में गुजरती है। गंगा नदी को गंदगी एवं
प्रदूषण से बचाते हुए घाटों को साफ-सुथरा रखना योजना का मुख्य उद्देष्य है। गंगा नदी के किनारे छठ जैसे अतिमहत्वपूर्ण पर्व के दौरान श्रद्धालु गंगा नदी घाट पर भगवान सूर्य की पूजा करने आते हैं। नदी के तट पर पुराने घाटों के जर्जर रहने के कारण पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को काफी कठिनाई होती है। साथ ही, अन्य दिनों में भी नागरिकों को गंगा नदी के दर्षन एवं स्नान करने में भी काफी कठिनाई होती है। इन समस्याओं को दूर करने के उद्देष्य से सरकार द्वारा पटना शहर में अवस्थित गंगा तट पर नदी के दक्षिण घाटों के साथ अन्य स्थानों को अत्याधुनिक तरीके से सुसज्जित तथा सुविधाजनक बनाया जाना है।
NMCG भारत सरकार द्वारा इस योजना के लिए पुनरीक्षित प्रषासनिक स्वीकृति राषि रू0 33673.00 लाख रूपये (तीन अरब छतीस करोड़ तिहत्तर लाख रू॰ मात्र) पर दी गयी है। सेन्टेज की कुल राषि रूपये 1946.00 लाख (उन्नीस करोड़ छियालीस लाख रूपये मात्र) एवं अन्य अवयवों के मद में हुए विचलन राषि रूपये 1782.29 (सतरह करोड़ बेरासी लाख उनतीस हजार रूपये मात्र) सहित योजना पर कुल राषि 3728 उनतीस की व्यय संभावित है। इस योजना के अनुमोदित परिमाण विपत्र एवं एकरारनामानुसार कार्यान्वयन के दौरान अन्य अतिरिक्त कार्य एवं मात्रा विचलन को Part –(A) में एवं सेन्टेज, अतिरिक्त अन्य अवयवों तथा Part –(B) में अतिरिक्त नवीन कार्य के मद में अवयववार संभावित व्यय निम्नवत् हैः- Part –(A)
| Sl. No. | Component | Estimate as per revised AA&ES | Actual Cost | Variation (Difference) | Remarks |
| 1 | Resettlement & Rehabilitation and Social Impact Assessment cost | 317.63 | 453.00 | 135.37 | Approved RFP/Bid Document from NMCG and Rev. AA&ES/ As per agreement |
| 2 | Estimate of Project preparation and Supervision except Centage (i) CSQC-Rs.952.00 Lakhs (ii) DPR- Rs.32.00 Lakhs (iii) Misc. Supervision-Rs14.00 Lakhs (iv) Electrical charges-Rs.86.00 Lakhs | 1764.08 | 1084.00 | - 680.08 | |
| 3 | Price Escalation | - | 1740.00 | 1740.00 | Approved RFP/Bid Document from NMCG/ As per agreement |
| 4 | GST w.r.t to BOQ (Rs.316+155 Lakhs) | - | 471.00 | 471.00 | |
| 5 | Dolphin research (Patna University) | - | 50.00 | 50.00 | |
| 6 | Safety Assessment (IIT Delhi) + IIT Patna Design/Drawing Vetting | - | 66.00 | 66.00 | |
| Sub Total | 2081.71 | 3864.00 | 1782.29 | ||
| Centage on approved Original Estimate | 1946.00 | 1946.00 | |||
| Total | 5810.00 | 3728.29 |
Part –(B)
| Integrated statement | ||||||||||||
| Sl. No | Name Of the Project | Capa city | DPR with Year | Estimated/San ctioned amount as Per AA&ES in (Cr) | Revision-1 (Tender Value Cost in Cr) | Revision-2 (Actual Cost in Cr) | Balance amount to be Shared by GOB | Go B Share | ||||
| GOI (70%) | GOB (30%) | GOI (70%) | GOB (30%) | GOI (70%) | Balance amount to be Shared by GOB | Centage | Cost of Variation as per approved RFD by NMCG, GoI (A+B) | |||||
| 1 | River Front Develop ment at Patna | 20 Nos of Ghats | DPR 19th June 2013 Effectiv e Rate SOR20 12 | 170. 289 | 72.981 | 170.29 | 101.11 | 215.60 | 121.13 | 19.46 | 17.8229 | 158.4129 |
| Total | 243.27 | 272.00 | 336.73 | 19.46 | 17.8229 | |||||||
| Total GOB & GOI Share | 170. 289 | 72.981 | 170.29 | 101.11 | 215.60 | 121.13 | 37.2829 |
1. 20 घाट में 6.60 किलोमीटर प्रोमीनाड (पैदल मार्ग) में से 16 घाट सहित कुल 5.50 किलोमीटर प्रोमीनाड (पैदल मार्ग) का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
2. तीन भवनो यथाः-Eco-Centre Building (G+2), Audio Visual Theater Building (G+1) & Community Cum Cultural Centre Building (G+1) का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। 3. गुलबी घाट में Double furnace Electrical Crematorium का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
4. कलेक्टेरियट् घाट से अंटा घाट, बी0एन0 कॉलेज घाट से महेन्द्रू घाट, मिश्री घाट, बरहरवा घाट से लॉ कॉलेज घाट, गुलबी घाट से घाघा घाट एवं आलमगंज घाट से राजा घाट तक कुल 07 अदद् Food Kiosk का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
5. अंटा घाट, मिश्री घाट, गाँधी घाट, बरहरवा घाट से घाघा घाट तक कुल 05 अदद् Life Guard Kiosk का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
6. लैडस्क्ेपींग, लाईटिंग/हाई मास्ट लाईट का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। महेन्द्रू घाट, बरहरवा घाट, गुलबी घाट (02 अदद्) एवं राजा घाट में कुल मिलाकर 05 अदद् Unitized Sub Station (USS) का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है।
7. घाटों पर 11 अदद् शौचालयों का निर्माण तथा 14 अदद् नलकूपों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष बचे हुए कार्यों का विवरणः- 1. तीन घाट यथाः- भद्र घाट, महावीर घाट एवं नौजर घाट का निर्माण कार्य।
2. एक अदद् शौचालय, एक अदद् नलकूप, एक अदद् Food Kiosk एवं एक अदद् Life Guard Kiosk का निर्माण।
3. 20 अदद् स्ट्रीट लाईट, 06 अदद् हाई मास्ट लाईट एवं एक अदद् Unitized Sub Station (USS)के लगाये जाने का कार्य।
उपर्युक्त शेष बचे हुए कार्य को माह मार्च, 2021 तक पूरा किये जाने लक्ष्य निर्धारित है।
इस योजना में NMCG- Namami Gange Programme के अंतर्गत भारत सरकार एवं राज्य सरकार के 70ः30 अनुपात में वित्तीय हिस्सेदारी को वहन किया जायेगा। इसके अतिरिक्त पुनरीक्षित स्वीकृत प्राक्कलन के अन्तर राषि पर सेन्टेज की गणना बिहार सरकार, वित्त विभाग कीे अधिसूचना संख्या- एम-4-26/2013/653/वि॰ पटना, दिनांक-25.01.2016 के आधार पर करते हुए पूर्व में स्वीकृत सेन्टेज की राषि रूपये 1946.00 लाख(उन्नीस करोड़ छीयालिस लाख रूपये मात्र) एवं इसके5 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 6 अ(cid:200)तूबर 2020
| क्र॰ सं॰ | वित्तीय वर्ष | राज्यांश राशि (30%) (करोड़ रुपये) | राज्यांश सेन्टेज राशि (Including previous sanction value of Centage& Cost of variation) | वित्तीय वर्ष में कुल राशि (करोड़ में) |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | 2020-2021 | 121.13 | 37.2829 | 158.4129 |
| कुल राशि | 121.13 | 37.2829 | 158.4129 |
अतिरिक्त योजना कार्यान्वयन के दौरान अन्य अवयवों के मद की कुल राषि रू0 17.8229 (सतरह करोड़ बेयासी लाख उनतीस हजार रूपये मात्र) का वहन बिहार सरकार द्वारा किया जाना है, जिसकी विवरणी निम्नवत् हैः- क्र॰ सं॰
योजना का क्रियान्वयन पूर्ण होने पर संबंधित क्षेत्र में गंगा नदी को गंदगी एवं प्रदूषण से मुक्त रखते हुए घाटों को साफ-सुथरा रखा जा सकेगा, छठ पर्व के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को सहूलियत होगी तथा गंगा नदी के किनारे सामुदायिक भवन, सांस्कृतिक केन्द्र, पार्क एवं घाटों का विकास किये जाने से नगरवासियों को स्वस्थ वातावरण एवं उच्च स्तरीय सुविधाऐं प्राप्त होंगी। River Front Development at Patna योजना पूर्व में अपै्रल 2014 में प्रारंभ हुयी थी। कार्य समाप्त करने हेतु संवेदक को 2 वर्ष का समय अप्रैल 2016 तक दिया गया था। संवेदक द्वारा योजना कार्यान्वयन अन्तर्गत कुल 20 घाटों में से 16 घाटों का कार्य पूरा कर लिया गया है, शेष 4 घाटों का निर्माण किया जाना है। प्रोमिनाड 6.6 कि0मी0 में से 5.5 कि0मी0 पूर्ण कर लिया गया है, वाटरवेज प्रोमिनाड का फिनिषिंग कार्य किया जा रहा है। गुलबी घाट में क्रिमिटोरिया एवं एलिभेटेड प्रोमिनाड का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। ए0भी0टी0, ईको सेन्टर एवं कम्यूनिटी-कम-कल्चरल सेंटर का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। कलेक्ट्रियट घाट से राजा घाट तक आई0 एण्ड डी0 नाला निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। लैंडस्क्ेपींग कार्य किया जा रहा है। योजना अन्तर्गत आवष्यकतानुसार मात्राओं की वृद्धि के कारण योजना कार्यान्वयन के दौरान अतिरिक्त व्यय हुआ है। अतः योजना पूर्ण किये जाने हेतु पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार किया गया है, जिसपर NMCG द्वारा 70ः30 के वित्तीय हिस्सेदारी पर कार्य करने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस योजना में अबतक रूपये 28370.00 लाख का व्यय किया जा चुका है। गंगा एक्सप्रेसवे का एलाईनमेंट गंगा नदी तट विकास परियोजना से मिलनेे के कारण तत्काल 4 घाटों का निर्माण रोक दिया गया था तथा कुछ जगहों पर स्थल परिवर्तन होने के फलस्वरुप एन0एम0सी0जी0, नई दिल्ली से प्राप्त निदेष के आलोक में संरचनाओं के डिजाईन/ड्राइंग को संषोधित करते हुए इसका पुनरीक्षित AA & ES एन0एम0सी0जी0 द्वारा पुनः प्राप्त करना पड़ा। योजना का कार्य दिनांक 31.03.2021 तक पूर्ण होने की संभावना है।
7. उक्त प्रस्ताव पर दिनांक 18.09.2020 को सम्पन्न राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के मद संख्या-7 के रूप में स्वीकृति प्राप्त है।
भारत सरकार द्वारा नमामि गंगे योजना के अन्तर्गत पटना शहर में River Front Development योजना कार्य को पूर्ण करने हेतु पुनरीक्षित परियोजना लागत सेंटेज सहित रू॰ 37401.29 लाख (तीन अरब चौहार करोड़ एक लाख उन्नतीस हजार रू॰ मात्र) में से केन्द्रांश के रूप में रू0 21560.00 लाख (दो अरब पन्द्रह करोड़ साठ लाख रू॰ मात्र) की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति तथा इस योजना में राज्यांश की 30% हिस्सेदारी, इसके अतिरिक्त कार्य में वर्द्धित राशि तथा सेंटेज की राशि सहित कुल-रू0 15841.29 लाख (एक अरब अंठावन करोड़ एकतालीस लाख उन्नतीस हजार रू॰ मात्र) का व्यय राज्यांश के रूप में किये जाने की स्वीकृति पर सरकार की सहमति संसूचित की जाती है।
आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय एवं इसकी प्रति सरकार के सभी विभागों के विभागाध्यक्षों/प्रमण्डलीय आयुक्तों/जिला पदाधिकारियों/संबंधित नगर निकायों/महालेखाकार, बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।
आदेश से, संजय दयाल, सरकार के विशेष सचिव।
———— अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय, (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 782-571+200-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in