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ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध द्वारा ;बपकरू19द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू20द्ध
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2;बपकरू10द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू20र्द्ध 1;बपकरू25द्ध42 ;बपकरू27द्ध;बपकरू10द्ध;बपकरू28द्ध
;बपकरू9द्ध;बपकरू10द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू14द्ध;बपकरू15द्ध2;बपकरू4द्ध
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बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना 24242424 सितम्बरसितम्बरसितम्बरसितम्बर 2020202020202020
सं॰ 2966—श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण पर्षद् के अन्तर्गत निबंधित एक श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण पर्षद् के अन्तर्गत निबंधित एक श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण पर्षद् के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4346 है। सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4346 है।
यह मंदिर लगभग 100 वर्ष प्राचीन है। राम औतार लाल पिता स्व0 भरोसी लाल द्वारा अपनी जमीन खाता यह मंदिर लगभग 100 वर्ष प्राचीन है। राम औतार लाल पिता स्व0 भरोसी लाल द्वारा अपनी जमी यह मंदिर लगभग 100 वर्ष प्राचीन है। राम औतार लाल पिता स्व0 भरोसी लाल द्वारा अपनी जमी नं0-खाता नं0-110 का लगभग 08 बीघा जमीन का समर्पणनामा श्री राधा कृष्ण मंदिर के नाम किया गया जिसमें उसी नं0-खाता नं0-110 का लगभग 08 बीघा जमीन का समर्पणनामा श्री राधा कृष्ण मंदिर के नाम किया गया जिसमें उसी नं0-खाता नं0-110 का लगभग 08 बीघा जमीन का समर्पणनामा श्री राधा कृष्ण मंदिर के नाम किया गया जिसमें उसी परिवार के षिवनाथ प्रसाद को मुतवली बनाया गया और उसकी मृत्यु के बाद हीरामणि देवी मंदिर की देख-रेख, परिवार के षिवनाथ प्रसाद को मुतवली बनाया गया और उसकी मृत्यु के बाद हीरामणि देवी मंदिर की देख-रेख, परिवार के षिवनाथ प्रसाद को मुतवली बनाया गया और उसकी मृत्यु के बाद हीरामणि देवी मंदिर की देख-रेख, पूजा-अर्चना करने लगी।
पत्रांक-463 दिनांक-01.06.2017 एवं स्मार पत्र पत्रांक-1204 दिनांक-01 से नाम मांगा गया। इस बीच स्थानीय ग्रामीणों की एक सभा दिनांक-01.02.2015 को की गयी से नाम मांगा गया। इस बीच स्थानीय ग्रामीणों की एक सभा दिनांक-01 देवी की अध्यक्षता में 11 सदस्यों के नामों का प्रस्ताव पर्षद को दिनांक-11.04.2017 को प्राप्त कराया गया। देवी की अध्यक्षता में 11 सदस्यों के नामों का प्रस्ताव पर्षद को दिनांक-11
इस न्यास की सूचारू प्रबंधन, उन्नयन तथा सम्यक विकास हेतु न्यास समिति के गठन के लिए पर्षदीय ंधन, उन्नयन तथा सम्यक विकास हेतु न्यास समिति के गठन के लिए पर्षदीय इस न्यास की सूचारू प्रब 2017 एवं स्मार पत्र पत्रांक-1204 दिनांक-01.12.2018 द्वारा अंचल अधिकारी, मढ़ौरा (सारण) 2018 द्वारा अंचल अधिकारी, मढ़ौरा (सारण) 2015 को की गयी जिसमें श्रीमती हीरामणि 2017 को प्राप्त कराया गया। उक्त नामों का चरित्र सत्यापन हेतु थाना भेजा गया सत्यापन रिपोर्ट दिनांक- 21 उक्त नामों का चरित्र सत्यापन हेतु थाना भे
2019 द्वारा हीरामणि देवी की मृत्यु की सूचना भेजी गयी है।
21.01.2020 को पर्षद को प्राप्त हो गया है जिसमें प्रस्तावित नामों का कोई आरोप थाना द्वारा नहीं लगाया गया है। मढ़ौरा थाना के रिपोर्ट हो गया है जिसमें प्रस्तावित नामों का कोई आरोप थाना द्वारा नहीं लगाया गया है। मढ़ौरा थाना के रिपोर्ट हो गया है जिसमें प्रस्तावित नामों का कोई आरोप थाना द्वारा नहीं लगाया गया है। मढ़ौरा थाना के रिपोर्ट दिनांक-11.06.2019 द्वारा हीरामणि देवी की मृत्यु की सूचना भेजी गयी है। एवं सम्यक विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास उपरोक्त परिस्थिति में उक्त मंदिर के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास उपरोक्त परिस्थिति में उक्त मंदिर के सुचारू प्रबंधन अधिनियम 1950 की धारा 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वन हेतु प्राप्त नामों की एक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वन हेतु प्राप्त नामों की एक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वन हेतु प्राप्त नामों की एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होेता है। समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होेता है।
ी धारा 32 में बिहार राज्य धार्मिक अतः मैं अखिलेष कुमार जैन, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में बिहार राज्य धार्मिक अतः मैं अखिलेष कुमार जैन, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 क न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग की सम्पत्तियों की सुरक्षा, बेहतर प्रबंधन तथा श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण की सम्पत्तियों की सुरक्षा, बेहतर प्रबंधन तथा करते हुए श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण यक् विकास हेतु निम्नांकित योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का सम्यक् विकास हेतु निम्नांकित योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का यक् विकास हेतु निम्नांकित योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू30द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध योजनायोजनायोजनायोजना
1.... अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राधा कृष्ण मंदिर, ''श्री राधा कृष्ण मंदिर, ''श्री राधा कृष्ण मंदिर, ''श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण न्यास योजना हहहहोगा''ोगा''ोगा''ोगा'' तथा इसके कार्यान्वन एवं संचालन ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण न्यास योजना ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण न्यास योजना ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण न्यास योजना के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राधा कुष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, ''श्री राधा कुष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, ''श्री राधा कुष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, ''श्री राधा कुष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारणजिला-सारणजिला-सारणजिला-सारण न्यास समिति होगी''न्यास समिति होगी''न्यास समिति होगी''न्यास समिति होगी'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा। 3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी।
5. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी प्रावधानों का सम्यक अनुपालन सुनिष्चित करेंगे तथा वार्षिक आय-व्यय का विवरण, बजट एवं अंकेक्षण प्रतिवेदन बैठक का कार्यवृत एवं देय शुल्क राषि पर्षद को ससमय भेजेंगे तथा न्यास परम्परा का पालन करेंगे। न्यास समिति/पदाधिकारी /सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति का हस्तान्तरण, बदलैन, बिक्रय 6. न्यास समिति/पदाधिकारी /सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति का हस्तान्तरण, बदलैन, बिक्रय न्यास समिति/पदाधिकारी /सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति का हस्तान्तरण, बदलैन, बिक्रय न्यास समिति/पदाधिकारी /सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति का हस्तान्तरण, बदलैन, बिक्रय तथा पट्टा पर देने यातथा पट्टा पर देने यातथा पट्टा पर देने यातथा पट्टा पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा अगर वे एैसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा। अगर वे एैसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा। अगर कोई सदस्य/पदाधिकारी इस तरह की अगर कोई सदस्य/पदाधिकारी इस तरह की अगर कोई सदस्य/पदाधिकारी इस तरह की अगर कोई सदस्य/पदाधिकारी इस तरह की अगर वे एैसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा। अगर वे एैसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा। कार्रवाई करेंगे तो उनपर अपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। साथ ही न्यास साथ ही न्यास साथ ही न्यास साथ ही न्यास कार्रवाई करेंगे तो उनपर अपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। कार्रवाई करेंगे तो उनपर अपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। कार्रवाई करेंगे तो उनपर अपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। यों का यह प्रथम कर्त्तव्य होगा कि न्यास की सभी भू-सम्पत्तियों का जमाबंदी समिति के पदाधिकारिसमिति के पदाधिकारिसमिति के पदाधिकारिसमिति के पदाधिकारियों का यह प्रथम कर्त्तव्य होगा कि न्यास की सभी भू-सम्पत्तियों का जमाबंदी यों का यह प्रथम कर्त्तव्य होगा कि न्यास की सभी भू-सम्पत्तियों का जमाबंदी यों का यह प्रथम कर्त्तव्य होगा कि न्यास की सभी भू-सम्पत्तियों का जमाबंदी न्यास के नाम से कराकर पर्षद को सूचित करेगें। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतेगें। न्यास के नाम से कराकर पर्षद को सूचित करेगें। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतेगें। न्यास के नाम से कराकर पर्षद को सूचित करेगें। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतेगें। न्यास के नाम से कराकर पर्षद को सूचित करेगें। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतेगें। 7.... अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद् को प्रेषित की जायेगी। 8. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
9. न्यास समिति न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं व्यवस्था के साथ-साथ अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि यदि कोई है, को वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
10. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद् में निहित होगा।
11. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास सम्पत्ति से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। न्यास के प्रतिकुल कार्य करते पाये जाने की स्थिति में सदस्य को समिति के कार्यकाल की अवधि के दौरान ही उन्हे सदस्यता से मुक्त किया जा सकता हैं।
12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हत्ता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद् द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
(1) अनुमंडल पदाधिकारी, मढ़ौरा - पदेन अध्यक्ष (2) श्री जगनाराण सिंह - उपाध्यक्ष (3) श्री लक्ष्मण प्रसाद सिंह - सचिव (4) श्री रघुवंष गिरी - कोषाध्यक्ष (5) श्री गोरखनाथ गिरी - सदस्य (6) श्री राजदेव गिरी - सदस्य (7) श्री मथुरा सिंह - सदस्य (8) श्री जंग बहादुर मांझी - सदस्य (9) श्री वषिष्ठ नारायण सिंह - सदस्य (10) श्री बच्चा तिवारी - सदस्य (11) श्री चन्द्रषेखर सिंह - सदस्य3 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू30द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध NOTE:- राजस्व अभिलेख में मंदिर कोे समर्पण की गयी सम्पत्ति खाता नम्बर 110 में इन्द्राज मंदिर के नाम राजस्व अभिलेख में मंदिर कोे समर्पण की गयी सम्पत्ति खाता नम्बर 110 में इन्द्राज मंदिर के नाम राजस्व अभिलेख में मंदिर कोे समर्पण की गयी सम्पत्ति खाता नम्बर 110 में इन्द्राज मंदिर के नाम राजस्व अभिलेख में मंदिर कोे समर्पण की गयी सम्पत्ति खाता नम्बर 110 में इन्द्राज मंदिर के नाम (श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण) पर ही रहेगा, किसी व्यक्ति विषेष (श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण) पर ही रहेगा, किसी व्यक्ति विषेष (श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण) पर ही रहेगा, किसी व्यक्ति विषेष (श्री राधा कृष्ण मंदिर, ग्राम-जोधौली, पो0-अमनौर, जिला-सारण) पर ही रहेगा, किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामान्तरण अथवा संषोधन नहीं होगा।के नाम पर नामान्तरण अथवा संषोधन नहीं होगा।के नाम पर नामान्तरण अथवा संषोधन नहीं होगा।के नाम पर नामान्तरण अथवा संषोधन नहीं होगा।
उपरोक्त न्यास समिति का गठन अस्थाई रूप से किया जाता है कि पर्षद के गठन हो जाने के पश्चात् इनको स्थाई किये जाने पर विचार किया जायेगा।
आदेष से, अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।