निबंधन संख्या पी0टी0-40
बिहार गजट
बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-31 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। ---
भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण।
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भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची पृष्ठ
पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---
भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। ---
पूरक
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पूरक-क 32-352 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 भाग-1 नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं।
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निगरानी विभाग
सूचना भवन, पटना
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अधिसूचना
22 जनवरी 2021
सं0 विधि पारिश्रमिक-12/14-265--राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरूद्ध ''जीरो टॉलरेन्स'' की नीति अपनायी गयी है। विभिन्न निगरानी न्यायालयों में लंबित वादों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाना उक्त उद्वेश्य की पूर्त्ति हेतु आवश्यक है। दिनांक 18.06.2019 को मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक की कार्यवाही द्वारा प्रदत्त निदेश के आलोक में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत गठित निगरानी न्यायालयों मेंं निगरानी वादों के संचालनार्थ बिहार अभियोजन सेवा के पदाधिकारियों को विशेष लोक अभियोजक के पद पर नियुक्ति हेतु साक्षात्कार का आयोजन किया जाना है। 2. उक्त साक्षात्कार के आयोजन हेतु सरकार द्वारा एक चयन समिति के गठन की स्वीकृति दी गई है जो निम्नवत् है :- (1) निदेशक, अभियोजन - अध्यक्ष (2) अपर महानिदेशक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा नामित पुलिस उप-महानिरीक्षक स्तर के एक पदाधिकारी - सदस्य (3) विशेष कार्य पदाधिकारी, निगरानी विभाग, बिहार, पटना - सदस्य
बिहार के राज्यपाल के आदेश से, साहेब चन्द्र पंडित, अवर सचिव।
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विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग
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अधिसूचनाएं
8 मार्च 2021
सं0 वि0प्रा0 (III) नि0-27/2019-821--भारतीय-संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल एतद् द्वारा विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अधीन राजकीय क्षेत्र के अभियंत्रण महाविद्यालयोंं, राजकीय पोलिटेकनिक/महिला पोलिटेकनिक संस्थानों में फिजीकल ट्रेनिंग अनुदेशक के पद पर नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तों के गठन हेतु निम्नलिखित नियमावली बनाते है :-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ।- (1) यह नियमावली ''राजकीय अभियंत्रण महाविधालय एवं राजकीय पोलिटेकनिक/राजकीय महिला पोलिटेकनिक फिजीकल ट्रेनिंग अनुदेशक संवर्ग नियमावली, 2021'' के नाम से जानी जाएगी। (2) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में बिहार सरकार के विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अधीनस्थ राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों, राजकीय पोलिटेकनिक एवं राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों तक रहेगा।
(3) यह तुरंत प्रवृत होगी। 2. परिभाषाएँ - इस नियमावली में जबतक संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो- (i) ''संवर्ग'' से अभिप्रेत है नियम-3 में यथावर्णित राजकीय अभियंत्रण एवं राजकीय पोलिटेकनिक/महिला पोलिटेकनिक फिजीकल ट्रेनिंग अनुदेषक संवर्ग,
(ii) ''सरकार'' से अभिप्रेत है बिहार सरकार, (iii) ''आयोग'' से अभिप्रेत है बिहार कर्मचारी चयन आयोग या सरकार द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य संगठन, (iv) ''निदेशालय'' से अभिप्रेत है विज्ञान एवं प्रावैधिकी निदेशालय, (v) ''विभाग'' से अभिप्रेत है विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, बिहार, पटना। (vi) ''समिति'' से अभिप्रेत है विभाग द्वारा गठित विभागीय प्रोन्नति समिति, (vii) ''सीधी नियुक्ति'' से अभिप्रेत है बिहार कर्मचारी चयन आयोग या सरकार द्वारा प्राधिकृत अन्य संगठन की अनुशंसा पर की जाने वाली नियुक्ति,3 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 (viii) ''संवर्ग के सदस्य'' से अभिप्रेत है इस नियमावली के उपबंधों के अधीन बिहार राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों तथा राजकीय पोलिटेकनिक/राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों के लिए फिजीकल ट्रेनिंग अनुदेशक संवर्ग मेें नियुक्त एवं शामिल व्यक्ति,
(ix) ''नियुक्ति प्राधिकार'' से अभिप्रेत है निदेशक, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, बिहार, पटना। (x) ''वर्ष के अन्दर रिक्ति'' से अभिप्रेत है सेवा में नये पदों के सृजन, सेवा निवृत्ति, मृत्यु, सेवा से हटाये जाने और पदच्युत किये जाने के फलस्वरूप वर्ष की 1 ली अप्रैल को उपलब्ध रिक्ति,
(xi) ''वर्ष'' से अभिप्रेत है वित्तीय वर्ष अर्थात् पहली अप्रैल से अगले वर्ष के 31 मार्च तक की अवधि, 3. राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं राजकीय पोलिटेकनिक/राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थान में फिजीकल ट्रेनिंग अनुदेशक सेवा संवर्ग हेतु संवर्गीय संरचना ।-
| क॰स॰ | पदनाम | प्रास्थिति | योग्यता |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | फिजीकल ट्रेनिंग अनुदेशक | मूल कोटि (अराजपत्रित) | 1. फिजीकल ट्रेनिंग(शारीरिक शिक्षा) मे डिप्लोमा ं |
| 2. | वरीय फिजीकल ट्रेनिंग अनुदेशक (स्तर-I) | प्रथम प्रोन्नति स्तर (अराजपत्रित) | प्रोन्नति हेतु योग्यता-फिजीकल ट्रेनिंग अनुदेशक के पद पर 8 वषो र् का कार्य अनुभव। |
| 3. | प्रधान फिजीकल ट्रेनिंग अनुदेशक (स्तर-II) | द्वितीय प्रोन्नति स्तर (अराजपत्रित) | प्रोन्नति हेतु योग्यता-वरीय फिजीकल ट्रेनिंग अनुदेशक (स्तर-I) के पद पर 8 वषो र् का कार्य अनुभव। |
3.2 फिजीकल ट्रेनिंग अनुदेशक की प्रोन्नति AICTE, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित योग्यतानुसार दी जा सकेगी। 3.3 संवर्ग के विभिन्न कोटि के पदों का वेतनमान/वेतन स्तर वही होगा जैसा समय-समय पर विा विभाग, बिहार सरकार द्वारा निर्धारित किया जाय।
4. रिक्तियों की अवधारणा एवं आयोग को इसकी सूचना ।- प्रत्येक वर्ष की 1ली अप्रैल से सरकार उस वर्ष के लिए अभियंत्रण महाविद्यालयों तथा राजकीय पोलिटेकनिक/ राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों हेतु फिजीकल ट्रेनिंग अनुदेशक के पदों पर सीधी भर्त्ती द्वारा भरी जाने वाली रिक्तियों की गणना करेगी एवं उसके अनुसार सीधी नियुक्ति से संबंधित रिक्तियों की अधियाचना आयोग को प्रेषित करेगी।
5. सीधी भर्त्ती ।- (1) संवर्ग के मूल पद अर्थात् फिजीकल ट्रेनिंग अनुदेशक के पद पर सीधी भर्त्ती आयोग की अनुशंसा के आधार पर की जायेगी।
(2) सीधी भर्ती वस्तुनिष्ठ लिखित परीक्षा 100 अंकों की आधार पर होगी। (3) विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभागान्तर्गत संविदा के आधार पर पूर्व में अभ्यर्थियों द्वारा समान पद पर प्रति वर्ष की गई संतोषजनक सेवा के लिए 05 अंक प्रति वर्ष की दर से अधिकतम 25 अंकों की अधिमानता दी जायेगी। 06 माह से ज्यादा एवं 01 वर्ष से कम की अवधि को 01 पूर्ण वर्ष माना जायेगा।
6. परीक्ष्यमान अवधि/विभागीय परीक्षा/प्रशिक्षण।-(1) प्रथम नियुक्ति के उपरान्त दो वर्षों तक परीक्ष्यमान अवधि रहेगी जिसे लिखित रूप से अभिलेखित किये जा सकने वाले कारणों से अगले 01 वर्ष तक के लिए विस्तारित किया जा सकेगा। परीक्ष्यमान अवधि किसी भी परिस्थिति में तीन वर्षाें से अनधिक होगी। विस्तारित अवधि में भी सेवा असंतोषजनक पाये जाने पर सेवा समाप्त की जा सकेगी। परीक्ष्यमान अवधि सफलतापूर्वक पूरा करने एवं उक्त अवधि में सेवा संतोषजनक रहने पर सेवा की संपुष्टि की जा सकेगी। इसके अतिरिक्त सेवा संपुष्टि हेतु राज्य सरकार द्वारा समय-समय लागू प्रावधानों का पालन आवश्यक होगा।
7. आरक्षण ।-इस सेवा में सीधी भर्त्ती तथा प्रोन्नति में सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित आरक्षण-रोस्टर के प्रावधान लागू रहेंगे।
8. उम्र सीमा ।- संवर्ग में सीधी नियुक्ति हेतु न्यूनतम उम्र सीमा 18 वर्ष होगी तथा अधिकतम उम्र सीमा वही होगी जैसा समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाय।
परन्तुक-1. उम्र सीमा में किसी भी प्रकार के विवाद का निष्पादन सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना द्वारा समय-समय पर जारी निदेशों के अनुसार किया जायेगा।
2. विभाग के अधीन समान पद पर संविदा के आधार पर कार्यरत रहे अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में उनके द्वारा संविदा पर किये गये सेवा अवधि के समतुल्य अवधि की छूट दी जायेगी।
9. वरीयता ।- निदेशालय प्रत्येक वर्ष अप्रैल माह में इस संवर्ग के प्रत्येक पद के लिए विधिवत नियुक्त एवं कार्यरत कर्मियों की वरीयता सूची प्रकाशित करेगा। सीधी भर्त्ती से नियुक्त कर्मियों की आपसी वरीयता आयोग की अनुशंसा के मेधा क्रमानुसार निर्धारित की जाएगी। प्रोन्नति के पदों पर वरीयता का निर्धारण प्रोन्नति संबंधी आदेश से निर्धारित होगा। किसी एक आदेश से प्रोन्नत कर्मियों की आपसी वरीयता पिछले पदसोपान के वरीयता क्रम में निर्धारित की जाएगी।4 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 10. प्रोन्नति ।-इस संवर्ग के सदस्यों को नियम-3 में उपबंधित प्रावधानों के अधीन बिहार सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्ड के आलोक में विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा पर प्रोन्नति देय होगी। विभागीय प्रोन्नति समिति का गठन विभाग द्वारा अलग आदेश से किया जाएगा।
11. विविध ।-इस नियमावली से अनाच्छादित विषयों/बिन्दुओं के संबंध में राज्य सरकार के समकक्ष स्तर के कर्मियों के लिए तत्समय प्रवृत नियम/अनुदेश लागू होंगे।
12. निर्वचन ।- जहाँ इस नियमावली के प्रावधानों के संबंध में कोई संदेह उत्पन्न हो, वहाँ विभाग द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम माना जाएगा और तद्नुसार निर्णित होगा।
13. कठिनाइयों का निराकरण ।- नियमावली से संबंधित किसी भी कठिनाई का अंतिम निराकरण राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा।
14. निरसन-(1) इस नियमावली के आरंभ के पूर्व निर्गत सभी संकल्प/परिपत्र एतद् द्वारा निरसित किये जाते है। (2) ऐसे निरसन के होते हुए भी पूर्व निर्गत संकल्प/नियमावली/आदेश आदि के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए किया गया कोई कार्य या की गई कार्रवाई, इस नियमावली द्वारा या इसके अधीन प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए किया गया समझा जायेगा, मानो यह नियमावली उस तिथि को प्रवृत्त थी, जिस तिथि को ऐसा कोई कार्य या ऐसी कोई कार्रवाई की गई थी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मिर्जा आरिफ रज़ा, उप-सचिव।
The 8th March 2021
No. वि0प्रा0 (III) नि0-27/2019-821--In Exercise of powers conferred by proviso to article-309 of the Constitution of India, the Governor of Bihar is hereby pleased to make the following Rules related to the recruitment, promotion and other service conditions of the Physical Training, Instructor in Government Engineering Colleges, Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics under the Department of Science and Technology:-
1. Short title, extent and commencement- (1) These rules may be called the "Physical Training, Instructor in Government Engineering Colleges, Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics Cadre Rules, 2021"
(2) It shall extend to the whole of the state of Bihar, which shall be effective for all Government Engineering Colleges, Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics under the Department of Science and Technology.
(3) It shall come into force at once. 2. Definitions- In these Rules, unless otherwise required in the context- (i) 'Cadre' means, the cadre of Physical Training, Instructor in Government Engineering Colleges, Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics as explained in rule-3.
(ii) 'Government' means the Government of Bihar. (iii) 'Commission' means Bihar Staff Selection Commission or other organization authorized by the State Government.
(iv) 'Directorate' means Directorate under Department of Science and Technology. (v) 'Department' means the 'Department of Science and Technology, Bihar, Patna. (vi) 'Committee' means departmental promotion committee constituted by the department.
(vii) 'Direct appointment' means appointment done on the basis of recommendations made by the Bihar Staff Selection Commission or other organization authorized by the State Government.
(viii) 'Member of Cadre' means any person appointed as Physical training, Instructor in Engineering Colleges, Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics under the provisions of this rules.
(ix) 'Appointing Authority' means, Director, Department of Science and Technology, Bihar, Patna.
5 बिहार गजट, 17 मार्च 2021(x) 'Vacancy within Year' means vacancy available on 1st April of the year due to creation of new post, superannuation, death, removal from service and termination from service.
(xi) 'Year' means financial year i.e. 1st April to 31st March. 3. Cadre Structure for Instructor, Physical Training in Government Engineering Colleges, Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics.
3.1 The educational qualifications and other essential qualification for the cadre post will
| S.N Designation | Level | Qualification | |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | Physical Training Instructor | Basic category (non gazetted) | Diploma in Physical Training |
| 2. | Senior Physical Training Instructor (Level-I) | First promotional Grade (non gazetted) | Eligibility for promotion- Eight years of work experience as Physical Training Instructor. |
| 3. | Principal Physical Training Instructor (Level-II) | Second promotional Grade (non gazetted) | Eligibility for promotion- Eight years of work experience as Senior Physical Training Instructor (Level-I) |
prescribed qualification by AICTE, New Delhi.
3.3 The pay scale/pay level for the different level of the cadre post will be as determined by the Finance Department, Government of Bihar from time to time.
4. Determination of vacancies and its information to the Commission- The Government will calculate the vacancies as on 1st April every year for the direct recruitment for the post of Physical Training Instructor in Government Engineering Colleges, Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics and send requisition of vacancies to the Commission.
5. Direct Recruitment: (1) Direct recruitment to the basic post of the cadre i.e. Physical Training Instructor shall be made as per the recommendation of the commission.
(2) Direct Recruitment shall be made on the basis of objective written examination of 100 marks.
(3) The candidate will be given weightage of 05 marks for each year maximum of 25 marks for the satisfactory completion of contractual service on the same post under the Science and Technology Department. The period of six months and more and less than one year shall be treated as one year.
6. Probation Period/Departmental Examination/Training- (1) After first recruitment there shall be a probation of two years, which may be extended further for one year with reasons for the same to be recorded in writing. The probation period will not be more than 3 years in any circumstances. If the service is not found satisfactory even during extended period, then person concerned may be terminated from service. Service may be confirmed, if probation period has been completed successfully and in that period service was found to be satisfactory. In addition to this guidelines issued by the Government from time to time for the confirmation of service will be applicable.
7. Reservation: For direct appointment and promotion, the provisions of Reservation - Roster as notified by the State Government, from time to time will be applicable.
6बिहार गजट, 17 मार्च 2021 8. Age Limit- Minimum age limit for direct appointment will be 18 years and maximum age limit will be such as determined by the state government from time to time.
Proviso 1. In case of any dispute in age limit, it shall be resolve as per the guidelines issued by General Administration Department, Bihar, Patna from time to time.
2. Candidates engaged on the contract basis under the department shall be given relaxation in age equivalent to work rendered by them.
9. Seniority:- The Directorate will publish seniority list of duly appointed and working employees. Seniority of directly appointed employees will be determined as per the merit list recommended by the Commission. Seniority of the promotional post will be determined as per promotion related order. Seniority list of employees promoted by one order will be determined as per the seniority list of previous post.
10. Promotion:- The Members of this cadre will be given promotion as per the provision contained in rule-3 in light of criteria fixed by the Bihar Government and recommendations of Departmental Promotion Committee. The Departmental Promotion Committee shall be constituted by the Department by a separate order.
11. Miscellaneous:- Matters which are not specifically covered by these rules shall be governed by the rules, instruction or orders applicable to the employees of equivalent level of the State Government.
12. Interpretation:- In case of any doubt relating to interpretation of any provision of these Rules, decision of the department will be final and matter will be decided accordingly.
13. Removal of Difficulties:- Any difficulty related to these Rules shall be finally removed by the order of the State Government.
14. Repeal:- (1) All resolution/circulars issued prior to commencement of these Rules are hereby repealed.
(2) Notwithstanding such repeal anything done or any action taken under any previous resolution / circulars / orders shall be deemed to be done or taken under these rules as if these Rules were in force on the day on which such action was taken or done.
By the order of the Governor Bihar, Mirza Arif Raza, Deputy Secretary.
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8 मार्च 2021
सं0 वि0प्रा0 (III) नि0-28/2019-822--भारतीय-संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल एतद् द्वारा विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अधीन राजकीय क्षेत्र के अभियंत्रण महाविद्यालयोंं, राजकीय पोलिटेकनिक/महिला पोलिटेकनिक संस्थानों में प्रारूपक संवर्ग में नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तों के गठन हेतु निम्नलिखित नियमावली बनाते है :-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ।- (1) यह नियमावली ''राजकीय अभियंत्रण एवं राजकीय पोलिटेकनिक, प्रारूपक (ड्राफ्ट्समैन) संवर्ग नियमावली, ''2021'' कही जा सकेगी।
(2) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में बिहार सरकार के विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अधीनस्थ राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों/राजकीय पोलिटेकनिक एवं राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों तक रहेगा।
(3) यह तुरत प्रवृत होगी। 2. परिभाषाएँ ।- इस नियमावली में जबतक संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो- (i) ''संवर्ग'' से अभिप्रेत है नियम-3 में यथावर्णित राजकीय अभियंत्रण एवं राजकीय पोलिटेकनिक प्रारूपक संवर्ग, (ii) ''सरकार'' से अभिप्रेत है बिहार सरकार, (iii) ''आयोग'' से अभिप्रेत है बिहार कर्मचारी चयन आयोग या सरकार द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य संगठन, (iv) ''निदेशालय'' से अभिप्रेत है विज्ञान एवं प्रावैधिकी निदेशालय, (v) ''विभाग'' से अभिप्रेत है विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, (vi) ''समिति'' से अभिप्रेत है विभाग द्वारा गठित विभागीय प्रोन्नति समिति, (vii) ''सीधी नियुक्ति'' से अभिप्रेत है बिहार कर्मचारी चयन आयोग या सरकार द्वारा प्राधिकृत अन्य संगठन की अनुशंसा पर की जाने वाली नियुक्ति,7 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 (viii) ''संवर्ग के सदस्य'' से अभिप्रेत है इस नियमावली के उपबंधों के अधीन बिहार अभियंत्रण महाविद्यालयों तथा राजकीय पोलिटेकनिक/राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों के लिए अभियंत्रण एवं पोलिटेकनिक प्रारूपक संवर्ग मेें नियुक्त एवं शामिल व्यक्ति,
(ix) ''नियुक्ति प्राधिकार'' से अभिप्रेत है निदेशक, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, (x) ''रिक्ति'' से अभिप्रेत है सेवा में नये पदों के सृजन, सेवा निवृत्ति, मृत्यु, सेवा से हटाये जाने और पदच्युत किये जाने के फलस्वरूप वर्ष की 1ली अप्रैल को उपलब्ध रिक्ति ।
(xi) ''वर्ष'' से अभिप्रेत है वित्तीय वर्ष अर्थात् पहली अप्रैल से अगले वर्ष के 31 मार्च तक की अवधि। 3. राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं राजकीय पोलिटेकनिक/राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थान में प्रारूपक सेवा संवर्ग हेतु संवर्गीय संरचना ।-
| क्र॰ | पदनाम | प्रास्थिति एवं प्रोन्नति का स्तर | अर्हता |
| 1 | प्रारूपक | मूल कोटि (अराजपत्रित) | न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता- आई० टी० आई० (दो वर्षीय ड्राफ्ट मैन का) |
| 2 | वरीय प्रारूपक | प्रथम प्रोन्नति स्तर (अराजपत्रित) | ड्राफ्ट मैन के पद पर आठ वर्षाें का कार्य अनुभव के साथ राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (NITTTR) के द्वारा संचालित न्यूनतम चार सप्ताह का प्रशिक्षण। |
| 3 | प्रधान प्रारूपक | द्वितीय प्रोन्नति स्तर (अराजपत्रित) | वरीय प्रारूपक के पद पर संबंधित ट्रेड मे 8 वर्षाें का ं कार्य अनुभव के साथ राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (NITTTR) के द्वारा संचालित न्यूनतम चार सप्ताह का प्रशिक्षण। |
3.2 ड्राफ्ट मैन की प्रोन्नति बिहार सरकार/AICTE, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित योग्यतानुसार दी जा सकेगी। 3.3 संवर्ग के विभिन्न कोटि के पदों का वेतनमान/वेतन स्तर वही होगा जैसा समय-समय पर विा विभाग, बिहार सरकार द्वारा निर्धारित किया जाय।
4. रिक्तियों की अवधारणा एवं आयोग को इसकी सूचना ।- प्रत्येक वर्ष की 1ली अप्रैल से सरकार उस वर्ष के लिए राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों तथा राजकीय पोलिटेकनिक/राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों हेतु ड्राफ्ट मैन के पदों पर सीधी भर्त्ती द्वारा भरी जाने वाली रिक्तियों की गणना करेगी एवं उसके अनुसार सीधी नियुक्ति से संबंधित रिक्तियों की अधियाचना आयोग को प्रेषित करेगी।
5. सीधी भर्त्ती ।- (1) संवर्ग के मूल पद अर्थात् प्रारूपक के पद पर सीधी भर्त्ती आयोग की अनुशंसा के आधार पर की जायेगी।
(2) सीधी भर्ती वस्तुनिष्ठ लिखित परीक्षा 100 अंकों के आधार पर होगी। (3) विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभागान्तर्गत संविदा के आधार पर पूर्व में अभ्यर्थियों द्वारा समान पद पर प्रति वर्ष की गई संतोषजनक सेवा के लिए 05 अंक प्रति वर्ष की दर से अधिकतम 25 अंकों की अधिमानता दी जायेगी। 06 माह से ज्यादा एवं 01 वर्ष से कम की अवधि को 01 पूर्ण वर्ष माना जायेगा।
6. परीक्ष्यमान अवधि/विभागीय परीक्षा/प्रशिक्षण ।- (1) प्रथम नियुक्ति के उपरान्त दो वर्षों तक परीक्ष्यमान अवधि रहेगी जिसे लिखित रूप से अभिलेखित किये जा सकने वाले कारणों से अगले 01 वर्ष तक के लिए विस्तारित किया जा सकेगा। परीक्ष्यमान अवधि किसी भी परिस्थिति में तीन वर्षाें से अनधिक होगी। विस्तारित अवधि में भी सेवा असंतोषजनक पाये जाने पर सेवा समाप्त की जा सकेगी। परीक्ष्यमान अवधि सफलतापूर्वक पूरा करने एवं उक्त अवधि में सेवा संतोषजनक रहने पर सेवा की संपुष्टि की जा सकेगी। इसके अतिरिक्त सेवा संपुष्टि हेतु राज्य सरकार द्वारा समय-समय लागू प्रावधानों का पालन आवश्यक होगा।
7. आरक्षण-इस सेवा में सीधी भर्त्ती तथा प्रोन्नति में सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित आरक्षण-रोस्टर के प्रावधान लागू रहेंगे।
8. उम्र सीमा- संवर्ग में सीधी नियुक्ति हेतु न्यूनतम उम्र सीमा 18 वर्ष होगी तथा अधिकतम उम्र सीमा वही होगी जैसा समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जायेगा।
परन्तुक-1. उम्र सीमा में किसी भी प्रकार के विवाद का निष्पादन सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना द्वारा समय-समय पर जारी निदेशों के अनुसार किया जायेगा।
2. विभाग के अधीन समान पद पर संविदा के आधार पर कार्यरत रहे अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में उनके द्वारा संविदा पर किये गये सेवा अवधि के समतुल्य अवधि की छूट दी जायेगी।
9. वरीयता ।- निदेशालय प्रत्येक वर्ष अप्रैल माह में इस संवर्ग के प्रत्येक पद के लिए विधिवत नियुक्त एवं कार्यरत कर्मियों की वरीयता सूची प्रकाशित करेगा। सीधी भर्त्ती से नियुक्त कर्मियों की आपसी वरीयता आयोग की अनुशंसा के मेधा8 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 क्रमानुसार निर्धारित की जाएगी। प्रोन्नति के पदों पर वरीयता का निर्धारण प्रोन्नति संबंधी आदेश से निर्धारित होगा। किसी एक आदेश से प्रोन्नत कर्मियों की आपसी वरीयता पिछले पदसोपान के वरीयता क्रम में निर्धारित की जाएगी।
10. प्रोन्नति ।-इस संवर्ग के सदस्यों को नियम-3 में उपबंधित प्रावधानों के अधीन बिहार सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्ड के आलोक में विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा पर प्रोन्नति देय होगी। विभागीय प्रोन्नति समिति का गठन विभाग द्वारा अलग आदेश से किया जाएगा।
11. विविध-इस नियमावली से अनाच्छादित विषयों/बिन्दुओं के संबंध में राज्य सरकार के समकक्ष स्तर के कर्मियों के लिए तत्समय प्रवृत नियम/अनुदेश लागू होंगे।
12. निर्वचन- जहाँ इस नियमावली के प्रावधानों के संबंध में कोई संदेह उत्पन्न हो, वहाँ विभाग द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम माना जाएगा और तद्नुसार निर्णित होगा।
13. कठिनाइयों का निराकरण- नियमावली से संबंधित किसी भी कठिनाई का अंतिम निराकरण राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा।
14. निरसन-(1) इस नियमावली के आरंभ के पूर्व निर्गत सभी संकल्प/परिपत्र एतद् द्वारा निरसित किये जाते है। (2) ऐसे निरसन के होते हुए भी पूर्व निर्गत संकल्प/नियमावली/आदेश आदि के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए किया गया कोई कार्य या की गई कार्रवाई, इस नियमावली द्वारा या इसके अधीन प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए किया गया समझा जायेगा, मानो यह नियमावली उस तिथि को प्रवृत्त थी, जिस तिथि को ऐसा कोई कार्य या ऐसी कोई कार्रवाई की गई थी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मिर्जा आरिफ रज़ा, उप-सचिव।
The 8th March 2021
No. वि0प्रा0 (III) नि0-28/2019-822--In Exercise of powers conferred by proviso to article- 309 of the Constitution of India, the Governor of Bihar is hereby pleased to make the following Rules related to the recruitment, promotion and other service conditions of the Draftsman in Government Engineering Colleges, Government Polytechnics/Government Women Polytechnics under the Department of Science and Technology:-
1. Short title, extent and commencement-(1) These rules may be called the "Draftsman in Government Engineering Colleges, Government Polytechnics/Government Women Polytechnics Cadre Rules, 2021"
(2) It shall extend to the whole of the state of Bihar, which shall be effective for all Government Engineering Colleges, Government Polytechnics/Government Women Polytechnics under the Department of Science and Technology. (3) It shall come into force at once. 2. Definitions- In these Rules, unless otherwise required in the context- (i) 'Cadre' means, the cadre of Draftsman in Government Engineering Colleges, Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics as explained in rule-3.
(ii) 'Government' means the Government of Bihar. (iii) 'Commission' means Bihar Staff Selection Commission or other organization authorized by the State Government.
(iv) 'Directorate' means Directorate under Department of Science and Technology. (v) 'Department' means the 'Department of Science and Technology, Bihar, Patna. (vi) 'Committee' means departmental promotion committee constituted by the department.
(vii) 'Direct appointment' means appointment done on the basis of recommendations made by the Bihar Staff Selection Commission or other organization authorized by the State Government.
(viii) 'Member of Cadre' means any person appointed as Draftsman in Engineering Colleges, Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics under the provisions of this rules.
(ix) 'Appointing Authority' means, Director, Department of Science and Technology, Bihar, Patna.
9 बिहार गजट, 17 मार्च 2021(x) 'Vacancy within Year' means vacancy available on 1st April of the year due to creation of new post, superannuation, death, removal from service and termination from service.
(xi) 'Year' means financial year i.e. 1st April to 31st March. 3. Cadre Structure for Draftsman in Government Engineering Colleges, Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics.
3.1 The educational qualifications and other essential qualification for the cadre post will
| S.N Designation | Level | Qualification | |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | Draftsman | Basic category (non gazetted) | Minimum educational qualification-I.T.I (Two Years Draftsman) |
| 2. | Senior Draftsman | First promotional Grade (non gazetted) | Eligibility for promotion- Eight years of work experience as Draftsman along with four weeks training conducted by NITTTR. |
| 3. | Principal Draftsman | Second promotional Grade (non gazetted) | Eligibility for promotion- Eight years of work experience as Senior Draftsman along with four weeks training conducted by NITTTR. |
by AICTE, New Delhi.
3.3 The pay scale/pay level for the different level of the cadre post will be as determined by the Finance Department, Government of Bihar from time to time.
4. Determination of vacancies and its information to the Commission- The Government will calculate the vacancies as on 1st April every year for the direct recruitment for the post of Draftsman in Government Engineering Colleges, Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics and send requisition of vacancies to the Commission.
5. Direct Recruitment: (1) Direct recruitment to the basic post of the cadre i.e. Draftsman shall be made as per the recommendation of the commission.
(2) Direct Recruitment shall be made on the basis of objective written examination of 100 marks.
(3) The candidate will be given weightage of 05 marks for each year maximum of 25 marks for the satisfactory completion of contractual service on the same post under the Science and Technology Department. The period of six months and more and less than one year shall be treated as one year.
6. Probation Period/Departmental Examination/Training- (1) After first recruitment there shall be a probation of two years, which may be extended further for one year with reasons for the same to be recorded in writing. The probation period will not be more than 3 years in any circumstances. If the service is not found satisfactory even during extended period, then person concerned may be terminated from service. Service may be confirmed, if probation period has been completed successfully and in that period service was found to be satisfactory. In addition to this guidelines issued by the Government from time to time for the confirmation of service will be applicable.
7. Reservation: For direct appointment and promotion, the provisions of Reservation- Roster as notified by the State Government from time to time will be applicable.
8. Age Limit- Minimum age limit for direct appointment will be 18 years and maximum age limit will be such as determined by the state government from time to time.
10बिहार गजट, 17 मार्च 2021 Proviso 1. In case of any dispute in age limit, it shall be resolve as per the guidelines issued by General Administration Department, Bihar, Patna from time to time.
2. Candidates engaged on the contract basis under the department shall be given relaxation in age equivalent to work rendered by them.
9. Seniority:- The Directorate will publish seniority list of duly appointed and working employees. Seniority of directly appointed employees will be determined as per the merit list recommended by the Commission. Seniority of the promotion post will be determined as per promotion related order. Seniority list of employees promoted by one order will be determined as per the seniority list of previous post.
10. Promotion:- The Members of this cadre will be given promotion as per the provision contained in rule-3 in light of criteria fixed by the Bihar Government and recommendations of Departmental Promotional Committee. The Departmental Promotion Committee shall be constituted by the Department by a separate order.
11. Miscellaneous:- Matters which are not specifically covered by these rules shall be governed by the rules, instruction or orders applicable to the employees of equivalent level of the State Government.
12. Interpretation:- In case of any doubt relating to interpretation of any provision of these Rules, decision of the department will be final and matter will be decided accordingly.
13. Removal of Difficulties:- Any difficulty related to these Rules shall be finally removed by the order of the State Government.
14. Repeal:- (1) All resolution/circulars issued prior to commencement of these Rules are hereby repealed.
(2) Notwithstanding such repeal anything done or any action taken under any previous resolution / circulars / orders shall be deemed to be done or taken under these rules as if these Rules were in force on the day on which such action was taken or done.
By the order of the Governor Bihar, Mirza Arif Raza, Deputy Secretary.
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8 मार्च 2021
सं0 वि0प्रा0 (III) नि0-30/2019-823--भारतीय-संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल एतद द्वारा विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अधीन राजकीय क्षेत्र के राजकीय पोलिटेकनिक/महिला पोलिटेकनिक संस्थानों में सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त्तो के गठन हेतु निम्नलिखित नियमावली बनाते है :-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ। (1) यह नियमावली राजकीय पोलिटेकनिक/राजकीय महिला पोलिटेकनिक सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष संवर्ग नियमावली, 2021'' के नाम से जानी जाएगी।
(2) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में बिहार सरकार के विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अधीनस्थ राजकीय पोलिटेकनिक एवं महिला पोलिटेकनिक संस्थानों में होगा।
(3) यह तुरंत प्रवृत होगी। 2. परिभाषाएॅ ।-इस नियमावली में जबतक संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो- (i) ''संवर्ग'' से अभिप्रेत है नियम-3 में यथावर्णित पोलिटेकनिक सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष संवर्ग, (ii) ''सरकार'' से अभिप्रेत हैं बिहार सरकार, (iii) ''आयोग'' से अभिप्रेत हैं बिहार कर्मचारी चयन आयोग या सरकार द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य संगठन, (iv) ''निदेशालय'' से अभिप्रेत है विज्ञान एवं प्रावैधिकी निदेशालय, (v) ''विभाग'' से अभिप्रेत है विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, (vi) ''समिति'' से अभिप्रेत हैं विभाग द्वारा गठित विभागीय प्रोन्नति समिति, (vii) ''सीधी नियुक्ति'' से अभिप्रेत हैं बिहार कर्मचारी चयन आयोग या सरकार द्वारा प्राधिकृत अन्य संगठन की अनुशंसा पर की जाने वाली नियुक्ति,11 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 (viii) ''संवर्ग के सदस्य'' से अभिप्रेत हैं इस नियमावली के उपबंधों के अधीन बिहार राजकीय पोलिटेकनिक/राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों के लिए पोलिटेकनिक सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष संवर्ग मेें नियुक्त एवं शामिल व्यक्ति,
(ix) ''नियुक्ति प्राधिकार'' से अभिप्रेत हैं निदेशक, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, (x) ''वर्ष के अन्दर रिक्ति'' से अभिप्रेत हैं सेवा में नये पदों के सृजन, सेवा निवृत्ति, मृत्यु, सेवा से हटाये जाने और पदच्युत किये जाने के फलस्वरूप पहली अप्रैल को उपलब्ध रिक्ति,
(xi) ''वर्ष'' से अभिप्रेत हैं वित्तीय वर्षं अर्थात् पहली अप्रैल से अगले वर्ष के 31 मार्च तक की अवधि, 3. राजकीय पोलिटेकनिक/राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों में सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष संवर्ग हेतु संवर्गीय
| क॰ | पदनाम | प्रास्थिति | योग्यता |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष | मूल कोटि (अराजपत्रित) | मान्यता प्राप्त संस्थान से लाईब्रेरी सांइस में डिप्लोमा अथवा लाईब्रेरी सांइस से स्नातक |
| 2 | पुस्तकालयाध्यक्ष | प्रथम प्रोन्नति स्तर (अराजपत्रित) | सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर आठ वर्षा का कार्य अनुभव के साथ राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक, प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (NITTTR) के द्वारा संचालित न्यूनतम चार सप्ताह का प्रशिक्षण। |
| 3 | वरीय पुस्तकालयाध्यक्ष | द्वितिय प्रोन्नति स्तर (अराजपत्रित) | पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर आठ वर्र्षों का कार्य अनुभव के साथ राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक, प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (NITTTR) के द्वारा संचालित न्यूनतम चार सप्ताह का प्रशिक्षण। |
3.2 संवर्ग के विभिन्न कोटि के पदों का वेतनमान/वेतन स्तर वही होगा जैसा समय-समय पर विा विभाग, बिहार सरकार द्वारा निर्धारित किया जाय।
4. रिक्तियों की अवधारणा एवं आयोग को इसकी सूचना ।- प्रत्येक वर्ष की 1ली अप्रैल से सरकार उस वर्ष के लिए राजकीय पोलिटेकनिक/राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों हेतु सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष के पदों पर सीधी भर्त्ती द्वारा भरी जाने वाली रिक्तियों की गणना करेगी एवं उसके अनुसार सीधी नियुक्ति से संबंधित रिक्तियों की अधियाचना आयोग को प्रेषित करेगी।
5. सीधी भर्त्ती ।- (1) संवर्ग के मूल पद अर्थात् सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर सीधी भर्त्ती आयोग की अनुशंसा के आधार पर की जायेगी।
(2) सीधी भर्ती वस्तुनिष्ठ लिखित परीक्षा 100 अंकों के आधार पर होगी। (3) विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभागान्तर्गत संविदा के आधार पर पूर्व में अभ्यर्थियों द्वारा समान पद पर प्रति वर्ष की गई संतोषजनक सेवा के लिए 05 अंक प्रति वर्ष की दर से अधिकतम 25 अंकों की अधिमानता दी जायेगी। 06 माह से ज्यादा एवं 01 वर्ष से कम की अवधि को 01 पूर्ण वर्ष माना जायेगा।
6. परीक्ष्यमान अवधि/विभागीय परीक्षा/प्रशिक्षण ।- (1) प्रथम नियुक्ति के उपरान्त दो वर्षों तक परीक्ष्यमान अवधि रहेगी जिसे लिखित रूप से अभिलेखित किये जा सकने वाले कारणों से अगले 01 वर्ष तक के लिए विस्तारित किया जा सकेगा। परीक्ष्यमान अवधि किसी भी परिस्थिति में तीन वर्षाें से अनधिक होगी। विस्तारित अवधि में भी सेवा असंतोषजनक पाये जाने पर सेवा समाप्त की जा सकेगी। परीक्ष्यमान अवधि सफलतापूर्वक पूरा करने एवं उक्त अवधि में सेवा संतोषजनक रहने पर सेवा की संपुष्टि की जा सकेगी। इसके अतिरिक्त सेवा संपुष्टि हेतु राज्य सरकार द्वारा समय-समय लागू प्रावधानों का पालन आवश्यक होगा।
7. आरक्षण ।-इस सेवा में सीधी भर्त्ती तथा प्रोन्नति में सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित आरक्षण-रोस्टर के प्रावधान लागू रहेंगे।
8. उम्र सीमा ।- संवर्ग में सीधी नियुक्ति हेतु न्यूनतम उम्र सीमा 18 वर्ष होगी तथा अधिकतम उम्र सीमा वही होगी जैसा समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाय।
परन्तुक-1. उम्र सीमा में किसी भी प्रकार के विवाद का निष्पादन सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना द्वारा समय-समय पर जारी निदेशों के अनुसार किया जायेगा। 2. विभाग के अधीन समान पद पर संविदा के आधार पर कार्यरत रहे अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में उनके द्वारा संविदा पर किये गये सेवा अवधि के समतुल्य अवधि की छूट दी जायेगी।
9. वरीयता ।- निदेशालय प्रत्येक वर्ष अप्रैल माह में इस संवर्ग के प्रत्येक पद के लिए विधिवत नियुक्त एवं कार्यरत कर्मियों की वरीयता सूची प्रकाशित करेगा। सीधी भर्त्ती से नियुक्त कर्मियों की आपसी वरीयता आयोग की अनुशंसा के मेधा12 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 क्रमानुसार निर्धारित की जाएगी। प्रोन्नति के पदों पर वरीयता का निर्धारण प्रोन्नति संबंधी आदेश से निर्धारित होगा। किसी एक आदेश से प्रोन्नत कर्मियों की आपसी वरीयता पिछले पदसोपान के वरीयता क्रम में निर्धारित की जाएगी।
10. प्रोन्नति ।-इस संवर्ग के सदस्यों को नियम-3 में उपबंधित प्रावधानों के अधीन बिहार सरकार द्वारा निर्धारित मापदण्ड के आलोक में विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा पर प्रोन्नति देय होगी। विभागीय प्रोन्नति समिति का गठन विभाग द्वारा अलग आदेश से किया जाएगा।
11. विविध ।-इस नियमावली से अनाच्छादित विषयों/बिन्दुओं के संबंध में राज्य सरकार के समकक्ष स्तर के कर्मियों के लिए तत्समय प्रवृत नियम/अनुदेश लागू होंगे।
12. निर्वचन ।- जहाँ इस नियमावली के प्रावधानों के संबंध में कोई संदेह उत्पन्न हो, वहाँ विभाग द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम माना जाएगा और तद्नुसार निर्णित होगा।
13. कठिनाइयों का निराकरण ।- नियमावली से संबंधित किसी भी कठिनाई का अंतिम निराकरण राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा।
14. निरसन ।-(1) इस नियमावली के आरंभ के पूर्व निर्गत सभी संकल्प/परिपत्र एतद् द्वारा निरसित किये जाते है। (2) ऐसे निरसन के होते हुए भी पूर्व निर्गत संकल्प/नियमावली/आदेश आदि के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए किया गया कोई कार्य या की गई कार्रवाई, इस नियमावली द्वारा या इसके अधीन प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए किया गया समझा जायेगा, मानो यह नियमावली उस तिथि को प्रवृत्त थी, जिस तिथि को ऐसा कोई कार्य या ऐसी कोई कार्रवाई की गई थी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मिर्जा आरिफ रज़ा, उप-सचिव।
The 8th March 2021
No. वि0प्रा0 (III) नि0-30/2019-823--In Exercise of powers conferred by proviso to article- 309 of the Constitution of India, the Governor of Bihar is hereby pleased to make the following Rules related to the recruitment, promotion and other service conditions of the Assistant Librarian in Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics under the Department of Science and Technology:-
1. Short title, extent and commencement- (1) These rules may be called the "Assistant Librarian in Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics Cadre Rules, 2021".
(2) It shall extend to the whole of the state of Bihar, which shall be effective for all Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics under the Department of Science and Technology.
(3) It shall come into force at once. 2. Definitions- In these Rules, unless otherwise required in the context- (i) 'Cadre' means, the cadre of Assistant Librarian in Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics as explained in rule-3.
(ii) 'Government' means the Government of Bihar. (iii) 'Commission' means Bihar Staff Selection Commission or other organization authorized by the State Government.
(iv) 'Directorate' means Directorate under Department of Science and Technology. (v) 'Department' means the 'Department of Science and Technology, Bihar, Patna. (vi) 'Committee' means departmental promotion committee constituted by the department.
(vii) 'Direct appointment' means appointment done on the basis of recommendations made by the Bihar Staff Selection Commission or other organization authorized by the State Government.
(viii) 'Member of Cadre' means any person appointed as Assistant Librarian in Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics under the provisions of this rules.
(ix) 'Appointing Authority' means, Director, Department of Science and Technology, Bihar, Patna.
13 बिहार गजट, 17 मार्च 2021(x) 'Vacancy within Year' means vacancy available on 1st April of the year due to creation of new post, superannuation, death, removal from service and termination from service.
(xi) 'Year' means financial year i.e. 1st April to 31st March. 3. Cadre Structure for Assistant Librarian in Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics.
3.1 The educational qualifications and other essential qualification for the cadre post will
| S.N Designation | Level | Qualification | |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | Assistant Librarian | Basic category (non gazetted) | Diploma in Library Science from recognized institution or graduation in Library Science. |
| 2. | Librarian | First promotional Grade (non gazetted) | Eligibility for promotion- Eight years of work experience as Assistant Librarian along with four weeks training from NITTTR. |
| 3. | Senior Librarian | Second promotional Grade (non gazetted) | Eligibility for promotion- Eight years of work experience as Librarian along with four weeks training from NITTTR. |
by the Finance Department, Government of Bihar from time to time.
4. Determination of vacancies and its information to the Commission- The Government will calculate the vacancies as on 1st April every year for the direct recruitment for the post of Assistant Librarian, Government Polytechnics/ Government Women Polytechnics and send requisition of vacancies to the Commission.
5. Direct Recruitment: (1) Direct recruitment to the basic post of the cadre i.e. Assistant Librarian shall be made as per the recommendation of the commission.
(2) Direct Recruitment shall be made on the basis of objective written examination of 100 marks.
(3) The candidate will be given weightage of 05 marks for each year maximum of 25 marks for the satisfactory completion of contractual service on the same post under the Science and Technology Department. The period of six months and more and less than one year shall be treated as one year.
6. Probation Period/Departmental Examination/Training- (1) After first recruitment there shall be a probation of two years, which may be extended further for one year with reasons for the same to be recorded in writing. The probation period will not be more than 3 years in any circumstances. If the service is not found satisfactory even during extended period, then person concerned may be terminated from service. Service may be confirmed, if probation period has been completed successfully and in that period service was found to be satisfactory. In addition to this guidelines issued by the Government from time to time for the confirmation of service will be applicable.
7. Reservation: For direct appointment and promotion, the provisions of Reservation - Roster as notified by the State Government, from time to time will be applicable.
8. Age Limit- Minimum age limit for direct appointment will be 18 years and maximum age limit will be such as determined by the state government from time to time.
Proviso 1. In case of any dispute in age limit, it shall be resolve as per the guidelines issued by General Administration Department, Bihar, Patna from time to time.
14बिहार गजट, 17 मार्च 2021 2. Candidates engaged on the contract basis under the department shall be given relaxation in age equivalent to work rendered by them.
9. Seniority:- The Directorate will publish seniority list of duly appointed and working employees. Seniority of directly appointed employees will be determined as per the merit list recommended by the Commission. Seniority of the promotional post will be determined as per promotion related order. Seniority list of employees promoted by one order will be determined as per the seniority list of previous post.
10. Promotion:- The Members of this cadre will be given promotion as per the provision contained in rule-3 in light of criteria fixed by the Bihar Government and recommendations of Departmental Promotion Committee. The Departmental Promotion Committee shall be constituted by the Department by a separate order.
11. Miscellaneous:- Matters which are not specifically covered by these rules shall be governed by the rules, instruction or orders applicable to the employees of equivalent level of the State Government.
12. Interpretation:- In case of any doubt relating to interpretation of any provision of these Rules, decision of the department will be final and matter will be decided accordingly.
13. Removal of Difficulties:- Any difficulty related to these Rules shall be finally removed by the order of the State Government.
14. Repeal:- (1) All resolution/circulars issued prior to commencement of these Rules are hereby repealed.
(2) Notwithstanding such repeal anything done or any action taken under any previous resolution / circulars / orders shall be deemed to be done or taken under these rules as if these Rules were in force on the day on which such action was taken or done.
By the order of the Governor Bihar, Mirza Arif Raza, Deputy Secretary.
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सामान्य प्रशासन विभाग
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अधिसूचनाएं
8 जनवरी 2021
सं0 1/पी-1001/2020(खण्ड)-सा0प्र0-430--श्री पंकज कुमार, भा0प्र0से0(1997), सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पथ विकास निगम, पटना) अगले आदेश तक जाँच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे ।
2. श्री राजेश कुमार, भा0प्र0से0(2001), सचिव, बिहार मानवाधिकार आयोग, पटना (अतिरिक्त प्रभार-जॉंच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना), उपर्युक्त कंडिका-1 के आलोक में जॉंच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त हो जायेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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13 जनवरी 2021
सं0 1/अ0-1029/2013-सा0प्र0-631--श्री दिनेश कुमार, भा0प्र0से0 (2007), निदेशक, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण निदेशालय, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली,1955 के नियम-10,11 एवं 20 के अधीन दिनांक 21.12.2020 से 07.01.2021 तक कुल 18 दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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14 जनवरी 2021
सं0 1/पी-1001/2020-सा0प्र0-679--श्री ब्रजेश मेहरोत्राा, भा0प्र0से0(1989), अपर मुख्य सचिव, उद्योग विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-अपर मुख्य सचिव, संसदीय कार्य विभाग, बिहार, पटना) अगले आदेश तक प्रबंध निदेशक,15 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 बिहार औद्योगिक क्षेत्रा विकास प्राधिकार (बियाडा), पटना और प्रबंध निदेशक, आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार(आइडा), पटना के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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15 जनवरी 2021
सं0 1/अ0-1017/2014(खंड)-सा0प्र0-682--सुश्री रंजिता, भा0प्र0से0(2013), तदेन अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार, पटना सम्प्रति श्रमायुक्त, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-निदेशक, नियोजन एवं प्रशिक्षण/अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बिहार कौशल विकास मिशन) को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली, 1955 के नियम-10,11 एवं 20 के अधीन विभागीय अधिसूचना संख्या-11926 दिनांक 14.12.2020 द्वारा दिनांक 14.12.2020 से 01.01.2021 तक कुल 19 दिनों की उपार्जित छुट्टी एवं दिनांक 02-03 जनवरी, 2021 के सार्वजनिक अवकाशों के उपभोग की स्वीकृति प्रदान की गयी थी। 2. सुश्री रंजिता से प्राप्त अवकाश संशोधन संबंधी आवेदन के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-11926 दिनांक 14.12.2020 द्वारा उपभोग के लिए अनुमत आलोच्य छुटि्टयों को दिनांक 14.12.2020 के स्थान दिनांक 15.12.2020 से पुनरीक्षित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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19 जनवरी 2021
सं0 1/पी0-1001/2020-सा0प्र0-828--श्री जिउत सिंह, भा0प्र0से0(2008), बन्दोबस्त पदाधिकारी, बेगूसराय को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक नगर आयुक्त, नगर निगम, पूर्णिया के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।
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22 जनवरी 2021
सं0 1/पी-1001/2020(खंड)-सा0प्र0-1004--श्री प्रेम सिंह मीणा, भा0प्र0से0(2000), सचिव, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, महादलित विकास मिशन, पटना) अगले आदेश तक प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम लिमिटेड, पटना के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे ।
सं0 1/पी-1001/2020(खंड)-सा0प्र0-1005--श्री आलोक कुमार, भा0व0से0(2007) (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार, पटना द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को सेवा सौंपे जाने के उपरान्त सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में) को अगले आदेश तक विशेष सचिव, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।
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28 जनवरी 2021
सं0 1/एल0-43/2003-सा0प्र0-1246--श्री मिहिर कुमार सिंह, भा0प्र0से0(93), प्रधान सचिव, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के अधीन दिनांक 29.01.2021 से 06.02.2021 तक कुल 09 दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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8 फरवरी 2021
सं0 1/अ0प्र0-1001/2020-सा0प्र0-1721--लाल बहादुर शास्त्राी राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में दिनांक
| क्रम सं. | प्रशिक्षण के लिए नामित पदाधिकारी एवं पदनाम जिनके लिए प्रभार की संदर्भित व्यवस्था की गयी है | प्रशिक्षण से संबंधित अनुपस्थिति अवधि मे स्तंभ-02 के ं पदों के प्रभार के संबंध में व्यवस्था |
| 1 | 2 | 3 |
| 1 | श्री आलोक रंजन घोष, भा0प्र0से0 (2011), जिला पदाधिकारी, खगड़िया । | जिला के अपर समाहर्त्ता अथवा उप विकास आयुक्त (जो वरीय हों) प्रभार में रहेंगे। तत्संबंधी आदेश जिला पदाधिकारी, खगड़िया द्वारा निर्गत किया जायेगा। |
| 1 | 2 | 3 |
| 2 | श्री महेन्द्र क ुमार, भा0प्र0से0 (2011), जिला पदाधिकारी, सुपौल । | जिला के अपर समाहर्त्ता अथवा उप विकास आयुक्त (जो वरीय हों) प्रभार में रहेंगे। तत्संबंधी आदेश जिला पदाधिकारी, सुपौल द्वारा निर्गत किया जायेगा। |
| 3 | श्री हिमांशु शर्मा, भा0प्र0से0 (2011), मुुख्य कार्यपालक पदाधिकारी-सह-नगर आयुक्त, पटना नगर निगम, पटना। | नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा आंतरिक रुप से की जायेगी। |
| 4 | श्री त्यागराजन एस0 ए0म, भा0प्र0से0 (2011), जिला पदाधिकारी, दरभंगा । | जिला के अपर समाहर्त्ता अथवा उप विकास आयुक्त (जो वरीय हों) प्रभार में रहेंगे। तत्संबंधी आदेश जिला पदाधिकारी, दरभंगा द्वारा निर्गत किया जायेगा। |
| 5 | श्री शीर्षत कपिल अशोक, भा0प्र0से0 (2011), जिला पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी । | जिला के अपर समाहर्त्ता अथवा उप विकास आयुक्त (जो वरीय हों) प्रभार में रहेंगे। तत्संबंधी आदेश जिला पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा निर्गत किया जायेगा। |
| 6 | श्री राहुल कुमार, भा0प्र0से0 (2011), जिला पदाधिकारी, पूर्णिया | जिला के अपर समाहर्त्ता अथवा उप विकास आयुक्त (जो वरीय हों) प्रभार में रहेंगे। तत्संबंधी आदेश जिला पदाधिकारी, पूर्णिया द्वारा निर्गत किया जायेगा। |
| 7 | श्री प कज दीक्षित, ं भा0प्र0से0 (2011), निदेशक तकनीकी, उद्योग विभाग, बिहार, पटना। | उद्योग विभाग द्वारा आंतरिक रुप से की जायेगी। |
| 8 | श्री देओर निलेश रामचन्द्र, भा0प्र0से0 (2011), जिला पदाधिकारी, सारण, छपरा | जिला के अपर समाहर्त्ता अथवा उप विकास आयुक्त (जो वरीय हों) प्रभार में रहेंगे। तत्संबंधी आदेश जिला पदाधिकारी, सारण, छपरा द्वारा निर्गत किया जायेगा। |
| 9 | श्री संजीव कुमार, भा0प्र0से0 (2012), निदेशक, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, बिहार, पटना | विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग द्वारा आंतरिक रुप से की जायेगी। |
| 10 | श्री राजेश मीणा, भा0प्र0से0 (2012), निबंधक, सहयोग समितियॉॅं, सहकारिता विभाग, बिहार, पटना | सहकारिता विभाग द्वारा आंतरिक रुप से की जायेगी। |
| 11 | श्री श्रीकान्त शास्त्राी, भा0प्र0से0 (2012), नगर आयुक्त, मुंगेर नगर निगम, मुंगेर | नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा आंतरिक रुप से की जायेगी। |
| 12 | श्री योगेन्द्र सिंह, भा0प्र0से0 (2013), जिला पदाधिकारी, नालन्दा, बिहार शरीफ | जिला के अपर समाहर्त्ता अथवा उप विकास आयुक्त (जो वरीय हों) प्रभार में रहेंगे। तत्संबंधी आदेश जिला पदाधिकारी, नालन्दा, बिहारशीर द्वारा निर्गत किया जायेगा। |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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9 फरवरी 2021
सं0 1/पी-1019/2013-सा0प्र0-1828--श्री पंकज दीक्षित, भा0प्र0से0 (2011), निदेशक तकनीकी, उद्योग विभाग, बिहार, पटना अगले आदेश तक निदेशक, हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय,पटना के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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9 फरवरी 2021
सं0 1/पी0-1005/2013-सा0प्र0-1829--राज्य में प्रतिनियुक्ति के आधार पर कार्यरत श्री सतीश चन्द्र झा, आई0 पी0 एण्ड टी ए एफ एस (98), विशेष सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना की राज्य में प्रतिनियुक्ति अवधि को दूरसंचार विभाग, संचार मंत्राालय, भारत सरकार की सहमति से दिनांक 30.08.2021 के बाद दिनांक 31.08.2021 से दिनांक 30.08.2023 तक विस्तारित की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
12 फरवरी 2021
सं0 1/एल0-016/2003-सा0प्र0-2001--श्री ई0 एल0 एस0 एन0 बाला प्रसाद, भा0प्र0से0 (86), सम्प्रति राष्ट्रपति के विशेष कार्य पदाधिकारी, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली द्वारा पीएच डी संबंधी वैदेशिक अध्ययन पर दिनांक 01.08.2003 से 30.06.2008 तक बितायी गई अवधि को विभागीय अधिसूचना संख्या-1/एल0-016/2003-सा0प्र0-6218 दिनांक 15.05.2018 के माध्यम से विभिन्न प्रकार के अनुमान्य अवकाशों में विनियमित किया गया था। तत्पश्चात्, उक्त विनियमन से आच्छादित17 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 दिनांक 01.01.2004 से 31.12.2004 तक की 366 दिनों की अवधि को विभागीय अधिसूचना संख्या-1/ एल0-016/2003-सा0प्र0-7627 दिनांक 11.6.2018 से टी0ए0/डी0ए0 रहित कर्त्तव्य अवधि के रुप में विनियमित किया गया।
2. कालांतर में श्री प्रसाद द्वारा समर्पित आवेदन पर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली के पत्राांक-11020/13/2003-ए आई एस-।।। दिनांक 21.03.2019 से मार्गदर्शन के अनुरुप श्री प्रसाद के स्तर से आलोच्य पीएच डी की पूर्णता के लिए समर्पित प्रमाण-पत्रा तथा प्रश्नगत शोध आधारित प्रतिवेदन के आलोक में संदर्भित अध्ययन से सम्बद्ध दिनांक 01.08.2003 से 30.06.2008 तक की अवधि को अखिल भारतीय सेवायें (छुट्टी)नियमावली,1955 के नियम-10(1) (ं) तथा (इ) और 19 एवं अखिल भारतीय सेवाएॅं (अध्ययन छुट्टी) विनियमावली,1960 के सह-पठित विनियम-3, 4 और 5 के तहत निम्नवत पुनरीक्षित किया जाता हैः-
| क्र. | छुट्टी की अवधि /दिन | छुट्टी का प्रकार |
| 1 | 01.8.2003-31.12.2003-153 दिन | अध्ययन अवकाश |
| 2 | 01.01.2004-31.12.2004-366 दिन | टी.ए./डी.ए. रहित कर्त्तव्य अवधि |
| 3 | 01.01.2005-31.07.2005-212 दिन | अध्ययन अवकाश |
| 4 | 01.08.2005-31.07.2006-365 दिन | अध्ययन अवकाश |
| 5 | 01.08.2006-31.12.2006- 153 दिन | उपार्जित अवकाश |
| 6 | 01.01.2007-05.06.2007-156 दिन | उपार्जित अवकाश |
| 7 | 06.06.2007-31.07.2007-56 दिन | अर्द्धवैतनिक अवकाश |
| 8 | 01.08.2007-30.06.2008-335 दिन | असाधारण अवकाश |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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23 फरवरी 2021
सं0 1/अ0-08/2011-सा0प्र0-2483--श्रीमती वन्दना किनी, भा0प्र0से0 (89), आयुक्त, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर (अतिरिक्त प्रभार- आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर) को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली-1955 के नियम-10,11 एवं 20 के अधीन दिनांक 17.02.2021 से 10.03.2021 तक कुल 22 दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 2. श्रीमती वन्दना किनी की आलोच्य छुट्टी अवधि में श्री राहुल रंजन महिवाल, भा0प्र0से0(एम एचः2005), आयुक्त, पूर्णिया प्रमंडल, पूर्णिया (अतिरिक्त प्रभार-आयुक्त, कोसी प्रमंडल, सहरसा) अपने सभी कार्यों के अतिरिक्त आयुक्त, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर और आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर के भी प्रभार में रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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24 फरवरी 2021
सं0 1/पी-1001/2020-सा0प्र0-2540--श्री बैद्यनाथ यादव, भा0प्र0से0(2007), विशेष सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक निदेशक, अर्थ एवं सांख्यिकी, योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/पी-1001/2020-सा0प्र0-2541--श्री संजीव कुमार, भा0प्र0से0(2012), निदेशक, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना) वर्तमान अतिरिक्त प्रभार (संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना) से मुक्त हो जायेंगे और अगले आदेश तक संयुक्त सचिव, योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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26 फरवरी 2021
सं0 1/एल0-11/2004-सा0प्र0-2702--श्री अरूण कुमार सिंह, भा0प्र0से0(85), विकास आयुक्त, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-महानिदेशक, बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान, पटना) को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली,1955 के नियम-12,13 एवं 20 के अधीन दिनांक 12.01.2021 से 11.02.2021 तक कुल 31 दिनों के रूपांतरित अवकाश (62 दिनों के अर्द्धवैतनिक अवकाश के बदले) की कार्योपरान्त स्वीकृति प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।18 बिहार गजट, 17 मार्च 2021
26 फरवरी 2021
सं0 1/अ0-21/2008-सा0प्र0-2703--श्रीमती बन्दना प्रेयषी, भा0प्र0से0(2003), सचिव, सहकारिता विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के अधीन दिनांक 05.12.2020 से 03.01.2021 तक कुल 30 दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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28 फरवरी 2021
सं0 1/पी-1004/2021-सा0प्र0-2712--श्री अरूण कुमार सिंह, भा0प्र0से0(1985), विकास आयुक्त, बिहार (अतिरिक्त प्रभार-महानिदेशक, बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान-बिपार्ड, पटना) को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक मुख्य सचिव, बिहार के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/पी-1004/2021-सा0प्र0-2713--श्री आमिर सुबहानी,भा0प्र0से0(1987), अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- निगरानी विभाग, बिहार, पटना/निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, बिहार, पटना) को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक विकास आयुक्त, बिहार के पद पर पदस्थापित किया जाता है। 2. श्री सुबहानी अगले आदेश तक महानिदेशक, बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान-बिपार्ड , पटना/ निगरानी विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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28 फरवरी 2021
सं0 1/पी-1004/2021-सा0प्र0-2714--श्री चैतन्य प्रसाद,भा0प्र0से0(1990), प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक प्रधान सचिव, गृह विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
2. श्री प्रसाद अगले आदेश तक प्रधान सचिव, निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
सं0 1/पी-1004/2021-सा0प्र0-2715--श्री रवि मनुभाई परमार, भा0प्र0से0(1992) प्रधान सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-पर्यटन विभाग/प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम, पटना) को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक प्रधान सचिव, लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
2. श्री परमार अगले आदेश तक प्रधान सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना/प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम, पटना के अतिरिक्त प्रभार में रहेेंगे।
सं0 1/पी-1004/2021-सा0प्र0-2716--श्री संतोष कुमार मल्ल, भा0प्र0से0(1997), सचिव, लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना(अतिरिक्त प्रभार-सचिव, सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार, पटना/प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड, , पटना) को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक सचिव, सूचना प्रावैधिकी विभाग के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
2. श्री मल्ल अगले आदेश तक सचिव, पर्यटन विभाग, बिहार, पटना/प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड, पटना के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
सं0 1/पी-1004/2021-सा0प्र0-2717--श्री प्रेम सिंह मीणा, भा0प्र0से0 (2000), सचिव, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग (अतिरिक्त प्रभार-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, महादलित विकास मिशन, पटना/प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम लिमिटेड, पटना) को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक सचिव, वित्त विभाग , बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/पी-1004/2021-सा0प्र0-2718--श्री दिवेश सेहरा,भा0प्र0से0(2005), सचिव, वित्त विभाग, बिहार, पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक सचिव, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
2. श्री सेहरा अगले आदेश तक मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, महादलित विकास मिशन, पटना/प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम लिमिटेड, पटना के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
सं0 1/पी-1004/2021-सा0प्र0-2719--श्री संजीव हंस(1997), सचिव, ऊर्जा विभाग (अतिरिक्त प्रभार-अध्यक्ष, बिहार राज्य पावर होल्डिग कम्पनी, पटना) अगले आदेश तक सचिव, जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।19 बिहार गजट, 17 मार्च 2021
28 फरवरी 2021
सं0 1/पी-1001/2020-सा0प्र0-2720--श्री बैद्यनाथ यादव, भा0प्र0से0(2007), निदेशक, अर्थ एवं सांख्यिकी, योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना अगले आदेश तक विशेष सचिव, योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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28 फरवरी 2021
सं0 1/सी0-1002/2021-सा0प्र0-2721--श्री संजय कुमार, भा0प्र0से0 (बी एच : 90), प्रधान सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-प्रधान सचिव, मंत्रिामंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना/राज्य परामर्शदातृ समिति के सदस्य सचिव) कोे शीर्ष वेतनमान (स्तर-17-रु0 2,25,000/- नियत) में दिनांक 28.01.2021 की रिक्ति के विरुद्ध प्रभार ग्रहण की तिथि से प्रोन्नति प्रदान करते हुए अपर मुख्य सचिव के रुप में पदनामित किया जाता है।
2. श्री संजय कुमार द्वारा शीर्ष वेतनमान का प्रभार ग्रहण किये जाने की तिथि से उनके द्वारा धारित वर्तमान मूल पद को उनके पदस्थापन अवधि तक के लिए शीर्ष वेतनमान में उत्क्रमित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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28 फरवरी 2021
सं0 1/सी0-1002/2021-सा0प्र0-2722--चैतन्य प्रसाद, भा0प्र0से0 (बी एच : 90), प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना (जिन्हें सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1/पी-1004/2021- सा0प्र0-2714 दिनांक 28.02.2021 द्वारा वर्तमान पद से स्थानांतरित करते हुए प्रधान सचिव, गृह विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित कर प्रधान सचिव, निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, बिहार, पटना का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है) कोे शीर्ष वेतनमान (स्तर-17-रु0 2,25,000/-नियत) में दिनांक 01.03.2021 की रिक्ति के विरुद्ध प्रभार ग्रहण की तिथि से प्रोन्नति प्रदान करते हुए अपर मुख्य सचिव के रुप में पदनामित किया जाता है।
2. श्री चैतन्य प्रसाद द्वारा शीर्ष वेतनमान का प्रभार दिनांक 01.03.2021 या उसके बाद ग्रहण किये जाने की तिथि से उनके स्तर से धारित रहने वाले मूल पद को उनकी संगत पदस्थापन अवधि तक के लिए शीर्ष वेतनमान में उत्क्रमित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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4 मार्च 2021
सं0 1/सी0-1002/2021-सा0प्र0-3038--श्री के0 के0 पाठक, भा0प्र0से0 (बी एच : 90), प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड, भारत सरकार, नई दिल्ली को भा0प्र0से0(वेतन) नियमावली, 2016 के नियम-8 (5) के तहत शीर्ष वेतनमान (मुख्य सचिव स्तर, वेतनमान-लेवल-17-रु0 2,25,000/-नियत) में प्रोफॉर्मा प्रोन्नति प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
------- कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------ अधिसूचना 8 मार्च 2021
सं0 कारा/स्था0(अधी0)-01-01/2020-2244--बिहार लोक सेवा आयोग की 63वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर सुश्री अनामिका कुमारी, संयुक्त मेधाक्रम-202 अनुक्रमांक-259405 की बिहार कारा सेवा के पद पर नियुक्ति हेतु अनुशंसा की गई।
2. बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में विभागीय ज्ञापांक-259 दिनांक 10.01.2020 द्वारा सुश्री अनामिका कुमारी को दिनांक 24.01.2020 को पूर्वाह्न 11ः30 बजे शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य प्रमाण पत्रों की जाँच हेतु उपस्थित होने का निदेश दिया गया। परंतु वे उक्त तिथि को उपस्थित नहीं हुई। पुनः विभागीय पत्रांक-961 दिनांक 04.02.2020 द्वारा उन्हें दिनांक 20.02.2020 तक उपस्थित होने का निदेश दिया गया। परंतु वे उक्त तिथि तक भी उपस्थित नहीं हुई।
3. विभागीय ज्ञापांक-4490 दिनांक 03.07.2020 द्वारा सुश्री अनामिका कुमारी को अनुशंसित पद पर नियुक्ति के लिए प्रमाण पत्रों के सत्यापन हेतु अंतिम अवसर प्रदान करते हुए दिनांक 15.07.2020 तक विभाग में उपस्थित होने हेतु निदेश दिया20 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 गया। इसके बावजूद वे न तो निर्धारित तिथि तक प्रमाण पत्रों के जाँच हेतु इस कार्यालय में उपस्थित हुई एवं न हीं उनके द्वारा किसी प्रकार का दावा/अनिच्छा संबंधी सूचना विभाग को उपलब्ध करायी गई।
4. अतः बिहार लोक सेवा आयोग की 63वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर बिहार कारा सेवा में नियुक्ति हेतु अनुशंसित सुश्री अनामिका कुमारी, संयुक्त मेधाक्रम-202 अनुक्रमांक-259405 का अभ्यर्थित्व (Candidature) रद्द किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।
------- गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ------ अधिसूचना 15 मार्च 2021 सं0 7/सी0सी0ए0-1024/2001(खंड-II)गृ0आ0-2363--बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1981 (7/81) के अध्याय-2 की धारा-12 (2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल, राज्य के सभी जिला दण्डाधिकारियों को उपर्युक्त अधिनियम की धारा-12 (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का अपने जिला के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के एतद् विषयक अधिसूचना संख्या-8468, दिनांक 11.12.2020 के क्रम में अगले तीन महीनों के लिए अर्थात दिनांक 01.04.2021 से 30.06.2021 (एक अप्रैल दो हजार इक्कीस से तीस जून दो हजार इक्कीस) तक प्रयोग करने की शक्ति प्रदान करते हैं।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।
------ शिक्षा विभाग ------ अधिसूचना 18 फरवरी 2021 सं0 15/ ए 6-02/2008 (अंश I)-409--श्री दीपक कुमार सिंह, उप निदेशक, उच्च शिक्षा, बिहार, पटना को अपने कार्यों के अतिरिक्त मैथिली अकादमी, पटना, मगही अकादमी, पटना, संस्कृत अकादमी, पटना, बंगला अकादमी, पटना एवं हिन्दी ग्रन्थ अकादमी, पटना के कार्यकारी निदेशक के रूप में अगले आदेश तक प्राघिकृत किया जाता है। उक्त पद पर नियमित नियुक्ति अथवा अन्य कोई आदेश निर्गत होने के पश्चात् यह कार्यकारी व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जायेगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अरशद फिरोज, उप-सचिव।
------ कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ------ अधिसूचना 13 मार्च 2021
सं0 1/प्रति.05-01/2019-235--डॉ0 करूणा कुमारी, भा॰प्र॰से॰, अपर सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना को अपने कार्यों के अतिरिक्त अगले आदेश तक के लिए निदेशक, पुरातत्व, बिहार के पद का प्रभार सौंपा जाता है। 2. प्रस्ताव पर माननीय मंत्री, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, प्रभात चन्द्र, उप-सचिव।
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समाहरणालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी (जिला स्थापना शाखा) ------ आदेश 13 जुलाई 2020 सं0 XVII-195/2018-838----श्री रधुनाथ महतो, पिता-स्व0 भगवान भगत, ग्राम-भोपतपुर, टोला-अहिरौलिया, थाना-कोटवा का परिवाद पत्र जो मौजा मननपुर, थाना-केसरिया, थाना नं0-40 के खाता संख्या-301 खेसरा संख्या-198021 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 के खाताधारी के नाम में खतियान पंजी में हेरा-फेरी कर रामवेलास कोइरी के स्थान पर प्रगास बेलास बनाकर निर्गत किए जाने से संबधित जाँच ज्ञापांक-37 दिनांक-20.06.2017 से अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को सौपा गया। अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के पत्रांक-109 दिनांक-30.09.2017 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया जिसमें उनके द्वारा खतियान पंजी में खाताधारी के नाम में हेरा-फेरी के आरोप को सही पाते हुए इसमें रम्भू महतो, दफ्तरी की स्पष्ट संलिप्ता बतायी गई है। अपर समाहर्त्ता पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में प्रबंधक, बेतिया राज से उक्त खाता के खाताधारी के नाम का सत्यापन कराया गया। प्रबंधक बेतिया राज के पत्रांक-148 दिनांक 31.05.2018 से खतियान में खाताधारी का नाम रामबेलास कोईरी ही दर्ज है का सत्यापन प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। उपरोक्त के आलोक में प्रभारी पदाधिकारी जिला अभिलेखागार पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के पत्रांक-44 दिनांक 06.08.2019 से खतियान पंजी में हेरा-फेरी करने के आरेप में श्री रम्भू महतो, दफ्तरी जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के विरूद्ध प्रपत्र ''क'' में आरोप पत्र गठित कर उपलबध कराया गया जिसे अनुमोदित करते हुए इस कार्यालय के आदेश ज्ञापांक-970 दिनांक-29.08.2019 से अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन) पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को संचालन पदाधिकारी एवं प्रभारी पदाधिकारी जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन), पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के पत्रांक 26 दिनांक 15.01.2020 से संचालन प्रतिवेदन प्राप्त हुआ जो निम्न प्रकार हैः-
| कर्मी पर लगाये गये आरोप | आरोपी द्वारा दिया गया कारण पृच्छ | उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्य | संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन एवं मंतव्य |
| श्री रधुनाथ महतो, पिता-स्व0 भगवान भगत, सा0- भोपतपुर टोला अहिरौलिया, थाना-कोटवा द्वारा जिलाधिकारी महोदय के समक्ष परिवाद दाखिल किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि जिला अभिलेखागार मोतिहारी में कार्यालय के मिली-भगत से सवे र्हाल खाता न 0-301, ं खेसरा न 0-1980, ं मौजा- मननपुर, थाना न 0-40 ं केसरिया के रैयती कॉलम नं0-02 में खतियानी रैयत के नाम में टेम्परिंग वो जाली करके रामबेलास कोईरी वल्द शिवटहल कोईरी के स्थान पर परगाश वो बेलास वल्द शिवटहल जोड़ा गया ह ै। संबंधित परिवाद की जाँच की गई तथा जिला अभिलेखागार के पत्रांक 01 दिनांक 20.01. 2018 द्वारा प्रबंधक बेतिया राज से केसरिया थाना नं0-40 के खाता नं0-301 के खाताधारी के नाम का सत्यापन कर सत्यापन प्रतिवेदन की मांग की गई। प्रबंधक बेतिया राज के पत्रांक 148 दिनांक 31.05. 2018 द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि थाना केसरिया थाना नं0-40 का मूल Abstract हुआ ह ै khatian उपलब्ध जिसमें खाता नं0-301, खेसरा नं0-1980, रकवा -02-01-06(दो बिगहा एक | श्री रम्भू महतो,दफ्तरी का स्पष्टीकरणः- भवदीय पत्रांक 697, दिनांक 30.09.2019 के आलोक मे ं सविनय निवेदन यह है कि जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण के आदेश ज्ञापांक 970, दिनांक- 29.08.2019 द्वारा आरोप लगाया गया है कि जिला अभिलेखागार के खतियान के सर्वे हाल खाता सं0-301, खेसरा सं0-1980 मौजा मननपुर, थाना नं0-40 केसरिया के रैयती कॉलम-2 मे ं खतियानी रैयत के नाम में टेम्परिंग वो जाली करके रामबेलास कोईरी वल्द शिवटहल कोईरी के स्थान पर परगाश वो बेलाश वल्द शिवटहल जोड़ा गया है । इसके लिए खतियान ै का एक दो पन्ना फाड़कर बाहर ले जाया गया है तथा किसी कैथी भाशा के जानकार स े हेर-फेर कराकर पुनः लाकर पंजी में सटवा दिया गया है, जिसके लिए मेरे विरुद्ध आरोप गठित कर स्पष्टीकरण पूछा गया है। इस संबंध मे मेरा स्पष्टीकरण है कि जिला अभिलेखागार में दफ्तरी | श्री रम्भू महतो दफ्तरी, जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के सुनवाई के क्रम मे कहना है कि परिवादी रधुनाथ महतो पिता स्व0 भगवान भगत, ग्राम-भोपतपुर, टोला अहिरौलिया, थाना- कोटवा के परिवाद पत्र से संबंधित जाँच प्रतिवेदन अपर समाहर्त्ता,पूर्वी चम्पारण के पत्रांक- 109 दिनांक- 30.09. 2017 द्वारा प्राप्त हुआ, जिसमें पाया गया कि मूल खतियान पंजी थाना- केसरिया, थाना नं0-40 के खाता- 301 वाला एक-दो पन्ना फाड़कार बाहर ले जाया गया ह ै एवं खाताधारी के नाम में किसी कैथी भाषा के जानकार से हेर-फेर कराकर पुनः लाकर पंजी मे सटवा दिया गया है और इस कार्य में अभिलेखागार के दफ्तरी श्री रम्भू महतो की संलिप्तता स्पष्ट ह ै अपर समाहर्त्ता के जाँच प्रतिवेदन के आलोक मे ं प्रबंधक, ब तिया े राज से जाँच करायी गयी। प्रबंधक बेतिया राज के पत्रांक 148 दिनांक- 31.05.2018 द्वारा सत्यापन प्रतिवेदन प्राप्त हुआ (छायाप्रति संलग्न)। उक्त आलोक में जिला पदाधिकारी महोदय,द्वारा दिनांक- 08.08. 2018 को दिये गये आदेश के आलोक में उक्त कर्मियों पर | अपर समाहर्त्ता, प र्वी ू चम्पारण, मोतिहारी द्वारा जाँच की गई। जाँच के क्रम में श्री रम्भू महतो दफ्तरी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इससे संबंधित अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा अपने पत्रांक 109 दिनांक 30.09.2017 द्वारा जाँच प्रतिवेदन एवं परिवादी द्वारा दाखिल साक्ष्यों से स्पष्ट है कि मूल खतियान पंजी थाना केसरिया थाना नं0- 40 के खाता-301 वाला एक-दो पन्ना फाड़कर बाहर ले जाया गया, एवं खाताधारी के नाम म ं े किसी क ैथी भाषा क े जानकार से ह र-फेर े कराकर पुनः ला कर पंजी में सटवा दिया गया है। और इस कार्य म ं े अभिलेखागार के दफ्तरी श्री रम्भू महतो की संल्पितता स्पष्ट ह ै। उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा भी श्री रम्भू महतो दफ्तरी की स्पष्ट संलिप्तता होने तथां आरोपी द्वारा अपने स्पष्टीकरण के साथ अपने निर्दाेष होने का कोई कागजी सबूत पेश नही किया गया है। इन सब |
| कठा छः धुर) जमीन रामबेलास कोईरी, वल्द शिवटहल कोईरी के नाम से दर्ज है। इससे संबंधित जाँच अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा की गई। जाँच के क्रम मे श्री ं गणेश साह लिपिक एवं श्री रम्भू महतो दफ्तरी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इससे संबंधित अपर समाहार्त्ता, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा अपने पत्रांक 109 दिनांक 30.09. 2017 द्वारा जाँच प्रतिवेदन एवं परिवादी द्वारा दाखिल साक्ष्यों से स्पष्ट है कि मूल खतियान पंजी थाना केसरिया थाना नं0-40 के खाता-301 वाला एक-दो पन्ना फाड़कर बाहर ले जाया गया, एवं खाताधारी के नाम में किसी कैथी भाषा के जानकार स े हेर-फेर कराकर पुनः ला कर पंजी में सटवा दिया गया है। और इस कार्य म ं े अभिलेखागार क े दफ्तरी श्री रम्भू महतो की संल्पितता स्पष्ट है। साथ ही गणेश साह जो दोनो पक्षों को निर्गत सच्ची प्रतिलिपि के प्रतिलिपिकर्त्ता है की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत होती है, क्योंकि उनके द्वारा खतियान का पन्ना फटा होने की बात को प्रधान सहायक या प्रभारी पदाधिकारी के संज्ञान में नही लाया गया एवं मूल आवेदन(सवाल) भी उपलब्ध नहीं करा सके। श्री गणेश साह एवं श्री रम्भू महतो से स्पष्टीकरण प्राप्त करने हेतु सुझाव दिया गया। दिनांक 04.08.2018 को जिलाधिकारी महोदय के आदेश के आलोक में दिनांक 08.08.2018 द्वारा पुनः आदेश प्राप्त किया गया। तत्पश्चात् रम्भू महतो दफ्तरी एवं श्री गणेश साह निम्नवर्गीय लिपिक के विरुद्ध नगर थाना मोतिहारी में पत्रांक 66 दिनांक 04.09.2018 द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराया गया है। | के पद पर कार्यरत हूँ। सहायक अभिलेखापाल के आदेशानुसार तथा उन्हीं के समक्ष रेकर्ड रूम का डबल लॉक खोला जाता है तथा रेकर्ड का कार्य सम्पादन हो जाने के बाद उन्हीं के समक्ष रेकर्ड रूम का ताला बंद कर दिया जाता है, तो फिर खतियान पंजी का पन्ना फाड़ने तथा इसमें हेरा-फेरी मेरे द्वारा कैसे किया जा सकता है। मै ं इसमे बिल्कुल निर्दोष हूँ। ं अतः श्रीमान् स े प्रार्थना है कि मुझें उक्त आरोप से मुक्त करने की कृपा की जाय। | इस कार्यालय के पत्रांक- 66 दिनांक- 04.09.2018 द्वारा नगर थाना, मोतिहारी में प्रथामिकी दर्ज की गयी है (छायाप्रति स लग्न)। ं जिला पदाधिकारी महोदय के उपरोक्त आदेश के आलोक मे ं उपरोक्त कर्मियों के विरुद्ध प्रपत्र ''क'' आरोप पत्र भेजा गया है। | तथ्यों से स्पष्ट होता है कि यह फर्जी काम करने में दोषी है। अतः इनके विरुद्ध अग्रेतर कार्रवाई करने हेतु अभिलेख जिलाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को भेजें। |
संचालन पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन) पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा श्री रम्भू महतो, दफ्तरी जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के विरुद्ध लगाये गये आरोप को प्रमाणित पाये जाने पर इस कार्यालय के ज्ञापांक 195 दिनांक-04.02.2020से द्वितीय कारण पृच्छा की गई।23 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 श्री रम्भू महतो, दफ्तरी जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा समर्पित किया गया जिसमें उल्लेख किया गया है कि जिला अभिलेखागार में दफ्तरी के पद पर कार्यरत हुँ सहायक अभिलेखापाल के आदेशानुसार तथा उन्ही के समक्ष रेकर्ड रूम का डबल लॉक खोला जाता है तथा रेकर्ड का कार्य सम्पादन हो जाने के वाद उन्ही के समक्ष रेकर्ड रूम का ताला बंद कर दिया जाता है तो फिर खतियान पंजी का पन्ना फाड़ने तथा इसमें हेरा-फेरी कैसे किया जा सकता है इसमें बिल्कुल निर्दोष हॅू।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त संचालन प्रतिवेदन तथा आरोपी कर्मी श्री रम्भू महतो, दफ्तरी जिला अभिलेखागार पूर्वी चम्पारण मोतिहारी द्वारा समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा का अवलोकन किया। समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा का अवलोकन के पश्चात् पाया गया श्री रम्भू महतो, दफ्तरी जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के द्वारा संचालन पदाधिकारी के समक्ष विभागीय कार्यवाही के दौरान समर्पित अपने स्पष्टीकरण में जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है उन्ही तथ्यों को पुनः द्वितीय कारणपृच्छा में उल्लेख किया गया है। जो स्वीकार योग्य नही है। अतः श्री रम्भू महतो, दफ्तरी जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के द्वारा समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा को अस्वीकृत किया जाता है।
सचांलन पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन), पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के द्वारा स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि मूल खतियान पंजी थाना केसरिया थाना संख्या-40 के खाता 301 वाला एक-दो पन्ना फाड़कर बाहर ले जाया गया एवं खाताधारी के नाम में किसी कैथी भाषा के जानकार से हेर-फेर कराकर पुनः लाकर पंजी में सटवा दिया गया है और इस कार्य में अभिलेखागार के दफ्तरी श्री रम्भू महतो की संलिप्तता स्पष्ट है उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा भी श्री रम्भू महतो दफ्तरी जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी की स्पष्ट संलिप्तता होने तथा आरोपी द्वारा अपने स्पष्टीकरण के साथ अपने निर्दोष होने का कोई कागजी सबूत पेश नहीं किया गया है। इन सब तथ्यों से स्पष्ट होता है कि यह फर्जी काम करने में दोषी है।
बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 3 1 (I) (II) (III) में स्पष्ट है कि सभी सरकारी सेवक सदा पूरी शील निष्ठा रखेगा, कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा रखेगा एवं ऐसा कोई काम न करेगा जो सरकारी सेवक के लिए अशोभनीय हो।
आरोपी श्री रम्भू महतो दफ्तरी जिला अभिलेखागार पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के द्वारा सरकार के आदेश का उल्लंधन करते हुए सरकारी अभिलेख का क्षति पहुचॉया गया है जो गम्भीर अपराध है। ऐसी स्थिति में श्री रम्भू महतो, दफ्तरी जिला अभिलेखागार पूर्वी चम्पारण मोतिहारी को सरकारी सेवा में बने रहना लोकहित एवं राज्यहित के विरुद्ध होगा। फलस्वरूप् इन्हें वृहद दण्ड दिया जाना आवश्यक है अन्यथा अन्य सरकारी कर्मी की बीच गलत संदेश जाएगा।
अतएव उपरोक्त तथ्यों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) संशोधन नियमावली-2007 के नियम- 14 (XI) में निहित प्रावधानों के तहत् शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं शीर्षत कपिल अशोक, भा0प्र0से0 जिलाधिकारी-सह-जिला दण्डाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी श्री रम्भू महतो दफ्तरी जिला अभिलेखागार पूर्वी चम्पारण मोतिहारी आदेश निर्गत की तिथि से सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्ह्ता होगी का दण्ड अधिरोपित करता हूँ।
श्री रम्भू महतो, दफ्तरी जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी से संबंधित सूचना निम्नवत् हैः-
1. नाम - श्री रम्भू महतो, 2. पिता का नाम - श्री बद्री महतो 3. पदनाम - दफ्तरी 4. जन्म तिथि - 06.11.1966 5. नियुक्ति की तिथि - 18.08.1988 6. वर्त्तमान वेतनमान - 5200-20200 7. स्थाई पता - ग्राम-पंडितपुर, पो0-पीपराकोठी, थाना-पीपराकोठी, जिला-पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी।
आदेश से, ह0/-अस्पष्ट, जिलाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी।
------- समाहरणालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी (जिला स्थापना शाखा) ------ आदेश 13 जुलाई 2020 सं0 XVII-195/2018-839----श्री रधुनाथ महतो, पिता-स्व0 भगवान भगत, ग्राम-भोपतपुर, टोला-अहिरौलिया, थाना-कोटवा का परिवाद पत्र जो मौजा मननपुर, थाना-केसरिया, थाना नं0-40 के खाता संख्या-301 खेसरा संख्या-1980 के खाताधारी के नाम में खतियान पंजी में हेरा-फेरी कर रामवेलास कोइरी के स्थान पर प्रगास बेलास बनाकर निर्गत किए जाने से संबंधित जाँच ज्ञापांक-37 दिनांक 20.06.2017 से अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को सौपा गया।24 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के पत्रांक-109 दिनांक 30.09.2017 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया जिसमें उनके द्वारा खतियान पंजी में खाताधारी के नाम में हेरा-फेरी के आरोप को सही पाते हुए इसमें श्री गणेश साह, लिपिक जो निर्गत नकल के प्रतिलिपिकर्त्ता है, उनकी भूमिका भी संदिग्ध बतायी गई है। अपर समाहर्त्ता पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में प्रबंधक, बेतिया राज से उक्त खाता के खाताधारी के नाम का सत्यापन कराया गया। प्रबंधक बेतिया राज के पत्रांक-148 दिनांक 31.05.2018 से खतियान में खाताधारी का नाम रामबेलास कोईरी ही दर्ज है का सत्यापन प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। उपरोक्त के आलोक में प्रभारी पदाधिकारी जिला अभिलेखागार पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के पत्रांक-44 दिनांक 06.08.2019 से खतियान पंजी में हेरा-फेरी करने के आरेप में श्री गणेश साह, लिपिक जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के विरूद्ध प्रपत्र ''क'' में आरोप पत्र गठित कर उपलबध कराया गया जिसे अनुमोदित करते हुए इस कार्यालय के आदेश ज्ञापांक-970 दिनांक 29.08.2019 से अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन) पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को संचालन पदाधिकारी एवं प्रभारी पदाधिकारी जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन), पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के पत्रांक-26 दिनांक 15.01.2020 से संचालन प्रतिवेदन प्राप्त हुआ जो निम्न प्रकार हैः-
| कर्मी पर लगाये गये आरोप | आरोपी द्वारा दिया गया कारण पृच्छ | उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्य | संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन एवं मंतव्य |
| श्री रधुनाथ महतो, पिता-स्व0 भगवान भगत, सा0- भोपतपुर टोला अहिरौलिया, थाना- कोटवा द्वारा जिलाधिकारी महोदय के समक्ष परिवाद दाखिल किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि जिला अभिलेखागार मोतिहारी में कार्यालय के मिली-भगत से सवे र्हाल खाता न 0-301, ं खेसरा नं0-1980, मौजा- मननपुर, थाना नं0-40 केसरिया के रैयती कॉलम नं0-02 में खतियानी रैयत के नाम में टेम्परिंग वो जाली करके रामबेलास कोईरी वल्द शिवटहल कोईरी के स्थान पर परगाश वो बेलास वल्द शिवटहल जोड़ा गया है। संबंधित परिवाद की जाँच की गई तथा जिला अभिलेखागार के पत्रांक 01 दिनांक 20.01. 2018 द्वारा प्रबंधक बेतिया राज स केसरिया े थाना नं0-40 के खाता नं0-301 के खाताधारी के नाम का सत्यापन कर सत्यापन प्रतिवेदन की मांग की गई। प्रबंधक ब तिया े राज क े पत्रांक 148 दिनांक 31.05. 2018 द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि थाना केसरिया थाना नं0-40 का मूल Abstract khatian उपलब्ध हुआ ह ै जिसमें खाता न 0-301, ं खेसरा नं0-1980, रकवा - 02 | आरोपी श्री गणेश साह, लिपिक का स्पष्टीकरण :- (1) प्रथम भाग-स्पष्टीकरण- प्रथम भाग में मुझसे संबंधित सूचना सत्य है (2) द्वितीय भाग- स्पष्टीकरण- (क) यह कि रधुनाथ महतो, पिता-स्व0 भगवान भगत, सा0-भोपतपुर थाना-कोटवा, टोला-अहिरौलिया, जिला- पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा जिला पदाधिकारी के पास परिवाद दाखिल करने की बात सत्य है। (ख) यह कि उक्त परिवाद मे मेरे उपर परिवादी रधुनाथ महतो ने कोई आरोप नहीं लगाया है। (ग) यह कि जिलाधिकारी के आदेश दिनांक-08.08.2018 के आलोक में मेरे विरूद्ध ''संदेह के आधार पर'' नगर थाना मोतिहारी मे प्रथामिकी ं दर्ज होने की बात सत्य हैैैैैै। उक्त प्राथमिकी कांड सं0-640/18 के द्वारा दर्ज है, जिसमे जाँच के दौरान ं मुझे निर्दोष पाया गया है। (घ) यह कि किसी भी अपराध के लिए मात्र संदेह के आधार पर कोई भी कार्यवाही न्यायसंगत नहीं है। स्पष्ट है कि मेरे उपर लगाये गये आरोप बेबुनियाद एवं दुर्भावना से प्रेरित है। (3) तृतीय भाग- स्पष्टीकरण- (क) यह कि जाँचकर्त्ता, अपर | श्री गणेश साह, लिपिक तत्कालीन जिला अभिलेखागार वर्तमान भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता, सिकरहना क े विरूद्ध विभागीय कार्रवाई के सुनवाई के क्रम मे कहना है कि परिवादी रधुनाथ महतो पिता स्व0 भगवान भगत, ग्राम-भोपतपुर, टोला अहिरौलिया, थाना- कोटवा के परिवाद पत्र से संबंधित जाँच प्रतिवेदन अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चम्पारण के पंत्रांक- 109 दिनांक- 30.09.2017 द्वारा प्राप्त हुआ, जिसमें पाया गया कि गणेश साह जो दोनो पक्षों को निर्गत सच्ची प्रतिलिपि के प्रतिलिपिकर्त्ता है की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत होती है क्योंकि उनके द्वारा खतियान का पन्ना फटा होने की बात को प्रधान सहायक या प्रभारी पदाधिकारी के संज्ञान में नहीं लाया गया एवं मूल आवेदन (सवाल) भी उपलब्ध नहीं करा सके। अपर समाहर्त्ता के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में प्रबंधक, बेतिया राज से जाँच करायी गयी। प्रबंधक बेतिया राज के पत्रांक 148 दिनांक-31.05.2018 द्वारा सत्यापन प्रतिवेदन प्राप्त हुआ (छायाप्रति स लग्न)। ं उक्त आलोक में जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा दिनांक-08.08. 2018 को दिये गये आदेश के आलोक में उक्त कर्मियों पर इस कार्यालय के पत्रांक- 66 दिनांक- 04.09.2018 द्वारा | अपर समाहर्त्ता, प र्वी ू चम्पारण, मोतिहारी द्वारा जाँच की गई। जाँच के क्रम में श्री गणेश साह लिपिक को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इससे संबंधित अपर समाहार्त्ता, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा अपने पत्रांक 109 दिनांक 30.09.2017 द्वारा जाँच प ्रतिवेदन एवं परिवादी द्वारा दाखिल साक्ष्यों से स्पष्ट है कि मूल खतियान पंजी थाना केसरिया थाना नं0- 40 के खाता- 301 वाला एक-दो पन्ना फाड़कर बाहर ले जाया गया, एवं खाताधारी के नाम में किसी कैथी भाषा के जानकार स े हेर-फेर कराकर पुनः ला कर पंजी में सटवा दिया गया है। गणेश साह जो दोनो पक्षों को निर्गत सच्ची प्रतिलिपि क े प्रतिलिपिकर्त्ता है की भूमिका भी स दिग्ध ं प्रतीत होती है, क्योंकि उनके द्वारा खतियान का पन्ना फटा होने की बात को प्रधान सहायक या प्रभारी पदाधिकारी क े संज्ञान में नही लाया गया एवं मूल आवेदन (सवाल) भी उपलब्ध नहीं करा सके। उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा भी श्री गणेश साह, |
| -01-06 (दो बिगहा एक कठा छः धुर) जमीन रामबेलास कोईरी, वल्द शिवटहल कोईरी के नाम से दर्ज है। इससे संबंधित जाँच अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा की गई। जाँच के क्रम में श्री गणेश साह लिपिक एवं श्री रम्भू महतो दफ्तरी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इससे संबंधित अपर समाहर्त्ता, प र्वी ू चम्पारण, मोतिहारी द्वारा अपने पत्रांक 109 दिनांक 30.09.2017 द्वारा जाँच प्रतिवेदन एवं परिवादी द्वारा दाखिल साक्ष्यों से स्पष्ट है कि मूल खतियान प जी ं थाना केसरिया थाना नं0-40 के खाता-301 वाला एक-दो पन्ना फाड़कर बाहर ल े जाया गया, एवं खाताधारी के नाम में किसी कैथी भाषा के जानकार से हेर-फेर कराकर पुनः ला कर पंजी में सटवा दिया गया है और इस कार्य में अभिलेखागार के दफ्तरी श्री रम्भू महतो की संल्पितता स्पष्ट ह ै। साथ ही गणेश साह जो दोनो पक्षों को निर्गत सच्ची प्रतिलिपि के प्रतिलिपिकर्त्ता है की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत होती है, क्योंकि उनके द्वारा खतियान का पन्ना फटा होने की बात को प्रधान सहायक या प्रभारी पदाधिकारी के संज्ञान में नही लाया गया एवं मूल आवेदन (सवाल) भी उपलब्ध नहीं करा सके। श्री गणेश साह एवं श्री रम्भू महतो से स्पष्टीकरण प्राप्त करने हेतु सुझाव दिया गया। दिनांक 04.08.2018 को जिलाधिकारी महोदय के आदेश के आलोक में दिनांक 08.08.2018 द्वारा प ुनः आदेश प्राप्त किया गया। तत्पश्चात् रम्भू महतो दफ्तरी एवं श्री गणेश साह निम्नवर्गीय लिपिक क े | समाहर्त्ता, प र्वी ू चम्पारण, मोतिहारी क े पत्रांक-109, दिनांक-30.09.2017 द्वारा दिये गये प्रतिवेदन में मेरे विरूद्ध कोई भी दस्तावेजी या मौखिक साक्ष्य नही पाया गया है, बल्कि कहा गया है कि ''गणेश साह, जो दोनो पक्षों को निर्गत सच्ची प्रतिलिपि के प्रतिलिपिकर्त्ता है की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत होती है, क्योंकि उनके द्वारा खतियान का पन्ना फटा होने की बात को प्रधान सहायक या प्रभारी पदाधिकारी के संज्ञान में नहीं लाया एवं मूल नकल आवेदन भी उपलब्ध नहीं करा सके।'' (ख) यह कि मुझ पर लगाये गये आरोप बिल्कुल ही बेबुनियाद एवं कपोल कल्पना मात्र है, जिसका तथ्यों से कोई सरोकार नहीं है। जाँच पदाधिकारी ने पाया है कि खतियान के पन्ने के फटे होने की सूचना म0 इमरान आलम, स्कैनिंगकर्त्ता (Scanner) को रम्भू महतो, दफ्तरी द्वारा दी गयी थी और उस फटे पन्ने को म0 इमरान आलम ने ही चिपकाया/साटा था। (जाँच पदाधिकारी के प्रतिवेदन के प्रथम पृष्ठ क े तीसरा पाराग्राफ एवं द्वितीय पृष्ठ का दूसरा पाराग्राफ)। (ग) यह कि जाँच पदाधिकरी ने प्रतिवेदन के पृष्ठ-2 पर दूसरी पाराग्राफ के 9वीं से 15वीं पंक्ति में स्पष्ट लिखा है कि अभिलेखागार से अभिलेख पुस्तिका दफ्तरी निकाल कर म0 इमरान आलम को देते हैं तथा छायाप्रति होने के बाद अभिलेख प ुस्तिका व े ही अभिलेखागार में यथा स्थान पर पुनः रख देते हैं। इससे स्पष्ट है कि अभिलेख पुस्तिका के रख-रखाव या फोटोकॉपी से मेरा कोइ संबंध नहीं है और न था। चूंकि अभिलेख पुस्तिका मेरे पास आती ही नहीं थी, तो उसकी स्थिति पन्ने फटे होने | नगर थाना, मोतिहारी में प्रथामिकी दर्ज की गयी है (छायाप्रति संलग्न)। जिला पदाधिकारी महोदय के उपरोक्त आदे ्रश के आलोक में उपरोक्त कर्मियों के विरूद्ध प्रपत्र ''क'' आरोप पत्र भेजा गया है। | लिपिक जो दोनो पक्षो ं के सच्ची प्रतिलिपिर्काा है के भूमिका भी संदिग्ध होने संबंधी प्रतिवेदन दिया गया है। आरोपी द्वारा अपने स्पष्टीकरण क े साथ अपने निर्दाेश होने का कोई कागजी सबूत पेश नही किया गया है। इन सब तथ्यों से स्पष्ट होता है कि यह फर्जी काम करने में दोषी है। अतः इनके विरुद्ध अग्रेतर कार्रवाई करने हेतु अभिलेख जिलाधिकारी, प र्वी ू चम्पारण, मोतिहारी को भेजें। |
| विरूद्ध नगर थाना मोतिहारी में पत्रांक 66 दिनांक 04.09. 2018 द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराया गया है। | की जानकारी मुझे होने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है। ऐसी स्थिति में मुझे पर यह आरोप के पन्ने की फटे होने का मैने प्रधान लिपिक या सक्षम पदाधिकारी के संज्ञान में नहीं लाया, बिल्कुल ही न्यायोचित नहीं है। अतः यह आरोप भी बिल्कुल ही गलत है कि मेरे संज्ञान में था मैंने इसकी स चना ू सक्षम पदाधिकारी को नहीं दी। (घ) यह कि श्रीमान् भी कार्यालय की कार्य पद्धति से अवगत होगें कि अभिलेखागार में सभी प ुस्तिकायें संयुक्त अभिरक्षा में होती है, जिसका प्रभार अभिलेखपाल एवं प्रधान लिपिक के पास होता है। जहाँ से संयुक्त देख-रेख में दफ्तरी द्वारा पुस्तिकाये सवाल के अनुसार निकाल कर फोटोकॉपीयर को दी जाती है। पुनः पुस्तिकाये तुलनाकर्त्ता (Comparer Clerk) को दी जाती है तथा सवाल पर अंकित खाते एवं थाना संख्या का मिलान फोटोकॉपी करने के लिए लिपिक को दिया जाता है, जो सवाल के खाते वो थाने का मिलान फोटोकॉपी से कर के सवाल एवं फोटोकॉपी तुलनाकर्त्ता को दे देता है, जो पूरी तरह अभिलेख से मिलान कर अग्र कार्यवाही हेतु आगे बढ़ा देते हैं। मैं कार्यालय मे लिपिक के ं रूप में कार्यरत था, जिसका काम सवाल एवं फोटोकॉपी पर लिखे खाता सं0 वो थाना सं0 का मिलान करना तक ही सीमित था। स्पष्ट है कि मेरे पास कभी भी अभिलेख पुस्तिका नहीं आती थी। ऐसी परिस्थिति मे ं पन्नो की स्थिति की जानकारी होने का मुझ पर आरोप लगाना बिल्कुल गलत है। म0 इमरान आलम के बयान से भी यह स्पष्ट है। अतः कार्यालय की कार्य पद्धति, अभिरक्षा एवं अभिलेख पुस्तिका की पहु ँच एवं म0 इमरान आलम के बयान को | ||
| देखते हुए यह स्पष्ट है कि मैं बिल्कुल निर्दोष ह ँ ू तथा कथित घटना से मेरा कोई सरोकार नहीं है और नहीं था। (ड0) यह कि प्रतिलिपि सवालकर्त्ता को दे देने के बाद सवाल दफ्तरी द्वारा बांध कर कार्यलय में रख दिया जाता है। ऐसी परिस्थिति में कि ''मैंने सवाल उपलब्ध नहीं कराया'' का आरोप भी बिल्कुल गलत है जो चीज मेरे पास नहीं है, उसे मैं कैसे उपलब्ध करा सकता हूँ और इसके कारण मुझ पर संलिप्तता का संदेह करना वाजिब नहीं है। (च) यह कि प्रतिलिपि के तुलनाकर्त्ता का कार्य मुझे सुपुर्द नहीं था और मेरे द्वारा उक्त तुलना का कार्य नहीं किया गया है। (छ) यह कि मेरे विरूद्ध जाँच अधिकारी ने कोई साक्ष्य नहीं पाया है एवं परिवादी ने भी मेरे विरूद्ध कोई दोषारोपण नहीं किया है। (ज) यह कि प्रपत्र 'क' के किसी भी भाग मे किसी तरह का दस्तावेजी या मौखिक साक्ष्य नहीं दिया गया है। स्पष्ट है कि जाँच पदाधिकारी ने मेरे विरूद्ध कोई साक्ष्य नहीं पाया है। सिर्फ कल्पना के आधार पर संदेह व्यक्त कर मेरे विरूद्ध काल्पनिक दोषारोपण कर अपराधी ठहराना बिल्कुल ही गलत है एवं नैसर्गिक न्याय के भी विरूद्ध है। (4) चतुर्थ भागः- स्पष्टीकरण- (क) यह कि मेरे विरूद्ध किसी भी तरह का दस्तावेजी या व्यक्तिगत साक्षी द्वारा दिया गया साक्ष्य संलग्न नहीं है। उपरोक्त तथ्यों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि मैं बिल्कुल ही निर्दोष हूँ। मेरे उपर लगाये गये आरोप साक्ष्यहीन, मनगढ़न्त, | |||
| बेबुनियाद वो बनावटी ह ै, जिसे दुर्भावना वश म ुझे परेशान वो तबाह करने की नीयत से लगाया गया है। अतः श्रीमान् से प्रार्थना है कि मुझे प्रपत्र 'क' में कथित अवचार या दुराचार के आरोप से मुक्त किया जाए कि न्याय की रक्षा हो सके। इस कार्य के लिए में श्रीमान् का सदा अभारी रहूँगा। |
संचालन पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन) पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा श्री गणेश साह, लिपिक जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के विरूद्ध लगाये गये आरोप को प्रमाणित पाये जाने पर इस कार्यालय के ज्ञापांक 196 दिनांक-04.02.2020 से द्वितीय कारणपृच्छा की गई।
श्री गणेश साह, लिपिक जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के द्वारा द्वितीय कारणपृच्छा समर्पित किया गया जिसमें उल्लेख किया गया है कि दोनों पक्षों द्वारा निकाले गये खतियान का प्रतिलिपिकर्त्ता नहीं हूँ। दोनों प्रतिलिपियों की छायाप्रति संलग्न है जिसे देखने से स्पष्ट होगा की एक नकल दिनांक-14.07.2012 एवं दूसरा नकल दिनांक-17.05.2017 को यानी पहले नकल निकालने से पाँच साल बाद दूसरा निकाला गया है। दिनांक-14.07.2012 को रेकर्ड रूप में पदस्थापित ही नहीं था, उक्त नकल को देखने से स्पष्ट होगा की किसी अन्य लिपिक एवं शैलेन्द्र कुमार, प्रधान सहायक द्वारा निर्गत है। दूसरा नकल जो 17.05.2017 को निर्गत है उसका प्रतिलिपिकर्त्ता हूँ तथा तुलनाकर्त्ता, श्री बिनोद कुमार एवं प्रभारी प्रधान सहायक, इकबाली मिश्र है। स्पष्ट है कि किसी भी समय खतियान बही मेरे पास नहीं आती थी। तो खतियान बही का पन्ना फट्टे होने की जानकारी होने का प्रश्न ही नहीं है। प्रधान सहायक के संज्ञान में नहीं लाना न्याय के विरूद्ध है साथ ही खतियानबही में पन्ने फाड़कर बाहर ले जाकर बदलवाकर पुनः बही में साट देने का आरोप भी बनावटी है। जो चीज मेरे पास नहीं होती है उसमें मेरे द्वारा छेड़-छाड़ संभव ही नहीं है। जहाँ तक नकल के सवाल को उपलब्ध कराने का प्रश्न है तो यह सवाल दफ्तरी या प्रधान के अभिरक्षा में रहता है, से कहना चाहिए था जो चीज मेरे पास नहीं रहती है उसे नहीं उपलब्ध कराने का आरोप मुझ पर लगाना न्यायोचित नहीं है। इस काण्ड में पदाधिकारी द्वारा इसमें सामिल होने का आरोप सिर्फ संदेह के आधार पर ही लगाकर स्थानीय नगर थाना में एक मुकदमा संख्या-640/2018 दायर किया गया था जिसकी जाँच में भी आरोप बिल्कुल ही साक्ष्य विहिन एवं निर्दोष पाया गया है।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त संचालन प्रतिवेदन तथा आरोपी कर्मी श्री गणेश साह, लिपिक जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी द्वारा समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा का अवलोकन किया। समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा का अवलोकन के पश्चात् पाया गया श्री गणेश साह, लिपिक जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के द्वारा संचालन पदाधिकारी के समक्ष विभागीय कार्यवाही के दौरान समर्पित अपने स्पष्टीकरण में जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है उन्ही तथ्यों को पुनः द्वितीय कारणपृच्छा में उल्लेख किया गया है। जो स्वीकार योग्य नही है। अतः श्री गणेश साह, लिपिक जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के द्वारा समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा को अस्वीकृत किया जाता है।
सचांलन पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन), पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के द्वारा स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि मूल खतियान पंजी थाना केसरिया थाना संख्या-40 के खाता 301 वाला एक-दो पन्ना फाड़कर बाहर ले जाया गया एवं खाताधारी के नाम में किसी कैथी भाषा के जानकार से हेर-फेर कराकर पुनः लाकर पंजी में सटवा दिया गया है। श्री गणेश साह जो दोनों पक्षाें निर्गत सच्ची प्रतिलिपि के प्रतिलिपिकर्त्ता है के भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत होती है। क्योकि उनके द्वारा खतियान का पन्ना फटा होने की बात प्रधान सहायक एवं प्रभारी पदाधिकारी के संज्ञान में नहीं लाया गया एवं मूल आवेदन (सवाल) भी उपलब्ध नहीं करा सके। उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा भी श्री गणेश साह, लिपिक जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी की स्पष्ट संलिप्तता होने तथा आरोपी द्वारा अपने स्पष्टीकरण के साथ अपने निर्दोष होने का कोई कागजी सबूत पेश नहीं किया गया है। इन सब तथ्यों से स्पष्ट होता है कि यह फर्जी काम करने में दोषी है।
बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 3 1 (I) (II) (III) के में स्पष्ट है कि सभी सरकारी सेवक सदा पूरी शील निष्ठा रखेगा, कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा रखेगा एवं ऐसा कोई काम न करेगा जो सरकारी सेवक के लिए अशोभनीय हो।
आरोपी श्री गणेश साह, लिपिक जिला अभिलेखागार पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के द्वारा सरकार के आदेश का उल्लंधन करते हुए सरकारी अभिलेख का क्षति पहुचॉया गया है जो गम्भीर अपराध है। ऐसी स्थिति में श्री गणेश साह, लिपिक जिला अभिलेखागार पूर्वी चम्पारण मोतिहारी को सरकारी सेवा में बने रहना, लोकहित एवं राज्यहित के विरूद्ध होगा। फलस्वरूप इन्हें वृहद दण्ड दिया जाना आवश्यक है अन्यथा अन्य सरकारी कर्मी की बीच गलत संदेश जाएगा।
अतएव उपरोक्त तथ्यों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) संशोधन नियमावली-2007 के नियम-14 (XI) में निहित प्रावधानों के तहत् शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं शीर्षत कपिल अशोक, भा0प्र0से0 जिलाधिकारी-सह-जिला दण्डाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी श्री गणेश साह, लिपिक, तत्कालीन जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी, वर्तमान भूमि सुधार उप समाहर्त्ता कार्यालय, सिकरहना, ढाका को आदेश निर्गत की29 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 तिथि से सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्ह्ता होगी का दण्ड अधिरोपित करता हूँ।
श्री गणेश साह, लिपिक जिला अभिलेखागार, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी से संबंधित सूचना निम्नवत् हैः-
1. नाम - श्री गणेश साह, 2. पिता का नाम - स्व0 दुर्गा साह, 3. पदनाम - लिपिक 4. जन्म तिथि - 09.05.1961 5. नियुक्ति की तिथि - 03.02.2011 6. वर्त्तमान वेतनमान - 5200-20200 7. स्थाई पता - ग्राम-मठिया, पो0-पकड़ीदयाल थाना-पकड़ीदयाल, जिला-पूर्वी चम्पारण,
मोतिहारी।
आदेश से, ह0/-अस्पष्ट, जिलाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी।
------- मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ------- अधिसूचना 8 मार्च 2021
सं0 8/आ0 (मु0 राज0 नि0)-3-03/2019-948--श्री अजय कृष्ण मिश्र, तत्का0 सहायक निबंधन महानिरीक्षक, मगध प्रमंडल, गया सम्प्रति सेवा से बर्खास्त के विरूद्ध अनुपातहीन (Dispropotionate) धर्नाजन के मामले में विशेष निगरानी इकाई द्वारा प्राथमिकी संख्या-03/2014 दिनांक 27.08.2014 भ्र0नि0अधि0 1988 की धारा-13 (2)-सह-पठित 13 (ई0) के अधीन दर्ज किये जाने के कारण श्री मिश्र को विभागीय अधिसूचना संख्या-3808 दिनांक 05.09.2014 द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए पद का दुरूपयोग कर अनुपातहीन धर्नाजन करने एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल आचरण के आरोप में आरोप पत्र गठित करते हुए विभागीय संकल्प सं0-5479 दिनांक 16.12.2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-विभागीय जॉच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक-95 दिनांक 01.02.2018 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया , जिसमें आरोप सं0-01 एवं 02 को प्रमाणित निष्कर्षित किया गया है। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-549 दिनांक 16.02.2018 द्वारा श्री मिश्र से प्रमाणित आरोपों पर द्वितीय बचाव वयान की मांग की गयी। श्री मिश्र द्वारा दिनांक 27.02.2018 को अपना द्वितीय बचाव वयान विभाग में समर्पित किया गया, जिसमें उनके द्वारा कहा गया है कि उनके परिवार के अन्य सदस्य यथा उनकी पत्नी, पिता, माता एवं बच्चों की सम्पत्ति को उनकी समझी जा रही है, जबकि उनकी सम्पत्ति उनकी है जिसे उन्हाेंने अपने स्वतंत्र एवं वैध स्रोत से अर्जित किया है। उनके द्वारा अर्जित सम्पत्ति में उनकी कोई सहभागिता नहीं है। विशेष निगरानी इकाई के प्राथमिकी को साक्ष्य मानकर दोनों आरोप को प्रमाणित किया गया है।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन एवं श्री मिश्र द्वारा समर्पित द्वितीय बचाव वयान को मानने योग्य नहीं पाते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-14 (xi) के अंतर्गत श्री मिश्र को सेवा से बर्खास्त करने के दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की अभिमत प्राप्त किया गया। बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-2096 दिनांक 02.11.2018 द्वारा विभागीय दण्ड प्रस्ताव में सहमति प्रदान की गयी है। मंत्रिपरिषद् की बैठक दिनांक 02.01.2019 के मद संख्या-07 के रूप में विभागीय प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गयी। उक्त के आलोक में विभागीय अधिसूचना सं0-38 दिनांक 04.01.2019 द्वारा श्री मिश्र को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005-सह-यथा संशोधित नियमावली 2007 के नियम-14 (xi) के अधीन सेवा से बर्खास्त करने का दण्ड अधिरोपित किया गया।
3. उक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री मिश्र द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-24 (2) के तहत् पुनर्विलोकन अर्जी दायर की गयी। श्री मिश्र द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी में कोई नया तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया बल्कि संचालन पदाधिकारी के समक्ष एवं द्वितीय बचाव वयान में दिये गये तथ्यों की पुनरावृति की गयी है। मंत्रिपरिषद की बैठक दिनांक 18.02.2019 के मद सं0-12 के रूप में प्राप्त स्वीकृति के आलोक में अधिसूचना सं0-746 दिनांक 27.02.2019 द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकृत किया गया है।
4. विभागीय दण्डादेश के विरूद्ध श्री मिश्र द्वारा मा0 उच्च न्यायालय, पटना में CWJC No.- 6601/2019 दायर किया गया है। उक्त याचिका में मा0 उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 22.09.2020 को निम्नांकित न्यायादेश पारित किया गया हैः-
" In such view of the matter, the order of dismissal, vide memo no. 38 dated 04.01.2019 (Annexure-1) and the order of review, vide Memo no. 746 dated 27.02.201930 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 (Annexure-2), are quashed and the matter is remanded back to the authority concerned who will look into the grievance of the petitioner including the objection that he has filed and take decision in accordance with law within a period of four weeks from the date of receipt of a copy of this order. With the above observation and direction, this petition is allowed."
5. उक्त न्यायादेश के आलोक में विधि विभाग, बिहार, पटना के माध्यम से विद्वान महाधिवक्ता, बिहार का मंतव्य प्राप्त किया गया। विद्वान महाधिवक्ता, बिहार के मंतव्य का मुख्य अंश निम्नवत् हैः- " In my opinion, it is not a case in which an appeal should be filed instead the department is well advised to look into the matter, consider the grievance / objections raised by the petitioner in his second show cause, to analyse and evaluate the evidence brought on the records and then only should pass and reasoned speaking order in accordance with law."
6. माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 22.09.2020 को पारित न्यायादेश के विरूद्ध एल0 पी0 ए0 दायर नहीं किये जाने की स्थिति में बिहार कार्यपालिका नियमावली, 1979 की चतुर्थ अनुसूची के भाग (घ) में संशोधन हेतु मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की अधिसूचना सं0-1093 दिनांक 20.11.2018 में निहित निदेश के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग एवं वित्त विभाग का मंतव्य प्राप्त किया गया ।
7. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना द्वारा निम्नवत् मंतव्य दिया गया है :- (i) श्री मिश्र के विरूद्ध सेवा से बर्खास्तगी का दण्ड अधिरोपित करने संबंधी प्रशासी विभाग की अधिसूचना संख्या-38 दिनांक 04.01.2019 एवं पुनर्विचार अर्जी को निरस्त किये जाने संबंधी अधिसूचना सं0-746 दिनांक 27.02.2019 को निरस्त किया जाना होगा।
(ii) श्री मिश्र की सेवानिवृति की तिथि 31.01.2020 है। इसलिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(5) के उक्त वर्णित प्रावधान के आलोक में श्री मिश्र बर्खास्तगी की तिथि 04.01.2019 से दिनांक 31.01.2020 तक लगातार नियुक्ति प्राधिकार द्वारा निलंबित किया गया समझे जायेगें तथा उन्हें उक्त अवधि के लिए नियमानुसार निर्वाह् भत्ता का भुगतान किया जाना होगा। यहॉ उल्लेखनीय है कि बर्खास्तगी की तिथि 04.01.2019 से दिनांक 31.01.2020 तक के निर्वाह भत्ता के भुगतान के लिए इनसे उपस्थिति दर्ज करने की अपेक्षा नहीं की जायेगी परन्तु उनसे इस आषय का undertaking लिया जाना होगा कि उक्त अवधि में वे अन्यत्र कहीं नियोजित नहीं थे।
(iii) श्री मिश्र की सेवानिवृत्ति दिनांक 31.01.2020 के उपरान्त उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को दिनांक 01.02.2020 के प्रभाव से बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (ख) के तहत् सम्परिवर्तित किये जाने हेतु एक औपचारिक आदेश निर्गत किया जाना होगा।
(iv) विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन पर श्री मिश्र द्वारा समर्पित अभ्यावेदन में उल्लिखित सभी तथ्यों/तर्को पर सम्यक् विचारोपरान्त निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए एक तार्किक आदेश से अन्तिम निर्णय संसूचित किया जाना होगा।
(v) श्री मिश्र को नियमानुसार औपबंधिक पेंशन एवं अन्य सेवान्त लाभ के भुगतान की स्वीकृति दी जानी होगी। 8. वित्त विभाग, बिहार, पटना का भी मंतव्य प्राप्त किया गया । वित्त विभाग के अभिमत का मुख्य अंश निम्नवत् है कि :-
(क) यदि विषयगत श्री मिश्र के विरूद्ध सरकारी राशि का बकाया है या श्री मिश्र द्वारा सरकारी राजस्व की हानि पहुॅचायी गयी है या भविष्य में इनके द्वारा कृत्य अपराध का Quantum of Punishment ''बर्खास्तगी'' के रूप में हो तब ऐसी स्थिति में श्री मिश्र के ''उपार्जित अवकाश के समतुल्य भुगतेय नगद राशि'' एवं उपादान का भुगतान प्रभावित हो सकता है। उपादान के भुगतान के प्रभावित होने की व्यवस्था वित्त विभागीय अधिसूचना -सह-पठित-ज्ञापांक-77 दिनांक 21. 01.2019 की कंडिका-3 (घ) द्वारा दी गयी है। साथ ही बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-101 (क) के प्रावधानानुसार यदि श्री मिश्र को भविष्य में पुनः '' वृहत दंड'' अधिरोपित किया जाता है तब इनकी अतीत की सेवा नहीं गिनी जाएगी और ऐसी स्थिति में इन्हें ''अव्यवहृत उपार्जित अवकाश के समतुल्य नगद राशि'' का भुगतान भी नहीं किया जायेगा।
9. उपर्युक्त परामर्श के आलोक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति के विचारार्थ प्रस्ताव रखा गया। 10. अतः माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन हेतु सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग का परामर्श एवं मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की अनुशंसा के आलोक में श्री अजय कृष्ण मिश्र, तत्का0 सहायक निबंधन31 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 महानिरीक्षक, मगध प्रमंडल, गया सम्प्रति सेवा निवृत्त के विरूद्ध दंडादेश की अधिसूचना सं0-38 दिनांक 04.01.2019 एवं उनकी पुनर्विलोकन अर्जी की अस्वीकृति की अधिसूचना सं0-746 दिनांक 27.02.2019 को निरस्त किया जाता है । श्री मिश्र बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9 (5) के तहत् बर्खास्तगी तिथि से सेवा निवृत्ति की तिथि (04.01.2019 से 31.01.2020) तक निलंबित समझे जायेगे। निलंबन अवधि का अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता भुगतेय होगा। निर्वाह भत्ता के भुगतान के लिए इस आशय का undertaking लिया जायेगा कि उक्त अवधि में वे अन्यत्र कहीं नियोजित नहीं थे।
श्री मिश्र के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को दिनांक 01.03.2020 के प्रभाव से बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43 (बी0) में सम्परिवर्त्तित किया जायेगा। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन पर श्री मिश्र द्वारा समर्पित अभ्यावेदन में उल्लिखित सभी तथ्यों/तर्को पर सम्यक् विचारोपरान्त निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए एक तार्किक आदेश निर्गत किया जायेगा। श्री मिश्र को नियमानुसार औपबंधिक पेंशन एवं अन्य सेवान्त लाभ भुगतेय होगे और तार्किक आदेश से प्रभावित होगा।
11. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 46—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in32 बिहार गजट, 17 मार्च 2021
बिहार गजट
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पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-16/2019--2260 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------ संकल्प 8 मार्च 2021 श्री राजेष कुमार राय, बिहार कारा सेवा, अधीक्षक, मंडल कारा, सीतामढ़ी के द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(7) के विहित प्रावधान का उल्लंघन करते हुए श्री सुभाष कुमार, तत्कालीन सहायक अधीक्षक, मंडल कारा, सीतामढ़ी के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में आरोप पत्र गठित करने में गंभीर लापरवाही बरती गई है। उक्त आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9161 दिनांक 23.10.2019 द्वारा श्री राय के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी थी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 2. संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक 229 दिनांक 04.04.2020 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री राय के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित सभी आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया, जिसकी समीक्षा की गई एवं संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष से असहमत होते हुए असहमति के बिन्दुओं को अभिलेखित कर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 18 (3) के प्रावधानों के तहत विभागीय ज्ञापांंक 6706 दिनांक 25.09.2020 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए श्री राय से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। तद्आलोक में श्री राय द्वारा अपने पत्रांक 2660 दिनांक 08.10.2020 के माध्यम से द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित किया गया। श्री राय से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब के विश्लेषणोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9451 दिनांक 29.12.2020 द्वारा उनके विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित किया गया :-
(i) ''निन्दन''। (ii) ''दो (02) वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड''। 3. विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9451 दिनांक 29.12.2020 द्वारा संसूचित उपर्युक्त दंडादेष के विरूद्ध श्री राय द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि सहायक अधीक्षक, श्री सुभाष प्रसाद के विरूद्ध आरोप पत्र गठन में हुए विलम्ब के लिए उन्हें दोषी मानकर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9451 दिनांक 29.12.2020 द्वारा उनके विरूद्ध दण्डादेश पारित किया गया है। श्री राय का कहना है कि इस मामले में उनके द्वारा प्रस्तुत सभी साक्ष्यों, संचालन पदाधिकारी (आयुक्त, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर) द्वारा दिये गये मंतव्य एवं निर्णय से असहमति व्यक्त की गई है। उनका कहना है कि उनके पूर्व की सेवा को देखने से स्पष्ट होगा कि उनकी सेवा शत प्रतिशत सरकार की अपेक्षा के अनुरूप रही है। कारा में 01 उपाधीक्षक, 04 सहायक अधीक्षक, 01 उच्च वर्गीय लिपिक एवं 02 निम्न वर्गीय लिपिक के स्वी—त पद के विरूद्ध मात्र एक निम्नवर्गीय लिपिक से कार्य कराने की चुनौती थी। फिर भी उन्होंने कारा की विधि-व्यवस्था एवं कार्योें का संचालन प्राथमिकता के आधार पर इस प्रकार किया कि सरकार एवं प्रशासन की छवि धूमिल न होने पाये। उन्होंने दण्डादेश पर पुनर्विचार करते हुए इसे विलोपित कर दण्ड से मुक्त करने का अनुरोध किया है ताकि सरकारी सेवक के रूप में उनका मनोबल सदैव बना रहे।
4. श्री राय के उपर्युक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियन्त्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(7) में वर्णित प्रावधान से स्पष्ट है कि तीन माह में आरोप पत्र गठित नहीं होने की स्थिति में विलम्ब के कारणों को अभिलेखित करते हुए ही निलम्बन अवधि विस्तारित की जा सकती है। प्रश्नगत मामले में विलम्ब का कारण मानवजनित था। श्री राय द्वारा बारम्बार त्रुटिपूर्ण आरोप का गठित कर विभाग को प्रेषित किया जाता रहा। अंततः दूरभाष पर उन्हें सख्त हिदायत दिये जाने के बाद ही विहित प्रपत्र में33 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया। इस प्रकार उनके द्वारा बरती गई लापरवाही के कारण प्रपत्र 'क' गठित होने में निर्धारित अवधि से अधिक समय लगा जिसके लिए श्री राय पूर्णतः जवाबदेह हैं।
5. उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री राय द्वारा पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती गई। इसके लिए विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री राय को ''निन्दन'' एवं ''दो (02) वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड'' अधिरोपित किया गया है। श्री राय द्वारा अपने पुनर्विलोकन आवेदन में कोई नया तथ्य/साक्ष्य उल्लिखित नहीं किया गया है। उनके द्वारा पूर्व में अपने बचाव अभिकथन में अंकित बातों को ही पुनः अंकित किया गया है, जिसे अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त पहले ही अस्वीकृत किया जा चुका है।
6. श्री राजेश कुमार राय, बिहार कारा सेवा, अधीक्षक, मंडल कारा, सीतामढ़ी के विरूद्ध गठित आरोप की प्र—ति एवं गंभीरता पर विचार कर समेकित रूप से उन्हें दिया गया दण्ड न्यायोचित है एवं इसमें किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है। अतः इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त किया जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।
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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-06/2018--2261
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संकल्प
8 मार्च 2021
श्री विधु कुमार, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, पूर्णियाँ सम्प्रति अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी के विरूद्ध उनके केन्द्रीय कारा, पूर्णियाँ में पदस्थापन के दौरान बंदी रॉकी सिंह उर्फ राकेष कुमार सिंह, पे0-रमेष कुमार सिंह के समुचित इलाज के अभाव में दिनांक 14.07.2018 को मृत्यु की घटना में बरती गई लापरवाही के प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5523 दिनांक 03.08.2018 द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलंबनावस्था में उन्हें केन्द्रीय कारा, बक्सर में संलग्न किया गया। साथ ही उक्त प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 10 दिनांक 02.01.2019 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी थी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु अपर समाहर्त्ता, विभागीय जाँच, समाहरणालय, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
2. अपर समाहर्त्ता, विभागीय जाँच, समाहरणालय, पटना-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 257 दिनांक 27.05.2019 से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में श्री कुमार के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित कुल पाँच (05) आरोपों को प्रमाणित पाया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 18 (3) के प्रावधानों के तहत विभागीय ज्ञापांंक 5102 दिनांक 19.06.2019 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए श्री कुमार से उपर्युक्त प्रमाणित आरोपों के लिए द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री कुमार से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब के विश्लेषणोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9467 दिनांक 06.11.2019 द्वारा उनके विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए उन्हें निलंबन से मुक्त किया गया :-
''संचयात्मक प्रभाव से चार (04) वेतनवृद्धियाँ अवरूद्ध करने का दंड''। 3. विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9467 दिनांक 06.11.2019 द्वारा संसूचित उपर्युक्त दंडादेष के विरूद्ध श्री कुमार द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि जैसे ही दिनांक 11.07.2018 को सूचना मिली कि एक बंदी की तबियत खराब है, उसी दिन उनके द्वारा कारा का रात्रि परिभ्रमण किया। इसके साथ ही दिनांक-12.07.2018 को दिन में कारा अस्पताल का भी भ्रमण किया, ये दोनों तथ्य संचालन पदाधिकारी द्वारा स्वयं अपने मंतव्य में स्वीकार किया गया है तथा ''जिसकी पुष्टि गेट रजिस्टर से भी होती है''; किन्तु संचालन पदाधिकारी ने इन दस्तावेजों का अंकन करने के बाद भी इनका संज्ञान नहीं लिया। Health Screening में चिकित्सक के द्वारा बंदी को Chronic Alcoholic होने के बावजूद बाहर इलाज के लिए रेफर नहीं किया गया। बंदी को चिकित्सकों के द्वारा ही थोड़े समय के लिए हथकड़ी लगाई गई थी, ताकि उसे दवा दी जा सके और वह अपने को नुकसान न पहुँचा सके। इस आधार पर श्री कुमार इस मामले में निर्दोष होने का दावा करते हैं।
4. श्री कुमार के उपर्युक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री कुमार द्वारा समर्पित अभ्यावेदन में कोई नई बात नहीं कही गई है बल्कि उन्हीं बातों को पुनः उद्धृत किया गया है जिसे उन्होंने पूर्व में अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब एवं निलम्बन अवधि के विनियमन के संबंध में दायर अभ्यावेदन में कहा था। उनका यह कथन सम्यक् विचारोपरान्त पहले ही अस्वीकृत किया जा चुका है।
5. उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री कुमार के विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन में प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए सभी विधिवत् प्रक्रिया का पालन करते हुए दण्ड अधिरोपित किया गया है। श्री कुमार के विरूद्ध कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने, बंदी के साथ अमानवीय व्यवहार करने, उसका ठीक से इलाज नहीं कराने आदि के गंभीर आरोप प्रमाणित पाये गये हैं। इसके लिए बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर34 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुमार को ''संचयात्मक प्रभाव से चार वेतनवृद्धियाँ अवरूद्ध करने का दण्ड'' अधिरोपित किया जा चुका है।
6. श्री विधु कुमार, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, पूर्णियाँ सम्प्रति अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी के विरूद्ध गठित आरोप की प्र—ति एवं गंभीरता पर विचार करने के उपरांत बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श प्राप्त कर समेकित रूप से उन्हें दिया गया दण्ड न्यायोचित है एवं इसमें किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है। अतः इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त किया जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।
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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-05/2020--2241
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संकल्प
8 मार्च 2021
चूँकि बिहार राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि श्री सुजीत कुमार झा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, कटिहार सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, औरंगाबाद के मंडल कारा, कटिहार में पदस्थापन के दौरान दिनांक 30.08.2017 को बंदी मो0 मन्नान (मन्नु) पे0-लतीफ अंसारी के साथ दूसरे बंदी द्वारा की गयी मार-पीट की घटना, दिनांक 01.09.2017 को सोषल मीडिया में वीडियो वायरल होने, दैनिक समाचार पत्रों में खबर प्रकाषित होने एवं इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनलों में इस घटना का प्रसारण होने तथा कारा में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी की घटना में उनके द्वारा अपने कर्त्तव्य के निर्वहन में गंभीर लापरवाही एवं उदासीनता बरती गई है। श्री झा का यह कृत्य बिहार कारा हस्तक, 2012 एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के विहित प्रावधानों के सर्वथा प्रतिकूल है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र में वर्णित है।
2. अतः यह निर्णय लिया गया है कि श्री सुजीत कुमार झा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, कटिहार सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, औरंगाबाद के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में अंकित आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित की जाय। 3. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 (2) के तहत आयुक्त, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ को संचालन पदाधिकारी तथा वृत्ताधीक्षक, केन्द्रीय कारा, पूर्णियाँ को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री झा से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
5. संचालन पदाधिकारी विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन निर्धारित अवधि के अन्दर समर्पित करेंगे। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।
------- सं0 8/आ0 (मु0 राज0 नि0)-3-03/2019.-1032 मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ------- संकल्प 15 मार्च 2021
श्री अजय कृष्ण मिश्र, तत्का0 सहायक निबंधन महानिरीक्षक, मगध प्रमंडल, गया सम्प्रति सेवा से बर्खास्त के विरूद्ध अनुपातहीन (Disporpotionate) धर्नाजन के मामले में विषेष निगरानी इकाई के प्राथमिकी संख्या-03/2014 दिनांक 27.08.2014 भ्र0नि0अधि0 1988 की धारा-13 (2)-सह-पठित 13 (ई0) के दर्ज किये जाने के कारण श्री मिश्र को पद का दुरूपयोग कर प्रत्यानुपातिक धर्नाजन, बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल आचरण के आरोप में आरोप पत्र गठित करते हुए विभागीय संकल्प सं0-5479 दिनांक 16.12.2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री मिश्र को विभागीय अधिसूचना सं0-38 दिनांक 04.01.2019 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005-सह-यथा संषोधित नियमावली 2007 के नियम-14 (xi) के तहत् सेवा से बर्खास्त करने का दण्ड अधिरोपित किया गया है।
2. उक्त दण्डादेष के विरूद्ध श्री मिश्र द्वारा मा0 उच्च न्यायालय, पटना में CWJC No.- 6601/2019 दायर किया गया। उक्त याचिका में मा0 उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 22.09.2020 को पारित न्यायादेष हेतु सामान्य प्रषासन विभाग एवं वित्त विभाग से परामर्ष प्राप्त कर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति के अनुषंसा के आलोक में श्री मिश्र के विरूद्ध अधिसूचना सं0-38 दिनांक 04.01.2019 द्वारा अधिरोपित सेवा से बर्खास्तगी का दंडादेष को अधिसूचना सं0-94835 बिहार गजट, 17 मार्च 2021 दिनांक-08.03.2021 द्वारा निरस्त किया जा चुका है। श्री मिश्र दिनांक 31.01.2020 को सेवा निवृत्त हो चुके है। अतएव माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेष के आलोक में उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंषन नियमावली 1950 के नियम-43 (बी0) के तहत् सम्परिवर्त्तित किया जाता है।
3. संकल्प की अन्य शर्त्ते यथावत् रहेगी। 4. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेशः-आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 46—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in