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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 31 March 2021

Published 31 March 2021

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2021-03-31.13
Languages
English, Hindi

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निबंधन संख्या पी0टी0-40

बिहार गजट

बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-2 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। ---

भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण।

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भाग-4—बिहार अधिनियम ---

विषय-सूची पृष्ठ

पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---

भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। ---

पूरक

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पूरक-क 3-142 बिहार गजट, 31 ekpZ 2021 भाग-1 नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं।

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(cid:356)ामीण िवकास िवभाग --------

अिधसूचना

9 फरवरी 2021

सं0 (cid:356)ा0वि0-14(सा0) सा0-02/2015-382857--(cid:373)ी वीर बहादुर पाठक, तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, मढ़ौरा, सारण के वि(cid:349)(cid:544) विधि व्यवस्था एवं अन्य महत्वपूर्ण काय(cid:344) म(cid:336) लापरवाही, निवा(cid:330)चन एवं उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, निवा(cid:330)चन काय(cid:330) म(cid:336) लापरवाही जिसके फलस्वरुप 08-सारण स्थानीय (cid:366)ाधिकारी निवा(cid:330)चन (cid:407)े(cid:361) से बिहार विधान प(cid:303)रषद् निवा(cid:330)चन-2015 के लिए तैयार एवं अंतिम (cid:349)प से (cid:366)काशित मतदाता सूची म(cid:336) 48 मतदाताओं की दोहरी (cid:366)वि(िcid:700) हो गयी थी एवं 48 योग्य मतदाताओं का नाम छू ट गया था, सामाजिक सुर(cid:407)ा अंतग(cid:330)त प(cid:336)शनध(cid:303)रयों का विहित (cid:366)प(cid:361) म(cid:336) तैयार डाटाबेस को पंचायत सचिव के माध्यम से रिक्त कॉलम म(cid:336) सूचनाओं की (cid:366)वि(िcid:700) कराने हेतु चेकलिस्ट स्वयं प्राप्त नही ं करने जैसे आरोपों पर जिला पदाधिकारी, सारण छपरा के प(cid:361)ांक 2319/सी दिनांक 05.07.2015 (cid:554)ारा आरोप (cid:366)प(cid:361) 'क' गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया गया।

उक्त आरोप (cid:366)प(cid:361) 'क' म(cid:336) वणि(cid:330)त आरोपों पर (cid:373)ी पाठक से विभागीय (cid:466)ापांक 241217 दिनांक- 07.08.2015 (cid:554)ारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी। तत्संबंध म(cid:336) (cid:373)ी पाठक के (cid:554)ारा स्पष्टीकरण समपि(cid:330)त किया गया है।

विभाग (cid:554)ारा (cid:373)ी पाठक के वि(cid:349)(cid:544) आरोप एवं स्पष्टीकरण की समी(cid:407)ा की गयी। समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि (cid:373)ी पाठक के (cid:554)ारा विधि व्यवस्था संधारण, निवा(cid:330)चन एवं उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना/ लापरवाही की गयी है ।

सम्यक विचारोपरान्त (cid:373)ी वीर बहादुर पाठक, तत्कालीन (cid:366)खण्ड विकास पदाधिकारी, मढ़ौरा, सारण के उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

बाला मु(cid:349)गन डी0, सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 2—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in3 बिहार गजट, 31 ekpZ 2021

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित

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सं0 यो04/मु.क्षे.वि.यो.-1/2015-1172/यो.वि., योजना एव विकास विभाग ------ संकल्प 24 मार्च 2021 विषयः-मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की संषोधित मार्गदर्षिका-2014 की कंडिका 6 में संशोधन । विभागीय संकल्प संख्या-2905 दिनांक 11.07.2014 द्वारा प्रचालित मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की संषोधित मार्गदर्षिका-2014 की कंडिका 6 में अनुमान्य योजनाओं की सूची अधिसूचित है तथा कंडिका-6(क) में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत प्रतिबंधित कार्यों की दृष्टांत सूची वर्णित है। इस योजना की मार्गदर्शिका में योजना के कार्यान्वयन के फलस्वरूप सृजित परिसम्पत्तियों के अनुरक्षण एवं रखरखाव का प्रावधान नहीं रहने के कारण उसका अनुरक्षण एवं रखरखाव नहीं हो पाता है। एतद्‌ स्थिति में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत योजनाओं के कार्यान्वयन के फलस्वरूप सृजित परिसम्पत्तियों के अनुरक्षण एवं रख-रखाव हेतु उसे संबंधित प्रशासी विभाग के स्थानीय पदाधिकारियों को हस्तांतरित करने संबंधी प्रावधान को इस योजना की संशोधित मार्गदर्शिका-2014 की कंडिका संख्या-6 में 6(ख) के रूप में निम्न प्रकार से जोड़ा जाता है :- 6(ख) :- परिसम्पत्तियों का अनुरक्षण एवं रखरखाव

1. मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत कार्यान्वयन के फलस्वरूप सृजित परसम्पत्तियों को संबंधित प्रशासी विभागों के क्षेत्रीय कार्यालयों/निकायों को हस्तांतरित किया जायेगा।

2. मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत सृजित परिसम्पत्तियों के हस्तांतरण के उपरांत उसके रख-रखाव एवं अनुश्रवण हेतु संबंधित प्रशासी विभागों द्वारा अनुरक्षण एवं रख-रखाव के तहत एक अलग विषय शीर्ष खोलकर प्रत्येक वर्ष बजट प्रावधान कराया जायेगा। यदि किसी विभाग के पास पूर्व से अनुरक्षण एवं रख-रखाव हेतु बजट शीर्ष उपलब्ध नहीं है तो ऐसे विभागों द्वारा परिसम्पत्तियों के रख-रखाव एवं अनुरक्षण हेतु अलग से बजट शीर्ष खोलकर मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत सृजित एवं हस्तांतरित परिसम्पत्तियों के रख-रखाव एवं अनुश्रवण हेतु बजट प्रावधान कराया जायेगा। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत हस्तांतरित परिसम्पत्तियों के रख-रखाव एवं अनुरक्षण पर हुए व्यय का लेखा-जोखा संबंधित प्रशासी विभागों द्वारा अलग से रखा जायेगा। 3. सृजित परिसम्पत्तियों के अनुरक्षण एवं रख-रखाव हेतु उसे संबंधित प्रशासी विभाग के स्थानीय पदाधिकारियों को

क्र मां क प्रशासी विभाग का नाम स्थानीय पदाधिकारी का पदनाम जिन्हें परिसम्पत्ति हस्तांतरित की जाएगी योजना का नाम
1 पंचायती राज विभाग संबंधित जिला पंचायती राज पदाधिकारी भवनहीन पंचायत सरकार भवनों का निर्माण।
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक भवन, यात्री शेड
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) ग्रामीण हाट एवं मेला स्थलों का विकास।
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) नदी एवं सार्वजनिक तालाबों में घाट का निर्माण।
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला पंचायती राज पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) सोलर लाईट का अधिष्ठापन संबंधी योजना।
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी। ) सार्वजनिक चबूतरा का निर्माण।
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी। ) मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत निर्मित ग्रामीण क्षेत्र के पुस्तकालयो एवं ं सामुदायिक भवनों मे उपस्कर एवं ं पुस्तक का क्रय
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी। ) ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी जमीन पर पार्क
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी। ) ग्रामीण क्षेत्र के सार्वजनिक चौक चौराहों का सौंदर्यीकरण
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव। (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जायेगी।) ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक भवन में चाहरदीवारी एवं शौचालय के निर्माण।
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी/ अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी। ) ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत शवदाहगृह का निर्माण
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी। ) मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की गली-नाली/सम्पर्क पथ की योजना ।
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) ग्रामीण क्षेत्रों में परम्परागत पेयजल स्रोत के रूप में उपयोग किये जाने वाले सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार।
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/ संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता, (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) ग ्रामीण क्षेत्र की पुल/पुलिया निर्माण की योजना
2 नगर विकास एवं आवास विभाग संबंधित नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी/कार्यपालक अभियंता, संबंधित कार्य प ्रमण्डल लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण संगठन। (क) शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति योजना
संबंधित नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी (ख) शहरी क्षेत्रों में परम्परागत पेयजल स्रोत के रूप में उपयोग किये जाने वाले सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार।
संबंधित नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी। शहरी क्षेत्रों के सामुदायिक भवन, यात्री शेड
संबंधित नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी (कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) शहरी क्षेत्रों के सार्वजनिक बस पड़ाव
नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी। शहरी क्षेत्रों के नदी एवं सार्वजनिक तालाबो में घाट का निर्माण। ं
संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी। शहरी क्षेत्र के हाट एवं मेला स्थलों का विकास।
संबंधित नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी। सार्वजनिक चबूतरा का निर्माण।
संबंधित नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी। शहरी क्षेत्र में सोलर लाईट का अधिष्ठापन संबंधी योजना।
संबंधित नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी सरकारी जमीन पर पार्क निर्माण तथा बने पार्क का विकास करना
संबंधित नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी। स्टेडियम में जिम, खेल सामग्री
संबंधित नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी। सार्वजनिक चौक चौराहों का सौंदर्यीकरण
संबंधित नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी शहरी क्षेत्र में सामुदायिक भवन में चाहरदीवारी एवं शौचालय के निर्माण।
संबंधित नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी। शहरी क्षेत्र में विद्युत शवदाहगृह का निर्माण
संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी/ संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता। शहरी क्षेत्रों में गली-नाली/सम्पर्क पथों की योजना
संबंधित नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी/ संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता। शहरी क्षेत्र में पुल/पुलिया निर्माण की योजना
3 शिक्षा विभाग संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंंंचलाधिकारी/ प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी)। सार्वजनिक पुस्तकालय
संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) सरकारी विद्यालयों तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित उच्च/ इन्टर विद्यालयों, जिनकी भूमि महामहिम राज्यपाल के नाम से निबंधित है, में बे च डेस्क की व्यवस्था तथा साइकिल ं शेड का निर्माण।
संबंधित विद्यालय/महाविद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्राचार्य(इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी/ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को भी दी जाएगी।) सरकारी विद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित उच्च/इन्टर विद्यालयों/महाविद्यालयों, जिनकी भूमि महामहिम राज्यपाल के नाम से निबंधित है, के पुस्तकालय भवनों का निर्माण (फर्नीचर सहित), उपरोक्त पुस्तकालय में पुस्तक क्रय, यदि पुस्तकालय का सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित किया जाता है।
संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) राजकीय, राजकीयकृत तथा प्रोजेक्ट उच्च विद्यालयों तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित उच्च/इन्टर विद्यालयों, जिनकी भूमि महामहिम राज्यपाल के नाम से निबंधित है, मे चाहरदीवारी निर्माण। ं
संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित उच्च/ इन्टर विद्यालयों, जिनकी भूमि महामहिम राज्यपाल के नाम से निबंधित है, में चाहरदीवारी निर्माण।
संबंधित मदरसा के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) सरकारी मदरसा जो पूर्ण रूपेण सरकार के नियंत्रणाधीन है तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसा, जिनकी भूमि महामहिम राज्यपाल के नाम से निबंधित है, में चाहरदीवारी का निर्माण, बेंच डेस्क की व्यवस्था तथा साइकिल शेड का निर्माण।
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी/ अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत निर्मित पुस्तकालयों एवं सामुदायिक भवनो में उपस्कर एवं पुस्तक का क्रय ं
संबंधित विद्यालय/मदरसा के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त मदरसा तथा संस्कृत विद्यालयों का भवन एवं छात्रावास निर्माण
संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) विद्यालयों में पुस्तकों को संरक्षित करने के लिए बुक सेल्फ का निर्माण।
संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कमरा एवं शौचालय के निर्माण की योजना
संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) वैसे प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय, जहाँ कमरों एवं शौचालय का अभाव है और पूर्व से किसी मद से संबंधित कोई योजना स्वीकृत नहीं है, में कमरा एवं शौचालय निर्माण की योजना।
शिक्षा विभाग संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) शिक्षा विभाग, बिहार से मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक उच्च/उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में निम्न योजनाओं का कार्यान्वयन :-
(क) चहारदिवारी का निर्माण
(ख) साइकिल शेड का निर्माण
(ग) बेन्च-डेस्क का क्रय
(घ) पुस्तकालय भवन का निर्माण (फर्नीचर सहित), पुस्तकालय में पुस्तक क्रय (यदि पुस्तकालय का सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित किया जाता है।)
(ड.) कमरा एवं शौचालय निर्माण
संबंधित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों (डीम्ड विश्वविद्यालय को छोड़कर) में निम्न योजनाओं का कार्यान्वयन :-
(क) पुस्तकालय हेतु पुस्तक/जर्नल/बुक सेल्फ/अलमीरा का क्रय
(ख) बेंच डेस्क/कुर्सी-टेबल/अन्य फर्नीचर एवं फिक्सर का क्रय
(ग) परीक्षा भवन निर्माण
(घ) चाहरदिवारी निर्माण
(ड़) साईकिल शेड का निर्माण
(च) विश्वविद्यालय में भवन एवं पेयजल सहित शौचालय निर्माण
(छ) छात्रावास का निर्माण
(ज) अध्ययन/शैक्षणिक केन्द्र का निर्माण
(झ) तकनीकी/प्रायोगिक उपकरणों का क्रय/ अधिष्ठापन
(ञ) खेल के मैदान का विकास
(ट) जिम्नाजियम का निर्माण (उपस्कर सहित)
(ठ) जिम्नाजियम हेतु उपस्कर क्रय
(ड) शैक्षणिक कार्यक्रमों में प्रयोग हेतु वाहन का क्रय (आवर्ती व्यय रहित)
शिक्षा विभाग संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को भी दी जाएगी।) राज्य के सरकारी, अंगीभूत एवं सरकार से मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के लिए निम्न योजनाओ का कार्यान्वयन ं
(क) पुस्तकालय हेतु पुस्तक/जर्नल/बुक सेल्फ/ अलमीरा का क्रय
(ख) बेंच डेस्क/कुर्सी-टेबल/अन्य फर्नीचर एवं फिक्सर का क्रय
(ग) परीक्षा भवन निर्माण
(घ) चाहरदिवारी निर्माण
(ड़) साईकिल शेड का निर्माण
(च) महाविद्यालय में भवन एवं पेयजल सहित शौचालय निर्माण
(छ) छात्रावास का निर्माण
(ज) अध्ययन/शैक्षणिक केन्द्र का निर्माण
(झ) तकनीकी/प्रायोगिक उपकरणों का क्रय/अधिष्ठापन
() खेल के मैदान का विकास
(ट) जिम्नाजियम का निर्माण
(ठ) जिम्नाजियम हेतु उपस्कर क्रय
4 खाद्य आपूर्ति विभाग जिला प्रबंधक, राज्य खाद्‌य निगम (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला आपूर्ति पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) गोदाम का निर्माण।
5 कला, संस्कृति एवं युवा विभाग संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी/विद्यालय-महाविद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्राचार्य (इसकी स चना ू कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी/ जिला शिक्षा पदाधिकारी/विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को भी दी जाएगी।) कला मंच/खेल के मैदान एवं स्टेडियम का निर्माण।
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/ नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी। ) स्टेडियम में जिम, खेल सामग्री
6 भवन निर्माण विभाग कार्यपालक अभियंता, संबंधित कार्य प्रमण्डल भवन निर्माण (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा स बंधित ं अनुमंडल पदाधिकारी/ अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी। ) अनुमण्डल/प्रखण्ड में सभाकक्ष का निर्माण
संबंधित कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल वकालतखाना में जन सुविधायुक्त प्रतीक्षालय निर्माण की योजना
7 लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग संबंधित कार्यपालक अभियंता, संबंधित कार्य प्रमण्डल लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण संगठन सार्वजनिक स्थल पर नये चापाकल का अधिष्ठापन/जलापूर्ति योजना।
8 राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग संबंधित अंचलाधिकारी नाव क्रय एवं आपूर्ति
9 समाज कल्याण विभाग बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ICDS को भी दी जाएगी।) भवनहीन आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण।
लाभुक (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित सहायक निदेषक, सामाजिक सुरक्षा को भी दी जाएगी।) विकलांगों के कल्याण के लिए तिपहिया साईकिल एवं पहियेदार कुर्सी (हस्तचालित/बैट्री चालित)।
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ICDS को भी दी जाएगी।) सरकारी भूमि पर निर्मित शौचालय रहित आँगनवाड़ी केन्द्र मे पेयजल ं सहित शौचालय का निर्माण।
10 स्वास्थ्य विभाग संबंधित कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) सरकारी अस्पतालो में जन सुविधायुक्त ं प्रतीक्षालय निर्माण की योजना
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की चहारदीवारी निर्माण योजना।
सिविल सर्जन/संबंधित अस्पताल क े अधीक्षक सरकारी अस्पताल हेतु रोगीवाहन/शववाहन का क्रय।
11 गृह विभाग संबंधित जिला अग्निशमन पदाधिकारी अग्निशामक गाड़ी (दमकल) के क्रय की योजना बोरिंग तथा हाइड्रेंट के साथ अथवा बोरिंग एवं हाइड्रेंट के बिना।
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी को भी दी जाएगी।) कब्रिस्तान की घेराबन्दी योजना।
संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/नगर निकाय क े कार्यपालक पदाधिकारी (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी को भी दी जाएगी।) मंदिर चहारदीवारी निर्माण योजना।
12 ग्रामीण विकास विभाग संबंधित कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल प्रखंड-सह-अंचल कार्यालयों में जन सुविधायुक्त प्रतीक्षालय निर्माण की योजना
13 लघु जल संसाधन विभाग कार्यपालक अभियंता, संबंधित कार्य प्रमण्डल लघु जल संसाधन छिलका, फाल एवं चेक डैम, चेक वॉल का निर्माण
14 ग्रामीण कार्य विभाग संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव/ नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी/ संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता, (इसकी सूचना कार्यकारी एजेन्सी द्वारा संबंधित अंचलाधिकारी/प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दी जाएगी।) पुल/पुलिया निर्माण की योजना
15 जल संसाधन विभाग कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन/लघु सिंचाई विभाग पुल/पुलिया निर्माण की योजना (नहर/आहर/पईन आदि पर)
16 अधिवक्ता संघ संबंधित जिले के जिला पदाधिकारी द्वारा नामित पदाधिकारी को एवं वकालतखानों के रख-रखाव एवं अनुरक्षण कराने की जिम्मेदारी संबंधित अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष की होगी वकालतखाने का निर्माण।
4 बिहार गजट, 31 ekpZ 2021 5 बिहार गजट, 31 ekpZ 2021 6 बिहार गजट, 31 ekpZ 2021 7 बिहार गजट, 31 ekpZ 2021 8 बिहार गजट, 31 ekpZ 2021 9 बिहार गजट, 31 ekpZ 2021 10 बिहार गजट, 31 ekpZ 2021

प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, बैद्यनाथ यादव, विशेष सचिव।

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सं0 2/आरोप-01-32/2017-सा0प्र0-3520

सामान्य प्रषासन विभाग

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संकल्प

12 मार्च 2021

श्री अखिलेष्वर प्रसाद वर्मा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 733/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, प0 चम्पारण, बेतिया सम्प्रति भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, षिवहर के विरूद्ध मासिक प्रतिवेदन तत्समय उपलब्ध नहीं कराने, लाभुक श्रेणी के व्यक्तियों को भू-बन्दोबस्ती में अभिरूचि नहीं लेने, राजस्व वसूली का पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण नहीं करने, भूमि विवाद निराकरण अधिनियम, 2009 के आलोक में न्यायालय कार्य में अभिरूचि नहीं लेने तथा तत्समय आदेष पारित नहीं करने सहित अन्य विभागीय कार्यों में अभिरूचि नहीं लेने के साथ-साथ आवास पर तथाकथित अवैध व्यक्तियों के आने-जाने से प्रषासन की छवि धूमिल करने, साथ ही तथाकथित अवैध व्यक्त्यिों के कार्यरत होने की सूचना होने के बावजूद उनपर कार्रवाई नहीं करने इत्यादि आरोपों के लिए जिला पदाधिकारी, प0 चम्पारण, बेतिया के पत्रांक 2008 दिनांक 01.08.2017 द्वारा साक्ष्यों सहित आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' उपलब्ध कराया गया।

श्री वर्मा पर लगाये गये उपर्युक्त आरोपों में से दो आरोपों यथा श्री गोविन्द चौधरी नामक व्यक्ति के परिवाद पत्र के आलोक में अपर समाहर्त्ता, पष्चिम चम्पारण, बेतिया के पत्रांक 1297 दिनांक 25.05.2017 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के आधार पर जिला राजस्व शाखा, बेतिया के पत्रांक 1615 दिनांक 27.06.2017 के आलोक में पूछे गये स्पष्टीकरण का कोई उत्तर जिला पदाधिकारी, बेतिया को समर्पित नहीं किया गया। इसके अलावा वादों की सुनवाई के उपरांत उन्हें अधिक-से-अधिक समय तक अपने पास लंबित रखने के संबंध में भी अपर समाहर्त्ता, पष्चिम चम्पारण, बेतिया द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के आधार पर जिला राजस्व शाखा, बेतिया के पत्रांक 1176 दिनांक 17.05.2017 द्वारा श्री वर्मा से पूछे गये स्पष्टीकरण का उत्तर श्री वर्मा द्वारा समाहर्त्ता, बेतिया को समर्पित नहीं की गयी।

उक्त प्रतिवेदित आरोपों के लिए श्री वर्मा से विभागीय पत्रांक 11751 दिनांक 12.09.2017 द्वारा स्पष्टीकरण की गयी, जिसके आलोक में श्री वर्मा द्वारा कुल 7 बिन्दुओं से संबंधित अभिलेखों की मांग की गयी, जिस हेतु जिला पदाधिकारी, प0 चम्पारण, बेतिया से साक्ष्य उपलब्ध कराने हेतु विभागीय पत्रांक 15323 दिनांक 04.12.2017 द्वारा अनुरोध किया गया एवं उक्त पत्र की प्रतिलिपि श्री वर्मा को भी दी गयी तथा अपने स्तर से भी जिला पदाधिकारी, प0 चम्पारण के कार्यालय में सम्पर्क कर कागजात प्राप्त कर लेने का अनुरोध किया गया। तदोपरांत भी श्री वर्मा द्वारा कोई स्ष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया। उपरोक्त पत्राचार के उपरांत श्री वर्मा का स्पष्टीकरण अप्राप्त रहने पर विभागीय पत्रांक 2536 दिनांक 22.02.2018 द्वारा श्री वर्मा को इस आषय की सूचना देते हुए कि अपर समाहर्त्ता, बेतिया के ज्ञापांक 124 दिनांक 11.01.2018 से उन्हें वांछित अभिलेख उपलब्ध करा दिया गया है, अतएव 15 दिनांक के अंदर स्पष्टीकरण समर्पित किया जाय, परंतु श्री वर्मा द्वारा कोई स्ष्टीकरण विभाग में समर्पित नहीं किया गया।

कालांतर में विभागीय पत्रांक 11490 दिनांक 04.12.2020, पत्रांक 12616 दिनांक 28.12.2020 तथा 722 दिनांक 15.

01.2021 द्वारा श्री वर्मा को शीघ्रताषीघ्र स्पष्टीकरण समर्पित करने का पत्र दिया जाता रहा।

उपरोक्त पत्राचार के बाद श्री वर्मा ने अपने पत्रांक 66 दिनांक 19.01.2021 के माध्यम से यह सूचित किया कि उन्हें वांछित कागजातों में से कंडिका-7 में उल्लिखित परिवादी गोविन्द्र चौधरी एवं विनोद कुमार सिंघानिया के परिवाद पत्र से11 बिहार गजट, 31 ekpZ 2021 संबंधित अपर समाहर्त्ता, पष्चिम चम्पारण के कार्यालय में संधारित संचिका के समस्त कागजातों की अभिप्रमाणित छायाप्रति अबतक उपलब्ध नहीं करायी गयी है।

श्री वर्मा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत स्पष्ट हुआ कि श्री वर्मा द्वारा आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण देने के बजाय इसे येन-केन-प्रकारेण लंबित रखा गया। श्री वर्मा द्वारा जिला पदाधिकारी, पष्चिमी चम्पारण, बेतिया को दो मामलों में स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया। वांछित कागजातों में से अगर 6 बिन्दुओं के संदर्भ में कागजात उन्हें प्राप्त हो गये थे तो उन्हें कम-से-कम उन तथ्यों के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी, परंतु श्री वर्मा द्वारा ऐसा नहीं किया गया। जिला पदाधिाकरी, बेतिया द्वारा अपर समार्हाा स्तर के पदाधिकारी से इनके विरूद्ध कराये गये जाँच प्रतिवेदन से स्पष्ट होता है कि श्री वर्मा का कार्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3(1) के प्रतिकूल है।

समीक्षोपरांत अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री वर्मा को बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3(1) के संगत प्रावधानों के अधीन दोषी पाते हुए इनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 के संगत प्रावधानों के तहत (प) निन्दन एवं (पप) एक वर्ष से अनाधिक अवधि के लिए असंचयात्मक प्रभाव से कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति का दंड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया। अतएव अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अखिलेष्वर प्रसाद वर्मा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 733/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, प0 चम्पारण, बेतिया सम्प्रति भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, षिवहर के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :- (i) निन्दन (वर्ष 2020-21), (ii) एक वर्ष से अनाधिक अवधि के लिए असंचयात्मक प्रभाव से कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति का दंड। आदेष :-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/सी-03-30207/1999-सा0प्र0-3106

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संकल्प

5 मार्च 2021

श्री आषुतोष सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 740/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी, सिरदला, नवादा सम्प्रति प्रषासी पदाधिकारी, इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना के विरूद्ध इंदिरा आवास योजनाओं के लाभुकों से प्रति लाभुक रूपये 800.00 से 1500.00 तक रिष्वत लेने, सरकारी कार्य में बाधा डालने एवं जाँच हेतु अभिलेख उपस्थापित नहीं करने, इंदिरा आवास की स्वी—ति में गरीबों की उपेक्षा कर समृद्ध लोगों को इसका लाभ पहुँचाने एवं इंदिरा आवास योजना के लाभुकों से अवैध राषि की वसूली करने संबंधी आरोपों के लिए जिला पदाधिकारी, नवादा के पत्रांक 287 दिनांक 26.01.2016 द्वारा गठित आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' साक्ष्यों सहित प्राप्त हुआ।

श्री सिंह से उक्त आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 2459 दिनांक 17.02.2016 द्वारा स्पष्टीकरण की गयी। श्री सिंह के पत्रांक 911 दिनांक 26.02.2016 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 3937 दिनांक 14.03.2016 द्वारा जिला पदाधिकारी, नवादा से मंतव्य की मांग किये जाने पर जिला पदाधिकारी, नवादा के पत्रांक 1598 दिनांक 14.06.2016 द्वारा मंतव्य उपलब्ध कराया गया।

श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, इनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, नवादा से प्राप्त मंतव्य के सम्यक्‌ विचारोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार आरोपों की वृहत जाँच हेतु सी0सी0ए0 रूल्स, 2005 के प्रावधानोंं के तहत्‌ विभागीय संकल्प ज्ञापांक 12685 दिनांक 19.09.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त मगध प्रमंडल, गया के सचिव के पत्रांक 1751 दिनांक 28.08.2019 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री सिंह के विरूद्ध आरोप को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त निम्न बिन्दुआें पर असहमति व्यक्त की गयी है, जो निम्नवत्‌ है :-

''संचालन पदाधिकारी ने साक्ष्य के आभाव में आरोप को प्रमाणित नहीं प्रतिवेदित किया गया है, लेकिन जिला स्थापना उप समार्हाा जो प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी का दायित्व निभा रहे थे, उन्होंने अपने पत्रांक 509 दिनांक 10.08.2019 की कांडिका-3 में उल्लेख किया है कि बी0सी0सी0एल0 कर्मी श्री मिश्री पासवान, जन वितरण प्रणाली दुकानदार की पत्नी को इंदिरा आवास की स्वी—ति के संदर्भ में अंचल अधिकारी, सिरदला स्थिति स्पष्ट नहीं कर सके।

जाँच पदाधिकारी ने उपस्थापन पदाधिकारी के उपर्युक्त Deposition का संज्ञान नहीं लिया है।''12 बिहार गजट, 31 ekpZ 2021 संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष से असहमत होते हुए असहमति के बिन्दु पर विभागीय पत्रांक 11642 दिनांक 08.12.2020 द्वारा श्री सिंह से अभ्यावेदन की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री सिंह के पत्रांक 22.12.2020 द्वारा अभ्यावेदन समर्पित किया गया।

श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन, प्राप्त बचाव अभ्यावेदन एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों की समीक्षा की गयी। समीक्षापरांत पाया गया कि श्री सिंह ने अपने विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के मूल में तत्कालीन स0वि0स0, रजौली द्वारा उनके मनमाफिक काम नहीं किये जाने के फलस्वरूप दाखिल किये गये परिवाद को बताया है। परन्तु स्वयं श्री सिंह द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में श्री बालेष्वर भुईयाँ, बी0सी0सी0एल0 कर्मी एवं श्री मिश्री पासवान, जनवितरण बिक्रेता की पत्नी को इंदिरा आवास स्वी—त होने को स्वीकार किया है। साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की गलती जैसे ही उनके प्रकाष में आयी उन्होंने लिये गये अग्रिम की वसूली की कार्रवाई की है।

इसके अतिरिक्त अंचल कार्यालय में इंदिरा आवास के लाभूकों को कैम्प के माध्यम से इंदिरा आवास के किस्तों की राषि भुगतान करने संबंधी मामला प्रकाष में आने पर तत्कालीन जिला पदाधिकारी द्वारा दिये गये मौखिक निदेष पर इन्होंने जाँच कर मामले को सही पाने तथा रोकी गयी राषि को लाभूक को उपलब्ध कराने तथा साथ ही अंचल नाजिर श्री गोवर्धन प्रसाद, श्री रामपाल सिंह, प्रभारी लिपिक एवं श्री अच्युतानंद प्रसाद, राजस्व कर्मचारी के विरूद्ध Criminal Breach of Trust के मामले में प्राथमिकी संख्या 111/98 दर्ज कराने की बात कही है। परन्तु इस प्रकरण से यह भी स्पष्ट परिलक्षित होता है कि श्री सिंह अपने कार्यालय पर पूर्ण प्रषासनिक नियंत्रण रखने में असफल रहे एवं जिला पदाधिकारी के निदेष के बाद इनके द्वारा अपेक्षित कार्रवाई की गयी।

समीक्षोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिंह के अभ्योवदन को अस्वी—त करते हुए इनके विरूद्ध आंषिक रूप से प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ ''असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक'' की शास्ति अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया। अतः अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री आषुतोष सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 740/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी, सिरदला, नवादा सम्प्रति प्रषासी पदाधिकारी, इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ ''असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक'' शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। आदेष :-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/नि0था0-11-03/2016-सा0प्र0-3427

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संकल्प

10 मार्च 2021

पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक 2569 दिनांक 03.11.2016 द्वारा निगरानी थाना कांड संख्या 116/2016 दिनाक 28.10.2016 धारा-7/8/13(2)-सह-पठित धारा-13(1)(डी) भ्र0नि0अधि0, 1988 के तहत श्री गुलाम मुस्तफा अंसारी (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 929/11, अनुमंडल पदाधिकारी, जयनगर, मधुबनी सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना को प्राथमिकी अभियुक्त बनाये जाने एवं दिनांक 27.10.2016 को श्री अंसारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में शहीद खुदिराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर भेजे जाने की सूचना प्राप्त हुई। 2. प्रासंगिक मामले पर समीक्षोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(क) एवं (ग) के प्रावधानों के तहत्‌ श्री अंसारी को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 15674 दिनांक 23.11.2016 द्वारा उन्हें गिरफ्तार किये जाने की तिथि 27.10.2016 के प्रभाव से अगले आदेष तक के लिए निलंबित किया गया।

श्री अंसारी के विरूद्ध उक्त आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 13560 दिनांक 24.10.2017 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित है।

3. श्री अंसारी द्वारा निलंबन एवं विभागीय कार्यवाही के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, पटना में रिट याचिका सी0डब्लू0जे0सी0सं0-24020/2018 गुलाम मुस्तफा अंसारी बनाम बिहार राज्य एवं अन्य दायर की गई। उक्त वाद में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 09.06.2020 को पारित आदेष का कार्यकारी अंष निम्नलिखित है :-

"…….. Having considered the facts and submissions of both sides, I find that for the last more than 3½ years even after putting the petitioner under suspension, the departmental proceeding has not yet been concluded. The petitioner cannot be put under suspension for indefinite period on the ground of pendency of departmental proceeding.

In this view of the fact, I dispose of this writ petition with a direction to the Enquiry Officer to conclude the departmental proceeding within six months from the date of13 बिहार गजट, 31 ekpZ 2021 receipt/production of this order after affording full opportunity to the petitioner to defend his case and if the departmental proceeding is not concluded within six month, the suspension of the petitioner shall be deemed to have been revoked.

With the aforesaid direction, this writ petition is disposed of …….." 4. माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 09.06.2020 को पारित आदेष एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री अंसारी को निलंबन मुक्त किये जाने का निर्णय लिया गया है।

अतः अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री गुलाम मुस्तफा अंसारी (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 929/11, अनुमंडल पदाधिकारी, जयनगर, मधुबनी सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत तत्कालिक प्रभाव से निलंबन मुक्त किया जाता है। आदेष :-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, हिमांशु कुमार राय, अपर सचिव।

------- सं0 6/श्रम वि॰ आ॰-(02)-25/2017 श्र॰सं॰-708 श्रम संसाधन विभाग ------ संकल्प 23 मार्च 2021

श्री बीरेन्द्र कुमार महतो, तत्कालीन श्रम अधीक्षक-सह-निरीक्षी पदाधिकारी, उप श्रमायुक्त का कार्यालय, पटना सम्प्रति श्रम अधीक्षक, किशनगंज के सेवा में पुनस्र्थापित किये जाने के पश्चात श्री महतो के निलंबन अवधि दिनांक 15.10.2013 से दिनांक 14.10.2019 तक वेतनादि के भुगतान के संबंध में। श्री बीरेन्द्र कुमार महतो, तत्कालीन श्रम अधीक्षक-सह-निरीक्षी पदाधिकारी, उप श्रमायुक्त का कार्यालय, पटना के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3892 दिनांक 15.10.2013 द्वारा दिनांक 15.10.2013 के प्रभाव से सेवा से बर्खास्तगी का दण्ड अधिरोपित किया गया। श्री बीरेन्द्र कुमार महतो द्वारा इस दण्डादेश को निरस्त करने हेतु माननीय उच्च न्यायालय, पटना में एक रिट याचिका CWJC No.-3053/2014 दायर की गई। माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 17.11.2016 कोे पारित न्यायादेश के आलोक में श्री महतो के मामले में नये सिरे से अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विचार किया गया एवं विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1035 दिनांक 27.04.2017 द्वारा दिनांक 15.10.2013 के प्रभाव से श्री महतो के बर्खस्तगी को यथावत्‌ रखा गया।

2. तदोपरांत श्री बीरेन्द्र कुमार महतो द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में पुनः एक रिट याचिका CWJC No.11951/2017 दायर की गई। इस रिट याचिका में दिनांक-30.10.2018 को माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश में निर्णय लेने की प्रक्रिया तथा जाँच परिणाम के संबंध में कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई, परन्तु अनुशासनिक प्राधिकार को दण्ड की मात्रा (quantum of punishment) के संबंध में विचार करने का आदेश दिया गया। माननीय न्यायालय के आदेश के आलोक में विचारोपरांत संकल्प ज्ञापांक-2384 दिनांक 11.10.2019 द्वारा श्री बीरेन्द्र कुमार महतो, तत्कालीन श्रम अधीक्षक-सह-निरीक्षी पदाधिकारी, उप श्रमायुक्त का कार्यालय, पटना के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1035 दिनांक 27.04.2017 द्वारा दिनांक 15.10.2013 के प्रभाव से सेवा से बर्खास्तगी संबंधी अधिरोपित दण्ड को विलोपित करते हुए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 संशोधन नियमावली, 2007 के नियम-14(vii) के अंतर्गत कालमान वेतन में न्यूनतम प्रक्रम पर सेवा निवृत्ति तक के लिए अवनति तथा सेवा निवृत्ति तक सभी वार्षिक वेतन वृद्धियों पर रोक का दण्ड अधिरोपित किया गया।

3. विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2384 दिनांक 11.10.2019 द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि श्री बीरेन्द्र कुमार महतो को बर्खास्तगी की तिथि दिनांक 15.10.2013 से पुनः योगदान की तिथि तक की निलंबनावधि के लिए मिलने वाले वेतनादि के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के प्रावधानों के आलोक में पृथक्‌ आदेश निर्गत किया जायेगा। साथ ही श्री बीरेन्द्र कुमार महतो का मुख्यालय उप श्रमायुक्त, भागलपुर का कार्यालय निर्धारित किया गया।

4. विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2384 दिनांक 11.10.2019 के आलोक में श्री बीरेन्द्र कुमार महतो ने दिनांक 14.10.2019 को उप श्रमायुक्त, भागलपुर के कार्यालय में अपना योगदान समर्पित किया। बाद में श्री महतो विभागीय अधिसूचना संख्या-217 दिनांक 20.01.2020 द्वारा श्रम अधीक्षक, किशनगंज के पद पर पदस्थापित किये गये। तदुपरांत विभागीय पत्रांक-557 दिनांक 17.03.2020 द्वारा श्री बीरेन्द्र कुमार महतो, श्रम अधीक्षक, किशनगंज को अनुशासनिक प्राधिकार के औपबंधिक विनिश्चय से अवगत कराते हुए कि आपको दिनांक 15.10.2013 से दिनांक 14.10.2019 तक की निलंबनावधि के लिए केवल जीवन निर्वाह भत्ता देना ही उचित होगा, अभ्यावेदन समर्पित करने का निदेश दिया गया। श्री महतो ने अपना14 बिहार गजट, 31 ekpZ 2021 अभ्यावेदन श्रम अधीक्षक का कार्यालय, किशनगंज के पत्रांक-236 दिनांक 12.06.2020 के द्वारा समर्पित किया। इस अभ्यावेदन में उन्होंने अनुरोध किया है कि दिनांक 15.10.2013 से दिनांक 14.10.2019 तक की अवधि में वे पूरी तरह बेरोजगार रहे एवं परिवार चलाने के लिए तथा बच्चों के पढाई आदि के लिए बड़ी मात्रा में म़ित्रों से कर्ज लेना पड़ा है। माननीय उच्च न्यायालय ने CWJC No.-3053/2014 में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3892 दिनांक 15.10.2013 तथा CWJC No.11951/2017 में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1035 दिनांक 24.04.2017 को निरस्त कर दिया है, अतः उन्हें दिनांक 15.10.2013 के पश्चात्‌ ही लगातार सेवा में मानते हुए पूर्ण वेतनादि का हकदार माना जाना चाहिए। उन्हें दिनांक 15.10.2013 से दिनांक 14.10.2019 तक के लिए पूर्ण वेतन वेतनादि से वंचित किया जाना न्यायपूर्ण नहीं होगा।

श्री बीरेन्द्र कुमार महतो के अभ्यावेदन की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षा की गई एवं यह पाया गया कि CWJC No.-3053/2014 में माननीय न्यायालय ने दिनांक 17.11.2016 को पारित न्यायनिर्णय में श्री महतो के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3892 दिनांक 15.10.2013 द्वारा निर्गत दण्डादेश में reason नहीं होने के कारण रद्द किया गया एवं अनुशासनिक प्राधिकार को नये सिरे से आदेश निर्गत करने का आदेश दिया गया था। माननीय न्यायालय के आदेश के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा नये सिरे से विचार किया गया एवं श्री महतो के विरूद्ध पूर्णतः प्रमाणित आरोपों के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1035 दिनांक 27.04.2017 द्वारा दिनांक 15.10.2013 के प्रभाव से पुनर्बर्खास्तगी का दण्ड अधिरोपित किया गया। पुनः CWJC No.- 11951/2017 में भी माननीय न्यायालय ने न तो निर्णय लेने की प्रक्रिया के संबंध में कोई प्रतिकूल टिप्पणी की है एवं न ही जाँच परिणाम (findings) के संबंध में कोई हस्तक्षेप किया है। माननीय न्यायालय ने मात्र दण्ड की मात्रा के संबंध में अनुशासनिक प्राधिकार को पुनर्विचार करने का आदेश दिया है। ऐसी स्थिति में श्री महतो का यह कहना कि CWJC No.11951/2017 में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1035 दिनांक 24.04.2017 को निरस्त कर दिया गया है एवं उन्हें दिनांक 15.10.2013 के पश्चात ही लगातार सेवा में मानते हुए पूर्ण वेतनादि का हकदार माना जाना चाहिए, युक्तिसंगत नहीं है।

पुनः श्री महतो प्रासंगिक मामले में दण्डित किये गये हैं अतएव बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11(5) के आलोक में उन्हें पूर्णवेतन का भुगतान नहीं किया जा सकता। उपरोक्त बिन्दुओं के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री बीरेन्द्र कुमार महतो को दिनांक 15.10.2013 से दिनांक 14.10.2019 तक की निलंबनावधि के लिए केवल जीवन निर्वाह भत्ता भुगतान करने के औपबंधिक आदेश को सम्पुष्ट किया गया। साथ ही यह भी आदेश दिया गया कि दिनांक 15.10.2013 से दिनांक 14.10.2019 तक की अवधि की गणना मात्र पेंशन के लिए की जायेगी। 5. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। 6. आदेशः-अतएव श्री बीरेन्द्र कुमार महतो, तत्कालीन श्रम अधीक्षक-सह-निरीक्षी पदाधिकारी, उप श्रमायुक्त का कार्यालय, पटना सम्प्रति श्रम अधीक्षक, किशनगंज को दिनांक 15.10.2013 से दिनांक 14.10.2019 तक की निलंबनावधि के लिए केवल जीवन निर्वाह भत्ता भुगतान करने का आदेश दिया जाता है। परन्तु दिनांक 15.10.2013 से दिनांक 14.10.2019 तक की अवधि की गणना पेंशन के लिए की जायेगी। यह भी आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की एक प्रति श्री बीरेन्द्र कुमार महतो, तत्कालीन श्रम अधीक्षक-सह-निरीक्षी पदाधिकारी सम्प्रति श्रम अधीक्षक, किशनगंज को निबंधित डाक/स्पीड पोस्ट से उपलब्ध करायें।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सूर्यकान्त मणि, उप-सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 2—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 31 March 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2021-03-31.13/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2021-03-31.13.