;बपकरू4द्ध
ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध
2;बपकरू18द्ध ;बपकरू4र्द्ध 1;बपकरू21द्ध42 ;बपकरू23द्ध;बपकरू18द्ध;बपकरू24द्ध
;बपकरू25द्ध;बपकरू18द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू28द्ध;बपकरू29द्ध2;बपकरू4द्ध;बपकरू30द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू30द्ध
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 13 13 13 13 अगस्तअगस्तअगस्तअगस्त 2020202020202020ऽ
सं॰ 798सं॰ 798सं॰ 798सं॰ 798—श्री उग्रनाथ महादेव मन्दिर, ग्राम-भवानीपुर, अंचल-पंडौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी पर्षद के श्री उग्रनाथ महादेव मन्दिर, ग्राम-भवानीपुर, अंचल-पंडौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी पर्षद के श्री उग्रनाथ महादेव मन्दिर, ग्राम-भवानीपुर, अंचल-पंडौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी पर्षद के श्री उग्रनाथ महादेव मन्दिर, ग्राम-भवानीपुर, अंचल-पंडौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4285 है। अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4285 है। अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4285 है। अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4285 है।
इस न्यास की सुव्यवस्था एवं सुचारू प्रबंधन हेतुुुु 11 सदस्यीय न्यास 11 सदस्यीय न्यास 11 सदस्यीय न्यास 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन दिनांकसमिति का गठन दिनांकसमिति का गठन दिनांकसमिति का गठन दिनांक-04-04-04-04....09090909....2015 2015 2015 2015 इस न्यास की सुव्यवस्था एवं सुचारू प्रबंधन हेत इस न्यास की सुव्यवस्था एवं सुचारू प्रबंधन हेत इस न्यास की सुव्यवस्था एवं सुचारू प्रबंधन हेत को किया गया था, परन्तु कुछ वर्ष बाद समिति के सचिव तथा कोषाध्यक्ष के बीच विवाद होने तथा एकदुसरे के ऊपर को किया गया था, परन्तु कुछ वर्ष बाद समिति के सचिव तथा कोषाध्यक्ष के बीच विवाद होने तथा एकदुसरे के ऊपर को किया गया था, परन्तु कुछ वर्ष बाद समिति के सचिव तथा कोषाध्यक्ष के बीच विवाद होने तथा एकदुसरे के ऊपर को किया गया था, परन्तु कुछ वर्ष बाद समिति के सचिव तथा कोषाध्यक्ष के बीच विवाद होने तथा एकदुसरे के ऊपर मन्दिर की सम्पत्ति के गबन का आरोप लगाया जाता रहा है। इस न्यास समिति के अध्यक्ष अंचलाधिकारी थें। मन्दिर की सम्पत्ति के गबन का आरोप लगाया जाता रहा है। इस न्यास समिति के अध्यक्ष अंचलाधिकारी थें। मन्दिर की सम्पत्ति के गबन का आरोप लगाया जाता रहा है। इस न्यास समिति के अध्यक्ष अंचलाधिकारी थें। मन्दिर की सम्पत्ति के गबन का आरोप लगाया जाता रहा है। इस न्यास समिति के अध्यक्ष अंचलाधिकारी थें। ों को विस्तार से सुना गया था, जिसमें सचिव द्वारा बैंक खातें में 12 लाख 40 हजार 364 दिनांक-29दिनांक-29दिनांक-29दिनांक-29....11111111....2018 को पक्ष2018 को पक्ष2018 को पक्ष2018 को पक्षों को विस्तार से सुना गया था, जिसमें सचिव द्वारा बैंक खातें में 12 लाख 40 हजार 364 ों को विस्तार से सुना गया था, जिसमें सचिव द्वारा बैंक खातें में 12 लाख 40 हजार 364 ों को विस्तार से सुना गया था, जिसमें सचिव द्वारा बैंक खातें में 12 लाख 40 हजार 364 रुपये तथा 03 लाख रुपये चन्दा व दुकान आदि विभिन्न स्त्रोंतो से प्राप्त नगद राषि अपने पास होने की बात स्वीकार रुपये तथा 03 लाख रुपये चन्दा व दुकान आदि विभिन्न स्त्रोंतो से प्राप्त नगद राषि अपने पास होने की बात स्वीकार रुपये तथा 03 लाख रुपये चन्दा व दुकान आदि विभिन्न स्त्रोंतो से प्राप्त नगद राषि अपने पास होने की बात स्वीकार रुपये तथा 03 लाख रुपये चन्दा व दुकान आदि विभिन्न स्त्रोंतो से प्राप्त नगद राषि अपने पास होने की बात स्वीकार किया था, उन्हें निर्देष दिया गया था कि उक्त राषि को मन्दिर के बै ंक खाते में 02 दिनों के अन्दर जमा करें। किया था, उन्हें निर्देष दिया गया था कि उक्त राषि को मन्दिर के बैंक खाते में 02 दिनों के अन्दर जमा करें। ंक खाते में 02 दिनों के अन्दर जमा करें। ंक खाते में 02 दिनों के अन्दर जमा करें। किया था, उन्हें निर्देष दिया गया था कि उक्त राषि को मन्दिर के बै किया था, उन्हें निर्देष दिया गया था कि उक्त राषि को मन्दिर के बै सदस्यों द्वारा आपस में सहयोग नहीं करने तथा एकदुसरे पर आरोप लगाए जाने के आलोक में पूर्व पूर्व पूर्व पूर्व न्यास समिति को न्यास समिति को न्यास समिति को न्यास समिति को सदस्यों द्वारा आपस में सहयोग नहीं करने तथा एकदुसरे पर आरोप लगाए जाने के आलोक में सदस्यों द्वारा आपस में सहयोग नहीं करने तथा एकदुसरे पर आरोप लगाए जाने के आलोक में सदस्यों द्वारा आपस में सहयोग नहीं करने तथा एकदुसरे पर आरोप लगाए जाने के आलोक में दिया गया था, साथ ही 11 धार्मिक व अच्छे चरित्र के व्यक्तियों के नामों नामों नामों नामों भंग करने का निर्देष भंग करने का निर्देष भंग करने का निर्देष भंग करने का निर्देष दिनांक-29दिनांक-29दिनांक-29दिनांक-29....11111111....2018 को 2018 को 2018 को 2018 को दिया गया था, साथ ही 11 धार्मिक व अच्छे चरित्र के व्यक्तियों के दिया गया था, साथ ही 11 धार्मिक व अच्छे चरित्र के व्यक्तियों के दिया गया था, साथ ही 11 धार्मिक व अच्छे चरित्र के व्यक्तियों के की मांग अंचलाधिकारी से की गयी थी। मन्दिर में पूजा-पाठ कर रहे पुजारी विजय नारायण झा एवं उदय नारायण झा की मांग अंचलाधिकारी से की गयी थी। मन्दिर में पूजा-पाठ कर रहे पुजारी विजय नारायण झा एवं उदय नारायण झा की मांग अंचलाधिकारी से की गयी थी। मन्दिर में पूजा-पाठ कर रहे पुजारी विजय नारायण झा एवं उदय नारायण झा की मांग अंचलाधिकारी से की गयी थी। मन्दिर में पूजा-पाठ कर रहे पुजारी विजय नारायण झा एवं उदय नारायण झा को पूजा-पाठ व मन्दिर मरम्मति आदि कार्य करने के लिए भी अंचलाधिकारी-सह-अध्यक्ष न्यास समिति से अनुमति को पूजा-पाठ व मन्दिर मरम्मति आदि कार्य करने के लिए भी अंचलाधिकारी-सह-अध्यक्ष न्यास समिति से अनुमति को पूजा-पाठ व मन्दिर मरम्मति आदि कार्य करने के लिए भी अंचलाधिकारी-सह-अध्यक्ष न्यास समिति से अनुमति को पूजा-पाठ व मन्दिर मरम्मति आदि कार्य करने के लिए भी अंचलाधिकारी-सह-अध्यक्ष न्यास समिति से अनुमति लेकर करने का निर्देष दिया गया था। साथ ही कार्यर त न्यास समिति के सचिव और कोषाध्यक्ष को निर्देष दिया गया लेकर करने का निर्देष दिया गया था। साथ ही कार्यरत न्यास समिति के सचिव और कोषाध्यक्ष को निर्देष दिया गया त न्यास समिति के सचिव और कोषाध्यक्ष को निर्देष दिया गया त न्यास समिति के सचिव और कोषाध्यक्ष को निर्देष दिया गया लेकर करने का निर्देष दिया गया था। साथ ही कार्यर लेकर करने का निर्देष दिया गया था। साथ ही कार्यर था कि समिति गठन हो जाने के उपरान्त मन्दिर से संबंधित सभी दस्तावेज, बैंक पासबूक तथा अबतक की आय और था कि समिति गठन हो जाने के उपरान्त मन्दिर से संबंधित सभी दस्तावेज, बैंक पासबूक तथा अबतक की आय और था कि समिति गठन हो जाने के उपरान्त मन्दिर से संबंधित सभी दस्तावेज, बैंक पासबूक तथा अबतक की आय और था कि समिति गठन हो जाने के उपरान्त मन्दिर से संबंधित सभी दस्तावेज, बैंक पासबूक तथा अबतक की आय और खर्च का हिसाब नयी न्यास समिति को अवष्य सौंप देगें तथा मन्दिर की भूमि पर व्यवसाय करने वाले व्यक्तिय खर्च का हिसाब नयी न्यास समिति को अवष्य सौंप देगें तथा मन्दिर की भूमि पर व्यवसाय करने वाले व्यक्तियों को भी ों को भी ों को भी ों को भी खर्च का हिसाब नयी न्यास समिति को अवष्य सौंप देगें तथा मन्दिर की भूमि पर व्यवसाय करने वाले व्यक्तिय खर्च का हिसाब नयी न्यास समिति को अवष्य सौंप देगें तथा मन्दिर की भूमि पर व्यवसाय करने वाले व्यक्तिय किराये की राषि बैंक में जमा करने का निर्देष दिया गया था, उक्त के आलोक में अंचलाधिकारी द्वारा अपने पत्र किराये की राषि बैंक में जमा करने का निर्देष दिया गया था, उक्त के आलोक में अंचलाधिकारी द्वारा अपने पत्र किराये की राषि बैंक में जमा करने का निर्देष दिया गया था, उक्त के आलोक में अंचलाधिकारी द्वारा अपने पत्र किराये की राषि बैंक में जमा करने का निर्देष दिया गया था, उक्त के आलोक में अंचलाधिकारी द्वारा अपने पत्र दिनांक-22दिनांक-22दिनांक-22दिनांक-22....12121212....2019 द्वारा 11 नामों का प्रस्ताव पर्षद को उपलब्ध कराया, उक्त नामों का सत्यापन रिपोर्ट भी थाने से 2019 द्वारा 11 नामों का प्रस्ताव पर्षद को उपलब्ध कराया, उक्त नामों का सत्यापन रिपोर्ट भी थाने से 2019 द्वारा 11 नामों का प्रस्ताव पर्षद को उपलब्ध कराया, उक्त नामों का सत्यापन रिपोर्ट भी थाने से 2019 द्वारा 11 नामों का प्रस्ताव पर्षद को उपलब्ध कराया, उक्त नामों का सत्यापन रिपोर्ट भी थाने से दिनांक-01दिनांक-01दिनांक-01दिनांक-01....06060606....2020 को प्राप्त हो 2020 को प्राप्त हो 2020 को प्राप्त हो 2020 को प्राप्त हो गयी है। गयी है। गयी है। गयी है।
अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 32 में धार्मिक अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 32 में धार्मिक अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 32 में धार्मिक अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, जो बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम की उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, जो बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम की उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, जो बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम की उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, जो बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम की उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री उग्रनाथ म हादेव मन्दिर, ग्राम-भवानीपुर, अंचल-पंडौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री उग्रनाथ महादेव मन्दिर, ग्राम-भवानीपुर, अंचल-पंडौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी हादेव मन्दिर, ग्राम-भवानीपुर, अंचल-पंडौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी हादेव मन्दिर, ग्राम-भवानीपुर, अंचल-पंडौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री उग्रनाथ म प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री उग्रनाथ म के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्ति की सुरक्षा तथा सम्यक विकास हेतु नीचे लिखे योजना तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्ति की सुरक्षा तथा सम्यक विकास हेतु नीचे लिखे योजना तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्ति की सुरक्षा तथा सम्यक विकास हेतु नीचे लिखे योजना तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्ति की सुरक्षा तथा सम्यक विकास हेतु नीचे लिखे योजना तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।न्यास समिति का गठन करता हूँ।न्यास समिति का गठन करता हूँ।न्यास समिति का गठन करता हूँ।2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू20द्ध 2;बपकरू22द्ध2;बपकरू22द्ध योयोयोयो जजजज नानानाना
1111.... अधिनियम की धारा 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री 108 उग्रनाथ महादेव मन्दिर (उगना ''श्री 108 उग्रनाथ महादेव मन्दिर (उगना ''श्री 108 उग्रनाथ महादेव मन्दिर (उगना ''श्री 108 उग्रनाथ महादेव मन्दिर (उगना मन्दिर), ग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, जिला-मधुबनी न्यास योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं मन्दिर), ग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, जिला-मधुबनी न्यास योजना'' मन्दिर), ग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, जिला-मधुबनी न्यास योजना'' मन्दिर), ग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, जिला-मधुबनी न्यास योजना'' संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री उग्रनाथ महादेव मन्दिर (उगना मन्दिर), ''श्री उग्रनाथ महादेव मन्दिर (उगना मन्दिर), ''श्री उग्रनाथ महादेव मन्दिर (उगना मन्दिर), ''श्री उग्रनाथ महादेव मन्दिर (उगना मन्दिर), ग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, जिला-मग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, जिला-मग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, जिला-मग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, जिला-मधुबनी न्यास समिति'' धुबनी न्यास समिति'' धुबनी न्यास समिति'' धुबनी न्यास समिति'' होगी जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण, संरक्षण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था सुनिष्चित करना होगा। 3. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 4. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्य वृत एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद् को प्रेषित करेगी।
5. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद् को प्रेषित की जायेगी। 6. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
7. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
8. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद् में निहित होगा।
9 न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। 10. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
11. न्यास समिति के सभी सदस्य सहयोग के साथ उक्त ऐतिहासकि मन्दिर के विकास हेतु कार्य करेंगे। 12. न्यास समिति के कोषाध्यक्ष एवं अध्यक्ष या सचिव के साथ संयुक्त खाता खोलकर मन्दिर से होने वाली सभी आय को बैंक में जमा करेंगे।
13. न्यास के सभी दुकानदार किराया सचिव को देंगे और उसकी रसीद प्राप्त करेंगे, रसीद की कार्बन प्रति कोषाध्यक्ष के पास सुरक्षित रहेगी और आवष्यकता पड़ने पर पर्षद के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। जो दुकानदार किराया नहीं देते है, उसके विरूद्ध अबिलम्ब हटाये जाने की कार्यवाही थाना के सहयोग से करेंगे। उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति अस्थायी रूप से गठित की जाती है, बोर्ड के गठन के पश्चात् नियमित करने पर विचार किया जायेगा।
- अध्यक्ष
(1) अंचलाधिकारी, पंडौल (2) श्री अमरेन्द्र मोहन झा, पिता- स्व0 लीलाकान्त झा - उपाध्यक्ष (3) श्री गणेष नारायण ठाकुर, पिता- श्री हृदय नारायण ठाकुर - सचिव
(4) श्री मोहन झा, पिता-स्व0 अनुप झा - कोषाध्यक्ष (5) श्री नरेन्द्र कुमार झा, पिता-स्व0 गुलाब झा, - सदस्य
(6) श्री मुनचुन यादव, पिता- श्री सुखदेव यादव - सदस्य (7) श्री राजेन्द्र मंडल, पिता-स्व0 कंचन मंडल - सदस्य
(8) श्री सज्जन महतो, पिता-स्व0 राजकुमार महतो - सदस्य (9) श्री राघवेन्द्र झा, पिता- स्व0 राजेन्द्र झा - सदस्य
(10) श्री रामदेव दास, पिता-जनक दास - सदस्य (11) श्री जीवछ यादव, पिता-स्व0 बैद्यनाथ यादव - सदस्य
सभी साकिन-भवानीपुर, पो0-पंडौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी3 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू20द्ध 2;बपकरू22द्ध2;बपकरू22द्ध नोटःनोटःनोटःनोटः (1) (1) (1) (1) राजस्व अभिलेख में मन्दिर की सभी राजस्व अभिलेख में मन्दिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज ''सम्पत्तियों का इन्द्राज ''सम्पत्तियों का इन्द्राज ''सम्पत्तियों का इन्द्राज ''श्री उग्रनाथ महादेव मन्दिर, श्री उग्रनाथ महादेव मन्दिर, श्री उग्रनाथ महादेव मन्दिर, श्री उग्रनाथ महादेव मन्दिर, राजस्व अभिलेख में मन्दिर की सभी राजस्व अभिलेख में मन्दिर की सभी ग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, जिला-मधुबनीग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, जिला-मधुबनीग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, जिला-मधुबनीग्राम-भवानीपुर, पो0-पंडौल, जिला-मधुबनी'' के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के '' के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के '' के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के '' के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा। नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा। नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा। नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा। न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/हस्तान्तरण/बदलैन/हस्तान्तरण/बदलैन/हस्तान्तरण/बदलैन/ (2)(2)(2)(2) न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का बिक्रय/पट्टा/लीज आदि देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का बिक्रय/पट्टा/लीज आदि देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का बिक्रय/पट्टा/लीज आदि देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का बिक्रय/पट्टा/लीज आदि देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्यवाई की जा सकती है। विधि सम्मत कार्यवाई की जा सकती है। विधि सम्मत कार्यवाई की जा सकती है। विधि सम्मत कार्यवाई की जा सकती है।
अअअआदेशदेशदेशदेश से,ा से,ा से,ा से, अखिलेअखिलेअखिलेअखिलेष कुमार जैनष कुमार जैनष कुमार जैनष कुमार जैन,,,, अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।
———— ख्;बपकरू3द्धँ;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू17द्ध;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ;बपकरू27द्ध;बपकरू12द्ध म;बपकरू31द्ध ;बपकरू17द्धघ् ;बपकरू12द्ध रुख्;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ः571़ः;बपकरू3द्ध;द्ध;;बपकरू3द्ध;घ् Website: http://egazette.bih.nic.in