Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 19 March 2021

Published 19 March 2021

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2021-03-19.182
Languages
English, Hindi

;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध

ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध

;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू14द्ध

2;बपकरू18द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू20द्ध;बपकरू21द्ध 1;बपकरू24द्ध42 ;बपकरू26द्ध;बपकरू27द्ध;बपकरू28द्ध

;बपकरू29द्ध;बपकरू27द्ध ;बपकरू4द्ध 1;बपकरू18द्ध2 ;बपकरू4द्ध;बपकरू31द्ध ;बपकरू21द्ध ;बपकरू4द्ध 1;बपकरू24द्ध ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू27द्ध21

बिहार विधान सभा सचिवालयबिहार विधान सभा सचिवालयबिहार विधान सभा सचिवालयबिहार विधान सभा सचिवालय

————

अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना

18 मार्च18 मार्च18 मार्च18 मार्च 2021202120212021

सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ वि॰॰॰॰स॰॰॰॰वि॰॰॰॰-06/2021-1581158115811581/वि॰॰॰॰स॰॰॰॰ । ''बिहार कराधन विवादों का समाधन विध्ेयक, 2021'', जो बिहार विधन सभा में दिनांक- 18 मार्च, 2021 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधन सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है ।

त्र्यहृ०ट्ठक्हृत्रक्तट्ठ्रत्र ह्नहृद्दत्रध्र्हृिंिंह्नत्रकृक्त्‌झ््रत्र पहृकृन्नप्र्रत्र कृऊझ्हृह्नत्रकृप्रस्हृड्डत्रक्तमहृहृत्र' 2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 1;बपकरू24द्ध ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू27द्ध21 (विसवि-04/2021थ् बिहार कराधान विवादों का समाधान विधेयक, 2021 बिहार कराधान विवादों का समाधान विधेयक, 2021 बिहार कराधान विवादों का समाधान विधेयक, 2021 बिहार कराधान विवादों का समाधान विधेयक, 2021

बिहार वित्त अधिनियम, भाग I (बिहार अधिनियम 5/1981) [जो बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27/2005) की धारा 94 द्वारा निरसित किये जाने के पूर्व था।] बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27/2005), बिहार स्थानीय क्षेत्र में उपभोग, व्यवहार अथवा बिक्री हेतु मालों के प्रवेश पर कर अधिनियम, 1993, (बिहार अधिनियम 16/1993) बिहार होटल विलास वस्तु कर अधिनियम, 1988 (बिहार अधिनियम 5/1988), बिहार मनोरंजन कर अधिनियम, 1948 (बिहार अधिनियम XXXV/1948), बिहार विज्ञापन पर कर अधिनियम, 2007, [जो बिहार माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (अधिनियम 12/2017) की धारा 173 द्वारा निरसित किए जाने के पूर्व थे।], बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम, 1948 (बिहार अधिनियम 36/1948) [जो बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम, 2018 (बिहार अधिनियम 4/2018) की धारा 23 द्वारा निरसित किए जाने के पूर्व था] और केन्द्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956 (अधिनियम 74/1956), के कार्यवाहियों से उत्पन्न विवादों के समाधान हेतु विधेयक।

भारत-गणराज्य के बहत्तरवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-

अध्यायअध्यायअध्यायअध्याय I प्रारम्भिकप्रारम्भिकप्रारम्भिकप्रारम्भिक

1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ।-संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ।-संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ।-संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ।-(1) यह अधिनियम बिहार कराधान विवादों का समाधान अधिनियम, 2021 कहा जा सकेगा।

(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा।

(3) इस अधिनियम के उपबंध दिनांक 21 सितम्बर, 2020 के प्रभाव से प्रवृत हुए माने जायेंगे और उक्त तिथि सेे छः महीने की अवधि के लिए लागू रहेंगे : परन्तु राज्य सरकार, इस प्रयोजनार्थ राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा, उक्त छः माह की अवधि को, अधिसूचना में यथा विनिर्दिष्ट अवधि तक परन्तु छः माह से अनधिक के लिए बढ़ा सकेगी। 2. परिभाषाएंपरिभाषाएंपरिभाषाएंपरिभाषाएं।।।।---- इस अधिनियम में जब तक कि संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो-

(क) ''अधिनियम'' से अभिप्रेत है बिहार कराधान विवादों का समाधान अधिनियम, 2021; (ख) ''स्वी—त कर'' से अभिप्रेत है विधि के अधीन पक्षकार द्वारा दाखिल विवरणियों में स्वीकार की गई देय कर की राशि;

(ग) ''अपील'' से अभिप्रेत है विधि के अधीन बिहार वित्त अधिनियम, 1981, भाग 1 की धारा 9 या बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 10 के अधीन नियुक्त और क्षेत्रीय अधिकारिता वाले राज्य-कर अपर आयुक्त (अपील) अथवा राज्य-कर संयुक्त आयुक्त (अपील) के समक्ष लम्बित अपील;

(घ) विवादित बकाया कर, शास्ति, ब्याज या फाइन से अभिप्रेत है, -

(i) निर्धारिती द्वारा विधि के अधीन कर निर्धारण, पुनर्करनिर्धारण या संवीक्षा के आदेश या पारित अथवा किये गये किसी अन्य आदेश के अनुसरण में भुगतेय कर, चाहे जिस नाम से जाना जाए, या

(ii) विधि के किसी भी प्रावधानों के तहत निर्धारिती पर आरोपित शास्ति, या (iii) विधि के किसी भी प्रावधानों के तहत निर्धारिती द्वारा भुगतेय ब्याज, या (iv) विधि के किसी भी प्रावधानों के तहत निर्धारिती द्वारा भुगतेय फाइन;

(ड.) ''विवाद'' से अभिप्रेत है अपील, पुनरीक्षण, विविध पुनरीक्षण, पुनर्विलोकन, रेफेरेंश के माध्यम से कोई कार्यवाही या विधि के अधीन किसी कर, ब्याज, फाइन या शास्ति के पारित आदेश के अनुसरण में कोई याचिका, जो जून, 2017 के 30वें दिन या उससे पहले समाप्त होने वाली किसी भी अवधि के संबंध में विधि के अधीन नियुक्त किसी प्राधिकार या ट्रिब्यूनल या, यथा स्थिति, उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के समक्ष दिनांक 31 अगस्त, 2020 को लंबित हो। स्पष्टीकरणस्पष्टीकरणस्पष्टीकरणस्पष्टीकरण- इस खण्ड के प्रयोजनार्थ ''विवाद'' में शामिल है;

(i) ऐसी कोई लेवी जिसके अनुसार सरकारी खजाने में पूर्ण राशि का भुगतान नहीं किया गया है, या

(ii) विधि के अधीन अथवा बिहार एवं उड़ीसा लोक माँग वसूली अधिनियम, 1914 के अधीन नियुक्त अथवा विहित अथवा प्राधि—त प्राधिकारी द्वारा प्रारम्भ की गयी अथवा के समक्ष लम्बित किसी कर, ब्याज, फाइन अथवा शास्ति की वसूली हेतु कार्यवाही;

(च) ''विवादित राशि'', किसी विवाद के संबंध में, से अभिप्रेत है कोई कर, ब्याज, फाइन अथवा शास्ति की राशि जो विधि के अधीन कर निर्धारण, पुनर्करनिर्धारण या संवीक्षा के आदेश या किये गये3 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 1;बपकरू24द्ध ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू27द्ध21 अथवा पारित किये गये किसी अन्य आदेश के अनुसरण में, पक्षकार के पास भुगतेय के रूप में निर्धारित किया गया है;

(छ) ''विधि'' से अभिप्रेत है बिहार वित्त अधिनियम, भाग I (बिहार अधिनियम 5/1981) [जो बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27/2005) की धारा 94 द्वारा निरसित किये जाने के पूर्व था।] बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27/2005), बिहार स्थानीय क्षेत्र में उपभोग, व्यवहार अथवा बिक्री हेतु मालों के प्रवेश पर कर अधिनियम, 1993, (बिहार अधिनियम 16/1993) बिहार होटल विलास वस्तु कर अधिनियम, 1988 (बिहार अधिनियम 5/1988), बिहार मनोरंजन कर अधिनियम, 1948 (बिहार अधिनियम XXXV/1948), बिहार विज्ञापन पर कर अधिनियम, 2007, [जो बिहार माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (अधिनियम 12/2017) की धारा 173 द्वारा निरसित किए जाने के पूर्व थे।], बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम, 1948 (बिहार अधिनियम 36/1948) [जो बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम, 2018 (बिहार अधिनियम 4/2018) की धारा 23 द्वारा निरसित किए जाने के पूर्व था] और केन्द्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956 (अधिनियम 74/1956)

(ज) ''पक्षकार'' से अभिप्रेत है कोई व्यक्ति जो विधि के अधीन विवाद का एक पक्षकार हो और इस अधिनियम के अधीन किसी विवाद के समाधान हेतु आवेदन दाखिल करता हो; (झ) ''विहित'' से अभिप्रेत जो इस अधिनियम के अधीन बनायी गयी नियमावली में विहित है; () इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ ''विहित प्राधिकारी'' से अभिप्रेत है वैसे पदाधिकारी जो बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 10 में वर्णित हैं;

(ट) ''पुनरीक्षण'' से अभिप्रेत है विधि के अधीन पुनरीक्षण के लिए आवेदन, जो बिहार वित्त अधिनियम, 1981 भाग I की धारा 9 या बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 10 के अधीन नियुक्त वाणिज्य-कर आयुक्त अथवा विधि के अधीन गठित न्यायाधिकरण के समक्ष लम्बित हो;

(ठ) किसी विवाद के संदर्भ में ''समाधानित'' से अभिप्रेत है ऐसे विवाद से संबंधित कार्यवाही का निपटारा और समापन;

(ड) ''समाधान राशि'' से अभिप्रेत है वह राशि जिसका भुगतान करने पर विवाद का समाधान हो जायेगा;

(ढ) इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ ''वैधानिक घोषणा-पत्र/प्रमाण-पत्र'' से अभिप्रेत है वैसे घोषणा- पत्र/प्रमाण-पत्र जिसका उल्लेख केन्द्रीय बिक्री-कर (रजिस्ट्रेशन एवं सकलावर्त) नियमावली, 1957 के नियम 12 में है, और इसमें विधि के अधीन बनाये गये किसी अन्य नियम के अंतर्गत विहित कोई घोषणा-पत्र भी शामिल है;

(ण) ''न्यायाधिकरण'' से अभिप्रेत है बिहार वित्त अधिनियम, 1981, भाग I की धारा 8 या बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 9 के अधीन गठित न्यायाधिकरण;

(त) शब्द या अभिव्यक्तियाँ जो इसमें परिभाषित नहीं हैं, के वही अर्थ होंगे जो विधि या उसके अधीन बनाये गये नियमों में क्रमशः उनके प्रति समनुदेशित किए गए हों।

अध्यायअध्यायअध्यायअध्याय II विवाद का समाधानविवाद का समाधानविवाद का समाधानविवाद का समाधान

3. समाधान राशि।-समाधान राशि।-समाधान राशि।-समाधान राशि।- (1) इस अधिनियम के अन्य प्रावधानों के अधीन विधि के तहत्‌ लंबित विवाद का समाधान पक्षकार के द्वारा इस निमित्त दिए गए आवेदन पर नीचे संलग्न तालिका के कॉलम-3 में विनिर्दिष्ट समाधान राशि के भुगतान पर किया जा सकेगा।

क्रम सं0 विवाद विवाद की प्रकृति विवाद विवाद की प्रकृति समाधान राि समाधान राशिशशश समाधान राि समाधान राि
1 2 3
1. किसी वैधानिक प्रमाण-पत्र अथवा घोषणा-पत्र को प स्तुत ्र या उपस्थापित करने में विफलता के कारण सृजित बकाया कर आवेदन करने की तारीख तक आवेदक के पास उपलब्ध वैधानिक प ्रपत्रों में सन्निहित कर राशि के समायोजन के पश्चात्‌ विवाद के बकाया राशि की शेष राशि का 100% या ऐसी बकाया राशि के मद में पूर्व से भुगतान की गई राशि, जो भी अधिक हो;
2. अन्य बकाया कर विवाद में बकाया कर राशि का 35% या ऐसी बकाया राशि के मद में पूर्व से भुगतान की गई राशि, जो भी अधिक हो;
3. विधि के अधीन किसी आदेश के माध्यम से अधिरोपित शास्ति या ब्याज या फाइन से उत्पन्न विवाद विवादित शास्ति या ब्याज या फाइन, यथास्थिति, की राशि का 10% या ऐसे बकाया राशि के मद में पूर्व से भुगतान की गई राशि, जो भी अधिक हो;
4 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 1;बपकरू24द्ध ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू27द्ध21

स्पष्टीकरण-स्पष्टीकरण-स्पष्टीकरण-स्पष्टीकरण- इस उपधारा के प्रयोजनार्थ अभिव्यक्ति ''''''''समाधान राशि'' में स्वीकृत कर बकाया के विरूद्ध भुगतान की गई कोई राशि शामिल नहीं होगी एवं पक्षकार स्वीकृत कर की संपूर्ण राशि जमा करेगा। (2) जहाँ विवाद के समाधान के लिए इच्छुक किसी पक्षकार ने यदि विवाद के संदर्भ में किसी राशि को जमा कर दिया हो तो उक्त राशि को समाधान राशि के मद में भुगतान समझा जाएगा एवं पक्षकार को केवल अंतर राशि का भुगतान करना होगा।

(3) जहाँ विवाद के समाधान के लिए इच्छुक किसी पक्षकार ने विवादित राशि के मद में समाधान राशि के समतुल्य या अधिक राशि का भुगतान पहले ही कर दिया हो, तो उक्त राशि समाधान राशि के मद में भुगतान मानी जायेगी किन्तु समाधान राशि से अधिक जमा राशि वापस नहीं की जाएगी।

(4) तत्‌समय प्रवृत्त किसी विधि में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, किन्तु इस अधिनियम के अन्य प्रावधानों के अधीन रहते हुए, किसी ऐसे विवाद का समाधान हो चुका माना जायेगा, जिसके संबंध में उप-धारा (1) के अधीन विनिर्दिष्ट राशि, विनिर्दिष्ट रीति से एवं समय के भीतर सरकारी कोषागार में जमा कर दी गई है, और उसे किसी प्राधिकारी या न्यायालय के समक्ष जारी नहीं रखा जाएगा।

(5) निम्नलिखित मामलों-

(i) न्यायाधिकरण के समक्ष लम्बित पुनरीक्षण आदेश, अथवा (ii) रेफेरेन्स, अथवा (iii) रिट पिटीशन, अथवा (iv) विशेष अनुमति याचिका (स्पेशल लीव पिटीशन)। में अधिनियम की धारा 5 के अन्तर्गत विवाद समाधान आदेश पारित होने पर ऐसा माना जायेगा कि उक्त पुनरीक्षण, रेफेरेन्स, रिट पिटीशन अथवा विशेष अनुमति याचिका पूर्वोक्त समाधान के तहत निष्पादित कर दी गई है।

अध्यायअध्यायअध्यायअध्याय III विवाद के समाधान का तरीका विवाद के समाधान का तरीका विवाद के समाधान का तरीका विवाद के समाधान का तरीका

4. समाधान के लिए आवेदन।-समाधान के लिए आवेदन।-समाधान के लिए आवेदन।-समाधान के लिए आवेदन।- विवाद के समाधान के लिए इच्छुक कोई पक्षकार अपना आवेदन विहित पदाधिकारी के समक्ष ऐसे प्रपत्र एवं रीति और समय सीमा के अन्तर्गत प्रस्तुत करेगा जैसा कि विहित किया जाय।

5. आवेदन का निष्पादन।आवेदन का निष्पादन।आवेदन का निष्पादन।आवेदन का निष्पादन।-

(1) धारा 4 एवं तदैव बनी नियमावली में वर्णित अवधि एवं आवश्यकताओं के अनुरूप जबतक आवेदन नहीं होगा तबतक किसी आवेदन पर विहित प्राधिकारी द्वारा विचार नहीं किया जायेगाः (2) धारा 4 के अन्तर्गत समर्पित आवेदन के संबंध में ऐसी रीति और समय-सीमा के अन्तर्गत कार्रवाई की जायेगी जैसा कि विहित किया जाय।

6. नियमों को बनाने की शक्ति।नियमों को बनाने की शक्ति।नियमों को बनाने की शक्ति।नियमों को बनाने की शक्ति।-

(1) सरकार अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बना सकेगी।

(2) उप-धारा (1) के उपबंधों के सामान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, सरकार, ऐसे सभी या किसी मामले के लिए नियम बना सकेगी जिन्हें विहित करने की अपेक्षा इस अधिनियम द्वारा की गयी है या जिनकी बावत नियम प्रावधान किये जाते हैं।

7777.... निरसन एवं व्यावृत्ति।निरसन एवं व्यावृत्ति।निरसन एवं व्यावृत्ति।निरसन एवं व्यावृत्ति।- - - -

(1) बिहार कराधान विवादों का समाधान (द्वितीय) अध्यादेश, 2020 (बिहार अध्यादेश संख्या-01, 2021) इसके द्वारा निरसित किया जाता है।

(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी उक्त अध्यादेश के द्वारा या के अधीन प्रदत्त किसी शक्ति के प्रयोग में किया गया कोई कार्य या की गयी कोई कार्रवाई इस अधिनियम द्वारा या के अधीन प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में किया गया या की गयी समझी जायेगी, मानो यह अधिनियम उस दिन प्रवृत्त था, जिस दिन ऐसा कार्य किया गया था या ऐसी कार्रवाई की गयी थी।ह्नहृद्दत्रध्र्हृिंिंह्नत्रकृक्त्‌झ््रत्र पहृकृन्नप्र्रत्र कृऊझ्हृह्नत्रकृप्रस्हृड्डत्रक्तमहृहृत्र' 5 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 1;बपकरू24द्ध ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू27द्ध21

वित्तीय संलेखवित्तीय संलेखवित्तीय संलेखवित्तीय संलेख

बिहार वित्त अधिनियम, 1981 भाग I, बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005, बिहार प्रवेश कर अधिनियम, 1993, बिहार होटल विलासिता कर अधिनियम, 1988, बिहार मनोरंजन कर अधिनियम, 1948, बिहार विज्ञापन पर कर अधिनियम, 2007, बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम, 1948 और केन्द्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत दिनांक 30 जून, 2017 तक के कार्यवाहियों से उत्पन्न कर, शास्ति, ब्याज एवं फाइन की सृजित माँग के समाधान हेतु बिहार कराधान विवादों का समाधान विधेयक, 2021 को विधायित करने का प्रस्ताव है।

बिहार कराधान विवादों का समाधान विधेयक, 2021 पर वित्त विभाग की सहमति प्राप्त है।

(तारकिशोर प्रसाद) भार-साधक सदस्य

उद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतु राज्य के संसाधनों में अभिवृद्धि आवश्यक है। उपर्युक्त लक्ष्य की पूर्ति हेतु राजस्व वृद्धि के लिए उपाय चिन्हित किये गये हैं। राजस्व संग्रहण में अभिवृद्धि हेतुु चिन्हित इन उपायों को कार्यान्वित करने के लिए बिहार कराधान विवादों का समाधान विधेयक, 2021 को विधायित करने की आवश्यकता है। यही इस विधेयक का उद्देश्य है और इसे प्रख्यापित कराना ही इस विधेयक का अभीष्ठ है।

(तारकिशोर प्रसाद) भार-साधक सदस्य

ह्नहृद्दत्रध्र्हृिंिंह्नत्रकृक्त्‌झ््रत्र

ह्येड्डहृत्र

क्तकृन्नप्र्रत्र

कृ०ड्डहृ्‌ब्छिंन्श्रडच्श्रव्डव्छत्र

कृऊझ्हृह्नत्रकृप्रस्हृड्डत्रक्तमहृहृत्र'

————

ख्;बपकरू17द्धँ;बपकरू16द्ध ;बपकरू20द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू26द्ध;बपकरू27द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू16द्ध

;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू16द्ध ;बपकरू5द्ध ;बपकरू30द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू31द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू20द्ध मरु ;बपकरू26द्ध;बपकरू2द्ध;बपकरू27द्धघ्

;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध 1-2;5'1़10;;बपकरू17द्ध.ण्.;बपकरू17द्ध.घ्

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 19 March 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2021-03-19.182/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2021-03-19.182.