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सं॰ 08/आरोप-01-48/2016-576/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 11113333 जनवरीजनवरीजनवरीजनवरी 2022022022021111
श्री वीरेन्द्र कुमार, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-896/2011 तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, डिहरी के विरूद्ध हाई मास्ट लाईट, स्ट्रीट लाईट, गेट्स, ओवरहेड साईन की निविदा निष्पादन एवं क्रय में अनियमितता बरतने से संबंधित आरोपो के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-1085 दिनांक 21.02.2018 द्वारा आरोप पत्र अनुशासनिक कार्रवाई हेतु उपलब्ध कराया गया।
2. उक्त के आधार पर विभागीय स्तर पर पुनर्गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 4650 दिनांक 09.04.2018 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री कुमार का स्पष्टीकरण (दिनांक 18.08.2019) प्राप्त हुआ। श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 13014 दिनांक 19.09.2019 द्वारा नगर विकास एवं आवास विभाग से मंतव्य की मांग की गयी, जो स्मारोपरांत अप्राप्त रहा।
3. श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप पत्र एवं उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गई। सम्यक विचारोपरांत पाया गया कि श्री कुमार ने अपने स्पष्टीकरण में मुख्य रूप से हाई मास्ट लाईट, स्ट्रीट लाईट, गेट्स, ओवरहेड साईन की निविदा निष्पादन एवं क्रय में बिहार वित्त (संशोधन) नियमावली-2005 के प्रावधानों का अक्षरशः पालन किये जाने का उल्लेख किया है, जबकि श्री कुमार द्वारा निविदा सूचना को स्वयं प्रकाशित कराकर खानापूर्ति हेतु सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग को भेजा गया तथा जानबूझकर निविदा सूचना का प्रकाशन 10 दिनों बाद वेबसाईट पर अपलोड कराया गया, जिसके कारण निविदादाताओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिला तथा प्रतिस्पर्द्धी दर प्राप्त नहीं हो सकी। इस प्रकार श्री कुमार का यह —त्य बिहार वित्त (संशोधन) नियमावली-2005 में विहित प्रावधानों एवं सरकार के निदेशों का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है। अतः अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा मामले की विस्तृत जांच की आवश्यकता पायी गयी। 2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू23द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू25द्ध;बपकरू30द्ध 5. श्री कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक
में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
मो0 सिराजुद्दीन अंसारी,
सरकार के अवर सचिव।
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