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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 21 December 2020

Published 21 December 2020

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2020-12-21.966
Languages
English, Hindi

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ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध

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3;बपकरू18द्ध ख्;बपकरू20द्ध;बपकरू4द्ध 1;बपकरू24द्ध42 ;बपकरू27द्ध;बपकरू18द्ध;बपकरू28द्ध

;बपकरू29द्ध;बपकरू18द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू24द्ध ;बपकरू4द्ध ष्;बपकरू4द्ध

सामान्य प्रशासन विभाग

———

अधिसूचना

૧૭ fnશ્રચ્cj ૨૦૨૦

सं॰ 7/आरोप-06-03/2014-12095/सा0प्र0—महानिबंधक, पटना उच्च न्यायालय, पटना के ज्ञापांक-6291-6292 दिनांक 10.02.2014 (प्रतिलिपि संलग्न) द्वारा श्री हरि निवास गुप्ता, तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, समस्तीपुर, श्री जितेन्द्र नाथ सिंह, तत्कालीन तदर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अररिया एवं श्री कोमल राम, तत्कालीन अवर न्यायाधीश- सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अररिया को भारत के संविधान के अनुच्छेद-311 (2) के परन्तुक के उपखंड (बी) के साथ सहपठित बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 एवं 20 के तहत सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गयी थी। 2. उपर्युक्त अनुशंसा के आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-2011 दिनांक 12.02.2014 (प्रतिलिपि संलग्न) द्वारा श्री हरि निवास गुप्ता, तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, समस्तीपुर, श्री जितेन्द्र नाथ सिंह, तत्कालीन तदर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अररिया एवं श्री कोमल राम, तत्कालीन अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अररिया को भारत के संविधान के अनुच्छेद-311 (2) के परन्तुक के उपखंड (बी) के साथ सहपठित बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 एवं 20 के तहत अधिसूचना-तामिला की तिथि से सेवा से बर्खास्त किया गया था।

3. बर्खास्तगी के विरूद्ध तीनों न्यायिक पदाधिकारियाें द्वारा उच्च न्यायालय में याचिकाएँ-सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या-22165/2014, जितेन्द्र नाथ सिंह बनाम बिहार राज्य एवं अन्य, सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या-8636/2014, हरिनिवास गुप्ता बनाम बिहार राज्य एवं अन्य और सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या-22153/2014, कोमल राम बनाम बिहार राज्य एवं अन्य दायर की गयी थीं।

4. उपर्युक्त याचिकाआें में माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 19.05.2015 को पारित आदेश में याचिकाकर्त्ता की बर्खास्तगी आदेश को रद्द करने की सूचना देते हुए उच्च न्यायालय, पटना के लिए निम्नलिखित निदेश जारी किया गयाः-2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू27द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू28द्ध "The writ petitions are, accordingly, allowed, and the common order dated 12.02.2014 is set aside. It is made clear that in case, the High Court intends to invoke its power under Sub-clause (b) of the 2nd proviso to Article 311 (2) of the Constitution of India, it shall be under obligation to record reasons, at the appropriate stage and follow the prescribed procedure.

It is brought to our notice that two of the officers have attained the age of superannuation, during the pendency of the writ petitions. We direct that as a result of the judgment in these writ petitions, the petitioner, who is already in service, shall be deemend to be under suspension, and the other two would be deemed to be continuing in service for the limited purpose of enabling the departmental proceedings to continue. The High Court shall take a decision in this behalf, within a period of two months from today. If no decision is taken in the regard, the proceedings would lapse and the petitioners would be entitled for all the consequential benefits, as though the proceedings have been set aside in their entirety. If, on the other hand, the proceedings are initiated, the petitioners shall await the outcome thereof. While the one who is in service shall be paid subsistence allowance, the other two shall be paid provisional pension to the extent of 25% forthwith."

5. न्यायादेश पर विचार हेतु दिनांक 22.05.2015 को माननीय मुख्य न्यायाधीश के निदेश से पाँच माननीय न्यायाधीशों की एक समिति का गठन किया गया।

6. समिति द्वारा दिनांक 03.08.2015 को समर्पित प्रतिवेदन के आलोक में माननीय उच्च न्यायालय, पटना के फुल कोर्ट की बैठक में दिनांक 07.08.2015 को निर्णय लिया गया, जो महानिबंधक, उच्च न्यायालय, पटना के पत्रांक-46180 दिनांक 13.08.2015 ) द्वारा संसूचित किया गया है।

7. माननीय उच्च न्यायालय, पटना के फुल कोर्ट का दिनांक 07.08.2015 का विस्तृत एवं सकारण निर्णय/संकल्प के विरुद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर Civil Appeal No. 3105 of 2017 में दिनांक 08. 11.2019 को पारित आदेश एवं तदालोक में महानिबंधक, उच्च न्यायालय, पटना के पत्रांक-34427 दिनांक 03.09.2020 द्वारा संसूचित अनुशंसा के आलोक में,

(i) श्री हरि निवास गुप्ता, तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, समस्तीपुर,

श्री जितेन्द्र नाथ सिंह, तत्कालीन तदर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अररिया एवं

श्री कोमल राम, तत्कालीन अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अररिया

को भारत के संविधान के अनुच्छेद-311 (2) के द्वितीय परन्तुक के उपखंड (बी) के

साथ सहपठित बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005

के नियम 14 एवं 20 के अधीन सेवा से बर्खास्त किया जाता है।

(ii) उक्त बर्खास्तगी, पूर्व में निर्गत अधिसूचना संख्या-2011 दिनांक 12.02.2014 की

तामिला हो चुकी तिथि से प्रभावी होगी, संलग्न अधिसूचना भी उसी का भाग समझा

जाएगा।

(iii) तीनों न्यायिक पदाधिकारी समस्त सेवान्त बकाये एवं अन्य लाभों से वंचित रहेंगे। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गुफरान अहमद, सरकार के उप-सचिव।3 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू27द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू28द्ध

सामान्य प्रशासन विभाग

———

अधिसूचना

૧૨ મ્jંjત્ર્ ૨૦૧૪

संख्या-7/आरोप-06-03/2014-2011/सा0प्र0—महानिबंधक, उच्च न्यायालय, पटना के ज्ञापांक-6291- 6292 दिनांक 10.02.2014 द्वारा प्राप्त अनुशंसा के आलोक में श्री हरि निवास गुप्ता, तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, समस्तीपुर सम्प्रति प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, मुजफ्फरपुर (निलंबित), श्री जितेन्द्र नाथ सिंह, तत्कालीन तदर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अररिया सम्प्रति आरा (निलंबित) एवं श्री कोमल राम, तत्कालीन अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अररिया सम्प्रति अवर न्यायाधीश, नवादा (निलंबित) को भारत के संविधान के अनुच्छेद-311 (2) के परन्तुक की धारा (बी) के साथ सहपठित बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 एवं 20 के तहत अधिसूचना तामिला की तिथि से सेवा से बर्खास्त किया जाता है।

बिहार राज्यपाल के आदेश से राज किशोर प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।

1. श्री हरि निवास गुप्ता

तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, समस्तीपुर सम्प्रति प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, मुजफ्फरपुर

(निलंबित)

पावती

मैं...........................................................................सम्प्रति....................................................................

पद का धारक उपर्युक्त बर्खास्तग-आदेश की मूल नोटिस की प्रति स्वीकार करता हूँ।

हस्ताक्षर -

पदनाम -

स्थान -

दिनांक -

2. श्री जितेन्द्र नाथ सिंह

तत्कालीन तदर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अररिया सम्प्रति आरा (निलंबित)

पावती

मैं...........................................................................सम्प्रति....................................................................

पद का धारक उपर्युक्त बर्खास्तग-आदेश की मूल नोटिस की प्रति स्वीकार करता हूँ।

हस्ताक्षर -

पदनाम -

स्थान -

दिनांक -4 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू27द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू28द्ध 3. श्री कोमल राम

तत्कालीन अवर न्यायाधीश-सह-मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अररिया सम्प्रति अवर न्यायाधीश, नवादा (निलंबित)

पावती

मैं...........................................................................सम्प्रति....................................................................

पद का धारक उपर्युक्त बर्खास्तग-आदेश की मूल नोटिस की प्रति स्वीकार करता हूँ।

हस्ताक्षर -

पदनाम -

स्थान -

दिनांक -

———— ख्;बपकरू3द्धँ;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू17द्ध;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध

;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ;बपकरू27द्ध;बपकरू12द्ध म;बपकरू31द्ध ;बपकरू17द्धघ् ;बपकरू12द्ध रुख्;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ः5श्1़ः;बपकरू3द्ध़ए़;बपकरू3द्ध़घ् Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 21 December 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2020-12-21.966/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2020-12-21.966.