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ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
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5 ;बपकरू4र्द्ध 1;बपकरू20द्ध43 ;बपकरू23द्ध;बपकरू24द्ध;बपकरू25द्ध
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सं॰ 2/आरोप-01-33/2014-9507/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन विभागविभागविभागविभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 26 26 26 26 अगस्तअगस्तअगस्तअगस्त 2021202120212021
श्री अब्दुल हामिद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 687/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, रहुई, नालंदा के विरूद्ध ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 181002 दिनांक 20.03.2014 द्वारा आरोप प्रतिवेदित किया गया। श्री हामिद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप निम्नलिखित है :-
2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू23द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू25द्ध;बपकरू31द्धउनके द्वारा किसी को भी इंदिरा आवास आवंटित नहीं किया गया है तब गैर BPL को इंदिरा आवास आवंटित करने का आरोप किसी भी दृष्टि से सही नहीं है। जिन 16 गैर BPL लाभुकों को इंदिरा आवास आवंटन करने का आरोप लगाया गया है, वह सत्य से परे है, इन 16 लाभुकों में से मात्र 07 लाभुकों को मेरे द्वारा मात्र द्वितीय किस्त का भुगतान किया गया है, और ये सभी लाभुक BPL श्रेणी के है। शेष 09 लाभुकों को उनके द्वारा कोई भुगतान नहीं किया गया है।'' श्री हामिद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री हामिद के विरूद्ध बिहार विधान सभा की लोक लेखा समिति के समक्ष विचाराधीन सी0ए0जी0 की कंडिका-4.1.10 के अनुपालन वर्ष 2007-10 से संबंधित आरोप है। श्री हामिद द्वारा आरोपों के संबंध में दिये गये स्पष्टीकरण से स्पष्ट है कि उनके कार्य प्रणाली में पर्यवेक्षण का अभाव है। इनके द्वारा 16 लाभुकों में से 07 लाभुकों को द्वितीय किस्त का भुगतान किया गया, किन्तु 09 गैर BPL लाभुकों को जिन्हें पूर्ववती प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा प्रथम किस्त की राषि पूर्व में दी गयी, उनके विरूद्ध जानकारी होने के बाद श्री हामिद द्वारा राषि वसुलने हेतु कोई प्रयास नहीं किया गया। यह जानबूझकर मामला दबाने जैसा —त्य है। श्री हामिद के इस —त्य के कारण सरकार को आर्थिक क्षति हुई है। श्री हामिद का यह —त्य बिहार आचार नियमावली 1965 के नियम-3(1) के संगत प्रावधानों के प्रतिकूल है।
उपर्युक्त वर्णित तथ्याें के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त श्री हामिद के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए इनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के निन्दन (आरोप वर्ष 2005-06), (ii) अअअअसंचयात्मक प्रभाव से संचयात्मक प्रभाव से संचयात्मक प्रभाव से संचयात्मक प्रभाव से नियम-19(1) के प्रावधान के तहत नियम-14 में अंकित (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2005-06), निन्दन (आरोप वर्ष 2005-06), निन्दन (आरोप वर्ष 2005-06), तीन वेतनवृद्धि पर रोकतीन वेतनवृद्धि पर रोकतीन वेतनवृद्धि पर रोकतीन वेतनवृद्धि पर रोक का दंड अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया।
अतः अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अब्दुल हामिद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 687/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, रहुई, नालंदा को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत् निम्नांकित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-