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सं॰ 27/नि0था0-11-05/2019-392/सा0प्र0
सामान्य प्रशासन विभाग
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संकल्प
8 जनवरी 2021
श्री ओम प्रकाश प्रसाद, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 499/2011, तत्कालीन अपर समाहर्त्ता, बेगूसराय सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के धावादल द्वारा दिनांक-17.11.2018 को परिवादी श्री राम प्रमोद सिंह से श्री ओम प्रकाश प्रसाद, तत्कालीन अपर समाहर्त्ता, बेगूसराय द्वारा 6,00,000/रू0 रिश्वत लेते समय रंगेहाथ गिरफ्तार कर माननीय विशेष न्यायाधीश, निगरानी (ii) पटना के न्यायालय में प्रस्तुत किये जाने एवं उन्हें न्यायिक हिरासत में आदर्श केन्द्रीय कारा, बेउर, पटना भेजे जाने तथा उनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड सं0-49/18 दिनांक-16.11.2018 दर्ज किये जाने संबंधी सूचना निगरानी अन्बेषण ब्यूरो के पत्रांक-277 दिनांक-29.01.2019 द्वारा प्राप्त हुई। प्राप्त सूचना के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16538 दिनांक-19.12.2018 द्वारा श्री प्रसाद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की तिथि दिनांक-17.11.2018 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया गया।
2. उक्त गिरफ्तारी के उपरांत श्री प्रसाद के घर की तलाशी में मिले अभिलेख एवं नगद रूपया के आधार पर उनकी सरकारी सेवा में योगदान की तिथि 18.05.1989 से अब तक की सेवा अवधि के दौरान अर्जित संपति का निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा मूल्यांकन किया गया तथा प्रारंभिक जांच में पाया गया कि इनके द्वारा ज्ञात वैध आय से अधिक कुल 44,79,152/- रू0 की संपति अर्जित की गयी है, जिसके लिए इनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड सं0-60/18 दिनांक-29.12.2018 दर्ज किया गया है।
3. इस अप्रत्यानुपातिक धनार्जन संबंधी आरोप के लिए श्री प्रसाद के विरूद्ध विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित किया गया एवं अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। तत्पश्चात् विभागीय पत्रांक-16523 दिनांक-04.12.2019 द्वारा इनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री प्रसाद द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित की गयी जिसमें स्वयं के ऊपर लगे आरोपों से इंकार किया गया है। 2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू25द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू27द्ध;बपकरू30द्ध 5. श्री प्रसाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने के लिये मुख्य जांच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी निगरानी विभाग, बिहार, पटना द्वारा नामित कोई वरीय पदाधिकारी होंगे।
6. श्री प्रसाद से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु संचालन पदाधिकारी की अनुमति के अनुसार उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होगें।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक
में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम शंकर, सरकार के संयुक्त सचिव।
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