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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 01 April 2021

Published 01 April 2021

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2021-04-01.247
Languages
English, Hindi

;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध

ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध

;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू14द्ध

11 ;बपकरू19द्ध;बपकरू20द्ध 1;बपकरू21द्ध43 ;बपकरू24द्ध;बपकरू25द्ध;बपकरू26द्ध

;बपकरू27द्ध;बपकरू25द्ध ;बपकरू4द्ध 24;बपकरू31द्ध;बपकरू4द्ध ष्रु;बपकरू14द्ध;बपकरू4द्ध 1 ख्;बपकरू13द्धः 2;बपकरू25द्ध21

परिवहनपरिवहनपरिवहनपरिवहन विभाग विभाग विभाग विभाग

———— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना प्रारूपप्रारूपप्रारूपप्रारूप 31313131 मार्चमार्चमार्चमार्च 2021202120212021 बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021

सं॰ 06/इन्श्योरेन्स (वि0)-20/2018/2429242924292429—सिविल अपील वाद सं0-9936 एवं 9937/2016, उषा देवी एवं अन्य बनाम भारत सरकार में माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा पारित न्यायादेश के अनुपालन तथा मोटरवाहन अधिनियम, 1988 में अधिनियम संख्या-32/2019 के माध्यम से वाहन दुर्घटना उद्‌भूत मुआवजा वादो के त्वरित निष्पादन हेतु बिहार मोटरगाड़ी नियमावली, 1992 के अन्तर्गत दावा अधिकरण संबंधी प्रावधानों में तत्काल संशोधन अनिवार्य प्रतीत होता है। अतः मोटरवाहन अधिनियम, 1988, अधिनियम संख्या-32/2019 द्वारा यथा संशोधित, की धारा-164D , 165, 176 एवं 211 के अन्तर्गत राज्य सरकार में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, बिहार मोटरगाड़ी नियमावली, 1992 में निम्नांकित संशोधन प्रस्तावित करते हैं, जिसका प्रारूप, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-212 के अनुसार यथा अपेक्षित, इससे प्रभावित होने वाले व्यक्तियों के सूचनार्थ, उनकी आपत्ति एवं सुझाव हेतु प्रारूप प्रकाशन की तिथि से तीस दिनों तक विभागीय वेबसाइट www.transport.bih.nic.in पर प्रकाशित रहेंगे। इसके संबंध में समर्पित आपत्ति एवं सुझाव जो उक्त निर्धारित तिथि तक प्राप्त होंगे, उनपर सम्यक्‌ विचारोपरान्त राज्य सरकार द्वारा निर्णय लिया जाएगा एवं अधिसूचना जारी की जा सकेगी। उक्त तिथि के पश्चात्‌ प्राप्त आपत्ति एवं सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।

1111.... संक्षिप्त नाम, प्रारंभ होने की तिथि एवं विस्तारः-संक्षिप्त नाम, प्रारंभ होने की तिथि एवं विस्तारः-संक्षिप्त नाम, प्रारंभ होने की तिथि एवं विस्तारः-संक्षिप्त नाम, प्रारंभ होने की तिथि एवं विस्तारः- (क)(क)(क)(क) यह बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 कही जा सकेगी।

(ख)(ख)(ख)(ख) यह भारत सरकार द्वारा मोटरवाहन अधिनियम, 1988 के अध्याय XI एवं XII में किये गये संशोधन के कार्यान्वन की अधिसूचना की तिथि से लागू होगा।

(ग)(ग)(ग)(ग) यह संपूर्ण बिहार राज्य के लिए प्रभावी होगा।

2222.... बिहार मोटरगाड़ी नियमावली, 1992 के अध्याय X में ''दावा अधिकरण'' शीर्षक को 'दावा न्यायाधिकरण' से प्रतिस्थापित किया जाता है।2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध 1 ख्;बपकरू13द्धः 2;बपकरू25द्ध21 3333.... बिहार मोटरगाड़ी नियमावली, 1992 के अध्याय X के अन्तर्गत , वर्तमान नियम-226 के पूर्व निम्नांकित नियम क्रमानुसार 225A, 225B, 225C, 225D, 225E एवं 225F अंतः स्थापित किये जाते हैंः-

225225225225 Aः-ः-ः-ः- मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अन्तर्गत अधिनियम सं0-32/2019 के माध्यम से उक्त अधिनियम के अध्याय- XI एवं XII के संशोधित प्रावधानों के कार्यान्वन की तिथि से उद्‌भूत वाहन दुर्घटना जनित मुआवजा वादों के निष्पादन के लिए दावा न्यायाधिकरण द्वारा इस अध्याय के संशोधित नियमों (225A से 225F) के अनुसार दावा वादों का निष्पादन किया जाएगा।

225 225 225 225 Bः- वाहनः- वाहनः- वाहनः- वाहन दुर्घटना के कारण मृतक के आश्रित अथवा गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को दुर्घटना के कारण मृतक के आश्रित अथवा गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 'अंतरिम मुआवजा' भुगतान 'अंतरिम मुआवजा' भुगतान 'अंतरिम मुआवजा' भुगतान 'अंतरिम मुआवजा' भुगतान दुर्घटना के कारण मृतक के आश्रित अथवा गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को दुर्घटना के कारण मृतक के आश्रित अथवा गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को हेतु विहित प्राधिकारी, निधि एवं प्रक्रियाः-हेतु विहित प्राधिकारी, निधि एवं प्रक्रियाः-हेतु विहित प्राधिकारी, निधि एवं प्रक्रियाः-हेतु विहित प्राधिकारी, निधि एवं प्रक्रियाः- I अंतरिम मुआवजा भुगतान हअंतरिम मुआवजा भुगतान हअंतरिम मुआवजा भुगतान हअंतरिम मुआवजा भुगतान हेतु विहित प्राधिकारीः-ेतु विहित प्राधिकारीः-ेतु विहित प्राधिकारीः-ेतु विहित प्राधिकारीः- मोटरवाहन दुर्घटना के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में मृतक के आश्रित को अथवा गंभीर रूप से घायल (grievous hurt) व्यक्ति को तत्काल अंतरिम मुआवजा के भुगतान के लिए इस नियमावली के अधीन राज्य के सभी अनुमंडल पदाधिकारी ''दुर्घटना दावा जांच पदाधिकारी'' (Accidental Claims Inquiry Officer) हाेंगे एवं राज्य के सभी जिला पदाधिकारी दुर्घटना दावा मूल्यांकन पदाधिकारी (Accidental Claims Assessment Officer) होंगे। II बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधिः-बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधिः-बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधिः-बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधिः-

(क)(क)(क)(क) वाहन दुर्घटना के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में मृतक के आश्रित को अथवा गंभीर रूप से घायल (grievous hurt) व्यक्ति को तात्कालिक रूप से अंतरिम मुआवजा भुगतान हेतु 'बिहार सड़क सुरक्षा परिषद' द्वारा तत्काल सड़क सुरक्षा निधि से 50 करोड़ रूपये की राशि ''बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि'' के रूप में कर्णांकित की जायेगी। इस निधि से व्यय के आलोक में समय-समय पर अतिरिक्त राशि बिहार सड़क सुरक्षा परिषद द्वारा इस निधि में उपलब्ध करायी जा सकेगी एवं भुगतानस्वरूप व्यय की गई अंतरिम मुआवजा की राशि संबंधित बीमा कंपनी अथवा वाहन स्वामी से प्रतिपूर्ति स्वरूप जमा कराने की प्रक्रिया निर्धारित की जा सकेगी।

(ख)(ख)(ख)(ख) बिहार सड़क सुरक्षा परिषद के अधीन गठित लीड एजेन्सी द्वारा 'बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि' से जिला पदाधिकारियों को राशि उपावंटित की जाएगी। इस निधि का उपयोग दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल अंतरिम मुआवजा भुगतान करने हेतु एक Revolving Fund के रूप में किया जायेगा। साथ ही संबंधित बीमा कंपनी अथवा वाहन स्वामी से निर्धारित अवधि के अन्तर्गत प्रतिपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

(ग)(ग)(ग)(ग) सचिव, जिला सड़क सुरक्षा समिति-सह-जिला परिवहन पदाधिकारी इस मद से वास्तविक देनदारों को भुगतान की कार्रवाई करेंगे तथा पृथक रूप से इसका लेखा संधारण करेंगे। (घ)(घ)(घ)(घ) बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि के सृजन, बजटीय उपबंध, आवंटन की प्रक्रिया, प्रतिपूर्ति की विस्तृत प्रक्रिया परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित की जायेगी।

III ''''अंतअिंतअिंतअिंतरिम मुआवजा' भुगतान की प्रक्रियाः-रम मुआवजा' भुगतान की प्रक्रियाः-रम मुआवजा' भुगतान की प्रक्रियाः-रम मुआवजा' भुगतान की प्रक्रियाः-

(क)(क)(क)(क) दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी संबंधित थानाध्यक्ष, स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी/अनुमंडलीय अस्पताल/सदर अस्पताल के प्रभारी/मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्थानीय जिला परिवहन पदाधिकारी से प्रासंगिक सूचना एवं प्रतिवेदन प्राप्त कर वाहन दुर्घटना जनित किसी व्यक्ति की मृत्यु अथवा गंभीर रूप से घायल (grievous hurt) होने की संपुष्टि होने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 164 (1) के तहत देय मुआवजा राशि के अनुरूप अंतरिम भुगतान हेतु कार्रवाई करेंगे।

(ख(ख(ख(ख)))) दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी द्वारा एतदर्थ अंतरिम मुआवजा की जांच के लिए, दावेदार के विहित प्रपत्र में आवेदन के अतिरिक्त निम्नांकित कागजात अपेक्षित होंगेः- (i) थानाध्यक्ष (दुर्घटना जाँच पदाधिकारी) द्वारा मोटरवाहन अधिनियम की धारा 159 के अनुसार केन्द्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के विहित प्रपत्र-54 में दुर्घटना जांच प्रतिवेदन। (ii) प्रभारी/मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा वाहन दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु अथवा गंभीर रूप से घायल (grievous hurt) होने संबंधी प्रतिवेदन।

(iii) जिला परिवहन पदाधिकारी से दुर्घटनाकारक वाहन का निबंधन, बीमा एवं वाहन स्वामी का नाम, पिता का नाम तथा पता (विहित प्रपत्र में)।3 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध 1 ख्;बपकरू13द्धः 2;बपकरू25द्ध21 (ग)(ग)(ग)(ग) मोटर वाहन अधिनियम की धारा-164 (2) के अनुसार मृतक के आश्रित अथवा घायल व्यक्ति को यह प्रमाणित करने की आवश्यकता नहीं होगी कि मृत्यु या गंभीर रूप से घायल (grievous hurt) वाहन स्वामी या संबद्ध वाहन या किसी अन्य व्यक्ति की उपेक्षा या भूलचूक के कारण हुई है। (घ)(घ)(घ)(घ) दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी मृत्यु की स्थिति में मृतक के आश्रित को 5.00 लाख (पाँच लाख) रूपए एवं गंभीर रूप से घायल (grievous hurt) व्यक्ति को 2.5 लाख (दो लाख पचास हजार) रूपए का तात्कालिक अंतरिम मुआवजा भुगतान की अनुशंसा दुर्घटना दावा मूल्यांकन पदाधिकारी को करेंगे।

(च)(च)(च)(च) दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी की अनुशंसा के आलोक में, दुर्घटना दावा मूल्यांकन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी अथवा उनके प्राधिकृत पदाधिकारी उपर्युक्त वर्णित ''बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि'' से अंतरिम मुआवजा के भुगतान की स्वी—ति प्रदान करेंगे। तत्पश्चात्‌ अंतरिम मुआवजा राशि का भुगतान सचिव, जिला सड़क सुरक्षा समिति-सह-जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा सम्बन्धित व्यक्ति को उचित पहचान एवं पावती पर किया जाएगा।

225225225225 Cः- अंतरिम मुआवजा प्राप्ति हेतु आश्रितः-ः- अंतरिम मुआवजा प्राप्ति हेतु आश्रितः-ः- अंतरिम मुआवजा प्राप्ति हेतु आश्रितः-ः- अंतरिम मुआवजा प्राप्ति हेतु आश्रितः- इस नियमावली के अधीन मृतक के आश्रित से तात्पर्य है; विवाहित मृतक का पति/पत्नी। विवाहित व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में पति/पत्नी के नहीं रहने पर माता/पिता, परन्तु माता/पिता के भी नहीं रहने पर पुत्र एवं पुत्री समान रूप से हकदार होंगे। अविवाहित व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में उनके माता/पिता। अविवाहित मृतक के माता/पिता के जीवित नहीं रहने की स्थिति में बहन एवं भाई समान रूप से हकदार होंगे। 225225225225 D :- अंतरिम भुगतान की गई मुआवजा राशि ः- अंतरिम भुगतान की गई मुआवजा राशि की प्रतिपूर्तिः-की प्रतिपूर्तिः-की प्रतिपूर्तिः-की प्रतिपूर्तिः- ः- अंतरिम भुगतान की गई मुआवजा राशि ः- अंतरिम भुगतान की गई मुआवजा राशि I ''बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि'' से दावेदारों को अंतरिम रूप से भुगतान की गई राशि के समायोजन हेतु बीमित वाहनों के लिए संबंधित बीमा कम्पनी द्वारा बीमा दावा (Third Party Insurance Claim) के रूप में देय राशि ''बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि'' के बैंक खाता में निर्धारित अवधि के अन्तर्गत जमा की जाएगी। निर्धारित अवधि में बीमा कम्पनी द्वारा देय राशि नहीं जमा करने पर इसकी वसूली हेतु दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।

II दुर्घटना की तिथि को बीमारहित (uninsured) वाहनाें की स्थिति में अंतरिम भुगतान की गयी मुआवजा राशि के समायोजन हेतु वाहन स्वामी द्वारा ''बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि'' के बैंक खाता में निर्धारित अवधि के अन्तर्गत राशि जमा की जायेगी। वाहन स्वामी द्वारा इन्कार अथवा उदासीनता की स्थिति में उनके जब्त वाहन की नीलामी कर प्राप्त राशि से अंतरिम रूप से भुगतान की गयी मुआवजा राशि का समायोजन किया जायेगा। यदि वाहन की नीलामी से प्राप्त राशि दुर्घटना पीड़ितों को भुगतान की गयी अंतरिम मुआवजा राशि से कम हो तो शेष राशि ''बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि'' से तत्काल व्यय मानी जाएगी एवं उक्त राशि की वाहन स्वामी से वसूली हेतु दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।

225225225225 Eः- :- :- :- दावा न्यायाधिकरण, आवेदन एवं दावा निष्पादन की प्रक्रियाः- दावा न्यायाधिकरण, आवेदन एवं दावा निष्पादन की प्रक्रियाः- दावा न्यायाधिकरण, आवेदन एवं दावा निष्पादन की प्रक्रियाः- दावा न्यायाधिकरण, आवेदन एवं दावा निष्पादन की प्रक्रियाः- I दावा न्यायाधिकरण दावा न्यायाधिकरण दावा न्यायाधिकरण दावा न्यायाधिकरण (Claims Tribunal) :-ः-ः-ः-

(क)(क)(क)(क) मोटरवाहन दुर्घटना जनित व्यक्ति की मृत्यु अथवा गंभीर रूप से घायल (grievous hurt) अथवा सम्पत्ति की क्षति के लिए त्वरित मुआवजा निर्धारण हेतु मोटर वाहन अधिनियम की धारा-165 के अन्तर्गत अधिसूचना द्वारा संपूर्ण बिहार राज्य के लिए एक राज्य स्तरीय दावा न्यायाधिकरण (Claims Tribunal) गठित किया जा सकेगा।

(ख)(ख)(ख)(ख) मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-89 (2) के अन्तर्गत परिवहन विभाग के नियंत्रणाधीन कार्यरत 'राज्य परिवहन अपीलीय न्यायाधिकरण' (State Transport Appellate Tribunal) तात्कालिक प्रभाव से अपने मूल कार्यों के अतिरिक्त इस कार्य हेतु सक्षम न्यायाधिकरण होगा, परन्तु राज्य सरकार कार्य की अधिकता को देखते हुए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त दावा न्यायाधिकरण (Claims Tribunal) का गठन एवं उसके क्षेत्राधिकार का निर्धारण कर सकेगी अथवा राज्यस्तरीय दावा न्यायाधिकरण में अतिरिक्त सदस्यों की नियुक्ति कर स्वतंत्र पीठ के रूप में कार्य करने हेतु प्राधिकृत कर सकेगी।

(ग)(ग)(ग)(ग) बिहार मोटर वाहन (संशोधन-1) नियमावली, 2021 के माध्यम से नियमावली के अघ्याय-X में अंतः स्थापित इन नियमों के लागू होने की तिथि के पश्चात्‌ मोटर दुर्घटना जनित दावा वाद राज्य स्तरीय दावा न्यायाधिकरण में ही दायर किए जा सकेंगे एवं संशोधित प्रक्रिया द्वारा4 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध 1 ख्;बपकरू13द्धः 2;बपकरू25द्ध21 निष्पादित किये जाएँगे। पूर्व के जो भी दावा आवेदन विभिन्न जिलों में गठित दावा न्यायाधिकरण में समर्पित एवं विचाराधीन लंबित होंगे, वे पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही निष्पादित किये जा सकेंगे।

II दावा आवदावा आवदावा आवदावा आवेदन :-ेदन :-ेदन :-ेदन :-

(क)(क)(क)(क) अंतरिम मुआवजा राशि का मूल्यांकन एवं अंतरिम भुगतान के अनुरूप मृतक के आश्रित अथवा पीड़ित व्यक्तियों की ओर से दावा न्यायाधिकरण के समक्ष मोटर वाहन अधिनियम की धारा-166 के अन्तर्गत दावा आवेदन दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी (अनुमंडल पदाधिकारी) द्वारा विहित प्रपत्र (C-1) में प्रेषित किया जाएगा।

(ख)(ख)(ख)(ख) दावा न्यायाधिकरण में आवेदन दाखिल करने के लिए मृतक के आश्रित एवं पीड़ित व्यक्ति द्वारा दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी (अनुमंडल पदाधिकारी) को प्राधिकृत किया जा सकेगा। (ग)(ग)(ग)(ग) दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी (अनुमंडल पदाधिकारी) द्वारा यह आवेदन विशेष दूत के माध्यम से डाक द्वारा अथवा ई-मेल द्वारा दावा न्यायाधिकरण को प्रेषित किया जाएगा। दावा न्यायाधिकरण द्वारा इस आवेदन को मुआवजा हेतु दावा वाद के रूप में स्वीकार किया जाएगा।

(घ)(घ)(घ)(घ) इसके लिए कोई शुल्क देय नहीं होगा।

III दावा निष्पादन की प्रक्रिया :-दावा निष्पादन की प्रक्रिया :-दावा निष्पादन की प्रक्रिया :-दावा निष्पादन की प्रक्रिया :- दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी (अनुमंडल पदाधिकारी) के स्तर से प्रेषित आवेदन को मुआवजा हेतु दावा वाद के रूप में स्वीकार करते हुए उसकी संक्षिप्त सुनवाई कर अधिकतम 60 दिनों में दावा न्यायाधिकरण द्वारा मोटर वाहन अधिनियम की संशोधित धारा-164 के अनुरूप भुगतेय मुआवजा की राशि का निर्धारण किया जाएगा। दावा निष्पादन प्रक्रिया हेतु दावा न्यायाधिकरण स्तर पर स्थानीय निरीक्षण अथवा अन्य गवाहों का परीक्षण अपेक्षित नहीं होगा। दावा निष्पादन की विस्तृत प्रक्रिया निम्न प्रकार होगीः-

(क)(क)(क)(क) बीमारहित बीमारहित बीमारहित बीमारहित वाहनों के लिए प्रक्रियाः-वाहनों के लिए प्रक्रियाः-वाहनों के लिए प्रक्रियाः-वाहनों के लिए प्रक्रियाः-

(i) बीमारहित वाहनों से दुर्घटना के कारण मुआवजा वादों के क्रम में दावा न्यायाधिकरण सर्वप्रथम यह सुनिश्चित करेगा कि वह वाहन पुलिस द्वारा अनिवार्य रूप से जब्त किया गया हो और तब तक उसे विमुक्त नहीं किया जाय जब तक संबंधित वाहन स्वामी द्वारा 164 (1) के तहत निर्धारित मुआवजा राशि जमा नहीं किया जाय।

(ii) दावा न्यायाधिकरण के निर्णय के पश्चात्‌ 30 दिनों के अंदर वाहन स्वामी द्वारा मुआवजा की निर्धारित राशि जमा नहीं करने पर दावा न्यायाधिकरण द्वारा उक्त वाहन का अधिहरण (Confiscation) किया जाएगा तथा उक्त वाहन की सार्वजनिक नीलामी के लिए दुर्घटना दावा मूल्यांकन पदाधिकारी (जिला पदाधिकारी) को प्राधिकृत किया जाएगा।

(iii) उक्त वाहन की सार्वजनिक नीलामी से प्राप्त राशि, दुर्घटना पीड़ितों को भुगतान किए गए अंतरिम मुआवजा राशि के समायोजन के लिए बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि से संबंधित बैंक खाते में जमा किया जाएगा।

(iv) न्यायाधिकरण द्वारा घोषित किए जाने वाले निर्धारित मुआवजा राशि जो मृत्यु की स्थिति में 5.00 लाख एवं गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में 2.5 लाख होगी, के विरूद्ध वाहन की नीलामी से प्राप्त राशि यदि कम होगी तो वह अंतर राशि बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि से व्यय मानी जाएगी।

(ख)(ख)(ख)(ख) बीमित वाहनों के लिए प्रक्रियाः-बीमित वाहनों के लिए प्रक्रियाः-बीमित वाहनों के लिए प्रक्रियाः-बीमित वाहनों के लिए प्रक्रियाः-

(i) प्रत्येक जिले में कार्यरत सभी बीमा कम्पनी एक प्राधिकृत पदाधिकारी को नामित करेंगे, जो दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी द्वारा की जा रही जाँच करने में सहयोग प्रदान करेंगे।

(ii) दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी द्वारा संबंधित बीमा कंपनी के अधिकृत पदाधिकारी को संबंधित पीड़ित व्यक्ति या उनके आश्रित को भुगतेय मुआवजा राशि की सूचना प्रेषित की जाएगी। बीमा कम्पनी द्वारा उक्त सूचना एवं दावेदार की सहमति के अनुसार मुआवजा भुगतान करने पर मोटरवाहन अधिनियम की धारा 149[3](a)(i) के आलोक में दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी द्वारा तत्सम्बन्धी सूचना दावा न्यायाधिकरण को प्रेषित की जाएगीे। (iii) दावा न्यायाधिकरण द्वारा दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी के प्रतिवेदन को वाद के रूप में स्वीकार किया जाएगा तथा उक्त प्रतिवेदन के आधार पर ऐसे मामलों को 'सहमति द्वारा दावा निष्पादित' व्यवहृत करते हुए सम्बन्धित बीमा कम्पनी को अधिनियम के अनुसार निर्धारित मुआवजा राशि (मृत्यु की स्थिति में 5.00 लाख एवं गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में 2.5 लाख) का निर्धारण करते हुए भुगतान का आदेश पारित किया जाएगा।5 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध 1 ख्;बपकरू13द्धः 2;बपकरू25द्ध21 (iv) बीमा कम्पनी द्वारा धारा-164 (1) के अनुरूप निर्धारित राशि (मृत्यु की स्थिति में 5.00 लाख एवं गंभीर रूप से घायल पीड़ित को 2.50 लाख के लिए) से दावेदार की असहमति की स्थिति मेंं, मोटरवाहन अधिनियम की धारा-166 के तहत दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी द्वारा दावा न्यायाधिकरण के समक्ष मृतक के आश्रित अथवा पीड़ित व्यक्ति की ओर से विहित प्रपत्र C-1 में दावा हेतु आवेदन दाखिल किया जाएगा। इस हेतु मृतक के आश्रित अथवा पीड़ित व्यक्ति द्वारा दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी को प्राधिकृत किया जा सकेगा।

(v) दावा न्यायाधिकरण, दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी के माध्यम से प्राप्त आवेदन पर सुनवाई कर अधिकतम 60 दिन की अवधि में मुआवजा का निर्धारण करते हुए दावा वादों का निष्पादन करेगा। इस क्रम में कोई स्थानीय निरीक्षण अथवा गवाहों का परीक्षण इत्यादि वांछित नहीं होगा एवं आवेदक एवं संबंधित बीमा कम्पनी की संक्षिप्त सुनवाई के आलोक में निर्णय लिया जाना अपेक्षित होगा।

(vi) दावा न्यायाधिकरण द्वारा निर्धारित राशि का भुगतान सम्बन्धित बीमा कम्पनी द्वारा सम्बन्धित जिला पदाधिकारी-सह-दुर्घटना दावा मूल्यांकन पदाधिकारी के बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि से संबंधित बैंक खाता में किया जाएगा।

हिट एवं रन के मामले (Hit & Run Cases) :-ः-ः-ः- 225225225225 Fः- :- :- :- हिट एवं रन के मामले हिट एवं रन के मामले हिट एवं रन के मामले I इस कोटि के मामले दावा न्यायाधिकरण में विचारणीय नहीं होंगे। हिट एवं रन (Hit & Run) कोटि के वाहन दुर्घटना के मामलों में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), नई दिल्ली द्वारा घोषित योजना के अनुरूप दुर्घटना दावा जांच पदाधिकारी-सह- अनुमंडल पदाधिकारी मृतक के आश्रित को अथवा गंभीर रूप से घायल (grievous hurt) व्यक्ति को मुआवजा के भुगतान हेतु जाँच कर अनुशंसा करेंगे। दुर्घटना दावा मूल्यांकन पदाधिकारी-सह- जिला पदाधिकारी द्वारा बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि से तत्काल अंतरिम मुआवजा भुगतान की स्वीकृति दी जाएगी।

II जिला पदाधिकारी की स्वीकृति के उपरांत 'वाहन दुर्घटना सहायता निधि' से मृत्यु की स्थिति में मृतक के आश्रित को 5.00 लाख (पाँच लाख) रूपए एवं गंभीर रूप से घायल (grievous hurt) व्यक्ति को 2.5 लाख (दो लाख पचास हजार) रूपए अंतरिम मुआवजा भुगतान जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा किया जायेगा। III भुगतान की गयी अंतरिम मुआवजा की राशि में से अधिनियम की धारा-161 के अनुसार मृत्यु की स्थिति में 2.00 लाख (दो लाख) रूपए तथा गंभीर रूप से घायल (grievous hurt) व्यक्ति को 0.50 लाख (पचास हजार) रूपए की प्रतिपूर्ति धारा-161 (3) के अन्तर्गत General Insurance Council द्वारा अधिकृत बीमा कम्पनी द्वारा बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि से सम्बन्धित दुर्घटना दावा मूल्यांकन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी के बैंक खाता में जमा की जाएगी। शेष राशि (मृत्यु की स्थिति में 3.00 लाख एवं गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 2.00 लाख रूपए) बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि से व्यय किया गया व्यवहृत किया जाएगा।

4444.... नियम 226-(5) के पश्चात्‌ नियम-226 का उपनियम (6) निम्नवत अंतः स्थापित किया जाता हैः- नियम-226-(6)ः-नियम-226-(6)ः-नियम-226-(6)ः-नियम-226-(6)ः- बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 के फलस्वरूप उद्‌भूत नये मुआवजा वादों के लिए नियम-226(1) से 226(5) लागू नहीं होगा।

5555.... नियम 227-(3) के पश्चात्‌ नियम-227 का उपनियम (4) निम्नवत अंतः स्थापित किया जाता हैः- नियम-227-(4)ः-नियम-227-(4)ः-नियम-227-(4)ः-नियम-227-(4)ः- बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 के फलस्वरूप उद्‌भूत नये मुआवजा वादों के लिए नियम-227(1) से 227(3) लागू नहीं होगा। वे सभी वाद निःशुल्क समर्पित किये जा सकेंगे।

6666.... नियम 230-(3) के पश्चात्‌ नियम-230 का उपनियम (4) निम्नवत अंतः स्थापित किया जाता हैः- नियम-230-(4)ः-नियम-230-(4)ः-नियम-230-(4)ः-नियम-230-(4)ः- बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 के फलस्वरूप उद्‌भूत नये मुआवजा वादों के लिए नियम-230(1) से 230(3) लागू नहीं होगा।

7777.... नियम 231 को 231 (1) के रूप में संख्याकित करते हुए इसके पश्चात्‌ उप नियम (2) निम्नवत अंतः स्थापित किया जाता हैः- नियम-231-(2)ः-नियम-231-(2)ः-नियम-231-(2)ः-नियम-231-(2)ः- बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 के फलस्वरूप उद्‌भूत नये मुआवजा वादों में परिवहन विभाग द्वारा दावेदारों की ओर से अधिवक्ता को प्राधिकृत किया जा सकेगा। 8888.... नियम 232 को 232 (1) के रूप में संख्याकित करते हुए इसके पश्चात्‌ उप नियम (2) एवं (3) निम्नवत अंतः स्थापित किया जाता हैः- नियम-232-(2)ः-नियम-232-(2)ः-नियम-232-(2)ः-नियम-232-(2)ः- बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 के फलस्वरूप उद्‌भूत नये मुआवजा वादों के लिए नियम-232(1) लागू नहीं होगा।6 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध 1 ख्;बपकरू13द्धः 2;बपकरू25द्ध21 नियम-232-(3)ः-नियम-232-(3)ः-नियम-232-(3)ः-नियम-232-(3)ः- दूर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी एवं अन्य विहित पदाधिकारियों के अधिकृत प्रतिवेदन की जाँच कर निर्णय लिया जा सकेगा।

9999.... नियम 233 को 233 (1) के रूप में संख्याकित करते हुए इसके पश्चात्‌ उप नियम (2) निम्नवत अंतः स्थापित किया जाता हैः- नियम-233-(2)ः-नियम-233-(2)ः-नियम-233-(2)ः-नियम-233-(2)ः- बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 के फलस्वरूप उद्‌भूत नये मुआवजा वादों के लिए नियम-233(1) लागू नहीं होगा।

10101010.... नियम 240-(4) के पश्चात्‌ नियम-240 का उपनियम (5) निम्नवत अंतः स्थापित किया जाता हैः- नियम-240-(5)ः-नियम-240-(5)ः-नियम-240-(5)ः-नियम-240-(5)ः- बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 के फलस्वरूप उद्‌भूत नये मुआवजा वादों के लिए नियम-240(1) से 240(4) लागू नहीं होगा।

11111111.... नियम 245 को 245 (1) के रूप में संख्याकित करते हुए इसके पश्चात्‌ उप नियम (2) निम्नवत अंतः स्थापित किया जाता हैः- नियम-245-(2)ः-नियम-245-(2)ः-नियम-245-(2)ः-नियम-245-(2)ः- बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 लागू होने के पूर्व तत्समय गठित दावा न्यायाधिकरणों में दायर किये गये दावा वादों का निष्पादन, बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन) नियमावली, 1992 के अध्याय- X में विहित पूर्व प्रक्रिया के अनुसार किये जाते रहेंगे।

12121212.... नियम 246-(13) के पश्चात्‌ नियम-246 का उपनियम (14) निम्नवत अंतः स्थापित किया जाता हैः- नियम-246-(14)ः-नियम-246-(14)ः-नियम-246-(14)ः-नियम-246-(14)ः- बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 के फलस्वरूप उद्‌भूत नये मुआवजा वादों के लिए नियम-246(1) से 246(13) अप्रासंगिक।

(मोटर वाहन अधिनियम , 1988 की धारा-140 विलोपित होने के फलस्वरूप)। 13131313.... नियम 247 को 247 (1) के रूप में संख्याकित करते हुए इसके पश्चात्‌ उप नियम (2), (3), (4) एवं (5) निम्नवत अंतः स्थापित किया जाता हैः- नियम-247-(2)ः-नियम-247-(2)ः-नियम-247-(2)ः-नियम-247-(2)ः- बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 के फलस्वरूप उद्‌भूत नये मुआवजा वादों के लिए नियम-247(1) लागू नहीं होगा। नियम-247-(3)ः-नियम-247-(3)ः-नियम-247-(3)ः-नियम-247-(3)ः- बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-1) नियमावली, 2021 के लागू होने के पश्चात्‌ वाहन दुर्घटना पीड़ितों को आपदा प्रबंधन विभाग अथवा अन्य किसी विभाग या प्राधिकार के स्तर से एतद्‌ संबंधी किसी योजना के अन्तर्गत कोई मुआवजा भुगतेय नहीं होगा। नियम-247-(4)ः-नियम-247-(4)ः-नियम-247-(4)ः-नियम-247-(4)ः- यदि आपदा प्रबंधन विभाग अथवा अन्य किसी विभाग या प्राधिकार के स्तर से कोई मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया हो, तो पीड़ितों को भुगतेय अधिकतम मुआवजा राशि में भुगतान की गई राशि समायोजित कर शेष राशि का ही भुगतान किया जायेगा। नियम-247-(5)ः-नियम-247-(5)ः-नियम-247-(5)ः-नियम-247-(5)ः- दुर्घटना दावा जाँच पदाधिकारी अथवा दावा न्यायाधिकरण के स्तर से मुआवजा वादों के निर्धारण संबंधी निर्णय का कोई प्रभाव उक्त दुर्घटना के कारण दर्ज आपराधिक वाद में नहीं पड़ेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजय कुमार अग्रवाल, सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 01 April 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2021-04-01.247/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2021-04-01.247.