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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 27 October 2021

Published 27 October 2021

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2021-10-27.877
Languages
English, Hindi

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सं॰ 2/आरोप-01-33/2014-9507/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन विभागविभागविभागविभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 26 26 26 26 अगस्तअगस्तअगस्तअगस्त 2021202120212021

श्री अब्दुल हामिद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 687/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, रहुई, नालंदा के विरूद्ध ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 181002 दिनांक 20.03.2014 द्वारा आरोप प्रतिवेदित किया गया। श्री हामिद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप निम्नलिखित है :-

श्री अब्दुल हामिद द्वारा वित्तीय वर्ष 2004-05 एवं 2005-06 में कुल 14 (चौदह) ऐसे परिवारों को इंदिरा आवास की स्वी—ति दी गयी, जिनका नाम बी0पी0एल0 सूची में दर्ज नहीं था। अन्य व्यक्तियों के बी0पी0एल0 क्रमांक पर गैर बी0पी0एल0 परिवारों को इंदिरा आवास की स्वी—ति दी गयी, जिसके कारण कुल 14 (चौदह) बी0पी0एल0 परिवार के लोग इंदिरा आवास से वंचित रह गये। साथ ही सरकार को कुल 329400/- रू0 की आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। विभागीय पत्रांक 14193 दिनांक 15.10.2014 द्वारा श्री हामिद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों पर स्पष्टीकरण किया गया। श्री हामिद द्वारा उक्त के आलोक में अपने पत्रांक 448 दिनांक 28.05.2015 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया, जिसमें श्री हामिद का कहना है कि ''तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, रहुई श्री रमेष सिंह की आकस्मिक मृत्यु के पष्चात वे मात्र लगभग 03 माह (09.10.2004 से 12.01.2005) तक प्रखंड विकास पदाधिकारी, रहुई के प्रभार में थे। संदर्भित उक्त इंदिरा आवास का आवंटन मेरे द्वारा नहीं किया गया है, बल्कि उसका आवंटन तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री रमेष सिंह के द्वारा किया गया था तथा उनके द्वारा प्रथम किस्त की राषि निर्गत की गई थी इसके आवंटन में मेरी कोई भूमिका नहीं है। योजना संख्या-48/04-05, 49/04-05, 61/04-05, 20/04-05, 73/04-05, 14/04-05, 152/04-05 में योजना की स्वी—ति तथा प्रथम किस्त का भुगतान तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा ही किया गया था और इन कुल सात योजनाओं में द्वितीय किस्त की राषि मेरे द्वारा निर्गत की गई है। द्वितीय किस्त की राषि निर्गत करते समय प्रथम किस्त की राषि लाभुकों द्वारा योजना में खर्च की गई है अथवा नहीं के बिन्दु पर जांच की जाती है तथा उसी के आधार पर द्वितीय किस्त की राषि निर्गत की जाती है। प्रथम किस्त की राषि के अनुकूल निर्माण सम्पन्न होने के बाद ही जन सेवक/पंचायत सेवक एवं पर्यवेक्षक तथा कनीय अभियंता से प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद ही मेरे द्वारा द्वितीय किस्त की स्वी—ति दी गई है, जो किसी भी दृष्टि से अनुचित नहीं है। उक्त सातों योजनाओं में लाभार्थियों का नाम BPL सूची में दर्ज है। 2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू23द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू25द्ध;बपकरू31द्ध

उनके द्वारा किसी को भी इंदिरा आवास आवंटित नहीं किया गया है तब गैर BPL को इंदिरा आवास आवंटित करने का आरोप किसी भी दृष्टि से सही नहीं है। जिन 16 गैर BPL लाभुकों को इंदिरा आवास आवंटन करने का आरोप लगाया गया है, वह सत्य से परे है, इन 16 लाभुकों में से मात्र 07 लाभुकों को मेरे द्वारा मात्र द्वितीय किस्त का भुगतान किया गया है, और ये सभी लाभुक BPL श्रेणी के है। शेष 09 लाभुकों को उनके द्वारा कोई भुगतान नहीं किया गया है।'' श्री हामिद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री हामिद के विरूद्ध बिहार विधान सभा की लोक लेखा समिति के समक्ष विचाराधीन सी0ए0जी0 की कंडिका-4.1.10 के अनुपालन वर्ष 2007-10 से संबंधित आरोप है। श्री हामिद द्वारा आरोपों के संबंध में दिये गये स्पष्टीकरण से स्पष्ट है कि उनके कार्य प्रणाली में पर्यवेक्षण का अभाव है। इनके द्वारा 16 लाभुकों में से 07 लाभुकों को द्वितीय किस्त का भुगतान किया गया, किन्तु 09 गैर BPL लाभुकों को जिन्हें पूर्ववती प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा प्रथम किस्त की राषि पूर्व में दी गयी, उनके विरूद्ध जानकारी होने के बाद श्री हामिद द्वारा राषि वसुलने हेतु कोई प्रयास नहीं किया गया। यह जानबूझकर मामला दबाने जैसा —त्य है। श्री हामिद के इस —त्य के कारण सरकार को आर्थिक क्षति हुई है। श्री हामिद का यह —त्य बिहार आचार नियमावली 1965 के नियम-3(1) के संगत प्रावधानों के प्रतिकूल है।

उपर्युक्त वर्णित तथ्याें के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक्‌ विचारोपरान्त श्री हामिद के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए इनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के निन्दन (आरोप वर्ष 2005-06), (ii) अअअअसंचयात्मक प्रभाव से संचयात्मक प्रभाव से संचयात्मक प्रभाव से संचयात्मक प्रभाव से नियम-19(1) के प्रावधान के तहत नियम-14 में अंकित (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2005-06), निन्दन (आरोप वर्ष 2005-06), निन्दन (आरोप वर्ष 2005-06), तीन वेतनवृद्धि पर रोकतीन वेतनवृद्धि पर रोकतीन वेतनवृद्धि पर रोकतीन वेतनवृद्धि पर रोक का दंड अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया।

अतः अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अब्दुल हामिद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 687/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, रहुई, नालंदा को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ निम्नांकित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-

(i) निन्दन (आरोप वर्ष 2005-06),

(ii) असंचयात्मक प्रभाव से तीन वेतनवृद्धि पर रोक।

आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में

प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रचना पाटिलरचना पाटिलरचना पाटिलरचना पाटिल,,,, सरकार के अपर सचिव। ———— ख्;बपकरू3द्धँ;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू17द्ध;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ;बपकरू27द्ध;बपकरू12द्ध म;बपकरू31द्ध ;बपकरू17द्धघ् ;बपकरू12द्ध रुख्;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ः5श्1़ः;बपकरू3द्ध़ए़;बपकरू3द्ध़घ् Website: http://egazette.bih.nic.in
Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 27 October 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2021-10-27.877/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2021-10-27.877.