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सं॰ 08/आरोप-01-282/2014-348/सा0प्र0
सामान्य प्रशासन विभाग
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संकल्प
7 जनवरी 2021
2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू24द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्ध;बपकरू31द्ध16.05.2013 को जिला पदाधिकारी, अरवल के प्रश्नगत निर्देश का अनुपालन कर दिया था। अतः परिस्थितिजन्य कारणों से हुए विलम्ब को दृष्टिपथ में रखते हुए आरोप से मुक्त करने का अनुरोध श्री जमुआर द्वारा किया गया। 5. श्री जमुआर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं श्री जमुआर से प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। जिसमें पाया गया कि श्री जमुआर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप सं॰-02 प्रथम कंडिका में अंकित है कि :- ''श्री विश्वनाथ गुप्ता से प्राप्त शिकायत पत्र के आलोक में जिला पदाधिकारी, अरवल के पत्रांक-525/गो॰ दिनांक 22.03.2013 द्वारा बिन्दुवार प्रतिक्रिया एक सप्ताह के अन्दर उपलब्ध कराने हेतु आपको निदेशित किया गया। निर्धारित समयावधि में प्रतिक्रिया नहीं समर्पित करने की स्थिति में पत्रांक-726/गो॰ दिनांक 30.04.2013 से स्मारित किया गया। उक्त आलोक में आपके द्वारा अपने पत्रांक-270 दिनांक 16.05.2013 से कंडिकावार प्रतिक्रिया उपलब्ध कराया गया।'' 6. उक्त आरोप सं॰-02 प्रथम कंडिका के संबंध में संचालन पदाधिकारी का मंतव्य है कि ः- ''आरोपी पदाधिकारी को अपना स्पष्टीकरण ससमय उपलब्ध न कराकर उनके द्वारा अंचलाधिकारी से प्रतिक्रिया की माँग की गयी, जो सही नहीं है। अंचलाधिकारी का विलम्ब से प्रतिक्रिया प्राप्त होना स्पष्टीकरण के विलम्ब होने का कारण नहीं हो सकता है। विलम्ब से स्पष्टीकरण समर्पित करने का आरोप प्रमाणित है। '' इस प्रकार संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप सं॰-02 की प्रथम कंडिका को प्रमाणित पाया गया। 7. अतएव श्री संजीव जमुआर, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-952/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, अरवल (सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, जहानाबाद) का लिखित अभिकथन अस्वी—त करते हुए बिलम्ब से स्पष्टीकरण देने संबंधी प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के अधीन निम्न दंड अधिरोपित/संसूचित किया जाता है :-
(i) निन्दन, (ii) एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में
प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
मो0 सिराजुद्दीन अंसारी,
सरकार के अवर सचिव।
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