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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 11 November 2020

Published 11 November 2020

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2020-11-11.866
Languages
English, Hindi

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ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध

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2;बपकरू10द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू19र्द्ध 1;बपकरू25द्ध42 ;बपकरू27द्ध;बपकरू10द्ध;बपकरू28द्ध

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बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना 24 अगस्त24 अगस्त24 अगस्त24 अगस्त 2020202020202020

सं॰ 932—पटना जिलान्तर्गत श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा पटना जिलान्तर्गत श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 3094 है। पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 3094 है। कॉलोनी, पटनाकॉलोनी, पटनाकॉलोनी, पटनाकॉलोनी, पटना पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 3094 है। उपर्युक्त विषयक न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक्‌ विकास हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक- 175, दिनांक- उपर्युक्त विषयक न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक्‌ विकास हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक- 175, दिनांक- उपर्युक्त विषयक न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक्‌ विकास हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक- 175, दिनांक- 28.04.2017 द्वारा 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था। न्यास समिति गठन के पश्चात न्यास के 2017 द्वारा 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था। न्यास समिति गठन के पश्चात न्यास के 2017 द्वारा 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था। न्यास समिति गठन के पश्चात न्यास के ान्त दिनांक- 03.04.2018, 12.04.2018, उपाध्यक्ष डोमन राय एवं अन्य लोगो के द्वारा आरोप पत्र दिया गया। उसके उपरान्त दिनांक- 03 उपाध्यक्ष डोमन राय एवं अन्य लोगो के द्वारा आरोप पत्र दिया गया। उसके उपर 2018 को भी आवेदन पर्षद को दिया गया। उपरोक्त षिकायत पत्र के आलोक में उपाध्यक्ष एवं सचिव से 25.03.2018 को भी आवेदन पर्षद को दिया गया। उपरोक्त षिकायत पत्र के आलोक में उपाध्यक्ष एवं सचिव से 2018 को भी आवेदन पर्षद को दिया गया। उपरोक्त षिकायत पत्र के आलोक में उपाध्यक्ष एवं सचिव से 2018 के द्वारा की गयी थी। पर्षद को स्थानीय जनता का आवेदन स्पटीकरण की मांग पर्षदीय पत्र दिनांक-13.06.2018 के द्वारा की गयी थी। पर्षद को स्थानीय जनता का आवेदन स्पटीकरण की मांग पर्षदीय पत्र दिनांक-13 मन्दिर समिति के पक्ष में भी प्राप्त हुआ।समिति के सचिव द्वारा श्री देवन्द्र प्रसाद एवं अन्य के आरोप के संबंध में अपना भी प्राप्त हुआ।समिति के सचिव द्वारा श्री देवन्द्र प्रसाद एवं अन्य के आरोप के संबंध में अपना भी प्राप्त हुआ।समिति के सचिव द्वारा श्री देवन्द्र प्रसाद एवं अन्य के आरोप के संबंध में अपना 2018 एवं 19.11.2019 प्रेषित किया गया। जिसमें उल्लेख किया गया कि मन्दिर परिसर में 2019 प्रेषित किया गया। जिसमें उल्लेख किया गया कि मन्दिर परिसर में स्पष्टीकरण दिनांक-04.07.2018 एवं 19 ा रहता है एवं तरह-तरह के षडयंत्र रचते षिकायतकर्त्ता मिठाई की दुकान चलाते हैं। यहा असमाजिक तत्वों का अड्‌डा रहता है एवं तरह-तरह के षडयंत्र रचते षिकायतकर्त्ता मिठाई की दुकान चलाते हैं। यहा असमाजिक तत्वों का अड्‌ड हैं। इस बीच षिकायतकर्त्ता डोमन राय, उपाध्यक्ष की मृत्यु हो गई। देवेन्द्र राय पुनः दिनांक-25.09.2019 को एक हैं। इस बीच षिकायतकर्त्ता डोमन राय, उपाध्यक्ष की मृत्यु हो गई। देवेन्द्र राय पुनः दिनांक-25 हैं। इस बीच षिकायतकर्त्ता डोमन राय, उपाध्यक्ष की मृत्यु हो गई। देवेन्द्र राय पुनः दिनांक-25 आवेदन देकर कार्यरत कमिटी पर प्रष्न चिन्ह अंकित करते हैं तथा समिति को भंग करने की मांग करते हैं। सचिव आवेदन देकर कार्यरत कमिटी पर प्रष्न चिन्ह अंकित करते हैं तथा समिति को भंग करने की मांग करते हैं। सचिव आवेदन देकर कार्यरत कमिटी पर प्रष्न चिन्ह अंकित करते हैं तथा समिति को भंग करने की मांग करते हैं। सचिव द्वारा अपने स्पष्टीकरण दिनांक-19 2019 में उल्लेख किया है, कि पूर्व में मन्दिर झोपड़ीनुमा था, जिसका निबंधन वर्ष करण दिनांक-19.09.2019 में उल्लेख किया है, कि पूर्व में मन्दिर झोपड़ीनुमा था, जिसका निबंधन वर्ष 1988 में इनके द्वारा कराया गया। वर्ष 1994 में इनकेा सचिव बनाया गया। पर्षद के द्वारा समिति के उपाध्यक्ष डॉ0 1988 में इनके द्वारा कराया गया। वर्ष 1994 में इनकेा सचिव बनाया गया। पर्षद के द्वारा समिति के उपाध्यक्ष डॉ0 1988 में इनके द्वारा कराया गया। वर्ष 1994 में इनकेा सचिव बनाया गया। पर्षद के द्वारा समिति के उपाध्यक्ष डॉ0 , जिसका उत्तर देते हुऐ उन्होनें मन्दिर की व्यवस्था 2019 द्वारा स्पष्टीकरण की माँग की गयी, जिसका उत्तर देते हुऐ उन्होनें मन्दिर की व्यवस्था आलोक से दिनांक-26.09.2019 द्वारा स्पष्टीकरण की माँग की गयी में किये गये अपने प्रयासो कों विस्तार पूर्वक लिखा। साथ हीं षिकायतकर्त्ता के द्वारा गलत, झूठ एवं मनगढंत बातों की में किये गये अपने प्रयासो कों विस्तार पूर्वक लिखा। साथ हीं षिकायतकर्त्ता के द्वारा गलत, झूठ एवं मनगढंत बातों की में किये गये अपने प्रयासो कों विस्तार पूर्वक लिखा। साथ हीं षिकायतकर्त्ता के द्वारा गलत, झूठ एवं मनगढंत बातों की चर्चा की गयी। षिकायकत्ताओं के विपरीत दो प्रार्थना पत्र पर्षद को प्राप्त हुआ, जिसमें न्यास समिति के चर्चा की गयी। षिकायकत्ताओं के विपरीत दो प्रार्थना पत्र पर्षद को प्राप्त हुआ, जिसमें न्यास समिति के कार्य को चर्चा की गयी। षिकायकत्ताओं के विपरीत दो प्रार्थना पत्र पर्षद को प्राप्त हुआ, जिसमें न्यास समिति के संतोषजनक बताया गया तथा लगाऐ गये आरेाप वैमनस्यता के आधार पर दाखिल किये गये। अतः उपरोक्त परिस्थिति संतोषजनक बताया गया तथा लगाऐ गये आरेाप वैमनस्यता के आधार पर दाखिल किये गये। अतः उपरोक्त परिस्थिति संतोषजनक बताया गया तथा लगाऐ गये आरेाप वैमनस्यता के आधार पर दाखिल किये गये। अतः उपरोक्त परिस्थिति में देवेन्द्र कुमार एवं अन्य के द्वारा दाखिल षिकायत पत्र में कोई बल न पाते हुऐ आदेष दिनांक- 18.08. में देवेन्द्र कुमार एवं अन्य के द्वारा दाखिल षिकायत पत्र में कोई बल न पाते हुऐ आदेष दिनांक- 18 में देवेन्द्र कुमार एवं अन्य के द्वारा दाखिल षिकायत पत्र में कोई बल न पाते हुऐ आदेष दिनांक- 18 के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष द्वारा त्याग पत्र दिया जा चूका है। एक उपायध्यक्ष 2020निरस्त किया गया।कार्यरत न्यास समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष द्वारा त्याग पत्र दिया जा चूका है। एक उपायध्यक्ष 2020निरस्त किया गया।कार्यरत न्यास समिति डोमन राय की मृत्यु हो चुकी है तथा सदस्य अनिल कुमार एवं सचिव द्वारा डोमन राय की मृत्यु हो चुकी है तथा सदस्य अनिल कुमार एवं सचिव द्वारा

उल्लेख किया गया है, कि बहुत से सदस्य मन्दिर की बैठक में भाग नहीं लेते हैं। ऐसी परिस्थिति में कार्यरत उल्लेख किया गया है, कि बहुत से सदस्य मन्दिर की बैठक में भाग नहीं लेते हैं। ऐसी परिस्थिति में कार्यरत उल्लेख किया गया है, कि बहुत से सदस्य मन्दिर की बैठक में भाग नहीं लेते हैं। ऐसी परिस्थिति में कार्यरत नवीन न्यास समिति का गठन किया जाना आवष्यक प्रतीत होता है। नवीन न्यास समिति का गठन किया जाना आवष्यक प्रतीत होता है। न्यास समिति को भंग करते हुऐ नवीन न्यास समिति का गठन किया जाना आवष्यक प्रतीत होता है।2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू30द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध नयी न्यास समिति गठन के संबंध में देवेन्द्र प्रसाद के अध्यक्षता में एक बैठक दिनांक-29.11.2019 का उल्लेख करते हुऐ 11 व्यक्तियों का नाम पर्षद को प्राप्त कराया गया। कार्यरत न्यास समिति द्वारा भी 11 नामों का प्रस्ताव 05. 12.2019 को पर्षद को उपलब्ध कराया गया। पर्षद के द्वारा जिला पदाधिकारी पटना से भी नाम की माँग की गयी। जिला पदाधिकारी के यहां से कोई रिपोर्ट नहीं प्राप्त होने पर अपरसमाहर्त्ता पटना के दिनांक-29.11.2019 एवं 05.12. 2019 की सूची भेजते हुऐ मंतव्य के साथ 11 सदस्यों के नामों की माँग की गयी उक्त के आलोक में दिनांक-22.06. 2020 को अपरसमाहर्त्ता के माध्यम से पुलिस सत्यापन करते हुऐ 06 नामों का प्रस्ताव पर्षद को भेजा गया, सभी पहलुओं पर विचार करते हुऐ अपरसमाहर्त्ता द्वारा अनुमोदित/प्रस्तावित सूची पर विचार करते हुऐ एवं बिहार सरकार के उच्च पदों से सेवा निवृत एवं सेवारत सदस्यों को 11 सदस्यीए अस्थायी समिति का गठन आदेष दिनांक-18.08.2020 के आलोक में किया जाता है।

अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जोबिहार हिन्दूधार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को बिहार हिन्दूधार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को बिहार हिन्दूधार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को बिहार हिन्दूधार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा कॉलोनी, पटना'' प्राप्त हैप्राप्त हैप्राप्त हैप्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा कॉलोनी, पटना श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा कॉलोनी, पटना श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा कॉलोनी, पटना के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजनायोजनायोजनायोजना

बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री काली श्री काली श्री काली श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट , बुद्धा कॉलोनी, पटना''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा कॉलोनी, पटना , बुद्धा कॉलोनी, पटना , बुद्धा कॉलोनी, पटना स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा कॉलोनी, श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा कॉलोनी, श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा कॉलोनी, श्री काली स्थान, सती स्थान एवं शंकर जी का स्थान, बांस घाट, बुद्धा कॉलोनी, पटनापटनापटनापटना'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकालकर खर्च किया जायेगा।

4. न्यास के खाते का संचलान दो सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा । महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी।

13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे । बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।3 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू30द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. न्यायमूर्त्ति श्री आर0 एन0 प्रसाद (अ0 प्रा0) - पदेन अध्यक्ष 2. अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर - उपाध्यक्ष 3. डॉ0 संजय कुमार - उपाध्यक्ष 4. श्री शैलेन्द्र प्रसाद (सेवानिवृत अभियंता) - सचिव 5. श्री संजय सिंह (से0 नि0 जिला जज) - संयुक्त सचिव 6. श्री सिद्धेष्वर प्रसाद सिन्हा - कोषाध्यक्ष 7. श्री शषिभूषण कुमार(अधिवक्ता) - सदस्य 8. श्री श्याम बाबू यादव उर्फ मल्लू गोप - सदस्य 9. अंचलाधिकारी, पटना सदर - सदस्य 10. थानाध्यक्ष, बुद्धा कॉलोनी - सदस्य 11. श्री आनन्द कुमार शुक्ला - सदस्य उपर्युक्त योजना का कार्यकाल 05 वर्षों के लिए होगा। न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से किया जाता है। समिति के 01 वर्ष का कार्यमुल्यांकन के पष्चात्‌ संतोषजनक पाये जाने पर ही आगे विचार किया जायेगा। पर्षद के गठन के पश्चात इसके स्थायी किए जाने पर विचार किया जायेगा।

न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमिसम्पत्ति/भूमिसम्पत्ति/भूमिसम्पत्ति/भूमि का का का का हस्तान्तरण/बदलैन हस्तान्तरण/बदलैन हस्तान्तरण/बदलैन हस्तान्तरण/बदलैन नोटः-नोटः-नोटः-नोटः- न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का /विक्र/विक्र/विक्र/विक्रय/पट्‌टा/लीजय/पट्‌टा/लीजय/पट्‌टा/लीजय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे एअधिकार नहीं होगा। अगर वे एअधिकार नहीं होगा। अगर वे एअधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा। न्यास समिति के विरूद्ध ेसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा। न्यास समिति के विरूद्ध ेसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा। न्यास समिति के विरूद्ध ेसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा। न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेष से, अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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ख्ँरु ;बपकरू19द्ध;बपकरू4द्ध ;द्ध;बपकरू4द्धरु

;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्धरु ;बपकरू4द्ध द्वा;बपकरू4द्ध ;बपकरू18द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू19द्ध म;बपकरू9द्ध ;;बपकरू1द्धद्धघ्

;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू27द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू28द्ध 8;बपकरू15द्ध;बपकरू15द्ध.5ध्1़1;बपकरू10द्ध.;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध;बपकरू10द्धघ्

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 11 November 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2020-11-11.866/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2020-11-11.866.