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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 01 December 2021

Published 01 December 2021

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2021-12-01.44
Languages
English, Hindi

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निबंधन संख्या पी0टी0-40

बिहार गजट

बिहार सरकार }kjk प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, inLFkkiu, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं। 2-8 भाग-1-क—Lo;alsod xqYeksa के समादे"Vkओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और eq[rkjh परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-jkT;iky और dk;kZ/;{kksa द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। ---

भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और mPp U;k;ky; के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और jkT; गजटों के उ(cid:7373)रण।

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भाग-4—बिहार अधिनियम ---

विषय-सूची i`"B

i`"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:LFkkपित विधेयक,उDr विधान मंडल में उपLFkkपित या उपLFkkपित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और mDr विधान मंडल में पुर:LFkkपन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की T;ss"B अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:LFkkfir विधेयक, संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:LFkkiu के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---

भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, U;k;ky; सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं bR;kfnA 9-46 पूरक

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पूरक-क 47-472 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 भाग-1 नियुक्ति, inLFkkiu] बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं।

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वाणिज्य-कर विभाग

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अधिसूचना

22 नवम्बर 2021

सं0 6/वि0पत्रा0-24-12/2020(खण्ड-1) 2353/वा0 कर--बिहार वित्त सेवा के श्री शशि शेखर सिंह, राज्य-कर संयुक्त आयुक्त का महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा), बिहार विकास मिशन, पटना के पद पर प्रतिनियुक्ति की अवधि वाणिज्य-कर विभाग के पत्रांक-1492, दिनांक 16.05.2019 एवं अधिसूचना संख्या-2153 दिनांक 26.11.2020 के क्रम में दिनांक 31.03.2022 तक के लिये विस्तारित की जाती है। 2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अरूण कुमार मिश्रा, विशेष सचिव।

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गन्ना उद्योग विभाग

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अधिसूचना

18 नवम्बर 2021

सं॰ 01/स्था0-राज0-206/2019/ग॰उ॰वि॰.-1848--बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 60वी॰ से 62वी॰ संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर बिहार ईख सेवा में नियुक्ति हेतु अनुषंसित एवं विद्वान महाधिवक्ता के परामर्ष के आलोक में श्री राहुल कुमार, पिता-श्री मणिभूषण प्रसाद, वार्ड संख्या-10, ग्रामपो॰-फुलवरियाँ, थाना-ढ़ाका, जिला-पूर्वी चम्पारण, बिहार-845204/संयुक्त मेधा क्रमांक-284, अनुक्रमांक-254459/आरक्षण कोटि-05 (पिछड़ा वर्ग) को अधोलिखित षर्तो के अधीन पे मेट्रिक्स लेवल-9 (मो0 53,100-1,67,800) में (राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत अनुमान्य भत्तों के साथ) औपबंधिक रूप से बिहार ईख सेवा अंतर्गत ईख पदाधिकारी के पद पर योगदान की तिथि से परीक्ष्यमान ईख पदाधिकारी के रूप में नियुक्त करते हुए इन्हें अगले आदेष तक ईख पदाधिकारी, पूर्णियाँ के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

2. श्री राहुल कुमार, ईख पदाधिकारी, पूर्णियाँ की परीक्ष्यमान अवधि 02 वर्षों की होगी। परीक्ष्यमान अवधि अंतर्गत एक वर्ष का प्रषिक्षण प्राप्त करेंगे, जिसमें तीन माह बिहार लोक प्रषासन एवं प्रषिक्षण संस्थान, पटना में, तीन माह क्षेत्रीय कार्यालयों एवं मुख्यालयों में तथा छः माह एस॰आर॰आई॰, पूसा/आई॰आई॰एस॰आर॰, लखनऊ एवं एन॰एस॰आई॰, कानपुर अथवा अन्य मानक संस्थानों में प्रषिक्षण प्राप्त करेंगे तथा दो सप्ताह का कोषागार प्रषिक्षण, कोषागार पदाधिकारी, पूर्णियाँ के अधीन प्राप्त करेंगे। इस हेतु अलग से आदेष निर्गत किया जायेगा।

3. श्री राहुल कुमार, नवनियुक्त ईख पदाधिकारी क्षेत्रीय/जिला स्तरीय प्रषिक्षण श्री वेदव्रत कुमार, ईख पदाधिकारी, समस्तीपुर-सह-विषेष ईख पदाधिकारी, पटना के अधीन प्राप्त करेंगे।

4. श्री राहुल कुमार द्वारा समर्पित षैक्षणिक प्रमाण-पत्र एवं अन्य प्रमाण-पत्रों के संबंधित बोर्ड/संस्था से सत्यापन के क्रम में यदि कोई प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होता है, तब इन की सेवा तत्काल के प्रभाव से रद्‌द कर दी जायेगी एवं उनके विरूद्ध आवष्यक विधि सम्मत कार्रवाई की जा सकेगी।

5. वित्त विभाग, बिहार, पटना के संकल्प संख्या-1964, दिनांक-21.08.2005 एवं पत्रांक-768 पे॰को॰ दिनांक 03.07.2007 के अनुसार इन पर नई अंषदायी पेंषन योजना लागू होगा।

6. श्री राहुल कुमार, सामान्य प्रषासन विभाग (पूर्व में कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग) द्वारा निर्गत संकल्प संख्या-1919, दिनांक-18.01.1976 के अनुपालन में दहेज न लेने/न देने संबंधी घोषणा पत्र योगदान/प्रभार ग्रहण करते समय अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करेंगे।

7. अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 15 दिनों के अन्दर नवनियुक्त ईख पदाधिकारी आवंटित कार्यालय में अपना योगदान समर्पित करते हुए प्रभार प्रतिवेदन के साथ विभाग को सूचित करेंगे। अन्यथा यह समझा जायेगा कि योगदान करने के इच्छुक नहीं है और ऐसी स्थिति मे ंउनकी नियुक्ति स्वतः रद्‌द समझी जायेगी।

8. नवनियुक्त ईख पदाधिकारी को योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना आवष्यक होगा।3 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 9. वैसे अभ्यर्थी जो पूर्व से किसी नियोक्ता के अंतर्गत सेवारत है, योगदान के समय विरमन पत्र प्रस्तुत करेंगे। अभ्यर्थी को अन्य सेवा से त्याग पत्र देने की स्थिति में सक्षम प्राधिकार द्वारा त्याग पत्र स्वीकृृति से संबंधित पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

10. नवनियुक्त ईख पदाधिकारी को नियुक्ति पत्र प्राप्त करने/योगदान देने हेतु पदस्थापित स्थान पर आने-जाने के लिए कोई भत्ता देय नहीं होगा।

11. प्रस्ताव पर सरकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, पूनम कुमारी, उप सचिव।

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(cid:356)ामीण कवािस कवभाग

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अधिसूचनाएं

22 नवम्बर 2021

सं0 (cid:356)ा0वि0-14(द0) दर0-04/2020-637500--(cid:373)ी सुधीर कु मार, (cid:356)ामीण विकास पदाधिकारी-सह- (cid:366)भारी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, हनुमाननगर, दरभंगा के वि(cid:349)(cid:544) (cid:366)धान मं(cid:361)ी आवास योजना ((cid:356)ामीण) लोहिया स्वच्छता अभियान योजना एवं मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना अंतग(cid:330)त हर घर नल का योजना के तहत लंबित काय(cid:344) की (cid:366)गति म(cid:336) अभि(cid:349)चि नही ं लेने/लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता के कारण असंतोषजनक (cid:366)गति के आरोप म(cid:336) जिला पदाधिकारी, दरभंगा के प(cid:361)ांक-323/जि0(cid:356)ा0 दिनांक-27.02.2020 के (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) प्राप्त (cid:352)आ।

उक्त आरोप प(cid:361) म(cid:336) वणि(cid:330)त आरोपों पर (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा समपि(cid:330)त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरान्त विभागीय अधिसूचना (cid:466)ापांक 472938 दिनांक-25.06.2021 (cid:554)ारा चेतावनी का दं ड अधिरोपित किया गया ।

उक्त दंड के वि(cid:349)(cid:544) (cid:373)ी कु मार (cid:554)ारा (cid:366)खंड काया(cid:330)लय हनुमाननगर, दरभंगा के प(cid:361)ांक- 904 दिनांक 17.07.2021 से पुनवि(cid:330)लोकन अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया। विभाग (cid:554)ारा पुनवि(cid:330)लोकन अभ्यावेदन की समी(cid:407)ा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि (cid:373)ी कु मार के पुनवि(cid:330)लोकन अभ्यावेदन म(cid:336) कोई भी नया तथ्य अंकित नही ं किया गया है।

अत: समीक्षोपरान्त (cid:373)ी कु मार के पुनवि(cid:330)लोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते (cid:352)ए इस मामले को संचिकास्त किया जाता है।

उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, बालामु(cid:349)गन डी0, सचिव।

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24 नवम्बर 2021

सं0 (cid:356)ा0वि0-14(कोशी)मधेपुरा-03/2018-640022--(cid:373)ी नवीन कु मार सिन्हा, तत्कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, कु मारखंड, मधेपुरा सम्प्रति सेवा निवृत के वि(cid:349)(cid:544) (cid:366)धानमं(cid:361)ी आवास योजना ((cid:356)ामीण), इंदिरा आवास योजना की राशि ऐसे लाभुकों को दिये जाना जिन्हें पूव(cid:330) म(cid:336) आवास योजना का लाभ प्राप्त है एवं (cid:366)धानमं(cid:361)ी आवास योजना ((cid:356)ामीण), इंदिरा आवास योजना का काय(cid:330) माग(cid:330)दशि(cid:330)का के विपरीत करने इत्यादि आरोपों के लिए जिला पदाधिकारी, मधेपुरा के प(cid:361)ांक 1993 दिनांक 03.07.2018 (cid:554)ारा इनके वि(cid:349)(cid:544) आरोप प(cid:361) उपलब्ध कराया गया। प्राप्त आरोप प(cid:361) पर विभागीय (cid:466)ापांक 386181 दिनांक 28.08.2018 के (cid:554)ारा स्पष्टीकरण की मॉंग की गयी। (cid:366)खंड काया(cid:330)लय, कु मारखंड, मधेपुरा के प(cid:361)ांक 2284-2 दिनांक 26.12.2018 के (cid:554)ारा स्पष्टीकरण प्राप्त है।

(cid:373)ी नवीन कु मार सिन्हा के वि(cid:349)(cid:544) आरोप प(cid:361) म(cid:336) गठित आरोप, आरोपित पदाधिकारी (cid:554)ारा समपि(cid:330)त स्पष्टीकरण की समी(cid:407)ा विभाग (cid:554)ारा की गयी। समीक्षोपरान्त आरोप की वृहत् जॉंच हेतु (cid:373)ी नवीन कु मार सिन्हा के वि(cid:349)(cid:544) विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित करने का निण(cid:330)य लिया गया ।

ुपरा को निदे श दिया जाता है।

(cid:373)ी नवीन कु मार सिन्हा के वि(cid:349)(cid:544) विभागीय काय(cid:330)वाही संचालित करने हेतु (cid:373)ी सत्येन्द्र (cid:366)साद, विशेष काय(cid:330) पदाधिकारी, (cid:356)ामीण विकास विभाग, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है एवं उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त करने हेतु जिला पदाधिकारी, मधे4 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 तदनुसार एतद् (cid:554)ारा (cid:373)ी नवीन कु मार सिन्हा को आदेश दिया जाता है कि अधिसूचना प्राप्त होने पर संचालन पदाधिकारी के सम(cid:407) उप(cid:304)(cid:830)थत होकर जैसा कि संचालन पदाधिकारी आदेश द(cid:336) अपना स्पष्टीकरण/ लि(cid:304)खत बचाव बयान (साक्ष्य सहित) उनके सम(cid:407) प्रस्तुत कर(cid:336) गे।

विभागीय काय(cid:330)वाही के संचालन के प्रस्ताव म(cid:336) स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का आदेश प्राप्त है।

आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:349)गन डी0, सचिव।

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24 नवम्बर 2021

सं0 (cid:356)ा0वि0-14(पटना)बक्सर-02/2018-640029--(cid:373)ी भगवान झा, तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, (cid:368)(cid:742)पुर, बक्सर के वि(cid:349)(cid:544) जिला पदाधिकारी, बक्सर के प(cid:361)ांक-394/अभि0 दिनांक- 28.04.2018 (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) प्राप्त (cid:352)आ । उक्त आरोप प(cid:361) म(cid:336) वणि(cid:330)त आरोपों पर (cid:373)ी भगवान झा (cid:554)ारा समपि(cid:330)त स्पष्टीकरण के समी(cid:407)ोपरांत विभागीय अधिसूचना (cid:466)ापांक 471434 दिनांक 23.06.2021 (cid:554)ारा 'असंचयात्मक (cid:366)भाव से एक वेतन वृ(cid:304)(cid:544) अव(cid:349)(cid:544) करने' का दं ड अधिरोपित किया गया है।

उक्त दंड के वि(cid:349)(cid:544) (cid:373)ी झा (cid:554)ारा काया(cid:330)लय (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, बहेड़ी, दरभंगा के प(cid:361)ांक- 1240 दिनांक-05.07.2021 से पुनवि(cid:330)चार अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया । विभाग (cid:554)ारा पुनवि(cid:330)चार अभ्यावेदन की समी(cid:407)ा की गयी । समी(cid:407)ोपरांत पाया गया कि (cid:373)ी झा के पुनवि(cid:330)चार अभ्यावेदन म(cid:336) कोई भी नया तथ्य अंकित नही ं किया गया है ।

अत: समी(cid:407)ोपरांत (cid:373)ी झा के पुनवि(cid:330)चार अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते (cid:352)ये इस मामले को संचिकास्त किया जाता है ।

उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:349)गन डी0, सचिव।

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24 नवम्बर 2021

सं0 (cid:356)ा0वि0-14(ति0)वै0-03/2019-640038--(cid:373)ी राधा रमण मुरारी, तत्कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, लालगंज, वैशाली के वि(cid:349)(cid:544) वरीय पदाधिका(cid:303)रयों के निदे श की अवहेलना, राशनकाड(cid:330) आवेदनों का कोई लेखा-जोखा (cid:366)खंड काया(cid:330)लय म(cid:336) संधा(cid:303)रत नही ं करना, सरकारी मोबाईल बंद रखना, राष्ट्रीय खा(cid:552) सुर(cid:407)ा अधिनियम के अंतग(cid:330)त आर0टी0पी0एस0 काउंटर पर प्राप्त आवेदनों की संख्या लंबित होने के बावजूद आवेदनों के निष्पादन म(cid:336) कोई सकारात्मक (cid:366)यास नही ं करने तथा स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार की अनुमति प्राप्त किये बिना एवं सूचना दिये बिना (cid:373)ावणी मेला की महत्वपूर्ण अवधि म(cid:336) मुख्यालय से बाहर रहने, कर्तव्यहीनता, शिथिलता करने आदि आरोपों पर जिला पदाधिकारी, वैशाली के प(cid:361)ांक-753 दिनांक-30.08.2019 एवं प(cid:361)ांक 77 दिनांक- 15.01.2019 के (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) प्राप्त है ।

उक्त (cid:366)तिवेदित आरोपों पर विभागीय (cid:466)ापांक-445508 दिनांक-30.10.2019 एवं (cid:466)ापांक- 415077 दिनांक-05.03.2019 (cid:554)ारा (cid:373)ी मुरारी से स्पष्टीकरण की मांग की गयी सम्प्रति स्पष्टीकरण अप्राप्त है । (cid:373)ी कु मार के वि(cid:349)(cid:544) जिला पदाधिकारी से (cid:366)तिवेदित आरोपो की समी(cid:407)ा विभाग (cid:554)ारा की गयी । समी(cid:407)ोपरांत यह पाया गया कि (cid:373)ी मुरारी का आचरण सरकारी पदाधिकारी के आचरण के (cid:366)तिकू ल एवं स्वेच्छाचारिता को दशा(cid:330)ता है ।

अत: सम्यक विचारोपरांत (cid:373)ी राधा रमण मुरारी, तत्कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, लालगंज, वैशाली सम्प्रति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, बाबूबरही, मधुबनी के वि(cid:349)(cid:544) उच्चाधिकारी के आदेश की अवहेलना एवं सरकारी सेवक आचार नियमावली के (cid:366)तिकू ल काय(cid:330) करने के लिए ''असंचयात्मक (cid:366)भाव से दो वेतन वृ(cid:304)(cid:544) अव(cid:349)(cid:544) करने का दंड'' अधिरोपित किया जाता है।

आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ी राधा रमण मुरारी के चा(cid:303)र(cid:361)ी पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दं ड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय। उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।5 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:349)गन डी0, सचिव।

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24 नवम्बर 2021

सं0 (cid:356)ा0वि0-14(पटना)पटना-02/2019-640047--(cid:373)ीमती निवेदिता, तत्कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, पुनपुन, पटना के वि(cid:349)(cid:544) कर्तव्यहीनता, अनुशासनहीनता, अकर्मण्यता, उदासीनता एवं उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना आदि आरोपों पर जिला पदाधिकारी, पटना के प(cid:361)ांक-618 दिनांक- 13.06.2019 (cid:554)ारा आरोप प(cid:361) प्राप्त है।

उक्त (cid:366)तिवेदित आरोपों पर (cid:373)ीमती निवेदिता से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। (cid:373)ीमती निवेदिता के (cid:554)ारा स्पष्ट किया गया है कि पी0एम0ए0वाई0 की समी(cid:407)ा करने पर वित्तीय वष(cid:330) 2016-17 एवं 2017-18 म(cid:336) कु ल लक्ष्य 2671 निधा(cid:330)(cid:303)रत किया गया था एवं 1618 स्वीकृत किया गया था एवं जिलावार (cid:366)थम किस्त म(cid:336) पुनपुन (cid:366)खंड का र(cid:339) क पटना के 23 (cid:366)खंडों म(cid:336) से सातवां स्थान पर था, जो मेरे अथक (cid:366)यास से (cid:352)आ। पी0एम0ए0वाई0 की (िcid:554)तीय किस्त की राशि म(cid:336) पुनपुन (cid:366)खंड 23 (cid:366)खंडों म(cid:336) से 19 र(cid:339) क पर था जिसके कारण पूव(cid:330) म(cid:336) भी पुनपुन (cid:366)खंड काफी पीछे रहता आ रहा था लेकिन मेरे (cid:554)ारा लगातार इसम(cid:336) सुधार का (cid:366)यास किया जा रहा था ।

(cid:373)ीमती निवेदिता के वि(cid:349)(cid:544) जिला पदाधिकारी से (cid:366)तिवेदित आरोप एवं स्पष्टीकरण की समी(cid:407)ा विभाग (cid:554)ारा की गयी। समी(cid:407)ोपरांत यह पाया गया कि (cid:373)ीमती निवेदिता के (cid:554)ारा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना किया गया है । इनके (cid:554)ारा काय(cid:330) सम्पादन के दौरान कर्तव्यहीनता, अनुशासनहीनता, अकर्मण्यता एवं उदासीनता बरती गयी है ।

अत: सम्यक विचारोपरांत (cid:373)ीमती निवेदिता, तत्कालीन (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, पुनपुन, पटना सम्प्रति (cid:366)खंड विकास पदाधिकारी, राजनगर, मधुबनी को ''असंचयात्मक (cid:366)भाव से एक वेतन वृ(cid:304)(cid:544) अव(cid:349)(cid:544) करने का दंड'' अधिरोपित किया जाता है।

आदेश दिया जाता है कि (cid:373)ीमती निवेदिता के चा(cid:303)र(cid:361)ी पु(cid:304)(cid:721)का म(cid:336) इस दं ड की (cid:366)वि(िcid:700) की जाय। उक्त आदेश पर स(cid:407)म (cid:366)ाधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:349)गन डी0, सचिव।

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श्रम संसाधन विभाग

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अधिसूचनाएं

27 अक्तूबर 2021

सं0 1/प्रशि॰स्था॰-05/2020-103/श्र॰सं॰--श्रीमती आँचल सिन्हा, प्रभारी प्राचार्य (उप प्राचार्य), महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, रोहतास को बिहार सेवा संहिता के नियम 220A में निहित प्रावधान के तहत दिनांक 01.11.2021 से 31.01.2022 तक कुल 92 दिनों के शिशु-देखभाल-छुट्टी की स्वी—ति दी जाती है। 2. श्रीमती आँचल सिन्हा के शिशु-देखभाल-छुट्टी के छुट्टी-लेखा में 638 दिनों का छुट्टी आदेय रह जायेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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3 नवम्बर 2021

सं0 1/श्रम वि॰स्था॰ (1)10-10/2021-104/श्र॰सं॰--श्री संजय कुमार द्विवेदी, कारखाना निरीक्षक, पटना अंचल-1, पटना को अपने कार्यों के अतिरिक्त कारखाना निरीक्षक, पटना अंचल-3, पटना का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है। सं0 1/श्रम वि॰स्था॰ (1)10-10/2021-105/श्र॰सं॰ --श्री संजय कुमार पाल, कारखाना निरीक्षक, पटना अंचल-2, पटना को अपने कार्यों के अतिरिक्त उप मुख्य कारखाना निरीक्षक, मुजफ्फरपुर एवं कारखाना निरीक्षक, मुजफ्फरपुर अंचल, मुजफ्फरपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी।6 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021

मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग

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अधिसूचना

27 नवम्बर 2021

सं0 8/आ0 (राज0 उ0)-02-01/2020-4465--मो0 अशरफ जमाल, तत्कालीन अधीक्षक मद्य निषेध, सहरसा सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध अवैध रूप से बरामद शराब की प्राथमिकी तीन दिनों बाद दर्ज कराने, अभियुक्त को विलंब कर न्यायालय में उपस्थापित किया जाना, बरामदगी स्थल एवं ट्रक का नं0 जप्ती सूची में गलत अंकित किया जाना, बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 के साथ-साथ व्यक्तिगत लाभ के लिए बिहार सरकारी सेवक आचार नियामावली 1976 के नियम-3 के प्रतिकूल आचरण करने आदि आरोप में विभागीय संकल्प सं0-2745 दिनांक 08.09.2020 द्वारा विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी ।

02. मो0 जमाल के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी संयुक्त आयुक्त (विभागीय जाँच), कोशी प्रमंडल, सहरसा के पत्रांक-वि0का0-01/20-333/वि0 जाँच दिनांक 05.03.2021 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त है। जाँच प्रतिवेदन में आरोप सं0-01, 02, 03 एवं 04 के प्रमाणित नहीं होने तथा आरोप सं0-05 को आंशिक रूप से प्रमाणित निष्कर्षित किया गया हैै।

03. संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए असहमति के बिन्दु एवं संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-1608 दिनांक 21.05.2021 द्वारा मो0 जमाल से द्वितीय बचाव वयान की मांग की गयी ।

04. मो0 जमाल द्वारा दिनांक 04.06.2021 को द्वितीय बचाव वयान समर्पित किया गया। आरोपी पदाधिकारी द्वारा अभियुक्त को विलंब से दिनांक-16.10.2019 को अनुसंधानकर्ता द्वारा माननीय न्यायालय में भेजे जाने को स्वीकार किया गया है तथा प्रेस वार्त्ता मे ट्रक का निबंधन सं0 गलत बोले जाने के संबंध में कहा गया है कि प्रेस वालो से बातचीत के दौरान भूलवश 75 के स्थान पर 77/72 बोल दिया गया होगा।

ट्रक का निबंधन सं0 अगर हिन्दी में भी अंकित होगा तब भी 75 के स्थान पर इतना भिन्न अंक नहीं बोला जा सकता है, इसे भूल नहीं माना जा सकता है। जप्ती सूची में शराब बरामदगी स्थल का मालिक आर0 के0 सिंह अंकित किया गया जबकि जाँच में जमीन का असली मालिक डॉ0 आई0 डी0 सिंह पाये गये। बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा 80 के अधीन गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के अंदर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाना है तथा धारा 82 के अधीन 24 घंटे के अंदर प्रतिवेदन समर्पित किया जाना है, जबकि दिनांक-13.10.2019 को दर्ज अभियोग सं0-140/19 के अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष दिनांक-16.10.2019 को समर्पित किया गया है। पूरे प्रकरण में मो0 जमाल अपने सहयोगी कर्मियों के साथ छापेमारी एवं बरामदगी में शामिल थे, उनके पर्यवेक्षण में ही सभी कार्य किये गये। अभियोग पत्र का प्राथमिकी समय पर दर्ज कराकर गिरफ्तार अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करवाना उनका दायित्व था। अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष देरी से प्रस्तुत कर अवैध शराब में संलिप्त कारोबारियों को बचाने का प्रयास करने की पुष्टि होती है। अतएव बचाव वयान स्वीकार योग्य नहीं है।

05. संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं मो0 जमाल से प्राप्त बचाव वयान के समीक्षोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संशोधित 2007 के नियम-14 (xi) के तहत्‌ सेवा से बर्खास्तगी का दण्ड अधिरोपित करने का विभाग द्वारा निर्णय लिया गया।

06. विभागीय निर्णय पर विभागीय पत्रांक-2750 दिनांक 12.08.2021 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से अभिमत की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-2064 दिनांक 07.10.2021 द्वारा विभागीय दण्ड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त किया है।

07. मो0 अशरफ जमाल, तत्कालीन अधीक्षक मद्य निषेध, सहरसा सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली,2005 यथा संशोधित 2007 के नियम-14 (xi) के तहत्‌ सेवा से बर्खास्तगी का दण्ड अधिरोपित करने हेतु मंत्रिपरिषद के विचारार्थ प्रस्ताव रखा गया। मंत्रिपरिषद की बैठक दिनांक-23.11.2021 में मद सं0-05 के रूप में स्वीकृति प्रदान की गयी है।

08. अतः मंत्रिपरिषद के निर्णय के आलेाक में मो0 अशरफ जमाल, तत्कालीन अधीक्षक मद्य निषेध, सहरसा सम्प्रति निलंबित को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली,2005 यथा संशोधित 2007 के नियम-14 (xi) के तहत्‌ सेवा से बर्खास्तगी का दण्ड अधिरोपित करते हुए विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है।

09. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।

आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।7 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021

परिवहन विभाग

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सं0 07/स्था0-25-02/2021, परि0--6101

सेवा में, अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग, बिहार, पटना।

पटना, दिनांक 24 सितम्बर 2021 विषय- वाहन जनित दुर्घटना के मुआवजा वादों के त्वरित निष्पादन हेतु परिवहन विभाग के नियंत्रणाधीन पूर्व से कार्यरत राज्य परिवहन अपीलीय न्यायाधिकरण को परिवहन विभाग की अधिसूचना सं0-4887, दिनांक-11.08. 2021 द्वारा राज्य स्तरीय दावा न्यायाधिकरण के रूप में गठन के फलस्वरूप इसके सुचारू संचालन हेतु अपर जिला परिवहन पदाधिकारी एवं समकक्ष स्तर के 02 (दो), मोटरयान निरीक्षक के 02 (दो), आशुलिपिक के 01 (एक), उच्च वर्गीय लिपिक के 01 (एक) एवं निम्न वर्गीय लिपिक के 01 (एक) पदों का 42,83,280/- (बयालीस लाख तेरासी हजार दो सौ अस्सी रू0) मात्र के कुल अनुमानित वार्षिक व्यय भार पर सृजन की स्वी—ति के संबंध में।

आदेश- स्वी—त। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल वाद सं0-9936 एवं 9937/2016 उषा देवी एवं अन्य बनाम भारत सरकार मामले में वाहन दुर्घटना से संबंधित मुआवजा वादों के त्वरित निष्पादन हेतु एक राज्य स्तरीय दावा न्यायाधिकरण गठित किये जाने का आदेश दिया गया है। उक्त आदेश के आलोक में मोटरवाहन अधिनियम, 1988 की धारा-89(2) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्ति के आलोक में राज्य सरकार द्वारा परिवहन विभाग के अन्तर्गत कार्यरत राज्य परिवहन अपीलीय न्यायाधिकरण को अपने मूल कार्यों के अतिरिक्त अधिसूचना सं0-4886, दिनांक-11.08.2021 एवं अधिसूचना सं0-4887, दिनांक-11.08.2021 द्वारा दावा न्यायाधिकरण के कार्य को भी निष्पादित किये जाने हेतु प्राधि—त किया गया है। राज्य परिवहन अपीलीय न्यायाधिकरण को अपने कार्यों के अतिरिक्त राज्य स्तरीय दावा न्यायाधिकरण के कार्यों को निष्पादित करने के लिए अतिरिक्त कार्य बल/कार्मिक के रूप में अपर जिला परिवहन पदाधिकारी एवं समकक्ष स्तर के 02 (दो), मोटरयान निरीक्षक के 02 (दो), आशुलिपिक के 01 (एक), उच्च वर्गीय लिपिक के 01 (एक) एवं निम्न वर्गीय लिपिक के 01 (एक) पद (कुल 07 पदों) का 42,83,280/- (बयालीस लाख तेरासी हजार दो सौ अस्सी रू0) मात्र के कुल अनुमानित वार्षिक व्यय भार पर सृजन की स्वी—ति प्रदान की जाती है। 2. सृजित किये गये पद निम्नवत्‌ हैं-

क्र0 पदनाम स्वी—त किये जाने वाले पदों की संख्या वेतन संरचना पद समूह पद की श्रेणी
1 2 3 4 5 6
1. अपर जिला परिवहन पदाधिकारी एवं समकक्ष स्तर 02 लेवल-7 ख राजपत्रित
2. मोटरयान निरीक्षक 02 लेवल-6 ख अराजपत्रित
3. आशुलिपिक 01 लेवल-4 ग अराजपत्रित
4. उच्च वर्गीय लिपिक 01 लेवल-4 ग अराजपत्रित
5. निम्न वर्गीय लिपिक 01 लेवल-2 ग अराजपत्रित
कुल स्वी—त पद - 07

3. उपर्युक्त पदों के सृजन पर होने वाले व्यय मांग सं0-47 के मुख्य शीर्ष-2041-वाहन कर-00-001 -निदेशन और प्रशासन-0001-राज्य परिवहन अधिकरण (विपत्र कोड-47-2041000010001) में उपबंधित राशि से की जाएगी।

4. इसमें प्रशासी पदवर्ग समिति की परिचालन के माध्यम से सम्पन्न बैठक (मद सं0-04) एवं राज्य मंत्रिपरिषद्‌ की दिनांक-22.09.2021 की बैठक (मद सं0-09) में स्वी—ति प्राप्त है।

उपर्युक्त का संसूचन महालेखाकार, बिहार, पटना को करने की —पा की जाय।

आदेश से,

संजय कुमार अग्रवाल, सचिव।8 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021

गृह विभाग

(विषेष शाखा)

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आदेश

25 नवम्बर 2021

सं0 एल/एच॰जी॰-14-13/2017-9238--महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा का कार्यालय, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक-5450, दिनांक-05.11.2021 द्वारा प्राप्त प्रस्ताव केे आलोक में विा विभाग, बिहार, पटना के पत्र सं॰-9889, दिनांक-01.12.2015 में निहित प्रावधानों के तहत श्री रितेश कुमार पाण्डेय, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, औरंगाबाद को द्वितीय जीवित संतान (पुत्र) के जन्म के उपरांत दिनांक-20.12.2021 से 03.01.2022 तक कुल 15 (पंद्रह) दिनों का पितृत्व अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

2. इस आदेश में अपर मुख्य सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेश से, अनिमेश पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

------- VIGILANCE DEPARTMENT BIHAR, PATNA FORM No. I ------- DECLARATION (Under Section 5 of the Bihar Special Courts Act 2009, and Rules 7 of Bihar Special Courts Rules 2010)

The 17th November 2021 No. Ni. Vi. /Stha (Vi.Nya.)-10/2021-5281---WHEREAS, It is alleged that Sri Balmukund Prasad, the then Block Education Officer, Circle Karayprasurai, District-Nalanda, At Present Block Education Officer, Mohanpur, District-Gaya, S/o Late Lakhan Mahto, Vill. + P.O. - Kadra, P.S. - Ghoswari, District-Patna at Present Flat No. - 302, Anand Bridge, Sarojani Enclave Apartment, Karbigahiya, P.S. - Jakkanpur, District - Patna, while holding the post of Block Education Officer, Circle Karayprasurai, District-Nalanda and serving in different capacities in the State of Bihar, committed an offence under clause (e) of sub-section (1) of Section 13 of the Prevention of Corruption Act, 1988 and that the matter was investigated in Vigilance Investigation Bureau, Bihar Case No. 105/2015 dated 15.12.2015. AND WHEREAS, on scrutiny of relevant materials available on record, the State Government is of the opinion that there is prima facie case of Commission of above mentioned criminal misconduct by said Sri Balmukund Prasad, the then Block Education Officer, Circle Karayprasurai, District-Nalanda, who has accumulated properties disproportionate to his known sources of income by resorting to corrupt means. AND WHEREAS, it is felt necessary and expedient by the Government that the said offender should be tried for confiscation of the properties mentioned in the application by the Special Courts Established under sub-section (1) of Section 3 of Bihar Special Courts Act, 2009; NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 5 of Bihar Special Courts Act, 2009, the State Government do hereby declare that the said offence shall be dealt with under the provisions of Special Courts Act, 2009.

By the order of the Governor of Bihar, (Sd.) Illegible, Additional Chief Secretary.

————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 33—571+50-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in9 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021

भाग-9-ख

निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, U;k;ky; सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं bR;kfnA —————

सूचना -----

सं0 1151--मैं सुकुमार, पिता-श्री सुनिल कुमार सिंह, उम्र-29 वर्ष निवासी A-3/10 बेली रोड, पटना-800001 शपथ पत्र सं0 32669/22.11.2021 द्वारा यह घोषणा करता हूं कि अब मैं सुकुमार सिंह के नाम से जाना व पहचाना जाऊँगा।

सुकुमार।

----- बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद विद्यापति मार्ग, पटना-800001 -------- संषोधित-अधिसूचना 6 अगस्त 2021

सं0 710--नालंदा जिलान्तर्गत ग्राम- गिलानीचक, पो0- तेलमर, था0- चण्डी, अंचल- नगरनौसा अविस्थत श्री राम जानकी रमण ठाकुरबाड़ी पर्षद के तहत निबंधित सार्वजनिक धार्मिक न्यास है,जिसकी निबंधन सं0-802/1959 है। इस न्यास की सुव्यवस्था हेतु पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति के विरूद्ध तत्‌कालीन श्री चन्द्रभूषण प्रसाद एवं श्री नर्मदेष्वर प्रसाद द्वारा मा0 पटना उच्च न्यायालय मेंCWJC No.- 5010/1993 लाया गया था। उक्त याचिका दि0- 03/12/2008 को निष्पादित करते हुए मा0 उच्च न्यायालय द्वारा निर्दैष दिया गया है कि बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास पर्षद यदि यह पाती है कि परिस्थिति ऐसी है कि अधिनियम के अन्तर्गत अपने अधिकारों का प्रयोग करने की आवष्यकता है तो पर्षद ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है।

उपरोक्त तथ्यों के आलोक में संचिका के अवलोकनार्थ पक्षकारों की उपस्थिति में पर्षदीय सुनवाई के पश्चात एक न्यास समिति का गठन पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक- 3160, दि0- 07/03/2020 द्वारा निर्गत किया गया है, परंतु संचिका से यह भी स्पष्ट है कि अंचलाधिकारी, नगरनौसा के पत्र सं0- 343, दि0- 24/04/2019 में स्पष्ट किया गया है कि अंचलाधिकारी की उपस्थिति में दि0- 11/03/2019 को एक बैठक कर समिति गठन हेतु 11 सदस्यों का चयन किया गया, जिसमें श्री प्रषांत कुमार- अध्यक्ष, श्री हरिषंकर प्रसाद सिंह- सचिव एवं श्री अजय राम- कोषाध्यक्ष के पद पर चयन किया गया है। चुंकि श्री नर्मदेष्वर प्रसाद के मृत्यु के बाद उनके पुत्रगण द्वारा न्यास की देखभाल की जा रही थी, पंरतु इनके विरूद्ध न्यास की आय-व्यय के दुरूपयोग का आरोप प्राप्त हुये थे। फलतः अंचलाधिकारी द्वारा प्रस्तावित 11 नामें मे से 10 नाम तथा ग्यारहवें में नर्मदेष्वर प्रसाद के पुत्र श्री धनंजय कुमार को सदस्य के रूप में रखकर समिति गठन की अधिसूचना निर्गत की गयी, परंतु पर्षद के आदेष मेें टंकन भुल के कारण अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित ग्यारहवे नाम श्री प्रषांत कुमार का नाम छुट गया। साथ ही निर्गत अधिसूचना के समिति सदस्यों का उनके कार्य के अनुसार पद भी अंकित नहीं किया जा सका। अतः उपरोक्त बातों को सुधार कर संषोधित अधिसूचना निर्गत करना आवष्यक प्रतीत होता है। उपरोक्त परिस्थिति में ''श्री राम जानकी रमण ठाकुरबाड़ी, ग्राम- गिलानीचक, पो0- तेलमर, था0- चण्डी, जिला- नालंदा' के सुचारू देखरेख तथा इसकी सम्पत्तियों की सुरक्षा और सुव्यवस्था हेतु निर्गत अधिसूचना के 10वें सदस्य श्री सुबोध राम (सदस्य) पुत्र राम ईष्वर राम का नाम विलुप्त करते हुएउनके स्थान पर श्री प्रषांत कुमार पिता-स्व0 विनोद सिंह को अध्यक्ष नियुक्त करते हुए अंचलाधिकारी, नगरनौसा द्वारा प्रस्तावित नामों की समिति का गठन किया जाता है।

अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जोबिहार हिन्दूधार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है , का प्रयोग करते हुए ''श्री राम जानकी रमण ठाकुरबाड़ी, ग्राम- गिलानीचक, पो0- तेलमर, था0- चण्डी, जिला- नालंदा''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी रमण ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, ग्राम- गिलानीचक, पो0- तेलमर, था0- चण्डी, जिला- नालंदा''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी रमण ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, ग्राम- गिलानीचक,10 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 पो0- तेलमर, था0- चण्डी, जिला- नालंदा'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।परंतु किसी भी भुमि का दुरूपयोग, पट्‌टा, क्रय-विक्रय, रेहन आदि का अधिकार नहीं होगा। 2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी। नामित समिति मठ की भूमि को वार्षिक रूप से खेती आदि के लिए दे सकती है, परंतु उसका प्रतिवर्ष हिसाब पर्षद के समक्ष उपस्थिापित करना होगा।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकालकर खर्च किया जायेगा।

4. न्यास के खाते का संचलान सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए न्यास की बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि प्रत्येक वर्ष पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की अस्थायी न्यास समिति गठित की जाती है। बोर्ड का गठन होने के पश्चात स्थायी पर विचार किया जायेगाः-

1. श्री प्रषांत कुमार पिता- स्व0 विनोद सिंह- अध्यक्ष 2. श्री विद्यानंद राम पिता- स्व0 बाँके राम- उपाध्यक्ष 3. श्री हरिषंकर प्रसाद सिंह पिता- तारणी प्र0 सिंह- सचिव 4. श्री अजय राम पिता-मथुरा राम- कोषाध्यक्ष 5. श्री रितेष कुमार पिता- मधुसूदन रजक- सदस्य 6. श्री ब्रह्मानंद प्रसाद सिंह- पिता- स्व0 कैलाष राउत- सदस्य 7. श्री गोविंद मांझी पिता- स्व0 अवलेष मांझी- सदस्य 8. श्री श्रीमति चम्पा देवी पति- चुनचुन राम- सदस्य 9. श्री संजीव राम पिता- श्री उमेष राम- सदस्य 10. श्री महेन्द्र बिंद पिता- स्व0 सुखुचन्द बिंद- सदस्य 11. श्री धनंजय प्रसाद पुत्र स्व0- नर्मदेष्वर प्रसाद- सदस्य

सभी का पता-ग्राम- गिलानीचक, पो0- तेलमर, था0- चण्डी, जिला- नालंदा।

उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि''श्री राम जानकी रमण ठाकुरबाड़ी, ग्राम- गिलानीचक, पो0- तेलमर, था0- चण्डी, अंचल- नगरनौसा, जिला- नालंदा'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य, न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। पूर्व की निर्गत अधिसूचना दि0- 07/03/2020 को उपरोक्तनुसार संषोधित माना जायेगा।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।11 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद विद्यापति मार्ग, पटना-800001 -------- अधिसूचनाएं 8 जून 2021

सं0 549--श्री मदन मोहन लालजी, गोविन्द बाग मंदिर, चौधरी गली, पटना सिटी, जिला-पटना पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-4085 है।

यह एक अतिप्राचीन मंदिर है। इस मंदिर की सुव्यवस्था हेतु न्यास समिति का गठन दि0-05/08/2010 को किया गया था। उक्त न्यास समिति के दो सदस्य श्री हसमुख पारिख एवं श्री वंषीधर गोलवारा का निधन हो गया। श्री भीमराय वाडिया, श्री संजीव रस्तोगी एवं श्री दीनानाथ जेठली वृद्ध हो चुके हैं। न्यास समिति ेके एक अन्य सदस्य श्री महेन्द्र पासवान के संबंध में तीन वर्षों से कोई जानकारी प्राप्त नहीं है। वर्ष 2010 में गठित न्यास समिति ने पर्षद को ससमय आय-व्यय विवरणी, बजट, पर्षद शुल्क विकासात्मक कार्यों का वृत्त, बैठक की प्रति नहीं प्रस्तुत की। कार्यालय द्वारा द्वारा स्पष्टीकरण एवं विवरणी की मांग किये जाने पर दि0-20/02/20 को वर्ष 2014-15 से वर्ष 2018-19 तक की विवरणी दाखिल की गयी। उक्त विवरणी मेें आय-व्यय की राषि में पारदर्षिता का अभाव है। पर्षद को ग्रामीणों के हस्ताक्षर से एक षिकायत पत्र भी प्राप्त हुआ। इसमें मंदिर को जीर्ण-षीर्ण बताया गया तथा ग्रामीणों की बैठक दि0-23/08/20 में पूजा-पाठ, राग-भोग पर प्रस्ताव पारित की गयी। दि0-14/01/2019 को ग्यारह व्यक्तियों के नामों की सूची कार्यरत न्यास समिति के सचिव द्वारा भी पर्षद को उपलब्ध करायी गयी। पूर्व न्यास समिति का कार्यकाल पूर्ण रूप से असंतोषजनक रहा है। इस कार्यकाल में किसी प्रकार का विकास, रंग-रोगन आदि का कार्य नहीं किया गया है। न हीं आय-व्यय की विवरणी, बजट, पर्षद शुल्क आदि ससमय प्रस्तुत किया गया। पर्षद को आम सभा की बैठक दि0-17/01/21 द्वारा ग्यारह सदस्यों का नाम प्राप्त हुआ है। दोनों सूची का चरित्र-सत्यापन थाना को भेजकर रिर्पोट की मांग की गयी है, जो अबतक अप्राप्त है। दोनों सूचियों में से चयन कर उक्त मंदिर की देखभाल, प्रबंधन तथा व्यवस्था हेतु निम्न न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से एक वर्ष के लिए किया जाता है। सत्यापन रिर्पोट आने के पश्चात अवधि विस्तार/स्थायी करने पर विचार किया जा जायेगा।

उपरोक्त परिस्थिति में न्यास की सुव्यवस्था, सम्यक्‌ विकास एवं सुचारू प्रबंधन हेतु निम्नलिखित योजना का निरूपण एवं उसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।

अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दूधार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री मदन मोहन लालजी, गोविन्द बाग मंदिर, चौधरी गली, पटना सिटी, जिला- पटना'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री मदन मोहन लालजी, गोविन्द बाग मंदिर न्यास योजना, चौधरी गली, पटना सिटी, जिला- पटना''होगा और इसे मूर्त्त रूप देने के लिए पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति का नाम ''श्री मदन मोहन लालजी, गोविन्द बाग मंदिर न्यास समिति, चौधरी गली, पटना सिटी, जिला- पटना''होगी, जिसमें न्यास की समस्त चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। 4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिरकी गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।12 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति एक वर्ष के लिए अस्थायी रूप से गठित की जाती हैः-

1. श्री शषिषेखर रस्तोगी, कचौडी गली, पटना सिटी, पटना- 08- अध्यक्ष़ 2. श्री संजय प्रकाष, चौधरी गली, मच्छरहट्‌टा, पटना सिटी, पटना- कार्यवाहक अध्यक्ष 3. श्री संजीव देवड़ा, चौधरी गली, मच्छरहट्‌टा, पटना सिटी, पटना- उपाध्यक्ष 4. श्री विनय कुमार, चौधरी गली, मच्छरहट्‌टा, पटना सिटी, पटना- सचिव 5. श्री सुरज कुमार, चौधरी गली, मच्छरहट्‌टा, पटना सिटी, पटना- कोषाध्यक्ष 6. श्री संजु यादव, चौधरी गली, मच्छरहट्‌टा, पटना सिटी, पटना- सदस्य 7. श्री पवन जगनानी, साड़ी संसार, रामबाग चौक, पटना सिटी, पटना- सदस्य 8. श्री सर्वेष गोलवारा, चौधरी गली, मच्छरहट्‌टा, पटना सिटी, पटना- सदस्य 9. श्री अजय कुमार, चौधरी गली, मच्छरहट्‌टा, पटना सिटी, पटना- सदस्य 10. श्री विजय कुमार, चौधरी गली, मच्छरहट्‌टा, पटना सिटी, पटना- सदस्य 11. श्री भरत सुल्तानियां, चौधरी गली, मच्छरहट्‌टा, पटना सिटी, पटना- सदस्य उक्त आदेष के आलोक मेें ''श्री मदन मोहन लालजी, गोविन्द बाग मंदिर, चौधरी गली, पटना सिटी, जिला- पटना''के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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24 सितम्बर 2021

सं0 1339--श्री रामजानकी मंदिर, ग्राम-अषरफनगर, पो0थानाअं0- के0 नगर, जिला-पूर्णियाँ पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है जिसकी निबंधन संख्या 4497 वर्ष 2019 हैं । यह मंदिर असरफनगर, पूर्णियाँ के खाता संख्या 35 पर स्थापित है। उक्त खाता की भूमि निबंधित समर्पणनामा द्वारा दिनांक-21.8.1999 को षिवनारायण महतो द्वारा दान दी गयी थी। यह मंदिर असरफनगर में स्थापित एक अन्य प्राचीन श्री रामजानकी ठाकुरबाड़ी, जगनी से भिन्न है। निबंधन के उपरांत मंदिर की व्यवस्था हेतु 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव आम सभा दिनांक-17.10.2019 द्वारा प्रस्तावित कर भेजा गया, परन्तु थानाध्यक्ष द्वारा सत्यापन रिपोर्ट अभी तक अप्राप्त है। प्रस्तावित नामों में दिलिप कुमार मेहता, गिरानन्द मेहता आज दिनांक-22.9.2020 को पर्षद के समक्ष उपस्थित होकर पुलिस अधीक्षक, पूर्णियाँ से उक्त 11 व्यक्तियों के चरित्र सत्यापन कराकर सत्यापन रिपोर्ट दाखिल किया है, जिससे स्पष्ट है कि प्रस्तावित नामों के विरूद्ध किसी भी प्रकार का आपराधिक काण्ड दर्ज नहीं है।

उपरोक्त परिस्थितियों पर विचारोपरान्त प्राप्त 11 नामों का चरित्र सत्यापन रिपोर्ट के आलोक में उक्त मंदिर की सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक्‌ विकास हेतु बिहार धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अंतर्गत एक योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः मैं अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद्‌ को प्रदत्त अधिकार जो उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राम जानकी मंदिर, असरफनगर, के0 नगर, जिला-पूर्णिया'' की सम्पत्तियों की सुरक्षा संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण करता हूँ तथा इसे मूर्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित का गठन करता हूँ।

योजना

1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी मंदिर, असरफनगर, के0 नगर, जिला-पूर्णियाँ, न्यास योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी मंदिर, असरफनगर, के0 नगर, जिला-पूर्णियाँ, न्यास योजना, न्यास समिति,'' होगी जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।13 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 2. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।

3. न्यास समिति अविलंब मंदिर के नाम से राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलेगी जिसका संचालन कोषाध्यक्ष एवं अध्यक्ष/सचिव में से कोई एक व्यक्ति द्वारा किया जायेगा।

4. न्यास समिति को यह भी निर्देष दिया जाता है कि अंचलाधिकारी व थानाध्यक्ष के सहयोग से यदि कोई अतिक्रमण न्यास की जमीन पर हो तो, जमीन अतिक्रमण मुक्त कराये या उक्त जमीन पर व्यवसाय कर रहे व्यक्तियों से मासिक किराया निर्धारित करते हुए मासिक किराया वसुल करेें।

5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्य वृत एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद्‌ को प्रेषित करेगी। 6. अध्यक्ष की अनुमती से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद्‌ को प्रेषित की जायेगी।

7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ को अनुमोदन के लिए भेजेगी।

8. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 9. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा।

10. न्यास समिति के किसी भी सदस्य/सेवायत को न्यास की अचल सम्पत्ति को बिक्री करने, बदलैन करने एवं तीन वर्ष से अधिक अवधि के लिए किराया देने का कोई अधिकार नहीं होगा जबतक कि लिखित रूप में इस संबंध में पूर्व सहमति पर्षद से प्राप्त नही कर ली जाय। साथ ही न्यास समिति के सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। 11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता समाप्त हो जायेगी।

उपर्युक्त योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति का गठन स्थायी रूप से 05 वर्षो के लिए किया जाता है :-

1. श्री दिलिप कुमार मेहता, पिता-श्री ब्रह्‌मदेव मेहता, - अध्यक्ष 2. श्री गिरानंद मेहता, पिता-श्री गणेष मेहता - उपाध्यक्ष 3. श्री सुरेष मेहता, पिता-कमला प्रसाद मेहता - सचिव 4. श्री दयानंद मेहता, पिता-श्री भूनेष्वर मेहता - संयुक्त सचिव 5. श्री अनिल मेहता, पिता-श्री सूर्यनारायण मेहता - कोषाध्यक्ष 6. श्री सुरेन्द्र मेहता, पिता-श्री रामचरण मेहता - सदस्य 7. श्री अनिल कुमार मेहता, पिता-श्री सुकदेव मेहता - सदस्य 8. श्रीमति उषा देवी, पति-श्री षिवानंद मेहता - सदस्य 9. श्री जयनारायण मेहता, पिता-नेगडू मेहता, - सदस्य 10.श्री अवधेष मेहता, पिता-श्री जगदीष मेहता - सदस्य 11. श्रीमति चंद्रकला देवी, पिता-श्री गणेष मेहता - सदस्य सभी का पता ग्राम-असरफनगर, पो0-बनेील, थाना-चम्पानगर ओ0पी0, जिला-पूर्णियाँ। नोट- (1) न्यास समिति के पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तांतरण/ बदलैन/विक्रय/लिज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति के दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते है तो वह शून्य वो अवैध होगा।

(2) राजस्व अभिलेख में मंदिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज का मंदिर में प्रतिष्ठित देवता श्री राम जानकी मंदिर के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामंतरण अथवा संषोधन नहीं होगा।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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संषोधित-अधिसूचना

4 सितम्बर 2021

सं0 2973--श्री श्री 108 हरेष्वरनाथ मठ (भटौरा मठ), ग्रा0पो0-भटौरा, था0-हथौड़ी, जिला-समस्तीपुर, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-34 के अन्तर्गत पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-3507 है। इस न्यास के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा सम्य्‌क विकास हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-961, दिनांक-25/09/2019 द्वारा एक न्यास समिति का गठन पांच वर्षों के लिए किया गया है। उक्त न्यास समिति के कोषाध्यक्ष-श्री राम बहादुर मंडल के संबंध में पर्षद को सूचना प्राप्त हुयी कि थाना कांड सं0-62/98, जिसका जी0 आर0 सं0-86/96 है, में श्री राम बहादुर मंडल सजायाफता हैं, जिसके विरूद्ध मा0 उच्च14 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 न्यायालय में अपील वाद सं0-486/2010 अभी भी विचाराधीन है। इस संबंध में श्री राम बहादुर मंडल द्वारा अभी तक स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया है।

महंत श्री सत्येष्वरानंद ज्योति द्वारा लगभग 196 व्यक्तियों के विरूद्ध अतिक्रमणवाद बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास न्यायाधिकरण में दाखिल किया गया है, जिसका वाद सं0-3/2016 है, जो अभी भी विचाराधीन है। पर्षद के पुर्व आदेष दि0-06/12/18 द्वारा इन्हें मठ की सम्पत्ति के संबंध मेंविचाराधीनवादमेंपैरवीकरने, मठ की ओरसेअपना पक्ष रखने एवं अन्य पदाधिकारी के समक्ष भी आवेदन देने के लिए प्राधिकृत किया गया है। उक्त कार्यों के समिति आवष्यकतानुसार राषि उपलब्ध करायेगी।

अतः न्यास से संबंधित सभी परिस्थितियों पर पुर्नविचार करते हुए पर्षदीय आदेष दि0-02/08/2021 के आलोक में पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-961, दिनांक-25/09/2019 को संषोधित करते हुए उक्त अधिसूचना मेें वर्णित नियम/शर्त्त के अनुसार निम्नलिखित सदस्यों की संषोधित न्यास समिति कार्यरत रहेगी-

1. महंत श्री सत्येष्वरानंद ज्योति- संरक्षक 2. श्री प्रदीप कुमार सिंह पिता-श्री नागेष्वर प्रसाद सिंह- अध्यक्ष 3. श्री ललन कुमार मंडल पिता-श्री मुसो मंडल- सचिव 4. श्री उग्रेष मंडल पिता-स्व0 लखन मंडल- सदस्य 5. श्री बच्चन सिंह पिता- स्व0 मुखलाल- सदस्य 6. श्री अर्जुन मुखिया पिता-स्व0 कुषेष्वर मुखिया- सदस्य 7. श्री राम नारायण पासवान पिता-स्व0 विषो पासवान- सदस्य 8. श्री सियाराम मंडल पिता-श्री लखन मंडल- सदस्य 9. श्री अरविन्द कुमार राय पिता-श्री मंटुन राय- सदस्य 10. श्री कृष्ण कुमार पिता-श्री राम शरण मंडल- सदस्य 11. श्री विजय कुमार पिता-श्री राम शरण मंडल- सदस्य सभी ग्राम-पुरनदाही, पो0-भटौरा, था0-हथौड़ी, जिला-समस्तीपुर। न्यास समिति के कोषाध्यक्ष-श्री राम बहादुर मंडल के कार्य पर रोक एवं न्यास समिति के शेष सदस्यों में कोषाध्यक्ष का चयन कर पर्षद को सूचित करने का निर्देष पर्षदीय पत्रांक-2794, दि0-24/08/21 द्वारा दिया जा चुका है। आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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अधिसूचनाएं

6 मार्च 2021

सं0 3326--पटना जिलान्तर्गत श्री साईं षिव कृपा मंदिर, कंकड़बाग, लोहियानगर, जिला- पटना पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 3542 है।

उपरोक्त न्यास के संबंध में एक CWJC No.- 12897/2019 मा0 पटना उच्च न्यायालय में दाखिल किया गया, जिसमें मा0 उच्च न्यायालय ने दिनांक-12/09/2019 को आदेष पारित किया। इस न्यास सुव्यवस्था हेतु पर्षदीय आदेष दिनांक- 16/11/2019 के आलोक में पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-1570, दिनांक-16/11/2019 द्वारा एक न्यास समिति का गठन किया गया था, जिसके विरूद्ध एक MJC No.- 5233/2019 मा0 पटना उच्च न्यायालय में दाखिल किया गया। उक्त वाद मेंं मा0 पटना उच्च न्यायालय ने दिनांक-03/03/2021 को आदेष पारित किया। तदनुसार पर्षदीय आदेष दिनांक-05/03/2021 द्वारा पर्षद द्वारा निर्गत अधिसूचना ज्ञापांक- 1570, दिनांक-16/11/2019 को निरस्त करते हुए उक्त न्यास समिति को विघटित किया गया। साथ ही CWJC No.- 12897/2019 एवंं MJC No.- 5233/2019 में पारित आदेष के आलोक में याचिका के पैरा-1 (ii) जो उप विकास आयुक्त के पत्रांक-1860, दिनांक- 03/12/2018 में वर्णित सूची के क्रमांक-9 पर अंकित प्रो0 सत्येन्द्र सिंह की मृत्यु की सूचना उनके पुत्र श्री राजेष कुमार द्वारा पर्षद में दिनांक-31/01/2019 को प्राप्त कराया गया, के नाम को विलोपित करते हुए श्री राजेष कुमार डब्लू पिता- स्व0 रत्नेष्वर प्रसाद श्रीवास्तव का नाम सम्मिलित करते हुए, निम्न रूप से 11 सदस्यीय, जिनका पूर्व में चरित्र-सत्यापन प्राप्त हो चुका है, न्यास समिति का गठन तथा इसके कार्यान्यवन हेतु एक योजना का निरूपण किया जाता है।

अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री साईं षिव कृपा मंदिर, कंकड़बाग, लोहियानगर, जिला- पटना'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।

योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री साईं षिव कृपा मंदिर न्यास योजना, कंकड़बाग, लोहियानगर, जिला- पटना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री साईं षिव कृपा मंदिर न्यास समिति, कंकड़बाग, लोहियानगर, जिला- पटना'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।15 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत, पर्षद शुल्क आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।

6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।

7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझी जाये, तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।

8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।

9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। 10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे, तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

11. न्यास समिति के किसी सदस्य की आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे, तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. मा0 न्यायमूर्त्ति श्री राधामोहन प्रसाद (अ0 प्रा0) - मा0 अध्यक्ष पिता- स्व0 ब्रजेष्वरी प्रसाद, साकिन- एम0पी0 सिन्हा रोड, कदमकुआं, पटना- 3. 2. श्री अजय कुमार - उपाध्यक्ष पिता- स्व0 नागेष्वर प्र0 वर्मा, साकिन-घघा घाट, सुल्तानगंज, महेन्द्रु, पटना। 3. कैप्टन सुरेन्द्र प्रसाद (अ0 प्रा0) - सचिव पिता- स्व0 परमेष्वर दयाल, साकिन-हीरा भवन, एम0पी0 सिन्हा, रोड, कदमकुआं, पटना। 4. कुमार नीरज - कोषाध्यक्ष पिता- श्री नवल किषोर प्र0 सिन्हा, साकिन-ने0 इं0 कॉलोनी, महात्मा गांधी नगर, पटना-26. 5. श्री अखिलेष सिंह - सदस्य पिता- स्व0 उमेषधारी शर्मा, ए/35, हाउसिंग कॉलोनी, कंकड़बाग, पटना। 6. श्री मनोज कुमार - सदस्य पिता- श्री भगवान सिंह, साकिन- जे0/86, पी0सी0 कॉलोनी, कंकड़बाग, पटना-20 7. श्री संजय कुमार रजक - सदस्य पिता- स्व0 रमेष बैठा, साकिन- दरियापुर गोला, कदमकुआं, पटना। 8. श्री रतन कुमार सिन्हा - सदस्य पिता- श्री लाल मोहन प्रसाद सिन्हा, साकिन-अषोर नगर, रोड नं0- 11, कंकड़बाग, पटना। 9. श्री राजेष कुमार डब्लू - सदस्य पिता- स्व0 रत्नेष प्रसाद श्रीवास्तव, पता-द्वारिका माई निवास, U/479, हाऊसिंग कॉलोनी, कंकड़बाग, पटना।

10. डॉ0 सहजानंद प्रसाद सिंह - सदस्य पता- अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएसन, बिहार, पुराना बाईपास रोड, कंकड़बाग, पटना। 11. डॉ0 श्रीमती चंचला कुमारी - सदस्य साकिन- मकान सं0- 148, अभियंता नगर, आषियारा रोड, पटना। उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्यकाल 05 वर्षों का होगा।

उक्त आदेष के आलोक मेें ''श्री साईं षिव कृपा मंदिर, कंकड़बाग, लोहियानगर, जिला- पटना'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/ पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा। न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।16 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 10 दिसम्बर 2020 सं0 2206--श्री कबीर मठ, तिरहुता, था0अं0-बाबूबरही, जिला-मधुबनी, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-3785 है।

उक्त न्यास के संबंध में पारित पर्षदीय आदेष दि0-22/01/2020 के आलोक में न्यास की सुव्यवस्था हेतु पर्षदीय पत्रांक-2741, दि0-10/02/2020 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, मधुबनी से न्यास समिति गठन वास्ते 05 अच्छे चरित्र के हिन्दू सज्जनों का नाम-पता प्रस्तावित करने का आग्रह किया गया था, जिसके आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी, मधुबनी के पत्रांक-485, दि0-17/06/2020 द्वारा 05 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव भेजा गया, जिनका चरित्र-सत्यापन थाना से कराया गया; जो दि0-26/01/2020 को प्राप्त हुआ, जिसमें क्रमांक-02 श्री जीवछ यादव पिता-बद्री यादव के विरूद्ध बाबूबरही थाना कांड सं0-188/20 एवं क्रमांक-05 पर श्री सुषील राय पिता-बलराम राय के विरूद्ध बाबूबरही थाना कांड सं0-27/09 दर्ज है। शेष के विरूद्ध कोई प्रतिकुल टिप्पणी नहीं है।

उपरोक्त परिस्थितियों में मठ के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक्‌ विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा उसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा-32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री कबीर मठ, तिरहुता, था0अं0-बाबूबरही, जिला- मधुबनी'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री कबीर मठ न्यास योजना, तिरहुता, था0अं0-बाबूबरही, जिला-मधुबनी'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री कबीर मठ न्यास समिति, तिरहुता, था0अं0-बाबूबरही, जिला-मधुबनी'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।

4. न्यास के खाता का संचालन दो सदस्यों (सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंट पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होनेवाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।17 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी, सदर, मधुबनी द्वारा प्रस्तावित निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति अस्थायी रूप से गठित की जाती है तथा ंपर्षद का गठन होने के पश्चात न्यास समिति को नियमित करने पर विचार किया जायेगाः-

1. अनुमंडल पदाधिकारी, सदर, जिला-मधुबनी -पदेन अध्यक्ष 2. श्री चन्द्रकांत साहु पिता- स्व0 रामचरण साहु -सचिव 3. श्री सूर्यनारायण राय पिता- स्व0 बेचन राय -कोषाध्यक्ष 4. श्री शंभू नारायण साहु पिता-बेचन प्रसाद साहु -सदस्य सभी का पता-तिरहुता, अं0था0-बाबूबरही, जिला-मधुबनी। उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री कबीर मठ, तिरहुता, था0अं0-बाबूबरही, जिला- मधुबनी'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य, न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन /विक्रय/पट्‌टा/ लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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24 सितम्बर 2020

सं0 1335--श्री राम जानकी मन्दिर (श्री सीताराम पंचायतन) ग्राम-सागरपुर ब्रह्‌मोत्रा, अंचल-पंडौल, जिला-मधुबनी, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-1729 है। उक्त मन्दिर की सुचारू व्यवस्था हेतु दिनांक-10.08.2012 को 07 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया था, जिसमें श्रीमति भारती ठाकुर को सचिव के रूप में मान्यता दी गयी थी, परन्तु कार्यावधि समाप्त होने के पूर्व न्यास समिति के उपाध्यक्ष रंजीत दास द्वारा योगदान नहीं दिया गया तथा न्यास समिति के 04 सदस्यों द्वारा दिनांक-12.03.2013 को सचिव भारती ठाकुर को सहयोग नहीं देने के कारण सामुहिक रूप से त्याग-पत्र दे दिया गया, जिसपर उनके स्पष्टीकरण को अपर्याप्त पाते हुए पर्षद के आदेष दिनांक-05.10.2013 द्वारा उपरोक्त न्यास समिति को भंग करते हुए अधिनियम की धारा 33 के तहत जिला पदाधिकारी, मधुबनी को अस्थायी न्यासधारी बनाया गया। उक्त आदेष के विरूद्ध श्रीमति भारती ठाकुर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी0 डब्लु0 जे0 सी0 संख्या-12560/14 दाखिल किया गया, जिसमें कोई अंतरिम आदेष नहीं होने से पर्षद द्वारा सभी प्रक्रियाओं को पुर्ण करते हुए दिनांक-27.08.2015 को अनुमण्डल पदाधिकारी की अध्यक्षता में 05 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया, क्योंकि श्रीमति भारती ठाकुर द्वारा मन्दिर में तालाबन्द कर पूजा-पाठ आदि पुर्ण रूप से अवरूद्ध कर दिया गया, परन्तु वर्ष 2015 में गठित न्यास समिति द्वारा भी न तो पर्षद को किसी प्रकार की कार्रवाई या मन्दिर की व्यवस्था के संबंध में कोई सूचना दी गयी और न कोई बैठक आदि के संबंध में कोई जानकारी दी गयी। श्रीमति भारती ठाकुर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका को दिनांक-04.09.2017 को निस्तारित करते हुए, अधिनियम की धारा 29 (3) के तहत सक्षम न्यायालय से आदेष प्राप्त करने हेतु निर्देष दिया गया।वर्ष 2015 में गठित न्यास समति के अध्यक्ष तथा सचिव को पर्षद द्वारा अनेकों पत्र भेजकर न्यास समिति द्वारा की गयी बैठक, मन्दिर से संबंधित क्रियाकलाप, आय-व्यय आदि के संबंध में जानकारी मांगी गयी, परन्तु न्यास समिति द्वारा कोई भी सूचना पर्षद को पिछले 05 वर्षो में उपलब्ध नहीं करायी गयी। इस संबंध में जिला पदाधिकारी, मधुबनी से भी जाँच कर रिपोर्ट की मांग की गयी, जिसमें जिला पदाधिकारी ने अपने पत्र दिनांक-27.12.2019 द्वारा उल्लेख किया कि उक्त मठ में लगभग 110 एकड़ जमीन है जो रहिका, पण्डौल, राजनगर, लदनियां, खुटौना एवं तारडीह (मनीगाछी) अंचल में अवस्थित है। पण्डौल अन्तर्गत मन्दिर की जमीन बन्दोबस्ती नहीं होने के कारण मन्दिर को आय प्राप्त नहीं हो रहा है। मन्दिर की सुचारू व्यवस्था होतो मन्दिर का विकास और आय बढ़ सकती है। इस संबंध में अंचलाधिकारी को भी जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देष दिया गया तथा यह भी उल्लेख किया कि मन्दिर में तालाबन्दी की वजह से वर्षो से पूजा-पाठ भी प्रभावित है, तथा अनुमण्डल पदाधिकारी को भी बैठक बुलाकर, उसकी प्रबंधन हेतु निर्देष जिला पदाधिकारी द्वारा दिया गया, जिसपर अनुमण्डल पदाधिकारी द्वारा अपने पत्र दिनांक-01.07.2019 द्वारा उल्लेख किया गया कि माननीय उच्च न्यायालय में सी0 डब्लु0 जे0 सी0 संख्या-1993/2017 गरीब दास बनाम बिहार सरकार दाखिल किया है, जिसके कारण न्यास के प्रबंधन हेतु बैठक का आयोजन नहीं किया गया।दिनांक-31.01.2020 को न्यास समिति के सभी सदस्यों को बैठक, आय-व्यय विवरण, बजट आदि दाखिल नहीं करने के कारण स्पष्टीकरण की मांग की गयी तथा इस बात का भी स्पष्टीकरण मांगा गया कि न्यास समिति के पुरे कार्यकाल निष्क्रीय रही है तथा क्यों नहीं उसे अधिनियम की धारा 29 (2) के तहत भंग कर दिया जाए। उपरोक्त तथ्यों के आलोक में न्यास समिति के किसी सदस्य द्वारा कोई प्रतिउत्तर नहीं दिया गया; जबकि दुसरी तरफ भारती ठाकुर द्वारा तथा कुछ ग्रामीणों द्वारा पर्षद को नयी न्यास समिति बनाये जाने हेतु बार-बार प्रार्थना-पत्र दिया जा रहा है। श्रीमति भारती ठाकुर द्वारा सूचित किया गया कि मन्दिर की स्थापना कर एक सर्मणनामा संस्थापक द्वारा किया गया था जिनकी ये पोती है और कुछ व्यक्तियों द्वारा मन्दिर की कुछ भूमि को अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया जिससे कानूनन वापस लाने के बिन्दु पर वर्ष 2012 में गठित न्यास समिति के समक्ष रखा गया, जिसमें 04 सदस्य थे जो अवैध कब्जाधारियों से षडयंत्र कर सामुहिक पत्र दिया गया था। माननीय उच्च न्यायालय में दाखिल सी0 डब्लु0 जे0 सी0 1993/2017 गरीब18 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 दास द्वारा दाखिल किया गया, जैसा कि इस मन्दिर से संबंधित संचिका के अवलोकन से कोई हक प्रतीत नहीं होता है और न हीं माननीय उच्च न्यायालय द्वारा उपरोक्त याचिका में कोई अंतरिम आदेष पारित किया गया है। भारती ठाकुर द्वारा दाखिल प्रस्तावित नाम तथा ग्रामीणों द्वारा दाखिल प्रार्थना-पत्र दिनांक-07.12.2016 तथा 14.12.2016 तथा वर्ष 2015 में गठित न्यास समिति के निष्क्रीय होने के फलस्वरूप उनकी कार्यावधि भी समाप्त हो चुकी है और प्रस्तावित नामों के संबंध में थाना प्रभारी, सकरी जिला मधुबनी को पर्षद के पत्र दिनांक-18.08.2020 द्वारा चरित्र सत्यापन की मांग की गयी थी जो अबतक अनुपलब्ध है, मन्दिर पिछले कई वर्षो से बन्द है और भारती ठाकुर उक्त मन्दिर के संस्थापक अनुप लाल की पौत्री है। उपरोक्त परिस्थिति में उक्त मन्दिर के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः मैं अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो न्यास की उपविधि 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री राम जानकी मन्दिर (सीताराम पंचायतन) ग्राम-सागरपुर ब्रह्‌मोत्रा, अंचल-पंडौल, जिला-मधुबनी के सुचारू प्रबध्ांन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा सम्यक विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण करता हूँ तथा इसे मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. अधिनियम की धारा 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी मन्दिर (सीताराम पंचायतन), ग्राम-सागरपुर ब्रह्‌मोत्रा, अंचल-पंडौल, जिला-मधुबनी न्यास योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी मन्दिर (सीताराम पंचायतन), ग्राम-सागरपुर ब्रह्‌मोत्रा, अंचल-पंडौल, जिला-मधुबनी न्यास समिति'' होगी जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण, संरक्षण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था सुनिष्चित करना होगा।

3. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 4. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्य वृत एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद्‌ को प्रेषित करेगी। 5. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद्‌ को प्रेषित की जायेगी।

6. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ को अनुमोदन के लिए भेजेगी।

7. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी। 8. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा। 9 न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

10. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास समिति के सभी सदस्य सहयोग के साथ उक्त ऐतिहासकि मन्दिर के विकास हेतु कार्य करेंगे। 12. न्यास समिति के कोषाध्यक्ष एवं अध्यक्ष या सचिव के साथ संयुक्त खाता खोलकर मन्दिर से होने वाली सभी आय को बैंक में जमा करेंगे।

13. न्यास समिति मन्दिर को खोलकर मन्दिर की व्यवस्था और मन्दिर की दैनिक पूजा-पाठ करायेगें।

उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति का गठन 01 वर्ष के लिए अस्थायी रूप से किया जाता है। एक वर्ष के पश्चात्‌ कार्य संतोषजनक पाए जाने तथा पर्षद के गठन हो जाने पर इसकी अवधि विस्तार या स्थायीकरण पर विचार किया जायेगा :-

1. जिला पदाधिकारी, मधुबनी - अध्यक्ष 2. श्री मिहिर कुमार झा, पे0-श्री बुद्धिनाथ झा - उपाध्यक्ष

ग्राम-ब्रह्‌मोत्रा पंडौल मध्य, वार्ड नं0-7 पो0थाना-पंडौल, मधुबनी

3. श्रीमति भारती ठाकुर, पे0-स्व0 इन्द्र शेखर ठाकुर -सचिव

ग्राम-ब्रह्‌मोत्रा (सागरपुर) वार्ड नं0-01, पो0-पंडौल, थाना-सकरी, मधुबनी

4. श्री मुकेष मण्डल, पे0-श्री सज्जन मण्डल - कोषाध्यक्ष

ग्राम-ब्रह्‌मोत्रा पंडौल मध्य, वार्ड नं0-06 पो0थाना-पंडौल, मधुबनी

5. श्री मनोज राम, पे0-श्री भिमन राम - सदस्य

ग्राम-ब्रह्‌मोत्रा पंडौल मध्य, वार्ड नं0-06 पो0थाना-पंडौल, मधुबनी

6. श्री अंकेष ठाकुर, पे0-श्री रामकृष्ण ठाकुर - सदस्य

ग्राम-ब्रह्‌मोत्रा पंडौल, वार्ड नं0-08 पो0थाना-पंडौल, मधुबनी

7. श्री गरीब दास, पे0-स्व0 घुरन दास - सदस्य19 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 ग्राम-ब्रह्‌मोत्रा पंडौल मध्य, वार्ड नं0-06 पो0थाना-पंडौल, मधुबनी

8. श्री रंजीत कुमार, पे0-श्री भरत पासवान - सदस्य

ग्राम-ब्रह्‌मोत्रा भवानीपुर, वार्ड नं0-01 पो0थाना-पंडौल, मधुबनी

9. श्री रामबली राय, पे0-स्व0 संजन राय - सदस्य

ग्राम-ब्रह्‌मोत्रा पंडौल मध्य, वार्ड नं0-06 पो0थाना-पंडौल, मधुबनी

10. श्री मनोज कुमार चौधरी, पे0-स्व0 बालेष्वर चौधरी - सदस्य

ग्राम-गढ़िया, पो0-बिठुआर, थाना-पंडौल, जिला-मधुबनी

11. श्री ललन मंडल, पे0-स्व0 युगेष्वर मंडल - सदस्य

ग्राम-ब्रह्‌मस्थान, सागरपुर, वार्ड नं0-02, पो0-पंडौल, थाना-सकरी, जिला-मधुबनी

नोटः--(1) राजस्व अभिलेख में मन्दिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज ''श्री राम जानकी (श्री सीताराम पंचायतन) ग्राम-सागरपुर ब्रह्‌मोत्रा, जिला-मधुबनी'' के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा।

(2) न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/ बिक्रय/लीज आदि देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्यवाई की जा सकती है। न्यास समिति मन्दिर की भूमि को अधिकतम एक वर्ष के लिए खेती हेतु पट्‌टा कर सकते है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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24 सितम्बर 2020

सं0 1333--कबीर पंथी मठ, ग्रामपो0-गढ़ीमोहनपुर, अंचल-मोहनपुर, जिला-समस्तीपुर एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। उक्त न्यास के संबंध में पर्षद के आदेष दिनांक-15.01.2018 द्वारा अवध किषोर दास के निजी मठ के दावे को अस्वीकार किया जा चुका है तथा मठ को सार्वजनिक मठ घोषित किया जा चुका है। इस मठ के कुषल संचालन हेतु 11 व्यक्तियों के नामों की मांग अंचलाधिकारी, मोहनपुर से की गयी तथा एक वर्ष के लिए अंचलाधिकारी को अस्थायी न्यासधारी बनाया गया था। पर्षद के उक्त आदेष के आलोक में अंचलाधिकारी द्वारा 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव भेजा गया है, जो दिनांक-16.03.2020 को प्राप्त हो गया है, तथा उक्त नामों के चरित्र सत्यापन हेतु थाना से पर्षद के पत्र दिनांक-28.08. 2020 द्वारा भेजा जा चुका है, परन्तु रिपोर्ट अबतक अप्राप्त है। ग्रामीणों ने सूचित किया है कि ग्रामीणों के सहयोग से उक्त मठ की लगभग 15 बीघा जमीन जो अतिक्रमण किया गया था, उसे अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है, जो वर्त्तमान में मठ के आधिपत्य में है और आग्रह किया कि शीघ्र न्यास समिति का गठन किया जाए, अन्यथा पुनः मठ की भूमि को अवैध अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा किये जाने की संभावना है। मठ की भूमि अवैध रूप से अवध किषोरदास बेचने के उद्‌देष्य से विभिन्न व्यक्तियों को करार कर रहे है, जबकि अवध किषोरदास को उक्त मठ की सम्पत्ति पर कोई अधिकार या स्वामित्व नहीं है, जैसा कि सुनवाई के पश्चात्‌ पर्षद द्वारा अपने आदेष दिनांक-15.01.2018 द्वारा निर्णित किया जा चुका है। अतः उपरोक्त परिस्थितियों में मैं अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दु धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो न्यास की उपविधि 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए कबीर पंथी मठ, ग्रामपो0-गढ़ीमोहनपुर, अंचल-मोहनपुर, जिला-समस्तीपुर के सुचारू प्रबध्ांन, सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा सम्यक विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण करता हूँ तथा इसे मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. अधिनियम की धारा 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''कबीर पंथी मठ, ग्रामपो0-गढ़ीमोहनपुर, अंचल-मोहनपुर, जिला-समस्तीपुर न्यास योजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''कबीर पंथी मठ, ग्रामपो0-गढ़ीमोहनपुर, अंचल-मोहनपुर, जिला-समस्तीपुर न्यास समिति'' होगी जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण, संरक्षण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था सुनिष्चित करना होगा।

3. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 4. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद्‌ को प्रेषित करेगी।

5. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद्‌ को प्रेषित की जायेगी।

6. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ को अनुमोदन के लिए भेजेगी।

7. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।20 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 8. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा। 9 न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

10. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास समिति के सभी सदस्य सहयोग के साथ उक्त ऐतिहासकि मन्दिर के विकास हेतु कार्य करेंगे। 12. न्यास समिति के कोषाध्यक्ष एवं अध्यक्ष या सचिव के साथ संयुक्त खाता खोलकर मन्दिर से होने वाली सभी आय को बैंक में जमा करेंगे।

उपर्युक्त योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति का गठन 01 वर्ष के लिए अस्थायी रूप से किया जाता है। पुलिस द्वारा सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने एवं न्यास समिति के क्रियाकलापों पर विचारोपरान्त पुनः इसे स्थायी या अवधि विस्तार पर विचार किया जायेगाः-

1. अनुमण्डल पदाधिकारी, पटोरी, जिला-समस्तीपुर - अध्यक्ष 2. अंचलाधिकारी, मोहनपुर, जिला-समस्तीपुर -उपाध्यक्ष 3. श्री विष्वनाथ राय, पिता-सरयुगराय, गढ़ीमोहनपुर -सचिव 4. श्री संतोष राय, पिता-श्री मुनेष्वरराय, गढ़ीमोहनपुर -कोषाध्यक्ष 5. श्री कमलाकान्त राय पिता-स्व0 जर्नादनराय -सदस्य 6. श्री रामसेवक राय, पिता-स्व0 अयोध्या राय, ग्राम-मोहनपुर -सदस्य 7. श्री दिनेष राय, पिता-स्व0 रामेष्वर राय, ग्राम-धरनीपट्‌टी -सदस्य 8. श्री धुपनेष्वर राय, पिता-स्व0 चन्दाराय, गढ़ीमोहनपुर -सदस्य 9. श्री दिनेष राय, पिता-श्री चन्द्रदीप राय, गढ़ीमोहनपुर -सदस्य 10. श्री सोने लाल राम, पिता-स्व0 लक्ष्मी राम, गढ़ीमोहनपुर -सदस्य 11. श्री सज्जन दास, पिता-स्व0 विवेकनिधि दास, गढ़ीमोहनपुर -सदस्य

उक्त न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से किया जाता है और संबंधित थाने से सत्यापण प्राप्त होने के पश्चात्‌ बोर्ड के समक्ष स्थायी बनाये जाने पर विचार किया जायेगा। नोटः--(1) राजस्व अभिलेख में मन्दिर की सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज ''कबीर पंथी मठ'' के नाम पर ही रहेगा, इसमें किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामांतरण अथवा संषोधन नहीं होगा।

(2) न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमिका हस्तान्तरण/बदलैन/बिक्रय/ पट्‌टा/लीज आदि देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्यवाई की जा सकती है। न्यास समिति मन्दिर की भूमि को अधिकतम एक वर्ष के लिए खेती हेतु पट्‌टा कर सकते है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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11 फरवरी 2021

सं0 3004--श्री महेन्द्रनाथ ंिषव मंदिर, ग्राम-मेहन्दार, पो0-रामगढ़ भाया-चैनपुर, थाना-सिसवन, जिला-सिवान पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। न्यास के सुप्रबंधन हेतु एक न्यास समिति का गठन अधिसूचना पत्रांक-1760 दिनांक-03.09.2015 द्वारा किया गया था।

पर्षद द्वारा मान्यता प्राप्त महंत स्वामी राजागिरि की मृत्यु हो चुकी है। इस संबंध में पर्षद द्वारा श्री पंचदषनामा जूना अखाड़ा, वाराणसी से श्री महेन्द्रनाथ षिव मंदिर में महंत नियुक्त किए जाने हेतु प्रस्ताव की मांग की गयी थी, उक्त अखाड़े द्वारा अपने पत्र दिनांक-12.03.2020 द्वारा महंत महादेवानंद गिरि की नियुक्ति हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। जिसके आलोक में उक्त मंदिर का महंत श्री महदेवानंद गिरि को बनाया जाता है तथा वे मंदिर के संरक्षक के रूप मे भी कार्य करेगें। पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-1760, दिनांक-03.09.2015 द्वारा गठित न्यास समिति के 03 सदस्य श्री अरूण कुमार साह तथा श्री ब्रजकिषोर यादव व्यवसाय में संलग्न होने के कारण पर्याप्त समय नहीं दे पा रहें है तथा श्री जितेन्द्र भारती को हनुमान गढ़ी मेंहदार की भी जिम्म्ेदारी प्राप्त हो चुकी है, अतः वह भी समय देने में असमर्थ है। उक्त व्यक्तियों के स्थान पर समिति द्वारा अपने बहुमत से श्री आनन्द कुमार, श्री चन्दन दूबे एवं ई0 ओम प्रकाष यादव का प्रस्ताव बहुमत से पास कराकर दिनांक-01. 09.2020 द्वारा पर्षद को उपलब्ध कराया है। न्यास समिति के पिछले 05 वर्ष के कार्य प्रगति, जीर्णोद्धार व्यवस्था आदि पर विचारोपरान्त पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-1760, दिनांक-03.09.2015 में उल्लेखित नियमों एवं शर्तो के अधीन गठित न्यास समिति का कार्यकाल पर्षदीय आदेष दिनांक-12.01.2021 के अनुसार न्यास समिति में निम्न परिवर्त्तन के साथ 05 वर्ष के लिए विस्तारित किया जाता है : -

1. श्री रमण कुमार सिन्हा अपर समाहर्त्ता, सीवान - अध्यक्ष 2. श्री कन्हैया सिंह - उपाध्यक्ष 3. कर्नल नरेन्द्र देव नारायण सिंह - सचिव 4. श्री कमल देव नारायण शर्मा - कोषाध्यक्ष 5. ई0 ओम प्रकाष यादव, - सदस्य21 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 6. श्री चन्दन प्रताव सिंह - सदस्य 7. श्री अरूण कुमार सिन्हा - सदस्य 8. श्री धु्रवजी उपाध्याय - सदस्य 9. श्री आनन्द कुमार - सदस्य 10. कैप्टन (अ0प्रा0) षिवजी बैठा - सदस्य 11. श्री चन्दन दूबे - सदस्य महंत देवानन्द गिरि न्यास समिति के संरक्षक भी होंगे तथा बैठक में भाग लेंगे। न्यास समिति को इनके प्रति सम्मान दिया जायेगा, चूंकि ये बैरागी सन्यासी है इनके निजी व्यय के लिए समिति मंदिर की आय का आकलन कर उसका एक अंष देंगी, जिससे उनके निजी व्यय, चिकित्सा आदि में कोई असुविधा न हो तथा मंदिर के धार्मिक आयोजन, साधु-सेवा आदि में महंत का सुझाव देने का अधिकार होगा, जिसपर न्यास समिति विचार करेगी। महंत के आध्यात्मिक धार्मिक विचारों का प्रमुखता से पालन होगा।

NOTE:-राजस्व अभिलेख में मंदिर के सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर के नाम ''श्री महेन्द्रनाथ षिव मंदिर न्यास, ग्राम-महेन्द्रनाथ, पो0-रामगढ़ चैनपुर, थाना-सिसवन, जिला-सीवान'' पर ही रहेगा, किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामान्तरण अथवा संषोधन नहीं होगा।

भवदीय, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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18 फरवरी 2021

सं0 3096--कैलाष आश्रम (गड़खा मठ), ग्रामपो0थाना-गड़खा, जिला-सारण पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है जिसकी निबंधन संख्या-1888 है। पर्षद द्वारा न्यास समिति गठन हेतु पर्षदीय पत्रांक-1648 दिनांक-15.012019 द्वारा अंचलाधिकारी, गड़खा से न्यास के सुप्रबंधन एवं वर्त्तमान व्यवस्था, सम्पत्ति एवं आय के बिन्दु पर जांच कर प्रतिवेदन एवं न्यास समिति गठन हेतु अधिकतम ग्यारह हिन्दू सज्जन व्यक्ति जो न्यास की सम्पत्ति से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभान्वित नहीं हो, उपलब्ध कराने हेतु निर्देष दिया गया। अंचल अधिकारी, गड़खा ने अपने पत्रांक-142, दिनांक-12.03.2019 द्वारा स्वच्छ छवि के ग्यारह व्यक्ति जो समाज के भिन्न-भिन्न वर्गो से आते है एवं धार्मिक कार्यो में रूचि रखते है, की सूची उपलब्ध करायी गयीं ।

श्री गणेष दास द्वारा भी 11 नामों का प्रस्ताव पर्षद को प्राप्त कराया गया है। उक्त दोनों नामों का चरित्र सत्यापन थाना से प्राप्त हो जाने के उपरान्त उक्त मंदिर के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 32 के अन्र्तगत एक योजना का निरूपन एवं इसके कार्यान्वन हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतित होेता है।

अतः मैं अखिलेष कुमार जैन, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए कैलाष आश्रम (गड़खा मठ), ग्रामपो0थाना- गड़खा, जिला-सारण की सम्पत्तियों की सुरक्षा, बेहतर प्रबंधन तथा सम्यक्‌ विकास हेतु निम्नांकित योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिए आदेष दिनांक-11.01.2021 द्वारा किया जाता है।

योजना 1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''कैलाष आश्रम (गड़खा मठ), ग्रामपो0थाना-गड़खा, जिला-सारण न्यास योजना होगा'' तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''कैलाष आश्रम (गड़खा मठ), ग्रामपो0थाना-गड़खा, जिला-सारण न्यास समिति'' होगा। जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी प्रावधानों का सम्यक अनुपालन सुनिष्चित करेंगे तथा वार्षिक आय-व्यय का विवरण, बजट एवं अंकेक्षण प्रतिवेदन बैठक का कार्यवृत एवं देय शुल्क राषि पर्षद को ससमय भेजेंगे तथा न्यास परम्परा का पालन करेंगे।

6. न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति का हस्तान्तरण, बदलैन, बिक्रय, रेहन तथा पट्‌टा पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा अगर वे एैसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा। अगर कोई सदस्य/पदाधिकारी इस तरह की कार्रवाई करेंगे तो उनपर अपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। साथ ही न्यास समिति के पदाधिकारियों का यह प्रथम कर्त्तव्य होगा कि न्यास की सभी भू-सम्पत्तियों का जमाबंदी न्यास के नाम से कराकर पर्षद को सूचित करेगें। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतेगें।22 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 7. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद्‌ को प्रेषित की जायेगी।

8. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ को अनुमोदन के लिए भेजेगी।

9. न्यास समिति न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं व्यवस्था के साथ-साथ अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि यदि कोई है, को वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।

10. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा। 11. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास सम्पत्ति से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। न्यास के प्रतिकुल कार्य करते पाये जाने की स्थिति में सदस्य को समिति के कार्यकाल की अवधि के दौरान ही उन्हे सदस्यता से मुक्त किया जा सकता हैं।

12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

पर्षद्‌ द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :- 1. अंचल अधिकारी, गरखा, जिला-सारण - पदेन अध्यक्ष 2. श्री गणेष दास, - उपाध्यक्ष 3. श्री निलेष कुमार, पिता-श्री बच्चा प्रसाद गुप्ता - सचिव 4. श्री महेष्वर पाण्डेय, पिता-स्व0 बनारसी पाण्डेय - कोषाध्यक्ष 5. श्री सुनील सिंंह, पिता-स्व0 प्रभुनाथ सिंह, - सदस्य 6. श्री रामजी सिंह, पिता-स्व0 रामनरेष सिंह, - सदस्य 7. श्री भोला सिंह, पिता-स्व0 कमला सिंह, - सदस्य 8. श्री श्रीकांत प्रसाद, पिता-स्व0 नगीना प्रसाद, - सदस्य 9. श्री प्रकाष दास, पिता-श्री योगेन्द्र भारती - सदस्य सभी ग्रामपो0थाना-गड़खा, जिला-सारण, 10. थानाध्यक्ष, गरखा, जिला-सारण। - सदस्य

NOTE:-राजस्व अभिलेख में मंदिर के सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर के नाम ''कैलाष आश्रम (गड़खा मठ), ग्रामपो0थाना-गड़खा, जिला-सारण'' पर ही रहेगा, किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामान्तरण अथवा संषोधन नहीं होगा।

भवदीय, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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18 फरवरी 2021

सं0 3098--श्री रामजानकी मंदिर, ग्रामपो0-हरषेर, थाना-सिवाईपट्‌टी, अंचल-मीनापुर, जिला-मुजफ्फरपुर पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है जिसकी निबंधन संख्या-4575 है। ़इस न्यास के सुचारू प्रबंधन हेतु श्री हरिषंकर गुप्ता एवं ग्रामीणों की ओर श्री अंगद कुमार द्वारा न्यास समिति बनाये जाने हेतु 04-04 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव दिया गया है।

उपरोक्त परिस्थिति में उक्त मंदिर के सुचारू प्रबंधन, नियमित पूजा-पाठ एवं सम्यक विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 32 के अन्र्तगत एक योजना का निरूपन एवं इसके कार्यान्वन हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतित होेता है।

अतः मैं अखिलेष कुमार जैन, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए श्री रामजानकी मंदिर, ग्रामपो0-हरषेर, थाना-सिवाईपट्‌टी, अंचल-मीनापुर, जिला-मुजफ्फरपुर की सम्पत्तियों की सुरक्षा, बेहतर प्रबंधन तथा सम्यक्‌ विकास हेतु निम्नांकित योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन आदेष दिनांक-10.02.2021 द्वारा करता हूँ।

योजना 1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री रामजानकी मंदिर, ग्रामपो0-हरषेर, थाना-सिवाईपट्‌टी, अंचल-मीनापुर, जिला-मुजफ्फरपुर न्यास योजना होगा'' तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री रामजानकी मंदिर, ग्रामपो0-हरषेर, थाना-सिवाईपट्‌टी, अंचल-मीनापुर, जिला-मुजफ्फरपुर न्यास समिति'' होगा। जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।23 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी प्रावधानों का सम्यक अनुपालन सुनिष्चित करेंगे तथा वार्षिक आय-व्यय का विवरण, बजट एवं अंकेक्षण प्रतिवेदन बैठक का कार्यवृत एवं देय शुल्क राषि पर्षद को ससमय भेजेंगे तथा न्यास परम्परा का पालन करेंगे।

6. न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति का हस्तान्तरण, बदलैन, बिक्रय, रेहन तथा पट्‌टा पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा अगर वे एैसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा। अगर कोई सदस्य/पदाधिकारी इस तरह की कार्रवाई करेंगे तो उनपर अपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। साथ ही न्यास समिति के पदाधिकारियों का यह प्रथम कर्त्तव्य होगा कि न्यास की सभी भू-सम्पत्तियों का जमाबंदी न्यास के नाम से कराकर पर्षद को सूचित करेगें। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतेगें।

7. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद्‌ को प्रेषित की जायेगी।

8. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ को अनुमोदन के लिए भेजेगी।

9. न्यास समिति न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं व्यवस्था के साथ-साथ अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि यदि कोई है, को वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।

10. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा। 11. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास सम्पत्ति से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। न्यास के प्रतिकुल कार्य करते पाये जाने की स्थिति में सदस्य को समिति के कार्यकाल की अवधि के दौरान ही उन्हे सदस्यता से मुक्त किया जा सकता हैं।

12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

पर्षद्‌ द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :- 1. अंचलाधिकारी, मीनापुर, जिला-मुजफ्फरपुर - पदेन अध्यक्ष 2. श्री पवन कुमार गुप्ता, पिता- स्व0 महादेव साह, - उपाध्यक्ष 3. श्री अंगद कुमार, पिता- श्री हरेन्द्र सहनी - सचिव 4. श्री राधेष्याम गुप्ता, पिता- नारायण प्रसाद गुप्ता - कोषाध्यक्ष 5. श्री ललन कुमार, पिता- श्री हरिलाल सहनी - सदस्य 6. श्री मुकेष कुमार, पिता- श्री लखन सहनी - सदस्य 7. श्री हरिषंकर गुप्ता, पिता- स्व0 रामचंद्र साह - सदस्य 8. श्री प्रकाष ठाकुर, पिता- स्व0 देववरण ठाकुर - सदस्य 9. श्री मनोज सहनी, पिता- श्री सटहू सहनी - सदस्य सभी ग्रामपो0- हरषेरपुर, थाना-सिवाईपट्‌टी, जिला-मुजफ्फरपरु।

NOTE:-राजस्व अभिलेख में मंदिर के सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर के नाम ''श्री रामजानकी मंदिर, ग्रामपो0-हरषेर, थाना-सिवाईपट्‌टी, अंचल-मीनापुर, जिला-मुजफ्फरपुर'' पर ही रहेगा, किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामान्तरण अथवा संषोधन नहीं होगा।

इस न्यास समिति का कार्यकाल हस्ताक्षर की तिथि से पॉच वर्ष का होगा। एक वर्ष के बाद इसके कार्यो की समीक्षा की जायेगी और संतोषप्रद पाये जाने पर कार्यकाल की निरन्तरता कायम रहेगी।

भवदीय, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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7 दिसम्बर 2020

सं0 2177--कबीर पंथी मठ, तेनुआ, ग्राम-तेनुआ, पो0-कटहरिया, अंचल-कलयाणपुर, जिला-पूर्वी चम्पारण पर्षद्‌ के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-551 है।

इस मठ के महंत विष्णु गोस्वामी द्वारा मठ की जमीन बिक्री की गयी, जिस कारण इनसे स्पष्टीरकण की मांग की गयी, जिसमें इन्होंने बिक्री को स्वीकार किया और बिक्री की गयी भूमि को वापसी के लिए प्रयास करने के संबंध में पुनः समय दिया गया, परन्तु कोई सक्रियता नहीं पाते हुए पर्षद के आदेष दिनांक-31.12.2015 द्वारा महंत विष्णु गोस्वामी को महंत के पद से अपसारित कर दिया गया।

ग्रामीणों द्वारा भी बैठक कर 17 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव पर्षद को उपलब्ध कराया गया। पर्षद द्वारा की गयी जाँच रिपोर्ट दिनांक-21.04.2016 में भी उक्त प्रस्ताव का उल्लेख है तथा लोगों द्वारा दी गयी सूचना के आधार पर जमीन पर अवैध कब्जा असामाजिक तत्वों द्वारा की गयी है, उसका भी उल्लेख है। थाना से प्राप्त नामों का चरित्र सत्यापन प्राप्त हो चुका है।24 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 उपरोक्त परिस्थति में उक्त मठ के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 32 के अन्र्तगत एक योजना का निरूपन एवं इसके कार्यान्वन हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतित होेता है।

अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए कबीर पंथी मठ, तेनुआ, ग्राम-तेनुआ, पो0-कटहरिया, अंचल-कलयाणपुर, जिला-पूर्वी चम्पारण की सम्पत्तियों की सुरक्षा, बेहतर प्रबंधन तथा सम्यक्‌ विकास हेतु एक योजना का निरूपण किया जाता है और इसे मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति आदेष दिनांक-24.11.2020 के आलोक में गठित की जाती है।

योजना 1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''कबीर पंथी मठ, तेनुआ, ग्राम-तेनुआ, पो0-कटहरिया, अंचल-कलयाणपुर, जिला-पूर्वी चम्पारण न्यास योजना होगा'' तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''कबीर पंथी मठ, तेनुआ, ग्राम-तेनुआ, पो0-कटहरिया, अंचल-कलयाणपुर, जिला-पूर्वी चम्पारण न्यास समिति होगी'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा। 2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोल कर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी प्रावधानों का सम्यक अनुपालन सुनिष्चत करेंगे तथा वार्षिक आय का विवरण बजट एवं अंकेक्षण प्रतिवेदन बैठक का कार्यवृत एवं देय शुल्क राषि पर्षद को ससमय भेजेंगे तथा न्यास परम्परा का पालन करेंगे।

6. न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति का हस्तान्तरण, बदलैन, बिक्रय तथा पट्‌टा पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा अगर वे एैसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा। अगर कोई सदस्य/पदाधिकारी इस तरह की कार्रवाई करेंगे तो उनपर अपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

7. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद्‌ को प्रेषित की जायेगी।

8. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ को अनुमोदन के लिए भेजेगी।

9. न्यास समिति न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं व्यवस्था के साथ-साथ अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि यदि कोई है, को वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।

10. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा। 11. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास सम्पत्ति से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। न्यास के प्रतिकुल कार्य करते पाये जाने की स्थिति में सदस्य को समिति के कार्यकाल की अवधि के दौरान ही उन्हे सदस्यता से मुक्त किया जा सकता हैं।

12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

पर्षद्‌ द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अंचलाधिकारी, कल्याणपुर, जिला-पूर्वी चम्पारण - पदेन अध्यक्ष 2. श्री शषिरंजन सिंह पुत्र श्री सचिदानन्द सिंह - उपाध्यक्ष 3. श्री राम जनम ठाकुर पुत्र स्व0 देवषरण ठाकुर - सचिव 4. श्री रामाकान्त ठाकुर पे0 स्व0 बंति ठाकुर - कोषाध्यक्ष 5. श्री जगरनाथ पंडित पे0 स्व0 दबन पंडित - सदस्य 6. श्री महादेव साह पे0 स्व0 भगल साह - सदस्य 7. श्री बलिन्द्र महतो पे स्व0 सटहु महतो - सदस्य 8. श्री उमरेन्द्र ठाकुर पे0 स्व0 कैलाष ठाकुर - सदस्य 9. श्री अजय ठाकुर पे0 स्व0 मुसद्धी ठाकुर - सदस्य 10. श्री विनोद भगत पे0 इन्द्रदेव भगत - सदस्य

NOTE:-राजस्व अभिलेख में मंदिर के सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर के नाम (कबीर पंथी मठ, तेनुआ, ग्राम-तेनुआ, पो0-कटहरिया, अंचल-कलयाणपुर, जिला-पूर्वी चम्पारण) पर ही रहेगा, किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामान्तरण अथवा संषोधन नहीं होगा।25 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 उपरोक्त न्यास समिति का गठन अस्थाई रूप से किया जाता है, पर्षद के गठन हो जाने के पश्चात्‌ इसको स्थाई किये जाने पर विचार किया जायेगा।

भवदीय, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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12 नवम्बर 2020

सं0 1890--शिव मंदर, ग्राम-विजयपुर, पो0-रामपुर दाउद, थाना-विषंभरपुर, अंचल-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज पर्षद्‌ के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4506 है।

इस न्यास की सूचारू प्रबंधन, उन्नयन तथा सम्यक विकास हेतु एक न्यास समिति का गठन किये जाने हेतु अनुमंडल पदाधिकारी, गोपालगंज से पर्षदीय पत्रांक-1773, दिनांक-02.12.2019 द्वारा अधिकतम 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव भेजने आग्रह किया गया था। अनुमंडल पदाधिकारी, गोपालगंज के पत्रांक-781/गो, दिनांक-05.09.2020 द्वारा न्यास समिति गठन हेतु 12 नामों का प्रस्ताव पर्षद को प्राप्त हुआ।

बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार न्यास समिति में अधिकतम 11 सदस्य ही हो सकते है।

उपरोक्त परिस्थति में उक्त मंदिर के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 32 के अन्र्तगत एक योजना का निरूपन एवं इसके कार्यान्वन हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतित होेता है।

अतः मैं अखिलेष कुमार जैन, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो धार्मिक न्यास की उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए शिव मंदर, ग्राम-विजयपुर, पो0-रामपुर दाउद, थाना-विषंभरपुर, अंचल-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज की सम्पत्तियों की सुरक्षा, बेहतर प्रबंधन तथा सम्यक्‌ विकास हेतु आदेष दिनांक-29.10.2020 के आलोक में निम्नांकित योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''शिव मंदर, ग्राम-विजयपुर, पो0-रामपुर दाउद, थाना-विषंभरपुर, अंचल-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज न्यास योजना होगा'' तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''शिव मंदर, ग्राम-विजयपुर, पो0-रामपुर दाउद, थाना-विषंभरपुर, अंचल-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज न्यास समिति'' होगा। जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी प्रावधानों का सम्यक अनुपालन सुनिष्चित करेंगे तथा वार्षिक आय-व्यय का विवरण, बजट एवं अंकेक्षण प्रतिवेदन बैठक का कार्यवृत एवं देय शुल्क राषि पर्षद को ससमय भेजेंगे तथा न्यास परम्परा का पालन करेंगे।

6. न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति का हस्तान्तरण, बदलैन, बिक्रय, रेहन तथा पट्‌टा पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा अगर वे एैसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा। अगर कोई सदस्य/पदाधिकारी इस तरह की कार्रवाई करेंगे तो उनपर अपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। साथ ही न्यास समिति के पदाधिकारियों का यह प्रथम कर्त्तव्य होगा कि न्यास की सभी भू-सम्पत्तियों का जमाबंदी न्यास के नाम से कराकर पर्षद को सूचित करेगें। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतेगें।

7. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद्‌ को प्रेषित की जायेगी।

8. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ को अनुमोदन के लिए भेजेगी।

9. न्यास समिति न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं व्यवस्था के साथ-साथ अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि यदि कोई है, को वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।

10. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा। 11. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास सम्पत्ति से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। न्यास के प्रतिकुल कार्य26 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 करते पाये जाने की स्थिति में सदस्य को समिति के कार्यकाल की अवधि के दौरान ही उन्हे सदस्यता से मुक्त किया जा सकता हैं।

12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।

पर्षद्‌ द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :- 1. अनुमंडल पदाधिकारी, गोपालगंज - पदेन अध्यक्ष 2. श्री पारसनाथ सिंह पिता श्री राजेन्द्र सिंह, ग्राम-रामपुर माधों, पो0-मनियारा, जिला-गोपालगंज - उपाध्यक्ष 3. श्री अनिल किषोर तिवारी पिता मैनेजर तिवारी, ग्राम-तिवारी मटिहनिया, पो0-सिपाया, जिला-गोपालगंज - सचिव 4. श्री मनोज राजबलम सिंह पिता राजबलम सिंह, ग्राम-चतुर बगाहा, पो0-बाबु विषुनपुर, अंचल-कुचायकोट, थाना-जादोपुर, जिला-गोपालगंज - कोषाध्यक्ष 5. श्री उमेष चन्द्र पाण्डेय पिता देवता पाण्डेय, ग्राम-अमवा विजयपुर, पो0-रामपुर दाउद, थाना-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज - सदस्य 6. श्री डाँ0 रामाषिष यादव पिता बन्ती यादव, ग्राम-अमवा विजयपुर, पो0-रामपुर दाउद, थाना-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज - सदस्य 7. श्री अनिल कुमार ओझा पिता स्व0 दिनानाथ ओझा, ग्राम-तिवारी मटिहनिया, पो0-सिपाया, थाना-विषम्भरपुर, जिला-गोपालगंज - सदस्य 8. श्री आषुतोष कुमार सिंह पिता श्री विन्ध्याचल सिंह ग्रामपो0-रामपुर दाउद, थाना-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज - सदस्य 9. श्री बड़कु तिवारी पिता श्री सत्यनारायण तिवारी, ग्राम-विनोद मटिहनिया, पो0-दुर्ग मटिहरिया, थाना-विषम्भरपुर, एवं जिला-गोपालगंज - सदस्य 10. श्री योगेन्द्र मांझी पिता भदई मांझी, ग्राम-अमवा विजयपुर, पो0-रामपुर दाउद, थाना-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज - सदस्य 11. श्री चन्दन चौहान पिता राजेन्द्र प्रसाद, ग्राम-अमवा विजयपुर, पो0-रामपुर दाउद, थाना-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज - सदस्य

NOTE:- राजस्व अभिलेख में मंदिर के सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर के नाम ''शिव मंदिर, ग्राम-विजयपुर, पो0-रामपुर दाउद, थाना-विषंभरपुर, अंचल-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज पर ही रहेगा,''किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामान्तरण अथवा संषोधन नहीं होगा। उपरोक्त न्यास समिति का गठन अस्थाई रूप से किया जाता है, चरित्र सत्यापान एवं पर्षद के गठन हो जाने के पश्चात्‌ इसको स्थाई किये जाने पर विचार किया जायेगा।

भवदीय, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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5 फरवरी 2021

सं0 2871--श्री गंधार मठ, थाना-घोसी, अंचल-मोदनगंज, जिला-जहानाबाद,बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, पटना के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-931 है।

इस नयास की व्यवस्था हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-1394, दिनांक-29/11/2011 द्वारा 06 सदस्यीय न्यास समिति का गठन पाँच वर्षों के लिए किया गया था। इसका कार्यकाल समाप्त हो चुका है। पर्षद को श्री ब्रह्मचारी गौरवानंद जी द्वारा एक आवेदन दि0- 04/01/2019 को उपलब्ध कराया गया। इसमें उन्होंने स्वयं को स्वामी हरिनारयणानंद जी का षिष्य बताया तथा उनके द्वारा निर्गत Power of Attorney की बात कही। उक्त आवेदन के उपरांत पर्षदीय पत्रांक- 38, दिनांक- 08/04/2019 द्वारा न्यास की जांच करते हुए 11 हिन्दू सज्जनों के नामों की मांग की गयी। पर्षदीय पत्रांक- 2047, दिनांक- 28/11/2020 द्वारा पुनः अंचलाधिकारी से न्यास समिति गठन हेतु नामों की मांग की गयी। प्रतिवेदन अप्राप्त रहने पर पर्षदीय पत्रांक- 2550, दिनांक- 13/01/2021 द्वारा अंचलाधिकारी से पुनः हिन्दू सज्जनों की नाम की मांग की गयी। अंचलाधिकारी का प्रतिवेदन पत्रांक- 119, दिनांक- 25/01/2021 पर्षद को प्राप्त हुआ, जिसमें न्यास समिति के27 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 गठन हेतु 07 सदस्यों का नाम अनुषंसित किया गया। न्यास के अध्यक्ष स्वामी हरिनारायणानंद जी काफी वृद्ध हो चुके हैं और उनके द्वारा मठ की देखभाल करने हेतु Power of Attorney द्वारा ब्रह्मचारी गौरवानंद को प्राधिकृत किया गया है। न्यास की अधिकांष जगह अतिक्रमण का षिकार है। ऐसी स्थिति में अचंलाधिकारी द्वारा अपने पत्रांक- 119, दिनांक- 25/01/2021 द्वारा 08 सदस्यों की न्यास समिति गठन करने का निर्णय लिया जाता है।

अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री गंधार मठ, थाना- घोसी, अंचल- मोदनगंज, जिला- जहानाबाद''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री गंधार मठ न्यास योजना, थाना- घोसी, अंचल- मोदनगंज, जिला- जहानाबाद''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री गंधार मठ न्यास समिति, थाना- घोसी, अंचल- मोदनगंज, जिला- जहानाबाद'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। 4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा । महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री ब्रह्मचारी गौरवानंद, गंधार मठ, पो0- बंधुगंज, था0- घोषी, जहानाबाद - अध्यक्ष 2. अंचलाधिकारी, मोदनगंज, जिला- जहानाबाद -उपाध्यक्ष 3. श्री बाल्मिकी सिंह (पूर्व प्रधानाध्यापक), पो0- बंधुगंज, था0- घोषी, जहानाबाद - सचिव 4. श्री महंत सागर दास, तारापुर, पो0था0- एकंगरसराय, जिला- नालंदा - कोषाध्यक्ष 5. श्री लखन सिंह, ग्राम- शाहपुर, पो0- कोरमा, था0- घोषी, जहानाबाद -सदस्य 6. श्री रवि रंजन, ग्रामपो0- बंधुगंज, था0- घोषी, जहानाबाद - सदस्य 7. श्री बाल्मिकी कुमार (षिक्षक), ग्राम- गंधार मठ, पो0- बंधुगंज, था0- जहानाबाद - सदस्य 8. श्री शंकर सिंह, ग्राम- गंधार, पो0- बंधुगंज, जहानाबाद - सदस्य28 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 उक्त आदेष के आलोक मेें ''श्री गंधार मठ न्यास योजना, थाना- घोसी, अंचल- मोदनगंज, जिला- जहानाबाद''के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/ लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से,, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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2 फरवरी 2021

सं0 2825--महाराजा कुंवर रूप नारायण सिंह ट्रस्ट, दीवान मुहल्ला, पटना सिटी, जिला- पटना बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-655/1958 है। यहां भगवान जगन्नाथ एवं अम्बिका महारानी की मंदिर है, जो एक पौराणिक धार्मिक स्थल है। महाराजा कल्याण सिंह की पौत्री एवं कुंवर दौलत सिंह की पुत्री मुन्नी बीबी उर्फ लाली ने सन्‌ 1810 ई0 में जगन्नाथ पूरी की यात्रा की और वहां से भगवान श्री जगन्नाथजी, भगवान श्री बलरामजी एवं सुभद्राजी की प्रतिमा लाकर दीवान मुहल्ला, पटना सिटी में स्थापित की, जो जगन्नाथ बाड़ी के नाम से प्रसिद्ध है।मुन्नी बीबी को पुत्र के रूप में महाराजा भूप सिंह का जन्म सन्‌ 1813 में हुआ। महाराजा भूप सिंह के तीन पुत्र हुये,श्री महीपत सिंह, श्रीपत सिंह एवं श्री कुंवर रूप नारायण सिंह। कुंवर रूप नारायण सिंह, जो अविवाहित थे, सन्‌ 1905 में अपनी संपूर्ण संपत्ति भगवान जगन्नाथ जी एवं अम्बिका महारानी के पक्ष में निबंधित दस्तावेज द्वारा दान में दे दी। उक्त दस्तावेज पर्षीयन भाषा में है तथा उसका हिन्दी रूपान्तरण पर्षद की संचिका में है। इसके अवलोकन से स्पष्ट होता है कि पैरा- 8 से पूर्व के पैरे में उल्लेख है कि समर्पणकर्त्ता ने बाबू नागेष्वर सहाय, वल्द जमींदार बाबू हरिहर सहाय को ट्रस्टी मुकर्रर किया। उक्त दस्तावेजों में मौजा- चांदपुर, कुम्हरार के तौजी नं0- 26, इलाका- पीरबहोर एवं मौजा- रतनपुर, तौजी नं0- 218, इलाका- थाना बिहार में स्थित 12 (बारह) भूमियों का समर्पण किया गया। संचिका पर एक अन्य दस्तावेज उपलब्ध है, जो संदलपुर परगना अजिमाबाद के तौजी नं0- 303, थाना नं0- 11 के खाता सं0- 848, 849, 850, 851 बाबू नागेष्वर सहाय, जिन्हेें समर्पणकर्त्ता द्वारा न्यासधारी बनाया गया था, उन्होंंने अपने नाम करा लिया। उक्त दाखिल-खारिज पूर्ण रूप से अवैध एवं फर्जी, षडयंत्र के तहत कराया गया प्रतीत होता है। इस न्यास की व्यवस्था हेतु समय-समय पर न्यास समिति का गठन किया जाता रहा है। न्यास समिति का कार्यकाल पूर्व में समाप्त हो चुका है। इस न्यास की सुव्यवस्था हेतु अंचलाधिकारी एवं अन्य से न्यास समिति गठन हेतु नाम की मांग की जाती रही तथा आम जनता द्वारा भी दि0- 17/05/2017 को समिति गठन करने हेतु नामों का प्रस्ताव भेजा है, जिसका चरित्र-सत्यापन एवं अनुमंडल पदाधिकारी, पटना से भी प्रतिवेदन प्राप्त करने हेतु पत्र निर्गत किया गया।

दि0- 25/01/2019 को थाना को प्रस्तावित नामों की सूची भेजते हुए चरित्र-सत्यापन की मांग की गयी। प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होने पर वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना को पूर्व पत्रों की जानकारी देते हुए चरित्र-सत्यापन शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देष दिया गया।दि0- 25/03/2019 को मंदिर में कार्य कर रही स्वयंभू समिति के सदस्यों द्वारा सूचना दी गयी की कुछ सदस्यों की मृत्यु हो गयी है तथा उनके स्थान पर नये नामों का प्रस्ताव भेजा, जिनका चरित्र-सत्यापन हेतु थाना को पत्र दि0- 18/02/2020 को लिखा गया तथा स्मार-पत्र दि0- 15/02/2020 को प्रेषित किया गया।

उपरोक्त पत्रों को लिखने के उपरांत संबंधित थानाध्यक्ष द्वारा दि0- 12/01/2021 को प्रस्तावित नामों का चरित्र-सत्यापन करते हुए रिर्पोट किया गया की प्रस्तावित किसी भी व्यक्ति के विरूद्ध कोई प्रतिकुल टिप्पणी थाना में अंकित नहीं है।

उपरोक्त परिस्थिति में मंदिर तथा भूमि की सुरक्षा एवं संचालन हेतु निम्न न्यास समिति का गठन अस्थायी अगले आदेष तक किया जाता है।

अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''महाराजा कुंवर रूप नारायण सिंह ट्रस्ट, दीवान मुहल्ला, पटना सिटी, जिला- पटना'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''महाराजा कुंवर रूप नारायण सिंह ट्रस्ट न्यास योजना, दीवान मुहल्ला, पटना सिटी, जिला- पटना'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''महाराजा कुंवर रूप नारायण सिंह ट्रस्ट न्यास समिति, दीवान मुहल्ला, पटना सिटी, जिला- पटना'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा। 2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। 4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।29 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की अस्थायी न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सिटी, जिला- पटना -पदेन अध्यक्ष 2. श्री कमल नयन श्रीवास्तव, पिता- स्व0 रामनरेष प्रसाद, दीवान मोहल्ला,

रामजानकी चौरहा, निकट जगन्नाथ मंदिर, था0- खाजेकलां, पटना सिटी, पटना- 08 - उपाध्यक्ष 3. श्री संजय कुमार सिन्हा, अधिवक्ता, पिता- स्व0 रामनन्दन प्रसाद, दीवान मोहल्ला,

तारणी प्रसाद लेन, पटना सिटी, पटना - सचिव 4. श्री अंषय बहादुर माथुर, अधिवक्ता, पिता- स्व0 बीरेन्द्र बहादुर माथुर,

दीवान मोहल्ला, नौजर घाट, पटना सिटी, पटना- 08 - कोषाध्यक्ष 5. श्री नवीन कुमार सिन्हा, खड़ा कुंआ, गायघाट, पो0- गुलजारबाग,

आलमगंज, पटना- 07 - सदस्य 6. श्री अमरनाथ पिता- स्व0 मथुरा प्रसाद, दीवान मोहल्ला, रामजानकी चौराहा, पटना-08 -सदस्य 7. श्री राम सुभाष रजक, अधिवक्ता, पिता- श्री बृजमोहन रजक, दीवान मोहल्ला, नौजर घाट, पटना सिटी, पटना- 08 -सदस्य 8. श्री गणेष कुमार सिन्हा पिता- श्री राजेष्वर प्रसाद सिन्हा, दीवान मोहल्ला, हमाम,

पान दरिवा लेन, पटना सिटी, पटना- 08 -सदस्य 9. श्री शषि रंजन प्रसाद वर्मा पिता- स्व0 सुरेष प्रसाद वर्मा, दीवान मोहल्ला, पातो की बाग,

पटना सिटी, पटना- 08 -सदस्य 10. श्री मनोज कुमार माथुर पिता- स्व0 वासुदेव नारायण लाल माथुर, दीवान मोहल्ला,

पातो की बाग, पटना सिटी, पटना- 08 -सदस्य 11. श्री अनिल कुमार (अनुप जी) पिता- श्री त्रिभुवन प्रसाद, मोगलपुरा, पुरानी चौकी,

पटना सिटी, पटना- 08 - सदस्य उक्त आदेष के आलोक मेें ''महाराजा कुंवर रूप नारायण सिंह ट्रस्ट, दीवान मुहल्ला, पटना सिटी, जिला- पटना'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/ लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से,, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।30 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021

2 फरवरी 2021

सं0 2827--मनसापुरन देवी एवं साईं षिव कृपा मंदिर, राजा बाजार, मछली गली, जिला- पटना पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-4545/2020 है।

मनसापुरन देवी मंदिर एवं साईं षिव कृपा मंदिर, राजा बाजार में अवस्थित अति भव्य धार्मिक स्थल है। मंदिर का निर्माण समाज के सभी व्यक्तियों के सहयोग से किया गया है। मंदिर की व्यवस्था हेतु ग्रामीणोें ने बैठक कर 08 (आठ) व्यक्तियों की ट्रस्ट निर्माण समिति बनायी थी, जिसके अध्यक्ष- श्री मयंक भूषण पाठक जी थे। स्वयंभू न्यास समिति द्वारा मंदिर तथा कार्यरत कर्मियों के संबंध में एक नियमावली, दि0-27/04/2011 को निर्मित की गयी थी। उस नियमावली का निबंधन नहीं कराया गया था। कालांतर में दो सदस्य श्री विनय कुमार एवं डॉ0 प्रकाष असामयिक मृत्यु के कारण शेष व्यक्तियों ने सूची के अन्य व्यक्तियों के साथ आम सभा कर ग्यारह व्यक्तियों की स्वयंभू समिति का गठन दि0- 31/12/2017 को किया था।

पर्षद को प्राप्त हो रही षिकायत के आलोक में सुनवायी किये जाने का निर्णय लिया गया तथा सभी पक्षों को सुनने के पश्चात मंदिर को सार्वजनिक घोषित करते हुए निबंधन का आदेष दि0- 19/08/2020 को किया गया। निबंधन के पश्चात दि0- 25/08/2020 को सदस्यों द्वारा मंदिर की फोटो तथा पूर्व में चल रही हकीयत वाद में पारित निर्णय की प्रति दाखिल की गयी। साथ ही न्यास समिति प्रस्तावित सदस्यों की सूची दाखिल की गयी, जो वर्तमान मंदिर की देखभाल तथा संचालन करते हैं। प्राप्त सूची को थाना में भेजकर उनका चरित्र-सत्यापन कराया गया। सत्यापन रिर्पोट पर्षद को प्राप्त है। उपरोक्त परिस्थिति में न्यास की सुव्यवस्था, सम्यक्‌ विकास एवं सुचारू प्रबंधन हेतु निम्नलिखित योजना का निरूपण एवं उसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।

अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''मनसापुरन देवी एवं साईं षिव कृपा मंदिर, राजा बाजार, मछली गली, जिला- पटना''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''मनसापुरन देवी एवं साईं षिव कृपा मंदिर न्यास योजना, राजा बाजार, मछली गली, जिला- पटना'' होगा और इसे मूर्त्त रूप देने के लिए पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति का नाम''मनसापुरन देवी एवं साईं षिव कृपा मंदिर न्यास समिति, राजा बाजार, मछली गली, जिला- पटना''होगी, जिसमें न्यास की समस्त चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। 4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।31 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री मयंक भूषण पाठक पिता- स्व0 श्री गोपालजी पाठक, सलीमपुर डुमरा, राजाबाजार, पटना-14 -अध्यक्ष 2. श्रीमती मीता देवी पति- स्व0 विनय सिंह, अषोक टावर, मछली गली, राजा बाजार, पटना- 14 -उपाध्यक्ष 3. श्री अरविन्द कुमार पिता- श्री भागेष्वर शर्मा, मोहित नारायण सिंह पथ, पुनाई चक, पटना- 23 -सचिव 4. श्री मुकेष कुमार पिता- श्री रामा शंकर सिंह, सलीमपुर डुमरा, राजा बाजार, पटना- 14 -कोषाध्यक्ष 5. श्री विनोद रजक पिता- स्व0 टुन्नू रजक, मकान नं0- 20, चाणक्यपूरी, राजा बाजार, पटना-14 -सदस्य 6. श्री मुकेष कुमार पिता- श्री महाषंकर प्रसाद, न्यू विग्रहपुर, पटना- 01 - सदस्य 7. श्री कुमार राहुल पिता- श्री ओम प्रकाष, जे0-63, पी0सी0 कॉलोनी, कंकड़बाग, पटना- 20 -सदस्य 8. श्री अक्षय नारायण साह पिता-श्री महावीर साह, मकान नं0-26, चाणक्यपूरी, राजाबाजार, पटना-14-सदस्य 9. श्रीमती पूनम कुमारी पुत्री- श्री सुबेदार सिंह, मकान सं0-22, चाणक्यपूरी, राजाबाजार, पटना-14 -सदस्य

;बपकरू2869द्ध;बपकरू2868द्ध;बपकरू2872द्ध

10. श्री विनोद कुमार ठाकुर पिता- श्री हरिद्वार कांत ठाकुर, मकान सं0- , विंग-IV,

;बपकरू2868द्ध;बपकरू2873द्ध

विषाल रेसिडेंसियल अपार्टमेंट, राजा बाजार, पटना-14 - सदस्य 11. श्री परमानंद शर्मा पिता- स्व0 भागवत प्रसाद, श्याम नगर, मौर्य पथ, पटना- 14 - सदस्य उक्त आदेष के आलोक मेें ''मनसापुरन देवी एवं साईं षिव कृपा मंदिर, राजा बाजार, मछली गली, जिला- पटना'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन /विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से,, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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2 फरवरी 2021

सं0 2829--श्री महादेव स्थान, पो0था0- मनेर, जिला- पटना,बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, पटना के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-4527/2020 है।

श्री महादेव स्थान, मनेर एक प्राचीन षिव मंदिर है। मंदिर लगभग 120 वर्ष प्राचीन है, जिसमें कुल 33 डी0 जमीन, खाता सं0- 496 एवं 480 पर स्थित है। मंदिर लगभग 10 (दस) डीसमिल में तथा 05 (पाँच) डीसमिल में सामुदायिक भवन है। शेष भूमि परती है। स्थानीय जनता द्वारा पर्षद को खतियान दो प्रति, मंदिर का फोटो, प्लॉटन सं0- 729, 730 एवं 731 का नक्षा संलग्न किया गया। इस मंदिर के संबंध में अंचलाधिकारी से जांच करते हुए वस्तुस्थिति की मांग की गयी। अंचलाधिकारी ने अपने प्रतिवेदन दि0- 08/11/2019 को उपलब्ध कराया, जिसमें उल्लेख किया गया कि खाता सं0- 496, खेसरा सं0- 730, रकबा- 15 डीसमिल गैरमजरूआ जमीन है, जिसमें महादेव स्थान, इन्द्राज है तथा खाता सं0- 486, खेसरा- 731, रकबा- 24 डीसमिल, खेसरा सं0- 729, रकबा- 32 डीसमिल, खतियान में रामनाथ स्वामी व चेले तण्डी स्वामी, मनेर दर्ज है। वर्तमान में रामनाथ विकास कमिटि, महादेव स्थान, मनेर की देखरेख में मंदिर का प्रबंधन किया जा रहा है। हल्का कर्मचारी की रिर्पोट दि0- 06/11/2019 में खेसरा सं0- 731 में कुछ भाग पर संस्कृत विद्यालय संचालित है तथा मंदिर के पास एक सामुदायिक भवन संचालित है। शेष भाग का प्रबंधन कमिटि के देख-रेख में मंदिर के हाते के रूप में प्रयोग होता है। मंदिर में धार्मिक आयोजन एवं विकास कार्य, स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से किया जाता है। अंचलाधिकारी द्वारा अपने पत्र दिनांक- 07/11/2020 से 11 व्यक्तियों को न्यास समिति गठन किये जाने हेतु प्रस्तावित किया था, जिसका चरित्र-सत्यापन भी संबंधित थाना से दिनांक- 24/12/2020 को प्राप्त हो गया है।

उपरोक्त परिस्थिति में प्रस्तावित नामों की गठित करने का निर्णय लिया जाता है। अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री महादेव स्थान, पो0था0- मनेर, जिला- पटना''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री महादेव स्थान न्यास योजना, पो0था0- मनेर, जिला- पटना''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री महादेव स्थान न्यास समिति, पो0था0- मनेर, जिला- पटना'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।32 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। 4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री सूर्यदेव त्यागी, ग्राम- जय प्रकाष नगर, मनेर, जिला- पटना - संरक्षक 2. श्री संजय कुमार झा ''सज्जन'' अंचलाधिकारी, मनेर, पटना - अध्यक्ष 3. प्रो0 कृष्ण कुमार सिंह, कोठी पर, मनेर, पो0था0- मनेर, पटना - उपाध्यक्ष 4. श्री कौषल किषोर सिंह, महादेव स्थान, पो0था0- मनेर, पटना - सचिव 5. श्री संजय कुमार, महादेव स्थान, मनेर, पटना - कोषाध्यक्ष 6. श्री मोती कुमार, महादेव स्थान, मनेर, पटना -सदस्य 7. श्री नरेष राम, सहाली चौक, पो0- अहियापुर, मनेर, पटना -सदस्य 8. श्री शारदानन्द राय, सहाली चक, पो0- अहियापुर, मनेर, पटना -सदस्य 9. श्री रामजी मिश्र, ग्यासपुर अहियापुर, मनेर, पटना -सदस्य 10. श्री अमोल बजाज, काजी मुहल्ला, मनेर, पटना -सदस्य 11. श्री नागेन्द्र कुमार, रसुलपुर, मनेर, पटना - सदस्य उक्त आदेष के आलोक मेें ''राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमिश्री महादेव स्थान, पो0था0-मनेर, जिला-पटना'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन /विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से,, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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3 फरवरी 2021

सं0 2832--अतिप्राचीन महावीर मंदिर, ग्रा0पो0था0-शाहजहाँपुर, अंचल- दनियावाँ, जिला- पटना,बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, पटना के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-4537/2020 है। श्री महावीर मंदिर, शाहजहाँपुर के निबंधन हेतु 15 व्यक्तियों के हस्ताक्षर से एक संयुक्त प्रार्थना-पत्र दि0- 29/08/2017 को पर्षद को प्राप्त हुआ। उक्त प्रार्थना-पत्र के आलोक में अंचलाधिकारी से पत्र दि0- 23/03/2018 द्वारा मंदिर की वास्तविक भूमि आदि के संबंध में रिर्पोट की मांग की गयी। प्रतिवेदन प्राप्त नहीं रहने के कारण पर्षद द्वारा अंचलाधिकारी को स्मार-पत्र दिया गया। तदोपरांत अंचलाधिकारी द्वारा राजस्व कर्मचारी का स्थल निरीक्षण रिर्पोट अपने पत्र33 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 दि0-17/01/2020 द्वारा उपलब्ध कराया। जिसमें उल्लेख किया कि मौजा- शाहजहांपुर मेें अतिप्राचीन मंदिर, जिसका खाता सं0-295, खेसरा सं0-1528, एरिया-0.23 डी0 सर्वे खतियान में गैरमजरूआ मालिक दर्ज है और मंदिर काफी प्राचीन है। मंदिर का निर्माण सामुहिक चंदा से किया गया है और दान-चढ़ावा की राषि से मंदिर का रंग-रोगन एवं राग-भोग लगता है। मंदिर की प्रकृति को सार्वजनिक पाते हुए, निबंधन का आदेष दिया गया। न्यास समिति बनाये जाने हेतु अंचलाधिकारी से कुल 6 व्यक्तियोंं का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिसका चरित्र-सत्यापन प्रतिवेदन दिनांक-02/10/2020 को स्थानीय थाना से प्राप्त हो चुका है।

उपरोक्त परस्थिति में अंचलाधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन तथा प्राप्त चरित्र-सत्यापन प्रतिवेदन के आधार पर उक्त मंदिर के दैनिक कार्यों के संचालन, पूजा-पाठ एवं सम्पत्ति की सुरक्षा हेतु निम्न प्रकार अस्थायी न्यास समिति का गठन किया जाता है।

अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''अतिप्राचीन महावीर मंदिर, ग्रा0पो0था0- शाहजहाँपुर, अंचल-दनियावाँ, जिला- पटना''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''अतिप्राचीन महावीर मंदिर न्यास योजना, ग्रा0पो0था0- शाहजहाँपुर, अंचल- दनियावाँ, जिला- पटना'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''अतिप्राचीन महावीर मंदिर न्यास समिति, ग्रा0पो0था0- शाहजहाँपुर, अंचल- दनियावाँ, जिला- पटना'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। 4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा । महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की अस्थायी न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री सौखी पासवान - अध्यक्ष 2. श्री श्यामा ठाकुर - सचिव 3. श्री बिन्दु प्रसाद सिन्हा - कोषाध्यक्ष34 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 4. श्री अजीत महतो -सदस्य 5. श्री मनोज कुमार -सदस्य 6. श्री पारस महतो - सदस्य सभी का पता-अतिप्राचीन महावीर मंदिर, ग्रा0पो0था0-शाहजहाँपुर, अंचल-दनियावाँ, जिला-पटना। उक्त आदेष के आलोक मेें ''अतिप्राचीन महावीर मंदिर, ग्रा0पो0था0-शाहजहाँपुर, अंचल-दनियावाँ, जिला- पटना'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/ लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। आदेश से,, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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3 मार्च 2021

सं0 3261--श्री श्री 108 जय माँ काली मंदिर, ग्राम-टेढ़ागाछ (दहीभात), पो0थानाअंचल-टेढ़ागाछ, जिला-किषनगंज पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है जिसकी निबंधन संख्या-4569/2020 है। इस मंदिर की देख-भाल, सुप्रबंधन के लिए आम सभा दिनांक-15.06.2020 द्वारा 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव प्राप्त हुआ था, जिसपर अनुमंडल पदाधिकारी से पर्षदीय पत्रांक-2523, दिनांक-09.01.2021 द्वारा मंतव्य की मांग की गयी जो अबतक अप्राप्त है। उक्त नामों का चरित्र सत्यापन थाना से कराया गया।

अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद्‌ को प्रदत्त अधिकार जो उपविधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए मंदिर की देखभाल, नियमित पूजा-पाठ, राग-भोग आदि तथा मंदिर की भूमि की व्यवस्था के लिए ''श्री श्री 108 जय माँ काली मंदिर, ग्राम-टेढ़ागाछ(दहीभात), पोस्टथानाअंचल-टेढागाछ, अनुमंडलजिला-किषनगंज'' की देखभाल, नियमित पूजा-पाठ, राग-भोग तथा मंदिर की भूमि की व्यवस्था एवं सम्पत्तियों की सुरक्षा संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु आदेष दिनांक-22.02.2021 के आलोक में नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन ''अस्थायी'' रूप से किया जाता है, अनुमंडल पदाधिकारी, किषनगंज द्वारा प्रस्तावित नामों पर उनका मंतव्य प्राप्त हो जाता है तो उसपर विचार किया जायेगा।

योजना 01. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम श्री श्री 108 जय माँ काली मंदिर, ग्राम-टेढ़ागाछ(दहीभात), पोस्टथानाअंचल-टेढागाछ, अनुमंडलजिला -किषनगंज'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री श्री 108 जय माँ काली मंदिर, ग्राम-टेढ़ागाछ(दहीभात), पोस्टथानाअंचल-टेढागाछ, अनुमंडलजिला -किषनगंज'', न्यास समिति,'' होगी जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

02. इस न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा, विकास एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।

03. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा। या न्यास समिति, सचिव को भी खाते के संचालन के लिए प्रस्तावित कर सकते हैं। सचिव/कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी कि प्रत्येक वर्ष आय-व्यय विवरण तथा मंदिर में किये गये विकासात्मक कार्यो का उल्लेख प्रतिवर्ष अप्रैल माह में अवष्य दाखिल करेंगे।

04. यदि पूर्व से न्यास का बचत खाता किसी बैंक में हो तो, उसका संचालन वर्तमान के न्यास समिति के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष या न्यास समिति द्वारा प्रस्तावित सदस्य और अध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।

05. न्यास समिति को यह भी निर्देष दिया जाता है कि अंचलाधिकारी व थानाध्यक्ष के सहयोग से यदि कोई अतिक्रमण न्यास की जमीन पर हो तो, जमीन अतिक्रमण मुक्त कराये या उक्त जमीन पर व्यवसाय कर रहे व्यक्तियों से मासिक किराया निर्धारित करते हुए मासिक किराया वसुल करेें।

06. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय सम्यक रूप से पर्षद्‌ को प्रेषित करेगी।

07. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद्‌ को प्रेषित की जायेगी।

08. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ को अनुमोदन के लिए भेजेगी।

09. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 10. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा। 11. न्यास समिति के किसी भी पदाधिकारी/सदस्य/सेवायत को न्यास की अचल सम्पत्ति को बिक्री करने, बदलैन करने एवं तीन वर्ष से अधिक अवधि के लिए किराया देने का कोई अधिकार नहीं होगा जबतक कि लिखित रूप में इस संबंध में पूर्व सहमति पर्षद से प्राप्त नही कर ली जाय। साथ ही न्यास समिति के सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ35 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो सदस्य बने रहने की उनकी अर्हता समाप्त हो जायेगी।

पर्षद्‌ द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :- 01. अंचलाधिकारी, टेढ़ागाछ, किषनगंज - पदेन अध्यक्ष 02. श्री पन्ना लाल शर्मा, पिता-श्री रामलाल शर्मा, - उपाध्यक्ष ग्राम-दहीभात, पो0-फुलवारी, भाया-बहादुरगंज 03. श्री सलटन प्रसाद सिंह, पिता-स्व0 बुद्धलाल सिंह - सचिव ग्रामपो0-फुलवारी, भाया-बहादुरगंज 04. श्री कृपानंद झा, पिता-स्व0 चन्द्रकांत झा, - कोषाध्यक्ष काली मंदिर, टेढागाछ, पो0-फुलवारी, भाया-बहादुरगंज 05. श्री बहादुर प्रसाद शर्मा, पुत्र-स्व0 नेगरू शर्मा, - सदस्य ग्राम-दहीभात, पो0-फुलवारी भाया-बहादुरगंज 06. श्री जवाहर प्रसाद सिंह, पिता-स्व0 चेचन लाल सिंह, - सदस्य ग्रामपो0-फुलवारी, भाया-बहादुरगंज 07. श्री सुषील शर्मा, पिता-स्व0 साहेब लाल शर्मा, - सदस्य ग्राम-दहीभात, पो0-फुलवारी, भाया-बहादुरगंज, 08. श्री राजेन्द्र साह 'राजन', पिता-स्व0 फौजी लाल साह, - सदस्य लक्ष्मी स्वीट्‌स, ग्राम-दहीभात, पो0-फुलवारी, भाया-बहादुरगंज 09. श्री बिसन प्रसाद सिंह, पिता-स्व0 महादेव प्रसाद सिंह, - सदस्य ग्रामपो0-फुलवारी, भाया-बहादुरगंज 10. श्री गोपी शर्मा, पिता-स्व0 हरिलाल शर्मा, - सदस्य ग्राम-दहीभात, पो0-फुलवारी, भाया-बहादुरगंज 11. थानाध्यक्ष, टेढ़ागाछ - सदस्य सभी जिला-किषनगंज। उक्त आदेष के आलोक में राजस्व अभिलेखों में न्यास के नाम ''जय माँ काली मंदिर'' में किसी प्रकार को कोई परिर्वतन नहीं किया जा सकता हैं। नोटः-न्यास समिति के पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/ लिज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकारी नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शून्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जा सकती हैं।

आदेश से,, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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23 फरवरी 2021

सं0 3164--समस्तीपुर जिलान्तर्गत श्री राम जानकी मंदिर, ग्राम- रामपुर रजवा, पोस्ट- रामपुर, थाना- हसनपुर, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, पटना के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 578 है। उक्त न्यास के संंबंध में पारित पर्षदीय आदेष दिनांक- 03/03/2020 के आलोक में पर्षदीय पत्रांक- 452, दिनांक-08/06/2020 द्वारा अंचलाधिकारी, हसनपुर, जिला- समस्तीपुर से न्यास समिति गठन हेतु स्वच्छ छवि के अधिकतम 11 व्यक्तियों का नाम-पता (पदनाम सहित) भेजने का आग्रह किया गया। पर्षदीय स्मार-पत्र दिनांक- 13/08/2020 के आलोक में अंचलाधिकारी, हसनपुर के पत्रांक-806, दिनांक-14/09/2020 द्वारा न्यास समिति गठन हेतु स्वच्छ छवि के ग्यारह व्यक्तियों का नाम प्रस्तावित किया गया, जिसके संबंध में महंत षिव कुमार दास द्वारा प्रार्थना-पत्र दिया गया है कि पर्षद द्वारा न्यास समिति का गठन कर दिया जाता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।

उपरोक्त परिस्थिति मेें उक्त न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक्‌ विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राम जानकी मंदिर, ग्राम- रामपुर रजवा, पोस्ट- रामपुर, थाना- हसनपुर, जिला- समस्तीपुर'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।36 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी मंदिर न्यास योजना, ग्राम- रामपुर रजवा, पोस्ट- रामपुर, थाना- हसनपुर, जिला- समस्तीपुर'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी मंदिर न्यास समिति, ग्राम- रामपुर रजवा, पोस्ट- रामपुर, थाना- हसनपुर, जिला- समस्तीपुर'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। 3. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 4. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा । महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी / महंत की अर्हता का निर्धारण की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

15. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। 16. महंत षिव कुमार दास को मंदिर में पूजा-पाठ, राग-भोग, धार्मिक कार्यों को सम्पन्न करने एवं देखभाल का अधिकार होगा।

17. मंदिर के अधीनस्थ भूमि की बंदोवस्ती का अधिकार न्यास समिति को होगा, जिसका आय-व्यय विवरण, पर्षद के समक्ष प्रतिवर्ष प्रस्तुत किया जायेगा।

उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की अस्थायी रूप से एक वर्ष लिए न्यास समिति गठित की जाती हैः-

1. अंचलाधिकारी, हसनपुर, जिला- समस्तीपुर - पदेन अध्यक्ष 2. श्री केषव प्रसाद राय पिता- श्री सुरेन्द्र प्रसाद राय - उपाध्यक्ष 3. श्री सूदन प्रसाद राय पिता- स्व0 भागवत प्रसाद राय - सचिव 4. श्री मनोज यादव पिता- राम ना0 यादव - कोषाध्यक्ष 5. श्री राहुल कुमार पिता- श्री अनिल कुमार राय - सदस्य 6. श्री अरूण कुमार राय पिता- स्व0 मथुरा राय - सदस्य 7. श्री मणिकान्त राय पिता- स्व0 लक्ष्मी ना0 राय - सदस्य 8. श्री अजय राय पिता- स्व0 सहदेव राय - सदस्य 9. श्रीमती शीला देवी पति- बाला महतो - सदस्य 10. श्री राम बालक राय पिता- स्व0 राम रखा राय - सदस्य 11. महंत श्री षिव कुमार दास - धार्मिक संरक्षक

सभी का पता- ग्राम- रामपुर रजवा, पो0- रामपुर, था0- हसनपुर, जिला- समस्तीपुर।

उक्त आदेष के आलोक मेें ''श्री राम जानकी मंदिर, ग्राम- रामपुर रजवा, पोस्ट- रामपुर, थाना- हसनपुर, जिला- समस्तीपुर'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।37 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/ विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से,, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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6 मार्च 2021

सं0 3346--श्री राम जानकी लक्ष्मण मंदिर (ठाकुरबाड़ी), ग्राम- मुरैठा, अंचल- जाले, जिला- दरभंगा बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, पटना के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 3988 है। उक्त न्यास के संंचालन एवं सम्पत्तियों की सुरक्षा हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक- 25/08/2009 द्वारा एक न्यास समिति का गठन किया गया था, जिसका कार्यकाल पूरा होने के पश्चात्‌ पर्षदीय आदेष दिनांक- 20/07/2015 द्वारा पुनः दो वर्षों के लिए अवधि विस्तार किया गया। वर्ष 2017 के पश्चात समिति का कार्यकाल विस्तार नहीं किया गया और तब से उक्त मंदिर की व्यवस्था, पुजारी श्री इन्द्र मोहन झा द्वारा की जा रही है। पूर्व न्यास समिति के सदस्य श्री संजय शर्मा एवं ग्रामीण श्री लोटन राय द्वारा सूचित किया गया कि पूर्व न्यास समिति के अध्यक्ष एवं सचिव द्वारा पर्याप्त देखभाल नहीं करने के कारण अभी भी अतिक्रमणकारियों का कब्जा बना हुआ है।

पर्षद द्वारा नवीन न्यास समिति गठन किए जाने हेतु जिला पदाधिकारी से नामों की मांग की गयी थी, जो अपर समाहर्त्ता द्वारा दिनांक- 14/09/2020 को प्राप्त हुआ, इसमेंं 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव हुआ है। इसके पूर्व न्यास समिति गठन हेतु मुखिया के माध्यम से दिनांक- 26/12/16 को नाम प्राप्त हुआ। पूर्व में वर्ष 2016 में जो नाम प्राप्त हुआ था, उसकी जांच हेतु संबंधित थाना को भेजी गयी थी, इसमेें संबंधित थाने में श्री गिरीष कुमार मिश्र के संबंध में उल्लेख है कि यह अपने ससुराल मुरैठा में रहते हैं। आगे उल्लेख है कि 05 बीघा जमीन वर्षों से जोत-बो रहे थे और ठाकुरबाड़ी को कोई राषि नहीं देते थे तथा मुसहर जाती के लोगों को जमीन पर बसवा दिया है; महेष राय के संबंध में रिर्पोट है कि मंदिर की कुछ भूमि बटाई के रूप में रखे हुये हैं और जिसमें बंदोवस्ती के अतिरिक्त कुछ भाग पर इनके सहयोग से मुसहर जाती के लोग बस गए हैं; पवन झा के संबंध में रिर्पोट है कि इनके द्वारा भी मुसहर जाती के लोगों को कब्जा कराने में सहयोग किया गया है एवं संजय वर्मा के संबंध में रिर्पोट किया है कि ठाकुरबाड़ी की बैठक में कभी भाग नहीं लेते है और 07 साल का कार्यकाल समाप्ति पर पुनः अपना नाम सदस्य हेतु भेजा है। आगे उल्लेख है कि उपरोक्त चारों व्यक्तियों को हटाकर न्यास समिति बनाई जाए, क्योंकि उक्त लोगों का स्वार्थ ठाकुरबाड़ी की भूमि पर है तथा ठाकुरबाड़ी की स्थिति जर्जर है। जिलाधिकारी के माध्यम से जो 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, के संबंध में भी संबंधित थाना से सत्यापन कराया गया। सत्यापन रिर्पोट दिनांक- 18/10/2020 पर्षद को प्राप्त हुयी जिसमें उल्लेख किया गया है कि प्रस्तावित नामों में से किसी व्यक्ति के विरूद्ध कोई षिकायत प्राप्त नहीं है। पूर्व न्यास समिति में आपस में ताल-मेल के अभाव के कारण बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास न्यायाधिकरण से मंदिर के पक्ष में निर्णय हो जाने के बावजूद आज तक खाली पड़े भूमि पर कब्जा नहीं लिया गया तथा पर्षद के समक्ष भी बतलाया गया कि पूर्व न्यास समिति के सदस्य एक-दुसरे के विरूद्ध आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जो स्पष्ट करना है कि पूर्व न्यास समिति को मंदिर की सुरक्षा हेतु भंग किया जाना आवष्यक है। यद्यपि उक्त न्यास समिति का कार्यकाल भी पूरा हो चुका है, पूर्व न्यास समिति को भंग करते हुए मंदिर के कुषल संचालन हेतु एक नवीन न्यास समिति का गठन किया जाता है।

अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राम जानकी लक्ष्मण मंदिर (ठाकुरबाड़ी), ग्राम- मुरैठा, अंचल- जाले, जिला- दरभंगा'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी लक्ष्मण मंदिर (ठाकुरबाड़ी) न्यास योजना, ग्राम- मुरैठा, अंचल- जाले, जिला- दरभंगा'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी लक्ष्मण मंदिर (ठाकुरबाड़ी) न्यास समिति, ग्राम-मुरैठा, अंचल- जाले, जिला- दरभंगा'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।

3. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (कोषाध्यक्ष एवं अध्यक्ष / सचिव) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। यदि पूर्व से न्यास का खाता है तो उसका भी संचालन न्यास समिति के उक्त पदाधिकारियों द्वारा सुनिष्चित किया जायेगा। 4. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।38 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा । महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी / महंत की अर्हता का निर्धारण की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

15. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। 16. न्यास समिति के सभी सदस्यगण एक-दुसरे का सहयोग कर, मिलकर कार्य करेंगे तथा जिस भूमि के संबंध में धार्मिक न्यास न्यायाधिकरण में न्यास के पक्ष में निर्णय दिया गया है, जो भूमि खाली पड़ी है, उसमें खुली डाक द्वारा उसकी बंदोवस्ती करेंगे।

17. मंदिर के जीर्णाेद्धार के लिए सभी पक्ष आपस में मिलकर सहयोग करेंगे; उसकी स्थिति ठीक करेंगे तथा जो मंदिर से संबंधित तालाब एवं फुलवारी है, उसकी भी खुली डाक द्वारा बंदोवस्ती करेंगे।

उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. अनुमंडल पदाधिकारी, सदर, जिला- दरभंगा - पदेन अध्यक्ष 2. श्री विनोद मिश्रा पिता- स्व0 तुरंत मिश्रा - उपाध्यक्ष 3. श्रीमती सरिता शर्मा पति- श्री संजय शर्मा - सचिव 4. श्री दीनबंधु मिश्रा पिता- श्री रत्नकांत मिश्रा - कोषाध्यक्ष 5. श्री रणधीर मिश्र पिता- ब्रजमोहन मिश्र - सह-सचिव 6. श्री लुटन राय पिता- श्री रूपलाल राय - सदस्य 7. श्री इन्द्रकांत चौधरी पिता- श्री सच्चिदानंद चौधरी - सदस्य 8. श्री उपेन्द्र ठाकुर पिता- श्री वासुदेव ठाकुर - सदस्य 9. श्री शैल झा पिता- स्व0 ईष्वर झा - सदस्य 10. श्री वीरेन्द्र राय पिता- स्व0 कपिलदेव राय - सदस्य 11. श्री गिरीष कुमार मिश्रा पिता- स्व0 अनिरूद्ध मिश्रा - सदस्य

सभी का पता- ग्राम- मुरैठा, अंचल- जाले, जिला- दरभंगा।

उपरोक्त न्यास समिति अस्थायी रूप से एक वर्ष के लिए गठित किया जाता है और इसका कार्य संतोषजनक पाये जाने पर आगे विस्तार किया जायेगा।

उक्त आदेष के आलोक मेें ''श्री राम जानकी लक्ष्मण मंदिर (ठाकुरबाड़ी), ग्राम- मुरैठा, अंचल- जाले, जिला- दरभंगा'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/ लीज (तीन वर्षों से अधिक) आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से,, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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2 मार्च 2021

सं0 3252--श्री भीमषंकर महादेव स्थान, ग्राम- धरहरा, पोस्ट- गणपतगंज, थारा- राघोपुर, जिला- सुपौल बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, पटना के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 4180 है।39 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 पूर्व में स्वंय-भू कमिटी द्वारा उक्त मन्दिर का निबंधन कराया गया था तथा मन्दिर का संचालन किया जा रहा था; परन्तु उक्त स्वयं-भू कमिटी के सदस्यों द्वारा आपस में ताल-मेल नहीं हो पाने के कारण ग्रामीणों द्वारा एक अन्य स्वयं-भू कमिटी का गठन किया गया। न्यास समिति गठन किये जाने हेतु पर्षद द्वारा भेजे गये पत्र के आलोक में अनुमण्डल पदाधिकारी ने दिनांक- 20/03/2018 को 13 नामों का प्रस्ताव भेजा था, परन्तु चूंकि अधिनियम के अन्तर्गत न्यास समिति के सदस्यों की अधिकतम संख्या 11 हो सकती है, इसलिए पुनः अनुमण्डल पदाधिकारी, वीरपुर से न्यास समिति गठन हेतु अधिकतम 11 नामों का प्रस्ताव भेजे जाने का पत्र भेजा गया। अनुमण्डल पदाधिकारी, वीरपुर ने दिनांक- 18/05/2019 द्वारा 11 नामों का प्रस्ताव भेजा है। इसमें अध्यक्ष के रूप में अनुमण्डल पदाधिकारी तथा उपाध्यक्ष के रूप में अंचलाधिकारी का नाम प्रस्तावित है। चूंकि दोनों पद सरकारी सेवकों के लिए प्रस्तावित है और समयाभाव के कारण यदि दोनों पदाधिकारी सरकारी कार्य में व्यस्त रहेगे तो न्यास समिति की बैठक संभव नहीं हो सकेगी, इस कारण प्रस्तावित नामों में महेन्द्र प्रसाद गुप्ता को उपाध्यक्ष तथा अंचलाधिकारी को सदस्य के रूप में मान्यता देते हुए उक्त न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक्‌ विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री भीमषंकर महादेव स्थान, ग्राम- धरहरा, पोस्ट- गणपतगंज, थाना- राघोपुर, जिला- सुपौल'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री भीमषंकर महादेव स्थान न्यास योजना, ग्राम- धरहरा, पोस्ट- गणपतगंज, थाना- राघोपुर, जिला- सुपौल'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री भीमषंकर महादेव स्थान न्यास समिति, ग्राम- धरहरा, पोस्ट- गणपतगंज, थाना- राघोपुर, जिला- सुपौल'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।

3. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (कोषाध्यक्ष एवं अध्यक्ष अथवा कोषाध्यक्ष एवं सचिव) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। यदि पूर्व से न्यास का खाता है तो उसका भी संचालन न्यास के उक्त पदाधिकारियों द्वारा सुनिष्चित किया जाएगा।

4. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा । महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी / महंत की अर्हता का निर्धारण की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

15. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-40 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 1. अनुमण्डल पदाधिकारी, वीरपुर, - पदेन अध्यक्ष 2. श्री महेन्द्र प्रसाद गुप्ता, पुत्र- स्व0 भोला साह, पो0- सिमराही बाजार, सुपौल - उपाध्यक्ष 3. श्री संदीप कुमार यादव, पुत्र- श्री षिवनन्दन यादव, पो0- धरहरा, गणपतगंज, सुपौल - सचिव 4. श्री सुरेन्द्र चौधरी, पुत्र- स्व0 सुदामी चौधरी, ग्रा0पो0- धरहरा, गणपतगंज, सुपौल - कोषाध्यक्ष 5. अंचलाधिकारी, राघोपुर, सुपौल - सदस्य 6. श्री कमल प्र0 यादव पुत्र- स्व0 सुवंष प्र0 यादव, ग्राम- दुर्गापुर, पो0भाया- राधोपुर - सदस्य 7. श्री योगेन्द्र प्रसाद साह, पुत्र- स्व0 लक्ष्मण साह, ग्रा0पो0- धरहरा, महोदव स्थान - सदस्य 8. श्री रामचन्द्र यादव, पुत्र- स्व0 परषुराम यादव, ग्रा0पो0- देवीपुर, गणपतगंज, सुपौल - सदस्य 9. श्री विनोद अग्रवाल, पुत्र- स्व0 भगवान लाल अग्रवाल, ग्रा0- धरहरा, पो0भाया- गणपतगंज -सदस्य 10. श्री नरेन्द्र प्रसाद यादव, पुत्र- श्री फुदाय यादव, ग्रा0पो0- रामविषनपुर, राघोपुर, सुपौल - सदस्य 11. श्री षिबु राम पुत्र-श्री झमेली राम, ग्रा0पो0- धरहरा, गणपतगंज, सुपौल - सदस्य उपरोक्त न्यास समिति अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिए बनाया जाता है, कार्य संतोषजनक पाये जाने पर स्थायी किये जाने पर विचार किया जायेगा।

उक्त आदेष के आलोक मेें ''श्री भीमषंकर महादेव स्थान, ग्राम-धरहरा, पोस्ट- गणपतगंज, थाना- राघोपुर, जिला- सुपौल'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/लीज (03 वर्ष से अधिक) आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से,, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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2 मार्च 2021

सं0 3256--श्री श्री 108 वाणेष्वरी भगवती स्थान, ग्राम- भंडारिसों मकरंदा, पोस्ट- भंडारिसों, थाना- मनीगाछी, जिला- दरभंगा, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, पटना के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-4259 है।

पर्षद द्वारा उक्त मन्दिर के पौराणिकता तथा मन्दिर से संबंधित लगभग 6.5 बीघा जमीन की सुरक्षा हेतु 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन दिनांक- 02/03/2015 को किया गया था। तदोपरान्त समिति का कार्यकाल 01 वर्ष या अगले आदेष तक के लिए पर्षदीय आदेष दिनांक- 06/08/2020 द्वारा किया गया है। इस बीच नयी न्यास समिति का गठन किये जाने हेतु अंचलाधिकारी, मनीगाछी से नामों की मांग की गयी। अंचलाधिकारी, मनीगाछी द्वारा दिनांक- 31/12/2020 को 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें 05 व्यक्ति पूर्व न्यास समिति के है। जहाँ तक उक्त मन्दिर के पुजारी द्वारा मन्दिर की भूमि बन्दोबस्ती का प्रष्न है, इस संबंध में पुजारी श्री सुरेन्द्र पाठक उर्फ डमरू पाठक पर्षद के समक्ष दिनांक- 09/09/2020 को उपस्थित हुए और उनके द्वारा दाखिल समर्पणनामा के आलोक में पर्षद द्वारा निर्णय लिया गया कि पुजारी श्री सुरेन्द्र पाठक का मन्दिर में पूजा-पाठ, राग-भोग का अधिकार रहेगा और मन्दिर के अन्दर जो चढ़ावा आयेगा, उसपर उनका अधिकार होगा, उसका भी रजिस्टर संधारित किया जायेगा। मन्दिर के बाहर या मन्दिर प्रांगण में या मन्दिर की जो अन्य भूमि है, उसपर अधिकार न्यास समिति का होगा और उससे प्राप्त आय से ही मन्दिर का जीर्णोद्धार तथा विकासात्मक कार्य किया जायेगा। उक्त आदेष से यह स्पष्ट है कि वर्त्तमान में जो मन्दिर की भूमि है, उसपर अधिकार समिति का होगा, उनको वह बन्दोबस्ती कर सकेंगे तथा 2.63 डी0 में पोखर भी है, जिसकी भी बन्दोवस्ती न्यास समिति ही करेगी। उपरोक्त परिस्थिति मेें उक्त न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक्‌ विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री श्री 108 वाणेष्वरी भगवती स्थान, ग्राम- भंडारिसों मकरंदा, पोस्ट- भंडारिसों, थाना- मनीगाछी, जिला- दरभंगा'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री श्री 108 वाणेष्वरी भगवती स्थान न्यास योजना, ग्राम- भंडारिसों मकरंदा, पोस्ट- भंडारिसों, थाना- मनीगाछी, जिला- दरभंगा'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री श्री 108 वाणेष्वरी भगवती स्थान न्यास समिति, ग्राम- भंडारिसों मकरंदा, पोस्ट- भंडारिसों, थाना- मनीगाछी, जिला- दरभंगा'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।41 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 3. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (कोषाध्यक्ष एवं अध्यक्ष अथवा कोषाध्यक्ष एवं सचिव) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। यदि पूर्व से न्यास का खाता है तो उसका भी संचालन न्यास समिति के उक्त पदाधिकारियों द्वारा सुनिष्चित किया जाएगा।

4. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा । महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी / महंत की अर्हता का निर्धारण की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

15. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः 1. श्री राघवेन्द्र झा पिता- स्व0 ब्रदी नारायण झा, ग्राम- मकरंदा - अध्यक्ष 2. श्री राम मोहन झा पिता- स्व0 महादेव झा, ग्राम- मकरंदा - उपाध्यक्ष 3. प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, मनीगाछी - सचिव 4. श्री योगेन्द्र यादव पिता- स्व0 कल्लर यादव, ग्राम- चकबसावन - कोषाध्यक्ष 5. श्री ललित नारायण पासवान पिता- श्री विषुनदेव पासवान, ग्राम- कनोखर - सदस्य 6. श्री रामा कान्त मंडल पिता- स्व0 वैद्यनाथ मंडल, ग्राम- मकरंदा - सदस्य 7. श्रीमति रानी झा पति-श्री लक्ष्मण कु0 झा, ग्राम- मकरंदा - सदस्य 8. श्री फुल कुमार झा पिता- श्री रामचन्द्र झा, ग्राम- भंडारिसम - सदस्य 9. श्री पवन कुमार झा पिता- मेधानन्द झा, ग्राम- माओबेहट - सदस्य उपरोक्त न्यास समिति अस्थायी रूप से 01 वर्ष के लिए बनाया जाता है, कार्य संतोषजनक पाये जाने पर स्थायी किये जाने पर विचार किया जायेगा।

उक्त आदेष के आलोक मेें ''श्री श्री 108 वाणेष्वरी भगवती स्थान, ग्राम-भंडारिसों मकरंदा, पोस्ट-भंडारिसों, थाना- मनीगाछी, जिला- दरभंगा'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से,, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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10 दिसम्बर 2020

सं0 2204--श्री राम जानकी मंदिर, ग्राम- दौरम (पथराहा), पो0-साहुगढ़, था0जिला-मधेपुरा,बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-4395 है।

इस मंदिर का ग्रामीणों द्वारा विगत 5 वर्षों से सम्पत्ति की रक्षा एवं देखभाल करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्त्तमान मेें उक्त मंदिर की सभी भूमि मौजा- मधेपुरा, पुराना खाता नं0-609,, खेसरा नं0- 1834, 1862, 2047, 2052, 2053, 2054, 2055, 2062, 2071, 2072 2073, 2074, 2075, 2086, रकबा- 14 बीघा 8 कट्‌ठा 11 धूर, पुराना सर्वे खतियान नाम से42 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 सरयुग लाल चेला ब्रजलाल दास कौम वैरागी इन्द्राज है, जिसके निष्वत हाल खाता नं0- 199, खेसरा नं0- 230, 231, 233 234, 237, 254, 286, 231/2819, 232/2769, रकबा- 4 बीघा 15 कट्‌टा 15 धूर का इन्द्राज श्री राम जानकी मंदिर के नाम से दर्ज है। ग्रामीणों के प्रयास से पुराना खाता नं0- 609 के सभी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया है, जो मंदिर के आधिपत्य में है। मंदिर के महंत श्री संत कुमार द्वारा भी एक आवेदन पत्र दिया गया है कि उक्त मंदिर में लगभग 22 बीघा जमीन है, जो परती पड़ा हुआ है, मंदिर की पूजा-अर्चना करने में परेषानी हो रही है तथा मंदिर के विकास के लिए एक न्यास समिति का गठन करने का अनुरोध किया गया एवं ग्रामीणों से प्राप्त प्रस्ताव, जिसे अंचलाधिकारी ने अपने पत्रांक- 1906-2, दि0- 18/12/2019 द्वारा भेजा है। साथ ही न्यास समिति के लिए प्रस्तावित व्यक्तियों के चरित्र का सत्यापन थाना प्रभारी, मधेपुरा एवं सिंहेष्वर स्थान के पत्र दि0- 21/09/2020 एवं 19/09/2020 द्वारा प्राप्त हो चुका है। ग्रामीणों द्वारा आम सभा में न्यास समिति के सदस्य के रूप में प्रस्तावित व्यक्तियों के विरूद्ध कोई प्रतिकुल टिप्पणी नहीं पाई गई है। उपरोक्त परिस्थितियों में मठ के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक्‌ विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा उसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राम जानकी मंदिर, ग्राम- दौरम (पथराहा), पो0- साहुगढ़, था0जिला- मधेपुरा''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी मंदिर न्यास योजना, ग्राम- दौरम (पथराहा), पो0- साहुगढ़, था0जिला- मधेपुरा''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी मंदिर न्यास समिति, ग्राम- दौरम (पथराहा), पो0- साहुगढ़, था0जिला- मधेपुरा'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।

4. न्यास के खाता का संचालन दो सदस्यों (अध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।43 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए अंचलाधिकारी, मधेपुरा द्वारा प्रस्तावित निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति अस्थायी रूप से गठित की जाती है तथां पर्षद का गठन होने के पश्चात न्यास समिति को नियमित करने पर विचार किया जायेगाः-

1. श्री संत कुमार पिता- स्व0 नित्यानंद यादव, वार्ड नं0- 1, मधेपुरा -अध्यक्ष-सह-मुख्य पुजारी 2. श्रीमती कुमारी अनामिका पति- श्री ललटू कुमार, पथराहा, वार्ड नं0- 4 -उपाध्यक्ष 3. श्री सदानन्द यादव पिता- स्व0 देवो यादव, पथराहा, वार्ड नं0- 4 -सचिव 4. श्री योगेन्द्र यादव पिता- स्व0 महावीर यादव, पथराहा, वार्ड नं0- 4 -कोषाध्यक्ष 5. श्री सुभेदलाल यादव पिता- स्व0 जामुन यादव, पथराहा, वार्ड नं0- 4 - सदस्य 6. श्री मनोज कुमार पिता-स्व0 युगेष्वर प्रसाद यादव, वार्ड नं0- 20, मधेपुरा - सदस्य 7. श्री मंगल ऋषिदेव पिता- स्व0 बीचकून ऋषिदेव, ग्राम- जजहट सबेला,

था0-सिंहष्ेवर, मधेपुरा - सदस्य 8. श्री शैलेन्द्र कुमार पिता- स्व0 छोटकन यादव, पथराहा, वार्ड नं0- 4 - सदस्य 9. श्री उपेन्द्र नारायण यादव पिता- स्व0 षिव प्रसाद मंडल, ग्रा0-मनहरा सुखासन, सिंहेष्वर, मधेपुरा - सदस्य

10. डॉ0 दिलीप कुमार पिता- स्व0 षिवनारायण यादव, ग्रा0- पथराहा, वार्ड नं0-4, मधेपुरा - सदस्य 11. श्री चन्द्रषेखर कुमार पिता- श्री रामप्रसाद यादव, वार्ड नं0- 25, मधेपुरा - सदस्य उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि''श्री राम जानकी मंदिर, ग्राम-दौरम (पथराहा), पो0- साहुगढ़, था0जिला-मधेपुरा'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य, न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से,, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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5 फरवरी 2021

सं0 2873--श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी (केनारी ठाकुरबाड़ी), ग्राम- केनारी,पो0-सलारपुर, जिला-जहानाबाद,बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, पटना के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-2864 है। इस मंदिर की भूमि पर अवैध रूप से निर्माण किये जाने की सूचना पर्षद को प्राप्त हुयी। इसके संबंध में पर्षद मेें सुनवायी की जा रही हैै। पर्षद द्वारा निर्माण कार्य पर रोक भी लगाया गया है। ग्रामीणोें द्वारा इस मंदिर की देखभाल तथा दैनिक पूजा-पाठ, राग-भोग सूचारू रूप से चल सके, इसके लिए दिनांक- 18/09/2020 को एक आम सभा का आयोजन किया गया था, जिसमेंं ग्यारह नामों का प्रस्ताव भी, न्यास समिति बनाये जाने हेतु प्रस्तावित किया गया था। ग्रामीणों की बैठक, मुखिया- ग्राम पंचायत की उपस्थिति में की गयी थी। उक्त नामों का चरित्र-सत्यापन हेतु संबंधित थाना को पत्र दिनांक-28/11/2020 को भेजा जा चुका है तथा अंचलाधिकारी को भी यह निर्देष दिया गया था कि उक्त नामों में यदि कोई संषोधन या अन्य कोई नया नाम जोड़ना चाहते हैं, तो प्रस्ताव भेजें। परंतु न तो प्रस्ताव प्राप्त हुआ, न हीं सत्यापन प्रतिवेदन।

उपरोक्त परिस्थिति में मंदिर की भूमि की सुरक्षा हेतु ग्रामीणों से प्राप्त ग्यारह सदस्यों की न्यास समिति अस्थायी रूप से एक वर्ष के लिए गठित की जाती है और चरित्र-सत्यापन प्रतिवेदन प्राप्त होने पर स्थायी किये जाने पर विचार किया जायेगा।

अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी (केनारी ठाकुरबाड़ी), ग्राम- केनारी, पो0- सलारपुर, जिला- जहानाबाद'' के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी (केनारी ठाकुरबाड़ी) न्यास योजना, ग्राम- केनारी, पो0- सलारपुर, जिला- जहानाबाद''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी (केनारी ठाकुरबाड़ी) न्यास समिति, ग्राम- केनारी, पो0- सलारपुर, जिला- जहानाबाद'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।44 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। 4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति अस्थायी रूप से एक वर्ष के लिए गठित की जाती हैः-

1. श्री नवल किषोर सिंह - अध्यक्ष 2. अंचलाधिकारी, जहानाबाद -उपाध्यक्ष 3. श्री शषि शेखर सरोज - सचिव 4. श्री सुरेष प्रसाद सिंह - कोषाध्यक्ष 5. थानाध्यक्ष, जहानाबाद -सदस्य 6. श्री बुधन सिंह - सदस्य 7. श्री मायाकान्त सिंह - सदस्य 8. श्री सच्चिदानंद प्रसाद - सदस्य 9. श्री धनंजय शर्मा - सदस्य 10. श्री कामता प्रसाद सिंह - सदस्य 11. श्री शत्रुघ्न सिंह - सदस्य

सभी का पता-ग्राम- केनारी, पो0-सलारपुर, जिला-जहानाबाद।

उक्त आदेष के आलोक मेें ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी (केनारी ठाकुरबाड़ी) न्यास समिति, ग्राम- केनारी, पो0- सलारपुर, जिला- जहानाबाद''के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/ लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। आदेश से,, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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2 फरवरी 2021

सं0 2823--श्री राम लक्ष्मण जानकी जी एवं हनुमान जी मंदिर, धरहरा, बक्सर पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 3262 है।

इस न्यास की सुरक्षा, राग-भोग के लिए पर्षदीय अधिसूचना दि0- 17/12/2012 द्वारा न्यास समिति का गठन 5 वर्षों के लिए किया गया था। मंदिर की भूमि की सुरक्षा, पूजा-पाठ, राग-भोग न्यास समिति द्वारा किया जा रहा है। न्यास45 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 समिति के सदस्य, न्यास की भूमि को बचाने हेतु विभिन्न न्यायालयों में मुकदमा भी लड़ रहे हैं।वर्ष 1996 मेें न्यास समिति का गठन किया गया था, उस समय श्री शंकर दयाल सिंह द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीष, बक्सर द्वारा मिसलेनियस वाद सं0- 05/98 दाखिल किया गया, जो दि0- 02/02/98 को निस्तारित हुआ। इसके विरूद्ध श्री शंकर दयाल सिंह द्वारा मा0 पटना उच्च न्यायालय में मिसलेनियस अपील वाद सं0- 300/2009 दाखिल किया गया तथा अपीलार्थी के दावे को अस्वीकार करते हुए दि0- 07/02/2012 को अपील निरस्त किया गया। पुनः श्री शंकर दयाल सिंह द्वारा मा0 उच्च न्यायालय में CWJC No.- 3698/2002 दाखिल की गयी तथा मा0 न्यायालय द्वारा प्रार्थी के दावे को निरस्त करते हुए, दि0- 27/04/2009 को याचिका खाजिर कर दी गयी। उपर्युक्त सभी न्यायालीय आदेषों से स्पष्ट है कि श्री शंकर दयाल सिंह का मठ की उक्त भूमि पर न तो कोई अधिकार है, न हीं स्वामीत्व वर्तमान में भी मंदिर के दस्तावेज में रैयत के रूप में श्री राम लक्ष्मण जानकी भगवान जी मठ, धरहरा इन्द्राज है। न्यास समिति द्वारा अपने प्रार्थना-पत्र दि0- 26/11/2020 द्वारा जिन नामों का प्रस्ताव समिति के पुर्नगठन हेतु दिया गया है, के आलोक में अंचलाधिकारी के अध्यक्षता में निम्न प्रकार से अस्थायी न्यास समिति का पुर्नगठन किया जाता है।

अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राम लक्ष्मण जानकी जी एवं हनुमान जी मंदिर, धरहरा, बक्सर''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम लक्ष्मण जानकी जी एवं हनुमान जी मंदिर योजना, धरहरा, बक्सर'' होगा और इसे मूर्त्त रूप देने के लिए पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम लक्ष्मण जानकी जी एवं हनुमान जी मंदिर न्यास समिति, धरहरा, बक्सर'' होगी, जिसमें न्यास की समस्त चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। 4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति अस्थायी रूप से पुर्नगठित की जाती हैः-46 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021 1. अंचलाधिकारी, डुमराँव, - अध्यक्ष

2. श्री रामबदन सिंह - उपायध्क्ष 3. श्री लक्ष्मण सिंह - सचिव 4. श्री हरेराम पाल - कोषाध्यक्ष 5. श्री यदुनाथ सिंह - सदस्य 6. श्री भगवत सिंह - सदस्य 7. श्री राज ऋषि सिंह - सदस्य 8. श्री षिव वकील सिंह - सदस्य 9. अनिरूद्ध सिंह - सदस्य 10. श्री हरिजी त्यागी - सदस्य 11. श्री महेन्द्र प्रसाद - सदस्य

सभी का पता- श्री राम लक्ष्मण जानकी जी व हनुमान जी मंदिर, ग्राम-धरहरा, पो0- टुड़ीगंज, था0- कृष्णाब्रह्म, जिला- बक्सर।

उक्त आदेष के आलोक मेें ''श्री राम लक्ष्मण जानकी जी एवं हनुमान जी मंदिर, धरहरा, बक्सर'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन /विक्रय/पट्‌टा/ लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से,, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 33—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in47 बिहार गजट, 1 दिसम्बर 2021

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी }kjk प्रकाशित

—————

सं0 8/आ0 (राज0उ0)-02-09/2021-4453 मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ------ संकल्प 26 नवम्बर 2021 चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि श्री लाला अजय कुमार सुमन, तत्कालीन अधीक्षक मद्यनिषेध, प0 चंपारण, बेतिया सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 (यथासंशोधित) के क्रियान्वयन में शिथिलता बरतने के कारण जहरीली शराब कांड घटना घटित होने, विभिन्न बैठकों में दिये गये निदेशों का अनुपालन नही करने, विधि व्यवस्था एवं मद्य निषेध से संबंधित समीक्षात्मक बैठक में त्रुटिपूर्ण डाटा समर्पित करने आदि आरोप विनिर्दिष्ट हैै, जैसा कि संलग्न आरोप प्रपत्र में वर्णित है।

2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री लाला अजय कुमार सुमन, तत्कालीन अधीक्षक मद्यनिषेध, प0 चंपारण, बेतिया सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध संलग्न विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 (2) में विहित रीति से विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु उपायुक्त मद्य निषेध (आ0भ0), बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

3. श्री सुमन के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में अधीक्षक मद्यनिषेध, प0 चंपारण, बेतिया को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

4. श्री सुमन से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों। आदेश-आदेश दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 33—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 01 December 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2021-12-01.44/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2021-12-01.44.