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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 25 January 2021

Published 25 January 2021

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2021-01-25.67
Languages
English, Hindi

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ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध

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5 ;बपकरू4द्ध 1;बपकरू21द्ध42 ;बपकरू24द्ध;बपकरू25द्ध;बपकरू26द्ध

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सं॰ 3/एम0-78/2005-1003/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 22 जनवरी 2021 विषयः- संविदा के आधार पर नियोजन की प्रक्रिया एवं मार्गदर्शक सिद्धान्त। सामान्य प्रषासन विभाग के संकल्प संख्या-2401 दिनांक-18.07.2007 द्वारा सरकारी सेवाओं में किसी खास प्रयोजन से (यथा-अल्पावधि के लिए किसी स्कीम के अधीन) अथवा स्थायी रूप से सृजित पदों के विरूद्ध नियमित नियुक्ति में विलम्ब होने की स्थिति में संविदा के आधार पर नियोजन की प्रक्रिया एवं मार्गदर्शक सिद्धान्त का निरूपण किया गया है।

2. उक्त संकल्प में संविदा नियोजन हेतु अधिकतम समय-सीमा एक वर्ष निर्धारित की गयी थी। समय-समय पर आवश्यकतानुसार संकल्प के प्रावधानों को निम्न प्रकार से संशोधित भी किया गया है-

(i) सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र संख्या-4467 दिनांक-17.12.2007 द्वारा संविदा पर नियुक्ति हेतु ही सृजित पदों पर संविदा नियोजन की समय-सीमा बढ़ायी गयी।

(ii) सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-1718 दिनांक-06.05.2010 द्वारा विशेष परिस्थिति में कार्यहित एवं जनहित में एवं नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया में अपरिहार्य विलम्ब की स्थिति में संबंधित विभागों को पुनः एक और वर्ष के लिए पुनर्नियोजित करने हेतु अधिकृत किया गया। (iii) सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश संख्या-1608 दिनांक-24.05.2011 द्वारा जल संसाधन विभाग में कनीय अभियंताओं के पदों की विशेष परिस्थिति को ध्यान में रखकर एक और अतिरिक्त वर्ष के लिए पुनर्नियोजन की स्वीकृति दी गयी।

(iv) सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-1029 दिनांक-19.01.2012 द्वारा संविदा पर विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग तथा पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के अन्तर्गत क्रमशः शैक्षणिक पदों (यथा व्याख्याता आदि) एवं पशु चिकित्सकों के पदों पर पूर्व से कार्यरत संविदा नियोजित कर्मियों के संविदा नियोजन को अगले एक और वर्ष के लिए विस्तारित करने की स्वीकृति दी गयी। (v) सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-17415 दिनांक-20.12.2012 द्वारा विभिन्न विभागों में सृजित पदों के विरुद्ध संविदा नियोजन की कार्रवाई को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्गत किये जाने वाले अगले आदेश तक के लिए रोके जाने का निर्णय लिया गया।;बपकरू4द्ध ;बपकरू24द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्ध 2 (vi) सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-8025 दिनांक-21.05.2013 द्वारा केन्द्र/केन्द्र सम्पोषित योजनाओं अथवा वाह्‌य वित्त सम्पोषित योजनाओं/परियोजनाओं अथवा किसी अधिनियम/ नियमावली के प्रावधान के तहत अथवा किसी आयोग/निगम/ निकाय/निबंधित सोसाईटी संस्थाओं की नियुक्ति नियमावली के प्रावधान जिनमें संविदा के आधार पर ही नियोजन का प्रावधान किया गया हो, के अनुसार संविदा नियोजन किये जाने की स्वीकृति दी गयी। साथ ही नियमित नियुक्ति में लगने वाले विलम्ब को देखते हुए प्रशासनिक आवश्यकतानुसार पूर्व निर्गत निदेशों के अधीन नियमित एवं स्वीकृत पदों के विरुद्ध अधिकतम एक वर्ष के लिए संविदा नियोजन किये जाने का भी प्रावधान किया गया।

पर सम्यक्‌ विचारोपरान्त अनुशंसा करने हेतु एक उच्च स्तरीय समिति का गठन सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-3/एम0-19/2015सा0प्र0-6161 दिनांक-24.04.2015 द्वारा किया गया। संकल्प ज्ञापांक--3/एम0-19/2015सा0प्र0-2423 दिनांक-20.02.2018 द्वारा उक्त समिति का कार्यकाल दिनांक-12.08.2018 तक के लिए विस्तारित किया गया। समिति द्वारा दिनांक-07.08.2018 को अपना प्रतिवेदन समर्पित किया गया। उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसाओं पर सम्यक्‌ विचारोपरान्त राज्य सरकार का निर्णय सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-12534 दिनांक-17.09.2018 द्वारा संसूचित किया गया है जिसके परिशिष्ट-'क' की कंडिका-46 में राज्य सरकार द्वारा संकल्प ज्ञापांक-2401 दिनांक-18.07.2007 में मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित अनुशंसाओं का समावेश कर संशोधित संकल्प निर्गत किये जाने का निर्णय लिया गया है।

(ii) संकल्प ज्ञापांक 12534 दिनांक 17.09.2018 में निहित प्रावधान सम्प्रति प्रभावी हैं तथा उक्त प्रावधानों का लाभ संकल्प ज्ञापांक 2401 दिनांक 18.07.2007 द्वारा संविदा नियोजित कर्मियों को दिनांक 17.09.2018 के प्रभाव से ही स्वीकृत किया जा रहा है। फिर भी राज्य सरकार के उपर्युक्त निर्णय के अनुपालन में तथा संविदा नियोजन की प्रक्रिया को स्पष्ट एवं पारदर्शी बनाने तथा नियंत्रण रखने हेतु सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-12534 दिनांक-17.09.2018 द्वारा संसूचित निर्णय को भी समावेशित करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-2401 दिनांक-18.07.2007 को संशोधित/पुनरीक्षित किया जाना आवश्यक है।

4. वर्णित स्थिति में संविदा के आधार पर नियोजन के मार्गदर्शक सिद्धान्त, नियोजन की प्रक्रिया तथा अनुमान्य सुविधाओं को निम्नरूप में निरूपित किया जाता है-

(1) नियोजन के मार्गदर्शक सिद्धान्त-नियोजन के मार्गदर्शक सिद्धान्त-नियोजन के मार्गदर्शक सिद्धान्त-नियोजन के मार्गदर्शक सिद्धान्त-संविदा के आधार पर नियोजन भी स्वीकृत पदों के विरुद्ध ही किया जायेगा। ऐसा नियोजन निम्नांकित दो परिस्थितियों में किया जा सकेगा- (i) कुछ परियोजनाओं/योजनाओं का कार्यकाल सीमित है। ये परियोजनायें प्रायः केन्द्रीय/केन्द्र प्रायोजित/अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं द्वारा वित्त सम्पोषित परियोजनायें/योजनायें हैं एवं सीमित अवधि के लिए स्वीकृत होती हैं। निर्धारित अवधि के बाद इनका कार्यान्वयन केन्द्र सरकार/अंतराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं द्वारा स्वीकृति पर आधारित है। अतः इनमें नियुक्तियाँ संविदा के आधार पर परियोजनाओं की अवधि तक के लिए की जा सकेगी। इस श्रेणी में वैसी नियुक्तियाँ भी सम्मिलित हैं जहाँ पदों का सृजन ही अस्थाई है एवं संविदा नियुक्ति हेतु ही सृजित किया गया है।

(ii) दूसरी स्थिति में यदि पद स्थायी है, लेकिन बिहार लोक सेवा आयोग/बिहार कर्मचारी चयन आयोग/बिहार तकनीकी सेवा आयोग अथवा राज्य सरकार द्वारा गठित किसी अन्य आयोग द्वारा नियमित नियुक्तियों के लिए अनुषंसा उपलब्ध कराने में विलम्ब हो, तब सामान्यतया तब सामान्यतया तब सामान्यतया तब सामान्यतया ऐसी रिक्तियों के विरुद्ध कोई नया संविदा नियोजन नहीं किया जायेगा। अत्यंत विशेष ऐसी रिक्तियों के विरुद्ध कोई नया संविदा नियोजन नहीं किया जायेगा। अत्यंत विशेष ऐसी रिक्तियों के विरुद्ध कोई नया संविदा नियोजन नहीं किया जायेगा। अत्यंत विशेष ऐसी रिक्तियों के विरुद्ध कोई नया संविदा नियोजन नहीं किया जायेगा। अत्यंत विशेष परिस्थिति में ही ऐसी रिक्तियों के विरुद्ध संविदा नियोजन के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद के परिस्थिति में ही ऐसी रिक्तियों के विरुद्ध संविदा नियोजन के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद के परिस्थिति में ही ऐसी रिक्तियों के विरुद्ध संविदा नियोजन के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद के परिस्थिति में ही ऐसी रिक्तियों के विरुद्ध संविदा नियोजन के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद के अनुमोदन के उपरान्त हीअनुमोदन के उपरान्त हीअनुमोदन के उपरान्त हीअनुमोदन के उपरान्त ही संविदा नियोजन तब तक के लिए किया जा सकेगा, जब तक उन रिक्तियों के विरुद्ध नियमित नियुक्तियाँ न हो जाए।

(2) नियोजन की प्रक्रिया-नियोजन की प्रक्रिया-नियोजन की प्रक्रिया-नियोजन की प्रक्रिया-

(I) परियोजनाओं/योजनाओं के तहत स्वीकृत पदों अथवा ऐसे पदों, जिनका सृजन ही संविदा परियोजनाओं/योजनाओं के तहत स्वीकृत पदों अथवा ऐसे पदों, जिनका सृजन ही संविदा परियोजनाओं/योजनाओं के तहत स्वीकृत पदों अथवा ऐसे पदों, जिनका सृजन ही संविदा परियोजनाओं/योजनाओं के तहत स्वीकृत पदों अथवा ऐसे पदों, जिनका सृजन ही संविदा नियेाजन के लिए किया गया है, के विरुद्ध संविदा नियोजन- नियेाजन के लिए किया गया है, के विरुद्ध संविदा नियोजन नियेाजन के लिए किया गया है, के विरुद्ध संविदा नियोजन नियेाजन के लिए किया गया है, के विरुद्ध संविदा नियोजन (i) पदों को विज्ञापित किया जाना होगा। (ii) संविदा नियोजन के लिए अर्हताएँ वही होंगी जैसा संबंधित परियोजना/योजना में निर्धारित किया गया हो। निर्धारित शर्त्तों से किसी भी परिस्थिति में विचलन नहीं किया जा सकेगा।3 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू24द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्ध 25 (iii) संविदा नियोजन हेतु सक्षम प्राधिकार वही होंगे जैसा संबंधित परियेाजना/योजना में निर्धारित किया गया हो। इसमें किसी भी परिस्थिति में विचलन नहीं किया जा सकेगा।

(iv) संविदा के आधार पर नियोजन हेतु उम्मीदवार की न्यूनतम/अधिकतम उम्र सीमा वही होगी जो संबंधित परियेाजना/योजना में निर्धारित किया गया हो। इसमें किसी भी परिस्थिति में विचलन नहीं किया जा सकेगा।

(v) संविदा के आधार पर नियोजित व्यक्ति सरकारी सेवक नहीं माने जायेंगे और सरकारी सेवक को अनुमान्य किसी सुविधा के हकदार नहीं होंगे। संविदा के आधार पर नियोजन के बाद सरकारी सेवा में नियमितिकरण का उनका कोई भी दावा नहीं बनेगा।

(vi) ऐसे नियोजनों में आरक्षण रोस्टर का अनुपालन आवश्यक होगा। (vii) प्रत्येक संबंधित विभाग/प्राधिकार/निगम/सोसाईटी द्वारा सक्षम प्राधिकार का आदेश प्राप्त कर इस आशय का आदेश निर्गत किया जायेगा कि संविदा के आधार पर ऐसा नियोजन पूरी तरह अस्थायी होगा तथा योजना/पद स्वीकृति की अवधि तक के लिए होगा। यह आदेश संविदाकर्मियों के सभी पदों के लिए अलग-अलग निर्गत होगा। अस्वस्थता या अनुशासनिक आधार पर या असंतोषजनक सेवा के कारण या सेवानिवृत्ति की सामान्य आयु होने पर योजना/पद स्वीकृति अवधि के पूर्व भी नियोजन समाप्त हो जायेगा/किया जा सकता है। संविदा नियोजन की अन्य शर्त्तें नियोजन के समय निर्गत नियोजन पत्र, एकररारनामा एवं क्षतिपूर्ति बंधक पत्र (जहाँ लागू हो) के अनुसार रहेंगे।

(viii) नियोक्ता तथा संविदा के आधार पर नियोजित किये जाने वाले व्यक्ति के बीच एक एकरारनामा सम्पन्न किया जायेगा जिसमें उन सभी शर्त्तों का उल्लेख होगा, जो परियोजनाओं/योजनाओं में संविदा नियोजन हेतु निर्धारित हैं। निर्धारित शर्त्तों से किसी भी परिस्थिति में विचलन नहीं किया जा सकेगा। एकरारनामा का प्रारूप संबंधित विभाग/प्राधिकार/निगम/सोसाईटी द्वारा तदनुसार निर्धारित किया जायेगा।

(II) स्थायी पदों की रिक्तियाँ, जिनके विरुद्ध नियमित नियुक्ति की अनुशंसा प्राप्त होने में विलम्ब हो, के विरुद्ध नया संविदा नियोजन सामान्यतया नहीं किया जायेगा। अत्यंत विशेष परिस्थिति में ही ऐसी रिक्तियों के विरुद्ध संविदा नियोजन मंत्रिपरिषद के अनुमोदन से निम्न प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए किया जा सकेगा- (i) पदों को विज्ञापित किया जाना होगा। (ii) विभिन्न सेवा/संवर्ग/पद के लिए नियमित नियुक्ति हेतु जो अर्हताएँ निर्धारित हैं, संविदा के आधार पर उस सेवा/संवर्ग/पद पर नियोजन हेतु भी वही अर्हताएँ लागू होंगी।

(iii) किसी सेवा/संवर्ग/पद पर नियमित नियुक्ति करने हेतु सक्षम नियुक्ति प्राधिकार ही

उस सेवा/संवर्ग/पद पर संविदा नियोजन हेतु नियुक्ति प्राधिकार होंगे। (iv) संविदा के आधार पर नियोजन हेतु उम्मीदवार की उम्र सीमा वही होगी, जैसा

समय-समय पर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्धारित किया जाय।

(v) संविदा के आधार पर नियोजित व्यक्ति सरकारी सेवक नहीं माने जायेंगे और सरकारी सेवक को अनुमान्य किसी सुविधा के हकदार नहीं होंगे। संविदा के आधार पर नियोजन के बाद सरकारी सेवा में नियमितिकरण का उनका कोई भी दावा नहीं बनेगा।

(vi) ऐसे नियोजनों में आरक्षण रोस्टर का अनुपालन आवश्यक होगा। जहाँ नियमित नियुक्ति में विलम्ब के कारण संविदा पर नियोजन की स्थ्ािित हो वहाँ नियमित नियुक्ति के रोस्टर बिन्दु का ही अनुपालन किया जायेगा। संविदा के आधार पर नियोजन की समाप्ति के बाद ऐसी रिक्तियों के विरुद्ध नियमित नियुक्ति के समय उसी रोस्टर बिन्दु से नियमित नियुक्तियाँ प्रारम्भ की जायेंगी, जिस रोस्टर बिन्दु से प्रारम्भ कर संविदा के आधार पर नियोजन किया गया था।

(vii) प्रत्येक संबंधित विभाग द्वारा सक्षम प्राधिकार का आदेश प्राप्त कर इस आशय का आदेश निर्गत किया जायेगा कि संविदा के आधार पर ऐसा नियोजन पूरी तरह अस्थायी होगा तथा उस पद को नियमित नियुक्ति द्वारा भरे जाने तक के लिए;बपकरू4द्ध ;बपकरू24द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्ध 4 होगा। अस्वस्थता या अनुशासनिक आधार पर या असंतोषजनक सेवा के कारण या सेवानिवृत्ति की सामान्य आयु होने पर नियमित नियुक्ति होने के पूर्व भी नियोजन समाप्त हो जाएगा/किया जा सकता है। संविदा नियोजन की अन्य शर्त्तें नियोजन के समय निर्गत नियोजन पत्र, एकररारनामा एवं क्षतिपूर्ति बंधक पत्र (जहाँ लागू हो) के अनुसार रहेंगे।

परन्तु-परन्तु-परन्तु-परन्तु-

(क) यदि संविदा पद/पदों पर कार्यरत संविदा कर्मियों की आवश्यकता उस विभाग में, जहाँ वे कार्यरत हैं, नहीं हो लेकिन अन्य विभाग में उसी पदनाम एवं उसी योग्यता के पद रिक्त हों एवं उन पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति आवश्यक हो, तब उन पद/पदों पर नया संविदा नियेाजन नहीं कर अन्य विभाग में समान पदनाम एवं योग्यता वाले पदों पर कार्यरत संविदा कर्मियों, जिनकी अब उस विभाग में आवश्यकता नहीं रह गयी हो, की नियुक्ति अन्य विभाग में रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर की जा सकेगी। इसके लिए संबंधित विभाग के साथ नये सिरे से एकरारनामा करना होगा। परन्तु यह सुविधा वैसे संविदा कर्मियों को अनुमान्य नहीं होगी जो अनुशासनिक कारण से हटाये गये हों। (ख) नियमित नियुक्तियों के लिए ली गयी परीक्षा/साक्षात्कार/ अन्य जाँच में कई संविदा कर्मी सफल नहीं होते हैं। ऐसी स्थिति में अगर नियमित नियुक्तियों के उपरान्त भी पद रिक्त रहे तो उन पर नये सिरे से संविदा के आधार पर नियुक्ति न कर पूर्व में संविदा पर कार्यरत रह चुके परन्तु नियमित नियुक्ति की चयन प्रक्रिया में असफल संविदा कर्मियों को रखा जा सकता है।

(ग) पद रिक्त रहते हुए नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दिये जाने के आधार पर संविदा कर्मियों को नहीं हटाया जाना है। ऐसे मामलों में नियमित नियुक्ति होने तक के लिए संविदा नियोजन को बरकरार रखा जाना है।

(घ) पंचायती राज विभाग के अन्तर्गत न्यायमित्र एवं ग्राम कचहरी सचिव के पद पर संविदा नियोजन की अवधि के संदर्भ में वर्त्तमान में प्रवृत्त नियमावली का प्रावधान लागू रहेगा।

(viii) नियोक्ता तथा संविदा के आधार पर नियोजित किये जाने वाले व्यक्ति के बीच संलग्न परिशिष्ट-1 में विहित प्रपत्र में सादे कागज पर एकरारनामा सम्पन्न किया जायेगा। (3) अनुमान्य सुविधाएँ-

(I) पारिश्रमिक/मानदेय का निर्धारण- संविदा के आधार पर नियोजित कर्मी को देय पारिश्रमिक/मानदेय का निर्धारण विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित एक समिति द्वारा किया जा सकेगा जिसके सदस्य-सचिव संबंधित विभाग के सचिव/प्रधान सचिव होंगे तथा सामान्य प्रशासन विभाग एवं वित्त विभाग के सचिव/प्रधान सचिव इसके सदस्य हाेंगे। समिति निम्न दो बिन्दुओं पर विचार कर पारिश्रमिक का निर्धारण कर सकेगीः-

(क) बाजार दर; एवं (ख) सरकार में उपलब्ध समान/समकक्ष पद के प्रारंभिक स्तर का वेतन, महंगाई भत्ता

एवं अन्य अनुमान्य भत्तों को मिलाकर समेकित रूप से प्राप्त योगफल।

परन्तु उपरोक्त 'ख' में प्राप्त राशि से अधिक का निर्धारण नहीं किया जा सकेगा। परन्तु निर्धारित पारिश्रमिक/मानदेय न्यूनतम मजदूरी से कम नहीं होगा। प्रशासी विभाग के प्रस्ताव पर समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष पर संविदा नियोजित कर्मियों को देय पारिश्रमिक/मानदेय का पुनरीक्षण किया जा सकेगा। पारिश्रमिक के भुगतान हेतु बजट में "व्यावसायिक एवं विशेष सेवा के लिए अदायगियाँ" प्राथमिक इकाई के अन्तर्गत राशि का प्रावधान कराया जायेगा तथा उसी से इसका भुगतान किया जायेगा।

परन्तु केन्द्रीय/केन्द्र प्रायोजित/अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं द्वारा सम्पोषित योजनाओं/ परियोजनाओं में कार्यरत संविदा कर्मियों के मानदेय का निर्धारण/पुनरीक्षण केन्द्र सरकार/ अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं द्वारा योजनाओं/परियोजनाओं के लिये निर्धारित शर्तों के अनुरूप ही किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि प्रायः सभी इस तरह की योजनाओं/परियोजनाओं में संविदा कर्मियों के लिये मानदेय का निर्धारण/पुनरीक्षण का प्रावधान किया गया है। उसी प्रकार राज्य की योजना एवं गैर-योजना के अंतर्गत संचालित योजनाओं/परियोजनाओं में भी मानदेय के निर्धारण/पुनरीक्षण का प्रावधान किया गया है।5 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू24द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्ध 25 (II) अनुमान्य अवकाश- संविदा नियोजित कर्मियों को निम्नांकित अवकाश अनुमान्य होगा- (i) आकस्मिक अवकाश- पाँच कार्यदिवस सप्ताह वाले कार्यालयों में एक वर्ष में 12

दिन तथा छः कार्यदिवस सप्ताह वाले कार्यालयों में एक वर्ष में 16 दिन। (ii) अर्जित अवकाश- एक वर्ष में 16 दिन (नियोजन के दूसरे वर्ष से लागू) एवं

अधिकतम 60 दिन अवकाश संचित किया जा सकेगा।

(iii) मातृत्व अवकाश- जो महिला कर्मी पिछले 12 महिनों में 80 दिन तक संविदा नियोजन पर कार्य कर चुकी हों, उन्हें 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश अनुमान्य होगा। 8 सप्ताह का अवकाश अनुमानित प्रसव तिथि के पहले तक तथा शेष 18 सप्ताह शिशु के जन्म के बाद अनुमान्य होगा। दो बच्चों के बाद मात्र 12 सप्ताह का अवकाश अनुमान्य होगा जिसमें 6 सप्ताह अनुमानित प्रसव तिथि से पहले एवं 6 सप्ताह शिशु के जन्म के बाद अनुमान्य होगा। साथ ही 3 महिने से कम उम्र के बच्चों को गोद लेने वाली या सरोगेट माँ को भी 12 सप्ताह का अवकाश देय होगा। (iv) पितृत्व अवकाश- 15 दिन (दो बच्चों तक) । (v) अवैतनिक अवकाश- अधिकतम 30 दिन प्रतिवर्ष।

परन्तु (i) अवकाश अधिकार नहीं होगा। अवकाश पर जाने के पूर्व सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा। अनाधिकृत रूप से अवकाश पर जाने पर संबंधित संविदा नियोजित कर्मी पर अनुशासनिक कार्रवाई की जा सकेगी। जो कर्मी बिना सूचना के 15 दिन या इससे अधिक अवधि के लिए अनुपस्थित पाये जाते हैं, उनके पद को रिक्त घोषित किया जायेगा एवं संविदा के आधार पर नियोजन की प्रक्रिया आरम्भ कर दी जायेगी।

(ii) केन्द्रीय/केन्द्र प्रायोजित/अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं द्वारा वित्त सम्पोषित परियोजनाओं के तहत देय अवकाश का निर्धारण इन परियोजनाओं की शर्तों के अनुरूप ही करना है।

(iii) संविदा नियोजित कर्मियों को उक्त वर्णित सभी अवकाश की स्वीकृति प्रदान करने में वही प्राधिकार सक्षम हाेंगे, जो समान/समकक्ष पद पर नियमित रूप से नियुक्त बिहार सरकार के कर्मियों को उक्त अवकाशों की स्वीकृति प्रदान करने में सक्षम हों।

(III) अनुग्रह अनुदान- संविदा नियोजन कर्मियों की नियोजन अवधि में मृत्यु होने पर उसके निकटतम आश्रित को एक मुश्त चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान स्वीकृत किया जायेगा। परन्तु यह सुविधा उन संविदा कर्मियों के संदर्भ में लागू नहीं होगी, जिनके मामले में नियोजन अवधि में मृत्यु होने की स्थिति में परियोजनाओं/योजनाओं के प्रावधानों के तहत इस प्रकार का अथवा इससे मिलती-जुलती सुविधा का प्रावधान पूर्व से ही किया गया हो। (IV) सेवा अभिलेख का संधारण- सभी समूह के संविदा कर्मियों के लिए सेवा अभिलेख का संधारण प्रशासी विभाग द्वारा किया जायेगा। सेवा अभिलेख का स्वरूप सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा वित्त विभाग की सहमति से निर्धारित किया जायेगा जिसमें संबंधित संविदा नियोजित कर्मी के अवकाश लेखा का भी संधारण किया जायेगा।

(V) यात्रा व्यय की अनुमान्यता- ऐसे संविदा कर्मी, जिन्हें सरकारी कार्य के निष्पादन के क्रम में अपनी प्राधिकारिता की स्थानीय सीमाओं से बाहर भ्रमण/प्रशिक्षण पर जाना पड़ता हो, को सक्षम प्राधिकार के आदेश/अनुमोदन से यात्रा व्यय की स्वीकृति दी जायेगी। यात्रा व्यय की अनुमान्य दर वही होगी, जो समान/समकक्ष पद पर कार्यरत नियमित कर्मी को अनुमान्य हो। यात्रा व्यय की स्वीकृति के लिए सक्षम प्राधिकार वहीं होंगे, जो समान/समकक्ष पद पर कार्यरत नियमित कर्मी को यात्रा व्यय की स्वीकृति हेतु सक्षम प्राधिकार हों। परन्तु (i) वैसे पद, जिसके समान/समकक्ष पद पर नियमित नियुक्ति का प्रावधान नहीं हो, पर कार्यरत संविदा नियोजित कर्मी को अनुमान्य यात्रा व्यय तथा उसकी स्वीकृति के लिए सक्षम प्राधिकार का निर्धारण वित्त विभाग की सहमति से सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अलग आदेश निर्गत किया जायेगा।

(ii) केन्द्रीय/केन्द्र प्रायोजित/अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं द्वारा वित्त सम्पोषित परियोजनाओं के तहत यात्रा व्यय का निर्धारण इन परियोजनाओं की शर्तों के अनुरूप ही किया जायेगा।;बपकरू4द्ध ;बपकरू24द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्ध 6 (VI) अपील का प्रावधान-अपील का प्रावधान-अपील का प्रावधान-अपील का प्रावधान- कार्य असंतोषजनक पाये जाने के आधार पर संविदा नियोजित कर्मी की सेवा समाप्त किये जाने पर संबंधित कर्मी नियुक्ति प्राधिकार से ठीक ऊपर के प्राधिकार के समक्ष अपील दायर कर सकेंगे।

(VII) कर्मचारी भविष्य निधि की सुविधा-कर्मचारी भविष्य निधि की सुविधा-कर्मचारी भविष्य निधि की सुविधा-कर्मचारी भविष्य निधि की सुविधा- संविदा नियोजित कर्मियों को कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम, 1952 में प्रावधानित सुविधाएँ अनुमान्य होंगी।

(VIII) कर्मचारी राज्य बीमा की सुविधा-कर्मचारी राज्य बीमा की सुविधा-कर्मचारी राज्य बीमा की सुविधा-कर्मचारी राज्य बीमा की सुविधा- जो संविदाकर्मी कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के तहत अधिनियम में निर्धारित लाभों को प्राप्त करने की पात्रता रखते हों, उन्हें अधिनियम की शर्तों को पूरा कर तदनुसार लाभ उपलब्ध कराया जायेगा। संबंधित विभाग/प्राधिकार/निगम/सोसाइटी द्वारा इस संबंध में आवष्यक कार्रवाई की जायेगी। (IX) वार्षिक वार्षिक वार्षिक वार्षिक कार्य मूल्यांकन- कार्य मूल्यांकन- कार्य मूल्यांकन- कार्य मूल्यांकन- प्रत्येक विभाग/प्राधिकार/निगम/सोसाइटी द्वारा उनके यहाँ विभिन्न परियोजनाओं/योजनाओं यथा- केन्द्रीय/केन्द्र प्रायोजित/ अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों द्वारा वित्त सम्पोषित परियोजनाओं एवं योजनाओं में कार्यरत सभी संविदा कर्मियों के कार्यों का वार्षिक मूल्यांकन करने की व्यवस्था की जायेगी। वार्षिक मूल्यांकन का मापदंड क्या होगा, इस संबंध में परिपत्र का निर्धारण संबंधित परियोजना/योजना को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक विभाग/प्राधिकार/निगम/सोसाइटी द्वारा सक्षम प्राधिकार का आदेष प्राप्त कर किया जायेगा। संविदा कर्मियों के संबंध में इस तरह का वार्षिक मूल्यांकन अनिवार्य होगा। (4) नियमित नियुक्ति में अधिमानता- नियमित नियुक्ति में अधिमानता- नियमित नियुक्ति किये जाने के क्रम में संविदा नियोजित नियमित नियुक्ति में अधिमानता- नियमित नियुक्ति में अधिमानता- कर्मियों को नियुक्ति की प्रक्रिया में निम्नांकित अधिमानता (weightage) दी जायेगी- (i) संविदा के आधार पर पूर्व में अभ्यर्थी द्वारा प्रतिवर्ष की गयी संतोषजनक सेवा के लिए अधिकतम पाँच अंक प्रतिवर्ष की दर से अधिकतम 25 अंकों की अधिमानता (किसी वर्ष के अंश के लिए कार्यदिवसों की संख्या में 5 से गुणा करने के पश्चात्‌ 365 से भाग देकर प्राप्त अनुपातिक अंक जोड़ा जायेगा) दी जायेगी।

(ii) संविदा नियोजन के फलस्वरूप किये गये कार्य अवधि के समतुल्य अवधि की छूट अधिकतम उम्र सीमा में दी जायेगी। किसी कार्यरत वर्ष के अंश को भी इसमें शामिल किया जायेगा।

(iii) सभी विभाग द्वारा उनके नियंत्रणाधीन सेवा/संवर्ग नियमावली में अधिमानता से संबंधित उपर्युक्त उप-कंडिका-(i) एवं (ii) के अनुरूप संशोधन कर लिया जायेगा।

परन्तु (i) उक्त वर्णित उम्र सीमा में शिथिलीकरण एवं कार्य अनुभव के आधार पर नियुक्ति में अधिमानता का लाभ सिर्फ उसी पद पर नियमित नियुक्ति के समय दिया जायेगा जिस पद पर संविदा नियोजन के तहत कार्य किया गया हो। (ii) जहाँ तक अनुभव के आधार पर अधिमानता का प्रष्न है, अधिमानता देते समय अधिकृत विनियामक संस्थाओं अथवा विष्वविद्यालय अनुदान आयोग, एवं अखिल भारतीय तकनीकी षिक्षा परिषद आदि द्वारा निर्धारित मार्गदर्षन को ध्यान में रखना आवष्यक है। दूसरे शब्दों में जिन मामलों में इन अधिकृत विनियामक संस्थाओं के द्वारा दिये गये मार्गदर्षन लागू हैं उनमें नियुक्ति की योग्यता एवं अधिमानता आदि मार्गदर्षन के अनुरूप ही होगी।

(iii) परन्तु परन्तु परन्तु परन्तु यह भी कि उम्र सीमा में शिथिलीकरण का लाभ वैसे मामलों में नहीं दिया जा सकेगा, जहाँ कानून/नियुक्ति नियमावली के तहत उसकी अनुमति न हो। उदाहरण के लिए पुलिस की नियुक्ति अथवा कई अन्य मामलों में उम्र सीमा में शिथिलीकरण की अनुमति कानून/नियुक्ति नियमावली नहीं देता है। अतः ऐसे मामलों में उम्र सीमा में शिथिलीकरण का लाभ देय नहीं होगा।

(5) उपर्युक्त सुविधाएँ केवल विधिवत्‌ नियोजित संविदा कर्मियों को अनुमान्य होगी। ये सुविधाएँ अवैध नियुक्तियों, दैनिक वेतनभोगी कर्मियों एवं वाह्‌य सेवा प्रदाता से सेवा प्राप्त कर्मियों के संबंध में लागू नहीं होंगी। दूसरे शब्दों में जिन कर्मियों की नियुक्ति सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक- 2401 दिनांक 18.07.2007 (समय-समय पर यथासंशोधित) में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसरण में की गई हैं, केवल उन्हीं संविदा कर्मियों के संदर्भ में उपर्युक्त सुविधाएँ अनुमान्य होगी।

केवल वे ही नियोजन वैध संविदा नियोजन हैं जिनके संबंध में -

(1) पद स्वीकृत हों, (2) नियुक्त कर्मी पद की अर्हता रखता हो, (3) पद विज्ञापित किया गया हो,7 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू24द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्ध 25 (4) नियुक्ति हेतु चयन/स्क्रीनिंग समिति का गठन किया गया हो एवं चयन प्रक्रिया अपनायी गयी हो,

(5) नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा की गई होे, (6) आरक्षण के सिद्धांत का अनुपालन किया गया हो। जिन संविदा नियोजन के संदर्भ में उपर्युक्त शर्तों का अनुपालन नहीं किया गया है, वे अवैध नियुक्तियाँ कहलायेंगी।

(6) संबंधित विभाग/प्राधिकार/निगम/सोसाईटी ऐसे नियोजन के लिए चयन हेतु एक चयन समिति का गठन करेगा। चयन समिति द्वारा चयनित/अनुशंसित पैनल से ही ऐसा संविदा नियोजन किया जा सकेगा। चयन समिति में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य का होना अनिवार्य होगा।

(7) संविदा नियोजन की अवधि समाप्त होने के पूर्व उभय पक्षों द्वारा एक माह की पूर्व सूचना देकर/एक माह की संविदा राशि एकमुश्त देकर समाप्त की जा सकेगी।

(8) संविदा नियोजित कर्मियों को भी नियमित सरकारी सेवकों की भाँति प्रत्येक वर्ष, 31 दिसम्बर से 28/29 फरवरी के बीच, सरकार द्वारा नियमित सरकारी सेवकों के लिए निर्धारित विहित प्रपत्र में ही अपनी आस्तियों एवं दायित्वों का विवरण अपने संबंधित नियोक्ता को समर्पित करना होगा। (9) किसी विभाग/प्राधिकार/निगम/सोसाईटी के अन्तर्गत किसी पद पर संविदा नियोजित कर्मियों को अनुमान्य सुविधाओं के संदर्भ में शंका की स्थिति में सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक- 12534 दिनांक-17.09.2018 (समय-समय पर यथासंशोधित) में लिये गये निर्णय के आलोक में शंका का समाधान किया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में सामान्य प्रशासन विभाग के परामर्श से विभाग द्वारा अन्तिम निर्णय लिया जा सकेगा।

परन्तु यह भी कि एतदर्थ सभी प्रशासी विभाग/प्राधिकार/निगम/सोसाईटी द्वारा सक्षम परन्तु यह भी कि एतदर्थ सभी प्रशासी विभाग/प्राधिकार/निगम/सोसाईटी द्वारा सक्षम परन्तु यह भी कि एतदर्थ सभी प्रशासी विभाग/प्राधिकार/निगम/सोसाईटी द्वारा सक्षम परन्तु यह भी कि एतदर्थ सभी प्रशासी विभाग/प्राधिकार/निगम/सोसाईटी द्वारा सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन से संविदा नियोजन का संशोधित आदेश निर्गत किया जाना होगा प्राधिकार के अनुमोदन से संविदा नियोजन का संशोधित आदेश निर्गत किया जाना होगा तथा नया तथा नया तथा नया तथा नया प्राधिकार के अनुमोदन से संविदा नियोजन का संशोधित आदेश निर्गत किया जाना होगा प्राधिकार के अनुमोदन से संविदा नियोजन का संशोधित आदेश निर्गत किया जाना होगा एकरारनामा सम्पन्न किया जाना होगा। एकरारनामा सम्पन्न किया जाना होगा। एकरारनामा सम्पन्न किया जाना होगा। एकरारनामा सम्पन्न किया जाना होगा।

आदेशआदेशआदेशआदेश :-ः-ः-ः- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रतियाँ सभी विभाग/विभागाध्यक्ष/बिहार लोक सेवा आयोग/बिहार कर्मचारी चयन आयोग/सभी प्रमंडलीय आयुक्त/सभी जिला पदाधिकारी को भेजी जाय।

बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेष सेराज्यपाल के आदेष सेराज्यपाल के आदेष सेराज्यपाल के आदेष से गुफरान अहमदगुफरान अहमदगुफरान अहमदगुफरान अहमद,,,, सरकार के उप सचिवसरकार के उप सचिवसरकार के उप सचिवसरकार के उप सचिव।।।।;बपकरू4द्ध ;बपकरू24द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्ध 8

परिषिष्ट-1

संविदा के आधार पर नियोजन हेतु एकरारनामा

(सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक- ............................. दिनांक- ................................ के अधीन) यह एकरारनामा.......................................................... विभाग, बिहार सरकार, पटना, एवं चयनित/नियोजित होनेवाले श्री.............................................................. के बीच निम्नलिखित शर्तों के साथ की जा रही है-

1. यह नियोजन केवल........................................ (पद का नाम) के लिए किया जायेगा। 2. यह नियोजन सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक- ...................... दिनांक- ......................... में निहित प्रक्रिया, मार्गदर्शक सिद्धान्त तथा अनुमान्य सुविधाओं के अधीन संविदा के आधार पर किया जायेगा। 3. संविदा के आधार पर नियोजित श्री................................................................................... को रु0...................................... (..................................................रुपये) एकमुष्त पारिश्रमिक के रूप में देय होगा एवं इसके अतिरिक्त अन्य कोई राषि या भत्ता देय नहीं होगा।

4. इस नियोजन के आधार पर सरकारी सेवकों को देय कोई अन्य सुविधा अनुमान्य नहीं होगी। 5. इस नियोजन के आधार पर भविष्य में नियमित, अस्थायी या स्थायी नियुक्ति हेतु अथवा अन्यथा कोई दावा अनुमान्य नहीं होगा।

6. संविदा पर नियोजन के उपरांत आवेदक नियोजित स्थान हेतु अपने इच्छानुसार दो विकल्प दे सकते हैं, परन्तु इस संदर्भ में नियुक्ति प्राधिकार का निर्णय अन्तिम होगा। नियुक्ति प्राधिकार आवश्यकतानुसार विकल्प से भिन्न किसी नियोजन स्थल पर भी नियोजित करने का निर्णय ले सकते हैं। 7. नियोजन के पूर्व नियमानुसार स्वास्थ्य प्रमाण पत्र समर्पित करना अनिवार्य होगा। 8. संविदा नियोजित कर्मी को सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक- ........................ दिनांक- ......................

में निर्धारित शर्त्तों के अधीन संतोषजनक कार्य निष्पादन करना होगा।

9. संविदा पर नियोजन के पश्चात्‌ दोनों पक्षों को एकरारनामा की उपर्युक्त शर्तें मान्य होंगी। नियोजित व्यक्ति उपर्युक्त एकरारनामा के किसी भी शर्त का उल्लंघन करेंगे तो एकरारनामा स्वतः समाप्त समझा जायेगा। ( ( ( ( ) ) ) )

( ) ( ) ( ) ( )

विभाग, बिहार, पटना नियोजित व्यक्तिनियोजित व्यक्तिनियोजित व्यक्तिनियोजित व्यक्ति .................................... विभाग, बिहार, पटना .................................... विभाग, बिहार, पटना विभाग, बिहार, पटना .................................... ....................................

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ख्;बपकरू3द्धँ;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू17द्ध;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध

;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ;बपकरू27द्ध;बपकरू12द्ध म;बपकरू31द्ध ;बपकरू17द्धघ् ;बपकरू12द्ध रुख्;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ः़ः;बपकरू3द्ध;द्ध;;बपकरू3द्ध;घ् Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 25 January 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2021-01-25.67/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2021-01-25.67.