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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 11 November 2020

Published 11 November 2020

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2020-11-11.884
Languages
English, Hindi

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बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षदबिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 3333 मार्चमार्चमार्चमार्च 2020202020202020ऽ

सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 3093— श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर, चौधरी गलीश्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर, चौधरी गलीश्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर, चौधरी गलीश्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर, चौधरी गली, पटना सिटी, पटना , पटना सिटी, पटना जो सार्वजनिक न्यास है , पटना सिटी, पटना , पटना सिटी, पटना और पर्षद में इसका निबंधन सं0- 4390 है। खतियान के खाता सं0-392, 399 में मंदिर पोख्जा का इन्द्राज है और सं0-392 में दखलकार का नाम बाबू लक्ष्मण दास वल्द बृजरतन लाल तथा 399 में मंदिर पोख्ता खपरापोष दखलकार के रूप में ठाकुर नवनीत प्रियाजी (लड्‌डू गोपाल) मुन्तजीम बाबू लक्ष्मण दास के रूप में दर्ज है तथा संचिका पर रामचन्द्र लाल द्वारा दिनांक 5 सितम्बर, 1929 को निबंधित समर्पणनामा द्वारा मंदिर की स्थापना तथा उक्त भूमि मंदिर को दान दी गयी जिसमें उल्लेख है कि बजाय मनमोकिर बाबू लक्ष्मण दास एके अज बाबू नारायण दास या उनके पेसरान को इन्तजाम करने हेतु नियुक्त किया जाता है तथा उक्त निबंधित दस्तावेज के कंडिका-5 में बाबू जगन्नाथ दास, बाबू गंगा प्रसाद, बाबू बलम दास, बाबू बनवारी लाल तथा बाबू यदुनन्दन प्रसाद को मोकरर कर उक्त मंदिर आदि का देखभाल हेतु पंच नियुक्त किया गया था तथा बाबू लक्ष्मण दास को ट्रस्ट्री नियुक्त किया गया था और उनकी मृत्यु के पश्चात्‌ उनके फर्म के जो मालिक होंगे वे पंचों से राय-मषविरा करके मंदिर का देखभाल करेंगे और उक्त सदस्यों में से किसी भी व्यक्ति को मंदिर एवं मकान किराये पर देने, विक्रय करने पर रोक है तथा बाबख्त जरूरत पड़ने पर मकान में रहने की अनुमति है परंतु निवृत हो जाने के बाद मंदिर से चले जाने के शर्त्त का उल्लेख है।

वर्तमान में मंदिर के प्रांगण में रह रही पार्वती देवी को नोटिस जारी की गयी थी जिस पर उन्होंने अपना जबाव दिनांक 28.09.2015 उपलब्ध कराया जिसमें उल्लेख किया कि मंदिर की देखरेख के लिए स्व0 बल्लभ दास को पुजारी और प्रबंधनकर्त्ता नियुक्त किया था और बल्लभ दास की मृत्यु के पश्चात्‌ वे उनकी पुत्रवधु, पार्वती देवी मंदिर की सेवा, राग-भोग कर रही हूँ। मंदिर में कोई दान-चढ़ावा नहीं आता है। पार्वती देवी के पुत्रों एवं संबंधियों द्वारा उक्त समर्पित तथा इन्द्राज भूमि का अवैध रूप से विक्रय किया गया है तथा शेष भूमि के विक्रय का इरादा रखते हैं। पार्वती देवी एवं पुत्रों को अपना पक्ष रखने हेतु दिनांक 14.06.2018, दिनांक 13.09.2019 तथा दिनांक 12.12.2019 को निबंधित डाक से नोटिस जारी की गयी तथा अन्तिम अवसर दिनांक 14.01.2020 द्वारा अपना पक्ष रखने हेतु जारी की गयी जिसमें आज की तिथि निर्धारित थी, परंतु पार्वती देवी एवं उनके परिवार से आने वाले महेष कुमार एवं पप्पु कुमार उपस्थित नहीं हुए और अपने प्रार्थना पत्र दिनांक 28.09.2015 में किये गये दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज आजतक दाखिल नहीं किया।2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू20द्ध 2;बपकरू22द्ध2;बपकरू22द्ध मंदिर तथा मंदिर की सम्पत्ति की सुरक्षा हेतु न्यास समिति गठित किये जाने के संबंध में स्थानीय निवासियों द्वारा एक आम सभा दिनांक 25.01.2015 को की गयी जिसमें 11 व्यक्तियों की न्यास समिति बनाये जाने हेतु प्रस्ताव दिनांक 05.08.2015 को पर्षद में प्राप्त कराया गया जिसका चरित्र-सत्यापन हेतु संबंधित थाना को भेजा गया। संबंधित थाना द्वारा दिनांक 03.04.2016 को प्रस्तावित नामों का सत्यापन प्राप्त हुआ जिसमें उनके अच्छे चरित्र तथा थाना में कोई प्रविष्टि नहीं होने का उल्लेख किया गया।

श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर, चौधरी गली, पटना सिटी, पटना के सुचारू देखरेख उपरोक्त परिस्थिति में श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर, चौधरी गली, पटना सिटी, पटना श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर, चौधरी गली, पटना सिटी, पटना श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर, चौधरी गली, पटना सिटी, पटना

तथा इसकी सम्पत्तियों की सुरक्षा और सुव्यवस्था हेतु एक न्यास समिति गठित की जाती है।

अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दूबिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त हैको प्राप्त हैको प्राप्त हैको प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर, चौधरी गली, पटना सिटी, पटना श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर, चौधरी गली, पटना सिटी, पटना'' के सुचारू श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर, चौधरी गली, पटना सिटी, पटना श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर, चौधरी गली, पटना सिटी, पटना प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजनायोजनायोजनायोजना

1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर न्यास योजना, चौधरी गली, पटना सिटी, पटना श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर न्यास योजना, चौधरी गली, पटना सिटी, पटना'' होगा और इसके श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर न्यास योजना, चौधरी गली, पटना सिटी, पटना श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर न्यास योजना, चौधरी गली, पटना सिटी, पटना कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी मंदिर न्यास न्यास न्यास न्यास समिति, चौधरी गली, पटना सिटी, पटनासमिति, चौधरी गली, पटना सिटी, पटनासमिति, चौधरी गली, पटना सिटी, पटनासमिति, चौधरी गली, पटना सिटी, पटना'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकालकर खर्च किया जायेगा।

4. न्यास के खाते का संचलान दो सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी। 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।3 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 11 ;बपकरू20द्ध 2;बपकरू22द्ध2;बपकरू22द्ध उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है जिसका कार्यकाल पांच वर्षों का होगा :-

(1) श्री दिलीप चंद यादव पे0- स्व0 ठाकुर प्रसाद, चौधरी गली, मच्छरहट्‌टा, पो0- पटना सिटी- अध्यक्ष (2) श्री सुधीर कुमार पे0- स्व0 जुगेष्वर प्रसाद, चौधरी गली, '' '' - सचिव (3) श्री सुरज कुमार पे0- स्व0 लक्ष्मी प्रसाद, चौधरी गली, '' '' - कोषाध्यक्ष (4) श्री संजीव देवड़ा पे0- स्व0 गिरिधारी लाल देवड़ा, चौधरी गली, '' '' - सदस्य (5) श्री मन्नु पंडित पे0- उमाषंकर पंडित सा0- मच्छरहट्‌टा गली, पटना सिटी, - सदस्य (6) श्री अमरदीप रजक पे0- सुरेष प्रसाद रजक सा0- टेढ़ी घाट, मच्छरहट्‌टा, पटना सिटी - सदस्य (7) श्री संजय प्रकाष यादव पे0- स्व0 ओम प्रकाष यादव, चौधरी गली, मच्छरहट्‌टा, पटना सिटी-सदस्य (8) श्री अनिल मेहरोत्रा पे0- स्व0 राजेष्वर प्रसाद मेहरोत्रा, चौधरी गली '' '' - सदस्य (9) श्री अजय यादव पे0- मनमोहन यादव, चौधरी गली '' '' - सदस्य (10) श्री सोनु कुमार पे0- मनोहर प्रसाद, सा0- कठौतिया गली, था0- चौक, पटना सिटी - सदस्य उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी श्री ठाकुर नवनीत प्रियाजी उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि

के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। मंदिर, चौधरी गली, पटना सिटीमंदिर, चौधरी गली, पटना सिटीमंदिर, चौधरी गली, पटना सिटीमंदिर, चौधरी गली, पटना सिटी'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटनोटनोटनोटःःःः---- न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य, न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य, न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ हस्तान्तरण/ हस्तान्तरण/ हस्तान्तरण/ न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य, न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य, न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का बदलैनबदलैनबदलैनबदलैन/विक्र/विक्र/विक्र/विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग सी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग सी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग सी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।अध्यक्ष।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 11 November 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2020-11-11.884/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2020-11-11.884.