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सं॰ 2/आरोप-01-78/2013-11358/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन विभागविभागविभागविभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 27 सितम्बर27 सितम्बर27 सितम्बर27 सितम्बर 2021202120212021
श्री आलोक कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1223/11, तत्कालीन जिला प्रभारी पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना, मुंगेर-सह-अधीक्षक, मंडल कारा, मुंगेर के विरूद्ध मंडल कारा, मुंगेर में संसीमित बन्दी श्री नवनीत कुमार उर्फ चुन्नु की बेहतर चिकित्सा हेतु सिविल सर्जन, मुंगेर द्वारा पी0एम0सी0एच0 भेजने हेतु अनुषंसा किये जाने के बावजूद श्री कुमार द्वारा एक माह 18 दिन बाद मेडिकल बोर्ड गठित करने हेतु प्रस्ताव भेजे जाने एवं चिकित्सा उपरान्त बन्दी श्री नवनीत कुमार उर्फ चुन्नु के मंडल कारा मुंगेर लौटने के उपरान्त परिवाद-पत्र दिये जाने के कारण उसे धमकाये जाने संबंधी आरोप के लिए कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, गृह विभाग के पत्रांक 5209 दिनांक 21.10.2013 द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर उपलब्ध कराया गया।
श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों पर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 19525 दिनांक 23.12.2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया। उक्त विभागीय कार्यवाही में आयुक्त, मुंंगेर प्रमंंडल, मुंगेर-सह-संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप संख्या-01 को प्रमाणित एवं आरोप संख्या-02 को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
विभागीय पत्रांक 8998 दिनांक 17.08.2021 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध प्रमाणित आरोप के लिए बचाव अभ्यावेदन की मांग की गयी। श्री कुमार के पत्रांक 1387 दिनांक 02.09.2021 पर द्वारा बचाव अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें इनका कहना है कि :-
''इनके द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन ससमय करते हुए अविलम्ब जेल अस्पताल के बंदी नवनीत कुमार के ईलाज से संबंधित मिनट बुक को जेल चिकित्सक द्वारा दिनांक 01.07.2013 को उपस्थापित किए जाने के 24 घंटे के अन्दर ही यानि दिनांक 02.07.2013 को अग्रसारित कर दिया गया, जिसे 05.07.2013 को सदर अस्पताल के उपाधीक्षक द्वारा भी अग्रसारित किया गया। इस तथ्य को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी तथा संचालन पदाधिकारी द्वारा भी अपने प्रतिवेदन में स्वीकार किया गया है। कैदियों को जेल अस्पताल के बाहर सदर अस्पताल में चिकित्सा हेतु भेजे जाने की ही रूटीन प्रक्रिया है, जो इस मामले में भी अविलम्ब किया गया।
जहाँ तक संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदन के अनुसार इस मामले में व्यक्तिगत अभिरूचि दिखाते हुए कर्तव्य निर्वहन का प्रष्न है, इस संबंध में कहना है कि कारा में संसिमित बंदियो के स्वास्थ्य की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सक द्वारा उनका ईलाज किया जाता है एवं गंभीर बंदियों को सदर अस्पताल रेफर किया जाता है। ज्यादा गंभीर2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू23द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू25द्ध;बपकरू31द्ध मामलों में सिविल सर्जन की अनुषंसा के आलोक में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित मेडिकल बोर्ड के अनुषंसा के आलोक में ही बंदी को उच्च चिकित्सा हेतु PMCH या अन्य संस्था में भेजा जाता है। जेल अस्पताल द्वारा कारा में संसीमित बंदी के ईलाज संबंधी मिनट बुक जेल के चिकित्सक तथा परिधापक की कस्टडी में रहता है। इनके तथा उपाधीक्षक, सदर अस्पताल द्वारा मिनट बुक के अग्रेतर कार्रवाई हेतु अग्रसारित किए जाने के बाद उक्त मिनट बुक को सिविल सर्जन, मुंगेर के समक्ष उपस्थापित करने का दायित्व जेल अस्पताल के चिकित्सक एवं कर्मी का था, जो ससमय नहीं किया गया। इसलिए जब दिनांक 19.08.2013 को मामला संज्ञान में आया तब इनके द्वारा व्यक्तिगत अभिरूचि लेते हुए उसी दिन मिनट बुक को सिविल सर्जन के समरूा उपस्थापित करवाया गया। सिविल सर्जन एवं जिला पदाधिकारी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर एवं पत्राचार कर 26.08.2013 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मेडिकल बोर्ड गठित कराते हुए बोर्ड के अनुषंसा के आलोक में बंदी को 27.08.2013 को PMCH भेज दिया गया एवं दिनांक 02.09.2013 को PMCH द्वारा बंदी को स्वस्थ बताते हुए जेल में वापस भेज दिया गया।
साथ ही सिविल सर्जन के समक्ष मिनट बुक के उपस्थापन में हुए विलम्ब के लिए उपाधीक्षक, मंडल कारा, जेल चिकित्सक तथा परिधापक से स्पष्टीकरण पूछा गया एवं प्राप्त स्पष्टीकरण के आलोक में परिधापक के विरूद्ध कार्रवाई की अनुषंसा जिला पदाधिकारी, मुंगेर से की गई, जिसके उपरान्त जिला पदाधिकारी के निदेष पर सिविल सर्जन, मुंगेर द्वारा उक्त परिधापक के विरूद्ध निलम्बन की कार्रवाई की गई। उपरोक्त कार्रवाई इनके द्वारा काराधीक्षक के रूप में अपने प्रषासनिक कर्तव्यों के निर्वहन के क्रम में किया गया न कि कनीय पदाधिकारी/कर्मी पर बेवजह दोषारोपण के लिए किया गया। विदित हो कि बंदी के स्वास्थ्य के ईलाज एवं उनकी बिमारी की गंभीरता के मॉनिटरिंग का कार्य प्राथमिक रूप से जेल अस्पताल के चिकित्सक एवं कर्मी का ही है। जेल अस्पताल में संसीमित दर्जनों बंदियों के स्वास्थ्य की गंभीरता चिकित्सक ही समझ सकता है एवं अगर स्वास्थ्य संबंधी कोई गंभीर मामला है तो चिकित्सक द्वारा तत्काल उपाधीक्षक, कारा एवं काराधीक्षक के संज्ञान में लाना उनका निर्धारित दायित्व है। बिहार कारा हस्तक 2012 के नियम 226, 227, 228 एवं विषेष रूप से नियम 229 में जेल अस्पताल के चिकित्सक/कर्मी के उपरोक्त वर्णित दायित्वों को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है। नियम-228 के अनुसार "The Medical officer shall give all the information about the prisoners being treated in prison hospital to the superintendent." नियम 229 में स्पष्ट रूप से वर्णित है कि "The prison Medical officer shall maintain a minute book wherein he/she shall record his/her own instructions, recommendations etc. regarding treatment of prisoners and other matters relating to food, cleanliness, and categorization of prisoners etc. and would be reported to the Deputy Superintendent/Superintendent for their immediate action. (Refer to Annexure 20 for the format of Minute book of the Medical Officer). In his/her minute book the duties allotted to each of the subordinates viz. compounders/pharmacists, nurses, technicians tec. Shall be specified so that responsibility for mistakes and derelication of duty may be fixed with certainty."
अतः ऐसी स्थिति में मिनट बुक के उपस्थापन में हुए विलम्ब को इनकी कर्तव्यहीनता एवं प्रषासनिक अदक्षता कहा जाना न्यायोचित नहीं होगा।
बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-797(iii) में वर्णित काराधीक्षक के कर्तव्यों का निर्वहन इनके द्वारा नियमित रूप से किया जाता रहा। इनके द्वारा नियमित रूप से जेल के मेस, वार्ड, अस्पताल का नियमित निरीक्षण तथा जेल में संसीमित बंदियों से नियमित साक्षात्कार किया जाता रहा। बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-797(iii) का अधोहस्ताक्षरी द्वारा अनुपालन न किए जाने का कोई आरोप, आरोप-पत्र में संलग्न साक्ष्यों के आधार पर प्रमाणित नहीं होता है।''
श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। समीक्षोपरांत पाया गया कि चिकित्सा पदाधिकारी, मंडल कारा, मुंगेर द्वारा दिनांक 01.07.2013 को मिनट बुक में श्री नवनीत कुमार उर्फ चुन्नु को ईलाज हेतु पी0एम0सी0एच0, पटना भेजने हेतु सिविल सर्जन, मुंगेर द्वारा अधीक्षक, मंडल कारा, मुंगेर को अग्रसारित किया गया, जिस पर अधीक्षक, मंडल कारा, मुंगेर का दिनांक 02.07.2013 का हस्ताक्षर एवं मुहर स्पष्ट रूप से अंकित है। मिनट बुक में सिविल सर्जन, मुंगेर द्वारा दिनांक 19.08.2013 (डेढ़ माह बाद) को अविलम्ब जिला पदाधिकारी से तिथि निर्धारण हेतु कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध अधीक्षक, मंडल कारा, मुंगेर से किया गया।
हुए अपने र्काव्य का निर्वहन किया जाना अपेक्षित था, जो उनके द्वारा नहीं किया गया और न ही मामले को गम्भीरता से लिया गया। इस संबंध में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा क्रिमिनल अपील (DB) No. 708/2011 में दिनांक 26.08.2013 को आदेष पारित किया गया। माननीय उच्च न्यायालय का आदेष निम्नलिखित है :-
"It appears from the statement made by the Jail Superintendent, District Jail,
Munger, that he has been sitting over the recommendation dated 01.07.2013 of the Jail
Doctor for more than one and half months. This conduct of the Jail Superintendent, heart
3;बपकरू4द्ध ;बपकरू23द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू25द्ध;बपकरू31द्ध
surgeries twice and having been recommended for better treatment at the P.M.C.H., in our
opinion, the Jail Superintendent, District Jail, Munger, was required to have taken urgent
steps within a day or two. He having sat over the recommendation of the Jail Doctor for
more than one and half months, there appears dereliction of duty on his part for which
departmental proceeding may be initiated against him by the competent authority and
report submitted to the High Court within two months."
माननीय उच्च न्यायालय के आदेषानुसार श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 19525 दिनांक 23.12.2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा स्पष्टतया श्री कुमार को संसीमित बंदी नवनीत कुमार उर्फ चुन्नु को समुचित चिकित्सीय में लापरवाही बरने का उल्लेख किया गया है। श्री कुमार का यह —त्य बिहार आचार नियमावली, 1976 के नियम-3(1) एवं बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-797(iii) का उल्लंघन है।
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में समीक्षोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकारा द्वारा श्री कुमार के बचाव अभ्यावेदन को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधान के तहत नियम-14 में अंकित (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2013-14), निन्दन (आरोप वर्ष 2013-14), (ii) असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक का निन्दन (आरोप वर्ष 2013-14), निन्दन (आरोप वर्ष 2013-14), दंड अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया।
अतः अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री आलोक कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1223/11, तत्कालीन जिला प्रभारी पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना, मुंगेर-सह-अधीक्षक, मंडल कारा, मुंगेर के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधान के तहत नियम-14 में अंकित निम्नलिखित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-
(i) निन्दन (आरोप वर्ष 2013-14), निन्दन (आरोप वर्ष 2013-14), निन्दन (आरोप वर्ष 2013-14), निन्दन (आरोप वर्ष 2013-14), (ii) असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक।असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक।असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक।असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक। आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेष :-आदेष :-आदेष :-आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, बिहार-राज्यपाल के आदेष से, बिहार-राज्यपाल के आदेष से, बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रचना पाटिल,रचना पाटिल,रचना पाटिल,रचना पाटिल, सरकार के अपर ससिरकार के अपर ससिरकार के अपर ससिरकार के अपर सचिव।चव।चव।चव।
———— ख्;बपकरू3द्धँ;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू17द्ध;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू6द्ध ;बपकरू12द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ;बपकरू27द्ध;बपकरू12द्ध म;बपकरू31द्ध ;बपकरू17द्धघ् ;बपकरू12द्ध रुख्;बपकरू12द्ध;बपकरू12द्ध ः5श्1़ः;बपकरू3द्ध़ए़;बपकरू3द्ध़घ् Website: http://egazette.bih.nic.in