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सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 27/आरोप-01-27/आरोप-01-27/आरोप-01-27/आरोप-01-34343434/2019/2019/2019/2019////12121212471471471471/सा0प्र0/सा0प्र0/सा0प्र0/सा0प्र0 सामान्य सामान्य सामान्य सामान्य प्रषासनप्रषासनप्रषासनप्रषासन विभागविभागविभागविभाग ——— ladYiladYiladYiladYi 23232323 fnlEcj 2020fnlEcj 2020fnlEcj 2020fnlEcj 2020
श्री कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 1018/2011, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, श्री कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 1018/2011, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, श्री कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 1018/2011, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, पटना सदर सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय में अवमाननावाद की स्थिति उत्पन्न करने, सरकार के पटना सदर सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय में अवमाननावाद की स्थिति उत्पन्न करने, सरकार के पटना सदर सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय में अवमाननावाद की स्थिति उत्पन्न करने, सरकार के की भूमि को गैर सरकारी व्यक्तियों के नाम जमाबंदी दर्ज करने, सरकार के हित के प्रतिकूल नाम से दर्ज जमाबंदी की भूमि को गैर सरकारी व्यक्तियों के नाम जमाबंदी दर्ज करने, सरकार के हित के प्रतिकूल की भूमि को गैर सरकारी व्यक्तियों के नाम जमाबंदी दर्ज करने, सरकार के हित के प्रतिकूल कार्य करने, पद का दुरूपयोग करने, दाखिल खारिज अधिनियम के प्रतिकूल आदेश पारित करते हुए दर्ज जमाबंदियों कार्य करने, पद का दुरूपयोग करने, दाखिल खारिज अधिनियम के प्रतिकूल आदेश पारित करते हुए दर्ज जमाबंदियों कार्य करने, पद का दुरूपयोग करने, दाखिल खारिज अधिनियम के प्रतिकूल आदेश पारित करते हुए दर्ज जमाबंदियों
गबन में सहयोग करते हुए गैर सरकारी को रद्द करने, अधिकार क्षेत्र के प्रतिकूल जाकर कार्य करने, सरकारी भूमि के गबन में सहयोग करते हुए गैर सरकारी को रद्द करने, अधिकार क्षेत्र के प्रतिकूल जाकर कार्य करने, सरकारी भूमि के
व्यक्तियों के हित में कार्य करने, सरकार के हित के संदर्भ में पूर्णतः अवगत होने के बाद भी विविध वाद व्यक्तियों के हित में कार्य करने, सरकार के हित के संदर्भ में पूर्णतः अवगत होने के बाद भी विविध वाद व्यक्तियों के हित में कार्य करने, सरकार के हित के संदर्भ में पूर्णतः अवगत होने के बाद भी विविध वाद
2016 को सरकार के हित के प्रतिकूल आदेश पारित करने का आरोप आयुक्त सं0-03/2016-17 में दिनांक-28.05.2016 को सरकार के हित के प्रतिकूल आदेश पारित करने का आरोप आयुक्त सं0-03/2016-17 में दिनांक-28
कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक 661 दिनांक 28
पटना के पत्रांक 661 दिनांक 28.08.2018 द्वारा प्रतिवेदित किया गया।
2018 द्वारा प्रतिवेदित किया गया।
प्रतिवेदित आरोप के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का 2. प्रतिवेदित आरोप के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का प्रतिवेदित आरोप के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का 2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध ;बपकरू24द्ध 2;बपकरू10द्ध21 4. विभागीय पत्रांक-8121 दिनांक-19.06.2019 द्वारा संयुक्त आयुक्त-सह-सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार-सह-प्रभारी पदाधिकारी, राजस्व शाखा, पटना प्रमंडल, पटना से श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण पर मंतव्य की मांग की गयी।
5. आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना द्वारा प्रतिवेदित आरोप एवं श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत श्री सिंह के स्पष्टीकरण को अस्वीकृत करते हुए तथा मामला भू राजस्व से संंबंधित होने के कारण प्रस्तुत मामले की गहन जांच के लिये अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा मामले की विस्तृत जांच हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17(2) के प्रावधानों के तहत श्री सिंह के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
6. श्री सिंह के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही में संयुक्त आयुक्त, विभागीय जांच, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा नामित किसी वरीय पदाधिकारी होंगे।
7. श्री सिंह से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा की संचालन पदाधिकारी अनुमति दें उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होगें।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया साधारण अंक में प्रकाशित किया साधारण अंक में प्रकाशित किया साधारण अंक में प्रकाशित किया आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अ आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अ आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अ