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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 11 November 2020

Published 11 November 2020

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2020-11-11.867
Languages
English, Hindi

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बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना 11 फरवरी11 फरवरी11 फरवरी11 फरवरी 2020202020202020

सं॰ 2780—काली मन्दिर सरौनीकला, बिहारीगंज, जिला-मधेपुरा पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक काली मन्दिर सरौनीकला, बिहारीगंज, जिला-मधेपुरा पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक काली मन्दिर सरौनीकला, बिहारीगंज, जिला-मधेपुरा पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4472 है। पूर्व में मन्दिर की देख-रेख स्वयं-भू न्यास समिति द्वारा की जाती रही है। न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4472 है। पूर्व में मन्दिर की देख-रेख स्वयं-भू न्यास समिति द्वारा की जाती रही है। न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4472 है। पूर्व में मन्दिर की देख-रेख स्वयं-भू न्यास समिति द्वारा की जाती रही है। स्वयं-भू समिति में भी आपस में काफी विवाद रहा है। स्वयं-भू समिति के अध्यक्ष शैलेष्वर मंडल एवं सचिव, सुरेन्द्र स्वयं-भू समिति में भी आपस में काफी विवाद रहा है। स्वयं-भू समिति के अध्यक्ष शैलेष्वर मंडल एवं सचिव, सुरेन्द्र मिश्रा द्वारा उक्त मन्दिर की भूमि की बन्दोबस्ती तथा उसमें स्थित लगभग 72 किरायेदार को बिना किसी रसीद के मिश्रा द्वारा उक्त मन्दिर की भूमि की बन्दोबस्ती तथा उसमें स्थित लगभग 72 किरायेदार को बिना किसी रसीद के मिश्रा द्वारा उक्त मन्दिर की भूमि की बन्दोबस्ती तथा उसमें स्थित लगभग 72 किरायेदार को बिना किसी रसीद के किराया बसूला जाता था। कोई हिसाब-किताब नहीं दिया जाता था। किराया बसूला जाता था। कोई हिसाब-किताब नहीं दिया जाता था।

011-12 में क्रमषः 81,681, 1,14,065 तथा 1,23,950 रुपये आय दिखलायी गयी। वर्ष 2009-10, 2010-11, 2011-12 में क्रमषः 81,681, 1,14,065 तथा 1,23,950 रुपये आय दिखलायी गयी। वर्ष 2009-10, 2010-11, 2 वर्ष 2012 में 17 हजार रुपया पर्षद शुल्क के मद में जमा किया गया था। पर्षद द्वारा अध्यक्ष एवं सचिव को स्पष्ट वर्ष 2012 में 17 हजार रुपया पर्षद शुल्क के मद में जमा किया गया था। पर्षद द्वारा अध्यक्ष एवं सचिव को स्पष्ट वर्ष 2012 में 17 हजार रुपया पर्षद शुल्क के मद में जमा किया गया था। पर्षद द्वारा अध्यक्ष एवं सचिव को स्पष्ट निर्देष दिया गया था कि मन्दिर के नाम से बैंक खाता खोलकर सभी प्रकार की आय को बै निर्देष दिया गया था कि मन्दिर के नाम से बैंक खाता खोलकर सभी प्रकार की आय को बैंक में जमा करेंगे और चेक निर्देष दिया गया था कि मन्दिर के नाम से बैंक खाता खोलकर सभी प्रकार की आय को बै के माध्यम से व्यय किया जाए, परन्तु वर्ष 2012 के बाद न तो कोई आय-व्यय दिया गया और न पर्षद को निर्देषों का के माध्यम से व्यय किया जाए, परन्तु वर्ष 2012 के बाद न तो कोई आय-व्यय दिया गया और न पर्षद को निर्देषों का के माध्यम से व्यय किया जाए, परन्तु वर्ष 2012 के बाद न तो कोई आय-व्यय दिया गया और न पर्षद को निर्देषों का पालन किया गया और न किसी प्रकार का शुल्क दिया गया। पालन किया गया और न किसी प्रकार का शुल्क दिया गया।

इस तरह स्वयंभू न्यास समिति मन्दिर से होने वाली सभी आय का अपने निजी कार्य के लिए प्रयोग करने इस तरह स्वयंभू न्यास समिति मन्दिर से होने वाली सभी आय का अपने निजी क इस तरह स्वयंभू न्यास समिति मन्दिर से होने वाली सभी आय का अपने निजी क लगी। श्री अषोक मंडल द्वारा पर्षद को एक पत्र दिनांक-23 2017 को प्राप्त कराया गया, जिसमें उनके द्वारा उल्लेख लगी। श्री अषोक मंडल द्वारा पर्षद को एक पत्र दिनांक-23.09.2017 को प्राप्त कराया गया, जिसमें उनके द्वारा उल्लेख किया गया कि कमिटी के सदस्यों द्वारा शैलेष्वर मंडल को अध्यक्ष के पद से हटाकर अषोक मंडल को अध्यक्ष बनाया किया गया कि कमिटी के सदस्यों द्वारा शैलेष्वर मंडल को अध्यक्ष के पद से हटाकर अषोक मंडल को अध्यक्ष बनाया किया गया कि कमिटी के सदस्यों द्वारा शैलेष्वर मंडल को अध्यक्ष के पद से हटाकर अषोक मंडल को अध्यक्ष बनाया ाँ मेला आयोजन का लगभग 01 लाख 50 हजार रुपया जमा था जो उन्होंने न तो बैंक ाँ मेला आयोजन का लगभग 01 लाख 50 हजार रुपया जमा था जो उन्होंने न तो बैंक गया। सचिव, सुरेन्द्र मिश्र के यहाँ मेला आयोजन का लगभग 01 लाख 50 हजार रुपया जमा था जो उन्होंने न तो बैंक में जमा किया और न समिति को दिया। अतः उनको भी सचिव के पद से हटा दिया गया। श्री अषोक मंडल द्वारा में जमा किया और न समिति को दिया। अतः उनको भी सचिव के पद से हटा दिया गया। श्री अषोक मंडल द्वारा में जमा किया और न समिति को दिया। अतः उनको भी सचिव के पद से हटा दिया गया। श्री अषोक मंडल द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी0 डब्लु0 जे0 सी0 संख्या-1924/2014 दाखिल किया गया था जो दिनांक-23.08.2017 माननीय उच्च न्यायालय में सी0 डब्लु0 जे0 सी0 संख्या-1924/2014 दाखिल किया गया था जो माननीय उच्च न्यायालय में सी0 डब्लु0 जे0 सी0 संख्या-1924/2014 दाखिल किया गया था जो को निस्तारित करते हुए निर्देष दिया कि पर्षद के समक्ष उपस्थित हों। को निस्तारित करते हुए निर्देष दिया कि पर्षद के समक्ष उपस्थित हों।

संचिका से स्पष्ट है कि उक्त मन्दिर में लगभग 24 ए0 40 डी0 जमीन है। वर्ष 1962 में भुनेष्वरी मंडल द्वारा संचिका से स्पष्ट है कि उक्त मन्दिर में लगभग 24 ए0 40 डी0 जमीन है। वर्ष 1962 में भुनेष्वरी मंडल द्वारा संचिका से स्पष्ट है कि उक्त मन्दिर में लगभग 24 ए0 40 डी0 जमीन है। वर्ष 1962 में भुनेष्वरी मंडल द्वारा ाा ग्रामीणों द्वारा चंदा एकत्रित 13 एकड़ 57 डीसमिल जमीन दान देकर सार्वजनिक धार्मिक न्यास की स्थापना की थी तथा ग्रामीणों द्वारा चंदा एकत्रित 13 एकड़ 57 डीसमिल जमीन दान देकर सार्वजनिक धार्मिक न्यास की स्थापना की थी तथ् कर 11 बीघा 08 कट्‌ठा 14 धुर जमीन और मन्दिर के नाम से क्रय किया गया तथा पर्षद द्वारा उक्त मन्दिर की वस्तु कर 11 बीघा 08 कट्‌ठा 14 धुर जमीन और मन्दिर के नाम से क्रय किया गया तथा पर्षद द्वारा उक्त मन्दिर की वस्तु कर 11 बीघा 08 कट्‌ठा 14 धुर जमीन और मन्दिर के नाम से क्रय किया गया तथा पर्षद द्वारा उक्त मन्दिर की वस्तु 2014 में उल्लेख किया है कि स्थिति के संबंध में जाँच करायी गयी और निरीक्षक द्वारा अपनी रिपोर्ट दिनांक-24.09.2014 में उल्लेख किया है कि स्थिति के संबंध में जाँच करायी गयी और निरीक्षक द्वारा अपनी रिपोर्ट दिनांक-24 रा सार्वजनिक एवं धार्मिक न्यास बतलाते हुए कहा कि इसका संचालन सभी ग्रामवासियों के सहयोग, सभी ग्रामीणों द्वारा सार्वजनिक एवं धार्मिक न्यास बतलाते हुए कहा कि इसका संचालन सभी ग्रामवासियों के सहयोग, रा सार्वजनिक एवं धार्मिक न्यास बतलाते हुए कहा कि इसका संचालन सभी ग्रामवासियों के सहयोग, दान एवं चंदे से होता है तथा यह भी उल्लेख किया कि मन्दिर की भूमि मुख्य सड़क से पूरब और पष्चिम स्थित है, दान एवं चंदे से होता है तथा यह भी उल्लेख किया कि मन्दिर की भूमि मुख्य सड़क से पूरब और पष्चिम स्थित है, दान एवं चंदे से होता है तथा यह भी उल्लेख किया कि मन्दिर की भूमि मुख्य सड़क से पूरब और पष्चिम स्थित है, समें दुकानदार विभिन्न प्रकार का व्यवसाय जिसमें पूरब की तरफ 35 दुकान एवं पष्चिम की तरफ 37 दुकानें है, जिसमें दुकानदार विभिन्न प्रकार का व्यवसाय जिसमें पूरब की तरफ 35 दुकान एवं पष्चिम की तरफ 37 दुकानें है, जि2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू31द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध करते है, परन्तु किसी भी प्रकार का कोई किराया या तो देते नहीं है और कुछ देते भी है तो उनको कोई रसीद नहीं दी जाती है और यह भी उल्लेख किया गया कि अषोक मंडल द्वारा भी अपने पुत्र के नाम पर दुकान किराये पर ली और उसे मो0 मोहररम को दे दिया है। इस प्रकार स्वयं-भू समिति के व्यक्तियों द्वारा भी अवैध कार्य किया जा रहा है। उपरोक्त परिस्थिति को देखते हुए पर्षद के पत्र दिनांक-8.12.2017 द्वारा अनुमण्डल पदाधिकारी से धार्मिक और स्वच्छ चरित्र के व्यक्तियों के 11 नामों की सूची की मांग की गयी। उक्त के आलोक में अनुमण्डल पदाधिकारी ने अपने पत्र दिनांक-10.03.2018 द्वारा सूची प्राप्त करायी गयी।

तत्पष्चात्‌ पर्षद के निबंधित पत्र दिनांक-09.12.2019 द्वारा स्वयं-भू समिति के पूर्व अध्यक्ष अषोक मंडल एवं शैलेष्वर मंडल तथा सचिव सुरेन्द्र मिश्र को पर्षद के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने हेतु सूचना दी गयी। पुनः दिनांक-13.11.2019 को निबंधित डाक द्वारा उक्त व्यक्तियों को सूचित किया गया कि दिनांक-02.12.2019 को पर्षद में उपस्थित हो, परन्तु उक्त तिथि पर भी कोई पक्ष उपस्थित नहीं हुआ।

निबंधित न्यास काली मन्दिर, सरौनी कला के सम्पत्ति तथा उक्त न्यास की भूमि पर सभी 72 किरायेदार जो विभिन्न प्रकार का व्यवसाय करते है, जो मन्दिर की आय का मुख्य स्त्रोत है; पूर्व के सदस्यों द्वारा इस आय का बंदरबाँट किया गया। मन्दिर के दैनिक कार्यकलाप राग-भोग आदि को सुचारू रूप से चलाने के लिए इन सभी परिस्थितियों एवं अनुमण्डल पदाधिकारी, उदाकिषुनगंज द्वारा प्रस्तावित सूची पर विचार करते हुए उक्त मन्दिर के सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक विकास हेतु बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः मैं अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो न्यास की उपविधि 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री काली मन्दिर, सरौनी कला, बिहारीगंज जिला-मधेपुरा के सुचारू प्रबध्ांन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा सम्यक विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण करता हूँ तथा इसे मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजनायोजनायोजनायोजना

1. अधिनियम की धारा 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री काली मन्दिर, सरौनी कला, ''श्री काली मन्दिर, सरौनी कला, ''श्री काली मन्दिर, सरौनी कला, ''श्री काली मन्दिर, सरौनी कला, बिहारीगंज जिला-मधेपुरा न्यास योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित बिहारीगंज जिला-मधेपुरा न्यास योजना'' बिहारीगंज जिला-मधेपुरा न्यास योजना'' बिहारीगंज जिला-मधेपुरा न्यास योजना'' न्यास समिति का नाम ''श्री काली मन्दिर, सरौनीकला, बिहारीगंज, जिला-मधेपुरा न्यास समिति'' ''श्री काली मन्दिर, सरौनीकला, बिहारीगंज, जिला-मधेपुरा न्यास समिति'' ''श्री काली मन्दिर, सरौनीकला, बिहारीगंज, जिला-मधेपुरा न्यास समिति'' ''श्री काली मन्दिर, सरौनीकला, बिहारीगंज, जिला-मधेपुरा न्यास समिति'' होगी जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण, संरक्षण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था सुनिष्चित करना होगा।

3. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा।

4. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्य वृत एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद्‌ को प्रेषित करेगी।

5. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद्‌ को प्रेषित की जायेगी। 6. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ को अनुमोदन के लिए भेजेगी।

7. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।

8. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा।

9 न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

10. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास समिति के सभी सदस्य सहयोग के साथ उक्त ऐतिहासकि मन्दिर के विकास हेतु कार्य करेंगे। 12. न्यास समिति के कोषाध्यक्ष एवं अध्यक्ष या सचिव के साथ संयुक्त खाता खोलकर मन्दिर से होने वाली सभी आय को बैंक में जमा करेंगे।

13. न्यास के सभी दुकानदार किराया सचिव को देंगे और उसकी रसीद प्राप्त करेंगे, रसीद की कार्बन प्रति कोषाध्यक्ष के पास सुरक्षित रहेगी और आवष्यकता पड़ने पर पर्षद के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। जो3 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू31द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध दुकानदार किराया नहीं देते है, उसके विरूद्ध अबिलम्ब हटाये जाने की कार्यवाही थाना के सहयोग से करेंगे।

उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति गठित की जाती है :-

1. अनुमण्डल पदाधिकारी, उदाकिषनुगंज, मधेपुरा - अध्यक्ष 2. श्री भीम मंडल, पिता-स्व0 राममोहन मंडल -उपाध्यक्ष पता- वार्ड सं0-14 सरौनी कला, थाना-बिहारीगंज, मधेपुरा

3. श्री नवीन कुमार झा, पिता- श्री शैलेष्वर झा - सचिव

वार्ड संख्या-03, सरौलीकल, बिहारीगंज, मधेपुरा

4. श्री वकील मंडल, पिता- स्व0 जगदीष मंडल -कोषाध्यक्ष वार्ड संख्या-07, सरौनीकला, बिहारीगंज, मधेपुरा

5. श्री मनोज कुमार झा, पिता- श्री हिराकान्त झा - सदस्य वार्ड संख्या-02, सरौनीकला, बिहारीगंज, मधेपुरा

6. श्री मुन्ना राम, पिता-श्री सुरेष राम - सदस्य वार्ड संख्या-04, सरौनीकला, बिहारीगंज, मधेपुरा

7. श्री संजय राम, पिता-श्री लक्ष्मण राम - सदस्य वार्ड संख्या-05, सरौनीकला, बिहारीगंज, मधेपुरा

8. श्री फुलेष्वर पासवान, पिता-श्री भोला पासवान - सदस्य वार्ड संख्या-06, सरौनीकला, बिहारीगंज, मधेपुरा

9. श्री राजकुमार मेहरा, पिता-श्री उपेन्द्र मेहरा - सदस्य वार्ड संख्या-09, सरौनीकला, बिहारीगंज, मधेपुरा

10. श्री कैलाष मंडल, पिता-श्री देवनारायण मंडल - सदस्य वार्ड संख्या-10, सरौनीकला, बिहारीगंज, मधेपुरा

11. श्री नवल शर्मा, पिता- श्री खुषीलाल शर्मा - सदस्य वार्ड संख्या-11, सरौनी कला बिहारीगंज, मधेपुरा उक्त न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से किया जाता है और संबंधित थाने से सत्यापण प्राप्त होने के पश्चात्‌ बोर्ड के समक्ष स्थायी बनाये जाने पर विचार किया जायेगा।

नोटः(1) राजस्व अभिलेख में मन्दिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज ''काली मन्दिर, सरौनी कला, बिहारीगंज, नोटः(1) राजस्व अभिलेख में मन्दिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज ''काली मन्दिर, सरौनी कला, बिहारीगंज, नोटः(1) राजस्व अभिलेख में मन्दिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज ''काली मन्दिर, सरौनी कला, बिहारीगंज, नोटः(1) राजस्व अभिलेख में मन्दिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज ''काली मन्दिर, सरौनी कला, बिहारीगंज,

व्यक्ति विषेष के नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा। मधेपुरा'' के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा। मधेपुरा'' के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा। व्यक्ति विषेष के नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा। मधेपुरा'' के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी मधेपुरा'' के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी

(2) न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का (2) न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का (2) न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का (2) न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/बिक्रय/पट्‌टा/लीज आदि देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का हस्तान्तरण/बदलैन/बिक्रय/पट्‌टा/लीज आदि देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का हस्तान्तरण/बदलैन/बिक्रय/पट्‌टा/लीज आदि देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का हस्तान्तरण/बदलैन/बिक्रय/पट्‌टा/लीज आदि देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैअधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैअधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैअधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्यवाई तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्यवाई तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्यवाई तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्यवाई की जा सकती है।की जा सकती है।की जा सकती है।की जा सकती है।

आदेष से, अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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ख्ष्ँ ;बपकरू20द्ध;बपकरू4द्ध द्ध';बपकरू4द्ध

;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध द्वा;बपकरू4द्ध ;बपकरू19द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू20द्ध म;बपकरू9द्ध द्ध;बपकरू1द्ध'घ्

;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू28द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू29द्ध 8;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्धण्5;बपकरू16द्ध1़1;बपकरू10द्धण्ष्;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्धष्;बपकरू10द्धघ्

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 11 November 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2020-11-11.867/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2020-11-11.867.