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पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
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अधिसूचना
1 अप्रील 2021
सं0 बि०व०से०(स्था०)-07/2012-1095/प०व०ज०प०—वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या-4685, दिनांक 25.06.2003, संख्या-1802, दिनांक 23.03.2006 एवं संकल्प ज्ञापांक-7566, दिनांक-14.07.2010 तथा 3-ए-2-वे०पु०-18/ 2009 (अंश)-5152-वि० दिनांक 21.05.2013 एवं संकल्प संख्या-3-ए-2-वे०पु०-18/2009 (अंश)-504-वि० दिनांक 16.01.2014 के आलोक में दिनांक 12.03.2021 को सम्पन्न विभागीय स्क्रीनिंग समिति की अनुशंसा के आधार पर बिहार वन सेवा के निम्नांकित पदाधिकारी को रूपातंरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना 2010 के प्रावधानों के तहत उनके नाम के सामने स्तंभ-4 में अंकित तिथि से पुनरीक्षित लेवल-13 में तृतीय रूपातंरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन की स्वी—ति प्रदान की जाती हैः-
| क्र०सं० | पदाधिकारी का नाम | नियुक्ति की तिथि | तृतीय रूपातंरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन की देय तिथि |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | श्री मोख्तारूल हक, वरीय उप वन संरक्षक, परामर्शी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार, पटना। | 03.09.1990 | दिनांक-03.09.2020 के प्रभाव से पुनरीक्षित लेवल-13 |
2. वित्त विभागीय अधिसूचना संख्या-1802, दिनांक-23.03.2006 के निहित प्रावधान के आलोक में वेतन का निर्धारण यथास्थिति मौलिक नियमावली के नियम 22(1) ए (i) अथवा वित्त विभागीय संकल्प संख्या-3590 दिनांक 24.05.2017 में निहित प्रावधान के अनुसार किया जायेगा।
3. वित्तीय लाभ वैयक्तिक आधार पर मिलने के कारण इनकी वरीयता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। 4. उपर्युक्त पदाधिकारी के संबंध में भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटी या पार्थक्य पाये जाने पर संबंधित पदाधिकारी को प्रदत्त एम०ए०सी०पी० योजना के लाभ से संबंधित आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जाएगा तथा उन्हें भुगतान की गई राशि की वसूली/प्रतिपूर्ति कर ली जाएगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से सुबोध कुमार चौधरी, संयुक्त सचिव।
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स्वास्थ्य विभाग
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अधिसूचना
26 मार्च 2021
सं0 16/एम.1-14/2021-388 आ0चि0/स्वा॰—श्री रमेश कुमार, सहायक औषधि नियंत्रक, बेगूसराय को कार्यहित में आयुष औषधियों के निर्माण, विक्रय, वितरण एवं नियंत्रण हेतु अपने कार्यों के अतिरिक्त आयुष निदेशालय, स्वास्थ्य विभाग, बिहार के अधीन आयुष प्रक्षेत्र के राज्य औषधि नियंत्रक (आयुष), बिहार के रूप मे दायित्वों के निर्वहन हेतु अगले आदेश/ नियमित नियुक्ति तक के लिए प्राधिकृत किया जाता है।
औषधि एवं अंगराग अधिनियम 1940 तत्सन्निहित नियमावली 1945 के नियम 50, नियम 67A, नियम 85-B एवं नियम 152 मे प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के प्रावधानों के संचालन प्रयोजनार्थ श्री रमेश कुमार को आयुष प्रक्षेत्र के राज्य औषधि नियंत्रक (आयुष), बिहार के रूप मे नियंत्री प्राधिकारी एवं राज्य अनुज्ञापन प्राधिकारी की सारी शक्तियां प्रदा की जाती है।
श्री सत्य नारायण, औषधि निरीक्षक जहानाबाद-1 अतिरिक्त प्रभार औषधि निरीक्षक (आयुर्वेद) दक्षिण बिहार एवं श्री इन्द्रकांत कुमार, औषधि निरीक्षक औरंगाबाद-1 अतिरिक्त प्रभार औषधि निरीक्षक (आयुर्वेद) उत्तर बिहार को कार्यहित मे आयुष प्रक्षेत्र के कार्य सम्पादन हेतु आयुष निदेशालय, स्वास्थ्य विभाग, बिहार के प्राधि—त राज्य औषधि नियंत्रक (आयुष), बिहार के नियंत्रणाधीन पटना (मुख्यालय) के अन्तर्गत स्वीकृत औषधि निरीक्षक (आयुर्वेद) के रिक्त पदों पर पदस्थापित किया जाता हैं।3 प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। पूर्व में एतद् संबंधी निर्गत अधिसूचना/आदेश इस हद तक संशोधित समझे जायेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम ईश्वर, संयुक्त सचिव।
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गृह विभाग (विशेष शाखा)
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अधिसूचना
25 मार्च 2021
सं0 स्टे0/झा0/वि0-61/2006 भाग-2-2254—विभागीय अधिसूचना सं0-8834, दिनांक 06.10.2017 के संबंध में निम्नवत संशोधन किया जाता है।
राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 16(1)(b) के तहत् पूर्वी क्षेत्रीय परिषद् के लिए बिहार से सदस्यों के रूप में पूर्व में नामित श्री सुशील कुमार मोदी, माननीय पूर्व उप मुख्यमंत्री, बिहार के स्थान पर श्री तारकिशोर प्रसाद, माननीय उप मुख्यमंत्री, बिहार को नामित किया जाता है।
अधिसूचना सं0- 8834, दिनांक- 06.10.2017 को इस हद तक संशोधित समझा जाए।
राज्यपाल के आदेश से,
विकास वैभव, विशेष सचिव।
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वाणिज्य-कर विभाग
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अधिसूचना
31 मार्च 2021
सं0 6/गो॰-34-01/2021-822—वाणिज्य-कर विभाग की अधिसूचना संख्या-243 दिनांक 29.01.2021 के क्रम में श्री कृष्ण कुमार, राज्य-कर उपायुक्त की पटना विषेष अंचल, पटना में प्रतिनियुक्ति अवधि दिनांक 15.04.2021 तक विस्तारित की जाती है।
2. सं0 6/गो॰-34-01/2021-823—वाणिज्य-कर विभाग की अधिसूचना संख्या-243 दिनांक 29.01.2021 के क्रम में श्री अमित अंकित, राज्य-कर सहायक आयुक्त की पटना विषेष अंचल, पटना में प्रतिनियुक्ति अवधि दिनांक 31.05.2021 तक विस्तारित की जाती है।
3. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अरूण कुमार मिश्रा, विशेष सचिव।
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Website: http://egazette.bih.nic.in
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No. 392—I, ANAND, S/o Rameshwar Jha, R/o Village- Baliya, P.o.-Raiyam, P.s.-Sakri, District-Madhubani, Bihar vide affidavit no. 4455, dated 06-03-2021 in the court of Executive Magistrate, Patna Sadar,shall be known as Anand Jha. My D.o.b. 01-02-1986.
ANAND.
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सं0 393—मैं भारती देवी पति-श्री मिथिलेश कुमार साहु, उारी शाही कॉलोनी (आम्रपाली गैस एजेन्सी के नजदीक) मोहल्ला-पोखरा, पोस्ट-हाजीपुर, जिला-वैशाली, शपथ पत्र संख्या-5725, दिनांक 06.03.2021 से घोषणा करती हूं कि शादी के पूर्व मेरा नाम भारती कुमारी था, अब भारती देवी के रुप से जानी जाती हूॅं।
भारती देवी।
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सं0 394—मैं पीयूष पुत्र श्री दिग्विजय नारायण सिंह जन्म तिथि 04.11.1991 निवासी श्रीरामपुरी भगवानपुर थाना-सदर जिला-मुजफ्फरपुर शपथ पत्र संख्या 34757 दिनांक 14.10.2020 के द्वारा अपने नाम में कश्यप जोड़ा है आगे पीयूष कश्यप के नाम से जाना व पहचाना जाऊंगा।
पीयूष।
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Website: http://egazette.bih.nic.in
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सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-01-04/2020-1062 मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ----- संकल्प 16 मार्च 2021
चूॅकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने का कारण है कि श्री संजय कुमार, तत्का0 जिला अवर निबंधक, सारण सम्प्रति जिला अवर निबंधक, मधेपुरा के विरूद्ध मुख्य सड़क व्यवसायिक को आवासीय तथा आवासीय को विकासषील में अथवा आवासीय शाखा सड़क श्रेणी तथा शहरी क्षेत्र में भूमि को ग्रामीण क्षेत्र के दर पर निबंधित करने के कारण रू0 1,28,02,514/- (एक करोड़ अठाईस लाख दो हजार पॉच सौ चौदह) रूपये की राजस्व क्षति करने, निबंधन अधिनियम, 1908, बिहार निबंधन नियमावली, 2008, बिहार स्टाम्प (लिखित का मूल्यांकन नि0) नियमावली, 1995, सरकारी निदेषों एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के नियम-3 का उल्लंघन करने आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री संजय कुमार के विरूद्ध संलग्न विनिर्दिष्ट आरोपों के जॉच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 (2) में विहित रीति से विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए मुख्य जॉच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं जिला अवर निबंधक, सारण को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। संचालन पदाधिकारी के नियुक्ति के प्रस्ताव में सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना के माध्यम से मुख्य सचिव का अनुमोदन प्राप्त है। 4. श्री कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव वयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों। आआआआदेश :-आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप देश :-आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप देश :-आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप देश :-आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया पत्र के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया पत्र के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया पत्र के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।जाय।जाय।जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनय कुमार, संयुक्त सचिव।
——— मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ——— अधिसूचना 23 मार्च 2021
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-09/2020-1142—श्री गिरीष चन्द्र, जिला अवर निबंधक, सीतामढ़ी के विरूद्ध सी0डब्लू0जे0सी0नं0-11564/2011 अर्जुन पंडित बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 29.07.2015 को पारित न्यायादेष के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, पटना में एल0पी0ए0 नं0-1217/16 दायर किया गया था। श्री अर्जुन पंडित द्वारा सी0डब्लू0जे0सी0नं0-11564/2011 में पारित अनुपालनार्थ एम0जे0सी0नं0-496/2016, 6 दायर किया गया, जिसमें पूरक कारण पृच्छा ससमय दायर नहीं किया गया, फलतः उक्त अवमाननावाद में निबंधन महानिरीक्षक, बिहार को माननीय उच्च न्यायालय, पटना में उपस्थित होने के कारण श्री गिरीष चन्द्र, जिला अवर निबंधक के विरूद्ध कार्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता के आरोप में आरोप पत्र गठित की गयी। 2. श्री गिरीष चन्द्र से प्राप्त बचाव वयान स्वीकार योग्य नहीं पाते हुए सामान्य प्रषासन विभाग के परिपत्र सं0-8237 दिनांक 06.07.2017 के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-19 के प्रावधानों का अनुसरण करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 (i) के तहत् अधिसूचना सं0-4214 दिनांक 28.12.2020 द्वारा निन्दन की शास्ति अधिरोपित किया गया है।
3. उक्त दण्डादेष के विरूद्ध श्री गिरीषचन्द्र द्वारा पुनर्विचार आवेदन विभाग में समर्पित किया गया है,ं जिसमें उल्लिखित किया गया है कि जिला अवर निबंधक के रूप में पहला पदस्थापन होने, विधिक ज्ञान एवं अनुभव नहीं होने के कारण पूरक कारण पृच्छा समसय दायर नहीं किया जा सका। उनके स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत यह पाया गया है कि जिला अवर निबंधक, बिहार निबंधन सेवा का प्रथम प्रोन्नत पद है। अतएव यह नहीं कहा जा सकता कि ज्ञान एवं अनुभव की कमी थी। कार्यालय से संबंधित वादों का अनुश्रवण करना एवं त्वरित कार्रवाई करना, जिला अवर निबंधक का प्रथम दायित्व है। श्री चन्द्र द्वारा पुनर्विचार आवेदन में माननीय न्यायालय द्वारा पूर्व से ही उक्त सी0डब्लू0जे0सी0नं0-11564/2011 में पारित आदेष को अनुपालित पाते हुए एम0जे0सी0 सं0-496/2016 को दिनांक 17.02.2020 को खारिज कर दिये जाने का उल्लेख किया गया है। आलोच्य अवमाननावाद में श्री गिरीषचन्द्र, जिला अवर निबधक द्वारा ससमय कारण पृच्छा दायर नहीं करने के परिणाम स्वरूप निबंधन महानिरीक्षक, बिहार को न्यायालय में उपस्थित होना पड़ा, जो श्री चन्द्र का कार्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता को इंगित करता है। जिला अवर निबंधक द्वारा अनुभव की कमी बताना मान्य नहीं किया जा सकता है। अतः पुनर्विचार अर्जी तार्किक एवं तथ्य परक नहीं होने के कारण अस्वीकृत किया जाता है।
4. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।