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सं॰ 2/आरोप-01-05/2014-10446/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन सामान्य प्रशासन विभागविभागविभागविभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 14 सितम्बर 214 सितम्बर 214 सितम्बर 214 सितम्बर 2021021021021
श्री अरविन्द कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 691/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, धनबाद के विरूद्ध गलत जाति प्रमाण-पत्र निर्गत करने संबंधी आरोप के लिए कार्मिक, प्रषासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड के पत्रांक 11590 (अनु0) दिनांक 03.12.2013 द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' उपलब्ध कराया गया।
श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप के लिए विभागीय पत्रांक 14526 दिनांक 16.11.2017 द्वारा स्पष्टीकरण की गयी। श्री कुमार के पत्रांक 96/अभि0 दिनांक 10.02.2018 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया, जिसमें श्री कुमार का कहना है कि :-
''श्री सूर्यमणि आचार्य, पिता श्री हरेन्द्र प्रसाद पंडित, ग्राम-वृंदावन (साबलपुर) कस्तुरबा आश्रम, सरायढेला, धनबाद के नाम से गलत निर्गत लोहरा जाति के प्रमाण-पत्र के संबंध में कहना है कि कार्यालय द्वारा जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने के पूर्व आवेदक द्वारा दाखिल आवेदन की जाँच संबंधित पंचायत सेवक एवं संबंधित पर्यवेक्षकीय पदाधिकारी से करायी जाती थी। अनुषंसित जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर ही कार्यालय के द्वारा जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया थी। निर्गत जाति प्रमाण पत्र की फोटो प्रति के अवलोकन से प्रतीत होता है कि श्री आचार्य के पिता का नाम श्री हरेन्द्र प्रसाद पंडित है, जो अनुसूचित जन जाति के अंतर्गत नहीं होने का सूचक है। ऐसी भी संभावना प्रतीत होती है कि कार्यालय द्वारा निर्गत जाति प्रमाण पत्र में श्री आचार्य के द्वारा जालसाजी कर उपस्थापित किया गया हो। ऐसी परिस्थिति में इसका सत्यापन पंचायत सेवक एवं पर्यवेक्षकीय पदाधिकारी द्वारा समर्पित अनुषंसित जाँच प्रतिवेदन से ही किया जा सकता है। साथ ही अगर प्रमाण पत्र कार्यालय से र्निगत किया गया है तो इसका सत्यापन भी जाति प्रमाण पत्र निर्गत पंजी से हो सकता है, चूँकि यह प्रमाण पत्र 21 (इक्कीस) वर्ष पूर्व निर्गत है, जो मुझे स्मरण में नहीं है।'' 2 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू23द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू25द्ध;बपकरू31द्ध सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड, राँची द्वारा श्री आचार्य को संकल्प ज्ञापांक 6003 दिनांक 04.07.2013 द्वारा सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
श्री कुमार के द्वारा अपने स्पष्टीकरण में आरोपों से इंकार किया गया है। इस संबंध में तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, धनबाद द्वारा निर्गत पत्र के अनुसार श्री आचार्य को जाति प्रमाण-पत्र निर्गत अवधि में श्री अरविन्द कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, धनबाद के पद पर दिनांक 22.04.1994 से दिनांक 13.07.1995 तक कार्यरत थे। स्पष्टतया श्री कुमार वर्ष 1994 में प्रखंड विकास पदाधिकारी, धनबाद के पद पर पदस्थापित थेे एवं संबंधित जाति प्रमाण-पत्र संख्या 459 दिनांक 09.05.1994 उनके द्वारा निर्गत है। इस प्रकार गलत तरीके से लोहरा जाति (अनुसूचित जन जाति) का जाति प्रमाण-पत्र निर्गत करने में श्री कुमार की सहभागिता परिलक्षित होती है।
निर्गत गलत जाति प्रमाण पत्र के आधार पर ही श्री सूर्यमणि आचार्य को झारखंड सरकार द्वारा सेवा से बर्खास्त किया जाना, इस आरोप को सम्पुष्ट करता है। श्री कुमार का यह —त्य बिहार आचार नियमावली, 1976 के नियम-3(1) के संगत प्रावधानों के प्रतिकूल है।
समीक्षोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकारा द्वार श्री कुमार के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-19(1) प्रावधान के तहत नियम-14 में (i) निन्दन निन्दन निन्दन निन्दन (आरोप वर्ष 1994-95), (ii) असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक का दंड अधिरोपित किये जाने का निर्णय (आरोप वर्ष 1994-95), (आरोप वर्ष 1994-95), (आरोप वर्ष 1994-95), लिया गया।
अतः अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अरविन्द कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 691/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, धनबाद के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-19(1) प्रावधान के तहत नियम-14 में अंकित निम्नलिखित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-
(i) निन्दन (आरोप वर्ष 1994-95), निन्दन (आरोप वर्ष 1994-95), निन्दन (आरोप वर्ष 1994-95), निन्दन (आरोप वर्ष 1994-95), (ii) असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक।असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक।असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक।असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक। आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेष :-आदेष :-आदेष :-आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।जाय।जाय।जाय। प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, बिहार-राज्यपाल के आदेष से, बिहार-राज्यपाल के आदेष से, बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रचना पाटिलरचना पाटिलरचना पाटिलरचना पाटिल,,,, सरकार के अपसरकार के अपसरकार के अपसरकार के अपर सचिव।र सचिव।र सचिव।र सचिव।
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