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3 ;बपकरू4र्द्ध 1;बपकरू20द्ध43 ;बपकरू22द्ध;बपकरू23द्ध;बपकरू24द्ध
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सं॰ 08/आरोप-01-85/2017-11671/सा॰प्र॰
सामान्य प्रशासन विभाग
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संकल्प
4 अक्तूबर 2021
श्री सुशील कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-683/2011, तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता-सह-जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, खगड़िया के विरूद्ध आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर के पत्रांक 4162 दिनांक 11.09.2017 द्वारा अनुशासनिक कार्रवाई हेतु आरोप पत्र प्राप्त हुआ। आरोप पत्र में श्री कुमार के विरूद्ध खगड़िया जिला अंतर्गत चौथम अंचल के मौजा-बालकुण्डा, थाना-178, रकवा 20 एकड़ भूमि में विस्थापित 400 परिवारों के पुनर्वास हेतु भू-अर्जन की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब करने संबंधी आरोप प्रतिवेदित किया गया।
2. आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर द्वारा प्रतिवेदित आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप पत्र पुनर्गठित करते हुए एवं अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक 12545 दिनांक 18.09.2018 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री कुमार ने अपना स्पष्टीकरण (दिनांक 29.11.2018) समर्पित किया, जिसमें उनके द्वारा आरोपों से इन्कार किया गया। तदुपरांत विभागीय पत्रांक 1179 दिनांक 28.01.2019 द्वारा आयुक्त मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर से श्री कुमार के स्पष्टीकरण पर मंतव्य की मांग की गयी। स्मारोपरांत आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेेर के पत्रांक 2865 दिनांक 18.08.2021 द्वारा श्री कुमार के स्पष्टीकरण पर मंतव्य प्राप्त हुआ, जिसमें जिला पदाधिकारी, खगड़िया के पत्रांक 408/भु0अ0 दिनांक 14.07.2021 द्वारा श्री कुमार के स्पष्टीकरण पर प्रदत्त मंतव्य से आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर द्वारा सहमति व्यक्ति की गयी।
3. तत्पश्चात श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप पत्र, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, खगड़िया/आयुक्त, मुंगेर से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक विचारोपरांत पाया गया कि जिला पदाधिकारी द्वारा श्री कुमार के स्पष्टीकरण पर निम्न मंतव्य दिये गये हैंः- 2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू22द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू24द्ध;बपकरू30द्ध 139/भू0अ0 दिनांक 14.05.2010 द्वारा त्रुटि निराकरण प्रतिवेदन निदेशक भू-अर्जन निदेशालय, बिहार, पटना को भेजा गया।
पुनः निदेशक, भू-अर्जन निदेशालय, बिहार, पटना के पत्रांक 1039/रा0 दिनांक 09.06.2010 द्वारा त्रुटि निराकरण प्रतिवेदन की मांग की गयी। उक्त प्रसंग में अंचलाधिकारी, चौथम से पत्रांक 603 दिनांक 05.06.2010 द्वारा प्रतिवेदन की मांग की गयी, जो कई स्मार के बाद अंचलाधिकारी, चौथम के पत्रांक 585 दिनांक 25.12.2010 द्वारा प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। इस प्रकार तत्कालीन अंचलाधिकारी द्वारा त्रुटि निराकरण प्रतिवेदन देने में लगभग सात माह का विलंब किया गया।
इस कार्यालय के पत्रांक 104/भू0अ0 दिनांक 24.02.2011 द्वारा त्रुटि निराकरण प्रतिवेदन निदेशक, भू-अर्जन निदेशालय, बिहार, पटना को भेजा गया, जो दिनांक 09.05.2011 को अधिसूचना एवं अधिघोषणा की स्वीकृति होकर प्राप्त हुआ। अधिसूचना एवं अधिघोषणा की स्वीकृति के पश्चात स्थानीय समाचार पत्राें एवं जिला गजट में प्रकाशित किया गया। तदोपरांत वर्ष 2011-12 में पुनः आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार, पटना से पूर्व के समान ही मो0 9,43,005 रू0 का आवंटन प्राप्त होने का उल्लेख करते हुए इस कार्यालय के पत्रांक 76/भू0अ0 दिनांक 08.02.2012 द्वारा नियम-07 एवं 17(1) के तहत प्रस्ताव पुराने दर पर स्वीकृति हेतु आयुक्त, मंुंगेर प्रमंडल, मुंगेर को भेजा गया, जबकि बिहार भू-अर्जन पुनस्र्थापन नीति 2007 के ज्ञापांक-15 डी0एल0ए0 नीति (पुनर्वास)-07/06-747/रा0 दिनांक 13.05.2008 के संकल्प कंडिका के आलोक में अवंटन की मांग का प्रस्ताव नए दर के आधार पर ही भेजा जाना था। परन्तु तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी-सह-वरीय उप समाहर्त्ता एवं लिपिक श्री संतोष कुमार द्वारा पुराने दर पर प्राप्त आवंटन के आधार पर ही बिहार भू-अर्जन पुनस्र्थापन नीति 2007 के नियम-7 एवं 17(1) के तहत प्रस्ताव उपस्थापित किया गया था। इससे स्पष्ट है कि समय पर सही राशि की गणना कर मांग नहीं किये जाने के कारण इस परियोजना में अधिक समय लगा।'' 4. अतएव आयुक्त, मुुंगेर प्रमंडल, मुंगेर से प्राप्त मंतव्य के आलोक में श्री सुशील कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-683/2011, तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता-जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, खगड़िया सम्प्रति महाप्रबंधक, बिहार राज्य खाद्य निगम, पटना का स्पष्टीकरण अस्वी—त करते हुए बरती गयी लापरवाही के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-19 के प्रावधानों के तहत नियम-14 में उल्लेखित निम्नांकित दंड अधिरोपित/संसूचित किया जाता है :-
(i) निन्दन (आरोप वर्ष-2015-16) (ii) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि पर रोक ।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित
किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, सरकार के अवर सचिव।
———— ख्;बपकरू3द्धँ;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू17द्ध;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ;बपकरू27द्ध;बपकरू12द्ध म;बपकरू31द्ध ;बपकरू17द्धघ् ;बपकरू12द्ध रुख्;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ः5श्1़ः;बपकरू3द्ध़ए़;बपकरू3द्ध़घ् Website: http://egazette.bih.nic.in