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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 16 December 2020

Published 16 December 2020

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2020-12-16.45
Languages
English, Hindi

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निबंधन संख्या पी0टी0-40

बिहार गजट

बिहार सरकार kjk प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, inLFkkiu, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं। 2-6 भाग-1-क—Lo;alsod xqYeksa के समादे"Vkओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और eq[rkjh परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-jkT;iky और dk;kZ/;kksa द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। ---

भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और mPp U;k;ky; के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और jkT; गजटों के उ(cid:7373)रण।

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भाग-4—बिहार अधिनियम ---

विषय-सूची i"B

i"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:LFkkपित विधेयक,उDr विधान मंडल में उपLFkkपित या उपLFkkपित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और mDr विधान मंडल में पुर:LFkkपन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की T;ss"B अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:LFkkfir विधेयक, संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:LFkkiu के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---

भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, U;k;ky; सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं bR;kfnA 7-8 पूरक

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पूरक-क 9-132 बिहार गजट, 16 दिसम्बर 2020 भाग-1 नियुक्ति, inLFkkiu] बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं।

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अधिसूचनाएं

22 सितम्बर 2020

सं0 1/सी01-09/2015 गृ0आ0-6159--गृह मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना सं0-I-11014072020- IPS.IV, दिनांक 11.09.2020 द्वारा हिमाचल प्रदेश से बिहार संवर्ग में संवर्ग स्थानांतरण के फलस्वरूप बिहार में दिनांक-21.09. 2020 के पूर्वाह्‌न में योगदान के उपरान्त श्रीमती काम्या मिश्रा, भा0पु0से0 (2019), परीक्ष्यमान, को जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में वैशाली जिला आवंटित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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4 दिसम्बर, 2020

सं0 1/डी01-10-02/2020 गृ0आ0-8284--केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति के तहत सशस्त्र सीमा बल में पुलिस महानिरीक्षक (वेतन स्तर-14) के पद पर पदभार ग्रहण की तिथि से पॉंच वर्षों या अगले आदेष तक, जो पहले हो, के लिए नियुक्त किये जाने के फलस्वरूप श्री पंकज कुमार दाराद, भा0पु0से0 (BH:1995) सम्प्रति अपर पुलिस महानिदेशक, रेल, बिहार, पटना को वर्त्तमान पद का प्रभार त्याग करने की तिथि से विरमित करते हुए उनकी सेवाएँ गृह मंत्रालय, भारत सरकार को साैंपी जाती है।

2. श्री दाराद को निदेश दिया जाता है कि सशस्त्र सीमा बल में योगदान कर प्रतिवेदन इस विभाग को प्रस्तुत करें। (गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के पत्रांक- I-21017/02/2020-IPS.III, दिनांक 21.09.2020 द्रष्टव्य।)

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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16 सितम्बर 2020

सं0 1/एल01-10-01/2016-गृ0आ0-5904--श्री हरि प्रसाथ एस0, भा0पु0से0 (2010), पुलिस अधीक्षक, नवादा को पूर्व में विभागीय अधिसूचना-2028 दिनांक 26.02.2020 द्वारा स्वीकृत दिनांक 06.02.2020 से 20.02.2020 तक कुल 15 (पंद्रह) दिनों के उपार्जित अवकाश में से उपभोग नहीं किये गये अवधि दिनांक 06.02.2020 से 08.02.2020 तक के कुल 03 (तीन) दिनों के उपार्जित अवकाश को रद्‌द किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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30 सितम्बर 2020

सं0 1/एल1-10-02/2007-गृ0आ0-6518--श्रीमती के0 एस0 अनुपम, भा0पु0से0 (1998) सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में, को विभागीय अधिसूचना सं0-5491, दिनांक-02.09.2020 द्वारा संशोधित स्वीकृत शिशु देख-भाल अवकाश में निम्न रूपेण संशोधन किया जाता है :-

(क) दिनांक 04.03.2020 से 30.08.2020 तक 180 दिन एवं उसके आगे, (ख) दिनांक 31.08.2020 से 26.02.2021 तक (दिनांक 27.0.2021 शनिवार एवं 28.02.2021 रविवार को Suffix सहित) 180 दिन।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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15 सितम्बर 2020

सं0 1/एल1-10-02/2012-गृ0आ0-5882--श्री नैयर हसनैन खान, भा0पु0से0 (1996), पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय), बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवाएँ (छुट्‌टी) नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के अन्तर्गत दिनांक3 बिहार गजट, 16 दिसम्बर 2020 28.12.2020 से 12.01.2021 तक कुल 16 (सोलह) दिनों का उपार्जित अवकाश, दिनांक 25, 26 एवं 27.12.2020 के राजपत्रित अवकाश को Prefix के रूप में उपभोग की अनुमति सहित, की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

2. श्री खान के उक्त अवकाश अवधि में पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) के अतिरिक्त प्रभार में पुलिस महानिरीक्षक (बजट/अपील एवं कल्याण), बिहार, पटना रहेंगें।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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8 दिसम्बर 2020

सं0 एल1-10-02/2020-गृ0आ0-8369--श्रीमती नवजोत सिमि, भा0पु0से0 (2018), सहायक पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षु), पटना को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्‌टी) नियमावली, 1955 के नियम-15 के अन्तर्गत विभागीय अधिसूचना संख्या-1765 दिनांक 19.02.2020 द्वारा स्वीकृत दिनांक 11.02.2020 से 22.11.2020 तक असाधारण अवकाश को दिनांक 17. 01.2020 तक विस्तारित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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4 दिसम्बर 2020

सं0 1/एल1-10-03/2016-गृ0आ0-8278--डॉ0 गौरव मंगला, भा0पु0से0 (2013), पुलिस अधीक्षक, राज्य अभिलेख ब्यूरो, बिहार, पटना कोे अपने छोटे भाई की शादी में भाग लेने हेतु अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्‌टी) नियमावली 1955 के नियम 10, 11 एवं 20 के अन्तर्गत दिनांक 07.12.2020 से 16.12.2020 तक कुल 10 (दस) दिनों के उपार्जित अवकाष की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

2. डॉ0 गौरव मंगला के उक्त अवकाष अवधि में उनके द्वारा धारित पद के अतिरिक्त प्रभार हेतु आंतरिक व्यवस्था से काम चलाया जायेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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24 सितम्बर 2020

सं0 1/एल1-10-02/2018-गृ0आ0-6276--श्री किरण कुमार गोरख जाधव, भा0पु0से0 (2016), तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर पटना, सम्प्रति पुलिस अधीक्षक, बगहा को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्‌टी) नियमावली 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के अन्तर्गत दिनांक 09.08.2020 से 27.08.2020 तक कुल 19 (उनीस) दिनों के उपभोग किये गये उपार्जित अवकाष की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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24 सितम्बर 2020

सं0 1/एल1-10-04/2012-गृ0आ0-6277--श्रीमती शोभा ओहटकर, भा0पु0से0 (1990), परामर्शी, बिहार राज्य योजना पर्षद, पटना को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्‌टी) नियमावली 1955 के नियम-10, 11, 12, 13, 14 एवं 20 के अन्तर्गत दिनांक 09.07.2020 से 30.08.2020 तक के चिकित्सा अवकाश की घटनोत्तर स्वीकृति एवं दिनांक 14.09.2020 से 27.11.2020 तक के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति निम्न रूपेण प्रदान की जाती है :- (क) दिनांक 09.07.2020 से 16.08.2020 तक - 39 दिनों का रूपांतरित अवकाश (39 x 2 = 78 दिनों के अर्द्धवैतनिक अवकाश के समतुल्य)

(ख) दिनांक 17.08.2020 से 28.08.2020 तक - 12 दिन leave not due as Commuted Leave (12 x 2 = 24 दिनों के अर्द्धवैतनिक अवकाश के समतुल्य)

(जुलाई, 2020 के बाद अर्जित होने वाले

अर्द्धवैतनिक अवकाश के बदले) (ग) दिनांक 29.08.2020 से 30.08.2020 तक - Suffix के रूप में उपभोग करने की अनुमति। (शनिवार एवं रविवार)

(घ) दिनांक 14.09.2020 से 27.11.2020 तक - 75 दिनों का उपार्जित अवकाश

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।4 बिहार गजट, 16 दिसम्बर 2020 6 नवम्बर 2020 सं0 1/एल1-10-04/2012-गृ0आ0-7804--श्रीमती शोभा ओहटकर, भा0पु0से0 (1990), परामर्शी, बिहार राज्य योजना पर्षद, पटना को विभागीय अधिसूचना संख्या-6277, दिनांक 24.09.2020 द्वारा स्वीकृत विभिन्न अवकाशों में से दिनांक 17.08.2020 से 28.08.2020 तक 12 दिन leave not due as Commuted Leave (12 x 2 = 24 दिनों के अर्द्धवैतनिक अवकाश के समतुल्य) को उपार्जित अवकाश के रूप में संशोधित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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4 दिसम्बर 2020

सं0 1/एल1-10-05/2011-गृ0आ0-8279--श्री विकास वैभव, भा0पु0से0 (2003), पुलिस उप-महानिरीक्षक, ए0टी0एस0, बिहार, पटना कोे आवश्यक निजी कार्य हेतु अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्‌टी) नियमावली 1955 के नियम 10, 11 एवं 20 के अन्तर्गत दिनांक 05.12.2020 से 24.12.2020 तक कुल 20 (बीस) दिनों के उपार्जित अवकाष की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

2. श्री विकास वैभव के उक्त अवकाष अवधि में उनके द्वारा धारित पद के अतिरिक्त प्रभार में पुलिस उप-महानिरीक्षक, एस0टी0एफ0, बिहार, पटना रहेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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14 सितम्बर 2020

सं0 1/एल1-10-08/2020-गृ0आ0-5864--श्री रामाशंकर राय, भा0पु0से0 (2012), समादेष्टा-सह-प्राचार्य, बिहार सैन्य पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय, डुमरॉव को अखिल भारतीय सेवाएँ (छुट्‌टी) नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के अन्तर्गत 30 (तीस) दिनों का उपार्जित अवकाष की स्वीकृति आदेश निर्गत होने की तिथि के अगले दिन के प्रभाव से प्रदान की जाती है।

2. उक्त अवकाश की अवधि में उनके द्वारा धारित पद के अतिरिक्त प्रभार में समादेष्टा, बिहार सैन्य पुलिस-04, डुमरॉव रहेंगें।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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8 दिसम्बर 2020

सं0 1/एल1-10-09/2016-गृ0आ0-8371--श्री पंकज सिन्हा, भा0पु0से0 (2004), पुलिस उप-महानिरीक्षक-सह- उपमहासमादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवाएँ, बिहार, पटना कोे अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्‌टी) नियमावली 1955 के नियम-12 एवं 13 के अन्तर्गत दिनांक 20.07.2020 से 07.09.2020 तक कुल 50 (पचास) दिनों का चिकित्सीय- सह-रूपान्तरित अवकाष (50x2=100 दिनों के अर्द्धवैतनिक अवकाश के समतुल्य) की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

------- 8 दिसम्बर 2020 सं0 1/एल1-10-10/2014-गृ0आ0-8370--श्री सुनील कुमार, भा0पु0से0 (2004), पुलिस महानिरीक्षक के सहायक (निरीक्षण), बिहार, पटना कोे अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्‌टी) नियमावली 1955 के नियम 10, 11 एवं 20 के अन्तर्गत दिनांक 21.09.2020 से 30.09.2020 तक कुल 10 (दस) दिनों के (दिनांक 19/20.09.2020 को Prefix सहित) उपार्जित अवकाष की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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26 नवम्बर 2020

सं0 1/एल1-10-10/2020-गृ0आ0-8222--श्री कान्तेश कुमार मिश्रा, भा0पु0से0 (2015), पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, पटना कोे अत्यावश्यक कार्य हेतु अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्‌टी) नियमावली 1955 के नियम 10, 11 एवं 20 के अन्तर्गत दिनांक 26.11.2020 से 20.12.2020 तक कुल 25 (पच्चीस) दिनों के उपार्जित अवकाष की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

2. श्री कान्तेश कुमार मिश्रा के उक्त अवकाष अवधि में उनके द्वारा धारित पद के अतिरिक्त प्रभार में श्री डी0 अमरकेश, भा0पु0से0 (2013), पुलिस अधीक्षक, यातायात, पटना रहेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।5 बिहार गजट, 16 दिसम्बर 2020

27 नवम्बर 2020

सं0 1/एल1-10-11/2020-गृ0आ0-8144--श्री स्वर्ण प्रभात, भा0पु0से0 (2017), सहायक पुलिस अधीक्षक, विधि व्यवस्था, पटना कोे स्वयं के विवाह हेतु अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्‌टी) नियमावली 1955 के नियम 10, 11 एवं 20 के अन्तर्गत दिनांक 01.12.2020 से 30.12.2020 तक कुल 30 (तीस) दिनों के उपार्जित अवकाष की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 2. श्री स्वर्ण प्रभात के उक्त अवकाष अवधि में उनके द्वारा धारित पद के अतिरिक्त प्रभार में श्री राज किशोर सिंह, पुलिस उपाधीक्षक, विशेष कार्य बल, बिहार, पटना रहेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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22 सितम्बर 2020

सं0 1/एम02-60-08/2009 गृ0आ0-6154--श्री गुप्तेश्वर पाण्डेय, भा0पु0से0 (BH:1987), पुलिस महानिदेशक, बिहार, पटना द्वारा दिनांक 22.09.2020 से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति हेतु समर्पित आवेदन के आलोक में कम-से-कम तीन माह पूर्व आवेदन समर्पित करने की शर्त को क्षांत करते हुये, अखिल भारतीय सेवायें (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियमावली, 1958 के नियम-16(2) के प्रावधान के तहत श्री गुप्तेश्वर पाण्डेय को दिनांक-22.09.2020 के अपराह्‌न के प्रभाव से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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22 सितम्बर 2020

सं0 1/पी01-02/2013 खण्ड-II गृ0आ0-6163--श्री गुप्तेश्वर पाण्डेय, भा0पु0से0 (BH:1987), पुलिस महानिदेशक, बिहार, पटना को दिनांक 22.09.2020 के अपराह्‌न के प्रभाव से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति प्रदान किये जाने के फलस्वरूप अगले आदेश तक पुलिस महानिदेशक, बिहार का अतिरिक्त प्रभार श्री संजीव कुमार सिंघल, भा0पु0से0 (1988), महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवायें, बिहार, पटना को दिया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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3 अप्रील 2020

सं0 1/पी1-02/2013 खण्ड-II गृ0आ0-3114--श्री संजीव कुमार सिंघल, भा0पु0से0 (1988), महानिदेशक, बिहार सैन्य पुलिस, पटना अगले आदेश तक अपने कार्यों के अतिरिक्त महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवाएँ, बिहार, पटना के प्रभार में रहेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अनिरूद्ध कुमार, विशेष सचिव।

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17 सितम्बर 2020

सं0 1/पी1-02/2013 खण्ड-II गृ0आ0-5966--भारतीय पुलिस सेवा के निम्नांकित पदाधिकारियों को

क्र0 सं0 पदाधिकारी का नाम एवं बैच वर्तमान पदस्थापन नव पदस्थापन/अतिरिक्त प्रभार
1 2 3 4
1. श्रीमती निताशा गुड़िया, भा0पु0से0 (2008) पुलिस अधीक्षक, पश्चिम चम्पारण, बेतिया पुलिस अधीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना
2. श्री नीरज कुमार सिंह, भा0पु0से0 (2012) पुलिस अधीक्षक, नगर मुजफ्फरपुर पुलिस अधीक्षक, बक्सर
3. श्री उपेन्द्र नाथ वर्मा, भा0पु0से0 (2013) पुलिस अधीक्षक, बक्सर पुलिस अधीक्षक, पश्चिम चम्पारण, बेतिया
4. श्री राजेश कुमार, भा0पु0से0 पुलिस अधीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना पुलिस अधीक्षक, नगर मुजफ्फरपुर

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।6 बिहार गजट, 16 दिसम्बर 2020

29 अक्तूबर 2020

सं0 1/पी1-02/2019 गृ0आ0-7658--श्री मानवजीत सिंह ढ़िल्लों, भा0पु0से0 (2009), पुलिस अधीक्षक, विशेष कार्य बल, बिहार, पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक पुलिस अधीक्षक, मुंगेर के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

सं0 1/पी1-02/2019 गृ0आ0-7659--पुलिस अधीक्षक, मुंगेर के पद पर पदस्थापित श्रीमती लिपि सिंह, भा0पु0से0 (2016) को बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना में योगदान का निदेश दिया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

ईश्वर चन्द्र सिन्हा, विशेष सचिव।

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11 दिसम्बर 2020

सं0 1/एल1-10-15/2016-गृ0आ0-8471--श्री संतोष कुमार, भा0पु0से0 (2014), पुलिस अधीक्षक, शिवहर के अस्वस्थ होने के कारण कर्तव्य से अनुपस्थिति अवधि के लिए श्री पंकज कुमार, भा0पु0से0 (नवप्रोन्नत), पुलिस अधीक्षक (प्रशासन), पुलिस महानिरीक्षक का कार्यालय, तिरहुत क्षेत्र, मुजफ्फरपुर कोे पुलिस अधीक्षक, शिवहर का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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11 दिसम्बर 2020

सं0 7/सी0सी0ए0-1024/2001(खंड-II)गृ0आ0-8468--बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1981 (7/81) के अध्याय-2 की धारा-12 (2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल, राज्य के सभी जिला दण्डाधिकारियों को उपर्युक्त अधिनियम की धारा-12 (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का अपने जिला के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के एतद्‌ विषयक अधिसूचना संख्या-5661, दिनांक 08.09.2020 के क्रम में अगले तीन महीनों के लिए अर्थात दिनांक 01.01.2021 से 31.03.2021 (एक जनवरी दो हजार इक्कीस से एकतीस मार्च दो हजार इक्कीस) तक प्रयोग करने की शक्ति प्रदान करते हैं।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।

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परिवहन विभाग

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अधिसूचना

14 दिसम्बर 2020

सं0 05/स्था0 (DTO)-30/2013(खंड-II)-8487--जिला पदाधिकारी, सहरसा से प्राप्त अनुरोध पत्रांक-1163, दिनांक-03.12.2020 के आलोक में श्री दिलीप कुमार राम, वरीय उप समाहर्त्ता, सहरसा को अपने कार्यो के अतिरिक्त जिला परिवहन पदाधिकारी, सहरसा के कार्यो के निष्पादन हेतु प्राधिकृत किया जाता है। 2. मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-213 (1) तथा बिहार मोटर वाहन करारोपण अधिनियम, 1994 की धारा-3 का प्रयोग करते हुए श्री राम को जिला परिवहन पदाधिकारी एवं करारोपण पदाधिकारी की शक्तियाँ उनके प्रभार ग्रहण करने की तिथि से प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, षैलेन्द्र नाथ, उप-सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 33—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in7 बिहार गजट, 16 दिसम्बर 2020

भाग-9-ख

निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, U;k;ky; सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं bR;kfnA —————

सूचना ------

सं0 1330--श्री अमेरिका मोची, ग्राम-ओकरी, पो.-जयतीपुर कुरूआ, थाना-घोसी, जिला-जहानाबाद, ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार में कनीय अभियंता के पद पर नियुक्त हैं। उन्होंने कार्यपालक दण्डाधिकारी, बक्सर के समक्ष षपथ पत्र संख्या-329 दिनांक 11.06.2020 द्वारा "अमेरिका मोची" के स्थान पर "अमेरिका हिमांषु" करवाया हैं। दिनांक 11.06.2020 से "अमेरिका हिमांषु" के नाम से जाना जाए।

अमेरिका मोची।

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सं0 1331--मैं प्रत्युष पिता श्री रविशंकर तिवारी, स्थायी पता-नगरपालिका के दक्षिण, प्रथम गली, डेहरी अॅान सोन, जिला - रोहतास बिहार। वर्तमान पता-सीएबी/डी2, बोर्ड कॅालोनी, न्यू पुनाईचक, शास्त्रीनगर, पटना, बिहार। शपथ पत्र संख्या - 6249, दिनांक 07.08.2020 के अनुसार "प्रत्युष राज" के नाम से जाना व पहचाना जाऊॅंगा।

प्रत्युष। No. 1331--I, PRATYUSH S/o Ravi Shankar Tiwari, Permanent R/o South Municipal Compound, 1st Lane, PO+PS – Dehri-On-Sone, Distt.- Rohtas Bihar Presently R/o Q. No. - CAB/D-2, Board Colony, New Punaichak, Shastri Nagar, Patna declare that vide affidavit no. 6249 dated 07.08.2020 that henceforth I shall be known as Pratyush Raj for all future purpose.

PRATYUSH.

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No. 1333--I NEETU, D/O Shivendra Kumar Sharma, W/O Amarnath Prasad singh, R/O Akhtiyarpur, Bikram, Patna, Bihar-801104, Vide affidavit no. 9333 dated 01.10.2020 will be known as NEETU SINGH for all future purposes.

NEETU.

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सं0 1334--मै नीलम सहनी उ(cid:7083) 45 वर्ष, पति- संजय कु मार, (cid:7061)ाम+पोस्ट-रेबड़ा, थाना- खानपुर, जिला- समस्तीपुर बिहार की निवासी (cid:7264)ँ। शैक्षणिक पत्र में मेरा नाम नीलम कु मारी है। शादी के बाद मैं नीलम सहनी के नाम से जानी जाती (cid:7264)ँ और भविष्य में मैं इसी नाम का उपयोग करूँ गी। इसका शपथ पत्र संख्या 4010 दिनांक: 09.07.2020 है।

नीलम सहनी।

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सं0 1335--मैं, गुलफेषां हेदायत (Gulfeshan Hedayat) उम्र लगभग 40 वर्ष जौजे मोहम्मद हेदायतुल्लाह (Mohammad Hedayatullah) मोहल्ला-जकरिया कॉलोनी, सादपुरा, पो0-रमना, थाना-काजी मोहम्मदपुर, जिला- मुजफ्फरपुर श0 प0 सं0-17541 दिनांक 13.03.2020 के माध्यम से यह घोषणा करती हुँ कि शादी के पूर्व मेरा नाम गुलफेषां नूरी था तथा शादी के बाद मेरा नाम बदलकर गुलफेषां हेदायत हो गया है। अब मैं गुलफेषां हेदायत के नाम से जानी जाती हूँ ।

गुलफेषां हेदायत। No. 1335--I Gulfeshan Hedayat W/O Mohammad Hedayatullah, aged about 40 years R/O Mohalla Sadpura, Jakaria Colony, Post- Ramna, P.S.- Kazimohammadpur, Distt.- Muzaffarpur, Affi. No.- 17541, Dated 13.03.2020 declare that before marriage my name was Gulfeshan Noori, And after marriage my name changed and now I have known to Gulfeshan Hedayat for all purpose .

Gulfeshan Hedayat.

8 बिहार गजट, 16 दिसम्बर 2020

No. 1341—I, AMITI D/o Ashok Kumar, R/o DK-401, Prakashdeep Enclave, Ashiyana Road, Patna-800014, Bihar have changed my name to Amiti Sinha by Affidavit no. 10942 dated 24.11.2020 sworn before Executive Magistrate, Patna Sadar, Patna.

AMITI.

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No. 1348--I, ADITYA Kumar, (Changed Name) S/o Shankar Kumar Mandal, Permanent Address-Ho-No–BS-14/475, Shailbagh, (Opposite Seemanchal Motors), Aliganj, P.O.– Mirjanhat, P.S-Mojahidpur, Distt-Bhagalpur, Pin-813105, Bihar, Present Address-Flat No. 202, Shyamsakhi Residency, Kasturba Path (Judge Gali), Boring Road, Patna-800001, do hereby solemnly affirm and declare as follows: I was previously known as Aditya, born on 10/09/1996, and henceforth want to add Kumar as my title, Now I would be known as Aditya Kumar w.e.f. 09/09.2020. This Modification has been done for employment/education/Passport/VISA, and assert this as my main purpose. I declare that the above content are true and correct to the best of my knowledge and belief. Affidavit No. IN-BR12166524879025S dated 09-09/2020.

Aditya.

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सं0 1349--मैं सिद्धार्थ सौरभ सिंह, पुत्र षिषिर प्रसाद सिंह, निवास-आदर्षपथ, रोड नं. 5/B, पटेलनगर लालबहादुर शास्त्रीनगर, पटना शपथ पत्र सं. 26371 तारीख 25.11.2020 द्वारा यह घोषणा करता हूं कि अब मैं सिद्धार्थ सिंह के नाम से जाना एवं पहचाना जाउंगा।

सिद्धार्थ सौरभ सिंह।

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सं0 1350--मैं डॉ.बी.बी. भारती की पत्नी संगीता पटेल, निवासीः फ्लैट नं-408, रघु हरी कॉम्पलेक्स, साकेतपुरी, हनुमान नगर, कंकड़बाग, पटना-20, घोषणा करती हूँ कि मेरा पुत्र दिव्यांशु शपथपत्र सं.-2375 दिनांक 03.10.2020 से दिव्यांशु सिंह के नाम से जाना जाएगा।

संगीता पटेल। No. 1350--I SANGEETA Patel W/o Dr. B.B. Bharti R/o Flat No.-408, Raghu Hari Complex, Saketpuri, Hanuman Nagar, Kankarbagh, Patna-20, declare vide affid. No.- 2375 dated 03.10.2020 that my son Divyanshu will be known as Divyanshu Singh.

SANGEETA Patel.

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सं0 1351--मैं डॉ.बी.बी. भारती की पत्नी संगीता पटेल, निवासीः फ्लैट नं-408, रघु हरी कॉम्पलेक्स, साकेतपुरी, हनुमान नगर, कंकड़बाग, पटना-20, घोषणा करती हूँ कि मेरीे पुत्री अनन्या शपथपत्र सं.-2374 दिनांक 03.10.2020 से अनन्या सिंह के नाम से जानी जाएगी।

संगीता पटेल। No. 1351--I SANGEETA Patel W/o Dr. B.B. Bharti R/o Flat No.-408, Raghu Hari Complex, Saketpuri, Hanuman Nagar, Kankarbagh, Patna-20, declare vide affid. No.- 2374 dated 03.10.2020 that My daughter Ananya will be known as Ananya Singh.

SANGEETA Patel.

————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 33—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in9 बिहार गजट, 16 दिसम्बर 2020

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी kjk प्रकाशित

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सं0 एम-4-53/2007-6189/वि॰ वित्त विभाग ----- संकल्प 10 दिसम्बर 2020 विषयः-स्कीमों की समीक्षा हेतु वित्त विभागीय संकल्प-2222 दिनांक 15.04.2020 द्वारा गठित स्कीम स्क्रीनिंग समिति का कार्य अवधि का विस्तार दिनांक 31.03.2021 तक करने के संबंध में।

1. वर्तमान में सभी प्रकार के नई स्कीमों जिनकी प्राक्कलित राशि 15 करोड़ तक की हो, की स्वीकृति के पूर्व उन नई स्कीमों के विभिन्न पहलुओं की आवश्यक समीक्षा विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित स्क्रीनिंग समिति का कार्य अवधि, जो दिनांक 31.09.2020 तक लागू था, का अवधि विस्तार वर्त्तमान परिप्रेक्ष्य में दिनांक 31.03.2021 तक किये जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

2. सभी प्रकार के नई स्कीमों जिनकी प्राक्कलित राशि 15 करोड़ तक की हो, की स्वीकृति के पूर्व उन नई स्कीमों के विभिन्न पहलुओं की आवश्यक समीक्षा हेतु विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित स्क्रीनिंग समिति का कार्य अवधि दिनांक 31.03.2021 तक विस्तारित की जाती है। इस निमित विकास आयुक्त की अध्यक्षता में उक्त संकल्प द्वारा गठित स्कीम स्क्रीनिंग समिति की रुप रेखा, जो निम्नवत्‌ है, यथावत्‌ स्वरुप में कार्य करेगी। ¼i½ विकास आयुक्त- अध्यक्ष ¼ii½ प्रधान सचिव/सचिव, वित्त विभाग- सदस्य ¼iii½ प्रधान सचिव/सचिव, योजना एवं विकास विभाग- सदस्य सचिव ¼iv½ संबंधित विभाग के प्रधान सचिव/सचिव- सदस्य

3. निम्नांकित विषय से संबंधित स्कीम को उक्त वर्णित संकल्प के अनुरुप कंडिका-2 में उल्लेखित समिति के समक्ष समीक्षा हेतु रखे जाने की आवश्यकता नहीं होगी। (i) सभी प्रकार के पेयजल योजनाएं।

(ii) मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क/ग्रामीण पथ योजना। ¼iii½ आपदा संबंधित स्कीम/बाढ़ निरोधक योजना (जल संसाधन विभाग)। (iv) पंचायत/नगर निकायों द्वारा संचालित योजनाएं। (v) विभिन्न नगर निगम क्षेत्र में जल निकासी संबंधित स्कीम। (vi) केन्द्र प्रायोजित स्कीम, केन्द्रीय क्षेत्र स्कीम एवं बाह्‌य सम्पोषित स्कीम। ¼vii½ अनुरक्षण एवं मरम्मति संबंधित स्कीम। (viii) Covid-19 से संबंधित स्कीम।

(ix) विधि व्यवस्था से संबंधित स्कीम।

4. उपर्युक्त कंडिका-3 में वर्णित विषय से संबंधित स्कीम को छोड़कर अन्य सभी नई स्कीम जिसकी अनुमानित लागत 15 करोड़ तक की हो, की समीक्षा हेतु उक्त कंडिका-2 में वर्णित समिति के समक्ष रखे जाएंगे तथा स्क्रीनिंग समिति का अनुशंसा प्राप्त करना आवश्यक होगा।

5. स्कीम स्क्रीनिंग समिति की अनुशंसा प्राप्त होने के उपरान्त नई स्कीमों की स्वीकृति प्राधिकार वही होगा, जो वित्त विभागीय संकल्प 3758 दिनांक-31.05.2017 की कंडिका-4(क) में वर्णित है।10 बिहार गजट, 16 दिसम्बर 2020 6. 15 करोड़ तक की नई स्कीम हेतु उपर्युक्त कंडिका-2 से 5 तक में वर्णित व्यवस्था दिनांक 01.10.2020 से 31.03.2021 तक लागू रहेंगे। इस पत्र के निर्गत होने के पूर्व चालू वित्तीय वर्ष में यदि किसी नई स्कीम की स्वीकृति की गयी हो, तो उन मामलों में भी उक्त कंडिका-2 में वर्णित स्कीम स्क्रीनिंग समिति का अनुमोदन प्राप्त कर अग्रत्तर कार्रवाई करना आवश्यक होगा।

7. इसपर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेश से, डॉ0 एस0 सिद्धार्थ, प्रधान सचिव।

------- सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-50/2019--8826 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ----- संकल्प 14 दिसम्बर 2020

चूँकि बिहार राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में आपूरक मो0 हदीस नाज द्वारा मंडल कारा, मुंगेर में आपूरित सामग्रियों के विपत्र का भुगतान लंबित रखे जाने में श्री जलज कुमार, अधीक्षक, मंडल कारा, मुंगेर द्वारा गंभीर वित्तीय अनियमितता बरती गई है। उनका यह कृत्य बिहार कारा हस्तक-2012, बिहार कोषागार संहिता-2011 के नियम-184 एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1) (2) के विहित प्रावधानों के सर्वथा प्रतिकूल है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र में वर्णित है।

2. अतः यह निर्णय लिया गया है कि श्री जलज कुमार, अधीक्षक, मंडल कारा, मुंगेर के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में अंकित आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित की जाय।

3. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 (2) के तहत आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर को संचालन पदाधिकारी तथा अधीक्षक, विषेष केन्द्रीय कारा, भागलपुर को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

4. श्री कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।

5. संचालन पदाधिकारी विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन निर्धारित अवधि के अन्दर समर्पित करेंगे। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।

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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-12/2018--8823

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संकल्प

14 दिसम्बर 2020

श्री सुरेष चौधरी, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, बेतिया सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा के विरूद्ध उनके मंडल कारा, बेतिया में पदस्थापन के दौरान दिनांक 11.08.2018 को जिला प्रशासन द्वारा मंडल कारा, बेतिया में की गयी औचक छापेमारी में 16 मोबाईल फोन, 13 मोबाईल चार्जर, मो0-48,300/- (अड़तालीस हजार तीन सौ रूपये मात्र) नगद एवं अन्य आपतिजनक सामग्रियों की हुई बरामदगी तथा पुनः दिनांक 21.08.2018 को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, पष्चिम चम्पारण, बेतिया द्वारा कारा में की गयी संयुक्त छापेमारी में कारा प्रवेश मुख्य द्वार के बगल में अवस्थित जेनरेटर रूम के बगल के एक कमरे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्रियों की हुई बरामदगी की घटना में बरती गई लापरवाही के प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6499 दिनांक 11.09.2018 द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलंबनावस्था में उन्हें शहीद जुब्बा सहनी केन्द्रीय कारा, भागलपुर में संलग्न किया गया। साथ ही उक्त प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 105 दिनांक 04.01.2019 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी थी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

2. उक्त विभागीय कार्यवाही के फलाफल के पश्चात्‌ प्रमाणित आरोपों के लिए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श प्राप्त कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9468 दिनांक 06.11.2019 द्वारा निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए श्री चौधरी को निलंबन से मुक्त किया गया :- (i) तीन (03) वर्ष तक प्रोन्नति पर रोक। (ii) कालमान वेतन में तीन (03) वेतनवृद्धियों के समतुल्य राषि घटाकर वेतन अवनति का दंड।11 बिहार गजट, 16 दिसम्बर 2020 3. श्री चौधरी दिनांक 11.09.2018 से 05.11.2019 तक निलंबित रहे। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री चौधरी को निलंबन अवधि में देय जीवन यापन भत्ता के बिन्दु पर निर्णय लिये जाने हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-11 (5) के विहित प्रावधान के आलोक में विभागीय ज्ञापांक 1398 दिनांक 17.02.2020 द्वारा उनसे साठ दिनों के अन्दर अभ्यावेदन की मांग की गयी।

4. उक्त के आलोक में श्री चौधरी का अभ्यावेदन उनके पत्रांक 798/जेल दिनांक 14.04.2020 के माध्यम से प्राप्त हुआ। उनका कहना है कि वे दोषी नहीं हैं। उनके ऊपर लगे आरोपों की जाँच अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी के द्वारा महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना के आदेष से की गई। जाँचोपरान्त अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी द्वारा अपने पत्रांक 3746 दिनांक 23.08.2018 के माध्यम से महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना को जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया जिसमें उन्हें निर्दोष पाया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा भी प्रथम आरोप को आंषिक प्रमाणित और आरोप संख्या-02 एवं 03 को अप्रमाणित पाया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा तत्कालीन प्रभारी उपाधीक्षक, श्री मिथिलेष सिंह, उनके निलंबन के उपरान्त लिपिक-सह-प्रभारी उपाधीक्षक, श्री सुधांषु कुमार द्वारा दिये गये बयान को दृष्टिपथ में नहीं रखा गया है। उनके बयान से स्पष्ट होता है कि वर्णित आरोपों के लिए वे कहीं से भी दोषी नहीं हैं।

5. श्री चौधरी के अभ्यावेदन की समीक्षा की गई। श्री चौधरी का कहना है कि अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी के जाँच प्रतिवेदन में उन्हें निर्दोष पाया गया है। किन्तु उक्त जाँच प्रतिवेदन में कहीं भी उन्हें निर्दोष नहीं बताया गया है; बल्कि अधीनस्थ कर्मियों की लापरवाही को इंगित किया गया है। अधीनस्थ कर्मियों के कार्यों पर सतत्‌ निगरानी एवं पर्यवेक्षण रखने की जवाबदेही श्री चौधरी की ही थी; जिसका निर्वह्‌न उनके द्वारा नहीं किया गया। दूसरी ओर जिला पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन, जिसमें मंडल कारा, बेतिया में दो अलग-अलग तिथियों-दिनांक 11.08.2018 एवं 21. 08.2018 को जिला प्रशासन की छापेमारी में बरामद भारी मात्रा में प्रतिबधित सामग्रियों के लिए श्री चौधरी के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी जिसके आलोक में उनके विरूद्ध प्रपत्र 'क' में आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।

6. श्री चौधरी का यह भी कहना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच मेें प्रथम आरोप को आंशिक प्रमाणित तथा आरोप संख्या-02 एवं 03 को अप्रमाणित पाया गया। आरोप संख्या-02 में यह आरोप है कि दिनांक 11.08.2018 की छापेमारी में बरामद निषिद्ध सामग्रियों के बाद पुनः दिनांक 21.08.2018 को गुप्त सूचना के आधार पर जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, पश्चिम चम्पारण, बेतिया द्वारा संयुक्त रूप से छापेमारी की गई। उक्त छापेमारी में कारा के मुख्य द्वार के बगल में जेनरेटर के बगल के कमरे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी हुई। इसके लिए संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने निष्कर्ष में आरोप को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है। परन्तु आरोपित पदाधिकारी सम्पूर्ण कारा के नियंत्री पदाधिकारी थे। इसलिए कारा के सुरक्षित क्षेत्र में प्रतिबंधित वस्तु का प्रवेश नहीं हो, इसे सुनिश्चित करना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेवारी थी; जिसका निर्वह्‌न उनके द्वारा नहीं किया गया। इससे आरोपित पदाधिकारी की कर्त्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही, कार्यलोप, कारा के सुरक्षित क्षेत्र में प्रतिबंधित सामग्रियों के भण्डारण में उनकी संलिप्तता प्रमाणित होती है। इसी प्रकार आरोप संख्या-03 के लिए संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने निष्कर्ष में आरोपित पदाधिकारी को अप्रत्यक्ष रूप से जवाबदेह माना गया है। परन्तु आरोप को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। इस प्रकार संचालन पदाधिकारी का निष्कर्ष परस्पर विरोधी है। इसके लिए असहमति के बिन्दु अंकित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-18(2) के तहत श्री चौधरी से द्वितीय कारण पृच्छा की माँग गई। श्री चौधरी से प्राप्त जवाब की समीक्षा की गई एवं उसे स्वीकार करने योग्य नहीं पाया गया। तदोपरान्त बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श प्राप्त कर विधिवत्‌ प्रक्रिया का पालन करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के आदेशानुसार दण्ड अधिरोपित किया गया है। श्री चौधरी द्वारा अपने अभ्यावेदन में उल्लिखित किया गया है कि तत्कालीन प्रभारी उपाधीक्षक एवं तत्कालीन लिपिक द्वारा दिये गये बयान को संचालन पदाधिकारी द्वारा दृष्टिपथ में नहीं रखा गया है। किन्तु इस मामले में उक्त कर्मी की भी संलिप्तता पायी गई है। इसलिए उनका बयान विश्वसनीय नहीं है।

उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री चौधरी द्वारा पदीय दायित्वों के निर्वह्‌न में गंभीर लापरवाही बरती गई एवं कारा के सुरक्षित क्षेत्र में भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री के प्रवेश में उनकी संलिप्तता भी पाई गई। इसके लिए विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री चौधरी को ''तीन (03) वर्ष तक प्रोन्नति पर रोक'' एवं ''कालमान वेतन में तीन (03) वेतनवृद्धियों के समतुल्य राषि घटाकर वेतन अवनति का दंड'' अधिरोपित किया गया है। अतः उनका अभ्यावेदन अस्वी—त किया जाता है।

7. उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री सुरेष चौधरी, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, बेतिया सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा के निलंबन अवधि दिनांक-11.09.2018 से 05.11.2019 तक के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11 के उप नियम-7 एवं 8 के आलोक में निम्न आदेश पारित किया जाता है :-

''निलम्बन अविध में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा तथा इस अवधि की गणना पेंषन प्रदायी सेवा के रूप में की जायेगी।''

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।12 बिहार गजट, 16 दिसम्बर 2020 सं0 कारा/नि0को0( अधी0)-01-10/2018--8825

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संकल्प

14 दिसम्बर 2020

श्री मनोज कुमार, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, भभुआ के विरूद्ध उनके मंडल कारा, मधुबनी में पदस्थापन के दौरान दिनांक 11.08.2018 के पूर्वाह्‌न में जिला पदाधिकारी, मधुबनी एवं पुलिस अधीक्षक, मधुबनी द्वारा संयुक्त रूप से की गई औचक छापेमारी में 33 मोबाईल फोन, 18 मोबाईल चार्जर, 04 सिम, 06 कैंची, 02 स्तूरा, 01 सरौता, 02 छेनी, 02 हथौड़ी, लगभग 100 ग्राम गांजा, काफी मात्रा में खैनी, बीड़ी, सिगरेट, खाद्य सामग्री आदि के अतिरिक्त वार्ड नं0-16 के कैदी के पास से मो0-3,000/-(तीन हजार) रूपये नगद एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्रियों की बरामदगी की घटना में बरती गई लापरवाही के प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 967 दिनांक 04.02.2019 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी थी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 2. आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 581 दिनांक 05.07.2019 से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में श्री कुमार के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित सभी आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 18 (3) के प्रावधानों के तहत विभागीय ज्ञापांंक 6729 दिनांक 07. 08.2019 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए श्री कुमार से उपर्युक्त प्रमाणित आरोपों के लिए द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। किन्तु निर्धारित अवधि तक श्री कुमार का द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब इस विभाग को प्राप्त नहीं हुआ।

3. आरोप पत्र एवं संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत श्री कुमार के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संषोधित) के नियम-14 के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित करने का विनिष्चय किया गया :- (i) देय तिथि से प्रोन्नति पर तीन (03) वर्षों तक रोक का दंड।

(ii) संचयात्मक प्रभाव से चार (04) वेतनवृद्धियाँ अवरूद्ध करने का दंड।

4. उपर्युक्त विनिष्चित वृहत्‌ दंड (कंडिका-03-ii) के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 8908 दिनांक 16.10.2019 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक 2990 दिनांक 14. 02.2020 द्वारा दण्ड प्रस्ताव (कंडिका-03-ii) पर सहमति संसूचित की गयी है। 5. प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1682 दिनांक 28.02.2020 द्वारा श्री मनोज कुमार, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, भभुआ को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संषोधित) के नियम-14 के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित किया गयाः-

(i) देय तिथि से प्रोन्नति पर तीन (03) वर्षों तक रोक का दंड। (ii) संचयात्मक प्रभाव से चार (04) वेतनवृद्धियाँ अवरूद्ध करने का दंड। 6. श्री कुमार द्वारा उक्त दंड के विरूद्ध पुनर्विलोकन एवं पूरक पुनर्विलोकन आवेदन दायर किया गया। उनके द्वारा पुनर्विलोकन आवेदन में दावा किया गया है कि मंडल कारा, मधुबनी में उनका पदस्थापन मात्र 41 दिन पूर्व हुआ था। इसलिए वहाँ जमीन के नीचे गाड़कर रखी गई प्रतिबंधित सामग्री की जानकारी उन्हें नहीं हो सकी थी। उनके पूर्व के पदस्थापन काल में कभी किसी कारा से बड़ी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई थी। श्री कुमार का यह भी कहना है कि उनके बाद की पदस्थापन अवधि में भी कभी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई है। श्री कुमार द्वारा पूरक पुनर्विलोकन आवेदन में अंकित किया गया है कि कारा में उनके द्वारा बंदियों को गुणवत्तापूर्ण खाना दिया जाता है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक, कैमूर के समक्ष कई अपराधियों द्वारा दिये गये इस बयान का उल्लेख किया है, जिसमें जेल से छूट कर जाने के बाद जेल के अच्छे माहौल और अच्छा खाना मिलने के कारण अपराधियों द्वारा पुनः अपराध कर जेल जाने की इच्छा व्यक्त की गई। इसकी सराहना करते हुए समाचार पत्रों में खबर प्रसारित किये गये एवं कई T.V चैनलों पर इस समाचार का प्रसारण किया गया। उन्होंने अपने इस कथन के समर्थन में प्रभात खबर समाचार पत्र के पृष्ठ की प्रति संलग्न की है। उनका कहना है कि वे सहायक अधीक्षक के पर नियुक्त होकर अपनी बेदाग सेवा के कारण काराधीक्षक के पद पर प्रोन्नत हो पाये हैं। इस आधार पर उनके द्वारा स्वयं को आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया गया है। 7. श्री कुमार का कहना है कि मंडल कारा, मधुबनी में चूँकि उनके द्वारा मात्र 41 दिन पूर्व ही योगदान किया गया था एवं पूर्व में वहाँ पूर्णकालिक काराधीक्षक एवं उपाधीक्षक के पदस्थापित नहीं रहने के कारण कारा की व्यवस्था काफी लचर एवं अनियंत्रित थी जिसे नियंत्रित करने एवं बेहतर बनाने में उन्हें कुछ समय लगा एवं वे उसमें सफल भी रहे। 8. श्री कुमार के संबंध में विभाग में प्राप्त सूचना के अनुसार मंडल कारा, मधुबनी से पूर्व के उनके पदस्थापन स्थल से कभी आपत्तिजनक मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई थी तथा उनके बाद की पदस्थापन अवधि में भी उनके कारा से जिला प्रशासन की छापेमारी में कभी आपत्तिजनक मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई है। श्री कुमार के पदस्थापन काल में कारा प्रशासन द्वारा लगातार छापेमारी की गई है।13 बिहार गजट, 16 दिसम्बर 2020 9. चूंकि श्री कुमार के विरूद्ध दंड विनिश्चित करते समय उनका द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब प्राप्त नहीं था, फलस्वरूप उस पर विचार नहीं किया जा सका था। इसके अतिरिक्त श्री कुमार का जिला प्रशासन, मधुबनी द्वारा छापेमारी की तिथि 11.08.2018 के पूर्व एवं बाद की सेवा अवधि में उनके पदस्थापन स्थल से कोई प्रतिबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई है तथा मंडल कारा, भभुआ में उनके द्वारा कारा का माहौल एवं बंदियों को दिये जाने वाले भोजन की गुणवत्ता संबंधी सराहनीय कार्य को देखते हुए उन्हें पूर्व में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1682 दिनांक 28.02.2020 द्वारा दिये गये दंड को संशोधित कर निम्न दंड अधिरोपित किया जाता है :- (i) प्रोन्नति पर तीन (03) वर्षों तक रोक का दंड। (ii) असंचयात्मक प्रभाव से चार (04) वेतनवृद्धियाँ अवरूद्ध करने का दंड।

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 33—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 16 December 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2020-12-16.45/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2020-12-16.45.