;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध
;बपकरू1द्ध
ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध द्वारा ;बपकरू18द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू19द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध
;बपकरू18द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू19द्ध
2;बपकरू10द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू19र्द्ध 1;बपकरू25द्ध42 ;बपकरू27द्ध;बपकरू10द्ध;बपकरू28द्ध
;बपकरू9द्ध;बपकरू10द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू14द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू10द्ध;बपकरू4द्ध
;बपकरू4द्ध 11 ;बपकरू30द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानाना 5 नवम्बर5 नवम्बर5 नवम्बर5 नवम्बर 2019201920192019
सं॰ 1402—श्री बाबा कुषेष्वर नाथ मन्दिर, ग्राम-रामपुर राउत उर्फ रौता थाना-कुषेष्वर स्थान, श्री बाबा कुषेष्वर नाथ मन्दिर, ग्राम-रामपुर राउत उर्फ रौता थाना-कुषेष्वर स्थान, श्री बाबा कुषेष्वर नाथ मन्दिर, ग्राम-रामपुर राउत उर्फ रौता थाना-कुषेष्वर स्थान, जिला-दरभंगा पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-1664 है। इस न्यास जिला-दरभंगा पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-1664 है। इस न्यास जिला-दरभंगा पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-1664 है। इस न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा, बेहत्तर प्रबंधन तथा सम्यक विकास हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-2025, दिनांक-04.03.2013 की सम्पत्तियों की सुरक्षा, बेहत्तर प्रबंधन तथा सम्यक विकास हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-2025, दिनांक-04 द्वारा नौ सदस्यों क न्यास समिति का गठन 05 वर्षो के लिए किया गया था। न्यास समिति के कार्यकाल समाप्ति के द्वारा नौ सदस्यों क न्यास समिति का गठन 05 वर्षो के लिए किया गया था। न्यास समिति के कार्यकाल समाप्ति के द्वारा नौ सदस्यों क न्यास समिति का गठन 05 वर्षो के लिए किया गया था। न्यास समिति के कार्यकाल समाप्ति के पश्चात् अनुमण्डल पदाधिकारी से कार्यरत न्यास समिति के सदस्यों में अच्छें ढंग से कार्य करने वाले और क पश्चात् अनुमण्डल पदाधिकारी से कार्यरत न्यास समिति के सदस्यों में अच्छें ढंग से कार्य करने वाले और कुछ अन्य पश्चात् अनुमण्डल पदाधिकारी से कार्यरत न्यास समिति के सदस्यों में अच्छें ढंग से कार्य करने वाले और क व्यक्तियों को मिलाकर कुल 11 नामों की मांग की गयी थी। उक्त पत्र के आलोक में अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी जो व्यक्तियों को मिलाकर कुल 11 नामों की मांग की गयी थी। उक्त पत्र के आलोक में अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी जो व्यक्तियों को मिलाकर कुल 11 नामों की मांग की गयी थी। उक्त पत्र के आलोक में अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी जो 2019, 11 व्यक्तियों के नामों के साथ उपलब्ध कराया, न्यास समिति के अध्यक्ष भी हैं ने अपनी रिपोर्ट दिनांक-25.03.2019, 11 व्यक्तियों के नामों के साथ उपलब्ध कराया, न्यास समिति के अध्यक्ष भी हैं ने अपनी रिपोर्ट दिनांक-25 जिसमें समिति के श्री अमरनाथ झा, श्री वि मलचन्द्र खाँ, श्री सकलदीप हजारी, श्री चन्द्रवली प्रसाद यादव तथा जिसमें समिति के श्री अमरनाथ झा, श्री विमलचन्द्र खाँ, श्री सकलदीप हजारी, श्री चन्द्रवली प्रसाद यादव तथा अनुमण्डल पदाधिकारी, विरौल के साथ छः अन्य नामों की अनुषंसा की। उक्त प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया अनुमण्डल पदाधिकारी, विरौल के साथ छः अन्य नामों की अनुषंसा की। उक्त प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया अनुमण्डल पदाधिकारी, विरौल के साथ छः अन्य नामों की अनुषंसा की। उक्त प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि श्री राम विलास महतो की मृत्यु हो गयी, श्री जीवछ प्रसाद अग्रवाल वयोवृद्ध एवं न्यास विरोधी कार्य में संलिप्त हैं कि श्री राम विलास महतो की मृत्यु हो गयी, श्री जीवछ प्रसाद अग्रवाल वयोवृद्ध एवं न्यास विरोधी कार्य मे कि श्री राम विलास महतो की मृत्यु हो गयी, श्री जीवछ प्रसाद अग्रवाल वयोवृद्ध एवं न्यास विरोधी कार्य मे तथा श्री हीरा पासवान एवं सकलदीप हजारी परिवारिक समस्या के कारण न्यास कार्यो में सहयोग नहीं दे पाते हैं तथा तथा श्री हीरा पासवान एवं सकलदीप हजारी परिवारिक समस्या के कारण न्यास कार्यो में सहयोग नहीं दे पाते हैं तथा तथा श्री हीरा पासवान एवं सकलदीप हजारी परिवारिक समस्या के कारण न्यास कार्यो में सहयोग नहीं दे पाते हैं तथा श्री अरूण कुमार, चीफ ऑफ ब्यूरो, हिन्दुस्तान टाईम्स में कार्यरत है और स्थानीय समस्याओं से अनभिज्ञ हैं तथा समय श्री अरूण कुमार, चीफ ऑफ ब्यूरो, हिन्दुस्तान टाईम्स में कार्यरत है और स्थानीय समस्याओं से अनभिज्ञ हैं तथा समय श्री अरूण कुमार, चीफ ऑफ ब्यूरो, हिन्दुस्तान टाईम्स में कार्यरत है और स्थानीय समस्याओं से अनभिज्ञ हैं तथा समय के स्थान पर श्री प्रवीन कुमार भारती, श्री आनन्द खेतान, श्री विजय कुमार श्रीवास्तव, श्री नहीं दे पाते है। उक्त लोगों के स्थान पर श्री प्रवीन कुमार भारती, श्री आनन्द खेतान, श्री विजय कुमार श्रीवास्तव, श्री के स्थान पर श्री प्रवीन कुमार भारती, श्री आनन्द खेतान, श्री विजय कुमार श्रीवास्तव, श्री कृष्णकान्त हजारी एवं श्री अमरेन्द्र कुमार झा का नाम प्रस्तावित किया गया है। कृष्णकान्त हजारी एवं श्री अमरेन्द्र कुमार झा का नाम प्रस्तावित किया गया है।
संचिका के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि श्री जनार्दन साहु के द्वारा उक्त मन्दिर की भूमि एवं सम्पत्ति की संचिका के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि श्री जनार्दन साहु के द्वारा उक्त मन्दिर की भूमि एवं सम्पत्ति की संचिका के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि श्री जनार्दन साहु के द्वारा उक्त मन्दिर की भूमि एवं सम्पत्ति की रक्षा हेतु विभिन्न न्यायालयों तथा पर्षद में अपने स्तर से निम्न कार्य किये गये है :-
न न्यायालयों तथा पर्षद में अपने स्तर से निम्न कार्य किये गये है :-
35 डी0 भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए न्यायाधिकरण में वाद संख्या-06/2014 (1) लगभग 0.35 डी0 भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए न्यायाधिकरण में वाद संख्या-06/2014 35 डी0 भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए न्यायाधिकरण में वाद संख्या-06/2014 दायर किया। मन्दिर की जमीन पर बिना पर्षद की अनुमति प्राप्त किये सामुदायिक भवन के निर्माण का भी विरोध मन्दिर की जमीन पर बिना पर्षद की अनुमति प्राप्त किये सामुदायिक भवन के निर्माण का भी विरा (2) मन्दिर की जमीन पर बिना पर्षद की अनुमति प्राप्त किये सामुदायिक भवन के निर्माण का भी विरा किया। मन्दिर की कुल 26 बिघा 02 कट्ठा 12 धुर भूमि का हाल सर्वे में बिहार सरकार के नाम खाता मन्दिर की कुल 26 बिघा 02 कट्ठा 12 धुर भूमि का हाल सर्वे में बिहार सरकार के नाम खाता (3) मन्दिर की कुल 26 बिघा 02 कट्ठा 12 धुर भूमि का हाल सर्वे में बिहार सरकार के नाम खाता खोलने के सुधार हेतु वाद दायर किया। खोलने के सुधार हेतु वाद दायर किया। न्यास की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने के लिए वाद संख्या-19/2010 दाखिल किया गया न्यास की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने के लिए वाद संख्या-19/2010 दाखिल किया गया (4) न्यास की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने के लिए वाद संख्या-19/2010 दाखिल किया गया जो मन्दिर के पक्ष में निर्णित जो मन्दिर के पक्ष में निर्णित हुआ।2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू30द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध (5) न्यायाधिकरण द्वारा मन्दिर के पक्ष में पारित आदेष के अनुपालन हेतु माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल किया।
(6) कुछ अतिक्रमणकारियों को न्यास समिति द्वारा बिना पर्षद की अनुमति के किरायेदार घोषित करने का भी विरोध किया।
श्री साहु द्वारा किये गये उपरोक्त कार्य स्पष्ट करते है कि उन्होंने मन्दिर की भूमि एवं सम्पत्ति को बचाने के लिए अथक प्रयास किया है, इसलिए न्यास समिति में एक सदस्य के रूप में इन्हेंं भी नामित किया जाता है।
उपरोक्त परिस्थिति में उक्त मंदिर के सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक् विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।
अतः मैं अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो न्यास की उपविधि 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री कुषेष्वरनाथ मन्दिर, ग्राम-रामपुर राउत, उर्फ रौता, थाना-कुषेष्वर स्थान, जिला-दरभंगा के सुचारू प्रबध्ांन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा सम्यक विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण करता हूँ तथा इसे मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजनायोजनायोजनायोजना
1. अधिनियम की धारा 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री कुषेष्वरनाथ मन्दिर, (कुषेष्वर ''श्री कुषेष्वरनाथ मन्दिर, (कुषेष्वर ''श्री कुषेष्वरनाथ मन्दिर, (कुषेष्वर ''श्री कुषेष्वरनाथ मन्दिर, (कुषेष्वर स्थान) ग्राम-रामपुर राउत उर्फ रौता, जिला-दरभंगा न्यास योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन स्थान) ग्राम-रामपुर राउत उर्फ रौता, जिला-दरभंगा न्यास योजना'' स्थान) ग्राम-रामपुर राउत उर्फ रौता, जिला-दरभंगा न्यास योजना'' स्थान) ग्राम-रामपुर राउत उर्फ रौता, जिला-दरभंगा न्यास योजना'' एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री कुषेष्वरनाथ मन्दिर (कुषेष्वर स्थान) ''श्री कुषेष्वरनाथ मन्दिर (कुषेष्वर स्थान) ''श्री कुषेष्वरनाथ मन्दिर (कुषेष्वर स्थान) ''श्री कुषेष्वरनाथ मन्दिर (कुषेष्वर स्थान) ग्राम-रामपुर राउत उर्फ रौता, जिला-दरभंगा न्यास समिति'' होगी जिसमें न्यास की समग्र ग्राम-रामपुर राउत उर्फ रौता, जिला-दरभंगा न्यास समिति'' ग्राम-रामपुर राउत उर्फ रौता, जिला-दरभंगा न्यास समिति'' ग्राम-रामपुर राउत उर्फ रौता, जिला-दरभंगा न्यास समिति'' चल-अचल सम्पत्ति के संधारण, संरक्षण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था सुनिष्चित करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष में से किन्ही दो के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा। 4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा।
5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्य वृत एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद् को प्रेषित करेगी।
6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद् को प्रेषित की जायेगी। 7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. न्यास समिति/ पदासधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा, अगर वे ऐसा करते हैं तो वह शुन्य एवं अवैध होगा। 10. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद् में निहित होगा।
11. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
(1) (1) (1) (1) अनुमण्डल पदाधिकारी, बिरौल, दरभंगा - अध्यक्ष ((((2222) ) ) ) श्री अमरनाथ झा - उपाध्यक्ष ((((3333)))) श्री विमल चन्द्र खाँ - सचिव ((((4444) ) ) ) अंचलाधिकारी, कुषेष्वर स्थान, पूर्वी - सदस्य ((((5555) ) ) ) श्री चन्द्रवली प्रसाद यादव - सदस्य ((((6666) ) ) ) श्री प्रवीण कुमार भारती - सदस्य3 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू30द्ध 2;बपकरू10द्ध2;बपकरू10द्ध ((((7777) ) ) ) श्री आनन्द खेतान - सदस्य ((((8888) ) ) ) श्री विजय कुमार श्रीवास्तव - सदस्य ((((9999) ) ) ) श्री कृष्णकान्त हजारी - सदस्य (1(1(1(10000)))) श्री अमरेन्द्र कुमार झा - सदस्य (1(1(1(11111) ) ) ) श्री जनार्दन साहु - सदस्य यह योजना तत्काल प्रभावी होगा और इसका कार्यकाल 05 वर्षो का होगा। एक वर्ष के बाद इसके कार्यो की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने की स्थिति में न्यास समिति की निरन्तरता कायम रहेगी।
आदेष से, अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।