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1;बपकरू18द्ध ;बपकरू20द्ध;बपकरू21द्ध 1;बपकरू22द्ध43 ;बपकरू25द्ध;बपकरू26द्ध;बपकरू27द्ध
;बपकरू28द्ध;बपकरू26द्ध ;बपकरू4द्ध 2 1;बपकरू4द्ध रु;बपकरू4द्ध ;बपकरू18द्ध ख्;बपकरू13द्धः 2;बपकरू26द्ध21
सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 15/औ॰-02-17/2014-515515515515((((15)15)15)15)/स्वा॰/स्वा॰/स्वा॰/स्वा॰ स्वास्थ्यस्वास्थ्यस्वास्थ्यस्वास्थ्य विभागविभागविभागविभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 26262626 मार्चमार्चमार्चमार्च 2021202120212021
श्री विकास शिरोमणि, तत्कालीन औषधि निरीक्षक, पटना-04 (विभागीय पत्रांक- 1795(15) दिनांक-02.09.2009 द्वारा अधीक्षक, पी॰एम॰सी॰एच॰, पटना के अधीन प्रतिनियुक्त) सम्प्रति औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर-02 की प्रतिनियुक्ति विभागीय पत्रांक-1795(15), दिनांक-02.09.2009 द्वारा अधीक्षक, पी॰एम॰सी॰एच॰, पटना के अधीन की गयी थी। पटना चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल, पटना में वित्तीय वर्ष 2008-09 एवं वर्ष 2009-10 में दवा रसायन, रि-एजेन्ट, उपकरण एवं मशीन आदि के क्रय में बरती गई अनियमितता की जाँच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा किया गया, जिसमें निगरानी थाना कांड संख्या-061/2013, दिनांक-25.09.2013 द्वारा धारा-406/409/420/120(बी) भा॰द॰वि॰ एवं 13(2) सह-पठित धारा-13(1)(डी) भ्र॰नि॰अधि॰, 1988 के प्राथमिकी अभियुक्त श्री विकास शिरोमणी, तत्कालीन औषधि निरीक्षक, पटना-4 सम्प्रति औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर -02 के विरूद्ध धारा-19 भ्र॰नि॰अधि॰, 1988 एवं धारा-197 द॰प्र॰स॰ के प्रावधानों के अन्तर्गत अभियोजन चलाने हेतु निगरानी विभाग (अन्वेषण ब्यूरो) बिहार, पटना के पत्रांक-3458 दिनांक-18.12.2013 के द्वारा स्वीकृति देने हेतु आग्रह किया गया। विधि विभाग, बिहार, पटना के ज्ञापांक-120/जे॰ दिनांक-22.05.2014 द्वारा अभियोजन चलाने की स्वीकृति प्रदान की गयी। जाँच में पाया गया कि पी॰एम॰सी॰एच॰ के तत्कालीन अधीक्षक, संबंधित उपाधीक्षक, संबंधित विभागाध्यक्ष, कार्यालय अधीक्षक, लेखापाल, संबंधित क्रय लिपिक के द्वारा आपूर्त्तिकर्त्ताओं के मेल में आकर एम॰आर॰पी॰ से अधिक मूल्य पर क्रय करने, मशीन उपकरण को निर्माता कम्पनी के दर से काफी अधिक दर पर क्रय करने एवं बिना आकलन किये जानबूझ कर खपत से कई गुणा अधिक मात्रा में क्रय करने की कार्रवाई की गयी, जिसके कारण सरकारी राशि 12,63,62,970/- रूपये का दुर्विनियोग प्रकाश में आया, जिसके क्रम में तत्कालीन औषधि निरीक्षक, श्री विकास शिरोमणि के विरूद्ध मिलिभगत कर सरकारी राशि का दुर्विनियोग का स्पष्ट साक्ष्य पाया गया। 2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू25द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू27द्धद्ध स्थापित नहीं किया जा सका। जाँच प्रतिवेदन में आरोप प्रमाणित पाये जाने के कारण अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री विकास शिरोमणि को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(xi) के ी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता संगत नियमों के तहत 'सेवा से बर्खास्तग'सेवा से बर्खास्तग'सेवा से बर्खास्तग'सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता ी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता ी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी' होगी' होगी' होगी' का दंड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया, जिस पर बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-1489, दिनांक 23.09.2020 के द्वारा सहमति प्रदान की गयी। साथ ही माननीय मुख्यमंत्री महोदय का भी आदेश प्राप्त है। अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री विकास शिरोमणि, तत्कालीन औषधि निरीक्षक, पटना-04 (विभागीय पत्रांक-1795(15) दिनांक-02.09.2009 द्वारा अधीक्षक, पी॰एम॰सी॰एच॰, पटना के अधीन प्रतिनियुक्त) सम्प्रति औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर-02 के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-14(xi) के तहत 'सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन 'सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन 'सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन 'सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी' का दंड संसूचित किया जाता है। भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी' भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी' भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी'
आदेशः-आदेशः-आदेशः-आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संआदेश दिया जाता है कि इस संआदेश दिया जाता है कि इस संआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित कल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित कल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित कल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति श्री विकास शिरोमणि, तत्कालीन औषधि निरीक्षक, पटना-04 सम्प्रति किया जाय तथा इसकी प्रति श्री विकास शिरोमणि, तत्कालीन औषधि निरीक्षक, पटना-04 सम्प्रति किया जाय तथा इसकी प्रति श्री विकास शिरोमणि, तत्कालीन औषधि निरीक्षक, पटना-04 सम्प्रति किया जाय तथा इसकी प्रति श्री विकास शिरोमणि, तत्कालीन औषधि निरीक्षक, पटना-04 सम्प्रति औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर-02 एवं सभी संबंधितों को भेज दी जाय। औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर-02 एवं सभी संबंधितों को भेज दी जाय। औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर-02 एवं सभी संबंधितों को भेज दी जाय। औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरपुर-02 एवं सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से, राम ईश्वर,राम ईश्वर,राम ईश्वर,राम ईश्वर, सरकसरकसरकसरकार के संयुक्त सचिवार के संयुक्त सचिवार के संयुक्त सचिवार के संयुक्त सचिव।।।।
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