Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 19 October 2020

Published 19 October 2020

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2020-10-19.814
Languages
English, Hindi

(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क

ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत

2(cid:18) \०ीन 1(cid:23)42 (cid:25)श(cid:26)(cid:27)

(स(cid:28)(cid:26) पटन(cid:4) (cid:30)14) पटन(cid:4)(cid:31) स मव(cid:4)र(cid:31) 19 अ(cid:7)तूबर 2020 सं॰ 8/आरोप-01-56/2015-8809/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 25 सितम्बर 2020श्री विजय नारायण सिन्हा, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-112/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, पुपरी, सीतामढ़ी (सम्प्रति सेवानिवृत्त) के विरूद्ध कतिपय सेवानिवृत्त/मृत चौकीदारों/दफादारों के लिए भुगतेय गु्रप बीमा की राशि एवं अव्यवहृत अर्जित अवकाश के लिए नगद राशि की वास्तविक राशि से अधिक का विपत्र बनाकर राशि की निकासी कर गबन करने संबंधी आरोपों के लिए जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के पत्रांक-1567 दिनांक 23.07.2003 द्वारा आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक कार्रवाई हेतु प्राप्त हुआ। आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-6000 दिनांक 26.08.2003 द्वारा श्री सिन्हा से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। श्री सिन्हा से प्राप्त स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक-4899 दिनांक 12.06.2004 द्वारा जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी से मंतव्य की माँग की गयी। जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी सेे प्राप्त मंतव्य में श्री सिन्हा के स्पष्टीकरण को तथ्यहीन एवं अमान्य बताया गया। अनुशासनिक प्राधिकार के समीक्षोपरांत आरोपों की गम्भीरता को देखते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2673 दिनांक 12.03.2007 द्वारा श्री सिन्हा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की वृहत जाँच हेतु विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्ति किया गया। आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक-5441 दिनांक 10.10.2008 द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें श्री सिन्हा पर लगाये गये सभी आरोपों को प्रमाणित बताया गया। इस बीच आरोपित पदाधिकारी द्वारा एक आवेदन दिनांक 10.11.2008 प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने विभागीय कार्यवाही में प्राप्त जाँच प्रतिवेदन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अनुरोध किया कि आरोपों की जाँच अन्य प्रमंडलीय आयुक्त से करायी जाय। आरोपित पदाधिकारी द्वारा किये गये अनुरोध के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5645 दिनांक 12.06.2009 द्वारा प्रतिवेदित आरोपों की वृहद जाँच हेतु आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। इस बीच श्री सिन्हा दिनांक 31.03.2012 को वार्धक्य सेवानिवृत्त हो गये जिसके फलस्वरूप विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9346 दिनांक 29.06.2012 द्वारा श्री सिन्हा के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी॰) के तहत सम्परिवर्तित किया गया। आयुक्त पटना प्रमंडल, पटना के ज्ञापांक-760 दिनांक 22.08.2012 द्वारा इस मामले को संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना को हस्तांतरित किया गया। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1(cid:18) [Çत३बर 2(cid:23)2(cid:23) संचालन पदाधिकारी (यथा संयुक्त आयुक्त विभागीय जाँच पटना प्रमंडल, पटना) के पत्रांक-1276 दिनांक 19.09.2019 द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें श्री सिन्हा के विरूद्ध प्रतिवेदित कुल 05 आरोपों में आरोप सं॰-1 को छोड़कर शेष अन्य सभी आरोपों को प्रमाणित पाया गया। जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-14067 दिनांक 15.10.2019 द्वारा प्रमाणित आरोपों पर श्री सिन्हा से लिखित अभिकथन की माँग की गयी। श्री सिन्हा का लिखित अभिकथन (दिनांक 20.11.2019) प्राप्त हुआ, जिसमें उनके द्वारा आरोप पत्र का गठन एवं संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 में निहित प्रावधानों के प्रतिकूल बताते हुए आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया गया। श्री सिन्हा के विरूद्ध गठित आरोप पत्र (प्रपत्र 'क'), संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं श्री सिन्हा द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत श्री सिन्हा द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया तथा आरोपों की प्रमाणिकता के आधार पर बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी॰) में विहित प्रावधानों के तहत श्री सिन्हा के विरूद्ध पेंशन से 10 प्रतिशत राशि 05 वर्षो तक रोक का दंड विनिश्चित किया गया।

उक्त विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 2671 दिनांक 19.02.2020 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग की दिनांक 07.09.2020 को आहूत पूर्ण पीठ की बैठक में श्री सिन्हा के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित उक्त दंड प्रस्ताव (पेंशन से 10 प्रतिशत राशि 05 वर्षो तक रोक का दंड) पर सहमति व्यक्त किया गया। उक्त मंतव्य/सहमति बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 1377 दिनांक 17.09.2020 द्वारा विभाग को उपलब्ध कराया गया। अतएव उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री विजय नारायण सिन्हा, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-112/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, पुपरी, सीतामढ़ी (सम्प्रति सेवानिवृत्त) को प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार पेेंशन नियमावली 1950 के नियम-43(बी0) के संगत प्रावधानों के तहत पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत राशि 05 वर्षो तक रोक का दंड अधिरोपित/संसूचित किया जाता है।

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, हिमांशु कुमार राय,———— [ध(cid:3)¡क(cid:6) स०चव(cid:12)लय म१(cid:17)ण(cid:12)लय(cid:6) ॢबह(cid:12)र(cid:6) पटन(cid:12) ह(cid:12)र(cid:12) (cid:27)क(cid:12)०शत eव(cid:31) म१ॢ(cid:17)त? ॢबह(cid:12)र गजट #[स(cid:12)ध(cid:12)रण$ 814%571+10%ड(cid:3)(ट)(प(cid:3)(? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 19 October 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2020-10-19.814/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2020-10-19.814.