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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 11 November 2020

Published 11 November 2020

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2020-11-11.876
Languages
English, Hindi

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2;बपकरू18द्ध ;बपकरू4र्द्ध 1;बपकरू21द्ध42 ;बपकरू23द्ध;बपकरू18द्ध;बपकरू24द्ध

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बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 15 फरवरी15 फरवरी15 फरवरी15 फरवरी 2020202020202020ऽ

सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 2849284928492849—सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि श्रीश्रीश्रीश्री श्री 108 दुर्गा महारानी मंदिर, ईस्माईलपुर श्री 108 दुर्गा महारानी मंदिर, ईस्माईलपुर श्री 108 दुर्गा महारानी मंदिर, ईस्माईलपुर श्री 108 दुर्गा महारानी मंदिर, ईस्माईलपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0- इस्माईलपुर, जिला- भागलपुर पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास (नवगछिया), ग्रामपो0था0- इस्माईलपुर, जिला- भागलपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0- इस्माईलपुर, जिला- भागलपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0- इस्माईलपुर, जिला- भागलपुर है, जिसकी निबंधन सं0- 4100 है।

दिनांक 10.08.10 को श्री मुरलीधर सिंह एवं अन्य द्वारा न्यास की जमीन संबंधी कागजातों को संलग्न करते हुए पर्षद में इस न्यास का निबंधन किए जाने का आवेदन पत्र दिया गया एवं तद्‌नुसार न्यास का निबंधन किया गया। श्री मुरलीधर सिंह ने अपने आवेदन पत्र दिनांक 07.02.11 के साथ आम सभा के बैठक की छायाप्रति संलग्न करते हुए आम सभा से चयनित सदस्यों की न्यास समिति बनाऐ जाने का अनुरोध किया। अपने आवेदन दिनांक 10.05.18 द्वारा श्री कौषल किषोर दुबे एवं अन्य द्वारा दुर्गा महारानी मंदिर (पुराना स्थान) के नाम से निबंधन किए जाने का अनुरोध किया। उक्त प्राप्त आवेदन पत्र के आलोक में पर्षदीय पत्रांक-353, दिनांक 31.05.18 द्वारा श्री मुरलीधर सिंह ने मंतव्य माँगा गया एवं पत्रांक- 354, दिनांक 31.05.18 एवं पत्रांक-1830, दिनांक 31.01.19 द्वारा अंचलाधिकारी, ईस्माईलपुर से प्रतिवेदन मांगा गया। अंचलाधिकारी, ईस्माईलपुर द्वारा पत्रांक-473, दिनांक 19.06.19 द्वारा एक प्रतिवेदन दिया गया जो दिनांक 24.06.19 को प्राप्त हुआ। उनका एक अन्य प्रतिवेदन पत्रांक-1065, दिनांक 04.10.18 जिसमें समिति गठन हेतु सदस्यों का नाम दिया गया है, पर्षद को दिनांक 09.09.19 को प्राप्त हुआ। न्यास के ंसंबंध में प्राप्त विभिन्न प्रार्थना पत्रों को ध्यान में रखते हुए मामले का पर्षद द्वारा सुनवाई का निर्णय लिया गया एवं उभय पक्षों को (श्री मुरलीधर सिंह एवं श्री कौषल किषोर दुबे) अपने दावे के संबंध में दस्तावेज के साथ पर्षद के समक्ष उपस्थित होकर दिनांक 28.01.2020 को अपना पक्ष रखने हेतु पर्षदीय पत्रांक-1783, दिनांक 02.12.19 द्वारा नोटिस दिया गया एवं तद्‌नुसार उक्त तिथि को उभय पक्ष को सुनकर आदेष पारित किया गया।

प्रथम पक्ष के अनुसार लगभग 100 वर्ष पूर्व स्व0 आसित कुमार घोष द्वारा अपनी 6 ए0 18 डी0 जमीन श्री दुर्गा महारानीजी की स्थापना कर मौखिक समर्पण कर स्वयं को सेवायत घोषित कर दिया था। उन्होंने मृत्यु के पूर्व ही 05 व्यक्तियों की न्यास समिति का गठन किया था। कालान्तर में उक्त सदस्यों द्वारा मंदिर की आय/दान/चंदा आदि से अन्य जमीन भी क्रय किया गया। वर्ष 2008 में गंगा नदी मेें बाढ़ आने के कारण श्री घोष द्वारा समर्पित भूमि कटाव से नदी में चली गयी, जिस कारण श्री उपेन्द्र दूबे ने अपनी 0.50 डी0 भूमि में मंदिर बनाने की अनुमति दी। वर्तमान में उक्त भूमि पर एक विषाल मंदिर का निर्माण ग्रामीणों के सहयोग से किया गया है। उक्त दुर्गा मंदिर को सार्वज्निक धार्मिक मंदिर के रूप में पर्षद में निबंधित किया गया।2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू20द्ध 2;बपकरू22द्ध2;बपकरू22द्ध द्वितीय पक्ष द्वारा अन्य तथ्यों के साथ यह बताया गया कि श्री घोष द्वारा समर्पित भूमि के कटाव में मंदिर सहित चले जाने के बाद एक सेवायत रामेष्वर दूबे द्वारा 18 डी0 जमीन दुर्गा महारानी को समर्पित करते हुए जो 100/- रू0 के स्टॉम्प पर अंकित है, केषव प्रसाद दूबे को सेवायत नियुक्त किया।

इस प्रकार विवाद पक्षों में यह है कि जो निबंधित एकरारनामा दिनांक 16.11.2010 को श्री उपेन्द्र दूबे द्वारा 50 डी0 जमीन, खाता- 140, खेसरा- 1298, दान दी गई और उस पर जो मंदिर का निर्माण किया गया है और दूसरा श्री रामेष्वर प्रसाद दूबे द्वारा 100/- रू0 के स्टॉम्प पेपर पर अनिबंधित विलेख द्वारा 18 डी0 जमीन श्री दुर्गा महारानी को अर्पित की है और उस पर मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। निबंधित एकरारनामा की भूमि पर बने मंदिर का पर्षद में निबंधन किया गया है। एकरारनामा में पूर्व से चले आ रहे सेवायतों में जो जीवित सेवायत थे, उनका नाम भी दर्षाया गया है। जबकि द्वितीय पक्ष द्वारा जो 18 डी0 भूमि का संबंध हे, वह एक साधारण अनिबंधित 100/- रू0 के स्टॉम्प पेपर पर समर्पण किया गया है, जिसमें रामेष्वर दूबे जो अन्य सेवायतों के साथ सेवायत थे अपने पुत्र केषव प्रसाद दूबे को सेवायत बनाते हुए लिखा गया है। अन्य सेवायतोें को कोई उल्लेख नहीं है। अतः द्वितीय पक्ष उक्त समर्पणनामा का निबंधन कराकर उक्त भूमि को पूर्व से दुर्गा महारानी के नाम से चली आ रही जमीन में शामिल करा सकते हैं। न्यास समिति गठन हेतु अंचलाधिकारी से प्राप्त नामोें के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि अंचलाधिकारी को पूर्व से मंदिर की देखभाल करने वालों तथा इस न्यास के नाम भूमि क्रय करने वाले सेवायतों के नाम की जानकारी नहीं थी, इसी बजह से उक्त सदस्यों में से किसी सदस्य का नाम अपने प्रस्ताव में नहीं भेजा, जो उचित प्रतीत नहीं होता है।

अतः इस न्यास की सुव्यवथा, सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं प्रबंधन हेतु दोनों पक्षों से विचार-विमर्ष तथा अंचलाधिकारी द्वारा भेजे गए नामों पर विचार करते हुए सभी पक्षों की सहमति से न्यास समिति गठन करने का निर्णय लिया गया, जो आपस मेे मिलजुल कर तथा एक-दूसरे को सहयोग कर मंदिर की व्यवस्था सुंदर ढ़ंग से चलायेंगे तथा मंदिर की भूमि का खुली डाक से बन्दोवस्ती कर मंदिर की आय-व्यय का लेखा-जोखा तैयार करेंगे और प्रतिवर्ष पर्षद को उपलब्ध करायेंगे।

अतः मैं अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत ''अध्यक्ष'' धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत ''अध्यक्ष'' धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत ''अध्यक्ष'' धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत ''अध्यक्ष'' श्री श्री 108 दुर्गा महारानी मंदिर, ईस्माईलपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0- को प्राप्त हैको प्राप्त हैको प्राप्त हैको प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री श्री 108 दुर्गा महारानी मंदिर, ईस्माईलपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0- श्री श्री 108 दुर्गा महारानी मंदिर, ईस्माईलपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0- श्री श्री 108 दुर्गा महारानी मंदिर, ईस्माईलपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0- इस्माईलपुर, जिला- भइस्माईलपुर, जिला- भइस्माईलपुर, जिला- भइस्माईलपुर, जिला- भागलपुरागलपुरागलपुरागलपुर'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।

योजनायोजनायोजनायोजना

1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री श्री 108 दुर्गा महारानी मंश्री श्री 108 दुर्गा महारानी मंश्री श्री 108 दुर्गा महारानी मंश्री श्री 108 दुर्गा महारानी मंदिर न्यास दिर न्यास दिर न्यास दिर न्यास लपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0-इस्माईलपुर, जिला-भागलपुरभागलपुरभागलपुरभागलपुर'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन योजना, ईस्माईयोजना, ईस्माईयोजना, ईस्माईयोजना, ईस्माईलपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0-इस्माईलपुर, जिला- लपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0-इस्माईलपुर, जिला- लपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0-इस्माईलपुर, जिला- एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री श्री 108 दुर्गा महारानी मंदिर न्यास समिति, श्री श्री 108 दुर्गा महारानी मंदिर न्यास समिति, श्री श्री 108 दुर्गा महारानी मंदिर न्यास समिति, श्री श्री 108 दुर्गा महारानी मंदिर न्यास समिति, ईस्माईईस्माईईस्माईईस्माईलपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0-इस्माईलपुर, जिला- लपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0-इस्माईलपुर, जिला-भागलपुभागलपुभागलपुभागलपुरररर'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल लपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0-इस्माईलपुर, जिला- लपुर (नवगछिया), ग्रामपो0था0-इस्माईलपुर, जिला- संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन करना होगा। 3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।

6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।

7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।

8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।

9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।3 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू20द्ध 2;बपकरू22द्ध2;बपकरू22द्ध 12. न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्यों को अन्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्यों को अन्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्यों को अन्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्यों को अधिनियम में वर्णित प्रावधानों के विरूद्ध न्यास की कोई भी धिनियम में वर्णित प्रावधानों के विरूद्ध न्यास की कोई भी धिनियम में वर्णित प्रावधानों के विरूद्ध न्यास की कोई भी धिनियम में वर्णित प्रावधानों के विरूद्ध न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमिसम्पत्ति/भूमिसम्पत्ति/भूमिसम्पत्ति/भूमि का का का का हस्तान्तरण/बदलैन /विक्रहस्तान्तरण/बदलैन /विक्रहस्तान्तरण/बदलैन /विक्रहस्तान्तरण/बदलैन /विक्रय/पट्‌टा/लीजय/पट्‌टा/लीजय/पट्‌टा/लीजय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा। न्यास शुन्य वो अवैध होगा। न्यास शुन्य वो अवैध होगा। न्यास शुन्य वो अवैध होगा। न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। 13131313.... राजस्व अभिलेख में मंदिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर में प्रतिष्ठित देवता श्री श्री 108 दुर्गा महारानी राजस्व अभिलेख में मंदिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर में प्रतिष्ठित देवता श्री श्री 108 दुर्गा महारानी राजस्व अभिलेख में मंदिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर में प्रतिष्ठित देवता श्री श्री 108 दुर्गा महारानी राजस्व अभिलेख में मंदिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर में प्रतिष्ठित देवता श्री श्री 108 दुर्गा महारानी मंदिर, ईस्माईलपुर के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम मंदिर, ईस्माईलपुर के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन पर नामांतरण अथवा संषोधन पर नामांतरण अथवा संषोधन पर नामांतरण अथवा संषोधन मंदिर, ईस्माईलपुर के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम मंदिर, ईस्माईलपुर के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम नहीं होगा।नहीं होगा।नहीं होगा।नहीं होगा। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-

(1) अंचलाधिकारी, ईस्माईलपुर, भागलपुर (2) श्री मुरलीधर सिंह पिता-स्व0 भुवनेष्वरी सिंह (3) श्री राम विलास गोस्वामी पिता-स्व0 शालीग्राम गोस्वामी (4) श्री नरेष मंडल पिता-श्री छेदी मंडल (5) श्री कौषल किषोर दूबे पिता-श्री केषव प्रसाद दूबे (6) श्री विधानचन्द्र राय पिता-श्री भगवान प्रसाद यादव (7) श्री मंतलाल शर्मा पिता-श्री भुवनेष्वर मिस्त्री (8) श्री हरेराम मंडल पिता-श्री बनारसी मंडल (9) श्री बौकु हरिजन पिता-स्व0 सुमर हरिजन (10) श्री मनोज मंडल पिता-श्री योगेन्द्र मंडल (11) श्रीमती पुष्पा देवी पति-श्री विनोद यादव। सभी ग्रामपो0था0-ईस्माईलपुर,, जिला- भागलपुर।

उपरोक्त वर्णित अस्थायी न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से अगले 01 वर्ष का होगा। पर्षद का गठन हो जाने के पश्चात्‌ समिति को स्थायी किए जाने पर विचार किया जायेगा। नवगठित न्यास समिति को निर्देष दिया जाता है कि समिति की प्रथम बैठक आहुत कर सर्वसम्मति से अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष का चयन कर पर्षद से अनुमोदन प्राप्त करें।

आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, अखिलेष कुमार जैनअखिलेष कुमार जैनअखिलेष कुमार जैनअखिलेष कुमार जैन,,,, अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 11 November 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2020-11-11.876/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2020-11-11.876.