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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 24 March 2021

Published 24 March 2021

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2021-03-24.12
Languages
English, Hindi

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निबंधन संख्या पी0टी0-40

बिहार गजट

बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-9 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। 10-10 भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण।

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भाग-4—बिहार अधिनियम ---

विषय-सूची पृष्ठ

पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---

भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 11-11 पूरक

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पूरक-क 12-142 बिहार गजट, 24 मार्च 2021 भाग-1 नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं।

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निर्वाचन विभाग

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अधिसूचना

15 मार्च 2021

सं0 ई2-2-35/2003-13--श्री अनिल कुमार राय,तत्कालीन अवर निर्वाचन पदाधिकारी, बेतिया संप्रति उप निर्वाचन पदाधिकारी, सिवान का दिनांक 09.09.2008 से 20.02.2009 तक पिताजी के इलाज हेतु उपभोग किये गये कुल 165 दिन के उपार्जित अवकाष की स्वीकृति, बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 240 एवं 248 के तहत प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव।

------- सहकारिता विभाग ------ अधिसूचनाएं 3 मार्च 2021 सं0 1/रा॰स्था॰निजी-15/2021 सह॰-724--श्री विकास रंजन प्रसाद, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (अवकाष/प्रषिक्षण रक्षित), बिहार, पटना की सेवा मो॰ जमा खान, माननीय मंत्री, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार, पटना के आप्त सचिव के रूप में कार्य करने हेतु मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना को सौंपी जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सियाराम सिंह, उप-सचिव।

------ 12 मार्च 2021 सं0 01/रा॰स्था॰स्थाना॰/पदा॰-11/2020 सह॰-847--मो॰ अमजद हयात बर्क, जिला सहकारिता पदाधिकारी, दरभंगा (अतिरिक्त प्रभार सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, दरभंगा/सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, बेनीपुर/सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, मधुबनी/सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, बेनीपट्टी/सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, झंझारपुर/महाप्रबंधक, आई॰सी॰डी॰पी॰, दरभंगा) को अपने कार्यों के अतिरिक्त तत्काल प्रभाव से अगले आदेष तक मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, मिथिला सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी संघ लि॰, दरभंगा का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से सियाराम सिंह, उप-सचिव।

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27 अगस्त 2020

क्र॰सं॰ पदाधिकारी का नाम/पदनाम/मूल कोटि वरीयता पदस्थापन स्थान/कार्यालय तृतीय वित्तीय उन्नयन अनुमान्यता की तिथि
1 2 3 4
1. श्री ललन शर्मा अपर निबंधक, स॰स॰ 01/2018 तत्कालीन अपर निबंधक, स॰स॰ (प्रषासनिक) कार्यालय निबंधक, स॰स॰, बिहार, पटना सम्प्रति सेवानिवृत्त 03.03.2016
2. श्री मुकुल कुमार सिन्हा संयुक्त निबंधक, स॰स॰ 04/2018 तत्कालीन संयुक्त निबंधक, स॰स॰, सारण प्रमंडल, छपरा सम्प्रति सेवानिवृत्त 10.04.2020
3. श्री चन्द्रषेखर सिंह संयुक्त निबंधक, स॰स॰ 05/2018 तत्कालीन प्रबंध निदेषक, बिहार राज्य सहकारी बैंक लि0, पटना सम्प्रति सेवानिवृत्त 16.08.2019
3 बिहार गजट, 24 मार्च 2021

2. वित्तीय उन्नयन के फलस्वरूप पदाधिकारियों का वेतन निर्धारण रूपांतरित सुनिष्चित वृति उन्नयन योजना नियमावली 2010 के नियम परिषिष्ट-I के प्रावधानों एवं समय-समय पर इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा निर्गत अनुदेषों के अनुरूप किया जायेगा।

3. गैर संवर्गीय/बाह्य सेवा शर्त्तों/सहकारी संस्थाआें में पदस्थापन अवधि का एम0ए0 सी0पी0 लाभ स्वीकृति के फलस्वरूप बकाया राषि का भुगतान संबंधित संस्थाओं द्वारा किया जायेगा।

4. रूपांतरित सुनिष्चित वृति उन्नयन योजना का लाभ स्वीकृति में किसी कारणों से भविष्य में संषोधन की आवष्यकता होने पर संबंधित पदाधिकारी को स्वीकृत लाभ से संबंधित अधिसूचना को रद्द/संषोधित किया जा सकेगा तथा उन्हें भुगतान की गयी अधिक राषि की वसूली/प्रतिपूर्ति की जा सकेगी।

5. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमल, उप-सचिव।

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समाहरणालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी

(जिला स्थापना शाखा)

----- आदेश 17 फरवरी 2021 सं0 XVII-199/2018-225--श्री सुकदेव साह, पिता-स्व0 भंगी साह, सा0-बनकट, जिला-पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी की भूमि का महात्मा गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के लिए हुए भूमि अर्जन के मुआवजे की राशि का भुगतान श्री सुकदेव साह के जगह अन्य व्यक्ति को करने के संबंध में श्री साह के द्वारा दिये गये परिवाद पत्र की जाँच अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी की अध्यक्षता में गठित त्रिस्तरीय जाँच समिति से करायी गयी। त्रिस्तरीय जाँच समिति का जाँच प्रतिवेदन अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चम्पारण के पत्र संख्या-2348 दिनांक 14.12.18 द्वारा प्राप्त हुआ है। त्रिस्तरीय जाँच प्रतिवेदन के अवलोकन से विषयगत मामलों में श्री सुधीर प्रसाद सिंह, लिपिक-सह-नाजीर जिला भू-अर्जन कार्यालय, पूर्वी चम्पारण के द्वारा फर्जी भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र के आधार पर भू-अर्जन के मुआवजे की राशि का भुगतान करने मे प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है उक्त के आलोक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी ने अपने पत्रांक-798 दिनांक 15.12.2018 द्वारा नगर थाना मोतिहारी में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के पत्रांक-2348 दिनांक 14.12.2018 से प्राप्त संयुक्त जाँच प्रतिवेदन में अंकित तथ्यों के आलेाक में श्री सुकदेव साह के केन्द्रीय विश्वव़िद्यालय मोतिहारी हेतु अर्जित भूमि के मुआवजा भुगतान में श्री सुधीर प्रसाद सिंह लिपिक-सह-नाजीर जिला भू-अर्जन कार्यालय, पूर्वी चम्पारण को दोषी पाते हुए बिहार सरकारी सेवक नियमावली (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) 2005 के नियम 9 (1)(क) के अन्तर्गत इस कार्यालय के आदेश ज्ञापांक-1558 दिनांक 18.12.2018 से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया तथा निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय पकड़ीदयाल अनुमंडल कार्यालय निर्धारित किया गया। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण मोतिहारी के निदेश दिया गया की श्री सुधीर प्रसाद सिंह निलंबित लिपिक-सह-नाजीर, जिला भू-अर्जन कार्यालय पूर्वी चम्पारण के विरूद्ध सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के संकल्प संख्या-15983 दिनांक 14.12.2017 के आलोक में प्रपत्र 'क' में आरोप गठित कर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के पत्रांक-79 दिनांक-20.02.2019 से श्री सुधीर प्रसाद सिंह निलम्बित लिपिक-सह-नाजीर जिला भू-अर्जन कार्यालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में आरोप गठित कर उपलब्ध कराया गया जिसे अनुमोदित करते हुए उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही का संचालन हेतु इस कार्यालय के आदेश ज्ञापांक-443 दिनांक 04.04.2019 से अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को संचालन पदाधिकारी तथा जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के पत्रांक-03 दिनांक 23.01.2021 से श्री सुधीर प्रसाद सिंह निलम्बित लिपिक-सह-नाजीर जिला भू-अर्जन कार्यालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का संचालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है जो निम्न प्रकार हैः-

क्र0 आरोप आरोपी का स्पष्टीकरण उपस्थापन पदाधिकारी का प्रतिवेदन एवं मंतव्य संचालन पदाधिकारी का मंतव्य एवं अनुशांसा
1 2 3 4 5
1. श्री सुकदेव साह, पिता-स्व0 भंगी साह, सा0-बनकट, जिला-पूर्वी चम्पारण के महात्मा गॉधी केन्द्रीय विश्वविधालय के लिए मैं जिला भू-अर्जन कार्यालय में नाजीर के पद पर कार्यरत था। बिहार बोर्ड प्रकीर्ण नियमावली-1958 क े नियम 310 एंव 311 में बिहार सरकार क े कार्यपालिका निदेश 121 के अनुसार जब भुगतान नगद या चेंक के द्वारा किया जाता है। भुगतान पाने वाले आरोपी कर्मी के विरूद्ध श्री सुकदेव साह पिता-स्व0 भंगी साह, सा0- बनकट, जिला-पूर्वी चम्पारण के महात्मा गॉधी केन्द्रीय विश्वविधालय के लिए भू-अर्जन के तहत अर्जित भूमि के मुआवजा
भू-अर्जन क े तहत अर्जित भूमि के मुआवजे की राशि को फर्जी सुकदेव साह के खाते में भुगतान किया गया, जिसके लिए दोषी पाये गये है। भारत नेपाल सीमा परियोजना में श्री राजेन्द्र साह, पिता-महावीर साह, सा0-नोनैयाडीह, अंचल-रक्सौल को भू-अर्जन क े तहत अर्जित भूमि के मुआवजे की राशि मो0-84.80. 000.00 (चौरासी लाख अस्सी हजार) रूपये का दोहरा भुगतान किया गया है। सरकारी राशि के भुगतान के संबंध में स्पष्ट किया गया है। नियम से स्पष्ट है कि व्ययन पदाधिकारी द्वारा पूर्ण समाधान कर भुगतानादेश निर्गत करने के बाद नाजीर के पास भुगतान के अलावा कोई विकल्प नही बचता है। भुगतान आदेश सही है अथवा नही इसकी जॉच संबंधित कार्यवाह लिपिक, कार्यालय क े लेखापाल-सह-प्रधान लिपिक एवं व्ययन पदाधिकारी की होती है। (नियमावली की छायाप्रति संलग्न) श्री स ुकदेव साह, पिता-स्व0 भंगी साह, ग्राम-बनकट एवं श्री राजेन्द्र साह, पिता-स्व0 महावीर साह, सा0-नोनेयाडीह, अंचल-रक्सौल को मुआवजा भुगतान क े मामले में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा निर्गत भुगतानादेश के आलोक में मेरे द्वारा नियमानुसार क्रमशः PDAccount/RTGS के माध्यम से भुगतान किया गया है। (भुगतानादेश की छायाप्रति संलग्न) श्री राजेन्द्र साह, पिता-महावीर साह, सा0-नोनेयाडीह को मो0-84,80,000/ रूपये दुवारा मुआवजा राशि भुगतान के संबंध में श्री शारदानंद सिंह, तत्कालीन प्रभारी प्रधान लिपिक द्वारा जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को लिखित रूप में सूचित किया गया है कि कार्यालय में कर्मियों के कमी एवं उनके जिम्मे ं कार्यो का अत्याधिक बोझ होने के कारण ससमय संज्ञान में नही आ सका। (आवेदन पत्र की छायाप्रति संलग्न) श्री शारदा सिंह पक्षों की सम्यक रूप से पहचान की जानी चाहिए, पहचान करने वाले का नाम अभिलिखित किया जाना चाहिए तथा रसीद प्राप्त किया जाना चाहिए। इस निर्देश का अनुपालन आरोपी कर्मी के द्वारा नही किया गया है। आरोपी कर्मी के द्वारा मुआवजा भुगतान पंजी संधारित नही किये जाने के कारण श्री राजेन्द्र साह, पिता-महावीर साह सा0- नोनेयाडीह, अंचल- रक्सौल को दोहरा भूगतान मो0- 84,80,0000/रूपये का हो गया। इस भूगतान में भी बिहार सरकार क े कार्यपालिका निर्देश 121 के अनुसार पहचान नही किया गया है। अतः कार्यपालिका निर्देश का अनुपालन भी नही किया गया है। की राशि को फर्जी सुकदेव साह के खाते में भुगतान किया गया एवं भारत नेपाल सीमा परियोजना में श्री राजेन्द्र साह, पिता-स्व0 महावीर साह सा0 नोनेयाडीह अंचल-रक्सौल को भू-अर्जन के तहत अर्जित भूमि के मुआवजे की राशि मो0-84,80,0000 (चौरासी लाख अस्सी हजार) रूपये का दोहरा भूगतान करने के संबंध में लगाये आरोप के जवाब में उल्लेखित किया गया है, कि बिहार बोर्ड प्रकीर्ण नियमावली 1958 के नियम 310 एवं 311 में सरकारी राशि के भुगतान के संबध में स्पष्ट है, कि व्यंयन पदाधिकारी द्वारा पूर्ण समाधान कर भुगतान आदेश निर्गत करने के वाद नाजीर के पास भुगतान के अलावें कोई विकल्प नही बचना है। आरोप सही है। अथवा नही इसकी जॉच संबंधित कार्यवाहक लिपिक कार्यालय के लेखापाल सह प्रधान लिपिक एवं व्यंयन पदाधिकारी की ही होती है। श्री सुकदेव साह, एवं श्री राजेन्द्र साह को मुआवजा भुगतान के मामले मे े ं जिला भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा निर्गत भुगतान आदेश के आलोक में इनके द्वारा नियमानुसार क्रमशः PD Acaunt/RTGSके माध्यम से भुगतान किया गया है। श्री शारदा नन्द सिंह प्रभारी प्रधान लिपिक के द्वारा जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को लिखित रूप में सूचित किया गया कि कार्यालय में कर्मियों के कमी एवं उनके जिम्मे कार्यो का अत्यधिक बोझ होने के कारण ससमय संज्ञान में नही आ सका। लिपिक के द्वारा प्रधान लिपिक के माध्यम से पदाधिकारी क े समक्ष अंतिम आदेश के लिए उपस्थापित की जाती है। कौन सा भुगतान सही है और कौन सा भुगतान गलत है। इसकी जॉच करने की जवाबदेही इनही तीनो ं कर्मियों/पदाधिकारियों की होती है। मेरे द्वारा अपने दायित्व का सही सही निर्वहन किया गया है। आरोपी कर्मी के जवाब पर उपस्थापन पदाधिकारी से मंतव्य की मांग की गई।
द्वारा भू-अर्जन पदाधिकारी को यह सूचना दिनांक-30.11.18 को दी गयी है जबकि राजेन्द्र साह के खाता में इस अंतरित राशि का भुगतान स्थगित करने हेतु जिला भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा अपने पत्रांक-686 दिनांक-15.10.18 द्वारा IDBI Bank रक्सौल को पत्र निर्गत किया गया है। जो स्पष्ट करता है कि जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को पूर्व से ही इसकी जानकारी थी तथा श्री शारदा नन्द सिंह एवं जिला भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा इस मामलों को दबाने का प्रयास किया गया परन्तु श्री सुकदेव साह का फर्जी भुगतान प्रकाश में आने के कारण श्री राजेन्द्र साह का मामला दबाया नही जा सका। चूॅकि अभिलेख/संचिका कार्यवाहक लिपिक क े पास रहती ह ै तथा भुगतान संबंिध कार्यवाही वही से प्रारंभ होकर प्रधान लिपिक के माध्यम से पदाधिकारी के समक्ष अंतिम आदेश के लिए उपस्थापित की जाती है तो कौन सा भुगत्‌ान सही है, और कौन सा गलत इसकी जॉच करने की जवाबदेही इन्ही तीन कर्मियों/पदाधिकारी की ही होती है। नाजीर की इसमे कोई भूमिका नही ं है। नाजीर का काम भुगतान आदेश प्राप्त होने पर उसका अनुपालन/भुगतान सुनिश्चित करते हुए रोकड़ बही में उसे दर्ज करना होता हे। मेरे द्वारा अपने दायित्यों का सही-सही निर्वहन किया गया है। जिला उपस्थापन पदा0 क े पत्र सं0-296 दिनांक-10.07.19 से प्राप्त मंतव्य सही नही रहने के कारण पुनः आरोप एवं जवाब के अनुरूप उपस्थापन पदाधिकारी से पत्र सं0-35 दिनांक-27.07.2020 के द्वारा मंतव्य की मांग की गई, जो उपस्थापन पदाधिकारी सह जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण के पत्र सं0-627 दिनांक-10.08.2020 स े प्राप्त हुआ जो निम्न प्रकार है। बिहार सरकार के कार्यपालिका निदेश 121 के अनुसार जब भुगतान नगद या चेंक के द्वारा किया जाता है। भुगतान पाने वाले पक्षों की सम्यक रूप से पहचान की जानी चाहिए, पहचान करने वाले का नाम अभिलिखित किया जाना चाहिए तथा रसीद प्राप्त किया जाना चाहिए। इस निर्देश का अनुपालन आरोपी कर्मी के द्वारा नही किया गया है। आरोपी कर्मी के द्वारा मुआवजा भुगतान पंजी संधारित नही किये जाने के कारण श्री राजेन्द्र साह, पिता-महावीर साह सा0-नोनेयाडीह, अंचल-रक्सौल को दोहरा भूगतान मो0-84,80,0000/रूपये का हो गया। इस भूगतान में भी बिहार सरकार के कार्यपालिका निर्देश 121 के अनुसार पहचान नही किया गया है। अतः कार्यपालिका निर्देश का अनुपालन भी नही किया गया है। आरोपी कर्मी के द्वारा अपने बचाव में उल्लेखित किया गया है, कि जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के द्वारा निर्गत भूगतान आदेश के आलोक में इनके द्वारा PD Acount/RTGS के माध्यम से भुगतान किया गया तथा बिहार बोर्ड प्रकीर्ण नियमावली 1958 की धारा 310 एवं 311 में भूगतान के संबंध मे नियम स्पष्ट है, कि ं व्ययन पदाधिकारी द्वारा प र्ण ू समाधान कर भूगतान आदेश निगर्त करने के बाद नाजीर के पास भुगतान हेतु भेजा जाता है। जबकि उपस्थापन पदाधिकारी के द्वारा अपने मंतव्य में उल्लेख
भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा अपने ज्ञापांक-792 दिनांक-11.02.18 द्वारा इस स दर्भ ं म ं े मुझसे स्पष्टीकरण की मांग पूर्व में की गयी थी जिसको मेरे द्वारा दिनांक-13.12. 18 को उन्हें समर्पित भी किया गया है, परन्तु जिला भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा मेरे स्पष्टीकरण पर कोई विचार नही किया गया है। (छायाप्रति संलग्न) अतः अनुरोध है कि मेरे इस स्पष्टीकरण को स्वीकार करते हुए मुझे आरोपों से मुक्त करने की कृपा प्रदान की जाय। किया गया है, कि भू-अर्जन प्रक्रिया एवं प्रावधान के कार्यपालक निर्देश सं0-121 में भुगतान की प्रक्रिया का उल्लेख है। जिसके अनुसार भूगतान नगद या चेक के माध्यम से किया जाता है। भुगतान पाने वाले पक्षों की सम्यक रूप से पहचान की जानी चाहिए। पहचान करने वाले का नाम अभिलिखित किया जाना चाहिए तथा रसीद प्राप्त किया जाना चाहिए। श्री राजेन्द्र साह पिता-महावीर साह को अभिलेख सं0-36/15-16 में अधिनिर्णय विवरण की क्रम संं0-25 के आलोक मे ं मो0 84,80,000-रूपये का भुगतान चेक सं0-472567 दिनांक-02.01. 2018 द्वारा RTGS के माध्यम से किया गया प ुनः अभिलेख सं0-36/15-16 में अधिनिर्णय विवरण की क्रम संं0-25 के लिए ही मो0 84,80,000/रूपये का PD चेक के द्वारा चेक सं0-106307 दिनांक-15.05.18 से भूगतान किया गया इस तरह एक ही अभिलेख में एक व्यक्ति को दो बार में एक राशि चेक के द्वारा माध्यम से RTGS के भुगतान किया गया एवं दुसरे राशि का भुगतान PD चेक के माध्यम से किया गया। यदि चेक पंजी से मिलान किया जाता एवं PD चेक भुगतान पानेवाले को सम्यक पहचान के पश्चात्‌ नाम अभिलिखित करते हुए प ्राप्ति रसीद लिया गया होता तो एक अभिलेख मे एक व्यक्ति को दो ं बार भुगतान नही होता। इस तरह आरोपी कर्मी के द्वारा सरकारी राशि का भुगतान में लापरवाही वरती गयी है। वैसी स्थिति में आरोपी कर्मी के विरूद्ध लगाया गया आरोप सही प्रमाणित होता है।
4 बिहार गजट, 24 मार्च 2021 5 बिहार गजट, 24 मार्च 2021 6 बिहार गजट, 24 मार्च 2021

संचालन पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के द्वारा श्री सुधीर प्रसाद सिंह लिपिक-सह-नाजीर जिला भू-अर्जन कार्यालय पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के विरूद्ध लगाये गये आरोप को प्रमाणित पाये जाने के कारण श्री सिंह से इस कार्यालय के ज्ञापांक-131 दिनांक 27.01.2021 से द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गई। श्री सिंह के द्वारा अपना द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित किया गया है। जिसमें उल्लेख किया गया है कि कार्यपालिका निदेश संख्या-121 में भुगतान नगद या चेक के माध्यम से किये जाने की स्थिति में भुगतान पाने वाले पक्षों/पहचान करने वाले का नाम व पता अभिलिखित करने का प्रावधान किया गया है। ज्ञात हो कि संबंधित भुगतान जिला7 बिहार गजट, 24 मार्च 2021 भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा निर्गत भुगतानादेश के आधार पर अद्यतन्‌ विभागीय दिशा निर्देश के आलोक में संबंधित लाभार्थी को उनके बैंक खाता के माध्यम से आर0टी0जी0एस0/पी0डी0 खाता के चेक जिसको पदाधिकारी द्वारा लाभार्थी के हस्ताक्षर/निशान को अभिप्रमाणित किया जाता है, द्वारा किया गया है। इस प्रकार के भुगतान में न तो लाभार्थी को चेक प्राप्त करना होता है और न किसी पहचानकर्त्ता की आवश्यकता होती है। लाभार्थी का पहचान संबंधित बैंक खाता ही है। इस मामले में कार्यपालिका निर्देश-121 प्रभावी नहीं माना जा सकता है। उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा अपने प्रतिवेदन में आरोपित किया गया है आरोपी कर्मी द्वारा मुआवजा भुगतान पंजी संधारित नहीं किये जाने के कारण श्री राजेन्द्र साह, पिता-महावीर साह, सा0-नोनियाडीह, अंचल-रक्सौल को दोहरा भुगतान हो गया। इस संबंध में कहना है कि संबंधित कार्यवाहक लिपिक/योजना लिपिक की जिम्मेवारी बनती है कि परियोजनावार भुगतान पंजी संधारित करें तथा भुगतानादेश निर्गत करने के साथ ''भुगतान हो गया'' तिथि सहित भुगतान पंजी मे प्रविष्टी करें। पूर्व नाजीर द्वारा भुगतान पंजी का प्रभार नहीं दिया गया एवं इस निमित किसी पदाधिकारी द्वारा भी कोई आदेश नहीं दिया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने प्रतिवेदन में अंकित किया गया हैं कि राजेन्द्र साह, पिता-महावीर साह, को अभिलेख संख्या 36/2015.-16 में अधिनिर्णय विवरण की क्रम संख्या-25 के आलोक में मो0-84,00,000=00 रूपये का भुगतान चेक संख्या-472567, दिनांक 02.01.2018 द्वारा आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से किया गया पुनः अभिलेख संख्या-36/2015-16 में अधिनिर्णय विवरणी की क्रम संख्या 25 के लिए ही मो0-84,00,000=00 रूपये का पी0डी0 चेक के माध्यम से किया गया । यदि चेक पंजी से मिलान किया जाता एवं पी0डी0 चेक भुगतान पाने वाले को सम्यक पहचान के पश्चात नाम अभिलिखित करते हुए प्राप्ति रसीद लिया गया होता तो एक अभिलेख में एक व्यक्ति को दो बार भुगतान नहीं होता। श्री सिंह के द्वारा उल्लेखित किया गया है कि कण्डिका-2 में वर्णित दोनों भुगतान आर0टी0जी0एस0/पी0डी0 चेक के माध्यम से किया गया है,जिसमें न तो लाभार्थी को चेक प्राप्त करना होता है और न किसी पहचानकर्त्ता की आवश्यकता होती है। लाभार्थी का पहचान संबंधित बैंक खाता ही है। संबंधित अभिलेख जो कार्यवाहक लिपिक द्वारा तैयार किया जाता है, में बैंक खाता की मुख्य पृष्ठ की छाया प्रति संलग्न रहता है। उनके द्वारा यह भी उल्लेख किया गया है कि मेरा कार्य भुगतान आदेश के आलोक में राशि स्थानान्तरण हेतु चेक तैयार कर पदाधिकारी के समक्ष अभिलेख के साथ उपस्थापित करना होता है एवं पदाधिकारी द्वारा पूर्ण संतुष्ट होने एवं चेक के हस्ताक्षरोपरान्त उसे बैंक/कोषागार में भेजना होता है तत्पश्चात्‌ उसे रोकड़पुस्त में संधरित करना होता है जिसका निर्वहन सही ढंग से किया गया है। एक ही अभिलेख में श्री राजेन्द्र साह को दो बार भुगतान करना संभव नहीं है क्योंकि एक बार भुगतान होने पर उक्त भुगतानादेश पर चेक संख्या एवं तिथि अंकित कर दिया जाता है। अगर उसी अभिलेख में दुसरा भुगतानादेश निर्गत किया गया होता तो उसकी जानकारी हो जाती कि इसका पूर्व में भुगतान कर दिया गया है। इसका मतलब है कि कार्यवाहक लिपिक/प्रधान लिपिक द्वारा अभिलेख संख्या -36/2015-16 दो बार अलग-अलग तैयार किया गया तथा दोनों अभिलेख में संलग्न भुगतानादेश पर पदाधिकारी द्वारा भी दो बार अलग-अलग तिथि को हस्ताक्षरित किया गया होगा। इस संबंध में प्रथम कारण पृच्छा में अंकित किया है कि तत्कालीन कार्यवाहक लिपिक/प्रधान लिपिक श्री शारदानंद सिंह ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को लिखित रूप में संसूचित किया है कि मेरे जिम्मे कार्यो की अधिकता एवं कार्यालय में लिपिकों की कमी के कारण ससमय संज्ञान में नहीं आ सका। उस परियोजना के कार्यवाहक लिपिक श्री शारदानंद सिंह ही थे। साथ ही श्री सिंह के द्वारा यह भी कहा गया है कि श्री राजेन्द्र साह, नोनेयाडीह को दो बार में एक राशि चेक के द्वारा आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से तथा दुसरी राशि का भुगतान पी0डी0 चेक के माध्यम से किये जाने संबंधी आरेाप के संबंध में कहना है कि उक्त परियोजना की राशि बैंक खाता में पर्याप्त नहीं रहने की स्थिति में एकल लाभार्थी को मुआवजा राशि का भुगतान पी0डी0 चेक के माध्यम से किया जाता है। श्री राजेन्द्र साह के मामले में भी इसी आलोक मेें भुगतान किया गया है। संचालन पदाधिकारी प्राप्त संचालन प्रतिवेदन तथा आरोपी कर्मी श्री सुधीर प्रसाद सिंह, निलम्बित लिपिक-सह-नाजीर जिला भू-अर्जन कार्यालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा का जवाब का अवलोकन किया समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा का अवलोकन के पश्चात पाया गया कि श्री सिंह निलम्बित लिपिक-सह-नाजीर जिला भू-अर्जन कार्यालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के द्वारा संचालन पदाधिकारी द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही में समर्पित अपने स्पष्टीकरण में जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है उन्ही तथ्यों को को द्वितीय कारणपृच्छा के जवाब में उल्लेख किया गया है। जो स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री सिंह निलम्बित लिपिक-सह-नाजीर जिला भू-अर्जन कार्यालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा समर्पित द्वितीय कारणपृच्छा के जवाब को अस्वीकृत किया जाता है।

संचालन पदाधिकारी ने अपने संचालन प्रतिवेदन में स्पष्ट उल्लेख किया है कि श्री राजेन्द्र साह पिता-महावीर साह को अभिलेख सं0-36/15-16 में अधिनिर्णय विवरण की क्रम संं0-25 के आलोक में मो0 84,80,000-रूपये का भुगतान चेक सं0-472567 दिनांक 02.01.2018 द्वारा RTGS के माध्यम से किया गया पुनः अभिलेख सं0-36/15-16 में अधिनिर्णय विवरण की क्रम संं0-25 के लिए ही मो0 84,80,000/रूपये का PD चेक के द्वारा चेक सं0-106307 दिनांक 15.05.18 से भूगतान किया गया इस तरह एक ही अभिलेख में एक व्यक्ति को दो बार में एक राशि चेक के द्वारा RTGS के माध्यम से भुगतान किया गया एवं दुसरे राशि का भुगतान PD चेक के माध्यम से किया गया। यदि चेक पंजी से मिलान किया जाता एवं PD चेक भुगतान पानेवाले को सम्यक पहचान के पश्चात्‌ नाम अभिलिखित करते हुए प्राप्ति रसीद लिया गया होता तो एक अभिलेख में एक व्यक्ति को दो बार भुगतान नही होता। इस तरह आरोपी कर्मी के द्वारा सरकारी राशि का भुगतान में लापरवाही वरती गयी है। वैसी स्थिति में आरोपी कर्मी के विरूद्ध लगाया गया आरोप सही प्रमाणित होता है।8 बिहार गजट, 24 मार्च 2021 संचालन पदाधिकारी के संचालन प्रतिवेदन आरोपी कर्मी के द्वितीय कारणपृच्छा के समीक्षोपरान्त श्री सिंह निलम्बित लिपिक-सह-नाजीर जिला भू-अर्जन कार्यालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा सरकारी कार्यो के निष्पादन में लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता एवं मनमाने ढंग से कार्य करने तथा वित्तीय अनियमितता का आरोप प्रमाणित होता है। जो सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 3 1 (I)(II)(III) के प्रतिकूल है। इन्हें वृहद दण्ड देना अनिवार्य हो गया है। अन्यथा भ्रष्टाचार एवं अराजकता को बढ़ावा मिलेगा तथा सरकारी कर्मियों में गलत संदेश जायेगा।

अतएव उपरोक्त तथ्यों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 यथा संशोधित के नियम -14 (XI) में निहित प्रावधानों के तहत्‌ शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं शीर्षत कपील अशोक, भा0प्र0से0 जिलाधिकारी-सह-जिला दण्डाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी श्री सुधीर प्रसाद सिंह, निलम्बित लिपिक-सह-नाजीर जिला भू-अर्जन कार्यालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को आदेश निर्गत की तिथि से सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरहर््‌ता होगी का दण्ड अधिरोपित करता हूँ।

श्री सुधीर प्रसाद सिंह, निलम्बित लिपिक-सह-नाजीर जिला भू-अर्जन कार्यालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी, से संबंधित सूचना निम्नवत्‌ हैः-

1. नाम - श्री सुधीर प्रसाद सिंह, 2. पिता का नाम - स्व0 सत्यदेव प्रसाद सिंह 3. पदनाम - लिपिक 4. जन्म तिथि - 28.02.1961 5. नियुक्ति की तिथि - 21.12.1987 6. वर्त्तमान वेतनमान - 9300-34800 Level-7 7. स्थाई पता -ग्रामपो0-सिसवा खरार थाना-कल्याणपुर अंचल-कल्याणपुर जिला-पूर्वी चम्पारण मोतिहारी

आदेश से, ह0/अस्पष्ट, जिलाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी।

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VIGILANCE DEPARTMENT

BIHAR, PATNA

FORM No. I

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DECLARATION

(Under Section 5 of the Bihar Special Courts Act 2009, and Rules 7 of Bihar Special Courts Rules 2010)

The 5th March 2021

No. Ni. Vi. /Stha (Vi.Nya.)-04/2021-1120--WHEREAS, It is alleged that Sri Ajay Krishna Mishra the then Assistant Inspector General of Registration, Gaya (At present dismissed), Prohibition, Exise & Registration Department, S/o - Shri Jagannath Mishra, Shekhar Sadan, Road No. - 25, Rajeev Nagar, Patna, Permanent Address - Naya Gaon, P.S. - Kewaty, Distt. - Darbhanga, Bihar, while holding the post of Assistant Inspector General of Registration, Gaya (At present dismissed), Prohibition, Exise & Registration Department, and serving in different capacities in the State of Bihar, committed an offence under clause (e) of sub-section (1) of Section 13 of the Prevention of Corruption Act, 1988 and that the matter was investigated in Special Vigilance Unit, Bihar Case No. 03/2014 dated 27.08.2014.

AND WHEREAS, on scrutiny of relevant materials available on record, the State Government is of the opinion that there is prima facie case of Commission of above mentioned criminal misconduct by said Assistant Inspector General of Registration, Gaya (At present dismissed), Prohibition, Exise & Registration Department, who has accumulated properties disproportionate to his known sources of income by resorting to corrupt means.

AND WHEREAS, it is felt necessary and expedient by the Government that the said offender should be tried for confiscation of the properties mentioned in the application by the Special Court Established under sub-section (1) of Section 3 of Bihar Special Courts Act, 2009;

9 बिहार गजट, 24 मार्च 2021

NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 5 of Bihar Special Courts Act, 2009, the State Government do hereby declare that the said offence shall be dealt with under the provisions of Special Courts Act, 2009.

By the order of the Governor of Bihar,- Sd/-Illegible, Additional Chief Secretary.

------ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ------ अधिसूचना 18 मार्च 2021

सं0 2/बि०व०से०(स्था०)-10/2020-939/प०व०ज०प०--बिहार वन सेवा के पदाधिकारी श्री अनिल कुमार झा, सेवानिवृत सहायक वन संरक्षक द्वारा विभागीय परीक्षा से विमुक्ति हेतु समर्पित अभ्यावेदन के आलोक में कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग सम्प्रति सामान्य प्रषासन विभाग के पत्रांक 4674, दिनांक 15.05.1992 तथा अधिसूचना संख्या-3127, दिनांक 06.03.2018 के प्रावधानों के तहत श्री अनिल कुमार झा, सेवानिवृत सहायक वन संरक्षक (दिनांक 30.04.2020 को सेवानिवृत्त), कार्यालय-वन प्रमंडल पदाधिकारी, भोजपुर वन प्रमंडल, आरा को उनके द्वारा दिये गये आवेदन दिनांक 08.04.2020 की तिथि से विभागीय परीक्षा से विमुक्ति का आदेष दिया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सुबोध कुमार चौधरी, संयुक्त सचिव।

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सामान्य प्रशासन विभाग

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अधिसूचना

19 मार्च 2021

सं0 7/शक्ति प्र0-13-01/2020 सा0प्र0 3941--दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (ऐक्ट 2, 1974) की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियाें का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल निम्नांकित अनुसूची के स्तम्भ-2 में उल्लेखित कार्मिक को उनके नाम के सम्मुख स्तम्भाें में अंकित विवरण के अनुसार दण्डाधिकारी नियुक्त करते हैं और निदेश देते हैं कि उक्त कार्मिक नालन्दा जिला में दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (ऐक्ट 2, 1974) की संगत धारा के अंतर्गत दण्डाधिकारी की प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे।

क्र0 स0 कार्मिक का नाम एवं पद नाम द0प्र0सं0 1973 की धारा, जिसके तहत शक्ति प्रदान की गयी है तिथि/अवधि प्रयोजन दण्डाधिकारी (विशेष कार्यपालक/ कार्यपालक) जिला का नाम
1 2 3 4 5 6 7
1 जिला पदाधिकारी, नालन्दा के पत्रांक-983 दिनांक 30.01.2021 के साथ स लग्न ं सूची में अंकित कार्मिक। द0प्र0सं0 1973 की धारा-21 दिनांक 01.01.2021 से 31.12.2021 तक विधि व्यवस्था विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी नालन्दा

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शालिग्राम पाण्डेय, अवर सचिव (प्र0)। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 1—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in10 बिहार गजट, 24 मार्च 2021

भाग-2

बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश,

अधिसूचनाएं और नियम आदि।

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अल्पसंख्यक कल्याण विभाग --- आदेश शुद्धि पत्र 1 फरवरी 2021 सं0 अ॰स॰क॰-01 (रिक्ति की सूचना)-106/2016-20--विभागीय कार्यालय आदेश सं॰-111 सहपठित ज्ञापांक-1485 दिनांक 03.07.2019 के क्रम में कंडिका-1 पर अंकित श्री मनोरंजन प्रसाद सिंह, भूतपूर्व अनौपचारिक अनुदेशक, जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) के पिता श्री वेदानन्द प्रसाद सिंह के स्थान पर श्री देवानन्द प्रसाद सिंह पढ़ा जाय। शेष यथावत रहेगी।

आदेश से, डॉ॰ अमीर आफाक अहमद फैजी, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 1—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in11 बिहार गजट, 24 मार्च 2021

भाग-9-ख

निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। —————

सूचना ------

सं0 330--मैं हर्षिता गोयल, अंकित कुमार अग्रवाल से षादी करने के बाद अब हर्षिता अग्रवाल हो गई हूँ और अब मैं सरकारी/गैर सरकारी/अर्द्धसरकारी/बैंक/विद्यालय या किसी भी सक्षम कार्यालय में हर्षिता गोयल की जगह हर्षिता अग्रवाल के नाम से ही जानी-पहचानी तथा व्यवहरित होगी। श्रीमान्‌ कार्यपालक दंडाधिकारी, षपथ पत्र संख्या-935, दिनांक 10.08.2020।

हर्षिता गोयल। ------

No. 331---I AVINASH KUMAR S/o Arun Kumar Sharma residing at Vill+PO- Shahdullahpur, Distt-Vaishali, State-Bihar-844121 have changed my name to AVINASH KUMMAR SHARMA vide ADVT/IV/5833 dated 14.10.2020 for all future purposes.

AVINASH KUMAR.

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सं0 332--मैं नेहा बजाज, पति पियुष कुमार अग्रवाल से श्षादी करने के बाद अब नेहा अग्रवाल हो गई हूँ और अब मैं सरकारी/गैरसरकारी/अर्द्धसरकारी/बैंक/विद्यालय या किसी भी सक्षम कार्यालय में नेहा बजाज की जगह नेहा अग्रवाल के नाम से ही जानी-पहचानी तथा व्यवहरति होगी। श्रीमान्‌ कार्यपालक दंडाधिकारी, षपथ पत्र संख्या-934, दिनांक 10-08-2020।

नेहा बजाज।

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No. 373---I, Afashan Ruhi W/o Rizwan Ahmad Khan At-DS 404 Prakash Deep Enclave Ashiana Road, PS Shastri Nagar, Patna Declare that by Affidavit No. 1137 Dated 17.02.2021 I will be known as Afshan Ruhi.

Afashan Ruhi.

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सं0 374--मैं, सुजाता सिंह, पिता स्व0 जगदीष प्रसाद सिंह, पति दिनेष कुमार सिंह, वार्ड नं-4, जज बजार स्टेषन रोड, बिहियाँ, थानाअंचल-बिहियाँ, जिला-भोजपुर, का स्थायी निवासी हूँ, यह कि मेरा शैक्षणिक प्रमाण-पत्र और सेवा पुस्तिका में मेरा नाम-सुजाता है, अब मैं सुजाता सिंह के नाम से जानी एवं पहचानी जाऊँगी। षपथ पत्र सं0 5033, दिनांक 01.10.2020।

सुजाता सिंह। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 1—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in12 बिहार गजट, 24 मार्च 2021

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित

—————

सं0 (cid:356)ा0कव0-14(द0) मधु0-06/2016-414533 (cid:356)ामीण िवकास िवभाग -------

संकल्प

13 मार्च 2021

संकल्प संख्या 444885 कदनांि 23.10.2019 (cid:554)ारा (cid:373)ी अमरेन्द्र ुि मार, तत्कालीन (cid:366)खंड कवािस पदाकधािरी, मधेपुर, कजला-मधुबनी ेि कव(cid:349)(cid:544) संचाकलत कवभागीय ािय(cid:330)वाही म(cid:336) संचालन पदाकधािरी (cid:373)ी राजे प(cid:303)रमल, उप सकचव, (cid:356)ामीण कवािस कवभाग कबहार, पटना ेि स्थान पर (cid:373)ी भरत ुि मार दू बे, सूचीब(cid:544) संचालन पदाकधािरी, (cid:356)ामीण कवािस कवभाग कबहार, पटना संचालन पदाकधािरी हंगे।

संकल्प ेि ेष अं यथावत रह(cid:336)गे।

कबहार-राज्यपाल ेि आदे से, सत्येन्द्र (cid:366)साद, कवेष ािय(cid:330) पदाकधािरी।

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सं0 8/आ0 (राज0उ0)-2-13/2020-877

मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग

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संकल्प

4 मार्च 2021

विषयः-बिहार निबंधन सेवा एवं बिहार मद्यनिषेध सेवा के पदाधिकारियों का SPARROW (Smart Performance Appraisal Report Recording Online Window) SYSTEM के तहत PAR e-filling हेतु मानक PAR प्रारूप एवं प्रतिवेदक, समीक्षी एवं स्वीकरण पदाधिकारी के निर्धारण के संबंध में।

गृह विभाग, बिहार सरकार के द्वारा बिहार सरकार के विभिन्न संवर्गों के पदाधिकारियों का PAR अभिलेखन हेतु SPARROW (Smart Performance Appraisal Report Recording Online Window) SYSTEM लागू करने का निर्णय लिया गया है। SPARROW SYSTEM के अधीन विहित प्रपत्र में समयबद्ध तरीक से online PAR अभिलेखन का प्रावधान है। इस व्यवस्था से पदाधिकारियों का अभिलिखित PAR ससमय प्राप्त हो सकेगा और उन्हें अनुमान्य प्रोन्नति, वित्तीय उन्नयन पर विचार किया जा सकेगा।

02. बिहार निबंधन सेवा एवं बिहार मद्यनिषेध सेवा के पदाधिकारियों का SPARROW SYSTEM के अधीन कार्य निष्पादन मूलयांकन प्रतिवेदन (PAR) अभिलेखन की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस निमित e-filling हेतु PAR का प्रारूप निर्धारण के साथ-साथ प्रतिवेदक, समीक्षी एवं स्वीकरण पदाधिकारी को नामित किया गया है। बिहार निबंधन सेवा का PAR प्रारूप अनुलग्नक-1 एवं बिहार मद्यनिषेध सेवा का PAR प्रारूप अनुलग्नक-2 के रूप में संलग्न है। उक्त दोनों सेवाओं के प्रतिवेदक, समीक्षी एवं स्वीकरण पदाधिकारी अद्योलिखित होंगे-13 बिहार गजट, 24 मार्च 2021

बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों का SPARROW SYSTEM में PAR अभिलेखन हेतु प्रतिवेदक, समीक्षी एवं स्वीकरण पदाधिकारी का निर्धारण।
क्र0 पदनाम प्रतिवेदक पदाधिकारी समीक्षी पदाधिकारी स्वीकरण पदाधिकारी
1. अवर निबंधक/संयुक्त अवर निबंधक जिला अवर निबंधक सहायक निबंधन महानिरीक्षक निबंधन महानिरीक्षक
2. जिला अवर निबंधक जिला पदाधिकारी निबंधन महानिरीक्षक विभागीय सचिव/प्रधान सचिव/अपर मुख्य सचिव
3. सहायक निबंधन महानिरीक्षक निबंधन महानिरीक्षक विभागीय सचिव/प्रधान सचिव/अपर मुख्य सचिव माननीय मंत्री
4. उप निबंधन महानिरीक्षक निबं धन महानिरीक्षक ं ं विभागीय सचिव/प्रधान सचिव/अपर मुख्य सचिव माननीय मंत्री
बिहार मद्यनिषेध सेवा के पदाधिकारियों का SPARROW SYSTEM में PAR अभिलेखन हेतु प्रतिवेदक, समीक्षी एवं स्वीकरण पदाधिकारी का निर्धारण।
क्र0 पदनाम प्रतिवेदक पदाधिकारी समीक्षी पदाधिकारी स्वीकरण पदाधिकारी
1. अधीक्षक मद्यनिषेध जिला पदाधिकारी आयुक्त उत्पाद विभागीय सचिव/प्रधान सचिव/अपर मुख्य सचिव
2. सहायक आयुक्त मद्यनिषेध जिला पदाधिकारी आयुक्त उत्पाद विभागीय सचिव/प्रधान सचिव/अपर मुख्य सचिव
3. सहायक आयुक्त मद्यनिषेध (मुख्यालय) आयुक्त उत्पाद विभागीय सचिव/प्रधान सचिव/अपर मुख्य सचिव माननीय मंत्री
4. उपायुक्त मद्यनिषेध आयुक्त उत्पाद विभागीय सचिव/प्रधान सचिव/अपर मुख्य सचिव माननीय मंत्री
5. संयुक्त आयुक्त मद्यनिषेध आयुक्त उत्पाद विभागीय सचिव/प्रधान सचिव/अपर मुख्य सचिव माननीय मंत्री

03. SPARROW (Smart Performance Appraisal Report Recording Online Window) SYSTEM के e-filling माध्यम से PAR अभिलेखन वित्तीय वर्ष-2020-21 से प्रभावी होगा।

04. SPARROW SYSTEM के तहत वित्तीय वर्ष-2020-21 से बिहार निबंधन सेवा एवं बिहार मद्यनिषेध सेवा के पदाधिकारियों का वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन प्रतिवेदन के ससमय अभिलेखन हेतु प्रतिवेदित/प्रतिवेदक/ समीक्षी/स्वीकरण स्तर पर PAR e-filling हेतु समय-सीमा निम्नरूपेण निर्धारित किया जाता हैः-

(i) विभाग द्वारा बिहार निबंधन सेवा एवं बिहार मद्यनिषेध सेवा के सभी पदाधिकारियों का BASIC DATA प्रतिवर्ष 15 अप्रैल तक प्रतिवेदित पदाधिकारी के NIC के द्वारा सृजित e-mail id पर उपलब्ध करा दिया जायेगा। (ii) प्रतिवेदित पदाधिकारी अपना स्वमूल्यांकन प्रतिवेदन (Self Appraisal Report) online अभिलेखित कर प्रतिवर्ष 15 मई तक प्रतिवेदक पदाधिकारी को Forward कर देना सुनिश्चित करेंगे। निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत संबंधित पदाधिकारी द्वारा स्वमूल्यांकन प्रतिवेदन अभिलिखित कर Forward नहीं किये जाने की परिस्थिति में उक्त निर्धारित समय-सीमा के पश्चात विभाग द्वारा पदाधिकारियों के e-mail id पर भेजे गये PAR को अगले प्राधिकार के पास Force Forward कर दिया जायेगा।

(iii) प्रतिवेदित पदाधिकारी द्वारा Forward PAR अथवा विभाग द्वारा Force Forward किये गये PAR प्रतिवर्ष 16 मई तक संबंधित प्रतिवेदक पदाधिकारी के NIC के द्वारा सृजित व्यक्तिगत e-mail id पर उपलब्ध करा दिया जायेगा। प्रतिवेदक पदाधिकारी, प्रतिवेदित पदाधिकारी से प्राप्त अथवा Force Forward द्वारा उपलब्ध कराया गया PAR पर अपना मंतव्य अभिलेखित कर प्रतिवर्ष 30 जून तक समीक्षी पदाधिकारी को Forward करना सुनिश्चित करेंगे। निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत प्रतिवेदक पदाधिकारी द्वारा PAR अभिलिखित कर Forward नहीं किये जाने की परिस्थिति में उक्त निर्धारित समय-सीमा के पश्चात विभाग द्वारा प्रतिवेदक14 बिहार गजट, 24 मार्च 2021 पदाधिकारी के e-mail id पर भेजे गये संबंधित PAR को अगले प्राधिकार के पास Force Forward कर दिया जायेगा।

(iv) प्रतिवेदक पदाधिकारी द्वारा Forward PAR अथवा विभाग द्वारा Force Forward PAR प्रतिवर्ष 1 जुलाई तक संबंधित समीक्षी पदाधिकारी के NIC के द्वारा सृजित व्यक्तिगत e-mail id पर उपलब्ध करा दिया जायेगा। समीक्षी पदाधिकारी, प्रतिवेदक पदाधिकारी से प्राप्त अथवा Force Forward द्वारा उपलब्ध कराये गये PAR पर अपना मंतव्य अभिलेखित कर प्रतिवर्ष 30 अगस्त तक स्वीकरण पदाधिकारी को Forward कर देना सुनिश्चित करेंगे। निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत समीक्षी पदाधिकारी द्वारा PAR अभिलिखित कर Forward नहीं किये जाने की परिस्थिति में उक्त निर्धारित समय-सीमा के पश्चात विभाग द्वारा समीक्षी पदाधिकारी के e-mail id पर भेजे गये संबंधित PAR को अगले प्राधिकार के पास Force Forward कर दिया जायेगा।

(v) समीक्षी पदाधिकारी द्वारा Forward PAR अथवा विभाग द्वारा Force Forward PAR प्रतिवर्ष 1 सितंबर तक संबंधित स्वीकरण पदाधिकारी के NIC के द्वारा सृजित व्यक्तिगत e-mail id पर उपलब्ध करा दिया जायेगा। स्वीकरण पदाधिकारी, समीक्षी पदाधिकारी से प्राप्त अथवा Force Forward द्वारा उपलब्ध कराये गये PAR पर अपना मंतव्य अभिलेखित कर प्रतिवर्ष 15 अक्टूबर तक PAR custodian को Forward कर देना सुनिश्चित करेंगे। निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत स्वीकरण पदाधिकारी द्वारा PAR अभिलिखित कर Forward नहीं किये जाने की परिस्थिति में निर्धारित समय-सीमा के पश्चात विभाग द्वारा उक्त PAR, PAR custodian को Force Forward कर दिया जायेगा।

(vi) विभाग द्वारा सभी प्राप्त PAR को प्रतिवर्ष 31 दिसंबर तक संबंधित पदाधिकारी को NIC के द्वारा सृजित व्यक्तिगत e-mail id पर Disclose कर दिया जायेगा।

05. उपर्युक्त निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत PAR अभिलिखित नहीं किये जाने की स्थिति में विभाग में Force Forward द्वारा प्राप्त PAR को निम्नरूपेण स्वीकृत मानते हुए संधारित कर दिया जायेगाः-

(i) प्रतिवेदित पदाधिकारी द्वारा ससमय PAR अभिलिखित नहीं किये जाने की परिस्थिति में प्रतिवेदक/ समीक्षी/स्वीकरण प्राधिकार द्वारा अंकित मंतव्य को हीं अंतिम रूप से स्वीकृत करते हुए संधारित कर दिया जायेगा।

(ii) प्रतिवेदित पदाधिकारी द्वारा ससमय PAR अभिलिखित नहीं किये जाने की स्थिति में यदि प्रतिवेदक/समीक्षी/स्वीकरण प्राधिकार द्वारा भी कोई मंतव्य अंकित नहीं किया जाता है तो उक्त परिस्थिति में Force Forward द्वारा प्राप्त PAR को गे्रडिंग/अभियुक्ति ''औसत'' मानते हुए संधारित कर दिया जायेगा।

(iii) यदि प्रतिवेदित पदाधिकारी द्वारा ससमय PAR अभिलिखित कर दिया जाता है परंतु प्रतिवेदक/ समीक्षी/स्वीकरण प्राधिकार द्वारा भी कोई मंतव्य अंकित नहीं किया जाता है तो उक्त परिस्थिति में प्रतिवेदित पदाधिकारी द्वारा अभिलिखित स्वमूल्यांकन प्रतिवेदन को हीं को गे्रडिंग/अभियुक्ति ''बहुत अच्छा'' मानते हुए संधारित कर दिया जायेगा।

06. माननीय अध्यक्ष, बिहार विधान सभा/माननीय सभापति, बिहार विधान परिषद/माननीय मंत्री के आप्त सचिव/अन्य महानुभाव/अध्यक्ष, लोकायुक्त/बिहार लोक सेवा आयोग एवं भारत सरकार/भारत सरकार के उपक्रम/ नियम/निकाय इत्यादि में पदस्थापित/प्रतिनियुक्त बिहार निबंधन सेवा एवं बिहार मद्यनिषेध सेवा के पदाधिकारियों का PAR offline अभिलिखित किया जायेगा।

07. बिहार निबंधन सेवा एवं बिहार मद्यनिषेध सेवा के पदाधिकारियों का वार्षिक गोपनीय अभ्युक्ति/कार्य निष्पादन मूल्यांकन प्रतिवेदन के अभिलेखन के संबंध में विभाग द्वारा पूर्व में निर्गत संकल्प/परिपत्र/अनुदेश तथा आदेश यथा उपर्युक्त संशोधित समझा जाय।

आदेश-आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 1—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 24 March 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2021-03-24.12/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2021-03-24.12.