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सं॰ 14/विविध -25/2020-74(14) स्वा॰ स्वास्थ्य विभाग ——— संकल्प 12 जनवरी 2021 विषय ः- सुशासन के कार्यक्रम (2020-2025) के अन्तर्गत आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 (2020-2025) में शामिल ''सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा'' अन्तर्गत हृदय में छेद के साथ जन्में बच्चों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था हेतु नई योजना ''बाल हृदय योजना'' की स्वीकृति। बच्चों में होने वाले जन्मजात रोगों में हृदय में छेद होना एक गंभीर समस्या/बीमारी है। एक अध्ययन के अनुसार जन्म लेने वाले 1000 बच्चों में से 9 बच्चे जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) से ग्रसित होते हैं, जिनमें से लगभग 25 प्रतिशत नवजात बच्चों को प्रथम वर्ष में शल्य क्रिया की आवश्यकता रहती है। 2. उक्त परिप्रेक्ष्य में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, पटना के संकल्प संख्या-955, दिनांक-15.12.2020 द्वारा सुशासन के कार्यक्रम 2020-2025 के अन्तर्गत आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 (2020-2025) के तहत हृदय में छेद के साथ जन्मे बच्चों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु नई योजना ''बाल हृदय योजना'' प्रारम्भ करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है।
3. वर्तमान में, राज्य में हृदय में छेद के साथ जन्में बच्चों की जाँच (Screening), पहचान (identification) एवं उपचार की संस्थागत व्यवस्था का अभाव है। अतः ''बाल हृदय योजना'' के संचालन हेतु राज्य सरकार के संस्थान ''इन्दिरा गाँधी हृदय रोग संस्थान, पटना (IGIC, पटना) एवं राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित स्वशासी संस्थान ''इन्दिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना'' (IGIMS, पटना) को समर्पित अस्पताल (dedicated hospital) के रूप में चिन्हित किया गया है। राज्य सरकार इन अस्पतालों को, मानव संसाधन सहित, आवश्यक अन्य संसाधनों के साथ सुदृढ़ करेगी। ये संस्थान राज्य के बच्चों, विशेषकर नवजात बच्चों, में हृदय रोग की निःशुल्क जाँच (screening), पहचान (identification) एवं उपचार (treatment) की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। 2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू24द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्ध;बपकरू31द्ध जायेगा। ऐसे अस्पतालों में चिकित्सा हेतु जाने वाले चिन्हित बाल हृदय रोगियों एवं उनके परिचर के आने जाने के लिये परिवहन भाड़े के व्यय का वहन, राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा।
5. प्रशान्ति मेडिकल सर्विसेज एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन, राजकोट एवं अहमदाबाद एक चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल है जिनका मध्य प्रदेश, ओड़िसा एवं राजस्थान सरकार के साथ एम0ओ0यू0 सम्पादित है। यह संस्था बाल हृदय रोगियों की पहचान करते हुये मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराती है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्रशान्ति मेडिकल सर्विसेज एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन, राजकोट एवं अहमदाबाद के साथ एम0ओ0यू0 संपादित किया जायेगा।
6. राज्य के बाहर के चिन्हित चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल/निजी अस्पताल में चिकित्सा हेतु आने जाने के लिए परिवहन भाड़े के रूप में बाल हृदय रोगी के लिये रूपये 5,000/- एवं परिचर के लिये रूपये 5,000/-''मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष'' से उपलब्ध कराया जायेगा।
7. राज्य के बाहर के संस्थान की अवस्थिति एवं अन्य कारणों से उपरोक्त दर का पुनर्निधारण स्वास्थ्य विभाग द्वारा विा विभाग की सहमति से किया जा सकेगा।
8. यह योजना दिनांक-01.04.2021 के प्रभाव से लागू होगा।
आदेश ः आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के आगामी असाधारण अंक में
सर्वसाधारण के जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
राम ईश्वर,
सरकार के संयुक्त सचिव।
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