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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 18 November 2021

Published 18 November 2021

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2021-11-18.948
Languages
English, Hindi

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सामान्य प्रषासनसामान्य प्रषासनसामान्य प्रषासनसामान्य प्रषासन विभागविभागविभागविभाग

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श्री राकेश रंजन, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 1226/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, घोषी, (जहानाबाद) सम्प्रति भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सिकरहना (पूर्वी चम्पारण) के विरूद्व उनके पदस्थापन अवधि (दिनांक-02.03.2009 से दिनांक-09.11.2009) में पंचायतों का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण नहीं करने, अपने दायित्वों के निवर्हन में लापरवाही बरतने संबंधी आरोपोें के लिए जिला पदाधिकारी, जहानाबाद से अरोप पत्र प्राप्त हुआ। प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर इस विभाग के स्तर से आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरान्त श्री रंजन से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। स्मारोपरान्त स्पष्टीकरण अप्राप्त रहने की स्थिति में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-578 दिनांक-13.01.2021 द्वारा श्री रंजन के विरूद्व विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें संचालन पदाधिकारी के रूप में आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया को नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया के पत्रांक-1680, दिनांक- 01.06.2021 से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में आरोपी पदाधिकारी का प्रखंड विकास पदाधिकारी, घोषी के रूप में 9 माह का अल्प कार्यकाल और उस बीच चुनाव आदि में उनकी भूमिका का सफलतापूर्वक निर्वहन, नौकरी का प्रथम पदस्थापन होना तथा पंचायत में अनियमितता संबंधी कोई विशिष्ट मामला आरोपी पदाधिकारी के संज्ञान में आने का कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं होने के कारण आरोपी पदाधिकारी के ऊपर लगाये गये आरोप को परिस्थितिजन्य मानते हुए अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि पंचायतों में चल रही योजनाओं के पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण किये जाने के दायित्वों से श्री रंजन को मुक्त नहीं किया जा सकता है। इन बिन्दुओं पर संचालन पदाधिकारी के जांच प्रतिवेदन से असहमत 2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध 1;बपकरू30द्ध रु 2;बपकरू25द्ध21

होते हुए असहमति के बिन्दुओं पर विभागीय पत्रांक-8500 दिनांक-09.08.2021 द्वारा श्री रंजन से लिखित अभिकथन की मांग की गयी।

श्री रंजन द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन में बताया गया है कि योजनाओं के पर्यवेक्षण और निरीक्षण का दायित्व उनके द्वारा निभाया गया है। प्रस्तुत मामले में केवल एक पंचायत की कुछ योजनाओं में पदस्थापन के लगभग 9-10 साल बाद की गयी जांच में केवल पदस्थापन कार्यकाल के विन्दु पर दोष अधिरोपित किया गया है, जबकि इस नौकरी के प्रथम पदस्थापन में एक लोक सभा चुनाव, एक विधान सभा उप चुनाव एवं एक पैक्स चुनाव सम्पन्न हुआ। उनके द्वारा बताया गया है कि उनकी पदस्थापन अवधि मात्र लगभग 9 माह की थी। इस दौरान आदर्श आचार संहिता पूरे प्रखंड में लागू रहने के कारण किसी भी नयी योजना को लाने पर रोक थी। इस प्रकार श्री रंजन द्वारा स्वयं पर लगे आरोपों का प्रतिवाद किया गया है।

श्री रंजन के विरूद्व प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं जांच प्रतिवेदन से असहमति के बिन्दु पर श्री रंजन द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री रंजन द्वारा घोषी प्रखंड के अन्तर्गत चल रही योजनाओं के पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण करने तथा पंचायत सचिवों पर नियंत्रण रखने के दायित्व का सम्यक निर्वहन नहीं किया गया है। इस प्रकार श्री रंजन से प्राप्त बचाव-बयान को संतोषप्रद नहीं मानते हुए श्री रंजन की एक वेतनवृद्वि असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्वि असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्वि असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्वि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्व रखने तथा निदंनअवरूद्व रखने तथा निदंनअवरूद्व रखने तथा निदंनअवरूद्व रखने तथा निदंन की शास्ति अधिरोपण का निर्णय लिया गया है।

श्री राकेश रंजन, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 1226/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, घोषी, (जहानाबाद) सम्प्रति भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सिकरहना (पूर्वी चम्पारण) के विरूद्व बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 यथासंशोधित के नियम-14 के अन्तर्गत (1) निदंन (आरोप वर्ष-2009) (2) एक वेतनवृद्वि असंचयात्मक प्रभाव से रोके जाने का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। एक वेतनवृद्वि असंचयात्मक प्रभाव से रोके जाने का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। एक वेतनवृद्वि असंचयात्मक प्रभाव से रोके जाने का एक वेतनवृद्वि असंचयात्मक प्रभाव से रोके जाने का आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,जय शंकर प्रसादजय शंकर प्रसादजय शंकर प्रसादजय शंकर प्रसाद,,,, सरकार के संयुक्त सचिव। ———— ख्-ँ;बपकरू31द्ध ;बपकरू14द्ध;बपकरू4द्ध ए.;बपकरू4द्ध;बपकरू31द्ध ;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू31द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू14द्ध म;बपकरू27द्ध ए;बपकरू1द्ध.घ् ;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू24द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू26द्ध ;बपकरू21द्ध4;बपकरू30द्ध15;बपकरू18द्ध1़1;बपकरू25द्ध1-;बपकरू25द्ध5;बपकरू25द्ध-;बपकरू25द्ध Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 18 November 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2021-11-18.948/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2021-11-18.948.