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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 29 December 2021

Published 29 December 2021

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2021-12-29.1040
Languages
English, Hindi

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सं॰ 08/आरोप-01-37/2019-14829/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 10101010 दिसम्बरदिसम्बरदिसम्बरदिसम्बर 2021202120212021श्री सुधीर कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1251/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्‌, खगड़िया के विरूद्ध नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-5427 दिनांक 18.10.2019 द्वारा अनियमितता एवं कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने से संबंधित मामले में चेतावनी संसूचित करने का अनुरोध पैतृक विभाग (सामान्य प्रशासन विभाग) से किया गया। श्री कुमार के विरूद्ध मुख्य आरोप है कि :- ''नगर परिषद, खगड़िया के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष-2014-15 से 2016-17 के अंकेक्षण प्रतिवेदन में महालेखाकार द्वारा प्रतिवेदित वित्तीय अनियमितता की जाँच नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा गठित जाँच दल से कराया गया। जाँच दल के पत्रांक ज्ञापांक-6380 दिनांक 22.09.2017 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया गया है कि श्री चंदन कुमार, रोकड़पाल द्वारा अंकेक्षण में प्रतिवेदित राशि 8545130.00/- (पचासी लाख पैतालीस हजार एक सौ तीस) रूपया बैंक/कोषागार में जमा नहीं कर गम्भीर वित्तीय अनियमितता बरती गयी। उक्त वित्तीय अनियमितता आपके कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, खगड़िया के पदस्थापन काल में हुई। बिहार नगर पालिका लेखा नियमावली के नियम-29 (5) के तहत कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में आपके द्वारा रोकड़बही का साप्ताहिक/नियमित जाँच नहीं की गयी, जिस कारण यह वित्तीय गड़बड़ी हुई।'' 2. नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्रतिवेदित उक्त आरोपों के आधार पर विभागीय स्तर पर गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-885 दिनांक 19.01.2021 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। उक्त के आलोक में श्री कुमार का स्पष्टीकरण (दिनांक 05.04.2021) प्राप्त हुआ। जिसमें उनके द्वारा आरोप वार विस्तृत रूप से स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया कि वे कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, खगड़िया के पद पर दिनांक 10.02.2015 से 02.09.2015 तक प्रभार में थे। प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा) द्वारा वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2016-17 के किये गये अंकेक्षण में उनके कार्यकाल में किसी प्रकार का वित्तीय अनियमितता नहीं पाया गया है। अंकेक्षण प्रतिवेदन में वर्णित वित्तीय अनियमितता की अवधि उनके 2 ;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध कार्यकाल का नहीं है। उनके कार्यकाल में जितनी भी राशि नगर पालिका को प्राप्त हुई, उसे बैंक खाते/टे्रजरी में नियमित रूप से जमा किया गया। उनके द्वारा स्पष्टीकरण की कार्रवाई से मुक्त करने का अनुरोध किया गया। 3. श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री कुमार द्वारा कोषपाल के रोकड़ पंजी और लेखा पाल की रोकड़ पंजी का नियमित सत्यापन/जाँच नहीं किया गया और इतनी बड़ी राशि बैंक/कोषागर में जमा नहीं होकर रोकड़ पाल के पास ही रह गया और राशि का दुरूपयोग हुआ। कार्यपालक पदाधिकारी के द्वारा रोकड़बही का Bihar Municipal Accounting, Rules 2014 के Rule 29 (5) के तहत साप्ताहिक एवं नियमित जाँच किया जाना है, जो नहीं किया गया। अपने कार्यकाल में श्री कुमार द्वारा दोषियों के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गयी। मात्र प्रभार देने के समय सुझाव के रूप में अपनी टिप्पणी अंकित किया गया है।

4. विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7391 दिनांक 20.07.2021 द्वारा श्री कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1251/11 का स्पष्टीकरण अस्वी—त करते हुए कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से नहीं करने एवं दोषी कर्मी/रोकड़पाल के विरूद्ध ठोस कार्रवाई नहीं करने के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-19 के प्रावधानों के तहत (i) निन्दन (आरोप वर्ष-2015-16) का दंड अधिरोपित/संसूचित किया गया। 5. उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री कुमार द्वारा अपील/पुनर्विलोकन अभ्यावेदन (दिनांक 08.09.2021) दायर किया गया, जिसकी समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया की श्री कुमार द्वारा अपने अपील आवेदन/पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में पूर्व में समर्पित स्पष्टीकरण में वर्णित सारे तथ्यों का ही उल्लेख किया गया है, जिसके समीक्षोपरांत ही अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा उन्हें 'निन्दन' का दंड संसूचित किया गया है। उनके द्वारा अपील आवेदन में कोई नया तथ्य नहीं रखा गया है। 6. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री कुमार का अपील आवेदन/पुनर्विलोकन अभ्यावेदन अस्वी—त करते हुए संकल्प ज्ञापांक-7391 दिनांक 20.07.2021 द्वारा अधिरोपित दंड 'निन्दन' (आरोप वर्ष-2015-16) को पूर्ववत्‌ बरकरार रखा जाता है।

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में

प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, सरकार के अवर सचिव। ———— ख्;बपकरू17द्धँ;बपकरू16द्ध ;बपकरू5द्ध ;बपकरू27द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू16द्ध ;बपकरू5द्ध;बपकरू16द्ध ;बपकरू5द्ध ;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू31द्ध;बपकरू5द्ध मरु ;बपकरू27द्धघ् ;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध ः5श्1़10ः;बपकरू17द्ध़ए़;बपकरू17द्ध़घ् Website: http://egazette.bih.nic.in
Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 29 December 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2021-12-29.1040/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2021-12-29.1040.