;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध
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ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध द्वारा ;बपकरू19द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू20द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध
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2;बपकरू10द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू20र्द्ध 1;बपकरू26द्ध42 ;बपकरू28द्ध;बपकरू10द्ध;बपकरू29द्ध
;बपकरू9द्ध;बपकरू10द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू14द्ध;बपकरू15द्ध5;बपकरू4द्ध
;बपकरू4द्ध 11 ;बपकरू31द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना 12121212 अगस्तअगस्तअगस्तअगस्त 2020202020202020
सं॰ 791—बेगुसराय जिलान्तर्गत
बेगुसराय जिलान्तर्गत ग्राम-बाघा स्थित श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी
2012 द्वारा एक न्यास समिति का गठन श्री नित्यानंद प्रसाद सिंह की अध्यक्षता
कोई आय-व्यय विवरणत था पर्षद शुल्क जमा नहीं किया गया वर्ष 2012-13 से 2016-17 तक का आय-व्यय विवरण दाखिल किया पदाधिकारी द्वारा अपने पत्र दिनांक 07.12.2017 द्वारा 11 नामों
पर्षद के आदेष दिनांक-06.12.2018 द्वारा यह पाया गया कि प्रस्तावित नामों में शम्भु
सम्पत्ति हड़पने का प्रयास किया गया था। अतः पूर्व में जमीन कस्तुरबा
सिरे से नामों क मांग की गयी। जिस संबंध में ग्रामीणों द्वारा 11
उपमहापौर द्वारा भी 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव भेजा व्यक्तियों के चरित्र सत्यापन प्राप्त हो गया और दोनों सूची विचार करते हुए उक्त
हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा 32 के अन्तर्गत एक योजना
ठाकुरबाड़ी पर्षद के अन्तर्गत एक पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-1906, उक्त न्यास की सुव्यवस्था एवं संचालन हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-1906, प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में गठित किया गया था, गया और 05 वर्ष के पश्चात् किया गया है। न्यास समिति 2017 द्वारा 11 नामों का प्रस्ताव भेजा गया, में शम्भु महतो द्वारा फर्जी वसीयत कस्तुरबा विद्यालय के नाम से है, अतः उक्त प्रस्तावित नामों ग्रामीणों द्वारा 11 व्यक्तियों के नामों का भेजा गया। उक्त दोनों सूची में हुए उक्त मन्दिर के सुचारू प्रबंधन अधिनियम की धारा 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। उक्त दिनांक-02.02.2012 द्वारा एक न्यास परन्तु उस न्यास समिति द्वारा कोई दिनांक 20.07.2017 को वर्ष 2012-13 से 2016-17 तक गठन किए जाने हेतु अनुमण्डल पदाधिकारी द्वारा परन्तु पर्षद के आदेष दिनांक-06 अपने नाम बनाकर मठ की सम्पत्ति लड़कियों के स्कूल खोलने के लिए दी गयी थी, परन्तु वहाँ पर कोई स्कूल कार्यरत नहीं है, अतः उक्त लड़कियों के स्कूल खोलने के लिए दी को निरस्त करते हुए पुनः नये सिरे प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया तथा प्रस्तावित व्यक्तियों के चरित्र सत्यापन तथा सम्यक विकास हेतु बिहार हिन्दु धार्मिक इसके कार्यान्वयन हेतु न्यास समिति
समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।
अतः मैं अखिलेष
अधिकार जो न्यास की उपविधि 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त
का निरूपण करता हूँ तथा इसे मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में अधिनियम, 1950 की धारा 32 में प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार ठाकुरबाड़ी, बाघा, जिला-बेगुसराय के सुचारू प्रबध्ांन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा सम्यक ठाकुरबाड़ी, बाघा, जिला-बेगुसराय के सुचारू प्रबध्ांन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, बाघा, जिला-बेगुसराय के सुचारू प्रबध्ांन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति विकास हेतु नीचे लिखे योजना का का गठन करता हूँ।2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू31द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध योजनायोजनायोजनायोजना
1. अधिनियम की धारा 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री''श्री''श्री''श्री रामरामरामराम जानकीजानकीजानकीजानकी ठाकुरबाडठाकुरबाडठाकुरबाडठाकुरबाडीीीी़, बाघा, ़, बाघा, ़, बाघा, ़, बाघा, जिला-बेगुसराय न्यास योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए सुहृदयनगरसुहृदयनगरसुहृदयनगरसुहृदयनगर जिला-बेगुसराय न्यास योजना'' जिला-बेगुसराय न्यास योजना'' जिला-बेगुसराय न्यास योजना'' गठित न्यास समिति का नाम ''श्री''श्री''श्री''श्री रामरामरामराम जानकीजानकीजानकीजानकी ठाकुरबाड़ी, बाघा, सुहृदयठाकुरबाड़ी, बाघा, सुहृदयठाकुरबाड़ी, बाघा, सुहृदयठाकुरबाड़ी, बाघा, सुहृदय नगरनगरनगरनगर जिला-बेगुसराय जिला-बेगुसराय जिला-बेगुसराय जिला-बेगुसराय न्यासन्यासन्यासन्यास समिति'' समिति'' समिति'' समिति'' होगी जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण, संरक्षण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था सुनिष्चित करना होगा।
3. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा।
4. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्य वृत एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद् को प्रेषित करेगी।
5. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद् को प्रेषित की जायेगी। 6. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
7. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
8. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद् में निहित होगा।
9 न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
10. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्टभूमि होगी या वे अपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
11. न्यास समिति के सभी सदस्य सहयोग के साथ उक्त ऐतिहासकि मन्दिर के विकास हेतु कार्य करेंगे। 12. न्यास समिति के कोषाध्यक्ष एवं अध्यक्ष या सचिव के साथ संयुक्त खाता खोलकर मन्दिर से होने वाली सभी आय को बैंक में जमा करेंगे।
13. न्यास के सभी दुकानदार किराया सचिव को देंगे और उसकी रसीद प्राप्त करेंगे, रसीद की कार्बन प्रति कोषाध्यक्ष के पास सुरक्षित रहेगी और आवष्यकता पड़ने पर पर्षद के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। जो दुकानदार किराया नहीं देते है, उसके विरूद्ध अबिलम्ब हटाये जाने की कार्यवाही थाना के सहयोग से करेंगे।
14. राजस्व अभिलेखों में श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी के नाम से इन्द्राज में कोई परिवर्तन पर्षद के पूर्व आदेष के नहीं किया जायेगा।
15. इस योजना में परिवर्तन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्त्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
16. ठाकुरबाड़ी की भूमि का हस्तान्तरण नहीं करें, अगर करते है तो वह प्रारम्भ से अवैध व शुन्य होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
(1)(1)(1)(1) अनुमण्डलअनुमण्डलअनुमण्डलअनुमण्डल पदाधिकारीपदाधिकारीपदाधिकारीपदाधिकारी - अध्यक्ष- अध्यक्ष- अध्यक्ष- अध्यक्ष (2)(2)(2)(2) थानाध्यक्ष, सदरथानाध्यक्ष, सदरथानाध्यक्ष, सदरथानाध्यक्ष, सदर -उपाध्यक्ष-उपाध्यक्ष-उपाध्यक्ष-उपाध्यक्ष (3)(3)(3)(3) श्रीश्रीश्रीश्री सतेन्द्र शर्मासतेन्द्र शर्मासतेन्द्र शर्मासतेन्द्र शर्मा उर्फउर्फउर्फउर्फ पप्पूपप्पूपप्पूपप्पू -सचिव-सचिव-सचिव-सचिव (4)(4)(4)(4) प्रो0प्रो0प्रो0प्रो0 षिवनाथ सिंहषिवनाथ सिंहषिवनाथ सिंहषिवनाथ सिंह -कोषाध्यक्ष-कोषाध्यक्ष-कोषाध्यक्ष-कोषाध्यक्ष (5)(5)(5)(5) श्रीश्रीश्रीश्री हरेहरेहरेहरे रामरामरामराम महतोमहतोमहतोमहतो -सदस्य-सदस्य-सदस्य-सदस्य (6)(6)(6)(6) श्रीश्रीश्रीश्री अनील सिंहअनील सिंहअनील सिंहअनील सिंह -सदस्य-सदस्य-सदस्य-सदस्य (7)(7)(7)(7) श्रीश्रीश्रीश्री राजीवराजीवराजीवराजीव रंजन, महापौररंजन, महापौररंजन, महापौररंजन, महापौर -सदस्य-सदस्य-सदस्य-सदस्य3 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू31द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध (8)(8)(8)(8) श्रीश्रीश्रीश्री सीतारामसीतारामसीतारामसीताराम महतोमहतोमहतोमहतो -सदस्य-सदस्य-सदस्य-सदस्य (9)(9)(9)(9) श्रीश्रीश्रीश्री प्रमोदप्रमोदप्रमोदप्रमोद कुमारकुमारकुमारकुमार -सदस्य-सदस्य-सदस्य-सदस्य (10)(10)(10)(10) श्रीश्रीश्रीश्री राजेषराजेषराजेषराजेष कुमारकुमारकुमारकुमार -सदस्य-सदस्य-सदस्य-सदस्य (11)(11)(11)(11) श्रीमतिश्रीमतिश्रीमतिश्रीमति रेखारेखारेखारेखा देवीदेवीदेवीदेवी -सदस्य-सदस्य-सदस्य-सदस्य
ग्राम-बाघा, पो0-सुहृदयनगर, जिला-बेगुसराय। उपरोक्तउपरोक्तउपरोक्तउपरोक्त सभीसभीसभीसभी ग्राम-बाघा, पो0-सुहृदयनगर, जिला-बेगुसराय। ग्राम-बाघा, पो0-सुहृदयनगर, जिला-बेगुसराय। ग्राम-बाघा, पो0-सुहृदयनगर, जिला-बेगुसराय।
आदेष से, अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।