निबंधन संख्या पी0टी0-40
बिहार गजट
बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-9 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। ---
भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण।
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भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची पृष्ठ
पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---
भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 10-10 पूरक
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पूरक-क 11-132 बिहार गजट, 17 Qjojh 2021 भाग-1 नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं।
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वाणिज्य-कर विभाग
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अधिसूचनाएं
10 फरवरी 2021
सं0 6/अ0 03-19/2019-351--बिहार वित्त सेवा (60-62वीं बैच) के श्री रवि जैन, राज्य-कर सहायक आयुक्त, जमुई अंचल, जमुई का संघ लोक सेवा आयोग, 2019 की सिविल सेवा परीक्षा में अंतिम रूप से चयन होने तथा कार्मिक एवं प्रषिक्षण विभाग, भारत सरकार में योगदान करने के फलस्वरूप उनके त्यागपत्र स्वीकृति से संबंधित प्राप्त आवेदन के आलोक में दिनांक 09.10.2020 के प्रभाव से घटनोत्तर त्याग पत्र स्वीकृत करते हुए उन्हें बिहार वित्त सेवा से विरमित किया जाता है। विरमन के पष्चात भविष्य में इनका बिहार वित्त सेवा के पद पर कोई दावा विचारणीय नही होगा।
2. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अरूण कुमार मिश्रा, विषेष सचिव।
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12 फरवरी 2021
सं0 6/वि॰पत्रा॰ 24-20/2020 बि॰ वि॰ से॰-400--बिहार वित्त सेवा (56वीं से 59वीं बैच) के श्री शशि शेखर सिन्हा, राज्य-कर सहायक आयुक्त, पटना पश्चिमी अंचल, पटना को उनके त्याग पत्र से संबंधित आवेदन के आलोक में त्याग पत्र स्वीकृत करते हुए अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से उन्हे बिहार वित्त सेवा से विधिवत विरमित किया जाता है।
2. विरमन के पश्चात बिहार वित्त सेवा में भविष्य में इनका कोई दावा विचारणीय नहीं होगा। 3. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अरूण कुमार मिश्रा, विषेष सचिव।
------ सहकारिता विभाग ------- अधिसूचना 23 दिसम्बर 2020 सं0. 01/रा॰स्था॰(पदस्थापन)-09/2019 सह॰-3167--श्री कुन्दन लाल, तत्कालीन जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, सहयोग समितियाँ, मुंगेर द्वारा अपने पद से दिनांक 24.04.2019 के पूर्वाह्न से किये गये स्वतः प्रभार त्याग के आलोक में श्री लाल का दिनांक 24.04.2019 के पूर्वाह्न से त्याग पत्र स्वीकृत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सियाराम सिंह, उप सचिव।
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विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग
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अधिसूचना
22 जनवरी 2021
सं॰ वि॰प्रा॰(I)स्था॰-04/2014 (पार्ट)-267--भारत के संविधान के अनुच्छेद-309 के परंतुक के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल एतद् द्वारा बिहार अभियंत्रण शिक्षा सेवा नियमावली, 2020 में संशोधन करने हेतु निम्नलिखित नियमावली बनाते है :-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं आरंभ - (1) यह नियमावली बिहार अभियंत्रण शिक्षा सेवा (संशोधन) नियमावली, 2021 कही जा सकेगी। (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रवृत होगी।3 बिहार गजट, 17 Qjojh 2021 2. बिहार अभियंत्रण शिक्षा सेवा नियमावली, 2020 के परिशिष्ट-1, तालिका-1 के सहायक प्राध्यापक के पद के लिए न्यूनतम अर्हता में मानविकी एवं विज्ञान के बाद निम्नलिखित एक नया खंड जोड़ा जाएगा :-
प्रबंधन
''किसी विषय क्षेत्र में स्नातक डिग्री तथा व्यवसाय प्रशासन/पी0जी0डी0एम0/ सी0ए0/आई0सी0डब्लू0ए0/एम0कॉम में प्रथम श्रेणी अथवा समकक्ष निष्णात डिग्री तथा निष्णात डिग्री प्राप्त करने के उपरान्त दो वर्ष का व्यवसायिक अनुभव।''
3. बिहार अभियंत्रण शिक्षा सेवा नियमावली, 2020 के परिशिष्ट-1, तालिका-2 में ''सहायक प्राध्यापक (मैनेजमेंट)''
| कुल वेटेज-100 | ||||
| संवर्गीय पद | अकादमिक रिकॉर्ड, अनुसंधान निष्पादन (वेटेज-20 अंक) | कार्यक्षेत्र ज्ञान तथा शिक्षण कौशल का लिखित परीक्षा (वस्तुनिष्ठ) द्वारा मूल्यांकन (वेटेज-40 अंक) | साक्षात्कार निष्पादन (वेटेज-15 अंक) | संविदा पर नियोजित सहायक प्राध्यापक के लिए (वेटेज-25 अंक) |
| सहायक प्राध्यापक (मैनेजमेंट) | (a) Maximum 10 (10% of percentage marks obtained in Business Administration/PGDM/C.A/ICWA/ M.Com) (b) Maximum 05 (05% of percentage marks obtained in Bachelor's degree of any discipline) (c) Ph. D -05 अंक | मैनेजमेंट के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) के संबंधित कोर विषय का पाठयक्रम लागू होगा। | विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अधीन संविदा पर नियोजित सहायक प्राध्यापक जो न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता रखते है को 05 अंक प्रतिवर्ष। (अधिकत्तम- 25 अंक) |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, संयुक्त सचिव।
The 22nd January 2021
No. Vi Pra (i) Stha-04/2014 (Part)/267---In exercise of the powers conferred under Article-309 of the Constitution of India, the Governor of Bihar is pleased to make the following Rules to amend the Bihar Engineering Education Service Rules, 2020 :-
1. Short title, extent and commencement.- (1) These Rules may be called The Bihar Engineering Education Service (Amendment) Rules, 2021.
(2) It shall extend to the whole of the State of Bihar.
(3) It shall come into force from the date of publication in the official Gazette.
2. The following new clause shall be added after Science & Humanities in Appendix-1, Table-1, under heading 'Qualification' for the post of Assistant Professor in the Bihar Engineering Education Service Rules, 2020 :-
Management
Bachelor's Degree in any discipline and Master's Degree in Business Administration / PGDM / C. A. / ICWA/ M. Com. with First Class or equivalent and two years of professional experience after acquiring the degree of Master's degree.
3. The following a new clause shall be added in Appendix-1, Table-2 of the Bihar Engineering Education Service Rules, 2020 for weightage scheme for direct appointment to the post of Assistant Professor (Management).
4 बिहार गजट, 17 Qjojh 2021| C adre Post | Total Weightage-100 marks | |||
| Academic Record and Research Performance (weightage-20 marks) | Evaluation of Domain- knowledge and teaching Skill through written examination (Objective) (weightage-40 marks) | Interview (weightage-15 marks) | For Assistant Professor engaged on Contract Basis (weightage- 25marks) | |
| Assistant Professor (Management) | (a) Maximum 10 (10% of percentage marks obtained in Business Administration/PGDM/C. A/ICWA/M.Com) (b) Maximum 05 (05% of percentage marks obtained in Bachelor's degree of any discipline) (c) Ph. D -05 अंक | For Management:- The syllabus of core Subject of National Eligibility Test (NET) conducted by University Grants Commission (UGC) Will be applicable. | Weightage to candidates working on contract basis on the post of Assistant Professor (Management) under Department of Science & Technology and possessing minimum eligibility criteria @ 05 marks per year (maximum- 25 marks) |
By Order of the Governor of Bihar, Sd./Illegible, Joint Secretary.
------- कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------- अधिसूचनाएं 1 फरवरी 2021 सं0 कारा/स्था.(मु0)-03/2016-968--कार्यहित एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से डा. आलोक कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी, उपकारा, रोसड़ा को स्थानान्तरित करते हुए केन्द्रीय कारा, मोतिहारी में पदस्थापित किया जाता है। 2. डा. कुमार पारगमन अवधि का उपभोग किये बिना नव पदस्थापित कारा में अविलम्ब योगदान करना सुनिश्चित करेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक(प्र.)।
------- 1 फरवरी 2021 सं0 कारा/स्था0 (चि0) 01-03/2016-967--डा0 अशोक कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी (नियमित), केन्द्रीय कारा, मोतिहारी द्वारा स्वयं की पत्नी की बीमारी के कारण उनके ईलाज एवं बेहतर देख-भाल हेतु अपनी सेवा स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना को वापस करने का अनुरोध किया गया था।
2. डा0 अशोक कुमार, चिकित्सक (नियमित), केन्द्रीय कारा, मोतिहारी के अनुरोध के आलोक में उनकी सेवा स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना को वापस की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक(प्र.)।
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(cid:356)ामीण कवािस कवभाग
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अधिसूचनाएं
21 जनवरी 2021
सं0 (cid:356)ा0वि0-14(सा0)गो0-02/2019-366501--(cid:373)ी संजय कु मार, (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह- (cid:366)भारी (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, बरौली, गोपालगंज के वि(cid:349)(cid:544) लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान लाभाथि(cid:330)यों (cid:554)ारा5 बिहार गजट, 17 Qjojh 2021 निमि(cid:330)त शौचालय का जियो टैगिंग व (cid:366)ोत्साहन राशि का भुगातन म(cid:336) शिथिलता, योजनाओं म(cid:336) काय(cid:330)(cid:366)गति की उपल(cid:304)(cid:617) नगण्य होने एवं तत्संबंध म(cid:336) योजनाओं के ससमय कार्यान्वयन व पूण(cid:330)ता की दिशा म(cid:336) दिये गये निदेशों/हिदायतों/चेतावनियों की अवहेलना करने के आरोप म(cid:336) जिला पदाधिकारी, गोपालगंज के प(cid:361)ांक-635 दिनांक 09.09.2019 (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) विभाग को उपलब्ध कराया गया ।
(cid:366)तिवेदित आरोप पर (cid:373)ी कु मार का स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। आरोप प(cid:361) म(cid:336) (cid:366)तिवेदित आरोप एवं स्पष्टीकरण की समी(cid:407)ा की गयी। समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा LSBA योजनाओं के क्रियान्वयन म(cid:336) शिथिलता बरती गयी है एवं निधा(cid:330)(cid:303)रत लक्ष्य के वि(cid:349)(cid:544) संतोषजनक उपल(cid:304)(cid:617) प्राप्त नही ं की गयी है।
अत: (cid:373)ी संजय कु मार, (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)भारी (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, बरौली, गोपालगंज को चेतावनी का दण्ड दिया जाता है।
चेतावनी के दंड की (cid:366)वि(िcid:700) (cid:373)ी कु मार के सेवा पुस्त म(cid:336) की जाय। उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत कबहार राजप(cid:361) ेि अगले अंि म(cid:336) (cid:366)ािकत कयिा जाय तथा इसीि (cid:366)कत सभी सम्बन्धित र्ोि भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव रौन, अपर सचिव।
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21 जनवरी 2021
सं0 (cid:356)ा0वि0-14(नि0को0)ट(cid:332) ैप-03/2020-366091--(cid:373)ी राजीव रं जन कु मार, तत्कालीन (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, राजापाकर, वैशाली को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के (cid:554)ारा गठित धावादल (cid:554)ारा दिनांक 31.12.2019 को प(cid:303)रवादी (cid:373)ी पुरुषोाम कु मार से 1,00,000/- (एक लाख (cid:348)पये) रिश्वत लेते रं गे हाथ गिर(cid:606)ार कर न्यायिक हिरासत म(cid:336) भेजने के फलस्वरुप बिहार सरकारी सेवक (वग(cid:334)करण, नियं(cid:361)ण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम- 9(2)(क) म(cid:336) निहित (cid:366)ावधान के आलोक म(cid:336) (cid:373)ी कु मार को कारा निरोध की तिथि 31.12.2019 के (cid:366)भाव से कारावास की अवधि तक के लिए निल(cid:304)(cid:638)त किया गया। 2) कारा से मुक्त होने के उपरान्त (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा दिनांक 04.03.2020 को विभाग म(cid:336) योगदान समपि(cid:330)त किया गया। तत्पश्चात विभागीय अधिसूचना संख्या-461973 दिनांक 14.05.2020 (cid:554)ारा बिहार सरकारी सेवक (वग(cid:334)करण, नियं(cid:361)ण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम- 9(3)(i) के आलोक म(cid:336) (cid:373)ी कु मार को निलम्बनमुक्त करते (cid:352)ए दिनांक 04.03.2020 के (cid:366)भाव से योगदान स्वीकृत किया गया।
3) (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) गंभीर कदाचार/भ्रष्टाचार का आरोप होने तथा इनके वि(cid:349)(cid:544) निगरानी थाना कांड संख्या-054/2019 दज(cid:330) होने के फलस्वरुप विभागीय अधिसूचना (cid:466)ापांक 461983 दिनांक 14.05.2020 (cid:554)ारा (cid:373)ी कु मार को बिहार सरकारी सेवक (वग(cid:334)करण, नियं(cid:361)ण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम- 9(1)(ग) के आलोक म(cid:336) योगदान की तिथि 04.03.2020 के (cid:366)भाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया गया।
4) (cid:373)ी कु मार के निलंबन अवधि 6 माह से अधिक होने एवं (cid:373)ी कु मार के (cid:554)ारा समपि(cid:330)त अभ्यावेदन दिनांक 23.12.2020 एवं उसके साथ संलग्न (cid:373)ी (cid:366)ेमराज चौहान, पुलिस निरी(cid:407)क-सह-अनुसंधानकता(cid:330), निगरानी अन्वेषण व्यूरो के (cid:366)तिवेदन दिनांक 09.12.2020 के समीक्षोपरान्त विभाग (cid:554)ारा (cid:373)ी कु मार को निलम्बन से मुक्त करने का निण(cid:330)य लिया गया।
अतएव (cid:373)ी कु मार को निलंबन से मुक्त किया जाता है। निलम्बन मु(cid:304)(cid:389) के पश्चात् (cid:373)ी कु मार मुख्यालय (cid:356)ामीण विकास विभाग, बिहार, पटना म(cid:336) योगदान समपि(cid:330)त कर(cid:336) गे ।
5) उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव रौन, अपर सचिव।
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21 जनवरी 2021
सं0 (cid:356)ा0वि0-14(द0)सम0-02/2018-366511--(cid:373)ी मनोज कु मार, तत्कालीन (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, मोहनपुर, समस्तीपुर सम्प्रति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, मोकामा, पटना के वि(cid:349)(cid:544) जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर के प(cid:361)ांक-533 दिनांक 22.10.2018 (cid:554)ारा लोहिया स्वच्छ6 बिहार गजट, 17 Qjojh 2021 बिहार अभियान एवं (cid:366)धान मं(cid:361)ी आवास योजना से संबंधित काय(cid:330) निष्पादन म(cid:336) अभि(cid:349)चि नही ं लेने, सरकारी काय(cid:330) म(cid:336) लापरवाही व कर्तव्यहीनता के आरोप म(cid:336) आरोप प(cid:361) विभाग को उपलब्ध कराया गया। उक्त (cid:366)तिवेदित आरोपों पर (cid:373)ी कु मार से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। (cid:366)तिवेदित आरोप एवं स्पष्टीकरण के समी(cid:407)ोपरांत यह पाया गया कि (cid:373)ी कु मार के (cid:554)ारा सरकारी काय(cid:330) म(cid:336) लापरवाही व काय(cid:330) निष्पादन म(cid:336) शिथिलता बरती गयी है।
अतएव सम्यक विचारोपरान्त (cid:373)ी कु मार को चेतावनी का दंड दिया जाता है। उक्त दंड की (cid:366)वि(िcid:700) (cid:373)ी कु मार के चा(cid:303)र(cid:361)ी म(cid:336) की जाय। उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव रौन, अपर सचिव।
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22 जनवरी 2021
सं0 (cid:356)ा0वि0-14(पूणि(cid:330)या) पू0-04/2019-367241--(cid:373)ी मुके श कु मार रजक, (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, बड़हरा कोठी, पूणि(cid:330)या के वि(cid:349)(cid:544) (cid:366)धानमं(cid:361)ी आवास योजना ((cid:356)ामीण) म(cid:336) लापरवाही, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान म(cid:336) प्रोत्साहन राशि का भुगतान लंबित रखने एवं अन्य आरोपों पर जिला पदाधिकारी, पूणि(cid:330)या के प(cid:361)ांक-1096 दिनांक-21.08.2019 (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) प्राप्त है।
उक्त (cid:366)तिवेदित आरोपों पर (cid:373)ी रजक से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। (cid:366)तिवेदित आरोप एवं स्पष्टीकरण के समी(cid:407)ोपरांत यह पाया गया कि (cid:373)ी रजक के (cid:554)ारा (cid:366)धानमं(cid:361)ी आवास योजना ((cid:356)ामीण) व लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान जैसी विकासात्मक योजनाओं म(cid:336) लापरवाही बरती गई है।
अत: सम्यक विचारोपरांत (cid:373)ी मुके श कु मार रजक, (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, बड़हरा कोठी, पूणि(cid:330)या को असंचयात्मक (cid:366)भाव से दो वेतन वृ(cid:304)(cid:544) अव(cid:349)(cid:544) करने का दं ड अधिरोपित किया जाता है।
आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी मुके श कु मार रजक के चा(cid:303)र(cid:361)ी पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दं ड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय। उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव रौन, अपर सचिव।
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22 जनवरी 2021
सं0 (cid:356)ा0वि0-14(पटना)नालन्दा-05/2018-367324--(cid:373)ी देवेन्द्र कु मार, तत्कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, हरनौत, नालन्दा सम्प्रति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, सुरसंड (सीतामढ़ी) के वि(cid:349)(cid:544) जिला पदाधिकारी, नालन्दा के प(cid:361)ांक-5409 दिनांक 06.07.2018 (cid:554)ारा मुख्यालय से अनाधिकृ त (cid:349)प से अनुप(cid:304)(cid:830)थत रहने का आरोप (cid:366)तिवेदित किया गया।
उक् त (cid:366)तिवेदित आरोपों पर (cid:373)ी कु मार से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। (cid:366)तिवेदित आरोप एवं स्पष्टीकरण के समी(cid:407)ोपरांत यह पाया गया कि (cid:373)ी कु मार के (cid:554)ारा मुख्यालय से अनाधिकृ त (cid:349)प से अनुप(cid:304)(cid:830)थत रहे ह(cid:339)।
अत: (cid:373)ी कु मार को भविष्य म(cid:336) इसकी पुनरावृ(िcid:517) न करने के लिए सचेष्ट करते (cid:352)ए आरोप मुक्त किया जाता है।
उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव रौन, अपर सचिव।
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22 जनवरी 2021
सं0 (cid:356)ा0वि0-14 (ति0) पू0च0-04/2017-367273--(cid:373)ी अनुराग आदित्य, तत्कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, पकडीदयाल, पूव(cid:334) चम्पारण (मोतिहारी) सम्प्रति (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)खंड विकास7 बिहार गजट, 17 Qjojh 2021 पदाधिकारी, नौह(cid:485)ा (रोहतास) के वि(cid:349)(cid:544) सरकारी काय(cid:330) के (cid:366)ति उदासीनता एवं लापरवाही के आरोप पर जिला पदाधिकारी, पूव(cid:334) चम्पारण (मोतिहारी) के प(cid:361)ांक-161 दिनांक 02.08.2017 (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) प्राप्त है। उक् त (cid:366)तिवेदित आरोपो पर (cid:373)ी आदित्य से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। (cid:366)तिवेदित आरोप एवं स्पष्टीकरण के समी(cid:407)ोपरांत यह पाया गया कि (cid:373)ी आदित्य के (cid:554)ारा अनधिकृ त (cid:349)प से अनुप(cid:304)(cid:830)थत रहने तथा अवकाश आवेदन उचित माध्यम से नही ं दे ने का आरोप स्वीकार किया है। अत: सम्यक विचारोपरांत (cid:373)ी आदित्य को चेतावनी का दंड़ अधिरोपित किया जाता है। आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी अनुराग आदित्य के चा(cid:303)र(cid:361)ी म(cid:336) इस दं ड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय। उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव रौन, अपर सचिव।
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22 जनवरी 2021
सं0 (cid:356)ा0वि0-14(पटना)भोजपुर-06/2018-367374--(cid:373)ी धर्मेन्द्र कु मार सिंह, (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, उदवन्तनगर, भोजपुर के वि(cid:349)(cid:544) बिना अवकाश स्वीकृत कराये मुख्यालय से अनाधिकृ त (cid:349)प से अनुप(cid:304)(cid:830)थत रहने, वरीय पदाधिकारी के आदेश का उल्लघंन, स्वेच्छारिता, अनुशासनहीनता, (cid:366)धानमं(cid:361)ी आवास योजना ((cid:356)ामीण) के माग(cid:330)दश(cid:330)न का उल्लघंन करने एवं वित्तीय अनियमितता के आरोप पर जिला पदाधिकारी, भोजपुर के प(cid:361)ांक-1021 दिनांक 15.12.2018 (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) प्राप्त है। उक्त (cid:366)तिवेदित आरोपों पर (cid:373)ी सिंह से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। (cid:366)तिवेदित आरोप एवं स्पष्टीकरण के समी(cid:407)ोपरांत यह पाया गया कि (cid:373)ी सिंह का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नही ं है और उन्होने विकास काय(cid:330) म(cid:336) शिथिलता बरती है।
अत: सम्यक विचारोपरांत (cid:373)ी सिंह के वि(cid:349)(cid:544) असंचयात्मक (cid:366)भाव से दो वेतनवृ(cid:304)(cid:544) अव(cid:349)(cid:544) करने का दंड अधिरोपित किया जाता है।
आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी धर्मेन्द्र कु मार सिंह के चा(cid:303)र(cid:361)ी म(cid:336) इस दं ड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय। उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव रौन, अपर सचिव।
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22 जनवरी 2021
सं0 (cid:356)ा0वि0-14(पटना)बक्सर-01/2019-367347--(cid:373)ी सत्येन्द्र परासर, तत्कालीन (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, (cid:368)हमपुर, ब(cid:411)र के वि(cid:349)(cid:544) काय(cid:330) के (cid:366)ति लापरवाही, विभागीय निदेश के विपरीत काय(cid:330) करने एवं उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना के आरोप पर जिला पदाधिकारी, ब(cid:411)र के प(cid:361)ांक-01-0487 दिनांक 12.03.2019 (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) प्राप्त है।
उक्त (cid:366)तिवेदित आरोपो पर (cid:373)ी परासर से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। (cid:366)तिवेदित आरोप एवं स्पष्टीकरण के समी(cid:407)ोपरांत यह पाया गया कि (cid:373)ी परासर का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नही ं है और उन्होंने विकास काय(cid:330) म(cid:336) शिथिलता बरती है।
अत: सम्यक विचारोपरांत (cid:373)ी परासर के वि(cid:349)(cid:544) असंचयात्मक (cid:366)भाव से दो वेतनवृ(cid:304)(cid:544) अव(cid:349)(cid:544) करने का दंड़ अधिरोपित किया जाता है।
आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी सत्येन्द्र परासर के चा(cid:303)र(cid:361)ी पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दं ड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय। उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव रौन, अपर सचिव।8 बिहार गजट, 17 Qjojh 2021
22 जनवरी 2021
सं0 (cid:356)ा0वि0-14(पूव(cid:334) चम्पारण) मोतिहारी-02/2018-367305--(cid:373)ीमती सीमा कु मारी, तत्कालीन (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)भारी (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, चिरै या, पूव(cid:334) चम्पारण सम्प्रति (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)भारी (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, कोटवा, पूव(cid:334) चम्पारण के वि(cid:349)(cid:544) (cid:366)धान मं(cid:361)ी आवास योजना- ((cid:356)ामीण) इंदिरा आवास योजना के क्रियान्वयन म(cid:336) शिथिलता बरतने से संबंधित आरोप प(cid:361) जिला पदाधिकारी, पूव(cid:334) चम्पारण के प(cid:361)ांक-304 दिनांक 22.09.2018 (cid:554)ारा विभाग को उपलबध कराया गया । (cid:366)तिवेदित आरोप पर (cid:373)ीमती कु मारी का स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। आरोप प(cid:361) म(cid:336) (cid:366)तिवेदित आरोप एवं स्पष्टीकरण की समी(cid:407)ा की गयी। समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि (cid:373)ीमती कु मारी (cid:554)ारा वरीय पदाधिकारी के निदे शों का अनुपालन नही ं किया गया एवं आवास योजनाओं के क्रियान्वयन म(cid:336) शिथिलता बरती गयी ।
अत: (cid:373)ीमती सीमा कु मारी, (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)भारी (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, चिरै या, पूव(cid:334) चम्पारण को चेतावनी का दण्ड दिया जाता है।
चेतावनी के दंड की (cid:366)वि(िcid:700) (cid:373)ीमती कु मारी के सेवा पुस्त म(cid:336) की जाय। उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत कबहार राजप(cid:361) ेि अगले अंि म(cid:336) (cid:366)ािकत कयिा जाय तथा इसीि (cid:366)कत सभी संबंधित र्ोि भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव रौन, अपर सचिव।
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22 जनवरी 2021
सं0 (cid:356)ा0वि0-14(तिर(cid:352)त) वैशाली-01/2017-367364--(cid:373)ी आफताब आलम, तत्कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, म(cid:352)आ, वैशाली सम्प्रति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, गढ़पुरा (बेगूसराय) के वि(cid:349)(cid:544) वष(cid:330)-2016 म(cid:336) भीषण अ(िcid:432)कांड से (cid:366)भावित सुयोग्य पा(cid:303)रवारों को इंदिरा आवास का लाभ दे ने हेतु जिला को गलत (cid:366)तिवेदन उपलब्ध कराने, CWJC सं0-2116/16 म(cid:336) ससमय तथ्य विवरणी तैयार नही ं करना, इंदिरा आवास योजनान्तर्गत वित्तीय वष(cid:330)-2015-16 म(cid:336) स्वीकृत योजना के वि(cid:349)(cid:544) 70 (cid:366)तिशत से कम FTO के माध्यम से लाभुकों के खाता म(cid:336) राशि अंत(cid:303)रत करना, विधि व्यवस्था के दौरान मुख्यालय म(cid:336) नही ं रहने तथा पल्स पोलियों उन्मूलन अभियान अंतग(cid:330)त बैठक म(cid:336) भाग नही ं लेना एवं सहभागिता नही ं दशा(cid:330)ने के आरोपों के लिए जिला पदाधिकारी, वैशाली, के प(cid:361)ांक-197 दिनांक 19.01.2017 (cid:554)ारा विभाग को आरोप प(cid:361) उपलब्ध कराया गया।
उक्त आरोप प(cid:361) म(cid:336) वणि(cid:330)त आरोपों पर (cid:373)ी आलम से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया प्राप्त स्पष्टीकरण पर विभागीय प(cid:361)ांक-319348 दिनांक 27.07.2017 के (cid:554)ारा जिला पदाधिकारी, वैशाली से मंतव्य की मांग की गयी । अनेक स्मारोपरान्त वांछित मंतव्य अप्राप्त है।
जिला पदाधिकारी से प्राप्त आरोप प(cid:361) एवं स्पष्टीकरण की समी(cid:407)ा विभाग (cid:554)ारा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि (cid:373)ी आलम के (cid:554)ारा कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन म(cid:336) सरकारी कर्तव्य पालन म(cid:336) घोर लापरवाही बरती गयी है।
सम्यक विचारोपरान्त (cid:373)ी आफताब आलम, तत्कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, म(cid:352)आ, वैशाली सम्प्रति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, गढ़पुरा (बेगूसराय) को असंचयात्मक (cid:366)भाव से एक वेतनवृ(cid:304)(cid:544) अव(cid:349)(cid:544) करने का दंड अधिरोपित करने का निण(cid:330)य लिया गया।
अत: (cid:373)ी आलम के वि(cid:349)(cid:544) असंचयात्मक (cid:366)भाव से एक वेतनवृ(cid:304)(cid:544) अव(cid:349)(cid:544) करने का दं ड अधिरोपित किया जाता है।
आदेश दिया जाता है कि दंड की (cid:366)वि(िcid:700) (cid:373)ी आलम के सेवापुस्त म(cid:336) की जाय। उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव रौन, अपर सचिव।
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22 जनवरी 2021
सं0 (cid:356)ा0वि0-14(पटना)पटना-05/2019-367315--(cid:373)ी सुशील कु मार, तत्कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, नौबतपुर, पटना स(cid:637)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, बड़हरा, भोजपुर के वि(cid:349)(cid:544) कत(cid:330)व्यहीनता,9 बिहार गजट, 17 Qjojh 2021 अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता, काय(cid:330) के (cid:366)ति लापरवाही, उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना के आरोप पर जिला पदाधिकारी, पटना के प(cid:361)ांक-658 दिनांक 20.06.2019 (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) प्राप्त है।
उक्त (cid:366)तिवेदित आरोपो पर (cid:373)ी कु मार से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। (cid:366)तिवेदित आरोप एवं स्पष्टीकरण के समी(cid:407)ोपरांत यह पाया गया कि (cid:373)ी कु मार के (cid:554)ारा सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन म(cid:336) शिथिलता बरती गई है और उन्हें अधिक (cid:366)यास करने की आवश्यकता थी। साथ ही, अपने शिशु के इलाज हेतु अवकाश के लिए उन्होंने अनुमति नही ं ली थी। अत: सम्यक विचारोपरांत (cid:373)ी कु मार को भविष्य में सचेष्ट रहने का निदे श दे ते (cid:352)ए आरोपमुक्त किया जा सकता है।
उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव रौन, अपर सचिव।
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22 जनवरी 2021
सं0 (cid:356)ा0वि0-14(पू0)पू0-01/2017-367286--(cid:373)ी अरविन्द कु मार, तत्कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, डग(cid:349)आ, पूणि(cid:330)या के वि(cid:349)(cid:544) जिला पदाधिकारी, पूणि(cid:330)या के प(cid:361)ांक-651 दिनांक 17.05.2017 (cid:554)ारा उच्चाधकारी के आदेश की अवहेलना एवं सम्पूर्ण (cid:366)भार दिये बिना (cid:366)शि(cid:407)ण के लिए प्रस्थान करने का आरोप (cid:366)तिवेदित किया गया।
उक्त (cid:366)तिवेदित आरोपों पर (cid:373)ी कु मार से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। (cid:366)तिवेदित आरोप एवं स्पष्टीकरण के समी(cid:407)ोपरांत यह पाया गया कि (cid:373)ी कु मार के (cid:554)ारा शौचालय निमा(cid:330)ण के काय(cid:330) म(cid:336) शिथिलता बरती गयी है।
अत: (cid:373)ी कु मार को चेतावनी का दंड़ दिया जाता है। आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी कु मार के चा(cid:303)र(cid:361)ी म(cid:336) इस दं ड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय। उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव रौन, अपर सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 42—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in10 बिहार गजट, 17 Qjojh 2021
भाग-9-ख
निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। —————
lwpuk &&&&&&
सं0 157--मैं अंजु कुमारी, पति-अविनाश प्रसाद, पता मो.-मंगलानगर, पोस्ट-बिहारशरीफ, थाना-लहेरी, जिला- नालंदा की स्थायी निवासी हूँ। मेरे सभी शैक्षणिक प्रमाण-पत्र एवं आधार कार्ड में मेरा नाम अंजु कुमारी है। शपथ-पत्र संख्या-11327, दिनांक 15/09/20 के माध्यम से यह घोषणा करती हूँ कि शादी से पहले मेरा नाम अंजु कुमारी था, परंतु अब मैं शादी के बाद अंजु कुमारी प्रसाद के नाम से जानी व पहचानी जाती हूँ।
अंजु कुमारी। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 42—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in11 बिहार गजट, 17 Qjojh 2021
बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-12/2018--1242 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------- संकल्प 9 फरवरी 2021
श्री सुरेष चौधरी, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, बेतिया सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा के विरूद्ध उनके मंडल कारा, बेतिया में पदस्थापन के दौरान दिनांक 11.08.2018 को जिला प्रशासन द्वारा मंडल कारा, बेतिया में की गयी औचक छापेमारी में 16 मोबाईल फोन, 13 मोबाईल चार्जर, मो0-48,300/- (अड़तालीस हजार तीन सौ रूपये मात्र) नगद एवं अन्य आपतिजनक सामग्रियों की हुई बरामदगी तथा पुनः दिनांक 21.08.2018 को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, पष्चिम चम्पारण, बेतिया द्वारा कारा में की गयी संयुक्त छापेमारी में कारा प्रवेश मुख्य द्वार के बगल में अवस्थित जेनरेटर रूम के बगल के एक कमरे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्रियों की हुई बरामदगी की घटना में बरती गई लापरवाही के प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6499 दिनांक 11.09.2018 द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलंबनावस्था में उन्हें शहीद जुब्बा सहनी केन्द्रीय कारा, भागलपुर में संलग्न किया गया। साथ ही उक्त प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 105 दिनांक 04.01.2019 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी थी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
2. संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच में श्री चौधरी के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित कुल तीन (03) आरोपों में से आरोप संख्या-01 को आंषिक प्रमाणित तथा आरोप संख्या-02 एवं 03 को अप्रमाणित पाया गया है। तदोपरान्त आरोप संख्या-01 के आंशिक रूप से प्रमाणित तथा आरोप संख्या-02 एवं 03 के अप्रमाणित पाये जाने संबंधी संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष से अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा सहमत नहीं होने के कारण असहमति के बिन्दुओं को अभिलिखित कर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-18(3) के तहत विभागीय ज्ञापांक 5134 दिनांक 20.06.2019 द्वारा श्री चौधरी से द्वितीय कारण पृच्छा की गई। श्री चौधरी से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब के विश्लेषणोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9468 दिनांक 06.11.2019 द्वारा उनके विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए उन्हें निलंबन से मुक्त किया गयाः-
(i) तीन (03) वर्ष तक प्रोन्नति पर रोक। (ii) कालमान वेतन में तीन (03) वेतनवृद्धियों के समतुल्य राषि घटाकर वेतन अवनति का दंड।
3. विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9468 दिनांक 06.11.2019 द्वारा संसूचित उपर्युक्त दंडादेष के विरूद्ध श्री चौधरी द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि उनके ऊपर लगे आरोपों की जाँच अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी के द्वारा महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना के आदेष से की गई। जाँचोपरान्त अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी द्वारा अपने पत्रांक 3746 दिनांक 23.08.2018 द्वारा महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना को जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया जिसमें उन्हें निर्दोष पाया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा भी प्रथम आरोप को आंषिक प्रमाणित और आरोप संख्या-02 एवं 03 को अप्रमाणित पाया गया। प्रभारी उपाधीक्षक, श्री सुधांषु कुमार द्वारा दिये गये बयान को दृष्टिपथ में नहीं रखा गया है। उनके बयान से स्पष्ट होता है कि वर्णित आरोपों के लिए वे कहीं से भी दोषी नहीं हैं। औचक छापेमारी के एक दिन पूर्व वे विभागीय कार्य निविदा सम्पादन हेतु लगातार दो दिनों तक समाहरणालय, बेतिया में अतिव्यस्त रहें। इस बीच की प्रशासनिक जिम्मेवारी प्रभारी उपाधीक्षक, श्री सुधांशु कुमार पर थी और उन्होंने औचक निरीक्षण में बरामद आपत्तिजनक सामग्रियों की जिम्मेवारी लेते हुए लिखित तौर पर अपनी गलती स्वीकारी है। इसके बावजूद दूसरे12 बिहार गजट, 17 Qjojh 2021 अधिकारी द्वारा की गई गलती की सजा उनके माथे थोप कर उन पर की गई दण्डात्मक कार्रवाई एक गहरी साजिश का हिस्सा लगता है। मंडल कारा, बेतिया में कारा कर्मियों की काफी कमी थी। गेट तलाशी के क्रम में बरामद सामग्रियों को साजिश के तहत जप्ती दिखाते हुए उसे कारा में बरामद दर्शाया गया है, जो कहीं से भी उचित प्रतीत नहीं होता है। 4. श्री चौधरी के उपर्युक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी के जाँच प्रतिवेदन में कहीं भी उन्हें निर्दोष नहीं बताया गया है; बल्कि अधीनस्थ कर्मियों की लापरवाही को इंगित किया गया है। अधीनस्थ कर्मियों के कार्यों पर सतत् निगरानी एवं पर्यवेक्षण रखने की जवाबदेही श्री चौधरी की ही थी; जिसका निर्वहन उनके द्वारा नहीं किया गया। दूसरी ओर जिला पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण बेतिया से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन, जिसमें मंडल कारा, बेतिया में दो अलग-अलग तिथियों-दिनांक 11.08.2018 एवं 21.08.2018 को जिला प्रशासन की छापेमारी में बरामद भारी मात्रा में प्रतिबधित सामग्रियों के लिए श्री चौधरी के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी जिसके आलोक में उनके विरूद्ध प्रपत्र 'क' में आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।
श्री चौधरी का यह भी कहना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच मेें प्रथम आरोप को आंशिक प्रमाणित तथा आरोप संख्या-02 एवं 03 को अप्रमाणित पाया गया। आरोप संख्या-02 में यह आरोप है कि दिनांक 11.08.2018 की छापेमारी में बरामद निषिद्ध सामग्रियों के बाद पुनः दिनांक 21.08.2018 को गुप्त सूचना के आधार पर जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, पश्चिम चम्पारण, बेतिया द्वारा संयुक्त रूप से छापेमारी की गई। उक्त छापेमारी में कारा के मुख्य द्वार के बगल में जेनरेटर के बगल के कमरे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी हुई। इसके लिए संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने निष्कर्ष में आरोप को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है। परन्तु, आरोपित पदाधिकारी सम्पूर्ण कारा के नियंत्री पदाधिकारी थे। इसलिए कारा के सुरक्षित क्षेत्र में प्रतिबंधित वस्तु का प्रवेश नहीं हो, इसे सुनिश्चित करना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेवारी थी; जिसका निर्वहन उनके द्वारा नहीं किया गया। इससे आरोपित पदाधिकारी की कर्त्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही, कार्यलोप, कारा के सुरक्षित क्षेत्र में प्रतिबंधित सामग्रियों के भण्डारण में उनकी संलिप्तता प्रमाणित होती है। इसी प्रकार आरोप संख्या-03 के लिए संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने निष्कर्ष में आरोपित पदाधिकारी को अप्रत्यक्ष रूप से जवाबदेह माना गया है। परन्तु आरोप को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। इस प्रकार संचालन पदाधिकारी का निष्कर्ष परस्पर विरोधी है। इसके लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-18(2) के तहत असहमति के बिन्दु अंकित करते हुए श्री चौधरी से द्वितीय कारण पृच्छा की माँग गई। श्री चौधरी से प्राप्त जवाब की समीक्षा की गई एवं उसे स्वीकार करने योग्य नहीं पाया गया। तदोपरान्त बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श प्राप्त कर विधिवत् प्रक्रिया का पालन करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के आदेशानुसार दण्ड अधिरोपित किया गया है। श्री चौधरी द्वारा अपने अभ्यावेदन में उल्लिखित किया गया है कि तत्कालीन प्रभारी उपाधीक्षक द्वारा दिये गये बयान को संचालन पदाधिकारी द्वारा दृष्टिपथ में नहीं रखा गया है। किन्तु इस मामले में उक्त कर्मी की भी संलिप्तता पायी गई है। इसलिए उनका बयान विश्वसनीय नहीं है। उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री चौधरी द्वारा पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती गई एवं कारा के सुरक्षित क्षेत्र में भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री के प्रवेश में उनकी संलिप्तता भी पाई गई। इसके लिए विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री चौधरी को ''तीन (03) वर्ष तक प्रोन्नति पर रोक'' एवं ''कालमान वेतन में तीन (03) वेतनवृद्धियों के समतुल्य राषि घटाकर वेतन अवनति का दंड'' अधिरोपित किया गया है। अतः उनका पुनर्विलोकन अभ्यावेदन स्वीकार्य नहीं है।
5. श्री सुरेश चौधरी, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, बेतिया सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा के विरूद्ध गठित आरोप की प्र—ति एवं गंभीरता पर विचार करने के उपरांत बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श प्राप्त कर समेकित रूप से उन्हें दिया गया दण्ड न्यायोचित है एवं इसमें किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है। अतः इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त किया जाता है।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
------- सं0 एल/एच॰जी॰-1512/2016-952 गृह विभाग (विषेष शाखा) ------ संकल्प 9 फरवरी 2021
श्री जयंत प्रताप सिंह, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, नालंदा के विरूद्ध जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना में पदस्थापन काल में कुल 58 गृह रक्षक, जिन्हें दिनांक 31.12.2014 को सेवानिवृत होना था, उनकी प्रतिनियुक्ति पटना में जारी रखने एवं सरकारी राशि का भुगतान करनेे आदि से संबंधित आरोप जैसा कि आरोप प्रपत्र-क में विभाग को प्रतिवेदित हुआ।
2. उप-महासमादेष्टा, मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी के ज्ञापांक-5671, दिनांक 19.12.2016 द्वारा विभाग में प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर विभाग में प्रपत्र 'क' गठित करते हुए विभागीय पत्रांक-12011, दिनांक 30.12.2016 द्वारा श्री सिंह से13 बिहार गजट, 17 Qjojh 2021 बचाव अभिकथन की मांग की गई। उक्त विभागीय पत्रांक के आलोक में जिला समादेष्टा का कार्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, वैशाली के पत्रांक-12/गो॰, दिनांक 09.02.2017 द्वारा विभाग में कंडिकावार स्पष्टीकरण उपलब्ध कराते हुए बिहार गृह रक्षा वाहिनी मुख्यालय, पटना से वांछित कागजात प्राप्त होने के उपरांत पूरक स्पष्टीकरण समर्पित किये जाने की सूचना दी गयी। पुनः जिला समादेष्टा का कार्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, वैशाली के पत्रांक-74/गो॰, दिनांक 26.09.2017 द्वारा अपना पूरक स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।
3. विभागीय पत्रांक-3814, दिनांक 09.05.2017 एवं पत्रांक-9409, दिनांक 02.11.2017 द्वारा महानिदेशक-सह- महासमादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवाएँ, बिहार, पटना से श्री सिंह द्वारा समर्पित अंतरिम एवं पूरक स्पष्टीकरण पर मंतव्य की मांग की गई। समादेष्टा, मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना के पत्रांक-313, दिनांक 19.01.2018 द्वारा प्राप्त मंतव्य में दोनों आरोपों के संबंध में समर्पित स्पष्टीकरण को असंतोषजनक बताया गया।
4. तत्पश्चात् विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2397, दिनांक 23.03.2018 द्वारा यह निर्णय लिया गया कि श्री जयंत प्रताप सिंह, तत्कालीन जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, वैशाली सम्प्रति जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, नालंदा के विरूद्ध गठित आरोप प्रपत्र-'क' पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की जाए। इसके लिए संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 5. संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-1498, दिनांक 04.12.2019 द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में आरोप सं॰-1 को अंशतः प्रमाणित एवं आरोप सं॰-2 को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-18(3) के तहत विभागीय पत्रांक-587, दिनांक 17.01.2020 द्वारा उक्त जाँच प्रतिवेदन की प्रति श्री सिंह को भेजते हुए लिखित अभ्यावेदन की मांग की गई। श्री सिंह द्वारा अपने कार्यालय के पत्रांक-14/गो॰, दिनांक 18.02. 2020 द्वारा जाँच प्रतिवेदन पर अपना लिखित अभ्यावेदन समर्पित किया गया।
6. महासमादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना के पत्रांक-23/गो॰, दिनांक 02.03.2020 द्वारा विभागीय जाँच के संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन पर श्री सिंह द्वारा समर्पित लिखित अभ्यावेदन पर मंतव्य प्राप्त हुआ। अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर गठित आरोप, जाँच प्रतिवेदन एवं आरोपित श्री सिंह से प्राप्त लिखित बचाव अभिकथन की समीक्षा गई।
7. अतएव सम्यक विचारोपरांत श्री जयंत प्रताप सिंह, तत्कालीन जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना सम्प्रति जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, नालंदा को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-14 के तहत ''निंदन'' का दंड (आरोप वर्ष, 2015) संसूचित किया जाता है। आदेशः-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, विमलेष कुमार झा, संयुक्त सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 42—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in