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ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध
2;बपकरू18द्ध ;बपकरू4र्द्ध 1;बपकरू21द्ध42 ;बपकरू23द्ध;बपकरू18द्ध;बपकरू24द्ध
;बपकरू25द्ध;बपकरू18द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू28द्ध;बपकरू29द्ध;बपकरू21द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू30द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू30द्ध
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 19 मार्च 202019 मार्च 202019 मार्च 202019 मार्च 2020ऽ
सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 3315331533153315—श्री राम जानकी मंदिर, ग्रामपो0- गोही, अं0श्री राम जानकी मंदिर, ग्रामपो0- गोही, अं0श्री राम जानकी मंदिर, ग्रामपो0- गोही, अं0श्री राम जानकी मंदिर, ग्रामपो0- गोही, अं0था0- वारिसनगर, जिला- समस्तीपुरथा0- वारिसनगर, जिला- समस्तीपुरथा0- वारिसनगर, जिला- समस्तीपुरथा0- वारिसनगर, जिला- समस्तीपुर पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 4185 है।
इस न्यास की सुव्यवस्था एवं सुचारू प्रबंधन हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक- 1489, दिनांक 31.10.2012 द्वारा अंचलाधिकारी, वारिसनगर की अध्यक्षता में ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति का गठन 05 वर्षों के लिए किया गया था। न्यास समिति के पाँच वर्षों का कार्यकाल पूर्ण होने के पश्चात् पर्षदीय पत्रांक-1181, दिनांक 01.12.18 द्वारा अंचलाधिकारी, वारिसनगर से नवीन न्यास समिति गठन हेतु स्वच्छ छवि के ग्यारह व्यक्तियोंं के नाम की मांग की गई, जिसके आलोक में अंचलाधिकारी, वारिसनगर के पत्रांक-508, दिनांक 30.08.19 द्वारा आम सभा दिनांक 31.10.17 में चयनित 10 लोगोंं के नाम को अग्रसारित किया गया। पूर्व न्यास समिति के तीन सदस्य श्री रजनीकांत ठाकुर, श्री अरूण कुमार तथा श्री कृष्ण मोहन शर्मा ने पर्षद में दिनांक 03.03.2020 को उर्पस्थित होकर कथन किया कि प्रस्तावित व्यक्ति धार्मिक प्रवृति के हैं, तथा इनके विरू;द्ध कोई आपराधिक मुकदमा नहीं है और इनकी न्यास समिति गठन करने से मंदिर के नियमित पूजा-पाठ तथा मंदिर की अतिक्रमित की गई भूमि की वापसकी का शसक्त प्रयास किया जाएगा। प्रस्तावित 10 नामों के अतिरिक्त पूर्व न्यास समिति के श्री अरूण कुमार को भी उपाध्यक्ष के रूप में मनोनित करते हुए न्यास समिति के गठन का आदेष दिया जाता है।
अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दू धार्मिकधार्मिकधार्मिकधार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0-न्यास अधिनियम की उप विधि सं0-न्यास अधिनियम की उप विधि सं0-न्यास अधिनियम की उप विधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को 43 (द) के तहत अध्यक्ष को 43 (द) के तहत अध्यक्ष को 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त हैप्राप्त हैप्राप्त हैप्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राम जानकी मंश्रिी राम जानकी मंश्रिी राम जानकी मंश्रिी राम जानकी मंदिर, ग्रामपो0- गोही, अं0था0-वारिसनगर, जिला- दर, ग्रामपो0- गोही, अं0था0-वारिसनगर, जिला-समस्तीपुर''समस्तीपुर''समस्तीपुर''समस्तीपुर'' के दर, ग्रामपो0- गोही, अं0था0-वारिसनगर, जिला- दर, ग्रामपो0- गोही, अं0था0-वारिसनगर, जिला- सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक् विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू20द्ध 2;बपकरू22द्ध2;बपकरू22द्ध योजनायोजनायोजनायोजना
1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकश्री राम जानकश्री राम जानकश्री राम जानकी मंदिर न्यास योजना, ग्रामपो0-ी मंदिर न्यास योजना, ग्रामपो0-ी मंदिर न्यास योजना, ग्रामपो0-ी मंदिर न्यास योजना, ग्रामपो0-गोही, अगोही, अगोही, अगोही, अं0था0- वारिसनगर, जिला- समस्तीपुर ं0था0- वारिसनगर, जिला- समस्तीपुर'' ं0था0- वारिसनगर, जिला- समस्तीपुर ं0था0- वारिसनगर, जिला- समस्तीपुर होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानश्री राम जानश्री राम जानश्री राम जानकी की की की मंदिर न्यास समिति, ग्रामपो0-मंदिर न्यास समिति, ग्रामपो0-मंदिर न्यास समिति, ग्रामपो0-मंदिर न्यास समिति, ग्रामपो0-गगगगोही, अं0था0-वारिसनगर, जिला-ोही, अं0था0-वारिसनगर, जिला-ोही, अं0था0-वारिसनगर, जिला-ोही, अं0था0-वारिसनगर, जिला-समस्तीपुरसमस्तीपुरसमस्तीपुरसमस्तीपुर'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।
2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।
3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक् संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकालकर खर्च किया जायेगा।
4. न्यास के खाते का संचलान दो सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।
6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।
7. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।
8. न्यास समिति द्वारा मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।
9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।
10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।
11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्र्ता समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी।
13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।
14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।
15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।
16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति अस्थायी रूप से गठित की जाती है। बोर्ड का गठन के पश्चात नियमित करने पर विचार किया जायेगाः-
(1) श्री शैलेन्द्र ठाकुर पे0-स्व॰ राम बदन ठाकुर - अध्यक्ष (2) श्री अरूण कुमार ठाकुर पे0-स्व0 ब्रज किषोर ठाकुर - उपाध्यक्ष (3) श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा पे0-स्व0 नंद किषोर शर्मा - सचिव (4) श्री नवल किषोर ठाकुर पे0-स्व॰ अनुप लाल ठाकुर - कोषाध्यक्ष (5) श्री नरेन्द्र प्रसाद यादव पे0-स्व॰ विन्देष्वरी ठाकुर - सदस्य (6) श्री अशोक कुमार शर्मा पिता-स्व0 दुर्गा प्रसाद शर्मा - सदस्य (7) श्री नागेन्द्र साह पे0-स्व॰ रामेष्वर साह - सदस्य (8) श्री महेष राम पे0-स्व॰ विषेष्वर राम - सदस्य (9) श्री उमेष अंकुर पे0-स्व॰ कामेष्वर ठाकुर - सदस्य (10) श्री संजय कुमार ठाकुर पे0-स्व॰ रामवरण ठाकुर - सदस्य (11) श्रीमती संजु देवी पति-सुबोध मंडल - सदस्य
सभी निवासी-ग्रा॰पो॰-गोही, था॰अं॰-वारिसनगर, जिला-समस्तीपुर।3 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू20द्ध 2;बपकरू22द्ध2;बपकरू22द्ध उपरोक्त न्यास समिति में संरक्षक के रूप में श्री कृष्ण मोहन शर्मा तथा श्री रंजनीकांत ठाकुर नामित किया जाता है, जिनके निर्देषन मेें यह न्यास समिति कार्य करेगी। उक्त गयारह नामों का चरित्र-सत्यापन संबंधित थाना से प्राप्त होने के उपरांत समिति को नियमित किए जाने का विचार किया जाएगा।
उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री राम जानकी मंदिर, श्री राम जानकी मंदिर, श्री राम जानकी मंदिर, श्री राम जानकी मंदिर, नोटनोटनोटनोट :-ः-ः-ः- 1111.... उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ग्रामपो0- गोही, अं0था0- वारिसनगर, जिला- समस्तीपुर ग्रामपो0- गोही, अं0था0- वारिसनगर, जिला- समस्तीपुर'' के नाम मेें किसी प्रकार को के नाम मेें किसी प्रकार को के नाम मेें किसी प्रकार को के नाम मेें किसी प्रकार को ग्रामपो0- गोही, अं0था0- वारिसनगर, जिला- समस्तीपुर ग्रामपो0- गोही, अं0था0- वारिसनगर, जिला- समस्तीपुर कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य, न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का सम्पत्ति/भूमि का सम्पत्ति/भूमि का सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/हस्तान्तरण/हस्तान्तरण/हस्तान्तरण/ 2222.... न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य, न्यास की कोई भी न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य, न्यास की कोई भी न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य, न्यास की कोई भी य/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग बदलैन/ विक्रबदलैन/ विक्रबदलैन/ विक्रबदलैन/ विक्रय/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग य/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग य/पट्टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मसमिति के विरूद्ध विधि-सम्मसमिति के विरूद्ध विधि-सम्मसमिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।त कार्रवाई की जा सकती है।त कार्रवाई की जा सकती है।त कार्रवाई की जा सकती है।
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।
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ख्;बपकरू3द्धँ;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू17द्ध;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध
;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ;बपकरू27द्ध;बपकरू12द्ध म;बपकरू31द्ध ;बपकरू17द्धघ् ;बपकरू12द्ध रुख्;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ः571़ः;बपकरू3द्ध;द्ध;;बपकरू3द्ध;घ् Website: http://egazette.bih.nic.in