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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 04 November 2020

Published 04 November 2020

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2020-11-04.838
Languages
English, Hindi

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(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:467)नबंधन सं(cid:201)या

असाधारण अंक असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:292)कािशत (cid:464)बहार सरकार (cid:292)कािशत

13 काित(cid:91)क 1942 (श0)

(सं0 पटना 838) पटना

पटना बुधवार 4 नव(cid:224)बर 2020

———

कर प्रसाद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 432/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना श्री हरिशंकर प्रसाद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 432/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना कर प्रसाद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 432/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना सम्प्रति अपर समार्हाा-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, किशनगंज के विरूद्ध खाद्य एवं उपभोक्ता सम्प्रति अपर समार्हाा-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, किशनगंज के विरूद्ध खाद्य एवं उपभोक्ता सम्प्रति अपर समार्हाा-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, किशनगंज के विरूद्ध खाद्य एवं उपभोक्ता के माध्यम से बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम द्वारा 3759 दिनांक 11.05.2015 के माध्यम से बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम द्वारा संरक्षण विभाग के पत्रांक 3759 दिनांक 11 उपलब्ध कराये गये आरोप-पत्र विभाग को प्रेषित किया गया।श्री प्रसाद के विरूद्ध जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, उपलब्ध कराये गये आरोप-पत्र विभाग को प्रेषित किया गया।श्री प्रसाद के विरूद्ध जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, उपलब्ध कराये गये आरोप-पत्र विभाग को प्रेषित किया गया।श्री प्रसाद के विरूद्ध जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना के पद पर पदस्थापन अवधि में निगम को आर्थिक क्षति पहुँचाने, जनहित-निगमहित के विरूद्ध कार्य करने, महित के विरूद्ध कार्य करने, पटना के पद पर पदस्थापन अवधि में निगम को आर्थिक क्षति पहुँचाने, जनहित-निग थिलता बरतने तथा अनियमितता बरतने आदि संबंधी आरोप , अपने कार्यों के निर्वहन में शिथिलता बरतने तथा अनियमितता बरतने आदि संबंधी आरोप मनमाने तरीके से कार्य करने, अपने कार्यों के निर्वहन में शि प्रतिवेदित है।

श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सम्यक्‌ श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आ श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आ विचारोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक ासनिक प्राधिकार द्वारा आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक ासनिक प्राधिकार द्वारा आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 10200 दिनांक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 10200 दिनांक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 10200 दिनांक समें आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन 2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन 15.07.2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जि पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

2018 द्वारा श्री प्रसाद के संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक 1741 दिनांक 01.11.2018 द्वारा श्री प्रसाद के संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक 1741 दिनांक 01 विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। विभागीय पत्रांक 15191 दिनांक विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। विभागीय पत्रांक 15191 दिनांक 22.11.2018 द्वारा विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। विभागीय पत्रांक 15191 दिनांक प्रमाणित आरोपों के लिए श्री प्रसाद को बचाव बयान/अभ्यावेदन समर्पित किये जाने का निदेश दिया गया। उक्त के प्रमाणित आरोपों के लिए श्री प्रसाद को बचाव बयान/अभ्यावेदन समर्पित किये जाने का निदेश दिया गया। उक्त के प्रमाणित आरोपों के लिए श्री प्रसाद को बचाव बयान/अभ्यावेदन समर्पित किये जाने का निदेश दिया गया। उक्त के 2019)बचाव बयान/अभ्यावेदन समर्पित किया। आलोक में श्री प्रसाद ने अपना (पत्रांक 42 दिनांक 29.01.2019)बचाव बयान/अभ्यावेदन समर्पित किया। आलोक में श्री प्रसाद ने अपना (पत्रांक 42 दिनांक 29 श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, संचालन पदाध्िसे प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं श्री प्रसाद से प्राप्त बचाव अभ्यावेदन की अनुुशासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा ासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा ासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक त करते हुए श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक बचाव अभ्यावेदन को अस्वी—त करते र्करण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ ''(i) कालमान वेतन में दो ) कालमान वेतन में दो (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ ''( प्रोन्नति पर रोक'' का दंड विनिश्चित किया निम्नतर प्रक्रम पर संचयात्मक प्रभाव से अवनति एवं ( निम्नतर प्रक्रम पर संचयात्मक प्रभाव से अवनति एवं (ii) एक वर्ष के लिए प्रोन्नति पर रोक'' का दंड विनिश्ि लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श/मंतव्य की गया। श्री प्रसाद के विरूद्ध विनिश्चित उक्त दण्ड प्रस्ताव पर ि गया। श्री प्रसाद के विरूद्ध विनिश्चित उक्त दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामश 2020 द्वारा अपना मंतव्य/परामर्श विभाग को मांग की गई। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2598 दिनांक 09.01.2020 द्वारा अपना मंतव्य/परामर्श विभाग को मांग की गई। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2598 दिनांक 09 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 4 नव(cid:224)बर 2020 उपलब्ध कराया गया, जिसमें स्पष्ट कारणों का उल्लेख किये बिना अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव से असहमति व्यक्त किया गया, अस्तु अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव को पूर्ववत्‌ रखे जाने का निर्णय लिया गया एवं बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ निम्नांकित दण्ड अधिरोपित किया गयाः- i ii उल्लेखनीय है कि उपर्युक्त विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर श्री हरिशंकर प्रसाद द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया है। श्री प्रसाद द्वारा समर्पित अभ्यावेदन का मुख्य बिन्दु निम्नलिखित है -

1. जाँच पदाधिकारी द्वारा काल्पनिक आधार पर आरोप को प्रमाणित माना गया है, जो न्याय संगत नहीं है। जिलाधिकारी, पटना द्वारा उन्हें जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना का अतिरिक्त प्रभार दिया गया एवं निर्धारित लक्ष्य शत-प्रतिशत प्राप्त करने हेतु निदेशित किया गया। धान अधिप्राप्ति का निर्धारित लक्ष्य नहीं प्राप्ति के कारण में उनके द्वारा भण्डारण की व्यवस्था नहीं रहने, कर्मियों की कमी, केन्द्र में कर्मियों का क्रय कार्य की व्यस्तता के कारण भंडार पंजी अद्यतन एवं पूर्णरूपेण संधारित नहीं होना बतलाया गया है। क्रय किये गये धान का संधारण जूट बोरी के स्थान पर प्लास्टिक बोरी में रह जाने के संदर्भ में यह उल्लेख किया गया है कि किसानों एवं पैक्सों की भीड़ एवं आपा-धापी में कुछ धान प्लास्टिक बोरी में रह गया। धान प्राप्ति से संबंद्ध कर्मियों द्वारा कार्य में असहयोग, उदासीनता एवं कमी की शिकायत परिलक्षित होने पर इसकी सूचना लिखित एवं मौखिक रूप से राज्य खाद्य निगम एवं जिलाधिकारी, पटना को दी गई, जिसके बाद राज्य खाद्य निगम द्वारा स्थानान्तरण एवं जिला पदाधिकारी द्वारा नौबतपुर केन्द्र के प्रभारी पर भी कार्रवाई की गई। यह भी उल्लेख किया गया है कि उनके द्वारा सभी कार्य नियम संगत किया गया है।

2. श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं जाँच प्रतिवेदन के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा उनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि धान को जूट के बोरी में प्राप्त एवं संग्रहित न कराकर प्लास्टिक के बोरी में प्राप्त एवं संग्रहित कराये जाने के फलस्वरूप धूप, ओस एवं वर्षा के कारण बोरी फट जाने के कारण धान खराब होने के कारण आर्थिक क्षति के आरोप को संचालन पदाधिकारी द्वारा इस आधार पर प्रमाणित पाया गया कि आरोपी पदाधिकारी द्वारा गन्नी बैग्स की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने के बिन्दु का पर्यवेक्षण नहीं किया गया तथा अपने कनीय कर्मियों को गन्नी बैग्स उपलब्ध कराने का आदेश देकर अपने कर्तव्य का निर्वहन समझा गया।

3. वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री हरिशंकर प्रसाद, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना सम्प्रति सेवानिवृत्त द्वारा इनके अधिरोपित दंडादेश के विरूद्ध समर्पित पुर्नविलोकन अर्जी में कोई नया तथ्य अंकित नहीं किया गया है, बल्कि इनके द्वारा पूर्व में समर्पित बचाव बयान, संचालन पदाधिकारी के समक्ष समर्पित तथ्य एवं कारण-पृच्छा में उल्लेखित तथ्यों को ही पुनः दोहराते हुये दंडादेश को निरस्त करने का अनुरोध किया गया है, जिसे स्वीकार योग्य नहीं पाया गया। साथ ही उनके द्वारा समर्पित अर्जी में कोई ऐसा तथ्य/साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिसपर पुनः विचार किया जा सके।

अतः अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री हरिशंकर प्रसाद, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना सम्प्रति सेवानिवृत्त के द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकार किया गया एवं संकल्प ज्ञापांक 1983 दिनांक 07.02.2010 द्वारा अधिरोपित दंड को बरकरार रखा जाता है। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सरकार के अवर सचिव। ————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,

(cid:464)बहार, पटना रा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 838-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in
Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 04 November 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2020-11-04.838/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2020-11-04.838.