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2;बपकरू10द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू19र्द्ध 1;बपकरू25द्ध42 ;बपकरू27द्ध;बपकरू10द्ध;बपकरू28द्ध
;बपकरू9द्ध;बपकरू10द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू14द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू14द्ध;बपकरू4द्ध
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बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना 13 दिसम्बर 201913 दिसम्बर 201913 दिसम्बर 201913 दिसम्बर 2019
सं॰ 1919—मधेपुरा जिलान्तर्गत सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के तहत मधेपुरा जिलान्तर्गत सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के तहत मधेपुरा जिलान्तर्गत सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-180 है। पूर्व में पर्षदीय पत्रांक 1199 दिनांक 25.09. निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-180 है। पूर्व में पर्षदीय पत्रांक 1199 दिनांक 25 निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-180 है। पूर्व में पर्षदीय पत्रांक 1199 दिनांक 25 व्यवस्था हेतु एक मार्ग दर्षिका तैयार की गयी थी। उक्त के आलोक में 2013 द्वारा सिहेंष्वर स्थान मन्दिर की व्यवस्था हेतु एक मार्ग दर्षिका तैयार की गयी थी। उक्त के आलोक में 2013 द्वारा सिहेंष्वर स्थान मन्दिर की अधिसूचना दिनांक 08.11.2014 द्वारा 05 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था। पंडा समाज से कोई व्यक्ति 2014 द्वारा 05 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था। पंडा समाज से कोई व्यक्ति 2014 द्वारा 05 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था। पंडा समाज से कोई व्यक्ति समिति में नहीं था। अतः विचारोपरान्त पंडा समाज से श्री धर्मनारायण ठाकुर एवं श्री सुधीर ठाकुर समिति में नहीं था। अतः विचारोपरान्त पंडा समाज से श्री धर्मनारायण ठाकुर एवं श्री सुधीर ठाकुर को न्यास समिति का समिति में नहीं था। अतः विचारोपरान्त पंडा समाज से श्री धर्मनारायण ठाकुर एवं श्री सुधीर ठाकुर सदस्य बनाया गया तथा दो अन्य व्यक्ति श्री सरोज कुमार तथा उपेन्द्र कुमार रजक को जो स्वत्व वाद संख्या 03/37 सदस्य बनाया गया तथा दो अन्य व्यक्ति श्री सरोज कुमार तथा उपेन्द्र कुमार रजक को जो स्वत्व वाद संख्या 03/37 सदस्य बनाया गया तथा दो अन्य व्यक्ति श्री सरोज कुमार तथा उपेन्द्र कुमार रजक को जो स्वत्व वाद संख्या 03/37 के वादी के वंषज थे एवं दलित समाज का व्यक्ति था को सदस्य के रूप में मान्यता दी गयी। कुछ समय वाद पंडा के वादी के वंषज थे एवं दलित समाज का व्यक्ति था को सदस्य के रूप में मान्यता दी गयी। कुछ समय वाद पंडा के वादी के वंषज थे एवं दलित समाज का व्यक्ति था को सदस्य के रूप में मान्यता दी गयी। कुछ समय वाद पंडा समाज से नामित दोंनो व्यक्तियों के विरूद्ध आपत्ति प्राप्त हुयी जिसपर न्यास समिति कि अध्यक्ष श्री एस0 के0 आपत्ति प्राप्त हुयी जिसपर न्यास समिति कि अध्यक्ष श्री एस0 के0 समाज से नामित दोंनो व्यक्तियों के विरूद्ध झा(सेवानिवृत जिला जज) से मंतव्य की मांग की गयी जिन्होंने अपनी रिपोर्ट दिनांक 02 12.2016 में धर्मनारायण ठाकुर झा(सेवानिवृत जिला जज) से मंतव्य की मांग की गयी जिन्होंने अपनी रिपोर्ट दिनांक 02.12 को एक आपराधिक वाद में अभियुक्त तथा न्यास की सम्पत्ति को अतिक्रमित करने के संबंध में आरोपित बतलाया तथा को एक आपराधिक वाद में अभियुक्त तथा न्यास की सम्पत्ति को अतिक्रमित करने के संबंध में आरोपि को एक आपराधिक वाद में अभियुक्त तथा न्यास की सम्पत्ति को अतिक्रमित करने के संबंध में आरोपि दूसरे सदस्य श्री सुधीर ठाकुर की छवि अच्छी नहीं होने का उल्लेख किया। अतः पर्षदीय आदेष दिनांक 05.12.2016 दूसरे सदस्य श्री सुधीर ठाकुर की छवि अच्छी नहीं होने का उल्लेख किया। अतः पर्षदीय आदेष दिनांक 05 दूसरे सदस्य श्री सुधीर ठाकुर की छवि अच्छी नहीं होने का उल्लेख किया। अतः पर्षदीय आदेष दिनांक 05 द्वारा श्री धर्मनाराण ठाकुर एवं श्री सुधीर ठाकुर को सदस्य पद से मुक्त करते हुए श्री संजीव कुमार ठाकुर एवं कन्हैया द्वारा श्री धर्मनाराण ठाकुर एवं श्री सुधीर ठाकुर को सदस्य पद से मुक्त करते हुए श्री संजीव कुमार ठाकुर एवं कन्हैया द्वारा श्री धर्मनाराण ठाकुर एवं श्री सुधीर ठाकुर को सदस्य पद से मुक्त करते हुए श्री संजीव कुमार ठाकुर एवं कन्हैया ठाकुर को सदस्य के रूप में मान्यता दी गयी। ठाकुर को सदस्य के रूप में मान्यता द
उक्त न्यास समिति का कार्यकाल समाप्ति की ओर अग्रसर होने के कारण दिनांक 14.01.2019 के आदेष के उक्त न्यास समिति का कार्यकाल समाप्ति की ओर अग्रसर होने के कारण दिनांक 14 उक्त न्यास समिति का कार्यकाल समाप्ति की ओर अग्रसर होने के कारण दिनांक 14 आलोक में जिला पदाधिकारी, मधेपुरा से स्वच्छ छवि के ग्यारह व्यक्तियों की सूची की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी आलोक में जिला पदाधिकारी, मधेपुरा से स्वच्छ छवि के ग्यारह व्यक्तियों की सूची की मांग की गयी। जिल आलोक में जिला पदाधिकारी, मधेपुरा से स्वच्छ छवि के ग्यारह व्यक्तियों की सूची की मांग की गयी। जिल संबंध में पर्षद को डाक एवं e-mail के माध्यम से 04 का प्रतिवेदन दिनांक-22.08.2019 को प्राप्त हुआ जिसके 2019 को प्राप्त हुआ जिसके संबंध में पर्षद को डाक एवं प्रस्तावित नामों में 04 व्यक्तियों के विरूद्ध जिला व्यक्तियों के विरूद्ध षिकायत प्राप्त हुयी और कथन किया गया कि प्रस्तावित नामों में 04 व्यक्तियों के विरूद्ध जिला व्यक्तियों के विरूद्ध षिकायत प्राप्त हुयी और कथन किया गया कि (डी0 एम0) एवं पुलिस अधीक्षक(एस0पी0) द्वारा जांच की जा रही है जिसमें आरोप था कि कन्हैया ठाकुर, (डी0 एम0) एवं पुलिस अधीक्षक(एस0पी0) द्वारा जांच की जा रही है जिसमें आरोप था कि कन्हैया ठाक पदाधिकारी (डी0 एम0) एवं पुलिस अधीक्षक(एस0पी0) द्वारा जांच की जा रही है जिसमें आरोप था कि कन्हैया ठाक संजीव कुमार ठाकुर एवं सरोज कुमार ने मवेषी हाट बन्दोबस्ती में पर्षद के कई निर्देषों के विरूद्ध न्यास हित के संजीव कुमार ठाकुर एवं सरोज कुमार ने मवेषी हाट बन्दोबस्ती में पर्षद के कई निर्देषों के विरूद्ध न्यास हित के संजीव कुमार ठाकुर एवं सरोज कुमार ने मवेषी हाट बन्दोबस्ती में पर्षद के कई निर्देषों के विरूद्ध न्यास हित के प्रतिकुल कार्य किया है। आगे आरोप है कि एक षडयंत्र के तहत जब कमिटी का एक वर्ष का समय शेष था परन्तु प्रतिकुल कार्य किया है। आगे आरोप है कि एक षडयंत्र के तहत जब कमिटी का एक वर्ष का समय शेष था परन्तु प्रतिकुल कार्य किया है। आगे आरोप है कि एक षडयंत्र के तहत जब कमिटी का एक वर्ष का समय शेष था परन्तु मवेषी हाट की नीलामी 03 वर्षों के लिए कर दी गय ी। पर्षद द्वारा जब प्रार्थीगण के आपत्ति पर 03 वर्ष की बन्दोबस्ती मवेषी हाट की नीलामी 03 वर्षों के लिए कर दी गयी। पर्षद द्वारा जब प्रार्थीगण के आपत्ति पर 03 वर्ष की बन्दोबस्ती को रद्द करते हुए 01 वर्ष की मान्यता दी गयी और उसके बाद मवेषी हाट की राजस्व की वसूली खुली डाक द्वारा की को रद्द करते हुए 01 वर्ष की मान्यता दी गयी और उसके बाद मवेषी हाट की राजस्व की वसूली खुली डाक द्वारा की को रद्द करते हुए 01 वर्ष की मान्यता दी गयी और उसके बाद मवेषी हाट की राजस्व की वसूली खुली डाक द्वारा की गयी जिसमें 20 लाख रूपये से अधिक की वृद्धि के साथ बन्दोबस्ती की राषि आयी। यह भी आरोप लगाया कि पर्षद गयी जिसमें 20 लाख रूपये से अधिक की वृद्धि के साथ बन्दोबस्ती की राषि आयी। यह भी आरोप लग गयी जिसमें 20 लाख रूपये से अधिक की वृद्धि के साथ बन्दोबस्ती की राषि आयी। यह भी आरोप लग द्वारा वर्ष 2013 में जारी मार्ग दर्षिका में 02 सदस्य जो पंडा समाज द्वारा नियुक्त करने का प्रावधान था , जबकि दो द्वारा वर्ष 2013 में जारी मार्ग दर्षिका में 02 सदस्य जो पंडा समाज द्वारा नियुक्त करने का प्रावधान था , जबकि दो द्वारा वर्ष 2013 में जारी मार्ग दर्षिका में 02 सदस्य जो पंडा समाज द्वारा नियुक्त करने का प्रावधान था , जबकि दो2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू30द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध पंडा का नाम आया उन्हें पंडा समाज द्वारा नियुक्त नहीं किया गया था। साथ ही श्री धर्मनारायण ठाकुर एवं वीजेेन्द्र ठाकुर द्वारा व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर पर्षद के समक्ष पंडा समाज के 14 सदस्यों में से 09 सदस्यों द्वारा उनको चयन किए जाने की बात कही और इस संबंध में पंडा समाज से 09 सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित प्रस्ताव की प्रति अलग-अलग दाखिल किया।
पर्षद के आदेष दिनांक-14.11.2019 के आलोक में न्यास समिति के सदस्यों के विरूद्ध लगाये गये आरोपों के संबंध में अनुमण्डल पदाधिकारी का पत्र दिनांक-22.11.2019 जो पर्षद को दिनांक-03.12.2019 को प्राप्त हुआ। आवेदिका स्मिता सिंह ने अपने बायोडाटा के साथ एक प्रार्थना पत्र दिया कि वे हकीयत वाद संख्या 03/37 के वादी सूरज प्रसाद सिंह की पौत्री हैं और इनके परिवार से आजतक किसी व्यक्ति को सदस्य नहीं बनाया गया है। संचिका में उपलब्ध दस्तावेजों, आरोपों, षिकायत पत्रों तथा जिला पदाधिकारी द्वारा प्रस्तावित नामों में कुछ संषोधन आवष्यक प्रतीत होता हैः-
1. पंडा समाज के नामित दो सदस्य कन्हैया ठाकुर एवं संजीव कुमार ठाकुर का नाम प्रस्तावित है परन्तु उनका चुनाव पंडा परिवार द्वारा किया गया प्रतीत नहीं होता है जो पर्षद के मार्ग दर्षिका वर्ष 2013 के अनुकुल नहीं है। जहां तक पंडा समाज द्वारा जिन दो व्यक्ति वीजेेन्द्र ठाकुर एवं धर्मनारायण ठाकुर का नाम प्रस्तावित किया गया है, उनमें धर्मनारायण ठाकुर के विरूद्ध समिति के अध्यक्ष(अवकाष प्राप्त जिला जज) द्वारा की गयी रिपोर्ट में गंभीर आरोप मठ की भूमि का अतिक्रमण एवं आपराधिक मामले में संलिप्त होने की रिपोर्ट अनुमण्डल पदाधिकारी से दिनांक-22.11.2019 को प्राप्त होने के कारण सदस्य बनाया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है। दूसरे सदस्य वीजेन्द्र ठाकुर के विरूद्ध किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं है और पंडा समाज द्वारा प्रस्तावित है, अतः जिला पदाधिकारी द्वारा प्रस्तावित सूची में से कन्हैया ठाकुर के स्थान पर वीजेन्द्र ठाकुर को सदस्य बनाया जाता है।
2. चूंकि प्रस्तावित सूची में कोई महिला सदस्य का नाम नहीं है और पर्षद को स्मिता सिंह पति उमाषंकर सिंह, जो स्वत्व वाद संख्या 03/37 में वादी स्व0 सूरज प्रसाद सिंह की पौत्री हैं, का प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुआ है, अतः जिला पदाधिकारी द्वारा प्रस्तावित वादी परिवार के सरोज कुमार सिंह जिनके विरूद्ध आरोप भी है, के स्थान पर स्मिता सिंह को सदस्य के रूप में मान्यता दी जाती है। 3. प्रस्तावित नाम नरेष अग्रवाल के विरूद्ध आरोप प्राप्त हुआ है कि पूर्व में जो मवेषी हाट की बंदोबस्ती एक षडयंत्र के तहत तीन वर्ष के लिए दी गयी थी, जिसे पर्षद के आदेष द्वारा केवल एक वर्ष के लिए मान्यता दी गयी है, उसमें बन्दोबस्ती प्राप्तकर्त्ता के पार्टनर है। अतः उनके स्थान पर मदन मोहन सिंह को सदस्य की मान्यता दी जाती है, जिनका चरित्र सत्यापन भी प्राप्त हो गया है। अतः मैं अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उपविधि संख्या-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री सिंहेष्वर स्थान मन्दिर तथा इसी सम्पत्ति के समुचित प्रबंधन, प्रषासन एवं संचालन तथा निधियों के नियोजन एवं व्ययन के लिए इस अनुपुरक योजना के तहत का निरूपण तथा इसको मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
पूर्व प्रकाषित योजना/मार्गदर्षिका में उल्लेखित नियम/षर्तें/प्रावधानों के अतिरिक्त न्यास समिति निम्नलिखित कर्त्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करेगीः-
1. अधिनियम की धारा 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम '' श्री सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास '' श्री सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास '' श्री सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास '' श्री सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास योजना''योजना''योजना''योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम '' '' '' '' श्री सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास समिति''श्री सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास समिति''श्री सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास समिति''श्री सिंहेष्वर स्थान मन्दिर न्यास समिति'' होगा।
2. मन्दिर एवं उसकी समग्र चल-अचल सम्पत्तियों का प्रबंधन, संचालन एवं प्रषासन का अधिकार न्यास समिति में निहित होगा।
3. इस न्यास समिति का प्रमुख दायित्व शास्त्रीय मर्यादा तथा युगधर्म के अनुरूप मन्दिरों में नियमित पूजन-अर्चन, राग-भोग एवं सामयिक उत्सवों का सम्यक् आयोजन एवं प्रबंधन सुनिष्चित करना होगा।
4. मन्दिर के सिंहद्वार एवं अन्य भवनों/मंदिरों को भव्य रूप देने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
5. न्यास समिति मन्दिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, पूजा-पाठ एवं धार्मिक तथा मांगलिक अनुष्ठानों एवं संस्कारिक क्रिया कलाप हेतु समुचित व्यवस्था करेगी तथा इसके लिए सेवा-षुल्क या न्योछावर की राषि का निर्धारण करेगी।
6. न्यास समिति न्यास की समग्र आय का सम्यक् लेखा-संघारण करेगी और वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर लेखा का अंकेक्षण कराकर उसकी प्रति पर्षद को समर्पित करेगी।
7. न्यास समिति न्यास की समस्त आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखेगी। 8. मन्दिर में आने वाले आस्थावान् भक्तों में किसी प्रकार का भेद-भाव नहीं किया जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा। साथ ही विषेष आयोजनों के अवसर पर भक्तों की सुविधा एवं सुरक्षा का व्यापक प्रबंध सुनिष्चित किया जायेगा।3 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू30द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध 9. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उपविधि में वर्णित सभी प्रावधानों / नियमों का सम्यक् एवं ससमय अनुपालन सुनिष्चित करेगी।
10. सिंहेष्वर स्थान मंदिर न्यास द्वारा संचालित संस्थाओं, धर्मस्वों का समुचित व्यवस्थापन/प्रबंधन सुनिष्चित करेगी।
11. न्यास समिति साधु-संतों व विद्वानों के विश्राम, भोजन, वस्त्र की समुचित व्यवस्था करेगी तथा गरीब, असहाय की सहायता करेगी।
12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष करेंगे। न्यास समिति के प्रस्तावों /निर्णयों को मूर्त्तरूप देने का उत्तरदायित्व सचिव का होगा। 13. न्यास समिति की बैठक सामान्यतः मन्दिर परिसर में होगी। यह बैठक प्रत्येक तिमाही में कम से कम एक बार अवष्य आयोजित की जायेगी।
14. जिन नियमों का उल्लेख इस योजना में नहीं है, और न्यास हित अथवा लोकहित में आवष्यक समझा जा रहा हो, तो न्यास समिति इस हेतु आयोजित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के बाद इसे लागू करेगी।
15. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन अथवा संषोधन का अधिकार पर्षद में निहित होगा। 16. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास सम्पत्ति से लाभान्वित होते हुए पाये जायेंगे या आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता समाप्त हो जायेगी। 17. इस न्यास के पास काफी राषि जमा है, किन्तु उसका उपयोग परोपकार-कार्यों में नहीं होता है, अतः न्यास समिति जनहित में अस्पतालों /विद्यालयों जैसे परोपकारी संस्थाओं को चलाने का उपक्रम करेगी।
18181818.... न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
19191919.... न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
20202020.... न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। 21212121.... न्यास समिति पदाधिकारी, सदस्य न्यास की कोई सम्पत्ति, भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/बिक्री, न्यास समिति पदाधिकारी, सदस्य न्यास की कोई सम्पत्ति, भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/बिक्री, न्यास समिति पदाधिकारी, सदस्य न्यास की कोई सम्पत्ति, भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/बिक्री, न्यास समिति पदाधिकारी, सदस्य न्यास की कोई सम्पत्ति, भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/बिक्री, पट्टा/लीज (तीन वर्ष से अधिक) आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग पट्टा/लीज (तीन वर्ष से अधिक) आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग पट्टा/लीज (तीन वर्ष से अधिक) आदि पर पट्टा/लीज (तीन वर्ष से अधिक) आदि पर करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा। प्रत्येक बन्दोबस्ती प्रत्येक बन्दोबस्ती प्रत्येक बन्दोबस्ती प्रत्येक बन्दोबस्ती करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा। करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा। करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा। खुली डाक द्वारा की जायेगी।खुली डाक द्वारा की जायेगी।खुली डाक द्वारा की जायेगी।खुली डाक द्वारा की जायेगी।
22. इस अनुपूरक योजना में दिनांक-25.09.2013 की योजना से कोई विरोधाभास पाया जायेगा तो दिनांक-25.09.2013 की योजना प्रभावी मानी जायेगी।
उपर्युक्त अनुपूरक योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए जिला पदाधिकारी द्वारा 05 वरीय पदाधिकारियों की कमिटी द्वारा अनुषंसित 11 नामों की सूची प्रस्तावित किया गया है, उसमें उपर्युक्त तीन नामों में संषोधन करते हुए शेष 08 नामों का अनुमोदन किया जाता है। अतः नवीन न्यास समिति निम्नलिखित रूप में गठित की जाती हैः- 1. जिला पदाधिकारी, मधेपुरा - अध्यक्ष 2. मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, व्यवहार न्यायालय, मधेपुरा - उपाध्यक्ष 3. अनुमंडल पदाधिकारी, मधेपुरा - सचिव 4. श्री मनीष सर्राफ, पे0-स्व0 विमल कुमार सर्राफ, - कोषाध्यक्ष वार्ड संख्या-20, मधेपुरा 5. श्री बबलु ऋषिदेव, पे0-दषरथ ऋषिदेव - सदस्य ग्राम- रामपट्टी, थानाअंचल-सिंहेष्वर, मधेपुरा 6. श्री संजीव ठाकुर, पे0-प्रमोद ठाकुर, - सदस्य ग्राम-गौरीपुर, पंडाटोला, वार्ड संख्या-8, थाना-सिंहेष्वर, मधेपुरा 7. श्री वीजेेन्द्र ठाकुर, पे0- स्व0 शषिनाथ ठाकुर - सदस्य वार्ड संख्या-09, गौरीपुर, सिंहेष्वर, मधेपुरा 8. श्री विजय कुमार सिंह, पे0-श्री देवेन्द्र प्रसाद सिंह - सदस्य साकिन-लालपुर सरोपट्टी, थाना-सिंहेष्वर, मधेपुरा 9. श्रीमती स्मिता सिंह, पति- श्री उमाषंकर सिंह - सदस्य ग्रामपो0-मेनरोड, बस स्टैण्ड, सिंहेष्वर, मधेपुरा 10. श्री सियाराम यादव, पे0-स्व0 कैलु यादव - सदस्य ग्राम- गौरीपुर, वार्ड संख्या-06, सिंहेष्वर, मधेपुरा 11. श्री मदन मोहन सिंह, पे0-प्रियव्रत नारायण सिंह - सदस्य ग्रामपो0-पटोरी, थाना-सिंहेष्वर, मधेपुरा4 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू30द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध उपरोक्त क्रम संख्या-07, 09 एवं 11 के संबंध में चरित्र सत्यापण कर रिपोर्ट की मांग संबंधित थाना से की गयी थी, जो पर्षद को प्राप्त भी प्राप्त हो चुका है।
उक्त न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से अगले आदेष तक किया जाता है तथा पर्षद की बैठक में रख अनुमोदन प्राप्ति के पश्चात् स्थायी किये जाने पर विचार किया जायेगा।
आदेष से, अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।