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सामान्य प्रषासनसामान्य प्रषासनसामान्य प्रषासनसामान्य प्रषासन विभागविभागविभागविभाग ———— अध्सिूचना 29292929 आक्तूबरआक्तूबरआक्तूबरआक्तूबर 2021202120212021
सं॰ 8/आरोप-01-45/2016सा0प्र0 12880128801288012880-श्री संजय कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-995/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, शेरघाटी, गया के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, गया के पत्रांक-1224 दिनांक 18.02.2017 द्वारा बिना अनुमति के मुख्यालय से अनुपस्थिति रहने के —त्य में उनकी स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता तथा वरीय पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना से संबंधित आरोप पत्र अनुशासनिक कार्रवाई हेतु प्राप्त हुआ।
उक्त प्रतिवेदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-4804 दिनांक 24.04.2017 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। उक्त के आलोक में श्री कुमार का स्पष्टीकरण (पत्रांक-1715 दिनांक 31.10. 2018) प्राप्त हुआ। श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक-1226 दिनांक 23.01.2019 द्वारा जिला पदाधिकारी, गया से मंतव्य की माँग की गयी। जिला पदाधिकारी, गया के पत्रांक-7172 दिनांक 26.09.2019 द्वारा मंतव्य प्राप्त हुआ, जिसमें श्री कुमार के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं बताया गया।
श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप पत्र, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, गया से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत मामले की गम्भीरता को देखते हुए संकल्प ज्ञापांक-32 दिनांक 03.01.2020 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ किया गया। 2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध 1रु 2;बपकरू25द्ध21 समीक्षोपरांत ही संचालन पदाधिकारी द्वारा मंतव्य दिया गया है कि आरोपी पदाधिकारी के पिताजी का चिकित्सकीय प्रमाण पत्र एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि आरोपित पदाधिकारी का तत्समय बिना अवकाश स्वी—ति के प्रस्थान करना परिस्थितिजन्य था। हालाँकि उन्हें अवकाश में जाने से पूर्व जिला पदाधिकारी से मिल कर अथवा दूरभाष से सम्पर्क कर आकस्मिक परिस्थितियों से जिला पदाधिकारी, गया को अवगत कराकर अवकाश स्वी—त करा लेनी चाहिए थी।
उपर्युक्त अंशतः प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7759 दिनांक 29.07.2021 द्वारा श्री कुमार को निम्नांकित दंड संसूचित किया गया :-
(i) निन्दन (आरोप वर्ष-2016-17) (ii) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि पर रोक।
उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री कुमार द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन (दिनांक 14.09.2021) समर्पित किया गया, जिसकी समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर गयी एवं पाया गया कि श्री कुमार द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में जिन सारी बातों का उल्लेख किया गया है उन बातों का उल्लेख उनके द्वारा पूर्व समर्पित स्पष्टीकरण/संचालन पदाधिकारी समक्ष समर्पित बचाव बयान में भी किया गया था। जिसके समीक्षोपरांत ही उन्हें दंड संसूचित किया गया है। उनके द्वारा किसी ऐसे तथ्य का उल्लेख नहीं किया गया जिसपर विचार किया जा सके।
उपुर्यक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री संजय कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-995/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, शेरघाटी, गया सम्प्रति भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, मसौढ़ी द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन अस्वी—त करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7759 दिनांक 29.07.2021 द्वारा संसूचित पूर्ववतः दंड यथा (i) निन्दन (आरोप वर्ष-2016-17) एवं (ii) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि पर रोक बरकरार रखा जाता है। ै कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में त्र के अगले असाधारण अंक में त्र के अगले असाधारण अंक में त्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशः-आदेश दिया जाता हआदेशः-आदेश दिया जाता हआदेशः-आदेश दिया जाता हआदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजप ै कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजप ै कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजप
जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।