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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 19 January 2021

Published 19 January 2021

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2021-01-19.58
Languages
English, Hindi

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सं॰ 08/आरोप-01-282/2014-348/सा0प्र0

सामान्य प्रशासन विभाग

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संकल्प

7 जनवरी 2021

श्री संजीव जमुआर, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-952/11, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, अरवल के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, अरवल के ज्ञापांक-545 दिनांक 13.07.2013 तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पत्रांक-719 दिनांक 07.08.2013 द्वारा गठित आरोप पत्र प्रपत्र-क अनुशासनिक कार्रवाई हेतु प्राप्त हुआ। जिला पदाधिकारी से प्राप्त आरोप पत्र के आलोक में श्री जमुआर से विभागीय पत्रांक-12684 दिनांक 31.07.2013 द्वारा स्पष्टीकरण की माँग की गयी। उक्त क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा श्री जमुआर के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं बताया गया। 2. श्री जमुआर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं उक्त स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, अरवल से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक विचारोपरांत आरोप पत्र गठित कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक-12591 दिनांक 19.09.2018 द्वारा श्री जमुआर के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 3. आयुक्त के सचिव, मगध प्रमंडल, गया के पत्रांक-235 दिनांक 24.01.2020 द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। जिसमें श्री जमुआर के विरूद्ध प्रतिवेदित कुल 08 आरोपों में से 07 को प्रमाणित नहीं पाया गया। आरोप सं॰-02 के प्रथम कंडिका को प्रमाणित एवं द्वितीय कंडिका को अप्रमाणित पाया गया। अतः श्री जमुआर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप सं॰-02 की प्रथम कंडिका को संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये जाने के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-18 (3) के प्रावधानों के तहत विभागीय पत्रांक-5720 दिनांक 15.06.2020 द्वारा जाँच प्रतिवेदन संलग्न करते हुए श्री जमुआर से लिखित अभिकथन की माँग की गयी। 4. उक्त क्रम में श्री जमुआर से पत्रांक-888 दिनांक 07.10.2020 द्वारा लिखित अभिकथन प्राप्त हुआ। श्री जमुआर द्वारा अपने लिखित अभिकथन के साथ जिला पदाधिकारी, अरवल का प्रश्नगत पत्रांक-525/गो॰ दिनांक 22.03.2013 संलग्न किया गया। जिसमें जिला पदाधिकारी द्वारा विश्वनाथ गुप्ता का शिकायत पत्र संलग्न करते हुए उन्हे निदेशित किया गया है कि ''एक सप्ताह के अन्दर अपना एवं संबंधित कर्मचारी के कंडिकावार प्रतिक्रिया से अद्योहस्ताक्षरी को अवगत कराना सुनिश्चित किया जाय।'' वित्तीय वर्ष की समाप्ति के कारण हुई व्यस्तता एवं अन्य कई विधि-व्यवस्था की व्यस्तता समाप्ति के बाद उन्होंनेे तत्काल संबंधित कर्मचारी का प्रतिक्रिया प्राप्त करने निमित कार्रवाई की थी एवं 11.05.2013 को उनसे प्रतिक्रिया प्राप्त होने के तुरन्त बाद तदनुसार अपनी भी प्रतिक्रिया तैयार कर दिनांक 2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू24द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्ध;बपकरू31द्ध

16.05.2013 को जिला पदाधिकारी, अरवल के प्रश्नगत निर्देश का अनुपालन कर दिया था। अतः परिस्थितिजन्य कारणों से हुए विलम्ब को दृष्टिपथ में रखते हुए आरोप से मुक्त करने का अनुरोध श्री जमुआर द्वारा किया गया। 5. श्री जमुआर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं श्री जमुआर से प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। जिसमें पाया गया कि श्री जमुआर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप सं॰-02 प्रथम कंडिका में अंकित है कि :- ''श्री विश्वनाथ गुप्ता से प्राप्त शिकायत पत्र के आलोक में जिला पदाधिकारी, अरवल के पत्रांक-525/गो॰ दिनांक 22.03.2013 द्वारा बिन्दुवार प्रतिक्रिया एक सप्ताह के अन्दर उपलब्ध कराने हेतु आपको निदेशित किया गया। निर्धारित समयावधि में प्रतिक्रिया नहीं समर्पित करने की स्थिति में पत्रांक-726/गो॰ दिनांक 30.04.2013 से स्मारित किया गया। उक्त आलोक में आपके द्वारा अपने पत्रांक-270 दिनांक 16.05.2013 से कंडिकावार प्रतिक्रिया उपलब्ध कराया गया।'' 6. उक्त आरोप सं॰-02 प्रथम कंडिका के संबंध में संचालन पदाधिकारी का मंतव्य है कि ः- ''आरोपी पदाधिकारी को अपना स्पष्टीकरण ससमय उपलब्ध न कराकर उनके द्वारा अंचलाधिकारी से प्रतिक्रिया की माँग की गयी, जो सही नहीं है। अंचलाधिकारी का विलम्ब से प्रतिक्रिया प्राप्त होना स्पष्टीकरण के विलम्ब होने का कारण नहीं हो सकता है। विलम्ब से स्पष्टीकरण समर्पित करने का आरोप प्रमाणित है। '' इस प्रकार संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप सं॰-02 की प्रथम कंडिका को प्रमाणित पाया गया। 7. अतएव श्री संजीव जमुआर, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-952/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, अरवल (सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, जहानाबाद) का लिखित अभिकथन अस्वी—त करते हुए बिलम्ब से स्पष्टीकरण देने संबंधी प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के अधीन निम्न दंड अधिरोपित/संसूचित किया जाता है :-

(i) निन्दन, (ii) एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में

प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

मो0 सिराजुद्दीन अंसारी,

सरकार के अवर सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 19 January 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2021-01-19.58/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2021-01-19.58.