;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध
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ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू18द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू19द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू20द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध
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1;बपकरू15द्ध ;बपकरू24द्ध 1;बपकरू26द्ध42 ;बपकरू28द्ध;बपकरू10द्ध;बपकरू29द्ध
;बपकरू9द्ध;बपकरू10द्ध ;बपकरू4द्ध 2;बपकरू15द्ध ;बपकरू4द्ध
;बपकरू4द्ध ;बपकरू30द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू15द्ध 2;बपकरू10द्ध21
सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 27/आरोप-01-27/आरोप-01-27/आरोप-01-27/आरोप-01-44444444/2019/2019/2019/2019////12121212736736736736/सा0प्र0/सा0प्र0/सा0प्र0/सा0प्र0 सामान्य सामान्य सामान्य सामान्य प्रषासनप्रषासनप्रषासनप्रषासन विभागविभागविभागविभाग ——— ladYiladYiladYiladYi 31 31 31 31 fnlEcj 2020fnlEcj 2020fnlEcj 2020fnlEcj 2020
श्रीमती रेखा कुमारी, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 509/2011, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी, मधुबनी के श्रीमती रेखा कुमारी, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 509/2011, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी, मधुबनी के श्रीमती रेखा कुमारी, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 509/2011, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी, मधुबनी के विरूद्ध जिला परिवहन पदाधिकारी, मधुबनी के पदस्थापन काल से संबंधित मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं विरूद्ध जिला परिवहन पदाधिकारी, मधुबनी के पदस्थापन काल से संबंधित मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं विरूद्ध जिला परिवहन पदाधिकारी, मधुबनी के पदस्थापन काल से संबंधित मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं एवं विभागीय अनुदेशों के अनुपालन में लापरवाही एवं अनियमितता बरतने संबंधी परिवहन विभाग के पत्रांक-5355 नयमितता बरतने संबंधी परिवहन विभाग के पत्रांक-5355 एवं विभागीय अनुदेशों के अनुपालन में लापरवाही एवं अि विभागीय स्तर पर गठित एवं दिनांक-13.12.2011 से आरोप पत्र प्राप्त हुआ। प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर 2011 से आरोप पत्र प्राप्त हुआ। प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर गठित एवं 08.2015 के माध्यम से संलग्न अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र विभागीय पत्रांक-12692 दिनांक-27.08 अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र विभागीय पत्रांक-12692 दिनांक-27 कर भेजते हुये श्रीमती कुमारी से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्रीमती कुमारी द्वारा स्पष्टीकरण जते हुये श्रीमती कुमारी से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्रीमती कुमारी द्वारा स्पष्टीकरण जते हुये श्रीमती कुमारी से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्रीमती कुमारी द्वारा स्पष्टीकरण 2015) समर्पित किया गया, जिसमें स्वयं के उपर लगे आरोपों से इनकार किया गया है। 2015) समर्पित किया गया, जिसमें स्वयं के उपर लगे आरोपों से इनकार किया गया है। (दिनांक-04.09.2015) समर्पित किया गया, जिसमें स्वयं के उपर लगे आरोपों से इनकार किया गया है।
2. श्रीमती कुमारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकर ण एवं परिवहन विभाग से प्राप्त श्रीमती कुमारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण एवं परिवहन विभाग से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5848 मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5848 मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5848 2018 द्वारा श्रीमती कुमारी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें संचालन पदाधिकारी दिनांक-08.05.2018 द्वारा श्रीमती कुमारी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें संचालन पदाधिकारी 2018 द्वारा श्रीमती कुमारी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें संचालन पदाधिकारी विभागीय जांच आयुक्त, बिहार, पटना को नियुक्त किया गया।
पटना को नियुक्त किया गया।
3. विभागीय जांच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक-607 दिनांक-19 2018 द्वारा जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, विभागीय जांच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक-607 दिनांक-19.07.2018 द्वारा जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें उनके विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों को प्रमाणित बताया गया है। प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आलोक में श्रीमती कुमारी जिसमें उनके विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों को प्रमाणित बताया गया है। प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आलोक में श्रीमती कुमारी जिसमें उनके विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों को प्रमाणित बताया गया है। प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आलोक में श्रीमती कुमारी 2018 द्वारा जांच प्रतिवेदन पर श्रीमती कुमारी से लिखित अभिकथन की मांग 0412 दिनांक-03.08.2018 द्वारा जांच प्रतिवेदन पर श्रीमती कुमारी से लिखित अभिकथन की मांग से विभागीय पत्रांक-10412 दिनांक-03 गयी। उक्त के आलोक में श्रीमती कुमारी का लिखित अभिकथन दिनांक 20.08.2018 प्राप्त हुआ। गयी। उक्त के आलोक में श्रीमती कुमारी का लिखित अभिकथन दिनांक 20 2018 प्राप्त हुआ।
विभागीय जांच आयुक्त से प्राप्त जांच प्रतिवेदन, श्रीमती कुमारी द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन की समीक्षा विभागीय जांच आयुक्त से प्राप्त जांच प्रतिवेदन, श्रीमती कुमारी द्वारा समर्पित लिखित अभिकथ् 4. विभागीय जांच आयुक्त से प्राप्त जांच प्रतिवेदन, श्रीमती कुमारी द्वारा समर्पित लिखित अभिकथ् अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर से की गयी। समीक्षोपरांत इनके विरूद्ध आरोपों को प्रमाणित पाते हुये विभागीय संकल्प अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर से की गयी। समीक्षोपरांत इनके विरूद्ध आरोपों को प्रमाणित पाते हुये विभागीय संकल्प अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर से की गयी। समीक्षोपरांत इनके विरूद्ध आरोपों को प्रमाणित पाते हुये विभागीय संकल्प (1) निन्दन (2) दो वेतनवृद्धियाँ 2020 द्वारा (1) निन्दन (2) दो वेतनवृद्धियाँ 2020 एवं शुद्धि पत्र ज्ञापांक-4589 दिनांक-08.05.2020 द्वारा ज्ञापांक-3930 दिनांक-18.03.2020 एवं शुद्धि पत्र ज्ञापांक-4589 दिनांक-08 (1) निन्दन (2) दो वेतनवृद्धियाँ (1) निन्दन (2) दो वेतनवृद्धियाँ ा दंड संसूचित किया गया। संचयात्मक प्रभाव से रोकसंचयात्मक प्रभाव से रोकसंचयात्मक प्रभाव से रोकसंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड संसूचित किया गया। 2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध ;बपकरू15द्ध 2;बपकरू10द्ध21 संचालन पदाधिकारी ने अनुमान के आधार पर ही आरोप को प्रमाणित कहा है जो सही नहीं है। संचालन पदाधिकारी ने मंतव्य में इस बात पर जोर दिया है कि प्रासंगिक वाहन झारखण्ड राज्य का है, इसलिये वाहन जांच के समय वह कागजात उसके पास नहीं था, यह विश्वसनीय नहीं है। चेकिंग के दौरान वाहन चालक ने भ्रमित कर नये पुराने कागजात प्रस्तुत किया। यदि वाहन चालक द्वारा सभी आवश्यक कागजात को सही ढंग से प्रस्तुत किया जाता तो उसपर शमन की कार्रवाई नहीं की जाती। चेकिंग के दौरान अन्य वाहनों की भी चेकिंग की गयी थी, परन्तु अन्य वाहनों के किसी चालक या स्वामी द्वारा परिवाद नहीं दिया। यदि वे चेकिंग के दौरान गलत कर रही थीं, कोई न कोई अन्य वाहन के चालक या स्वामी द्वारा भी परिवाद दिया जाता। संचालन पदाधिकारी का कहना कि झारखण्ड राज्य की गाड़ी थी इसलिये उसका वाहन चालक सभी कागजात अवश्य रखा होगा, यह सिर्फ उनका अनुमान है जो सही नहीं है। तत्कालीन प्रधान सचिव, परिवहन विभाग, बिहार, पटना द्वारा उनके स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य बताया गया तथा जिसे संचिकास्त करने का निर्णय लिया गया इस बीच परिवहन विभाग के पास कौन सा परिवाद प्राप्त हुआ कि परिवहन विभाग द्वारा पुनः मत गठित कर भेजा गया। अगर परिवहन विभाग के पास इस बीच कोई नया परिवाद या साक्ष्य प्राप्त हुआ था तो सर्वप्रथम तत्कालीन प्रधान सचिव के प्रतिवेदन को निरस्त किया जाना चाहिये था। स्पष्टतः परिवादर्काा का पहला परिवाद गलत था, परिवादी द्वारा परिवाद को वापस ले लिया गया। दिनांक-31.03.2011 को सरकार को 15,000/- राजस्व की प्राप्ति हुई। तत्कालीन प्रधान सचिव, परिवहन विभाग द्वारा सभी तथ्यों के समीक्षा के उपरांत उनके स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य बताया गया। प्रधान सचिव के उस कथन/मंतव्य को निरस्त करने का कोई साक्ष्य नहीं है। संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप को अनुमान के आधार पर प्रमाणित बताया गया है, कोई साक्ष्य संलग्न नहीं किया गया है। इस प्रकार लगाये गये आरोप प्रमाणित नहीं है।
6. श्रीमती कुमारी द्वारा पुनर्विलोकन आवेदन में लगभग सारे वही तथ्य रखे गये हैं जो उनके द्वारा प्रस्तुतीकरण/संचालन पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत बचाव बयान/लिखित अभिकथन में रखे गये थे, जिसमें समीक्षोपरांत ही संचालन पदाधिकारी द्वारा उनके विरूद्ध प्रतिवेदित तीनों आरोपों को प्रमाणित पाया गया।
7. प्रतिवेदित आरोपों के संबंध में श्रीमती कुमारी द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर परिवहन विभाग द्वारा स्पष्ट रूप से मंतव्य अंकित किया गया है कि आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध वैध कागजात के बावजूद वाहन को जब्त करने, जुर्माना लगाने तथा कागजातों को कार्यालय में जबरन रखने का आरोप सत्य प्रतीत होता है। आरोपित पदाधिकारी से जब्त वाहन के कौन-कौन से कागजात जांच के समय नहीं थे, जिनके आधार पर शमन की कार्रवाई की गयी और वाहन चालक द्वारा वाहन से संबंधित कौन-कौन से मूल कागजात जिला परिवहन कार्यालय में छोड़ दिये गये थे, इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने के निदेश के बावजूद उनके द्वारा स्थिति स्पष्ट नहीं की गयी।
8. अतएव वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक् विचारोपरांत श्रीमती रेखा कुमारी, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-509/11, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी, मधुबनी (सम्प्रति उप निदेशक, प्रशासन, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना) के पुनर्विचार आवेदन को अस्वीकृत करते हुए विभागीय संकल्प-3930 दिनांक-18.03.2020 एवं शुद्धि पत्र ज्ञापांक-4589 दिनांक-08.05.2020 द्वारा अधिरोपित दंड यथा (1) निन्दन (2) दो वेतनवृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक (1) निन्दन (2) दो वेतनवृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक को (1) निन्दन (2) दो वेतनवृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक (1) निन्दन (2) दो वेतनवृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक यथावत रखा जाता है। ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधरण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा आदेशआदेशआदेशआदेश ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधरण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधरण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधरण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति संबंधित को भेज दी जाय। इसकी प्रति संबंधित को भेज दी जाय। इसकी प्रति संबंधित को भेज दी जाय। इसकी प्रति संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम शंकर,राम शंकर,राम शंकर,राम शंकर, सरकार के संयुक्त सचिव।