Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 09 April 2021

Published 09 April 2021

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2021-04-09.294
Languages
English, Hindi

;बपकरू4द्ध

ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध

;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध

1;बपकरू18द्ध ;बपकरू20द्ध;बपकरू21द्ध 1;बपकरू18द्ध43 ;बपकरू24द्ध;बपकरू25द्ध;बपकरू26द्ध

;बपकरू27द्ध;बपकरू25द्ध ;बपकरू4द्ध 2;बपकरू18द्ध4;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू18द्ध ख्;बपकरू13द्धरु 2;बपकरू25द्ध21

सं॰ 08/आरोप-01-57/2017-3581/सा0प्र0

શ્રત્ત્eત્ત્શ્; જ્ઞ્દ્ય'ત્ત્ત્ત્શ્રu fંણ્ત્ત્ત્ત્x

——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 12121212 मार्चमार्चमार्चमार्च 2021202120212021

श्रीमती सिम्मी प्रसाद, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-767/2011, अनुदेशक, चकबन्दी प्रशिक्षण संस्थान, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के विरूद्ध दिनांक 22.06.2002 से 20.12.2012 के बीच विभिन्न अवधियों में लगातार अनाधिकृत रूप से अनुपस्थिति संबंधी आरोप पत्र प्रशाखा-12, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना द्वारा अनुशासनिक कार्रवाई हेतु उपलब्ध कराया गया।

17.11.2017 द्वारा श्रीमती प्रसाद से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्रीमती प्रसाद से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी एवं सम्यक विचारोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 15934 दिनांक 06.12.2018 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी।

3. विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी, आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक 140 दिनांक 06.02.2020 द्वारा जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्रीमती प्रसाद के विरूद्ध आरोपाें को प्रमाणित पाया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 3493 दिनांक 06.03.2020 द्वारा श्रीमती प्रसाद से लिखित अभिकथन की मांग की गयी। उक्त क्रम में श्रीमती प्रसाद द्वारा लिखित अभिकथन (दिनांक 12.05.2020) समर्पित किया गया। जिसमें उनके द्वारा मुख्य रूप से कहा गया है कि पदस्थापन के कतिपय स्थानों पर ससमय योगदान नहीं करने और अपने पदीय दायित्वों का प्रभार ग्रहण नहीं करने के लिए उनकी अस्वस्थता एवं उनकी पारिवारिक पस्थितियाँ उत्तरदायी रही है। साथ ही अभिकथन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उन्हें मिले पारिवारिक असहयोग, अन्तर्जातीय विवाह, उनकी अस्वस्थता, छोटी छोटी बच्चियाँ, पति का अन्यत्र पदस्थापन आदि के कारण अपने पदस्थापित स्थान पर ससमय योगदान नहीं किया गया।4. श्रीमती प्रसाद के विरूद्ध गठित आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं उनके द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक विचारोपरांत पाया गया कि श्रीमती प्रसाद ने अपने लिखित अभिकथन में उन्हीं तथ्यों का उल्लेख किया है जो उन्होने अपने स्पष्टीकरण और संचालन पदाधिकारी के समक्ष समर्पित लिखित बचाव बयान में किया था, जिसका संचालन पदाधिकारी द्वारा विस्तार से जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है एवं उन सभी तथ्यों पर विचार करते हुए अनाधि—त अनुपस्थिति संबंधी आरोपों 2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू24द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्धश् को प्रमाणित पाया गया। समीक्षा में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोप पत्र में उल्लिखित विभिन्न पदस्थापन की प्रतीक्षा अवधियों में भी श्रीमती प्रसाद अनाधि—त अनुपस्थित रही है।

श्रीमती प्रसाद के दिनांक 22.06.2002 से 20.12.2012 तक अनाधि—त रूप में अनुपस्थित रहने की अवधि में से दिनांक 11.11.2004 से 02.07.2008 तक की अनाधि—त अनुपस्थित के लिए पूर्व में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रेषित आरोप पत्र के आधार पर उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित कर प्रमाणित आरोपों के लिए संकल्प ज्ञापांक-19189 दिनांक 18.12.2013 द्वारा एक वेतन वृद्धि पर संचायत्मक प्रभाव से रोक का दंड संसूचित किया जा चुका है।

5. शेष अवधि दिनांक 22.06.2002 से दिनांक 10.11.2004 एवं दिनांक 03.07.2008 से 20.12.2012 तक अनाधि—त अनुपस्थिति संबंधी प्रमाणित आरोपों के लिए श्रीमती प्रसाद का लिखित अभिकथन अस्वीकृत करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा (i) निन्दन एवं (ii) संंचयात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्धि पर रोक का दंड विनिश्चित किया गया तथा उक्त विनिश्चित दंड प्रस्ताव के कंडिका-(ii) पर विभागीय पत्रांक-296 दिनांक 07.01.2021 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से मंतव्य की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-3298 दिनांक 15.02.2021 द्वारा मंतव्य प्राप्त हुआ, जिसमें प्रस्तावित दंड अनुपातिक नहीं होने का उल्लेख किया गया।

6. बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी एवं सम्यक विचारोपरांत पाया गया कि आयोग द्वारा प्रस्तावित दंड के अनुपातिक नहीं होने के कारणों का उल्लेख अपने मंतव्य में नहीं किया गया है, जबकि श्रीमती प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों को संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित पाया गया है।

7. अतएव बिहार लोक सेवा आयोग के अभिमत से असहमत होते हुए अनाधि—त अनुपस्थिति संबंधी प्रमाणित आरोपों के लिए श्रीमती सिम्मी प्रसाद, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-767/2011, अनुदेशक, चकबन्दी प्रशिक्षण संस्थान, पटना को निम्न दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-

(i) निन्दन (वर्ष-2002 से 2004 एवं 2008 से 2012)

(ii) संंचयात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्धि पर रोक।

आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक

में प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, सरकार के अवर सचिव।

———— ख्;बपकरू4द्धँ;बपकरू7द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू17द्ध;बपकरू12द्ध;बपकरू7द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू7द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ;बपकरू27द्ध;बपकरू12द्ध म;बपकरू31द्ध ;बपकरू17द्धघ् ;बपकरू12द्ध रुख्;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ः5श्1़10ः;बपकरू4द्ध़ए़;बपकरू4द्ध़घ् Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 09 April 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2021-04-09.294/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2021-04-09.294.