निबंधन संख्या पी0टी0-40
बिहार गजट
बिहार सरकार kjk प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, inLFkkiu, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं। 2-10 भाग-1-क—Lo;alsod xqYeksa के समादे"Vkओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और eq[rkjh परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-jkT;iky और dk;kZ/;kksa द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। ---
भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और mPp U;k;ky; के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और jkT; गजटों के उ(cid:7373)रण।
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भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची i"B
i"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:LFkkपित विधेयक,उDr विधान मंडल में उपLFkkपित या उपLFkkपित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और mDr विधान मंडल में पुर:LFkkपन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की T;ss"B अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:LFkkfir विधेयक, संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:LFkkiu के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---
भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, U;k;ky; सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं bR;kfnA ---
पूरक
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पूरक-क 11-142 बिहार गजट, 9 fnlEcj 2020 भाग-1 नियुक्ति, inLFkkiu] बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं।
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सहकारिता विभाग
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अधिसूचना
24 सितम्बर 2020
सं0 1/रा॰स्था॰अंके॰स्थाना॰-51/2020 सह॰-2449--श्री कामेश्वर ठाकुर, उप मुख्य अंकेक्षक, सहयोग समितियाँ, कोशी एवं दरभंगा प्रमंडल, सहरसा (अतिरिक्त प्रभार-संयुक्त निबंधक, (अंकेक्षण), सहयोग समितियाँ, कोशी प्रमंडल, सहरसा, संयुक्त निबंधक (अंकेक्षण), सहयोग समितियाँ, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर, संयुक्त निबंधक (अंकेक्षण), सहयोग समितियाँ, पटना प्रमंडल, पटना, उप मुख्य अंकेक्षक, सहयोग समितियाँ, गृह निर्माण एवं उपभोक्ता संघ लि0, पटना, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, सहयोग समितियाँ, मधेपुरा, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, सहयोग समितियाँ, सुपौल) को अपने कार्यों के अतिरिक्त जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, सहयोग समितियाँ, सहरसा का अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक दिया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सियाराम सिंह, उप-सचिव।
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षिक्षा विभाग
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अधिसूचना
19 जून 2020 सं0 12/प्रषिक्षण-89/2007-148--राज्य के सभी राजकीय षिक्षक प्रषिक्षण संस्थानों के सुदृढ़ीकरण अन्तर्गत पुस्तकालय एवं प्रयोगषाला को सुदृढ़ करने हेतु पूर्व के वर्षों में योजना की स्वीकृति प्रदान की जाती रही है तथा राषि से संस्थान में पुस्तकों एवं अन्य प्रसांगिक उपकरणों तथा उपस्करों का क्रय करने हेतु सरकार की अधिसूचना संख्या-11/प्र. 07-03/2006 (11)/72 दिनांक-10.01.2006 द्वारा क्रय समिति का गठन किया गया। जिसे वर्ष 2010-2011 में विभाग में बिहार षिक्षा सेवा के पदों की पुर्नसंरचना के उपरान्त पूर्व से गठित क्रय समिति का पुर्नगठन अधिसूचना संख्या-11/प्र. 07-03/2006 (11)/17 दिनांक-16.01.2012 द्वारा किया गया। र्वामान में भव्य भवन एवं विस्तृत परिसर के रख-रखाव, किचेन उपकरणों, फर्निचर, प्रयोगषाला की सामग्रियों, पुस्तकालय के लिए पुस्तकों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के वार्षिक रख-रखाव एवं अनुबंध इत्यादि कार्यों के लिए पूर्व में गठित क्रय समिति को संषोधित कर निम्नरूपेन क्रय समिति का गठन किया जाता हैः-
i. संबंधित संस्थान/महाविद्यालय के प्राचार्य - अध्यक्ष ii. संस्थान/महाविद्यालय के वरीयतम व्याख्याता - सदस्य iii. छात्रावास के एक प्रभारी/वार्डेन (वरीय) - सदस्य 2. यह क्रय समिति संस्थान के भवन मरम्मति एवं अन्य कार्यों के लिए केन्द्रीय समिति के रूप में भी कार्य करेगी। यह समिति वित्तीय नियमों एवं निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर क्रय एवं अन्य कार्य करवाएगी। संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों, पुस्तकालय, छात्रावास, मेस आदि संचालन के लिए समिति का गठन प्राचार्य के द्वारा किया जाएगा, जिसमें आवष्यकतानुसार छात्र/छात्रा प्रतिनिधि भी शामिल किए जाएँगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अरषद फिरोज, उप-सचिव।
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वाणिज्य-कर विभाग
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अधिसूचना
3 दिसम्बर 2020
सं0 6/गो॰-34-06/2016-2192/वाणिज्य-कर--श्री बिनोद पाठक, राज्य-कर अपर आयुक्त (अपील), पटना पष्चिमी प्रमंडल, पटना को अपने कार्यो के अतिरिक्त अपील सारण प्रमंडल, छपरा का कार्य निष्पादन हेतु राज्य-कर अपर आयुक्त (अपील), सारण प्रमंडल, छपरा के पद पर प्रतिनियुक्त किया जाता है।
2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अरूण कुमार मिश्रा, विशेष सचिव।3 बिहार गजट, 9 fnlEcj 2020 (cid:356)ामीण िवकास िवभाग ------ अधिसूचनाएं 17 नवम्बर 2020 सं0 (cid:356)ा0वि0-14(नि0को0)मधेपुरा-47/2017-318424/(cid:356)ा0वि0--(cid:373)ी दिवाकर कु मार, तत्कालीन (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, मधेपुरा सदर को ट(cid:332) ैप मामले म(cid:336) (cid:586)ायिक हिरासत म(cid:336) भेजने तथा निगरानी थाना कांड सं0 108/2017 दज(cid:330) होने के फल(cid:738)(cid:349)प विभागीय अधिसूचना सं0 344618 दिनांक 22.12.2017 (cid:554)ारा कारा निरोध की तिथि 30.11.2017 के (cid:366)भाव से उनके कारावास की अवधि तक के लिए निल(cid:304)(cid:638)त किया गया।
2. (cid:373)ी कु मार के (cid:554)ारा कारा से मुक्त होने के पश्चात दिनांक 15.03.2018 को विभाग म(cid:336) अपना योगदान समपि(cid:330)त किया गया। तत्पश्चात विभागीय अधिसूचना सं0 370166 दिनांक 18.05.2018 (cid:554)ारा (cid:373)ी कु मार को निलम्बनमुक्त कर योगदान स्वीकृत किया गया।
3. (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) गंभीर कदाचार/भ्रष्टाचार का आरोप होने एवं उनके वि(cid:349)(cid:544) निगरानी थाना कांड सं0- 108/2017 दज(cid:330) होने की (cid:304)(cid:830)थति म(cid:336) विभागीय अधिसूचना (cid:466)ापांक- 370563 दिनांक 22.05.2018 (cid:554)ारा (cid:373)ी कु मार को दिनांक 15.03.2018 के (cid:366)भाव से अगले आदेश तक के लिए निल(cid:304)(cid:638)त किया गया। 4. वृहत् जाँच की आवश्यकता को दे खते (cid:352)ए (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) विभागीय संकल्प (cid:466)ापांक- 436882 दिनांक 16.08.2019 (cid:554)ारा विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित की गयी है।
5. (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा समपि(cid:330)त अभ्यावेदन म(cid:336) यह अंकित करते (cid:352)ए निलम्बन से मुक्त करने का अनुरोध किया गया है कि वे लंबी अवधि से निलम्बित ह(cid:339), जिसके कारण उन्हें आथि(cid:330)क संकट का सामना करना पर रहा है। (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा समपि(cid:330)त अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त एवं उनके वि(cid:349)(cid:544) (cid:366)तिवेदित आरोप के (cid:354)म म(cid:336) निगरानी थाना कांड संख्या 108/2017 के निगरानी न्यायालय म(cid:336) चल रहे वाद एवं मुख्य जाँच आयुक्त (cid:554)ारा संचालित विभागीय काय(cid:330)वाही के निण(cid:330)य म(cid:336) विलम्ब की सम्भावना को दे खते (cid:352)ए (cid:373)ी कु मार को विभागीय काय(cid:330)वाही के अधीन रखते (cid:352)ए बिहार सरकारी सेवक (वग(cid:334)करण, नियं(cid:361)ण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 9(6)(ग) म(cid:336) निहित के (cid:366)ावधान के आलोक म(cid:336) निलम्बन से मुक्त किया जाता है। विभागीय काय(cid:330)वाही/आपराधिक कांड के अनुसंधान तथा न्यायालय के आदेश का फलाफल (cid:373)ी कु मार पर (cid:366)भावी होगा। 6. निलम्बन से मुक्ति के पश्चात (cid:373)ी कु मार मुख्यालय, (cid:356)ामीण विकास विभाग, बिहार, पटना म(cid:336) योगदान समपि(cid:330)त कर(cid:336) गे।
7. आदेश पर विभागीय मं(cid:361)ी का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रा(cid:352)ल रं जन मिहवाल, विशेष सचिव।
------ 17 नवम्बर 2020 सं0 (cid:356)ा0वि0-14(नि0को0)वैशाली-42/2017-318436/(cid:356)ा0वि0--(cid:373)ी (cid:366)मोद कु मार, तत्कालीन (cid:356)ामीण ैप मामले म(cid:336) न्यायिक हिरासत म(cid:336) विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, महनार (वैशाली) को ट(cid:332) भेजने तथा निगरानी थाना कांड सं0- 70/2017 दज(cid:330) होने के फलस्वरुप विभागीय अधिसूचना- 340283 दिनांक 30.11.2017 (cid:554)ारा कारा निरोध की तिथि दिनांक 04.09.2017 के (cid:366)भाव से उनके कारावास की अवधि तक के लिए निल(cid:304)(cid:638)त किया गया। 2) (cid:373)ी कु मार के (cid:554)ारा दिनांक 06.11.2017 को कारा से मुक्त होने की सूचना दे ते (cid:352)ए के उपरान्त दिनांक 07.11.2017 को विभाग म(cid:336) अपना योगदान समपि(cid:330)त किये जाने के फलस्वरुप उक्त विभागीय अधिसूचना (अधि0सं0- 340283 दिनांक 30.11.2017) (cid:554)ारा इन्हें निलंबनमुक्त कर योगदान स्वीकृत किया गया। 3) (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) गंभीर कदाचार/भ्रष्टाचार का आरोप होने तथा उनके वि(cid:349)(cid:544) निगरानी थाना कांड सं0-70/2017 दज(cid:330) होने की (cid:304)(cid:830)थति म(cid:336) विभागीय अधिसूचना संख्या- 340284 दिनांक 30.11.2017 (cid:554)ारा इन्हें दिनांक 07.11.2017 के (cid:366)भाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया गया । 4) वृहत जाँच की आवश्यकता को दे खते (cid:352)ए (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) विभागीय संकल्प (cid:466)ापांक- 449414 दिनांक 03.12.2019 (cid:554)ारा विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित की गयी है। 5) (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा समपि(cid:330)त अभ्यावेदन म(cid:336) यह अंकित करते (cid:352)ए निलंबन से मुक्त करने का अनुरोध किया गया है कि वे लंबी अवधि से निल(cid:304)(cid:638)त है, जिसके कारण उन्ह(cid:336) आथि(cid:330)क संकट का सामना करना पर रहा है। (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा समपि(cid:330)त अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त एवं उनके वि(cid:349)(cid:544) (cid:366)तिवेदित आरोप के (cid:354)म म(cid:336) निगरानी थाना कांड संख्या 70/2017 के निगरानी न्यायालय म(cid:336) चल रहे वाद एवं मुख्य जाँच आयुक्त (cid:554)ारा संचालित4 बिहार गजट, 9 fnlEcj 2020 विभागीय काय(cid:330)वाही के निण(cid:330)य म(cid:336) विलंब की सम्भावना को दे खते (cid:352)ए (cid:373)ी कु मार को विभागीय काय(cid:330)वाही के अधीन रखते (cid:352)ए बिहार सरकारी सेवक (वग(cid:334)करण, नियं(cid:361)ण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 9 (6)(ग) म(cid:336) निहित के (cid:366)ावधान के आलोक म(cid:336) निलंबन से मुक्त किया जाता है। विभागीय काय(cid:330)वाही/आपराधिक कांड के अनुसंधान तथा न्यायालय के आदेश का फलाफल (cid:373)ी कु मार पर (cid:366)भावी होगा। 6) निलंबन से मु(cid:304)(cid:389) के पश्चात (cid:373)ी कु मार मुख्यालय, (cid:356)ामीण विकास विभाग, बिहार, पटना म(cid:336) योगदान समपि(cid:330)त कर(cid:336) गे। 7) आदेश पर विभागीय मं(cid:361)ी का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रा(cid:352)ल रं जन मिहवाल, विशेष सचिव।
------ 17 नवम्बर 2020 सं0 (cid:356)ा0वि0-14(को0)सु0-01/2017-318434/(cid:356)ा0वि0--(cid:373)ी शैलेश कु मार के सरी, तत्कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, (िcid:361)वेणीगंज, सुपौल के वि(cid:349)(cid:544) ट(cid:332) ैप मामले म(cid:336) (cid:586)ायिक हिरासत म(cid:336) भेजने तथा निगरानी थाना कांड सं0- 002/2017 दज(cid:330) होने के फल(cid:738)(cid:349)प विभागीय अधिसूचना सं0 300917 दिनांक 20.02.2017 (cid:554)ारा कारा निरोध की तिथि 11.01.2017 के (cid:366)भाव से उनके कारावास की अवधि तक के लिए निल(cid:304)(cid:638)त किया गया।
8. (cid:373)ी के सरी के (cid:554)ारा कारा से मुक्त होने के पश्चात दिनांक 23.03.2017 को विभाग म(cid:336) अपना योगदान समपि(cid:330)त किया गया। तत्पश्चात विभागीय अधिसूचना सं0-309841 दिनांक 09.05.2017 (cid:554)ारा (cid:373)ी के सरी को निलंबनमुक्त कर योगदान स्वीकृत किया गया।
9. (cid:373)ी के सरी के वि(cid:349)(cid:544) गंभीर कदाचार/भ्रष्टाचार का आरोप होने व उनके वि(cid:349)(cid:544) निगरानी थाना कांड सं0- 002/2017 दज(cid:330) होने की (cid:304)(cid:830)थति म(cid:336) विभागीय अधिसूचना (cid:466)ापांक- 309877 दिनांक 11.05.2017 (cid:554)ारा इन्हें दिनांक 23.03.2017 के (cid:366)भाव से अगले आदेश तक के लिए निल(cid:304)(cid:638)त किया गया।
10. वृहत जाँच की आवश्यकता को दे खते (cid:352)ए (cid:373)ी के सरी के वि(cid:349)(cid:544) विभागीय संकल्प (cid:466)ापांक- 388604 दिनांक- 12.09.2018 (cid:554)ारा विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित की गयी है।
11. (cid:373)ी के सरी (cid:554)ारा समपि(cid:330)त अभ्यावेदन म(cid:336) यह अंकित करते (cid:352)ए निलंबन से मुक्त करने का अनुरोध किया गया है कि वे विगत तीन वष(cid:342) से अधिक अवधि से निलंबित ह(cid:339), जिसके कारण उन्हें आथि(cid:330)क संकट का सामना करना पड़ रहा है। (cid:373)ी के सरी (cid:554)ारा समपि(cid:330)त अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त एवं उनके वि(cid:349)(cid:544) (cid:366)तिवेदित आरोप के (cid:354)म म(cid:336) निगरानी थाना कांड सं0- 002/2017 के निगरानी न्यायालय म(cid:336) चल रहे वाद एवं मुख्य जाँच आयुक्त (cid:554)ारा संचालित विभागीय काय(cid:330)वाही के निण(cid:330)य म(cid:336) विलंब की सम्भावना को दे खते (cid:352)ए (cid:373)ी के सरी को विभागीय काय(cid:330)वाही के अधीन रखते (cid:352)ए बिहार सरकारी सेवक (वग(cid:334)करण, नियं(cid:361)ण एवं अपील) नियमावली- 2005 के नियम 9(6)(ग) म(cid:336) निहित (cid:366)ावधान के आलोक म(cid:336) निलंबन से मुक्त किया जाता है। विभागीय काय(cid:330)वाही/आपराधिक कांड के अनुसंधान तथा न्यायालय के आदेश का फलाफल (cid:373)ी के सरी पर (cid:366)भावी होगा। 12. निलंबन से मुक्ति के पश्चात (cid:373)ी के सरी मुख्यालय, (cid:356)ामीण विकास विभाग, बिहार, पटना म(cid:336) योगदान समपि(cid:330)त कर(cid:336) गे।
13. आदेश पर विभागीय मं(cid:361)ी का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रा(cid:352)ल रं जन मिहवाल, विशेष सचिव।
------ 17 नवम्बर 2020 सं0 (cid:356)ा0वि0-14(नि0को0)सीतामढ़ी-11/2016-318426/(cid:356)ा0वि0--(cid:373)ी विनित कु मार सिन्हा, तत्कालीन ैप मामले म(cid:336) न्यायिक हिरासत (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, पुपरी (सीतामढ़ी) को ट(cid:332) म(cid:336) भेजने तथा निगरानी थाना कांड सं0 65/2016 दज(cid:330) होने के फलस्वरुप विभागीय काया(cid:330)लय आदेश संख्या- 279043 दिनांक 25.07.2016 (cid:554)ारा कारा निरोध की तिथि दिनांक 02.07.2016 के (cid:366)भाव से उनके कारावास की अवधि तक के लिए निल(cid:304)(cid:638)त किया गया।
2) (cid:373)ी सिन्हा के (cid:554)ारा कारा से मुक्त होने के पश्चात दिनांक 22.02.2017 को विभाग म(cid:336) अपना योगदान समपि(cid:330)त किया गया। तत्पश्चात विभागीय अधि0सं0 319468 दिनांक 28.07.2017 (cid:554)ारा इन्हें निलंबनमुक्त कर योगदान स्वीकृत किया गया।
3) (cid:373)ी सिन्हा के वि(cid:349)(cid:544) गंभीर कदाचार/भ्रष्टाचार का आरोप होने तथा उनके वि(cid:349)(cid:544) निगरानी थाना कांड सं0-65/2016 दज(cid:330) होने की (cid:304)(cid:830)थति म(cid:336) विभागीय अधिसूचना (cid:466)ापांक 319501 दिनांक 28.07.2017 (cid:554)ारा इन्हें दिनांक 22.02.2017 के (cid:366)भाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया गया ।5 बिहार गजट, 9 fnlEcj 2020 4) वृहत जाँच की आवश्यकता को दे खते (cid:352)ए (cid:373)ी सिन्हा के वि(cid:349)(cid:544) विभागीय संकल्प (cid:466)ापांक- 435441 दिनांक 01.08.2019 (cid:554)ारा विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित की गयी है।
5) (cid:373)ी सिन्हा (cid:554)ारा समपि(cid:330)त अभ्यावेदन म(cid:336) यह अंकित करते (cid:352)ए निलंबन से मुक्त करने का अनुरोध किया गया है कि वे लंबी अवधि से निल(cid:304)(cid:638)त है, जिसके कारण उन्ह(cid:336) आथि(cid:330)क संकट का सामना करना पर रहा है। (cid:373)ी सिन्हा (cid:554)ारा समपि(cid:330)त अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त एवं उनके वि(cid:349)(cid:544) (cid:366)तिवेदित आरोप के (cid:354)म म(cid:336) निगरानी थाना कांड संख्या 65/2016 के निगरानी न्यायालय म(cid:336) चल रहे वाद एवं मुख्य जाँच आयुक्त (cid:554)ारा संचालित विभागीय काय(cid:330)वाही के निण(cid:330)य म(cid:336) विलंब की सम्भावना को दे खते (cid:352)ए (cid:373)ी सिन्हा को विभागीय काय(cid:330)वाही के अधीन रखते (cid:352)ए बिहार सरकारी सेवक (वग(cid:334)करण, नियं(cid:361)ण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 9 (6)(ग) म(cid:336) निहित के (cid:366)ावधान के आलोक म(cid:336) निलम्बन से मुक्त किया जाता है। विभागीय काय(cid:330)वाही/आपराधिक कांड के अनुसंधान तथा न्यायालय के आदेश का फलाफल (cid:373)ी सिन्हा पर (cid:366)भावी होगा।
6) निलम्बन से मु(cid:304)(cid:389) के पश्चात (cid:373)ी सिन्हा मुख्यालय, (cid:356)ामीण विकास विभाग, बिहार, पटना म(cid:336) योगदान समपि(cid:330)त कर(cid:336) गे।
7) आदेश पर विभागीय मं(cid:361)ी का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रा(cid:352)ल रं जन मिहवाल, विशेष सचिव।
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परिवहन विभाग
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अधिसूचना
4 दिसम्बर 2020
सं0 05/स्था0 (DTO)-30/2013/8356--श्री संतोष कुमार, अपर अनुमण्डल पदाधिकारी, बांका अतिरिक्त प्रभार जिला परिवहन पदाधिकारी, बांका अपनी माँ के इलाज कराने हेतु दिनांक 02.12.2020 से 15.12.2020 तक अवकाश पर हैं। जिला परिवहन कार्यालय, बांका के कार्यों का सुचारू रूप में संचालन हेतु श्री संतोष कुमार के अवकाश अवधि तक श्री फिरोज अख्तर, जिला परिवहन पदाधिकारी, भागलपुर को अपने कार्याें के अतिरिक्त जिला परिवहन पदाधिकारी, बांका के कार्यों के निष्पादन करने हेतु प्राधिकृत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, षैलेन्द्र नाथ, उप-सचिव।
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ------ अधिसूचनाएं 30 सितम्बर 2020
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-05-04/2015-3099--श्री अरविन्द कुमार खॉ, तत्का0 अवर निबंधक, तेघड़ा (बेगुसराय) के विरूद्ध सरकारी राषि का दुरूपयोग, अनुषासनहीनता, गलत बयानी आदि आरोप में विभागीय संकल्प संख्या-1154 दिनांक 15.04.2011 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी हैं। संचालन पदाधिकारी निबंधन कार्यालयों के निरीक्षक, मगध प्रमंडल, गया द्वारा आरोप प्रमाणित पाये जाने के कारण उक्त विभागीय कार्यवाही के जॉच प्रतिवेदन के आधार पर विचारोपरान्त श्री खॉ के विरूद्ध आदेष सं0-440 दिनांक 22.01.2013 द्वारा निम्नलिखित दण्ड अधिरोपित किया गया हैः- (i) इनका वेतन वेतनमान के मूल वेतनपर पॉंच वर्षो के लिए निर्धारित किया जाता है। इन पॉच वर्षो में इन्हें कोई वेतन वृद्धि देय नहीं होगी। (ii) पूर्व में विभागीय ज्ञापांक-2338 दिनांक 11.08.2010 द्वारा दिये गये दण्ड का प्रभाव इसके बाद होगा। 2. उक्त दंडादेष के विरूद्ध श्री खॉ द्वारा दायर सी0डब्लू0जे0सी0सं0-17115/2014 में दिनांक 13.12.2018 को पारित न्यायादेष के आलोक में श्री अरविन्द कुमार खॉ, तत्का0 अवर निबंधक, तेघड़ा (बेगुसराय) सम्प्रति सेवा निवृत्त के विरूद्ध अधिरोपित दंडादेष आदेष सं0-440 दिनांक 22.01.2013 को निरस्त किया जाता है । 4. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
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11 सितम्बर 2020
सं0 8/आ0 (राज0 उ0)-2-06/2015-2809--श्री विनोद कुमार झा, तत्कालीन सहायक आयुक्त उत्पाद, भोजपुर सम्प्रति सेवानिवृत्त उपायुक्त उत्पाद के विरूद्ध अवैध शराब का निर्माण, चौर्य बिक्री तथा कारोबारियों पर प्रषासनिक नियंत्रण स्थापित करने में विफलता एवं कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता, प्रभावी पर्यवेक्षण का अभाव आदि आरोप में विभागीय संकल्प संख्या-4491 दिनांक 07.10.2015 द्वारा बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम-43 (बी.) के तहत् विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी थी।6 बिहार गजट, 9 fnlEcj 2020 2. संचालन पदाधिकारी -सह-अपर विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक-476 दिनांक- 03.10.2017 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध करायी गयी है। संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए विभागीय पत्रांक-4927 अनु0, दिनांक-11.12.2017 द्वारा श्री झा से द्वितीय बचाव बयान की मांग की गयी । 3. श्री झा द्वारा अपना द्वितीय बचाव बयान दिनांक 02.01.2018 को विभाग में समर्पित किया गया। उनके द्वारा अपने बचाव वयान में ऐसा कोई तथ्य नहीं उल्लिखित किया गया, जिस पर विचार किया जा सके।
4. संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन एवं श्री झा द्वारा समर्पित द्वितीय बचाव बयान पर सम्यक् विचारोपरान्त अवैध शराब के निर्माण, चौर्य बिक्री तथा अवैध कारोबारियों पर प्रषासनिक नियंत्रण में विफलता, कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता, प्रभावी पर्यवेक्षण का अभाव जैसे आदि गंभीर आरोपों के लिए बिहार पेंषन नियमावली के नियम-43 (क) के तहत् उनके पेंषन की राषि से 10 : (दस) प्रतिषत पेंषन की कटौती करने का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया । विभागीय पत्रांक-1720 दिनांक 23.05.18 द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से सहमति की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-2636 दिनांक 31.12.2018 द्वारा विभागीय दंड प्रस्ताव अधिक होने के कारण आनुपातिक नहीं है, का अभिमत दिया गया है। बिहार लोक सेवा आयोग के अभिमत के आधार पर श्री झा का बिहार पेंषन नियमावली के नियम-43 (क) के तहत् उनके पेंषन की राषि से 5 (पांच) प्रतिषत राषि की कटौती का दण्ड विभागीय अधिसूचना सं0-564 दिनांक 15.02.2019 द्वारा अधिरोपित किया गया।
5. विभागीय दण्डादेष के विरूद्ध श्री झा के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्लू0जे0सी0नं0- 10729/2019 दायर किया गया । उक्त याचिका में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 16.06.2020 को पारित अन्तरिम न्यायादेष में बिहार पेंषन नियामावली 1950 के नियम-43 (क) के विस्तार (ेबवचम) के प्रसंग में शपथ पत्र दायर करने का निदेष दिया है।
6. सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-1882 दिनांक 06.02.2020 द्वारा बिहार पेंषन नियमावली के नियम-43 के प्रावधान के तहत् कार्रवाई किये जाने के संबंध में दिषा-निर्देष निर्गत किया गया है। सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा निर्गत दिषा-निर्देष के अनुसार ''किसी सरकारी सेवक के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही का संचालन बिहार पेंषन नियमावली के नियम- 43 (ख) के प्रावधानों उसमें अन्तर्निहित शर्त्तो सहित के तहत किया जा सकता है तथा आरोप प्रमाणित होने पर पेंषन अथवा उसके किसी अंष को रोकने का निर्णय लिया जा सकता है। परन्तु सेवा काल के किसी अनुषासनिक/आपराधिक आरोप के लिये नियम-43 (क) के प्रावधान के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित नहीं की जा सकती है।'' सामान्य प्रषासन विभाग के आलोच्य परिपत्र में सी0डब्लू0जे0सी0नं0-2527/2009 में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा नियम-43 (क) एवं 43 (ख) के प्रावधानों के संबंध में किये गये प्रेक्षण एवं विद्वान महाधिवक्ता के मंतव्य का उल्लेख है। उक्त प्रेक्षण एवं मंतव्य के आलोक में बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम-43 (क) के तहत दण्ड उस परिस्थिति में दिया जा सकता है जब सेवा निवृत्त सरकारी कर्मी द्वारा सेवा निवृत्ति के पश्चात् किये गये किसी अपराध के लिये दोषी सिद्ध होता है।
अतः माननीय उच्च न्यायालय का प्रेक्षण एवं सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा निर्गत दिषा-निर्देष के आलोक में श्री विनोद कुमार झा, तत्कालीन सहायक आयुक्त उत्पाद, भोजपुर सम्प्रति सेवा निवृत्त उपायुक्त उत्पाद को भोजपुर जिला में पदस्थापन कालीन आरोपों के लिये बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम-43 (ख) के तहत् उनकी पेंषन की राषि से 5 (पॉच) प्रतिषत राषि की कटौती का दण्ड दिनांक 15.02.2019 के प्रभाव से अधिरोपित किया जाता है।
एतद् विषयक पूर्व निर्गत अधिसूचना सं0-564 दिनांक 15.02.2019 को विलोपित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
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15 जून 2020
सं0 8/आ0 (राज0 उ0)-2-19/2016-1890--श्री अरूण कुमार मिश्र, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, मुजफ्फरपुर सम्प्रति अधीक्षक मद्य निषेध, कटिहार के विरूद्ध कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं राजस्व क्षति आदि आरोप में संकल्प सं0-4333 दिनांक 12.09.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी । 2. उपायुक्त मद्य निषेध-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-05 दिनांक 11.01.2019 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया गया। जॉच प्रतिवेदन में लापरवाही एवं षिथिलता के आरोप कोे प्रमाणित होता है, निष्किर्षित किया गया । 3. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18 के तहत् संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-312 दिनांक 29.01.19 द्वारा श्री मिश्र से द्वितीय बचाव वयान की मांग की गयी । 4. विभागीय पत्रांक-1852 दिनांक 21.05.2019 एवं पत्रांक-3626 दिनांक 03.10.2019 द्वारा स्मारित करने के बावजूद श्री मिश्र द्वारा द्वितीय बचाव वयान विभाग में समर्पित नहीं किया गया। पर्याप्त मौका दिये जाने के बावजूद लगभग एक वर्ष व्यतीत होने के बाद भी उनके द्वारा द्वितीय बचाव वयान समर्पित नहीं किये जाने सेे स्पष्ट होता है कि उन्हें उक्त प्रमाणित आरोपों के संबंध में कुछ नहीं कहना है। 5. संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2015 के नियम-14 (अप) के तहत् 03 (तीन) वार्षिक वेतन वृद्धियॉ संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने के दण्ड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक-768 दिनांक 19.02.2020 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति की मांग की गयी। बिहार7 बिहार गजट, 9 fnlEcj 2020 लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-206 दिनांक 20.05.2020 द्वारा दिनांक 14.05.2020 को आहुत बैठक मे सम्यक् विचारोपरांत आयोग द्वारा विभागीय दण्ड प्रस्ताव में सहमति व्यक्त किया गया है। अतएव श्री अरूण कुमार मिश्र के बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-14 (अप ) के तहत् 03 (तीन) वार्षिक वेतन वृद्धियॉ संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड अधिरोपित करते हुए विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है। 6. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
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10 अगस्त 2020
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-33/2014-2406--श्री राम प्रवेष चौहान, तत्कालीन अवर निबंधक, हिलसा (नालन्दा) सम्प्रति निलंबित को जमींन रजिस्ट्री करने के एवज में श्री योगेन्द्र यादव से रू. 8000/-(आठ हजार) रूपये रिष्वत लेते निगरानी विभाग के धावा दल द्वारा रंगे हाथ पकड़े जाने, गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजे जाने तथा निगरानी थाना कांड सं0-055/2014 दिनांक 26.08.2014 में प्राथमिकी अभियुक्त बनाये जाने के परिणाम स्वरूप कदाचार के लिए विभागीय संकल्प सं0-5188 दिनांक 02.12.2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी ।
2. उक्त संकल्प के आलोक में संचालित विभागीय कार्यवाही से असंतुष्ट होकर श्री चौहान द्वारा सी0डब्लू0जे0सी0नं0-3803/2015 दायर किया गया। उक्त याचिका में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 11.09. 2015 को न्यायादेष पारित किया गया कि "Thus, having regard to the aforementioned recent decision of the State Governement, this Court would direct that the departmental inquiry against the petitioner should be conducted by the Departmental Inquiry Commissioner and or Additional Departmental Inquiry Commissioner instead of its being conducted by the officer of the Excise and Prohibition Department." उक्त न्यायादेष के आलोक में विभागीय संकल्प सं0-210 दिनांक 13.01.2016 द्वारा विभागीय जॉच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
3. विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी, प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग-सह-जॉच आयुक्त (ट्रैप केस), बिहार, पटना ने अपने पत्रांक-191 दिनांक 16.11.2018 द्वारा प्रतिवेदित किया हैं कि '' प्रष्नगत मामले में श्री राम प्रवेष चौहान, तत्कालीन अवर निबंधक, हिलसा, नालन्दा सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय, जिला अवर निबंधन कार्यालय, पटना के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही सं0-01/16 में गठित आरोप पत्र प्रपत्र-''क'' आरोपित पदाधिकारी के बचाव बयान, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी की ओर से बचाव बयान पर प्रस्तुत की गयी। कंडिकावार प्रतिक्रिया तथा अभिलेख में संलग्न साक्ष्यों के परिषीलन से अभियुक्त श्री राम प्र्रवेष चौहान के विरूद्ध आरोप प्रमाणित होता है। श्री राम प्रवेष चौहान, तत्कालीन अवर निबंधक, हिलसा के द्वारा परिवादी श्री योगेन्द्र यादव से आठ हजार रूपये रिष्वत लेते हुए पकड़ा जाना एक गंभीर मामला है। एक सरकारी पदाधिकारी के रूप में पदीय कर्त्तव्य के निर्वहन के क्रम में यह आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1) में निहित प्रावधान के प्रतिकूल हैं तथा यह सरकारी कर्त्तव्य पालन में गंभीर कदाचार का मामला बनता है।''
4. संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुए श्री चौहान से विभागीय पत्रांक-3880 दिनांक 28.11.18 द्वारा द्वितीय बचाव बयान की मांग की गयी। विभागीय पत्रांक-13 दिनांक 03.01.19, 259 दिनांक 25.01.19 एवं 2869 दिनांक 08.08.19 द्वारा स्मारित करने के बावजूद श्री चौहान द्वारा द्वितीय बचाव वयान विभाग में समर्पित नहीं किया गया।
5. इसी दौरान श्री राम प्रवेष चौहान, आरोपी पदाधिकारी के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में अन्य याचिका C.W.J.C. No. 17442/2019 दायर किया गया । उक्त याचिका में माननीय उच्च न्यायालय, पटना में दिनांक 18.10. 2019 को निम्न न्यायादेष पारित किया गया हैः-
" Considering the facts and circumstances of the matter, particularly in view of the fact that the order of suspension is continuing for nearly five years, this writ application is disposed of with an observation that let the disciplinary authority/competent authority review the prolonged suspension of the petitioner and take a decision within a period of two months from the date of receipt/production of a copy of this order.
The Court expects that the disciplinary authority shall take some decision on the report of the Inquiry Officer expeditiously, in accordance with law."
6. श्री चौहान को द्वितीय बचाव वयान समर्पित करने हेतु तीन स्मार दिये गये। तीन-तीन स्मारों के बावजूद एक वर्ष से अधिक अवधि व्यतीत होने के पश्चात भी द्वितीय बचाव वयान समर्पित नहीं किया जाना स्पष्ट करता है कि अपना बचाव वयान प्रस्तुत करने के वे इच्छुक नहीं है। C.W.J.C No. 14442/2019 में माननीय उच्च न्यायालय ने जॉच प्रतिवेदन पर शीघ्र निर्णय लेने का निदेष दिया है। अतएव सम्यक विचारोपरांत श्री राम प्रवेष चौहान, तत्का0 अवर निबंधक, हिलसा (नालन्दा) सम्प्रति निलंबित को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संषोधित 20078 बिहार गजट, 9 fnlEcj 2020 के नियम-14 (Xi) के तहत् सेवा से बर्खास्ती का दंड अधिरोपित करने के प्रस्ताव पर मा0 मंत्री महोदय का अनुमोदन प्राप्त करते हुए विभागीय पत्रांक-321 दिनांक 24.01.2020 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से अभिमत की मांग की गयी । 7. विभागीय निर्णय पर बिहार लोक सेवा आयोग से अभिमत मांग करने के पश्चात् श्री चौहान द्वारा द्वितीय बचाव वयान समर्पित किया गया। श्री चौहान ने अपने बचाव वयान में गवाही के कागजात में उलट-फेर करने, निगरानी विभाग के कागजात को प्रमुखता देने तथा परिवादी श्री योगेन्द्र यादव एक दलाल है और अपना नाम योगेन्द्र प्रसाद लिखकर अन्य लोगों के विरूद्ध परिवाद देने का उल्लेख किया है।
आरोपी पदाधिकारी का उपर्युक्त कथन निराधार एवं पूर्वाग्रह से ग्रसित है। विभागीय कार्यवाही संचालन के क्रम में गवाही कागजात में उलट-फेर करना संभव नहीं है। श्री चौहान को निगरानी विभाग द्वारा रंगे हाथ पकड़े जाने के कारण निगरानी के कागजात/प्रतिवेदन को प्रमुखता दी गई है। श्री योगेन्द्र यादव और श्री योगेन्द्र प्रसाद दोनों एक ही व्यक्ति है का पुख्ता साक्ष्य/प्रमाण आरोपी पदाधिकारी द्वारा समर्पित नहीं किया गया है। इस प्रकार आरोपी पदाधिकारी का बचाव वयान तथ्य आधारित तथा साक्ष्य समर्थित नहीं होने के कारण बचाव वयान को अस्वीकार किया गया।
8. बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-215 दिनांक 20.05.2020 द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि दिनांक 14.05.2020 की बैठक में सम्यक् विचारोपरान्त आयोग द्वारा विभागीय दण्ड प्रस्ताव में सहमति व्यक्त किया गया है। अतएव सम्यक विचारोपरांत सेवा से बर्खास्तगी का दण्ड के विभागीय निर्णय पर विचार हेतु मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्ताव उपस्थापित किया गया। मंत्रिपरिषद की बैठक दिनांक 25.07.2020 कोे मद संख्या-14 के रूप में विभागीय प्रस्ताव की स्वीकृति प्रदान की गई है। अतः मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के आलोक में श्री राम प्रवेष चौहान, तत्का0 अवर निबंधक, हिलसा (नालन्दा) सम्प्रति निलंबित कोे बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संषोधित 2007 के नियम-14 (xi) के तहत् सेवा से बर्खास्त करने का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। इसके साथ विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
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19 फरवरी 2020
सं0 9/आरोप (राज0)(उ0)-2-02/2012-776--L.P.A. No. 1123/2017 में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 11.10.2018 को पारित न्यायादेष के आलोक श्री अष्विनी कुमार, तत्का0 अधीक्षक उत्पाद, नवादा सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-उपायुक्त मद्य निषेध, पटना-सह-मगध प्रमंडल, पटना के विरूद्ध विदेषी शराब/वीयर के न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा में उठाव नहीं होने से राजस्व की अपूरणीय क्षति, अनुज्ञप्तिधारी से मिलीभगत कर निजी लाभ उठाना एवं कर्त्तव्य में षिथिलता एवं उच्चाधिकारी के निर्देषों की अवहेलना आदि आरोप में संकल्प संख्या-2833 दिनांक 06.08.19 द्वारा पुनः विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी है। विभागीय अधिसूचना सं0-2254 दिनांक 28.06.19 द्वारा श्री कुमार को सेवा से बर्खास्तगी का दंडादेष को निरस्त करते हुए उसी तिथि से सेवा में बहाल करते हुए दिनांक 28.06.2016 के प्रभाव से बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9 (5) के तहत् निलंबित किया गया है। 2, श्री कुमार के निलंबन की अवधि 12 माह से अधिक की हो गयी है। 3. श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही पूर्ण नहीं हो सकी है। 4. श्री कुमार के अभ्यावेदन पर निलंबन अवधि में उन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-10 (1) के आलोक में निलम्बनादेष निर्गत होने के तिथि से बारह माह पश्चात् दिनांक 28.06. 2017 के प्रभाव से पूर्व से निर्गत 50 प्रतिषत जीवन निर्वाह भत्ता में वृद्धि करते हुए 75 प्रतिषत किया जाता है। 5. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
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5 फरवरी 2020
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-25/2013-527--माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा सी0डब्लू0जे0सी0नं0- 22076/14 में दिनांक 08.11.2017 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में मो0 कमाल अशरफ, तत्का0 जिला अवर निबंधक, भागलपुर सम्प्रति सेवा से बर्खास्त को विभागीय अधिसूचना सं0-258 दिनांक 18.01.2018 द्वारा उन्हें पुनः सेवा मेंं बहाल किया गया था, को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-09 (1) (क एवं ग) में निहत प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। 2. मो0 अशरफ के दिनांक 31.12.2019 को सेवानिवृत्त होने के फलस्वरूप सेवानिवृति की तिथि दिनांक 31.12.2019 के प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया जाता है। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।9 बिहार गजट, 9 fnlEcj 2020
24 जनवरी 2020
सं0 8/आ0 (राज0 उ0)-2-01/2020-338--मो0 अषरफ जमाल, अधीक्षक मद्य निषेध, सहरसा के विरूद्ध सहरसा सदर थाना में प्राथमिकी संख्या-39/2020 दिनांक-14.01.2020 दर्ज होने एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर सहरसा द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के आधार पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9 (1)(क) तथा (ग) के अंतर्गत तत्कालिक प्रभाव से निलंबित किया जाता है। 2. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय-उपायुक्त मद्य निषेध का कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया जाता है। 3. निलंबन अवधि में उन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-10 (1) के अंतर्गत जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
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29 जनवरी 2020
सं0 8/आ0 (राज0नि0)-1-48/2019-410--श्री सुमेष्वर कुमार, जिला अवर निबंधक, भोजपुर के विरूद्ध बिना किसी सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहने, अनुपस्थिति अवधि में दस्तावेज का निबंधन होने, निबंधित दस्तावेज का हस्ताक्षरित नही होने के आरोप में विभागीय संकल्प संख्या-283 दिनांक 23.01.2020 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित है। श्री कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9 (1)(क) के अंतर्गत तत्कालिक प्रभाव से निलंबित किया जाता है। 2. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय-सहायक निबंधन महानिरीक्षक का कार्यालय, मगध प्रमंडल, गया निर्धारित किया जाता है। 3. निलंबन अवधि में उन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-10 (1) के अंतर्गत जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
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19 अक्तूबर 2020
सं0 8/E1 -463/2008-3351--श्री अरविन्द कुमार खॉ, तत्कालीन अवर निबंधक, शेरघाटी सम्प्रति सेवा निवृत्त के विरूद्ध विभागीय संकल्प सं0-2338 दिनांक 11.08.2020 के द्वारा तीन वार्षिक वेतनवृद्धियॉ संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड अधिरोपित किया गया था। उक्त दण्डादेष के विरूद्ध श्री खॉ के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में C.W.J.C No. 13112/2012 दायर किया गया, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 22.11.2017 को निम्नलिखित आदेश पारित किया गया है-In the light of the aforesaid judgments, this Court is of the view that the enquiry proceeding suffers from irregularity, findings are perverse as well as the due procedure of following the enquiry proceeding has not been followed and, accordingly, the order of punishment is bad and is set aside. The petitioner has also filed an appeal which has been rejected vide letter no. 1177 dated 18.04.2011 is also suffers from irregularity in view of the fact that when the enquiry proceeding itself has vitiated as well as the findings are not sustainable, automatically the order passed by the appellate authority is liable to be set aside. While passing the order, the appellate authority has not at all discussed at all anythings and by three line. He has merely dismissed the appeal without any discussion. The respondents, if so advised, may proceed in accordance with law." 2. C.W.J.C No. 13112/2012 में पारित आदेष के विरूद्ध L.P.A. No. 518/2018 दायर किया गया, जिसमें दिनांक 08.01.2019 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा निम्नलिखित आदेष पारित किया गया है :- " In our considered opinion, if the impugned order of punishment is founded on the concusions drawn by the enquiry officer in the report and the copy of the report has not been vitiated. The learned Single Judge has already left it open to the appellants to proceed in accordance with law and, therefore, if cannot be said that the appellants cannot avail of any further opportunity in this regard.
Consequently, we are not inclined to interfere with the impugned judgement without prejudice to he rights of the appellant- State to proceed in accordance with law".
10बिहार गजट, 9 fnlEcj 2020 3.. माननीय न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेष के आलोक में श्री अरविन्द कुमार खॉ, तत्का0 अवर निबंधक, शेरघाटी सम्प्रति सेवा निवृत्त के विरूद्ध संकल्प सं0-2338 दिनांक 11.08.2010 द्वारा अधिरोपित दण्डादेष को निरस्त किया जाता है। 4. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
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22 सितम्बर 2020
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-01-48/2019-2928--श्री सुमेष्वर कुमार, तत्का0 जिला अवर निबंधक, भोजपुर सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-सहायक निबंधन महानिरीक्षक का कार्यालय, मगध प्रमंडल, गया के विरूद्ध दिनांक 13.12.2019 को बिना किसी सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहने तथा उनकी अनुपस्थिति में 68 दस्तावेज का निबंधन होने तथा दिनांक 12.12.2019 को निबंधित 46 दस्तावेज दिनांक 14.12.2019 तक हस्ताक्षरित नहीं होना, बिहार निबंधन अधिनियम और बिहार निबंधन नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन है। विवाह निबंधन पंजी एवं प्रमाण पत्र पर भी निबंधन पदाधिकारी का हस्ताक्षर नहीं होना तथा अपने चेम्बर में निजी CCTV कैमरा लगाये जाने आदि आरोप में संकल्प सं0-283 दिनांक 23.01.2020 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 2. सहायक निबंधन महानिरीक्षक-सह-संचालन पदाधिकारी के पीत पत्र-270 दिनांक 07.07.2020 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया गया। जॉच प्रतिवेदन में आरोप सं0-01, 02 एवं 03 को आंषिक रूप से प्रमाणित होता है, निष्किर्षित किया गया । 3. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18 के तहत् संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए प्रमाणित आरोप पर विभागीय पत्रांक-2398 दिनांक 07.08.2020 द्वारा श्री कुमार से द्वितीय बचाव वयान की मांग की गयी है । 4. श्री कुमार ने दिनांक 12.08.2020 को अपना द्वितीय बचाव वयान विभाग में समर्पित किया गया। 5. संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन एवं श्री कुमार से प्राप्त बचाव वयान के समीक्षोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-14 (अ) के तहत् 03 (तीन) वार्षिक वेतन वृद्धियॉ असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड अधिरोपित किया जाता है तथा निलंबन से मुक्त करते हुए विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है। श्री कुमार को निलंबन अवधि का जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ देय नहीं होगा। निलंबन अवधि पेंषनादि प्रयोजनार्थ परिगणित की जाएगी। 6. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 32—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in11 बिहार गजट, 9 fnlEcj 2020
बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी kjk प्रकाशित
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सं0 8/आ0 (राज0 उ0)-02-06/2020-2980 मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ------- संकल्प 23 सितम्बर 2020
चूॅकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने का कारण है कि श्री लाला अजय कुमार सुमन अधीक्षक मद्यनिषेध, प0 चंपारण, बेतिया के विरूद्ध कार्य से अनुपस्थित रहने, अधीक्षक मद्यनिषेध का कार्य अनुषासनहीनता, पदीय दायित्वों के निर्वहन में अक्षमता, अधीनस्थ कर्मियों पर नियंत्रण नहीं रहना, कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता आदि आरोप विनिर्दिष्ट है, जैसा कि संलग्न आरोप प्रपत्र में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री लाला अजय कुमार सुमन, अधीक्षक मद्य निषेध , प0 चंपारण, बेतिया के विरूद्ध संलग्न विनिर्दिष्ट आरोपों के जॉंच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 (2) में विहित रीति से विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु संयुक्त आयुक्त (विभागीय जॉंच), तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री सुमन के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में उपायुक्त मद्यनिषेध, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री सुमन से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेशः-आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
------- सं0 8/आ0 (राज0 उ0)-2-14/2018-228 ------- संकल्प 21 जनवरी 2020 विभागीय संकल्प सं0-1875 दिनांक 22.05.2019 द्वारा श्री अमृतेष कुमार, अधीक्षक उत्पाद, सीवान के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी श्री अभय राज, अपर सचिव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के स्थानान्तरण के फलस्वरूप उनके स्थान पर श्री विनय कुमार, संयुक्त सचिव को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। 2. संकल्प की अन्य शर्त्ते यथावत रहेगी। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। आदेश :- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण कुमार वर्मा, अवर सचिव।12 बिहार गजट, 9 fnlEcj 2020 सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-25/2013-526
------ संकल्प 5 फरवरी 2020 मो0 कमाल अषरफ, तत्का0 जिला अवर निबंधक, भागलपुर के विरूद्ध सी0 डब्लू0 जे0 सी0 नं0-22076/14 में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 08.11.2017 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में विभागीय संकल्प सं0-627 दिनांक 22.02.2018 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित है। मो0 अषरफ दिनांक 31.12.2019 को सेवा निवृत्त हो चुके हैं। 2. मो0 अषरफ के सेवानिवृत्त हो जाने के फलस्वरूप उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम 43 (बी0) के तहत् सम्परिवर्त्तित किया जाता है।
3. संकल्प की अन्य शत्ते यथावत रहेगी। 4. इसमे सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है। आदेश :- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
------- सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-01-14/2019 -636 ----- संकल्प 12 फरवरी 2020 चूॅकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने का कारण है कि श्रीमती पूजा भारती, तत्का0 अवर निबंधक, फारबिसगंज (अररिया) सम्प्रति अवर निबंधक, दरौली (सीवान) के विरूद्ध अधिनियमों, नियमों, सरकारी निर्देषों एवं राजस्व हित के विपरीत कार्य करना आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र-'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्रीमती पूजा भारती के विरूद्ध संलग्न विनिर्दिष्ट आरोपों के जॉच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 (2) में विहित रीति से विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए श्री काषी कुमार, सहायक निबंधन महानिरीक्षक (मुख्यालय) को संचालन पदाधिकारी एवं सहायक निबंधन महानिरीक्षक, पटना प्रमंडल, पटना को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्रीमती भारती से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव वयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेश :- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
------- सं0 8/आ0 (राज0 उ0)-02-01/2020-2745 ----- संकल्प 8 सितम्बर 2020 चूॅकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने का कारण है कि मो0 अषरफ जमाल, तत्का0 अधीक्षक मद्य निषेध, सहरसा सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-उपायुक्त मद्य निषेघ का कार्यालय, तिरहुत-यह-सारण प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध अवैध रूप से बरामद शराब का प्राथमिकी तीन दिनों बाद दर्ज कराना, अभियुक्त को विलम्ब कर न्यायालय में उपस्थापित किया जाना, बरामदगी स्थल एवं ट्रक का नम्बर जब्ती सूची में गलत अंकित करने आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि मो0 अषरफ जमाल के विरूद्ध संलग्न विनिर्दिष्ट आरोपों के जॉच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 (2) में विहित रीति से विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए संयुक्त आयुक्त (विभागीय जॉच), कोषी प्रमंडल, सहरसा को संचालन पदाधिकारी एवं अधीक्षक मद्य निषेध, सहरसा को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. मो0 अषरफ से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव वयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।13 बिहार गजट, 9 fnlEcj 2020 आदेश :- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
------- सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-01-47/2019-2758 ----- संकल्प 8 सितम्बर 2020 चूॅकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने का कारण है कि श्री संजय कुमार ग्वालिया, तत्का0 जिला अवर निबंधक, मुजफ्फरपुर सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय-सहायक निबंधन महानिरीक्षक का कार्यालय, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर के विरूद्ध निगरानी अन्वेषण व्युूरो द्वारा श्री ग्वालिया के तीन स्थानों पर गुह तलाषी के क्रम में नगद रू. 37,92,000/- (सैतीस लाख बानवे हजार) रूपये एवं 49,000/- (उनचास हजार रू0) तथा बैंक, एल0आई0सी0 के अन्य कागजात, कुल 53,65,500/- (तिरपन लाख पैसठ हजार पॉच सौ ) रूपये के प्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप में भ्र0नि0अधि0 1988 (संषोधित अधिनियम 2018) की धारा-13 (2) सह पठित धारा-13 (1) (बी.) के अधीन निगरानी थाना कांड सं0-48/2019 दिनांक 02.12.2019 दर्ज किया गया है। श्री ग्वालिया के आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम-3 के प्रावधानों के प्रतिकूल रहने आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री संजय कुमार ग्वालिया के विरूद्ध संलग्न विनिर्दिष्ट आरोपों के जॉच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 (2) में विहित रीति से विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए मुख्य जॉच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं श्री मनोज कुमार संजय, सहायक निबंधन महानिरीक्षक (मुख्यालय) को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। संचालन पदाधिकारी के नियुक्ति के प्रस्ताव में सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना के माध्यम से मुख्य सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।
4. श्री ग्वालिया से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव वयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेश :- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
------- सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-05-04/2014-3104 ----- संकल्प 30 सितम्बर 2020 श्री अरविन्द कुमार खॉ, तत्का0 अवर निबंधक, तेघड़ा (वेगुसराय) के विरूद्ध सरकारी राषि का दुरूपयोग, अनुषासनहीनता, गलत बयानी आदि आरोप में विभागीय संकल्प संख्या-1154 दिनांक 15.04.2011 द्वारा संचालित की गयी है। उक्त विभागीय कार्यवाही के जॉच प्रतिवेदन पर विचारोपरान्त आदेष सं0-440 दिनांक 22.01.2013 द्वारा निम्नांकित दण्ड अधिरोपित किया गया है -
(i) इनका वेतन वेतनमान के मूल वेतन पर पॉच वर्षो के लिए निर्धारित किया जाता है। इन पॉच वर्षो में इन्हें कोई वेतन वृद्धि देय नहीं होगी।
(ii) पूर्व में विभागीय ज्ञापांक-2338 दिनांक 11.08.2010 द्वारा दिये गये दण्ड का प्रभाव इसके बाद होगा। 2. उक्त दण्डादेष के विरूद्ध श्री खॉ द्वारा दायर सी0डब्लू0जे0सी0सं0- 17115/2014 में दिनांक 13.12.2018 को पारित न्यायादेष के आलोक में श्री खॉ के विरूद्ध आदेष सं0-440 दिनांक 22.01.2013 द्वारा अधिरोपित दंडादेष को अधिसूचना सं0-3099 दिनांंक दिनांक 30.09.2020 द्वारा निरस्त किया जा चुका है।
3. श्री खॉ दिनांक 31.01.2020 को सेवा निवृत्त हो चुके है। अतएव उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम-43 (बी0) के तहत् सम्परिवर्त्तित किया जाता है।
4. संकल्प की अन्य शर्त्ते यथावत् रहेगी। 5. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। आदेशः-आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।14 बिहार गजट, 9 fnlEcj 2020 सं0 1/E1 -463/2008-3353 ----- संकल्प 19 अक्तूबर 2020 श्री अरविन्द कुमार खॉ, अवर निबंंधक, शेरघाटी (गया) के विरूद्ध अनियमितता, कदाचार, वरीय पदाधिकारी के आदेष की अवहेलना, वैकल्पिक व्यवस्था के बिना अपने कर्त्तव्य से अनुपस्थिति, विधि व्यवस्था संबंधी दायित्व की उपेक्षा, विभागीय निर्देषों का उल्लंघन, वरीय पदाधिकारियों के प्रति अमर्यादित व्यवहार दायित्व के प्रति लापरवाही एवं अनुषासनहीनता आदि आरोप विनिर्दिष्ट करते हुए समाहर्त्ता-सह-जिला निबंधक, गया एवं आयुक्त मगध प्रमण्डल, गया से अनुमोदित प्रपत्र-'क' के समीक्षोपरांत विभागीय स्तर पर आरोप पत्र प्रपत्र-''क'' गठित कर विभागीय संकल्प संख्या-310 दिनांक 03.02.2010 के द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-(2) के तहत् विहित रीति से विभागीय कार्यवाही संस्थित करने का निर्णय लिया गया था। उक्त विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प संख्या-2338 दिनांक 11.08.2010 के द्वारा तीन वार्षिक वेतन वृद्धियॉ संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड अधिरोपित किया गया था।
2. विभागीय दण्डादेष के विरूद्ध श्री खॉ द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर सी0डब्लू0जे0सी0 नं0-13112/2012 में दिनांक 22.11.2017 एवं एल0पी0ए0 नं0-518/2018 में दिनांक 08.01.2019 को पारित न्यायादेष के आलोक में श्री खॉ के विरूद्ध संकल्प सं0-2338 दिनांक 11.08.2010 द्वारा अधिरोपित दंडादेष को अधिसूचना सं0-3351 दिनांक-19.10.2020 द्वारा निरस्त किया जा चुका है। श्री खॉ दिनांक 31.01.2020 को सेवा निवृत्त हो चुके है। अतएव उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम-43 (बी0) के तहत् सम्परिवर्त्तित किया जाता है।
3. संकल्प की अन्य शर्त्ते यथावत् रहेगी। 4. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। आदेशः-आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 32—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in