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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 19 February 2021

Published 19 February 2021

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2021-02-19.121
Languages
English, Hindi

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ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध

;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध

3;बपकरू18द्ध ;बपकरू4द्ध 1;बपकरू22द्ध42 ;बपकरू25द्ध;बपकरू18द्ध;बपकरू26द्ध

;बपकरू27द्ध;बपकरू18द्ध ;बपकरू4द्ध 121;बपकरू4द्ध;बपकरू30द्ध ;बपकरू30द्ध

सं॰ प्र0-6/ल0ज0सं0/न0प्र0(स्था0)-24/08 (खंड संचिका)-651

लधु जल संसाधन विभागलधु जल संसाधन विभागलधु जल संसाधन विभागलधु जल संसाधन विभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 17171717 फरवरी 2021फरवरी 2021फरवरी 2021फरवरी 2021 विषयः- बिहार जल विकास निगम लि0 पटना की अवधि में नियमित स्थापना/कार्यभारित स्थापना/दैनिक वेतन भोगी जिन्हें निगम या बाद की अवधि में नियमित स्थापना में समायोजित किया गया, को निगम अवधि में कार्यरत रहने की सेवा अवधि की गणना ए0सी0पी0 लाभ के अनुमान्यता के प्रयोजनार्थ किये जाने के संबंध में। बिहार जल विकास निगम से सरकारी सेवा में आये कर्मियों को ए0सी0पी0 के लाभ की स्वीकृति के संबंध में विभागीय पत्रांक-977 दिनांक-25.03.2009 निर्गत किया गया जिसके द्वारा ऐसे कर्मियों को ए0सी0पी0 नियमावली-2003 की कंडिका 4 (iii) के प्रावधानों के तहत सरकारी सेवा में पदग्रहण की तिथि से ए0सी0पी0 लाभ हेतु सेवा की गणना करने का आदेश दिया गया। उक्त आदेश को रद्द करने हेतु बिहार राजकीय नलकूप कर्मचारी संघ द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्लू0जे0सी0 सं0- 5601/2010 दायर किया गया ।

2. उक्त याचिका लंबित रहने के दौरान विभागीय पत्रांक-977 दिनांक-25.03.2009 के क्रम में एक विभागीय परिपत्र सं0-6499 दिनांक-01.12.2010 निर्गत किया गया। इसके द्वारा निगम के कर्मचारियों को तीन वर्ग में विभक्त कर ए0सी0पी0 के लाभ हेतु निम्न आदेश निर्गत किया गयाः-

(i) वैसे सरकारी कर्मी जो नियमित स्थापना में थे एवं जिनकी सेवा बिहार जल विकास निगम के गठन के उपरान्त निगम को सौंपी गयी तथा पुनः बिहार जल विकास निगम के अधिग्रहण के उपरान्त उनका समायोजन नलकूप प्रभाग, लघु जल संसाधन विभाग में किया गया, वैसे कर्मियों को ए0सी0पी0 का लाभ के लिए निगम अवधि की सेवा की परिगणना की जायेगी ।

(ii) वैसे कर्मी, जो सरकार में कार्यभारित रूप में कार्यरत थे और उसी अवस्था में बिहार जल विकास निगम के गठन के उपरान्त निगम में आये और पुनः निगम अवधि में नियमित होकर निगम से अधिग्रहण के उपरान्त नलकूप प्रभाग, लघु सिंचाई विभाग में समायोजित हो गये, को उनके द्वारा निगम में बितायी गयी अवधि की गणना ए0सी0पी0 नियमावली, 2003 के नियम-4 (iii) के प्रावधानों के तहत ए0सी0पी0 के लाभ के लिए परिगणित नहीं की जायेगी ।2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू25द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्ध;बपकरू30द्ध (iii) बिहार जल विकास निगम के गठन के उपरान्त निगम द्वारा दैनिक वेतनभोगी, कार्यभारित स्थापना में नियुक्त कालान्तर में नियमित स्थापना में समायोजित तथा सीधे नियमित स्थापना में नियुक्त कर्मियों को नियमित स्थापना में बिहार जल विकास निगम अन्तर्गत बितायी गयी अवधि की गणना ए0सी0पी0 नियमावली, 2003 के नियम- 4 (iii) के प्रावधानों के तहत ए0सी0पी0 के लाभ के लिए परिगणित नहीं की जायेगी ।

3. सी0डब्लू0जे0सी0सं0-5601/2010 में दिनांक-08.09.2011 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा निम्नलिखित आदेश पारित किया गयाः-

"The order dated 01-12-2010 has to be construed according to the guidelines issued on 23-03-2006 amending the A.C.P. Rules 2003 which provides in clause 5 that the period of service spent in the work charge establishment was required to be taken into account for computing eligibility of A.C.P. No further discussion is required to hold that the order dated 01-12-2010 to the extent contrary to the same is not sustainable with regard to the second category of persons. Insofar as the third category is concerned, it can be subdivided into two categories- daily wage and work charged establishment. The latter are again covered by the 2006 amendment of the A.C.P. Rules and the order is unsustainable to that extent. Insofar as daily wagers are concerned, there appears no difference between them and work charged employees as both are not in regular service. There does not appear to be sufficient justification to discriminate between the two classes for grant of A.C.P. "

4. उपर्युक्त न्याय निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक-1973 दि0-02.04.2013 द्वारा विभागीय परिपत्र सं0-6499 दिनांक-01.12.2010 की कंडिका-(ii) एवं (iii) को निम्नरूपेण संशोधित किया गयाः-

'' नियमित स्थापना के पूर्व कार्यभारित स्थापना में बितायी गयी अवधि की गणना ए0सी0पी0 लाभ के लिए किया जायेगा। बिहार राज्य कर्मचारी सेवा शर्त (सुनिश्चित वृति उन्नयन योजना) नियमावली-2003 के नियम-3 एवं नियम-4 के उप नियम-4 स्पष्टीकरण (iii) में वर्णित प्रावधानों के अन्तर्गत योग्य कर्मचारियों को ससमय ए0सी0पी0 का लाभ दिया जाय ।''

5. सी0डब्लू0जे0सी0सं0-5601/2010 में पारित न्यायादेश के अंतिम कंडिका में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों एवं कार्यभारित स्थापना के कर्मचारियों को समान स्तर प्रदान करने के विरूद्ध राज्य सरकार द्वारा एल0पी0ए0 सं0-113/2013 दायर किया गया। इस एल0पी0ए0 में अंतिम न्याय निर्णय दिनांक-04.03.2016 को पारित किया गया जिसका कार्यकारी अंश निम्नवत्‌ हैः-

"In view of the said fact, the order passed by the learned single bench granting A. C. P. scale to the third category is set aside. The Letters Patent Appeal is partly allowed. The grant of A. C. P. scale to the daily wager or work charge establishment's employees prior to regularization is not sustainable."

6. राज्य सरकार द्वारा एल0पी0ए0 सं0-113/2013 में पारित न्याय निर्णय दिनांक-04.03.2016 के विरूद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एस0एल0पी0 सं0-26536/2017 दायर किया गया। जिसमें दिनांक-15.09.2017 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुनवाई के उपरान्त निम्नलिखित आदेश पारित किया गयाः-

" Special leave petition is dismissed on the ground of delay as well as on merits." एस0एल0पी0 खारिज हो जाने के उपरान्त सी0डब्लू0जे0सी0सं0-5601/ 2010 में दिनांक-8.09.2011 को एवं एल0पी0ए0 सं0-113/ 2013 में दिनांक-04.03.16 को पारित न्यायादेश का अनुपालन आवश्यक हो गया है।

7. इसी बीच बिहार राजकीय नलकूप कर्मचारी संघ द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में Civil Review No-463/2017 बिहार राजकीय नलकूप कर्मचारी संघ बनाम बिहार सरकार एवं अन्य दायर किया गया। जिसमें दिनांक-05.04.18 को LPA Stands Restored करते हुए उपर्युक्त बेंच (appropriate bench) में रखकर गुण-दोष के आधार पर सुनवाई करने का आदेश पारित किया गया।

उक्त LPA 113/13 बिहार सरकार एवं अन्य बनाम बिहार राजकीय नलकूप कर्मचारी संघ में दिनांक-11.09.

18 को आदेश पारित किया गया, जिसका कार्यकारी अंश निम्नवत्‌ हैः-3 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू25द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्ध;बपकरू30द्ध "4. The relevant Provision of the ACP Scheme, which has been incorporated with effect from 20.03.2006 is being extracted as under.

4. (iiक) नियमित कार्यभारित कर्मचारियों के ए0सी0पी0 प्रोन्नति के लिए कार्यभारित सेवावधि की गणना की जायेगी।''

5. It is quite clear that the State Government's policy itself is that period spent by the employees under work charge establishment is to be calculated/counted for considering their eligibility in terms of length of service for grant of benefits under the ACP Scheme after their regularization. Hence the period, which was spent by them under work charge establishment, is also to be considered as length of service for the said purpose.

6. With the aforesaid modification in the order, the LPA stands disposed of. 7. We are making it clear that we have not decided in the present LPA as to whether the writ petitioner/respondent were in the work charge establishment or not. It will be open for them to make a claim on such issue if they were actually under work charge establishment. In such a case, the State Government will consider the same on merit in accordance with law." 8. उक्त न्याय निर्णय के आलोक में वित्त विभाग द्वारा न्यायादेश एवं सरकार के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए प्रशासी विभाग को संलेख प्रारूप/प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद्‌ का अनुमोदन प्राप्त करने का परामर्श दिया गया। न्यायादेश एवं सरकार का प्रावधान निम्नवत्‌ हैः- एल0पी0ए0सं0-113/13 में दिनांक-04.03.16 को पारित न्यायादेश के आलोक में विधि विभाग द्वारा निम्न रूप में व्याख्या की गयी (i) ''बिहार जल विकास निगम के गठन के उपरान्त निगम द्वारा दैनिक वेतन भोगी एवं कार्यभारित स्थापना में नियुक्त एवं कालान्तर में निगम की नियमित स्थापना में समायोजित तथा सीधे नियमित स्थापना में नियुक्त कर्मियों को निगम में बिताई गई कार्यभारित सेवावधि/दैनिक वेतन भोगी के रूप में बिताई गई सेवावधि की गणना ए0सी0पी0 के प्रयोजनार्थ नहीं की जानी चाहिए। समायोजन के उपरान्त निगम में बिताई गई सेवावधि की गणना ए0सी0पी0 लाभ के प्रयोजनार्थ की जा सकती है।''

(ii) जबकि बिहार राज्य कर्मचारी सेवाशर्त (सुनिश्चित वृति उन्नयन योजना) नियमावली 2003 के नियम 4 (4) (iii) के अनुसार प्रावधान यह है कि ''किसी लोक उपक्रम या स्वशासी निकाय का कोई कर्मचारी यदि राज्य सरकार की नियमित सेवा में प्रवेश करता है, तो सरकारी सेवा में प्रवेश की तिथि से की गई सेवावधि की गणना ए0सी0पी0 की मंजूरी के प्रयोजनार्थ की जायेगी।'' 9. एल0पी0ए0सं0-113/13 में दिनांक-04.03.16 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में इस संबंध में पूर्व में निर्गत विभागीय परिपत्र सं0-6499 दिनांक-01.12.10 में वर्गीकृत कर्मियों को ए0सी0पी0 के लाभ हेतु निम्नलिखित निर्णय लिया जाता हैः-

(i) वैसे सरकारी कर्मी जो नियमित स्थापना में थे एवं जिनकी सेवा बिहार जल विकास निगम के गठन के उपरान्त निगम को सौंपी गयी तथा पुनः बिहार जल विकास निगम के अधिग्रहण के उपरान्त उनका समायोजन नलकूप प्रभाग, लघु जल संसाधन विभाग में किया गया, वैसे कर्मियों को ए0सी0पी0 का लाभ के लिए निगम अवधि के सेवा की परिगणना की जायेगी।

(ii) वैसे कर्मी, जो सरकार में कार्यभारित रूप में थें और उसी अवस्था में बिहार जल विकास निगम के गठन के उपरान्त निगम में आये और पुनः निगम अवधि में ही नियमित होकर निगम के अधिग्रहण के उपरान्त नलकूप प्रभाग में समायोजित हो गए, को बिहार राज्य कर्मचारी सेवा शर्त (सुनिश्चित वृति उन्नयन योजना) (संशोधन) नियमावली-2006 के कंडिका-5 स्पष्टीकरण (ii क) के प्रावधानों के तहत कार्यभारित स्थापना में बितायी गयी अवधि की गणना ए0सी0पी0 लाभ के लिए की जायेगी।

(iii) बिहार जल विकास निगम के गठन के उपरान्त निगम द्वारा दैनिक वेतन भोगी, कार्यभारित स्थापना में नियुक्त कालान्तर में नियमित स्थापना में समायोजित तथा निगम में सीधे नियमित स्थापना में नियुक्त कर्मियों की निगम में बितायी गई कार्यभारित अवधि/दैनिक वेतन भोगी के रूप में बितायी गई सेवावधि की गणना ए0सी0पी0 लाभ के प्रयोजनार्थ नहीं की जायेगी। राज्य सरकार में अधिग्रहण के पश्चात निगम की नियमित स्थापना में समयोजन के उपरान्त बिताई गई नियमित सेवावधि की गणना ए0सी0पी0 लाभ के प्रयोजनार्थ की जाएगी।

10. यह निर्णय मात्र बिहार जल विकास निगम लि0, पटना के कर्मियों के लिए मान्य होगा। इसके आधार पर किसी अन्य बोर्ड, निगम एवं पर्षद के कर्मी अपना दावा नहीं करेगें। इसे पूर्वोदाहरण नहीं माना जाएगा।4 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू25द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्ध;बपकरू30द्ध 11. इस पर मंत्रिपरिषद्‌ की दिनांक-02.02.2021 को सम्पन्न बैठक (मद संख्या-05) में स्वीकृति प्राप्त है। 12. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संतोष कुमार मल्ल, सरकार के सचिव।

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ख्;बपकरू3द्धँ;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू17द्ध;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध

;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ;बपकरू27द्ध;बपकरू12द्ध म;बपकरू31द्ध ;बपकरू17द्धघ् ;बपकरू12द्ध रुख्;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ः5श्1़ः;बपकरू3द्ध़ए़;बपकरू3द्ध़घ् Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 19 February 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2021-02-19.121/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2021-02-19.121.