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बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना 18 मार्च18 मार्च18 मार्च18 मार्च 2019201920192019
सं॰ 2561—बाबा मधेष्वर नाथ महादेव मन्दिर, मधुश्रवा, अंचल-कलेर, थाना-मेंहदिया, जिला-अरवल एक बाबा मधेष्वर नाथ महादेव मन्दिर, मधुश्रवा, अंचल-कलेर, थाना-मेंहदिया, जिला-अरवल एक बाबा मधेष्वर नाथ महादेव मन्दिर, मधुश्रवा, अंचल-कलेर, थाना-मेंहदिया, जिला-अरवल एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इस न्यास की व्यवस्था के लिए पर्षद द्वारा वर्ष 2009 में एक न्यास समिति का गठन किया सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इस न्यास की व्यवस्था के लिए पर्षद द्वारा वर्ष 2009 में एक न्यास समिति का गठन किया सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इस न्यास की व्यवस्था के लिए पर्षद द्वारा वर्ष 2009 में एक न्यास समिति का गठन किया गया था, किन्तु वर्त्तमान में वे लोग सक्रिय नहीं है। इस न्यास की भूमि पर अवैध कब्जा कर मेला का आयोजन किया गया था, किन्तु वर्त्तमान में वे लोग सक्रिय नहीं है। इस न्यास की भूमि पर अवैध कब्जा कर मेला का आयोजन किया जाता है और अतीत में मठ की भूमि के अवैध बिक्री/दखल को लेकर दो महन्तों की हत्या भी हो चुकी है। श्री महंत जाता है और अतीत में मठ की भूमि के अवैध बिक्री/दखल को लेकर दो महन्तों की हत्या भी हो चुकी है। श्री महंत जाता है और अतीत में मठ की भूमि के अवैध बिक्री/दखल को लेकर दो महन्तों की हत्या भी हो चुकी है। श्री महंत अखिलेष्वर भारती द्वारा अपने प्रार्थना पत्र के साथ एक फोटोप्रति दिनांक-26 2016 जो अनुमण्डल पदाधिकारी, अखिलेष्वर भारती द्वारा अपने प्रार्थना पत्र के साथ एक फोटोप्रति दिनांक-26.12.2016 जो अनुमण्डल अरवल द्वारा 11 लोगों की सूची के साथ न्यास समिति गठित करने हेतु जिला पदाधिकारी, अरवल को भेजा गया था, अरवल द्वारा 11 लोगों की सूची के साथ न्यास समिति गठित करने हेतु जिला पदाधिकारी, अरवल को भेजा गया था, अरवल द्वारा 11 लोगों की सूची के साथ न्यास समिति गठित करने हेतु जिला पदाधिकारी, अरवल को भेजा गया था, 2017, 18.07.2018, एवं 20.02.2019 दाखिल किया गया है। इसके आलोक में पर्षद द्वारा दिनांक-16 दाखिल किया गया है। इसके आलोक में पर्षद द्वारा दिनांक-16.09.2016, 16.11.2017, 18 जिला पदाधिकारी, अरवल एवं अंचलाधि कारी, कलेर से प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था, किन्तु इस जिला पदाधिकारी, अरवल एवं अंचलाधिकारी, कलेर से प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था, किन्तु इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गयी। न्यास की बची हुयी जमीन पर भी अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा किए जाने की संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गयी। न्यास की बची हुयी जमीन पर भी अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा किए जाने की संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गयी। न्यास की बची हुयी जमीन पर भी अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा किए जाने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।
यों की सुरक्षा तथा विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास उपर्युक्त परिस्थिति पर विचारोपरान्त न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास उपर्युक्त परिस्थिति पर विचारोपरान्त न्यास सम्पत्ति अधिनियम की धारा 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन के लिए एक न्यास समिति के अधिनियम की धारा 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन के लिए एक न्यास समिति के अधिनियम की धारा 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन के लिए एक न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया है।
अतएव बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, जो अतएव बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्ष अतएव बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्ष बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा 81 (1) (ख) एवं 8 (क) के तहत प्रषासक को प्राप्त है, का प्रयोग करते बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा 81 (1) (ख) एवं 8 (क) के तहत प्रषासक को प्राप्त है, का प्रयोग करते बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा 81 (1) (ख) एवं 8 (क) के तहत प्रषासक को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए बाबा मधेष्वर नाथ महादेव मन्दिर, (मधुश्रवा मठ) मधुश्रवा, अंचल-कलेर, थाना-मेंहदिया, जिला-अरवल की हुए बाबा मधेष्वर नाथ महादेव मन्दिर, (मधुश्रवा मठ) मधुश्रवा, अंचल-कलेर, थाना-मेंहदिया, जिला-अरवल की हुए बाबा मधेष्वर नाथ महादेव मन्दिर, (मधुश्रवा मठ) मधुश्रवा, अंचल-कलेर, थाना-मेंहदिया, जिला-अरवल की संरक्षण, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसके परिसम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसके संरक्षण, सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है। कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है। 2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू30द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध जिला-अरवल,''जिला-अरवल,''जिला-अरवल,''जिला-अरवल,'' होगा, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संरक्षण का अधिकार निहित होगा।
2222.... इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सुव्यवस्था करना होगा। 3. न्यास समिति न्यास के परम्परा के अनुसार धार्मिक आचारों का पालन सुनिष्चित करेगी। 4. न्यास में प्राप्त होनेवाली समग्र आय किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा की जायेगी। बैंक खाता का संचालन सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा। व्यय के अनुसार राषि निकालकर काम किया जायेगा।
5. न्यास के लेखा का संधारण सत्यापित पंजी में होगा। आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति का प्रमुख दायित्व होगा जिससे कि सिमिति का कार्य परिलक्षित हो सके और जनता का विष्वास बना रहे।
6. न्यास समिति के सचिव द्वारा बैठकों की कार्यवाही पुस्तिका संधारित की जायेगी तथा कोषाध्यक्ष न्यास के लेखा के संधारण के लिए उत्तरदायी होंगे।
7. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, बजट, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद् को प्रेषित करेगी।
8. कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझे जाने पर, इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् की अनुमोदन के लिए भेजेगी।
9. न्यास समिति का कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से यदि न्यास से लाभ उठाता हुआ पाये जायेगें या आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे तो न्यास समिति की सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
10. न्यास समिति में कोई पद आकस्मिक दुर्घटना, त्याग-पत्र अथवा अन्य कारणों से रिक्त होने पर उस पर नियुक्ति पर्षद् करेगी।
11. न्यास समिति के कोई सदस्य अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में विफल रहेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो समिति के अध्यक्ष या सचिव इसकी सूचना पर्षद् को देंगे ताकि समुचित कार्रवाई की जा सके।
12. न्यास समिति न्यास के किसी भू-खंड का अन्य संक्रमण या किसी भी तरह का हस्तान्तरण नही करेगी।