;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध
;बपकरू1द्ध
ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध द्वारा ;बपकरू18द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू19द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध
;बपकरू18द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू19द्ध
2;बपकरू10द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू19र्द्ध 1;बपकरू25द्ध42 ;बपकरू27द्ध;बपकरू10द्ध;बपकरू28द्ध
;बपकरू9द्ध;बपकरू10द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू14द्ध5;बपकरू14द्ध;बपकरू4द्ध
;बपकरू4द्ध 11 ;बपकरू30द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना 7777 मार्चमार्चमार्चमार्च 2020202020202020
पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक सं॰ 3152—श्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटनाश्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटनाश्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटनाश्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटना
श्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटनाश्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटनाश्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटनाश्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटना पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक
न्यास है जिसकी निबंधन सं0- 3124 है। न्यास है जिसकी निबंधन सं0- 3124 है।
उक्त न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक् विकास हेतु वर्ष 2014 में 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन उक्त न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक् विकास हेतु वर्ष 2014 में 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन उक्त न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक् विकास हेतु वर्ष 2014 में 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था, परंतु कालान्तर में 8 सदस्यों द्वारा त्याग-पत्र दे दिया गया। उक्त समिति के शेष तीन सदस्य अनुमंडल परंतु कालान्तर में 8 सदस्यों द्वारा त्याग-पत्र दे दिया गया। उक्त समिति के शेष तीन सदस्य अनुमंडल परंतु कालान्तर में 8 सदस्यों द्वारा त्याग-पत्र दे दिया गया। उक्त समिति के शेष तीन सदस्य अनुमंडल पदाधिकारी, अध्यक्ष, श्री विष्वनाथ चौधरी, सचिव तथा पंकज कुमार, सदस्य मंदिर का देखभाल तथा दैनिक कार्य करते पदाधिकारी, अध्यक्ष, श्री विष्वनाथ चौधरी, सचिव तथा पंकज कुमार, सदस्य मंदिर का देखभाल तथा दैनिक कार्य करते पदाधिकारी, अध्यक्ष, श्री विष्वनाथ चौधरी, सचिव तथा पंकज कुमार, सदस्य मंदिर का देखभाल तथा दैनिक कार्य करते ेतु एक प्रस्ताव दि0-25/01/2018 को दिया गया रहे। सचिव द्वारा 7 नये सदस्यों को न्यास समिति से जोड़े जाने हेतु एक प्रस्ताव दि0-25/01/2018 को दिया गया रहे। सचिव द्वारा 7 नये सदस्यों को न्यास समिति से जोड़े जाने ह जिसे अनुमंडल पदाधिकारी को विचार हेतु या अन्य नाम जोड़ें जाने हेतु पत्रदि0- 08/02/2018 को लिखा गया। जिसे अनुमंडल पदाधिकारी को विचार हेतु या अन्य नाम जोड़ें जाने हेतु पत्रदि0- 08/02/2018 को लिखा गया। जिसे अनुमंडल पदाधिकारी को विचार हेतु या अन्य नाम जोड़ें जाने हेतु पत्रदि0- 08/02/2018 को लिखा गया। पर्षद के उक्त पत्र के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा सचिव के प्रस्तावित सात नामों में से एक नाम- राजेन्द्र पर्षद के उक्त पत्र के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा सचिव के प्रस्तावित सात नामों में से एक नाम- राजेन्द्र पर्षद के उक्त पत्र के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा सचिव के प्रस्तावित सात नामों में से एक नाम- राजेन्द्र सहमति देते हुए 4 नये नामों की अनुषंसा की गयी। वे हैं- अवधेष कुमार, चुन्नु चन्द्रवंषी, दिलीप कुमार सहमति देते हुए 4 नये नामों की अनुषंसा की गयी। वे हैं- अवधेष कुमार, चुन्नु चन्द्रवंषी, दिलीप कुमार यादव पर सहमति देते हुए 4 नये नामों की अनुषंसा की गयी। वे हैं- अवधेष कुमार, चुन्नु चन्द्रवंषी, दिलीप कुमार गुप्ता तथा शंकर चौधरी। पर्षद के पत्र के आलोक में सचिव द्वारा तीन अन्य नाम न्यास समिति में रखे जाने हेतु दिया गुप्ता तथा शंकर चौधरी। पर्षद के पत्र के आलोक में सचिव द्वारा तीन अन्य नाम न्यास समिति में रखे जाने हेतु दिया गुप्ता तथा शंकर चौधरी। पर्षद के पत्र के आलोक में सचिव द्वारा तीन अन्य नाम न्यास समिति में रखे जाने हेतु दिया जो क्रमषः नितीन अभिषेक, संजय कुमार और विजय केसरी है। जो क्रमषः नितीन अभिषेक, संजय कुमार और विजय
उपरोक्त माध्यम से प्राप्त सभी नामों को पुलिस सत्यापन हेतु पर्षद के पत्र दि0- 09/12/19 तथा उपरोक्त माध्यम से प्राप्त सभी नामों को पुलिस सत्यापन हेतु पर्षद के पत्र दि0- 09/12/19 तथा उपरोक्त माध्यम से प्राप्त सभी नामों को पुलिस सत्यापन हेतु पर्षद के पत्र दि0- 09/12/19 तथा 17/12/2019 द्वारा संबंधित थाना को भेजा गया, जिसका रिर्पोट प्राप्त हो गया। पुलिस पदाधिकारी द्वारा 10 व्यक्तियों 17/12/2019 द्वारा संबंधित थाना को भेजा गया, जिसका रिर्पोट प्राप्त हो गया। पुलिस पदाधिकारी द्वारा 10 व्यक्तियों 17/12/2019 द्वारा संबंधित थाना को भेजा गया, जिसका रिर्पोट प्राप्त हो गया। पुलिस पदाधिकारी द्वारा 10 व्यक्तियों के विरूद्ध थाना अभिलेख मेें कोई प्रविष्टि नहीं ह ोने का उल्लेख किया गया और एक नाम पंकज कुमार के विरूद्ध के विरूद्ध थाना अभिलेख मेें कोई प्रविष्टि नहीं होने का उल्लेख किया गया और एक नाम पंकज कुमार के विरूद्ध आलमगंज थाना कांड सं0- 64/18, दि0- 11/02/2018 दर्ज होने का उल्लेख किया गया। उक्त के संंबंध में पंकज आलमगंज थाना कांड सं0- 64/18, दि0- 11/02/2018 दर्ज होने का उल्लेख किया गया। उक्त के संंबंध में पंकज आलमगंज थाना कांड सं0- 64/18, दि0- 11/02/2018 दर्ज होने का उल्लेख किया गया। उक्त के संंबंध में पंकज कुमार द्वारा कथन किया गया कि दि0- 11/02/2018 को वे मंदिर में बैठकर मंदिर का हिसाब-किताब कर रहे थे, कुमार द्वारा कथन किया गया कि दि0- 11/02/2018 को वे मंदिर में बैठकर मंदिर का हिसाब-किताब कर रहे थे, कुमार द्वारा कथन किया गया कि दि0- 11/02/2018 को वे मंदिर में बैठकर मंदिर का हिसाब-किताब कर रहे थे, उसी समय सह-किरायेदार वेद प्रकाष मंडल, अषोभनीय भाषा का प्रयोग करते हुए 3500/- रू0 ले लिया तथा उसी समय सह-किरायेदार वेद प्रकाष मंडल, अषोभनीय भाषा का प्रयोग करते हुए 3500/- रू0 ले लिया तथा उसी समय सह-किरायेदार वेद प्रकाष मंडल, अषोभनीय भाषा का प्रयोग करते हुए 3500/- रू0 ले लिया तथा मारपीट किया, जिसकाFIR पंकज कुमार द्वारा आलमगंज थाना कांड सं0- 63/18 दर्ज कराया गया और उसी केस पंकज कुमार द्वारा आलमगंज थाना कांड सं0- 63/18 दर्ज कराया गया और उसी केस पंकज कुमार द्वारा आलमगंज थाना कांड सं0- 63/18 दर्ज कराया गया और उसी केस ांड सं0- 64/18 दर्ज कराया गया। श्री से बचने के उद्देष्य से वेद प्रकाष द्वारा एक झूठा केस आलमगंज थाना क से बचने के उद्देष्य से वेद प्रकाष द्वारा एक झूठा केस आलमगंज थाना कांड सं0- 64/18 दर्ज कराया गया। श्री पंकज कुमार द्वारा अपने कथन के समर्थन में थाना कांड सं0- 63/18 संलग्न किया। पंकज कुमार द्वारा अपने कथन के समर्थन में थाना कांड सं0- 63/18 संलग्न किया।2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू30द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध कार्यरत न्यास समिति के सचिव, श्री विष्वनाथ चौधरी की अनुषंसा के आलोक में सदस्य श्री पंकज कुमार को पर्षदीय आदेष दि0- 13/09/2019 द्वारा समिति का कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया था और इन लोगों के साथ-साथ अन्य लोगों के सहयोग से मंदिर का संतोषजनक विकास किया है।
विकास कार्यों का फोटोग्राफ तथा किये गये कार्यों का उल्लेख अपने प्रार्थना पत्र दि0- 23/03/18 एवं 17/02/2020 में किया है तथा मंदिर के नाम से खोले गये खाता का पासबुक से भी स्पष्ट होता है कि वर्तमान में लगभग 24 लाख रू0 मंदिर के नाम से जमा है और इन सबके प्रयास से ही मंदिर परिसर में चल रहे 14 दुकानदारों से बकाया किराया तथा नियमित किराये की वसूली संभव हो सकी है।
अतः उपरोक्त सभी बिन्दुओं पर विचारोपरान्त श्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटनाश्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटनाश्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटनाश्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटना की सुचारू व्यवस्था हेतु 11 सदस्यों की न्यास समिति का गठन किया जाता है, जिसका सत्यापन प्रतिवेदन भी प्राप्त हो चुका है। अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त हैको प्राप्त हैको प्राप्त हैको प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटना''श्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटना''श्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटना''श्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटना'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजनायोजनायोजनायोजना
1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री गौरीषंकर मंदिर न्यास योजना, गायघाट, जिला- पटना'' श्री गौरीषंकर मंदिर न्यास योजना, गायघाट, जिला- पटना'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं श्री गौरीषंकर मंदिर न्यास योजना, गायघाट, जिला- पटना'' श्री गौरीषंकर मंदिर न्यास योजना, गायघाट, जिला- पटना'' संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री गौरीषंकर मंदिर न्यास समिति, गायघाट, श्री गौरीषंकर मंदिर न्यास समिति, गायघाट, श्री गौरीषंकर मंदिर न्यास समिति, गायघाट, श्री गौरीषंकर मंदिर न्यास समिति, गायघाट, जिला- पटना''जिला- पटना''जिला- पटना''जिला- पटना'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ, पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकालकर खर्च किया जायेगा।
4. न्यास के खाते का संचलान दो सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।
11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी।
13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।3 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू30द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध 16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति अस्थायी रूप से गठित की जाती है। बोर्ड का गठन के पश्चात स्थायी पर विचार किया जायेगा-
(1) अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सिटी -अध्यक्ष। (2) श्री राजेन्द्र यादव -उपाध्यक्ष। (3) श्री विष्वनाथ चौधरी -सचिव। (4) श्री शंकर चौधरी -सदस्य। (5) श्री दिलीप गुप्ता - '' (6) श्री अवधेष कुमार - '' (7) श्री संजय कुमार - '' (8) श्री नितीन अभिषेख - '' (9) श्री विनय केसरी - '' (10) श्री पंकज कुमार - '' (11) श्री चुनु चन्द्रवंषी - ''
पता- श्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटना राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री श्री श्री श्री गौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटनागौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटनागौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटनागौरीषंकर मंदिर, गायघाट, जिला- पटना'' '' '' '' उक्त आदेष के आलोक मेें उक्त आदेष के आलोक मेें उक्त आदेष के आलोक मेें उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि
के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।
न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य, न्यास की कोई भी सम्पत्ति / भूमिसम्पत्ति / भूमिसम्पत्ति / भूमिसम्पत्ति / भूमि का का का का हस्तान्तरण / हस्तान्तरण / हस्तान्तरण / हस्तान्तरण / नोटः-नोटः-नोटः-नोटः- न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य, न्यास की कोई भी न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य, न्यास की कोई भी न्यास समिति / पदाधिकारी / सदस्य, न्यास की कोई भी बदलैन / विक्रबदलैन / विक्रबदलैन / विक्रबदलैन / विक्रय / पट्टा / लीजय / पट्टा / लीजय / पट्टा / लीजय / पट्टा / लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
आदेष से, अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।