निबंधन संख्या पी0टी0-40 बिहार गजट
बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-8 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। ---
भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण।
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भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची पृष्ठ
पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---
भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। ---
पूरक
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पूरक-क 9-132 बिहार गजट, 3 Qjojh 2021 भाग-1 नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं।
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बिहार विधन सभा सचिवालय
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अध्सिूचनाएं
11 जनवरी 2021
सं0 कृउविस-01/2020-36/विस।--सर्वसाधरण की जानकारी के लिए यह प्रकाशित किया जाता है कि अध्सिूचना संख्या-1742, दिनांक 14 दिसम्बर, 2020 के क्रम में श्रीमती बीमा भारती, सविस, क्षेत्रा संख्या-60, रुपौली को वर्ष 2020-21 ;31 मार्च, 2021द्ध के लिए गठित कृषि उद्योग विकास समिति की शेष अवध् ि के लिए सदस्य मनोनीत किया जाता है ।
अध्सिूचना निर्गत होने की तिथि से माननीय सदस्या श्रीमती बीमा भारती, महिला एवं बाल विकास समिति के सदस्य नहीं रहेंगी ।
अध्यक्ष, बिहार विधन-सभा के आदेश से,
राज कुमार सिंह, सचिव।
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12 जनवरी 2021
सं0 2 स्था-251/20-126/विस।--श्री आजाद कुमार, वरीय प्रतिवेदक, बिहार विधन सभा सचिवालय पटना को महालेखाकार, लेखा एवं हकदारी, का कार्यालय बिहार, पटना से प्राप्त पत्राांक-LR : 271020201201093 के आलोक में बिहार सेवा संहिता के नियम 230 एवं 248 ;कद्ध के तहत दिनांक-09.11.2020 से 18.12.2020 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है । उक्त संहिता के नियम 159 के तहत दिनांक-19.12.2020 एवं 20.12.2020 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति दी जाती है । इनके उपार्जित अवकाश कोष में शेष 260 दिनों का छुट्टी संग्रहित है ।
आदेश से,
विमलेन्दु भूषण कुमार, अवर सचिव।
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12 जनवरी 2021
सं0 साप्रस-01/2020-288/विस।--सर्वसाधरण की जानकारी के लिए यह प्रकाशित किया जाता है कि माननीय अध्यक्ष, बिहार विधन सभा ने बिहार विधन सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-290 के अध्ीन वर्ष 2020-21 की शेष अवध् िके लिए सामान्य प्रयोजन समिति का गठन निम्न प्रकार किया है :-
3 बिहार गजट, 3 Qjojh 2021माननीय अध्यक्ष, बिहार विधन सभा इस समिति के सभापति एवं सभा सचिव इसके सचिव होंगे । समिति का कार्यकाल अध्सिूचना निर्गत होने की तिथि से 31 मार्च, 2021 तक होगा ।
अध्यक्ष, बिहार विधन-सभा के आदेश से,
राज कुमार सिंह, सचिव।
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21 जनवरी 2021
सं0 2 स्था-402/2020-213/विस।--श्री राहुल कुमार यादव, प्रतिवेदक, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना को वित्त ;वैदानिकोद्ध विभाग, बिहार पटना से प्राप्त पत्राांक-89;22द्ध, दिनांक 06.01.2021 के आलोक में बिहार सेवा संहिता के नियम 230 एवं 248 ;कद्ध के तहत दिनांक 27.10.2020 से दिनांक 29.10.2020 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है । उक्त संहिता के नियम 159 के तहत दिनांक 30.10.2020 से 01.11.2020 तक सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति दी जाती है । इनके उपार्जित अवकाश कोष में शेष 08 दिनों का छुट्टी संग्रहित है ।
आदेश से,
विमलेन्दु भूषण कुमार, अवर सचिव।
------ मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ------ अधिसूचना 21 जनवरी 2021 सं0 8/आ0 (मु0राज0उ0)-4-02/2020-230/अनु0--श्री अश्विनी कुमार, तत्कालीन अधीक्षक मद्यनिषेध सम्प्रति निलंबित को सी0डब्लू0जे0सी0 सं0-24500/2019 (अश्विनी कुमार बनाम बिहार राज्य सरकार एवं अन्य) में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक-21.12.2020 को पारित न्यायादेश के आलोक में निलंबन से मुक्त किया जाता है। 2. निलम्बन अवधि का बकाया वेतनादि का भुगतान विभागीय कार्यवाही के फलाफल पर निर्भर करेगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेश से,
विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
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वाणिज्य-कर विभाग
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अधिसूचना
29 जनवरी 2021
सं0 6/गो॰-34-05/2016(खण्ड-1)-243--वाणिज्य-कर विभाग के निम्नलिखित पदाधिकारियों को उनके नाम के समक्ष स्तम्भ-4 में अंकित पद एवं स्थान पर दिनांक 31 मार्च, 2021 तक प्रतिनियुक्त किया जाता है :-
| क्रमांक | पदाधिकारी का नाम/ पदनाम | ग ह जिला ृ | प तिनियुक्त कार्यालय का ्र नाम |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | श्री कृष्ण कुमार, राज्य-कर उपायुक्त, मुख्यालय, बिहार, पटना। | गया | राज्य-कर उपायुक्त, पटना विषेष अंचल, पटना। |
| 2 | श्री अमित अंकित, राज्य-कर सहायक आयुक्त, मुख्यालय, बिहार, पटना। | ब गुसराय े | राज्य-कर सहायक आयुक्त, पटना विषेष अ चल, पटना। ं |
2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। 3. उपर्युक्त प्रतिनियुक्त पदाधिकारी प्रतिनियुक्ति कार्यालय में तत्काल प्रभाव से प्रभार ग्रहण कर वाणिज्य-कर विभाग, मुख्यालय, बिहार, पटना को सूचित करेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अरूण कुमार मिश्रा, विशेष सचिव।4 बिहार गजट, 3 Qjojh 2021
सामान्य प्रशासन विभाग
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अधिसूचना
27 जनवरी 2021
सं0 7/शक्ति प्र0-13-01/2020 सा0प्र0-1114--दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (ऐक्ट 2, 1974) की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियाें का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल निम्नांकित अनुसूची के स्तम्भ-2 में उल्लेखित कार्मिक को उनके नाम के सम्मुख स्तम्भाें में अंकित विवरण के अनुसार दण्डाधिकारी नियुक्त करते हैं और निदेश देते हैं कि उक्त कार्मिक भागलपुर जिला में दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (ऐक्ट 2, 1974) की संगत धारा के अंतर्गत दण्डाधिकारी की प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे।
| क्र0 स0 | कार्मिक का नाम एवं पद नाम | द0प्र0सं0 1973 की धारा, जिसके तहत शक्ति प्रदान की गयी है | तिथि/अवधि | प्रयोजन | दण्डाधिकारी (विशेष कार्यपालक/ कार्यपालक) | जिला का नाम |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 1 | जिलाधिकारी, भागलपुर क े पत्रांक-10 दिनांक 08.01.2021 के साथ संलग्न सूची में अंकित कार्मिक। | द0प्र0सं0 1973 की धारा-21 | 31.12.2021 तक | विधि व्यवस्था | विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी | भागलपुर |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शालिग्राम पाण्डेय, अवर सचिव (प्र0)।
------- वित्त विभाग ------ अधिसूचना 28 जनवरी 2021 सं0 01/स्था0(ले0से0)-06/2020-773/वि॰--बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन संख्या-03/2015 के अधीन प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर बिहार लेखा सेवा के अन्तर्गत लेखा पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति हेतु कुल-11 नये सफल घोषित संशोधित अनुसंशित अभ्यर्थियों में से कुल-08 (आठ) लेखा पदाधिकारियों को विभागीय अधिसूचना संख्या-4641 दिनांक 11.09.2020 द्वारा औपबंधिक रूप से लेखा पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति की गयी, जिसके आलोक में 08 (आठ) लेखा पदाधिकारियेां द्वारा योगदान समर्पित किया गया। इन 08 (आठ) परीक्ष्यमान लेखा पदाधिकारियों को औपबंधिक रूप से अपुनरीक्षित पे बैण्ड 9300-34,800/-ग्रेड पे 4800/-(अपुनरीक्षित पे मैट्रिक्स लेवल-09) ( 53,100-1,67,800/-) में स्तंभ-4 में अंकित योगदान की तिथि से योगदान स्वीकृत करते हुए कोषागार में दो माह का, जिला भविष्य निधि कार्यालय में एक माह का एवं जिला लेखा कार्यालय में एक माह का प्रशिक्षण हेतु उनके नाम के सामने अंकित विभाग/कार्यालय में अगले आदेश तक निम्नरूपेण पदस्थापित किया जाता हैः-
| क्र॰ | नाम/गृह जिला/ मेघा क्रमांक | आरक्षण कोटि | योगदान की तिथि | पदनाम/पदस्थापन स्थान | प्रशिक्षण हेतु संबद्ध कोषागार |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 1 | श्री चितरंजन प्रभाकर, जहानाबाद/154 | 02 | 14.09.2020 | सहायक कोषागार पदाधिकारी, सिंचाई भवन, पटना | सिंचाई भवन कोषागार, पटना। |
| 2 | श्री मनोज कुमार वर्मा, औरंगाबाद/159 | 02 | 15.09.2020 | सहायक कोषागार पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम | रोहतास, सासाराम |
| 3 | श्री नागेन्द्र राय, मुजफ्फरपुर/116 | 04 | 14.09.2020 | सहायक कोषागार पदाधिकारी, मोतिहारी | मोतिहारी कोषागार |
| 4 | मो० सलीम अंंसारी, पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी)/122 | 04 | 25.09.2020 | सहायक कोषागार पदाधिकारी, गया | गया कोषागार |
| 5 | श्री शशिकांत विधार्थी,पटना/124 | 04 | 01.12.2020 | सहायक कोषागार पदाधिकारी, भोजपुर (आरा) | भोजपुर कोषागार |
| 6 | श्री विनोद कुमार, औरंगाबाद/128 | 04 | 01.12.2020 | सहायक कोषागार पदाधिकारी, निर्माण भवन, पटना | निर्माण भवन कोषागार, पटना |
| 7 | श्री पोरेश कुमार दास,पूर्णियां/83 | 05 | 25.09.2020 | सहायक कोषागार पदाधिकारी, कटिहार | कटिहार कोषागार |
| 8 | श्रीमती सुलेखा कुमारी, नालन्दा/114 | 05 | 14.09.2020 | सहायक कोषागार पदाधिकारी, विकास भवन, पटना | विकास भवन कोषागार, पटना |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुनील कुमार यादव, संयुक्त सचिव।
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सहकारिता विभाग
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अधिसूचनाएं
19 जनवरी 2021
सं0 01/रा॰स्था॰स्प॰-01/2021 सह॰-183--श्री विनोद, सचिव, बिहार स्वावलम्बी सहकारी समिति अधिकरण, पटना अपने कार्यों के अतिरिक्त श्रीमती शशिबाला रावल, जिला सहकारिता पदाधिकारी, पटना (अतिरिक्त प्रभार-सहायक निबंधक, स॰स॰, दानापुर, मसौढ़ी, बाढ़, पटना सिटी) के अवकाश/अनुपस्थिति अवधि तक उन्हें आवंटित कार्यों का निष्पादन करेंगे।
2. यह आदेश तत्कालिक प्रभाव से लागू होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ऋचा कमल, उप-सचिव।
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15 दिसम्बर 2020
सं0 1/रा॰स्था॰प्रष॰स्थाना॰-49/2020 सह॰-3112--श्री दिनेष कुमार, उप निबंधक, सहयोग समितियाँ, पटना प्रमंडल, पटना को अपने ही वेतनमान में अपने कार्यों के अतिरिक्त तत्काल प्रभाव से संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियिाँ, मगध प्रमंडल, गया का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सियाराम सिंह, उप-सचिव।
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31 दिसम्बर 2020
सं0 1/रा॰स्था॰प्रष॰स्थाना॰-43/2020 सह॰-3214--श्री श्रीन्द्र नारायण, सहायक निबंधक, स॰स॰, औरंगाबाद को अपने कार्यों के अतिरिक्त जिला सहकारिता पदाधिकारी, औरंगाबाद का अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से अगले आदेष तक दिया जाता है।
2. श्री शषिकान्त शषि, सहायक निबंधक, स॰स॰, गया को अपने कार्यों के अतिरिक्त जिला सहकारिता पदाधिकारी-सह-सहायक निबंधक, स॰स॰, अरवल का अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से अगले आदेष तक दिया जाता है। 3. श्री अमृताष ओझा, सहायक निबंधक, स॰स॰, सोनपुर को अपने कार्यों के अतिरिक्त जिला सहकारिता पदाधिकारी, मधुबनी का अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से अगले आदेष तक दिया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ऋचा कमल, उप-सचिव।
------ गृह विभाग अभियोजन निदेशालय ----- अधिसूचना 15 जनवरी 2021 सं0 अ0नि0 (01) 21/2019/स्था0-131--बिहार अभियोजन सेवा के निम्नांकित सहायक अभियोजन पदाधिकारियों को उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-6 में अंकित तिथि से सहायक अभियोजन पदाधिकारियों के पद पर सेवा सम्पुष्ट किया जाता हैः-6 बिहार गजट, 3 Qjojh 2021
| क्र0 | सहायक अभियोजन पदाधिकारी का नाम | वर्तमान पदस्थापन कार्यालय | जन्म तिथि सेवानिवृति की तिथि | सेवा में नियुक्ति की तिथि | सम्पुष्टि की तिथि |
| 1. | 2. | 3. | 4. | 5. | 6. |
| 1 | श्री कमलेश कुमार | आरा(भोजपुर) | 05.01.1976 31.01.2036 | 08.03.2018 | 06.11.2020 |
| 2 | श्री मनोरंजन कुमार | सुपौल | 04.07.1982 31.07.2042 | 21.06.2018 | 21.06.2020 |
आदेश से,
सुधांशु कुमार चौबे, उप-सचिव।
---- सं0 2/थाना-10-04/2018 गृ0आ0-558 गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ------
सेवा में,
महालेखाकार (ले0 एवं ह0)
वीरचन्द पटेल पथ, बिहार, पटना।
द्वाराः- वित्त विभाग
पटना, दिनांक 21 जनवरी 2021 विषयः- गया जिला के शेरघाटी अनुमंडल के डोभी थानान्तर्गत ग्राम बहेरा में ओ0पी0 का सृजन एवं उसके संचालन हेतु कुल 32 (बत्तीस) पदाें के सृजन की स्वीकृति।
आदेशः- स्वीकृत।
गया जिला के शेरघाटी अनुमंडल अन्तर्गत डोभी थाना से लगभग 12 कि0मी0 की दूरी पर ग्राम बहेरा अवस्थित है।यह क्षेत्र पहाड़ों एवं घने जंगलों से घिरा हुआ है एवं झारखंड राज्य की सीमा से सटा हुआ है। विषम भौगोलिक बनावट एवं झारखंड राज्य की सीमा से सटे होने तथा पहाड़ों एवं जंगलों से घिरे होने के साथ ही यह क्षेत्र पूर्ण रूप से नक्सल एवं उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र है। ग्राम बहेरा के पास ही टाटा का एक सोलर प्लांट भी स्थापित है। ग्राम बहेरा में ओ0पी0 का सृजन होने से ग्रामीणों की सुरक्षा एवं उग्रवादियों के विरूद्ध अभियान में लगे सुरक्षा बलों को सहायता मिलेगी। इससे उग्रवादी एवं नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगेगा। अतः विधि-व्यवस्था के संधारण, उग्रवादी गतिविधियों पर नियंत्रण एवं आस-पास के ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ टाटा सोलर प्लांट की सुरक्षा के दृष्टिकोण से ग्राम बहेरा में ओ0पी0 का सृजन किया जा रहा है। 2. उग्रवादी गतिविधियों पर नियंत्रण, विधि-व्यवस्था के संधारण एवं आस-पास के ग्रामीणों की सुरक्षा हेतु गया जिला के शेरघाटी अनुमंडल के डोभी थानान्तर्गत ग्राम बहेरा में ओ0पी0 का सृजन एवं उसके संचालन हेतु कुल 32 (बत्तीस) पदाें के सृजन की स्वीकृति प्रदान की जाती है :-
| क्र0 | पदनाम | वेतन स्तर (Level) | पदों की संख्या |
| 1. | पुलिस अवर निरीक्षक | L-6 | 02 |
| 2. | सहायक अवर निरीक्षक | L-5 | 03 |
| 3. | हवलदार | L-4 | 05 |
| 4. | सिपाही | L-3 | 20 |
| 5. | चालक सिपाही | L-3 | 02 |
| कुल पद | 32 (बत्तीस) |
4. बहेरा ओ0पी0 के सृजन एवं इसके कार्यरत रहने में होनेवाले व्यय की निकासी बजट शीर्ष संख्या-2055-पुलिस-109, जिला पुलिस-0001 जिला कार्यकारी दल एवं विपत्र कोड संख्या 22-2055.00.1090001 के अन्तर्गत उपबंधित राशि से की जायेगी तथा इसके निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी वरीय पुलिस अधीक्षक, गया होंगे। इस राशि की निकासी जिला कोषागार, गया से की जायेगी।
5. बहेरा ओ0पी0 के अन्तर्गत पड़ने वाले पंचायतों एवं ग्रामों की सूची संलग्न है।
(परिशिष्ट-'ख') 6. ओ0पी0 एवं पदों के सृजन में वित्त विभाग की सहमति एवं मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति प्राप्त है।
आदेश से, ईश्वर चन्द्र सिन्हा, विषेष सचिव।
परिशिष्ट-'क'
़ गया जिला के शेरघाटी अनुमंडल के डोभी थानान्तर्गत ग्राम बहेरा में ओ0पी0 का सृजन एवं उसके संचालन हेतु कुल 32 (बत्तीस) पदाें पर होने वाले व्यय का अनुमानित वार्षिक व्यय विवरणी :-
| क्र0 | पदनाम | पदाें की सं0 | मूल वेतन | वार्षिक व्यय | |
| 1 | I. | पुलिस अवर निरीक्षक | 02 | 35400 | 35400X2X12=849600 |
| II. | सहायक अवर निरीक्षक | 03 | 29200 | 29200X3X12=1051200 | |
| III. | हवलदार | 05 | 25500 | 25500 X5X12=1530000 | |
| IV. | सपाही | 20 | 21700 | 21700X20X12=5208000 | |
| V. | चालक सिपाही | 02 | 21700 | 21700X2X12=520800 | |
| कुल | 32 | योग :- 9159600 | |||
| 2. | महंगाई भत्ता-सभी वेतन के योग का 17% | 1557132 | |||
| 3. | चिकित्सा भत्ता-सभी कोटि को 1000 रु0 प्रतिमाह 32X1000X12 | 384000 | |||
| 4. | मकान किराया भत्ता-4% | 366384 | |||
| 5. | राशन मनी भत्ता-पदों के लिए 3000, 32X3000X12 | 1152000 | |||
| 6. | वाहन भत्ता-(I) क्रमांक I एवं II को @ 2500 रु0 प्रतिमाह 2500X5X12 (II) क्रमांक III, IV एवं V को @ 200 रु0 प्रतिमाह 200X27X12 | 150000 64800 | |||
| 7. | वर्दी भत्ता-(I) क्रमांक I एवं II को @ 11000 रु0 वार्षिक - 11000X5 (II) क्रमांक III एवं IV को @ 10000 रु0 वार्षिक- 10000X27 | 55000 270000 | |||
| 8. | चालक भत्ता- @ 1000 रु0 प्रतिमाह 1000X2X12 | 24000 | |||
| कुल योग- | 1,31,82,916 |
आदेश से, ईश्वर चन्द्र सिन्हा, विषेष सचिव।
परिशिष्ट-'ख'
गया जिला के शेरघाटी अनुमंडल के डोभी थानान्तर्गत ग्राम बहेरा में ओ0पी0 के अन्तर्गत पड़ने वाले पंचायतों एवं
| क्र0 | पंचायत का नाम | गाँव का नाम | |
| हिन्दी | अंग्रेजी | ||
| 1 | घोड़ाघाट | 1. कोसमा | 1. Kosma |
| Ghodaghat Belsandi | 2. रानीचक 3. पिण्डराखुर्द 4. मंजरी 5. मालीचक 6. गाढ़ीजाम 7. गोवरडीहा 8. घोड़ाघाट 9. पाठक विगहा 10. धरमपुर 11. तेतरिया 12. खजुरी 13. हरदवन | 2. Ranichak 3. Pindrakhurd 4. Manjari 5. Malichak 6. Gadijam 7. Goverdiha 8. Ghodaghat 9. Pathak Vigha 10. Dharampur 11. Tetaria 12. Khajuri 13. Hardavan | |
| 2 | पचरतन Pachratan Narpa | 1. पचरतन 2. बेला 3. बेलहंडा 4. दोदाकटार 5. बहेरा 6. कोठवारा 7. अमारूत | 1. Pachratan 2. Bela 3. Belhanda 4. Dodakatar 5. Bahera 6. Kothvara 7. Amarut |
| 3 | खरांटी Kharanti 1. किशोरिया | 2. गांगी 3. करण विगहा 4. बरिया 5. मंगरूचक 6. लेम्बोगाढ़ा 7. सुगासोत 8. गाजीचक 9. गोईठा-मिठा 10. खरांटी 11. गम्हरिया 12. इनवोरवा 13. बनवासी 14. मसौन्धा | 1. Kishoria 2. Gangi 3. Karan Vigha 4. Baria 5. Mangruchak 6. Lembogada 7. Sugasot 8. Gajichak 9. Goitha-Mitha 10. Kharanti 11. Gamharia 12. Invorva 13. Banvasi 14. Masaundha |
आदेश से, ईश्वर चन्द्र सिन्हा, विषेष सचिव।
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वाणिज्य-कर विभाग
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प्रभार त्याग प्रतिवेदन
25 जनवरी 2021
सं0 6/प0सृ0-19-01/2019-197--अधोहस्ताक्षरी मैं, अरूण कुमार वर्मा, सेवानिवृत्त वाणिज्य-कर विषेष आयुक्त, सम्प्रति कर विषेषज्ञ, वाणिज्य-कर विभाग, बिहार, पटना अधिसूचना सं॰-124, दिनांक 14.01.2021 के आलोक में सदस्य (लेखा), वाणिज्य-कर न्यायाधिकरण, बिहार, पटना के पद पर प्रभार ग्रहण करने हेतु आज दिनांक 18.01.2021 के पूर्वाहण में कर विषेषज्ञ के पद का प्रभार त्याग करता हूँ।
आदेश से, अरूण कुमार वर्मा, कर विषेषज्ञ। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 40—571+25-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in9 बिहार गजट, 3 Qjojh 2021
बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
—————
सं0 27/आरोप-01-66/2019-सा0प्र0-1030
सामान्य प्रशासन विभाग
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संकल्प
25 जनवरी 2021
श्री मृत्युंजय कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 800/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, बिहार राज्य खाद्य निगम, समस्तीपुर सम्प्रति अपर समार्हाा, आपदा प्रबंधन, पटना के विरूद्ध खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पत्रांक-3131 दिनांक 17.05.2013 एवं पत्रांक-3370 दिनांक 11.06.2014 द्वारा धान अधिप्राप्ति/सी0एम0आर0 में बरती गयी गंभीर अनियमितता, निगम को आर्थिक क्षति पहुंचाने तथा अपने र्काव्यों का निर्वहन नहीं करने के संंबंध में क्रमषः मूल आरोप प्रपत्र 'क' एवं पूरक आरोप विभाग को उपलब्ध कराते हुए विभागीय कार्यवाही की अनुषंसा की गयी।
2 उक्त आरोपों के संदर्भ में श्री कुमार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर बिहार स्टेट फूड एण्ड सिविल सप्लाईज कॉरपोरेषन लिमिटेड, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा प्राप्त मंतव्यों के समीक्षोपरांत प्रतिवेदित आरोप को प्रथम द्रष्टया सही पाया गया।
3 खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-3131 दिनांक 17.05.13 द्वारा प्रमुख प्रशासन, बिहार स्टेट फूड एण्ड सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड के पत्रांक-2408 दिनांक 07.03.13 द्वारा प्रेषित तथा जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर द्वारा गठित श्री मृत्युंजय कुमार, बि.प्र.से., कोटि क्रमांक-800/11, जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम निगम, समस्तीपुर के विरुद्ध साक्ष्यों सहित प्राप्त आरोप पत्र प्रपत्र-'क', आरोपित पदाधिकारी से प्राप्त स्पष्टीकरण तथा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त मंतव्य के समीक्षोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3152 दिनांक 01.03.16 द्वारा श्री कुमार के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें विभागीय जॉंच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया ।
4 श्री कुमार के विरुद्ध वर्ष 2011-12 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, समस्तीपुर के पद पर पदस्थापन अवधि में भेजे गये प्रतिवेदन में विभिन्न राईस मिल में दिनांक 07.06.12 तक उपलब्ध कराये गये धान की अधिप्राप्ति की मात्रा एवं उनके द्वारा आपूर्ति किये गये चावल एवं अवशेष धान की मात्रा दर्शायी गयी है । राईस मिल एवं बेस गोदाम का सत्यापन जिला स्तरीय टीम द्वारा कराया गया ।
5 गठित जॉंच दल द्वारा सत्यापन के क्रम में पाया गया कि स्टॉक पंजी का संधारण अनियमित/नहीं किया गया है। अवशेष धान को सुरक्षित स्थान पर रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी । पर्यवेक्षण का अभाव पाया गया । मिलरों से मिली-भगत एवं मिल मालिकों के यहॉं पड़े धान एवं सी0एम0आर0 की मात्रा में अन्तर पाया गया । दोषी मिल मालिकों पर नीलाम पत्र वाद दायर करने के निदेश के बावजूद अनुपालन नहीं करने, वर्ष 2011-12 में क्रय किये गये धान के विरुद्ध सी0एम0आर0 निगम में जमा नहीं करने, आवंटन के अनुरूप चावल का उठाव नहीं करने, टी0पी0डी0एस0 एवं धान अधिप्राप्ति से संबंधित दैनिक प्रतिवेदन निगम मुख्यालय में ससमय प्रेषित नहीं करने, बिना हस्ताक्षर के प्रतिवेदन मुख्यालय को प्रेषित करने एवं आवंटित मात्रा के विरुद्ध आर0ओ0 का क्रय नहीं करने एवं मनमाने रूप से कार्य करने, बिना पूर्वानुमति जिला प्रबंधक का पद त्याग करने संबंधी आरोप प्रतिवेदित हैं।
6 उक्त के आलोक में संचालन पदाधिकारी-सह-अपर सदस्य, राजस्व पर्षद, बिहार, पटना-सह-अपर विभागीय जॉंच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक-251 दिनांक 07.07.17 द्वारा जॉंच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री कुमार के विरुद्ध प्रतिवेदित आरोपों को प्रमाणित नहीं पाया गया।
7 अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा संचालन पदाधिकारी के जॉंच प्रतिवेदन से असहमति व्यक्त की गयी तथा असहमति के बिन्दु पर श्री कुमार से प्राप्त अभ्यावेदन को समीक्षोपरान्त अस्वीकृत करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6826 दिनांक10 बिहार गजट, 3 Qjojh 2021 23.07.20 द्वारा '(i) निन्दन (वर्ष-2011-12) तथा (ii) दो वेतन वृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोक' का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया गया।
8 उक्त दंडादेश के विरुद्ध श्री कुमार द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया है, जिसमें विस्तृत रूप से वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए उनका मुख्य रूप से कहना है कि सरकार द्वारा निर्गत परिपत्रों में निहित निर्देश एवं बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 में उपबंधित प्रावधानों से स्पष्ट है कि अनुशासनिक प्राधिकार को जॉंच प्राधिकार से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन में दिये गये निष्कर्ष से मतान्तर की अधिकारिता है, परन्तु ऐसी अधिकारिता नैसर्गिक न्याय हेतु प्रतिपादित सिद्धांतों के तहत् पूर्वाग्रह रहित ही उन्हें प्राप्त है अर्थात ऐसे मतान्तर के कारणों को उन्हें यथेष्ट सुसंगत एवं संदेह से परे साक्ष्यों पर आधारित तथ्यों को दर्शाकर ही अभिलिखित किया जाना है । मात्र असहमति के बिन्दुओं को लिख देने से नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों की अपेक्षायें पूरी नहीं हो जाती । कोई भी निष्कर्ष, जो साक्ष्य द्वारा समर्थित या साबित नहीं किया गया हो, उसे संधार्य नहीं माना जा सकता । उनके विरुद्ध अधिरोपित दंडादेश नियम के सर्वथा प्रतिकूल जाकर त्रुटिपूर्ण ढंग से निर्गत किया गया है तथा यह दंडादेश एक पक्षीय रूप से पूर्वाग्रह से ग्रसित है । 9 श्री कुमार द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में लगभग सारे वही तथ्य रखे गये हैं, जो उनके द्वारा असहमति के बिन्दु पर समर्पित अभ्यावेदन में रखे गये थे, जिसके समीक्षोपरान्त ही अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा '(i) निन्दन (वर्ष-2011-12) तथा (ii) दो वेतन वृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोक' का दंड अधिरोपित किया गया है।
10 श्री कुमार के स्पष्टीकरण पर बिहार स्टेट फूड एण्ड सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लि0 द्वारा दिये गये मंतव्य में स्पष्ट रूप से अंकित किया गया है कि निगम के ज्ञापांक-9927 दिनांक 02.11.13 के अनुसार सी.एम.आर. की दर 19031.30 रु0 प्रति मे0 टन है, परन्तु श्री कुमार द्वारा धान के क्रय की दर को दर्शाते हुए निगम को मुनाफा में दिखाया गया है । उक्त के अनुसार श्री कुमार के विरुद्ध लगाये गये आरोप को प्रथम दृष्ट्या प्रमाणित पाया गया है।
11 जिला प्रबंधक, समस्तीपुर के प्रभार प्रतिवेदन 1978 दिनांक 17.05.13 के अनुसार श्री कुमार द्वारा जिला प्रबंधक, समस्तीपुर का प्रभार दिनांक 17.05.13 को श्री मनोज कुमार, बि.प्र.से. को बिना निगम मुख्यालय की पूर्वानुमति के दे दिया गया। उक्त के अनुसार श्री कुमार के विरुद्ध लगाये गये आरोप को प्रथम दृष्ट्या प्रमाणित पाया गया है ।
12 जिला स्तरीय जॉंच दल द्वारा समर्पित जॉंच प्रतिवेदन में अवशेष धान को सुरक्षित स्थान पर नहीं रखने, पर्यवेक्षण का अभाव एवं आवंटन के अनुरूप चावल का उठाव नहीं करने का आरोप प्रतिवेदित है, जिसे श्री कुमार द्वारा स्पष्टीकरण में भी स्वीकार किया गया है ।
13 संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन, श्री कुमार से प्राप्त पुनर्विचार आवेदनों तथा उपलब्ध अभिलेखों की अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर समीक्षा के उपरांत यह स्पष्ट हुआ है कि उनके द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी में किसी नये तथ्य का उल्लेख नहीं किया गया है अथवा कोई ऐसा तथ्य/साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है जो विचारणीय हो।
14 अतएव उपुर्यक्त वर्णित तथ्याें के आलोक में सम्यक् विचारोपरांत श्री मृत्युंजय कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 800/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, बिहार राज्य खाद्य निगम, समस्तीपुर सम्प्रति अपर समार्हाा, आपदा प्रबंधन, पटना के पुनर्विचार आवेदनों को अस्वीकृत करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6826 दिनांक 23.07.2020 द्वारा अधिरोपित दंड यथा '(i) निन्दन (वर्ष-2011-12) तथा (ii) दो वेतन वृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोक' की शास्ति को यथावत रखा जाता है। आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, जय शंकर प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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सं0 27/आरोप-01-52/2020-सा0प्र0-1078
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संकल्प
25 जनवरी 2021
मो0 खुर्शीद आलम अंसारी, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 670/11, जिला परिवहन पदाधिकारी, गया के विरूद्ध परिवहन विभाग के पत्रांक-2503 दिनांक 11.04.2018 द्वारा आरोप पत्र (प्रपत्र-'क') इस विभाग को उपलब्ध कराया गया। मो0 अंसारी के विरूद्ध राजस्व संग्रहण में शिथिलता बरतने, विभागीय निदेशों का अनुपालन नहीं करने एवं प्रतिवेदन समर्पित नहीं करने इत्यादि से संबंधित आरोप प्रतिवेदित किया गया।
2. प्रतिवेदित आरोप के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त कर मो0 अंसारी से स्पष्टीकरण की मांग की गयी।
3. मो0 अंसारी से प्राप्त स्पष्टीकरण तथा मो0 अंसारी के स्पष्टीकरण पर परिवहन विभाग से प्राप्त मंतव्य के समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-17022 दिनांक 27.12.2018 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
4. आयुक्त के सचिव, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर के पत्रांक-2242 दिनांक 15.04.2019 द्वारा जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें मो0 अंसारी के विरूद्ध प्रतिवेदित कुल दस आरोपों को प्रमाणित नहीं पाया गया।
5. समीक्षोपरांत विभागीय पत्रांक-9157 दिनांक 09.07.2019 द्वारा आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर को जांच प्रतिवेदन मूल रूप में लौटाते हुए पुनः आगे जांच कर तथ्यात्मक एवं विश्लेषणात्मक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने11 बिहार गजट, 3 Qjojh 2021 का अनुरोध किया गया तथा विभागीय पत्रांक-9102 दिनांक 09.07.2019 द्वारा सचिव, परिवहन विभाग, बिहार, पटना से प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी द्वारा आरोपों को प्रमाणित करने हेतु विभागीय पक्ष को तार्किक ढंग से पेश नहीं करने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी, मुंगेर के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई कर इस विभाग को सूचित करने का अनुरोध किया गया। 6. आयुक्त के सचिव, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर के पत्रांक-2378 दिनांक 12.09.2020 द्वारा पुनर्जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें भी मो0 अंसारी के विरूद्ध प्रतिवेदित कुल दस आरोपों में से किसी भी आरोप को प्रमाणित नहीं पाया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा निम्न निष्कर्ष दिया गया है कि :-
मो0 खुर्शीद आलम अंसारी के विरूद्ध लगाये गये सभी आरोपों के समीक्षोपरांत यह प्रतीत होता है कि उनके द्वारा जिला के अन्य पदभारों के दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ अपने पदभार के दायित्वों का भी पालन यथासंभव किया गया है। जहाँ तक विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति का संबंध है, उसमें संभवतः प्रयास कर और बेहतर परिणाम परिलक्षित होते, यदि लक्ष्य को अपर जिला परिवहन पदाधिकारी, गया के विगत दो वर्षो से रिक्त पद हेतु निर्धारित लक्ष्य के साथ सम्मिलित नहीं किया जाता। इसके अतिरिक्त मो0 अंसारी के विरूद्ध लगाये गये सभी आरोपों में उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा कोई भी नया तथ्य अथवा साक्ष्य उपस्थापित नहीं किया जा सका है, जिससे उनपर लगे आरोपों को प्रमाणित माना जा सके। 7 मो0 अंसारी के दिनांक 31.07.2019 को सेवानिवृत हो जाने के फलस्वरूप विभागीय संकल्प ज्ञापांक-10287 दिनांक 27.10.2020 द्वारा उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेेंशन नियमावली के नियम-43(बी) के प्रावधानों के तहत सम्परिवर्तित किया गया।
8 मो0 अंसारी के विरूद्ध प्रतिवेदित मुख्य आरोप राजस्व गबन की संभावना तथा व्ळत्।ै प्रणाली लागू होने के बाद भी राशि सीधे बैंक में जमा नहीं करने से संबंधित है, जिसे संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित नहीं पाया गया है तथा अन्य आरोप राजस्व वसूली का लक्ष्य प्राप्त नहीं करने, र्काव्यों का निर्वहन नहीं करने, विभागीय आदेशों/निदेशों की अवहेलना करने, कार्य में अभिरूचि नहीं लेने, कार्य निष्पादन में शिथिलता बरतने तथा उच्चाधिकारियों द्वारा दिये गये निदेशों की अवहेलना करने से संबंधित है, जिसे भी संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित नहीं पाया गया है।
9 उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में परिवहन विभाग से प्राप्त आरोप, मो. अंसारी से प्राप्त स्पष्टीकरण, मो0 अंसारी के स्पष्टीकरण पर परिवहन विभाग से प्राप्त मंतव्य एवं आयुक्त के सचिव, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर द्वारा प्राप्त पुनर्जांच प्रतिवेदन की सम्य्क समीक्षा की गयी। चुंकि मो0 अंसारी दिनांक 31.07.2019 को सेवानिवृत हो चुके हैं तथा उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोपों को प्रमाणित नहीं पाया गया है एवं पुनर्जांच में भी किसी भी आरोप को प्रमाणित नहीं पाया गया है, अतः संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच/पुनर्जांच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोपों को प्रमाणित नहीं पाये जाने के आलोक में मो0 अंसारी के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त करने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया।
10. अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार मो0 खुर्शीद आलम अंसारी, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 670/11, जिला परिवहन पदाधिकारी, गया सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है। आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, जय शंकर प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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सं0 27/आरोप-01-03/2020-सा0प्र0-1079
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संकल्प
25 जनवरी 2021
मो0 कामिल अख्तर, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 833/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, डगरूआ के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, पूर्णियॉँ के पत्रांक-1100 दिनांक 02.08.17 द्वारा आरोप पत्र प्रपत्र-'क' प्राप्त हुआ। मो0 अख्तर के विरुद्ध वित्तीय वर्ष 2003-04 में डगरूआ प्रखंड के बभनी पंचायत अन्तर्गत दो लाभुकों को भूमि का भू-अभिलेखों से बिना सत्यापन कराये ही इंदिरा आवास योजना का लाभ देकर सड़क की जमीन में इंदिरा आवास बनवा देने का आरोप प्रतिवेदित किया गया।
2. प्रतिवेदित आरोप के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया।
3. उक्त के आलोक में मो0 अख्तर द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण तथा मो0 अख्तर के स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, पूर्णियॉँ से प्राप्त मंतव्य के समीक्षोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक-15856 दिनांक 05.12.18 द्वारा उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, पूर्णियॉँ प्रमंडल, पूर्णियॉँ को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 4. आयुक्त, पूर्णियॉँ प्रमंडल, पूर्णियॉँ के पत्रांक-3841 दिनांक 17.12.19 द्वारा जॉंच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें संचालन पदाधिकारी का मंतव्य निम्नवत् है :-
12बिहार गजट, 3 Qjojh 2021 "............आरोप साक्ष्य समर्थित नहीं । आरोपी पदाधिकारी द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण संतोषप्रद है । उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा कोई ऐसा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिससे आरोपी के विरुद्ध आरोप प्रपत्र-'क' में गठित आरोप प्रमाणित हो सके ।
इस प्रकार पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोप प्रमाणित नहीं होता है । फिर भी लाभार्थियों को इंदिरा आवास योजना का लाभ स्वीकृत किये जाने के पूर्व आरोपी पदाधिकारी को अभिलेख में वर्णित भूमि का स्वयं भौतिक सत्यापन किया जाना चाहिए था ।
5. विभागीय पत्रांक-2683 दिनांक 19.02.20 द्वारा मो0 अख्तर से संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉंच प्रतिवेदन के आलोक में बचाव बयान/अभ्यावेदन की मॉंग की गयी ।
6. मो0 अख्तर द्वारा बचाव बयान/अभ्यावेदन इस विभाग समर्पित किया गया है, जिसमें उनका मुख्य रूप से कहना है कि जांच पदाधिकारी की यह टिप्पणी कि फिर भी लाभार्थियों को इंदिरा आवास योजना का लाभ स्वीकृत किये जाने के पूर्व आरोपी पदाधिकारी को अभिलेख में वर्णित भूमि का स्वयं भौतिक सत्यापन किया जाना चाहिए था, एक परिकल्पना से ज्यादा कुछ नहीं प्रतीत होता है, क्योंकि अगर यह आरोप का विषय होता, तो आरोप पत्र में इसका अवश्य उल्लेख किया जाना था तथा जॉंच के क्रम में संचालन पदाधिकारी द्वारा अपना पक्ष रखने के लिए कहा जाता। ऐसा कुछ नहीं कर जॉंच पदाधिकारी द्वारा एक Non Issue को उठाया गया है, जो युक्तिसंगत प्रतीत नहीं होता है। इंदिरा आवास योजना के क्रियान्वयन में ऐसा कोई नियमादि नहीं है, जिसमें इस बात का प्रावधान किया गया है कि इंदिरा आवास योजना का लाभ स्वीकृत करने के पूर्व अभिलेख में वर्णित भूमि का भौतिक सत्यापन किया जायेगा। प्रखंड में लगभग 1200 इंदिरा आवास निर्माण का वार्षिक लक्ष्य था। सारी प्रक्रिया 1-2 महीने के अन्दर पूरी करनी थी । प्रखंड विकास पदाधिकारी चाहकर भी इतनी बड़ी संख्या में लाभुकों को इंदिरा आवास योजना की राशि भुगतान करने के पूर्व अभिलेख में अंकित भूमि का स्वयं भौतिक सत्यापन नहीं कर सकता था। यह और भी नामुमकिन है, जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी कोई तकनीकी व्यक्ति नहीं होते हैं । इनके अधीन कोई राजस्व कर्मचारी और अमीन भी नहीं होते हैं। एक नन-टेक्नीकल व्यक्ति किसी स्थल को देखकर यह नहीं बता सकेगा कि इसका खाता-खेसरा आदि वही है, जो बताया गया था या उससे भिन्न है। सामान्य स्थिति में स्थापित प्रक्रिया के तहत् लाभुक द्वारा समर्पित भूमि का अभिलेखीय सत्यापनोपरान्त मार्गदर्शिका के अनुरूप लाभुकों से एकरारनामा लेकर उन्हें इंदिरा आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त की राशि आवंटित की गयी थी और संबंधित पंचायत सेवक एवं प्रखंड निरीक्षक की देखरेख में इंदिरा आवास का निर्माण कार्य किया गया था और उनकी अनुशंसा/प्रतिवेदन पर भुगतान की कार्रवाई की गयी थी। एकरारनामा में जमीन की विवरणी के साथ कुल 6 बिन्दु होते थे । अंतिम बिन्दु में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि गलत पाये जाने पर लाभुक उचित कानूनी कार्रवाई का भागी होगा और इस मद में ली गयी राशि भी वापस करेगा । उस समय कोई विवाद नहीं था उनके द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी की हैसियत से इंदिरा आवास योजना के क्रियान्वयन में इंदिरा आवास योजना की मार्गदर्शिका/नियमावली आदि का अक्षरशः पालन किया गया है । स्थापित प्रक्रिया के तहत् कार्य करते हुए अपने दायित्व के निर्वहन में किसी भी नियमादि का उल्लंघन नहीं किया गया है ।
7. इंदिरा आवास योजना की राशि स्वीकृत/भुगतान किये जाने के पूर्व संबंधित भूमि का भू-अभिलेख से सत्यापन कराया जाना तथा यथासंभव भूमि का भौतिक निरीक्षण किया जाना, योजना का लाभ स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी का भी दायित्व बनता है । यदि इसमें किसी तरह की कोई गड़बड़ी/अनियमितता पायी जाती है तो वे इसके दायित्व से बरी नहीं हो सकते हैं । मो0 अख्तर द्वारा बचाव बयान में इस बात का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है कि लाभुकों को जिस भूमि पर इंदिरा आवास के लिए राशि का भुगतान किया गया, वह जमीन सरकारी नहीं थी । सड़क की जमीन पर आवास निर्माण होने से सरकारी राशि का दुरूपयोग/क्षति भी हुई । उनके द्वारा इंदिरा आवास योजना की स्वीकृति के पूर्व समुचित पर्यवेक्षण/निरीक्षण के दायित्व का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया गया ।
8. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में प्रतिवेदित आरोप, मो0 अख्तर द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण, मो0 अख्तर के स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, पूर्णियॉँ से प्राप्त मंतव्य, आयुक्त, पूर्णियॉँ प्रमंडल, पूर्णियॉँ से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं मो0 अख्तर का बचाव बयान/अभ्यावेदन की सम्य्क समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत मो0 अख्तर के बचाव बयान/अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुये तथा प्रतिवेदित आरोपों के लिये उन्हें दोषी मानते हुये बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत ''(i) निदंन (ii) एक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोकने '' का दण्ड देने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया।
9. अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार मो0 कामिल अख्तर, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 833/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, डगरूआ के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत ''(i) निदंन (ii) एक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोकने'' का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, जय शंकर प्रसाद, संयुक्त सचिव।13 बिहार गजट, 3 Qjojh 2021 सं0 08/आरोप-01-27/2019,सा॰प्र॰-606 ------- संकल्प 13 जनवरी 2021 श्री सूरज कुमार सिन्हा, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1198/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, सदर गया के विरूद्ध जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के विरूद्ध जाँच की कार्रवाई के क्रम में अनुचित लाभ लेने हेतु भेद-भाव करने, विक्रेताओं का दोहन कर उनसे अवैध राशि की वसूली करने से संबंधित आरोप पत्र कार्रवाई हेतु प्राप्त हुआ। उक्त के आधार पर विभागीय स्तर पर पुनर्गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-16238 दिनांक 29.11.2019 द्वारा श्री सिन्हा से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। जिसके क्रम में श्री सिन्हा का स्पष्टीकरण (दिनांक 24.12.2019) प्राप्त हुआ। जिसमें उनके द्वारा मुख्य रूप से उल्लेख किया गया है कि परिवादी द्वारा उनपर साजिशन परिवाद तैयार कर आरोप लगाया गया है कि जो कि वास्तविक नहीं है। मेरे द्वारा अनुमंडल में पदस्थापन के पश्चात जन वितरण प्रणाली दुकानों का निरीक्षण करते हुए अनियमितता पाये जाने की स्थिति में कतिपय दुकानों की अनुज्ञप्ति रद्द करने की कार्रवाई की गयी थी। सदर अनुमंडल गया में आपूर्ति व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए चौतरफा कदम उठाये गये। श्री सिन्हा से प्राप्त स्पष्टीकरण की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-1614 दिनांक 31.01. 2020 द्वारा जिला पदाधिकारी, गया से मंतव्य की माँग की गयी, जो स्मारोपरांत अप्राप्त रहा। श्री सिन्हा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप पत्र एवं उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक विचारोपरांत पाया गया कि जिला पदाधिकारी द्वारा श्री सिन्हा के विरूद्ध परिवाद की जाँच अपर समाहर्त्ता से करायी गयी। जाँच में श्री सिन्हा के विरूद्ध अनुचित लाभ हेतु भेद-भाव करने तथा विक्रेताओं का दोहन कर अवैध राशि की वसूली संबंधी आरोप प्रमाणित पाया गया एवं कई जन वितरण प्रणाली प्रतिष्ठानों की जाँच/निरीक्षण के आधार पर श्री सिन्हा द्वारा की गयी कार्रवाई को संदेह के दायरे में पाया गया। फलतः उनके स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए मामले की विस्तृत जाँच कराने की आवश्यकता पायी गयी। अतएव सम्यक विचारोपरांत श्री सूरज कुमार सिन्हा, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1198/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी पदाधिकारी, सदर गया (सम्प्रति अन्य मामले में निलंबित) के विरूद्ध गठित आरोपों की वृहद जाँच बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-17 (2) में विहित रीति से कराने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया है। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना तथा उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी जिला पदाधिकारी, गया द्वारा नामित कोई वरीय पदाधिकारी होंगे। श्री सिन्हा से अपेक्षा की जाती है वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा की संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, अवर सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 40—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in