निबंधन संख्या पी0टी0-40
बिहार गजट
बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-10 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। 11-11 भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण।
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भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची पृष्ठ
पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---
भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। ---
पूरक
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पूरक-क
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2 बिहार गजट, 10 मार्च 2021भाग-1 नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं।
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विा विभाग
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अधिसूचना
1 मार्च 2021
सं0 02/अरा0स्था0(रा0ब0)-04-05/2015-1520--श्री नन्द किशोर सिंह, जिला भविष्य निधि पदाधिकारी, पटना अगले आदेश तक राष्ट्रीय बचत कार्यपालक पदाधिकारी, पटना के अतिरिकत प्रभार में भी रहेेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुनील कुमार यादव, संयुक्त सचिव।
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निर्वाचन विभाग
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अधिसूचनाएं
17 फरवरी 2021
सं0 ई2-2-03/2021-08--बिहार निर्वाचन सेवा के निम्नांकित परीक्ष्यमान अवर निर्वाचन पदाधिकारियों को वर्तमान पदस्थापन
| क्र॰ सं॰ | नाम | गृह जिला | वर्त्तमान पदस्थापन स्थल/कार्यालय | स्थानान्तरित कार्यालय |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1. | मो॰ अबु परवेज हैदर हैदरी | पष्चिम बर्द्धमान (पष्चिम बंगाल) | निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना (मुख्यालय) | अवर निर्वाचन पदाधिकारी, बिरौल (दरभंगा) |
| 2. | श्री ऋशिकेष रंजन | पटना | निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना (मुख्यालय) | अवर निर्वाचन पदाधिकारी, मनिहारी (कटिहार) |
| 3 | श्री शषि प्रकाष राय | मउ (उ॰प्र॰) | निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना (मुख्यालय) | अवर निर्वाचन पदाधिकारी, हथुआ (गोपालगंज) |
| 4 | श्री अविनाष कृश्ण | गया | निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना (मुख्यालय) | अवर निर्वाचन पदाधिकारी, फारबिसगंज (अररिया) |
| 5 | श्रीमती वेद रिचा | पटना | निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना (मुख्यालय) | अवर निर्वाचन पदाधिकारी, वीरपुर (सुपौल) |
| 6 | श्री अजीत कुमार | सुपौल | निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना (मुख्यालय) | अवर निर्वाचन पदाधिकारी, उदाकिषुनगंज (मधेपुरा) |
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव।
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3 मार्च 2021
सं0 ई2-2-11/2014-10--श्री श्रीनिवास, उप निर्वाचन पदाधिकारी, नवादा का पिताजी का स्वर्गवास होने के फलस्वरूप उनके द्वारा दिनांक 26.11.2020 से 15.12.2020 तक कुल 20 दिनों के उपभोग किये गये उपार्जित अवकाष की स्वीकृति, बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 240 एवं 248 के तहत प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव।
------ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ------ अधिसूचना 22 फरवरी 2021
सं0 2/वन निगम-08/2017-572/प०व०ज०प०--बिहार राज्य मेें केन्दु पत्ती संग्रहण के लिए प्राथमिक संग्रहण कर्त्ताओं को दी जाने वाली मजदूरी दर के निर्धारण के लिए गठित समिति की दिनांक 08.01.2021 की बैठक में की गयी3 बिहार गजट, 10 मार्च 2021 अनुशंसा पर सम्यक् विचारोपरांत मौसम वर्ष 2021 में केन्दु पत्ती संग्रहण के लिए अधिसूचित विनिर्दिष्ट क्षेत्रों में सभी इकाईयों के लिए प्रति मानक बोरा (50-50 पत्तियों का 1000 पोला/बंडल अर्थात 50000 पत्तियों) के लिए दर का निर्धारण निम्नवत् किया जाता हैः-
1. सरकारी वन भूमि से प्राप्त होने वाली केन्दु पत्ती रू० 1250 (एक हजार दो सौ पचास रूपये) प्रति मानक बोरा। 2. वनों के बाहर रैयती भूमि से प्राप्त होने वाले केन्दु पत्ती रू० 1250 (एक हजार दो सौ पचास रूपये) प्रति मानक बोरा।
3. यह दर 30 जून, 2021 तक प्रभावी रहेगा। 4. प्राथमिक संग्रहण कर्त्ताओं को उक्त संग्रहण दर पर भुगतान किया जायेगा। 5. यह आदेष तत्कालिक प्रभाव से लागू होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुबोध कुमार चौधरी, संयुक्त सचिव।
------- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (चकबंदी निदेशालय) ------ अधिसूचना 3 मार्च 2021
सं0 12/चक0 (योजना)-05-01/2021-251/चक0--राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना सं0 54/चक0 दिनांक 19.01.2018 द्वारा राज्य के चकबंदी योजना से आच्छादित 141 अंचलों जो मूलतः उतर बिहार, पूर्वी बिहार एवं मगध प्रमंडल में अवस्थित है, उन अंचलों में वर्त्तमान में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अभाव में चकबंदी योजना असक्रिय रूप से संचालित हो रहे थे, उन क्षेत्रों में वैसे जिले/अंचलों में जनता के हितो को देखते हुए बिहार जोतो के समेकन एवं खण्डकरण निवारण अधिनियम, 1956 की धारा 3(1) से आच्छादित जिलों एवं अंचलों का चकबंदी अधिनियम में प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा 4 (क) के प्रावधान के अधीन चकबंदी योजना के प्रचालन को अधिसूचना को निर्गत की तिथि से रद्द किया गया था।
समादेष याचिका सं0 8161/2020 के अनुपालन के क्रम में NH-2 (औरंगाबाद से चोरदाहा) छः लेन सड़क चौड़ीकरण परियोजना के अन्तर्गत गया जिले के आमस अंचल के निम्नांकित राजस्व मौजे जो चकबंदी योजना से आच्छादित हैं के भू-अर्जन से संबंधित सरकार के स्तर से कार्रवाई करने में चकबंदी अधिनियम की धारा 26(क) के अन्तर्गत अनाधिसूचित करने की आवष्यकता है।
उपर्युक्त मामले में सरकार का सहमति प्राप्त करते हुए बिहार जोतो के समेकन एवं खण्डकरण निवारण अधिनियम, 1956 की धारा 4(क) में अनाधिसूचित निम्नलिखित राजस्व ग्रामों को पूर्व से निर्गत अधिसूचना सं0 54/चक0 दिनांक 19.01.2018 को विलोपित करते हुए चकबंदी अधिनियम की धारा 3(1) के तहत पुनः चकबंदी कार्य प्रारम्भ करने हेतु आच्छादित की जाती है।
वैसे राजस्व ग्राम जिन्हें चकबंदी अधिनियम की धारा 4(क) से मुक्त किया जाना है, जिसकी विवरणी निम्न प्रकार
| क्र0 | जिला का नाम | अंचल का नाम | मौजा का नाम | थाना नं0 |
| 1. | गया | आमस | 1. खैराखूर्द | 510 |
| 2. | गया | आमस | 2. महापुर | 517 |
| 3. | गया | आमस | 3. मौलनाचक | 450 |
| 4. | गया | आमस | 4. छोटकी साँव | 509 |
| 5. | गया | आमस | 5. बड़की साँव | 512 |
| 6. | गया | आमस | 6. मदनपुर | 525 |
| 7. | गया | आमस | 7. बैर बिगहा | 526 |
| 8. | गया | आमस | 8. करमडीह | 488 |
| 9. | गया | आमस | 9. सुग्गी | 485 |
| 10. | गया | आमस | 10. बुधौल | 534 |
| 11. | गया | आमस | 11. बिशुनपुर | 545 |
| 12. | गया | आमस | 12. रामपुर | 544 |
| 13. | गया | आमस | 13. ताराडीह | 546 |
| 14. | गया | आमस | 14. जसपुर | 535 |
| 15. | गया | आमस | 15. नारायणपुर | 553 |
| 16. | गया | आमस | 16. नौड़ीहा | 536 |
आदेश से, ह0/अस्पष्ट, संयुक्त सचिव।
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(cid:356)ामीण कवािस कवभाग
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अधिसूचनाएं
25 फरवरी 2021
सं0 (cid:356)ा0वि0-14(म0)गया-01/2020-397172--(cid:373)ी उदय कु मार, तत्कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी- सह- काय(cid:330)पालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, टेकारी, गया सम्(cid:366)ति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, पुनपुन, पटना के वि(cid:349)(cid:544) उप विकास आयुक्त, गया एवं नगर विकास एवं आवास विभाग के प(cid:361)ांक 3305 दिनांक 17.11.2018 एवं प(cid:361)ांक 3709 दिनांक 20.10.2020 (cid:554)ारा दो आरोप प(cid:361) प्राप्त (cid:352)आ। आरोप प(cid:361) म(cid:336) (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) (cid:366)धान मं(cid:361)ी आवास योजना (cid:356)ामीण एवं जिला जल तथा स्वच्छता योजनाओं के कार्यान्वयन म(cid:336) लापरवाही, वरीय पदाधिका(cid:303)रयों के आदेश का उल्लंघन, उच्चाधिकारी को (cid:369)ामक (cid:366)तिवेदन समपि(cid:330)त करने तथा निवा(cid:330)चन जैसे काय(cid:330) म(cid:336) प(cid:407)पात पूण(cid:330) रबैया अपनाने का आरोप धा(cid:303)रत है। उक्त दोनों आरोपों के अतिरिक्त जिला पदाधिकारी, वैशाली के प(cid:361)ांक 22 दिनांक 18.01.2017 (cid:554)ारा भी आरोप प(cid:361) प्राप्त (cid:352)आ। आरोप प(cid:361) म(cid:336) (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) काय(cid:330)शिथिलता, कर्तव्यहीनता एवं अनुशासनहीनता का आरोप धा(cid:303)रत है।
(cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) जिला पदाधिकारी, वैशाली; उप विकास आयुक्त, गया एवं नगर विकास एवं आवास विभाग के (cid:554)ारा गठित आरोप एवं (cid:373)ी कु मार के (cid:554)ारा समपि(cid:330)त स्पष्टीकरण की समी(cid:407)ा की गयी। समीक्षोपरान्त (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) निवा(cid:330)चन जैसे महत्वपूण(cid:330) काय(cid:330) म(cid:336) (cid:369)ामक (cid:366)तिवेदन भेजने एवं अन्य आरोपों के वृहत एवं गहन जाँच के लिए विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित करने का निण(cid:330)य लिया गया।
उक्त के आलोक म(cid:336) उपरोक्त तीन आरोप प(cid:361) म(cid:336) धा(cid:303)रत आरोपों की वृहत एवं गहन जाँच हेतु (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित की जाती है। संचालन पदाधिकारी (cid:373)ी भरत दू बे, सूचीब(cid:544) संचालन पदाधिकारी, (cid:356)ामीण विकास विभाग, बिहार, पटना को नामित किया जाता है। उपस्थापन पदाधिकारी जिला पदाधिकारी, वैशाली तथा जिला पदाधिकारी, गया (cid:554)ारा नामित जिला स्तर के वरीय पदाधिकारी होंगे। उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय। आर्रोकपत पदाकधािरी र्ोि आदे कदया जाता है कि वे संचालन पदाकधािरी ेि सम(cid:407) उनेि (cid:554)ारा कनधा(cid:330)(cid:303)रत सुनवाई ीि कतकथ र्ोि उप(cid:304)(cid:830)थत र्होरि अपना प(cid:407) रख(cid:336)गे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, बालामु(cid:349)गन डी0,सचिव।
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25 फरवरी 2021
सं0 (cid:356)ा0वि0-14(भा0)भा0-02/2015-397224--(cid:373)ी उपेन्द दास, तत्कालीन (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह-(cid:366)भारी (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, रं गराचौक, भागलपुर सम्प्रति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, हवेली खड़गपुर, मु ंगेर के वि(cid:349)(cid:544) भागलपुर समाहरणालय के प(cid:361)ांक 16 ((cid:366)0) दिनांक 31.03.2015 (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) (cid:366)प(cid:361) 'क' प्राप्त है। आरोप प(cid:361) म(cid:336) पंचायत समिति (cid:554)ारा 13वी ं वित्त आयोग के अंतग(cid:330)त ली गयी योजनाओं म(cid:336) गलत ढंग से योजना संचालन, गलत अभिर्काा चयन, गलत तरीके से अभिलेख के संधारण म(cid:336) संलिप्त होने, विभागीय माग(cid:330)दशि(cid:330)का का उल्लंघन, योजना को विभक्त कर (cid:366)शासनिक स्वीकृति (cid:366)दान करने, सरकारी राशि के दुवि(cid:330)नियोग, संदिग्ध भुगतान, कर अपवंचना, प्राक्कलन से कम राशि का व्यय, सरकारी राशि का गबन आदि आरोप धा(cid:303)रत है।
जिला पदा धिकारी, भागलपुर (cid:554)ारा (cid:366)तिवेदित आरोपों पर (cid:373)ी दास से प्राप्त स्पष्टीकरण पर मंतव्य प्राप्त (cid:352)आ। जिला पदाधिकारी के मंतव्य म(cid:336) (cid:373)ी दास के स्पष्टीकरण को अस्वीकार योग्य बताया गया है। साथ ही5 बिहार गजट, 10 मार्च 2021 स्वीकृत चापाकल की सूची म(cid:336) योजना स्थल का उ(cid:671)ेख अभिलेख म(cid:336) नही ं होने को घोर अनियमितता बताया गया है। जिला पदाधिकारी (cid:554)ारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसा (cid:366)तीत होता है कि पहले चापाकल लगाने की योजना स्वीकृत की गयी फिर मनमाने ढंग से बंदरबांट किया गया जो विभागीय दिशानिद(cid:337)शों की घोर उपे(cid:407)ा है। जिला पदा धिकारी, भागलपुर (cid:554)ारा यह भी मंतव्य दिया गया कि योजना का कार्यान्वयन जिस भी पदाधिकारी के काय(cid:330)काल के दौरान (cid:352)आ वह स्पष्टतया दोषी है तथा विचलित राशि की वसूली संबंधित पदाधिकारी एवं संवेदक से की जाने की अनुशंसा की गयी है।
स्पष्ट है कि (cid:373)ी दास के वि(cid:349)(cid:544) धा(cid:303)रत आरोप गंभीर (cid:366)कृ ति के ह(cid:339) जिनकी वृहत जाँच की आवश्यकता है।
उक्त के आलोक म(cid:336) (cid:373)ी उपेन्द्र दास के वि(cid:349)(cid:544) गठित आरोप प(cid:361) म(cid:336) धा(cid:303)रत आरोपों की बृहत एवं गहन जाँच हेतु उनके वि(cid:349)(cid:544) विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित की जाती है। संचालन पदाधिकारी (cid:373)ी राधा किशोर झा, सूचीब(cid:544) संचालन पदाधिकारी, (cid:356)ामीण विकास विभाग, बिहार, पटना को नामित किया जाता है। उपस्थापन पदाधिकारी जिला पदाधिकारी, भागलपुर (cid:554)ारा नामित जिला स्तर के वरीय पदाधिकारी होंगे।
उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय। आर्रोकपत पदाकधािरी र्ोि आदे कदया जाता है कि वे संचालन पदाकधािरी ेि सम(cid:407) उनेि (cid:554)ारा कनधा(cid:330)(cid:303)रत सुनवाई ीि कतकथ र्ोि उप(cid:304)(cid:830)थत र्होरि अपना प(cid:407) रख(cid:336)गे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, बालामु(cid:349)गन डी0,सचिव।
------- सहकारिता विभाग ------ अधिसूचनाएं 2 फरवरी 2021 सं0 8/नि॰को॰(रा॰)विभागीय-709/2017-291--श्री पंकज कुमार झा, तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, सुपौल सम्प्रति निलंबित को सृृजन मामले में SIT द्वारा दिनांक 19.08.2017 को हिरासत में लिये जाने एवं उनके विरूद्ध भागलपुर कोतवाली थाना कांड संख्या-508/2017 दिनांक 11.08.2017, धारा-409, 420, 467, 468, 471, 120(बी), 34 भा0द0वि0 दर्ज होने के फलस्वरूप विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक-2872, दिनांक 04.09.2017 द्वारा दिनांक 19.08.2017 के प्रभाव से निलंबित किया गया है। 2. कारागार से विमुक्ति के फलस्वरूप दिनांक 24.07.2020 को श्री झा द्वारा अपना योगदान समर्पित किया गया है। सरकार के निर्णयानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9(3)(1) के अन्तर्गत इनका योगदान स्वी—त किया जाता है । योगदान की तिथि से श्री झा निलंबन से मुक्त समझे जायेंगे ।
बिहार के राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमल, उप-सचिव।
------ 2 फरवरी 2021 सं0 8/नि॰को॰(रा॰)विभागीय-709/2017-292--श्री पंकज कुमार झा, तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, सुपौल सम्प्रति निलंबित को सृृजन मामले में SIT द्वारा दिनांक 19.08.2017 को हिरासत में लिये जाने एवं उनके विरूद्ध भागलपुर कोतवाली थाना कांड संख्या-508/2017 दिनांक 11.08.2017, धारा-409, 420, 467, 468, 471, 120(बी), 34 भा0द0वि0 दर्ज होने के फलस्वरूप विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक-2872, दिनांक 04.09.2017 द्वारा दिनांक 19.08.2017 के प्रभाव से निलंबित किया गया था। 2. कारागार से विमुक्ति के फलस्वरूप दिनांक 24.07.2020 को श्री झा द्वारा अपना योगदान समर्पित किया गया। सरकार के निर्णयानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9(3)(1) के अन्तर्गत इनका योगदान विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक-291 दिनांक 02.02.2021 द्वारा स्वी—त करते हुए योगदान की तिथि से निलंबनमुक्त किया गया है।
परन्तु चूँकि श्री झा के विरूद्ध भागलपुर कोतवाली थाना कांड संख्या-508/2017 दिनांक 11.08.2017, धारा-409, 420, 467, 468, 471, 120(बी), 34 भा0द0वि0 दर्ज है तथा श्री झा सी0बी0आई0 कांड संख्या-RC 217 2017 A 0015/ACU-V/AC-11/New Delhi Dated 25.08.2017 के प्राथमिकी अभियुक्त है एवं इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित है। अतएव इनका निलम्बन जनहित में आवष्यक है ताकि जाँच कार्यों में व्यवधान उत्पन्न नहीं हो। अतएव बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(क) तथा 9(1)(ग) के अन्तर्गत उन्हें अगले आदेष तक निलंबित किया जाता है।6 बिहार गजट, 10 मार्च 2021 3. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, पटना प्रमंडल, पटना का कार्यालय निर्धारित किया जाता है।
4. निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता नियमानुसार देय होगा। 5. यह आदेष तत्कालिक प्रभाव से लागू होगा। इसमें माननीय मुख्यमंत्री, बिहार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार के राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमल, उप-सचिव।
------ समाहरणालय, बेगूसराय (जिला राजस्व शाखा) ------ आदेश 17 दिसम्बर 2020 सं0 3080/रा0--निगरानी थाना कांड सं0-71/2014 दिनांक-29.09.2014 धारा-7/13/(2)-सह-पठित 13(1) डी0 भ्र0 नि0 अधि0-1988 में निगरानी विभाग (अन्वेषण व्यूरो), पटना द्वारा आरोपी श्री विनोद कुमार महथा, तत्कालीन अंचल अमीन, बखरी अंचल, जिला-बेगूसराय को दिनांक 29.09.2014 को मो0-15000/- (पन्द्रह हजार) रूपये वादी कृष्णदेव साह, पिता-श्री श्याम साह, सा0-कामास्थान बखरी से रिष्वत लेते हुए पकड़े गए। तत्संबंधी सूचना पुलिस अधीक्षक, निगरानी विभाग (अन्वेषण ब्यूरो), बिहार, पटना के पत्रांक 2491/अप0 शा0, दिनांक 13.10.2014 से प्राप्त हुआ। उक्त आरोप में श्री बिनोद कुमार महथा को जिला स्थापना शाखा, बेगूसराय का आदेष ज्ञापांक-1419/स्था0, दिनांक 09.10.2014 द्वारा निलंबित कर दिया गया। माननीय उच्च न्यायालय में दायर क्रिमिनल विविध वाद अभिरक्षा से जमानत पर मुक्त होने के उपरांत चिकित्सा प्रमाण पत्र के साथ आरोपी कर्मी श्री विनोद कुमार महथा दिनांक 21.01.2015 को अंचल कार्यालय, बखरी में योगदान किए। जिला स्थापना शाखा के ज्ञापांक 1105/स्था0 दिनांक 30.09.2006 के द्वारा महथा का योगदान दिनांक 09.03.2016 के प्रभाव से स्वीकार करते हुए निलंबन से मुक्त किया गया। श्री विनोद कुमार महथा को निगरानी द्वार रिष्वत लेते रंगे-हाथ पकड़ा जाना संगीन कदाचार एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन रहने के कारण पुनः श्री विनोद कुमार महथा, अंचल अमीन, अंचल कार्यालय, बखरी, जिला-बेगूसराय को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 समय-समय पर यथासंषोधित नियमावली के नियम 9(3)(पप) के आलोक में नियम-9(1)(ग) के तहत श्री महथा को जिला स्थापना शाखा का आदेष ज्ञापांक-1110/स्था0 दिनांक 01.10.2016 द्वारा निलंबित किया गया एवं निलंबन अवधि में मुख्यालय तेघड़ा अंचल निर्धारित किया गया। आरोपी के विरूद्ध जिला स्थापना शाखा के आदेष ज्ञापांक-230/स्था0 दिनांक 01.03.2017 के द्वारा प्रपत्र 'क' का गठन करते हुये विभागीय कार्यवाही संचालन हेतु अपर समार्हाा, बेगूसराय को संचालन पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी, बखरी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी अपर समार्हाा, बेगूसराय ने जांच प्रतिवेदन में आरोपी कर्मी के विरूद्ध गठित आरोपों की पुष्टि की है।
| क्र0 | प्रपत्र 'क' के बिन्दु | आरोपी कर्मी का बचाव पक्ष | उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्य | संचालन पदाधिकारी का मंतव्य |
| 1 | नपी वाद सं0-50/13-14 में वर्णित भूमि को नापी कर नापी प्रतिवेदन प्रस्तुत करने ह तु े ज्ञापांक-1429 दिनांक-20.12. 14 के द्वारा आदेष दिया गया। परन्तु आपके द्वारा जान बूझकर नापी नहीं किया गया। | That as a matter of fact I was entrusted to measure the land and report with respect to measurement case No.- 50/13-14 and as a matter of fact letter was issued vide letter no.- 1429 dt.-20-12-13 wrongly mentioned as 20.12.14. But due to the Engagement the measurement work could not be done and subsequently a reminder was given on 20.01.14 and in obedience thereof I submitted the report but learned court did not agree with the report and I was directed to measure a fresh. | इस कार्यालय द्वारा श्री महंथा अंचल अमीन को नापी ह तु े दिनांक 22.12.2013 को तिथि निर्धारित की गयी, परन्तु उनके द्वारा नापी आदेष जारी होने के बावजूद टाल-मटोल की नीति अपनायी गयी जिससे आरोप स्वतः सिद्ध प्रतीत होता है। | आरोपी कर्मी अंचल अमीन श्री महथा का स्पष्टीकरण एवं उपस्थापन पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी, बखरी द्वारा दिया गया साक्ष्य सहित मंतव्य के अवलोकन से प्रतीत होता है कि आरोपी कर्मी श्री महथा अपने कर्तव्य का निर्वहन करने मे ं टाल-मटोल की नीति अपनाते थे। निगरानी विभाग पटना, के द्वारा श्री विनोद कुमार महथा, अंचल अमीन को रिष्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। निष्कर्ष ः- पदीय दायित्व के निर्वहन में षिथिलता बरतने एवं गंभीर कदाचार के आरोप की पुष्टि होती है। |
| 2 | पुनः स्मार ज्ञापांक-44 दिनांक-20.01.14 क े द्वारा नापी प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु आदेष दिया गया तब नापी प्रतिवेदन दिया गया जो सही नहीं था। पुनः नापी करने हेतु ज्ञापांक-545 दिनांक-22. 07.14 को आदेष दिया गया परन्तु आपने सही नापी प्रतिवेदन नहीं दिया। जान बूझकर आदेष का अवहेलना किया गया। | That the portion of the disputed khesra No.- 1094 under khata No.- 678 mouza Bakhari was acquired by the P.W.D. to widen the survey road and as the acquisition map was not available, hence the measurement work in absence of acquisition map could not be completed. | इस कार्यालय द्वारा श्री महथा तत्कालीन अंचल अमीन को नापी हेतु बार-बार निदेषित किया गया परन्तु उनकी हठधर्मिता के कारण काफी विलंब से प्रतिवेदन सौपा गया वो भी सही प्रतिवेदन नहीं दिया गया। उपलब्ध साक्ष्य से श्री महथा पर लगाये गये आरोप स्वतः सिद्ध प्रतीत होता है। | |
| 3 | श्री कृष्णदेव साह, कामा- स्थान बखरी के द्वारा लिखित आवेदन अंचल अमीन से रिष्वत मांगने संबंधी प्रतिवादी निगरानी विभाग, पटना को दि0 23.09.14 को दी गई। | That in the mean time Krishna Deo Saw came before me and handed over a report of measurement which was of a different person and in different hand writing and simultaneously requested me to file the report which was brought Krishna Deo Saw. But when I refused to do so, he left the report with me and thereafter started pursuing me to submit the said report but when I flately refused to do so Krishna Deo Saw managed the Nigrani Bibhag and he came on 23.09.2014 and forcefully put certain currency notes in my pocket and I not only refused the bribe rather after pulling out the note from my pocket I was insisting the Krishna deo Saw by holding the currency noted in my hand and in the mean time vigilance party who were following Krishna deo Saw came and hold me. | श्री क ृष्णदेव साह, कामास्थान बखरी प्रतिवादी का आवेदन पत्र इस पत्र के साथ संलग्न है। | |
| 4 | निगरानी विभाग, पटना के द्वारा धावा दल का गठन कर छापामारी के दौरान श्री विनोद कुमार महथा अंचल अमीन को दि0 29.09.14 को रिष्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा जाना। | That Krishna deo Saw who was intending to take undue advantage from me and when I refused and only thereafter conected the same and falsely implicatged me in a got up case. | श्री महथा, तत्कालीन अंचल अमीन को निगरानी विभाग द्वारा गठित धाबा दल ने दिनांक-29.09.2014 को रिष्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा जो संलग्न साक्ष्य से स्वतः सिद्ध है। निगरानी विभाग द्वारा गठित धावादल ने | |
| 5 | आपके द्वारा उपर्युक्त कृत्य (रिष्वत लेना) गंभीर कदाचार है जिसके लिये आप पूर्णतः जिम्मेवार हैं। | That I am quite innocent and have committed no offence. As a matter of fact a separate case is going on before the vigilance judge Patna. It is therefore prayed that court may be pleased to accept the show cause and exempt me from the frivolous charges and drop the proceeding. | श्री महथा तत्कालीन अंचल अमीन को निगरानी विभाग क े धावादल द्वारा रिष्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है जो गंभीर कदाचार के आरोप को प्रमाणित करता है। |
| क्र0 | प्रपत्र 'क' के बिन्दु | आरोपी कर्मी का बचाव पक्ष |
| 1 | 2 | 3 |
| बिहार सरकार के निगरानी विभाग, पटना के धावा दल द्वारा दिनांक-29.09.2014 को कृष्णदेव साह, ग्राम-कामास्थान, बखरी के नापी के मामले में मो0-15000(पन्द्रह हजार) रूपये रिष्वत लेते हुए आपको रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस मामले में आपका स्पष्टीकरण एवं उपस्थापन पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी, बखरी द्वारा दिया गया साक्ष्य सहित मंतव्य के अवलोकन से प्रतीत होता है कि अपने र्काव्यों के निर्वहन करने में टाल-मटोल की नीति अपनाते थे। निगरानी विभाग, पटना के द्वारा आपको रंगे-हाथ पकड़ा गया। पदीय | 1. यह है बात सच है कि मैं नापी वाद संख्या-5012013-14 में नापी के ली है और नापी रिपोर्ट देने के लिए नियुक्त किया गया और नापी रिपोर्ट पत्र संख्या-1429 तारिख 20.12.2013 द्वारा गलत रूप से तारीख 20.12.2014 दर्ज कर दिया गया लेकिन नापी के कार्य में लगे रहने के कारण व व्यवस्तता के कारण नहीं हो सका और इस प्रकार एक रिमाइडंर तारिख 20.01.2014 | |
| दायित्व के निर्वहन में षिथिलता बरतने एवं गंभीर कदाचार के आरोप की पुष्टि होती है। | तदनुसार अनुपालन में दिया गया जिसके बाद मे नापी रिपोर्ट सम्पर्ति किया लेकिन ं विद्वान न्यायालय नापी प्रतिवेदन से सहमत नहीं और पुनः नापी करने का निदेष दिये। 2. यह कि विवादित खेसरा 1094 जो खाता न0 678 के अन्तर्गत ग्राम बखरी के निस्वत है जो कि पी डब्ल्यू डी द्वारा सरवे सड़क को चौडीकरण करने के लिए अधिग्रहण किया गया क्योंकि अधिग्रहण का नक्षा नहीं उपलब्ध हो सका। इस प्रकार नक्षा के अभाव में सही से नापी का कार्य पूरा नहीं हो पाया। 3. यह कि इसी बीच कृष्णा देव ताव मेरे समक्ष आये और मुझे एक नापी रिपोर्ट सुपुर्द किया जो कि दूसरे व्यक्ति द्वारा लिखित था जिसे कृष्णा देव साब ने आग्रह किया कि इसे ही पेष कर दे लेकिन जब मैं इंकार किया तो वह रिपोर्ट मेरे पास ही छोड़ दिया इसके उपरांत मुझे रिपोर्ट पेष करने के लिये दबाव बनाने लगा मना करने पर वह निगरानी को किसी तरह मैनेज कर लिया और जबरदस्ती मेरे पौकेट में करेंसी नोट डाल दिया मैं न न सिर्फ इंकार किया धूस लेने से बल्कि पाकेट से नोट को निकाल क रवह सख्त मेरे हाथ मे दे दिया इसी क्रम में विजिले स पार्टी जो ं कृष्णा देव साव को फालो कर रहे थे आये और मुझे पकड़ लिया। 4. यह कि कृष्णदेव साव जो कि मौके का गलत फायदा मुझसे हठाया चाहता है मेरे इंकार करने पर मुझे गलत रूप से इस मामले में फसाया है। 5. यह कि मैं पूरी तरह बेकसूर हूँ और कोई अपराध नहीं किये है यह बात सच है कि अलग मामले विजिलेंस निगरानी जज के यहा पटना में चल रहे है। अतः न्यायालय से प्रार्थना की जाती है कि मेरे इस कारण पृच्छा को स्वीकार किया और मेरे विरूद्ध किये जा रहे कार्यवाही पर रोक लगायी जाए। इसके लिये श्रीमान का आभारी रहेगे। |
श्री विनोद कुमार महथा पर पाँच आरोप गठित थे। संचालन पदाधिकारी के द्वारा पाँचो आरोप की पुष्टि की गई द्वितीय स्पष्टीकरण में कुछ तथ्य को नहीं रखा गया है। इनपर निगरानी विभाग के काण्ड सं0-071/2014 दिनांक 29.09.2014 में जेल जा चुके हैं। श्री विनोद कुमार महथा द्वारा समर्पित द्वितीय स्पष्टीकरण में कार्यवाही पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है। कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-3/एम-162/05 का0 2324, दिनांक 10.07.2007 द्वारा निदेषित है कि जब भी किसी पदाधिकारी/कर्मचारी पर आपराधिक कदाचारों में लिप्त होने के कारण भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम एवं भारतीय दंड विधान के तहत फौजदारी मुकदमा किया जाय तो साथ ही साथ समुचित तथ्यों पर आधारति आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की जाय। वस्तुतः श्री विनोद कुमार महथा को conviction P.S case No.-071/2014 थाना निगरानी पटना में हुआ है। संचिका एवं अभिलेख के अवलोकन से अधोहस्ताक्षरी संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष से सहमत है। अतः आरोपी निलंबित, अंचल अमीन श्री विनोद कुमार महथा का द्वितीय कारण-पृच्छा स्वीकार योग्य नहीं है। प्रस्तुत सभी कागजातों का अवलोकन किया एवं सम्यक विचारोपरान्त श्री विनोद कुमार महथा, तत्कालीन अंचल अमीन, बखरी सम्प्रति तेघड़ा अंचल द्वारा पद का दूरूपयोग करके रैयत(आवेदक) के समक्ष रिष्वत प्राप्त करने के लिए10 बिहार गजट, 10 मार्च 2021 असामान्य परिस्थिति उत्पन्न करने एवं रिष्वत प्राप्त करने के दोष में संलिप्त होना प्रमाणित होता है। इस प्रकार उनके द्वारा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम-03(i)(ii) का उल्लंघन किया गया है, ऐसी परिस्थिति में प्रषासनिक दृष्टिकोण से जनहित में सरकारी सेवा में उनका बना रहना उचित नहीं है। अतः उक्त वर्णित सभी विन्दुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 यथा संषोधित 2007 के नियम 14(xi) में निहित शास्तियों के आलोक में प्रमाणित आरोप के कारण मैं अरविन्द कुमार वर्मा, भा0प्र0से0, समार्हाा एवं जिला पदाधिकारी, बेगूसराय यथा वर्णित आरोपों के कारणों से श्री विनोद कुमार महथा, अचंल अमीन, तत्कालीन बखरी अंचल, जिला-बेगूसराय, प्रमंडल-मुंगेर को आदेष निर्गत होने की तिथि से सरकारी सेवा से बर्खास्त (Dismiss) करता हूँ। भविष्य में इन्हें पेंषन, उपादान एवं अन्य सेवान्त लाभ देय नहीं होगा। भविष्य में सरकार के अधीन नियोजन के निर्अर्हता होगी।
श्री विनोद कुमार महथा, अंचल अमीन से संबंधित पूर्ण विवरण निम्नवत है :-
1. सरकारी सेवक का नाम ः- श्री विनोद कुमार महथा 2. पिता का नाम ः- ब्रहमदेव महथा 3. पदनाम ः- अंचल अमीन 4. पदस्थापित स्थल ः- बखरी अंचल 5. निलंबन अवधि में मुख्यालय ः- तेघड़ा अंचल 6. वेतन बैंड/ग्रेड पे ः- 5200-20,200/2400 7. जन्म तिथि ः- 11.11.1966 8. नियुक्ति की तिथि ः- 17.12.1987 9. सेवा निवृति तिथि ः- 30.12.2027 10. स्थायी पता ः- ग्रामपोस्ट-नवादा, मुहल्ला-मिर्जापुर लाईन पार, जिला-नवादा
यह आदेष मेरे हस्ताक्षर एवं कार्यालय मुहर से आज दिनांक 1.12.2020 को निर्गत किया गया है। इसकी सूचना संबंधित को दी जाय।
ज्ञापांक.........................../रा0, दिनांक...................................../
प्रतिलिपि : श्री विनोद कुमार महथा, निलंबित अंचल अमीन, बखरी अंचल, स्थायी पता- ग्रामपोस्ट-नवादा, मुहल्ला-मिर्जापुर लाईनपार, जिला-नवादा, पिन कोड-805110 को सूचनार्थ एवं अनुपालनार्थ प्रेषित।
आदेश से, ह0/अस्पष्ट, समार्हाा-सह-जिला दण्डाधिकारी, बेगूसराय। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 45—571+25-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in11 बिहार गजट, 10 मार्च 2021
भाग-2
बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश,
अधिसूचनाएं और नियम आदि।
—————
निर्वाचन विभाग
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शुद्धि-पत्र
23 फरवरी 2021
सं0 ई2-2-03/2021-1002--विभागीय अधिसूचना संख्या-08-सह-पठित ज्ञापांक 921 दिनांक 17.02.2021 में क्रम संख्या-1 स्तभ-2 में मो॰ अबु परवेज हैदर हैदरी के स्थान पर अबु परवेज हैदर हैदरी पढ़ा व समझा जाये। उक्त अधिसूचना की शेश तथ्य यथावत् रहेगी।
आदेश से, कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 45—571+25-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in